पटना: कतिपय कारणों से बिहार में नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं हो सका है. अब चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट आया है.राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और नगरपालिका को लेटर जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि नगर निकायों में आरक्षण की पुरानी व्यवस्था के तहत ही 248 नगर निकायों में चुनाव होंगे. इस लेटर में 172 नवगठित, उत्क्रमित या क्षेत्र विस्तारित नगर निकाय हैं, जबकि 10 यथास्थिति वाले नगर निकाय शामिल हैं. यथास्थिति वाले नगर निकायों में नगर निगम की बात करें तो इसमें मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, बेगूसराय के साथ ही नगर परिषद हिलसा, अरवल, बेनीपुर, एकमा बाजार, परसा बाजार के साथ नगर पंचायत मोहनिया को रखा गया है.
इसके अलावा बताया गया है कि नगरपालिका अधिनियम की धारा 12(2) के मुताबिक़ हर नगरपालिका में सदस्यों के कुल स्थानों का 50 प्रतिशत के निकट, लेकिन इससे अधिक स्थान के लिए आरक्षण किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण का मापदंड निर्धारित किया गया है. सभी तरह के आरक्षण का प्रावधान 50 प्रतिशत के भीतर ही होगा.
बता दें अगर किसी कोटि में केवल एक पद है तो वह महिला के लिए रिजर्व्ड नहीं होगा. इसके साथ ही ऐसे नगर निकाय, जिनका गठन पहले हो चुका है, उसमें 62 पार्षदों के आरक्षण में बिहार नगरपालिका अधिनियम-12 के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. लेटर में इस बात की भी चर्चा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के क्रम में नगर विकास और आवास विभाग द्वारा राज्य सरकार का फैसला उपलब्ध कराया गया है. बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 (यथा संशोधित) और बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली 2007 (यथा संशोधित) के अनुसार अलग -अलग कोटि के लिए आरक्षण निर्धारित किया जाएगा.
बता दें राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य की नगरपालिकाओं के वार्डों के गठन का कार्य पांच चरणों में कराया है, साथ ही साथ इन नगर निकायों की मतदाता सूची भी नए ढंग से तैयार करवाई गई है. चार चरणों में परिसीमन का काम पूरा किया जाना है. आयोग ने सभी जिलों को कहा है कि सभी नगर निकायों के मतदान के लिए बूथों के गठन का कार्य भी हर हाल में पूरा कर लिया जाए.
पहले चरण में 144 नगर निकायों का जबकि दूसरे चरण में 80 नगर निकायों का साथ ही तीसरे चरण में छह नगर निकायों का और चौथे चरण में नौ नगर निकायों का एवं पांचवें चरण में पांच नगर निकायों के वार्डों का परिसीमन, मतदाता सूची की तैयारी और बूथों के गठन की तैयारी कराने का निर्देश जारी किया गया है.
राज्य निर्वाचन आयोग के लेटर आने के बाद सुस्त निवर्तमान पार्षदों के बीच संचार पैदा हो गया है.अब घर के बाहर फील्ड में देखे जा रहे हैं.वहीं पार्षद बनने की अभिलाषा रखने वाले लोगों से संपर्क करने लगे हैं. सबकी नजर पंचायत से नगर निकाय वाले पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 22 ए, 22 बी और 22 सी पर है.यहां के वार्ड पार्षद कुर्सी बचाने के फिराक में है. ऐसे पार्षदों को परास्त करने के प्रत्याशी मैदान में आ गये हैं.उनमें 22 ए से उमेश कुमार है.जो गत साल दशहरा पर्व से ही सक्रिय हैं.वहीं किंग मेकर के रूप में प्रचारित पप्पू राय 22 बी और 22 सी से अपने प्रत्याशी उतारने को कटिबद्ध हैं. इस बार 22 बी से रीता देवी और 22 सी से निवर्तमान डिप्टी मेयर रजनी देवी को मेयर पद से भी चुनाव लड़ा रहे हैं.इसके अलावे अनेक प्रत्याशी है जो पार्षद बनने को बेताब हैं.
अब सभी निगाह निर्वाचन आयोग पर है कि कब चुनाव का शंखनाद कर रहे हैं. संभवतः अक्टूबर में चुनाव हो सकता है.यह चुनाव दिलचस्प होगा कारण कि मेयर और डिप्टी मेयर को वोटर ही प्रत्यक्ष वोट के द्वारा चुनाव करेंगे.
आलोक कुमार
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