मन्नत मांगने वालों की मन्नते पूरी हो जाती

 दुसैया.पश्चिम चंपारण जिले में रहने वाले बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स और पादरी दुसैया के लैटिन कैथोलिकों के बीच हर्ष का दिवस रहा.आज रविवार को ग्वादालूपे की मां मरियम का वार्षिक पर्वोत्सव था.यहां पर ग्रोटों है जिसमें ग्वादालूपे मां मरियम की प्रतिमा है.यह चमत्कारिक माता है.मन्नत मांगने वालों की मन्नते पूरी हो जाती है.

   आज सुबह 9:00 बजे से नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी चर्च, बेतिया से यात्रा निकाली. जिसमें करीब 2000 मरियम भक्तों ने भाग लिया. यह पैदल यात्रा सवा 11:00 बजे मां मरियम के चर्च दुसैया में पहुंची.जहां स्वागत के बाद सभी श्रद्धालु भक्तों जिनकी संख्या करीब 4000 से 5000 थी. उनका भोजन कराया गया. 

       तत्पश्चात करिश्माई  प्रार्थना एवं मिस्सा पूजा संपन्न हुआ. समारोही मिस्सा के नेतृत्व करने मुजफ्फरपुर धर्मप्रान्त अतिमाननीय श्रद्धेय बिशप काजिटन फ्रांसिस ओस्ता आए थे.उनके साथ बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस के अलावे दर्जनों पुरोहित थे.इन बिशप और पुरोहितों को "आओ चले हम बेदी के पास येसु बुलाता अपने पास

गाते बजाते झूमते चले उनकी बढ़ाई में नाचे हम

ताली बजाओ ढोल बजाओ प्रभु ईश्वर की स्तुति गाओ

सारी सृष्टि तेरी कलाकृति सुंदर लगे मन भाये मुझे

करता निर्वाह तुझ से धरती में दिल से मन से कहुं धन्यवाद..आओ चले हम बेदी के 

मुझको बनाया अपने ही जैसा प्रेम करना सीखाया मुझे

मेरी सुरक्षा करता सदा अंतत प्रेम का स्वामी प्रभु..आओ चले हम बेदी के" प्रवेश गान के साथ पूजा बेदी तक लाया गया.

  

बलिदान, तत्पश्चात ग्वादालूपे माँ मरियम की शोभा यात्रा.मुख्य अनुष्ठानदाता मुजफ्फरपुर धर्मप्रान्त अतिमाननीय श्रद्धेय बिशप काजिटन फ्रांसिस ओस्ता ने नेतृत्व किया. इसके बाद पादरी दुसैया गांव में मां मरियम की डोली यात्रा निकली गयी. 


आलोक कुमार




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

23 अप्रैल का दिन विश्वभर में एक विशेष महत्व

Tamil Nadu: सीधे ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल के उद्धरणों के साथ सदन में

India: सोना-चांदी के दाम: 4 मई 2026 का ताजा भाव