एमएमएस सिस्टर आपोलोनिया का निधन
वह हाजीपुर में सेवारत थी
हाजीपुर. मेडिकल मिशन सिस्टर्स सोसाइटी की सिस्टर आपोलोनिया है.यहां पर पिछले आठ वर्षों से रहकर गरीब, दीन-दुखियों और दलित समाज के बीच कार्यशील थी.समाज के हाशिए पर रहने वालों को सम्मान, अधिकार और सर्वांगीण उत्थान के लिए निछावर रहीं.खुद का जीवन की परवाह नहीं करती थी,केवल निःस्वार्थ सेवा कर रही थी.क्रिसमस पर्व मनाने के लिए छुट्टी लेकर घर गयी थी.वह स्कुटी पर बैठी थी.तब 11 दिसंबर को सिस्टर को चक्कर आने से नीचे गिड़ गयी.सिस्टर के सिर पर गहरे घाव का शिकार हो गई. सर्जरी और इलाज के बाद भी वह कोमा से बाहर नही निकली. वह 25 दिसंबर को सुबह आठ बजे अंतिम सांस ली.इससे कई वर्ष पहले सिस्टर आपोलोनिया की तरह ही 25 दिसंबर क्रिसमस के आसपास सिस्टर लुसिया ई.का भी निधन हो गया था.
फिलवक्त मेडिकल मिशन सिस्टर सोसाइटी (एमएमएसएस) की सिस्टर आपोलोनिया देवराजपथ हाजीपुर में स्वाभिमान लोकसेवा संस्थान से जुड़ी थी.सिस्टर ने एक समाजसेवी के रूप में अपना संपूर्ण योगदान दिया.सूत्रो के अनुसार छुट्टी मनाने अपने घर गयी सिस्टर 11 दिसंबर को चक्कर आने से स्कुटी से गिड़कर सिर पर गहरे घाव का शिकार हुई .15 दिन सर्जरी और इलाज के बाद भी वह कोमा से बाहर नही निकली.25 दिसंबर को सुबह आठ बजे उन्होने अंतिम सांस ली.सबको अपनाने वाली, बच्चो से बेहद लगाव रखने वाली कर्मठ एवं समर्पित सिस्टर ने सबके दिलों में जगह बना ली थी.
सिस्टर को चाहने वाले प्यार से उन्हें ‘अप्पो दीदी‘ कहकर पुकारते थे.उनका पार्थिव शरीर 27 दिसंबर को पटना लाकर लोगों को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया.कुर्जी हॉस्पिटल के डेंगल हॉल में पार्थिव शरीर के साथ 2ः30 बजे से मिस्सा किया गया.
पवित्र मिस्सा के बाद अंतिम क्रिया करीब साढ़े तीन-चार बजे कुर्जी चर्च के कब्रिस्तान में दफन किया गया.सिस्टर अप्पो के अकस्मात जाने से हाजीपुर के हथसारगंज, चांदी, बलवाकुवारी, चकबीजगाणी, जडूवा आदि पंचायत के लोग दुःख के सागर मे डूब गये.
बता दें मेडिकल मिशन सिस्टर सोसाइटी (एमएमएसएस) की एक डाक्टर सिस्टर का निधन केरल में हो गया था.इस बीच सेसिल साह ने कहा है कि एमएमएसएस के लिए अपूरणीय क्षति हुई है.उनके निधन से दुख हुआ.भगवान जन्नत बख्श दे.
आलोक कुमार

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