शनिवार, 13 अगस्त 2022

रोमन कैथोलिक बेतिया धर्मप्रांत में फादर बर्टी के निधन पर मातम

 

बेतिया: बेतिया धर्मप्रांत में चखनी पल्ली है. इस पल्ली में स्थित अनाथालय में पले और बढ़े फादर बर्टी पौल का निधन हो गया है. वे 68 साल के थे. आज ईसाई धर्म रीति के अनुसार दफन कर दिया गया. वे कैंसर रोग से पीड़ित थे.बेतिया महागिरजाघर में बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस के नेतृत्व में मिस्सा पूजा किया गया.उनके साथ बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर फिंटन साह,बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडीस, मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर एलेक्स, फादर पास्कल आनंद, फादर सिल्वेस्टर के साथ सभी धर्म प्रांतीय पुजारी उपस्थित थे.फादर फिंटन साह ने अपने प्रवचन में फादर बर्टी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला.

फादर बर्टी पौल करीब 28 वर्षों तक एक विनम्र पल्ली पुरोहित और समर्पित मिशनरी के रूप में काम किया. फादर बर्टी पौल का जन्म 16 नवंबर 1959 को चखनी पैरिश में हुआ था. उन्हें  फादर फ्रांसिस मोर येसु समाजी द्वारा चखनी मिशन अनाथालय में लाया गया था. उनकी एक बहन है जिसका नाम जेला है.

उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा चखनी पैरिश के सेंट टेरेसा मिडिल स्कूल में पूरी की, मुजफ्फरपुर के मसीही गुरुकुल में माइनर सेमिनरी अध्ययन, और  उन्होंने मेजर सेमिनरी रांची के सेंट अल्बर्ट कॉलेज और इलाहाबाद के सेंट जोसेफ सेमिनरी में पूरा किया.

वे  जून 1983 में मुजफ्फरपुर डायोसिस में शामिल हो गए, उन्होंने प्रभु के बुलावे को ‘पुरोहित बनने‘के आदर्श वाक्य के साथ समझ लिया.अति मान्यवर जॉन बी ठाकुर, बिशप मुजफ्फरपुर डायोसिस के द्वारा उनका पुरोहिताभिषेक, 19/3/1994 को चखनी के होली फैमिली चर्च में किया गया.

जब बेतिया को मुजफ्फरपुर डायोसिस से अलग किया गया, तो  वे बेतिया डायोसिस में पुरोहित के रूप में पदस्थापित हुए. उन्होंने 28 वर्षों तक एक विनम्र पल्ली पुरोहित और समर्पित मिशनरी के रूप में काम किया. बेतिया डायोसिस में, वे 1995 से 1999 तक चनपटिया पल्ली के पल्ली पुरोहित थे,  सन् 2000 में बिशप हाउस, बेतिया के मिनिस्टर के रूप मे कार्य संभाला, 2001 से 2008 तक नरकटियागंज पल्ली के पल्ली पुरोहित रहे,2009 से 2013 तक सिवान के पल्ली पुरोहित के पद पर सेवा किये तथा 2014 से 2016 तक चखनी पैरिश मे पल्ली पुरोहित एवं, 2017 से 2018 तक भिताहा तथा, 2019 में चुहड़ी पल्ली के सहायक पुरोहित के रूप मे कार्य किये , 2020 में चनपटिया के पल्ली पुरोहित और 2022 में छपरा मिशन के पल्ली पुरोहित रहे.


बेतिया डायोसिस में, वह क्रूस वीर, पवित्र वचन, संस्था के  प्रभारी भी थे.  वे डायोसिस  के जमीन के लिगल प्रबंधक एवं  सलाहकार भी थे. वे एक ऐसे पुरोहित थे जो विनम्र स्वभाव के साथ मिशन के कार्यों मे पूरी तरह से, समर्पित थे. वे डायोसिस में  काफी लोगों के करीब थे, जिनमें से अधिकांश को वह नाम से जानते थे. वे बेतिया डायोसिस और मिशनों के इतिहास से अच्छी तरह वाकिफ थे.

फादर बर्टी कुछ वर्षों से अस्वस्थ थे और कैंसर से पीड़ित थे , कई जगहों पर उनका इलाज किया गया था लेकिन इसी साल जून में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें 15 दिनों तक पटना के कुर्जी होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद वह डायोसिस में लौट आए. डॉक्टर के सुझाव के बाद, उन्हें महावीर अस्पताल पटना में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने हमें बताया कि अब कोई इलाज नहीं दिया जा सकता है क्योंकि चिकित्सक के अनुसार वह अपने अंतिम दिनों में थे. उन्हें पिछले सप्ताह बिशप हाउस वापस लाया गया था और 11 अगस्त 2022 को दोपहर 3.30 बजे बिशप हाउस, बेतिया में उनकी अंतिम सांस जाने तक उनकी पूरी देखभाल की जा रही थी. उनकी मृत्यु ने सभी पुरोहितो , धर्मबहनों और विश्वासियों को दुख और उदासी में छोड़ दिया है.


हम उन सभी के आभारी हैं जिन्होंने उनकी बीमारी के दौरान उनकी  काफी मदद की. हम फादर के लिए  प्रभु को धन्यवाद करते हैं, फादर बर्टी पॉल और उनके दुखित परिवार  एवं दोस्तों के प्रति हम संवेदना  प्रकट करते है. हम सभी स्वर्गीय फादर बर्टी पॉल को अपनी तरफ से सम्मान देते है. फादर बर्टी पॉल और उनकी आत्मा की शांति के लिए हम सभी प्रार्थना करें.उनका सांसारिक जीवन 11 अगस्त, 2022 को अपराह्न 3ः30 बजे बिशप हाउस, बेतिया में समाप्त हुआ.

आलोक कुमार 

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