शनिवार, 13 अगस्त 2022

वीयर बांध के माध्यम से आसपास के अंतिम गांव तक खेतों में पानी पहुंचना था

  * बतसपुर में बने वीयर बांध का डीएम ने किया निरीक्षण, कम बारिश के कारण 55 गांव के 3075 हेक्टेयर तक पहुंच रही है सिंचाई का पानी


गयाः इस जिले के प्रखंड के बतसपुर में बने वीयर बांध का गुरुवार को डीएम डा0 त्यागराजन एसएम के द्वारा निरीक्षण किया गया. वीयर बांध से बोधगया के कई गांव से होते हुए मानपुर, टनकुप्पा व खिजरसराय के किसानों के खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचना था. जल संसाधन विभाग द्वारा इस योजना के अनुसार, बरसात के मौसम में जब मोहाने नदी में पानी आएगा तो इस वीयर बांध के माध्यम से आसपास के अंतिम गांव तक खेतों में पानी पहुंचना था.

 बारिश के दिनों में कई बार ऐसा होता है कि दूर के गांव में रहे खेत तक आसानी से पानी नहीं पहुंचता. चाहकर भी किसान पईन के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचा पाते हैं. इससे फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है. इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए इस वीयर बांध का निर्माण किया गया है. जल संसाधन विभाग की योजना के अनुसार वीयर बांध से 84 सौ 50 हेक्टेयर में आसानी से पानी पहुंचाना था.

 इस वीयर बांध की कुल लंबाई 20.50 किलोमीटर है। इस वर्ष कम बारिश होने के कारण इस वीयर बांध से कितने गांव के किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रही है. बांध से जो नहर निकल गया है उसे कितने किसानों को लाभ मिल रहा है.

इसकी जानकारी लेने डीएम मौके पर पहुंचे. उन्होंने आस-पास के किसानों से बात किया. डीएम ने बताया कि इस वर्ष कम बारिश होने के बावजूद आस-पास के किसान इससे रोपनी किए है. लेकिन इसमें और क्या-क्या काम हो सकता है. नहर प्रणाली को किस तरह विकसित किया जा सकता है. साथ ही नहर और पइन का खुदाई किया जा सकता है कि नहीं.

 इनका जीर्णोद्धार किया जा सकता है. चेक डैम कहां-कहां बना सकते है. इसी बातों का समीक्षा करने के लिए जल संसाधन विभाग व लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचे है. डीएम ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चेक डैम एवं जल संरक्षण कार्य को और बेहतर और ज्यादा संख्या में इस एरिया में करे. जिससे उसका भरपूर लाभ यहां के किसान ले सके.

 जिलाधिकारी डा0 त्यागराजन एसएम ने महाबोधि संस्कृत केंद्र का निरीक्षण किया. साथ ही संस्कृतिक केद्र के पीछे से 4 फीट चौड़ व 4 फीट गहरा, दो किलोमीटर तक बनने वाले शहरी नाले का भी निरीक्षण किया. शहरी नालों का निर्माण सांस्कृतिक केंद्र से सुजाता बाईपास से होते हुए अमवां नाला तक होना है. साथ ही संस्कृतिक केंद्र से सुजाता बाईपास तक नाले के पास से 8 फीट चौड़ा व 7 सौ मीटर लम्बा रास्ता का भी निर्माण होना है. निर्माण को लेकर कई निर्देश नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह को दिया गया है.

 डीएम डा0 त्यागराजन एसएम के निरीक्षण के दौरान मोराटाल सहित कई गांव के किसानों ने छाछ व मोराटाल के पास चेक डैम बनाने का सुक्षाव दिया. जिस पर डीएम ने जल जीवन हरियाली के तहत मनरेगा से चेक डैम बनाए जाने की बात कहीं. उन्होंने कहां कि चेक डैम का निर्माण कार्य अब बारिश के बाद ही संभव है. उन्होंने कहां कि सभी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नहर व पईन के जीर्णोद्धार के लिए संबंधित विभाग द्वारा निरीक्षण किया जाएगा.

जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो ने बताया कि इस वीयर बांध से अभी लगभग 50 से 55 गांव के 3 हजार 75 हेक्टेयर खेती भूमि तक पानी पहुंच रहा है. जबकि इस बांध से 60 से 65 गांव के किसानों तक पानी पहुंचना है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष फसल अक्षादन की स्थिति अच्छी नहीं है. वर्षापात पूरे खरीफ मौसम में अभी तक 51 प्रतिशत की कमी हो गई है। जो बहुत बड़ी कमी है.

आलोक कुमार


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