कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो द्वारा मुख्य अभिषेककर्ता के रूप में बिशपों का अभिषेक किया गया. कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के हाथों स्टीफन एम. तिरु को 7 अक्टूबर 1986 को, चार्ल्स सोरेंग, एसजे 9 फरवरी 1990 को, माइकल मिंज, एसजे 22 अगस्त 1993 को, जोसेफ मिंज 24 अगस्त 1993 को, थॉमस कोझिमाला 7 अक्टूबर 1996 को, फेलिक्स टोप्पो, एसजे 27 सितंबर 1997 को, जूलियस मरांडी 7 अक्टूबर 1997 को, गेब्रियल कुजूर, एसजे 8 जनवरी 1998 को, विंसेंट बरवा 8 नवंबर 1998 को, विक्टर हेनरी ठाकुर 11 नवंबर 1998 को , पॉल अलोइस लकड़ा 5 अप्रैल 2006 को, जॉन बरवा, एसवीडी 19 अप्रैल 2006 को, क्लेमेंट तिर्की 23 अप्रैल 2006 को, पॉल टोप्पो 24 मई 2006 को, कुरियन वलियाकंडाथिल 27 फरवरी 2007 को, एंजेलस कुजूर, एसजे 18 अप्रैल 2007 को, बिनय कंडुलना 30 नवंबर 2012 को, इमैनुएल केरकेट्टा 2 फरवरी 2010 को, जोजो आनंद 8 दिसंबर 2012 को, किशोर कुमार कुजूर 29 सितंबर 2013 को, तेलेस्फोर बिलुंग, एसवीडी 30 अगस्त 2014 को थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स 30 अगस्त 2014 को कैजेटन फ्रांसिस ओस्टा 22 अक्टूबर 2014 को और विंसेंट आइंड 14 जून 2015 को बिशप बनाया.
21 अक्टूबर 2003 को कार्डिनल पद पर पदोन्नत
रांची.एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासीडस टोप्पो. उनका जन्म 15 अक्टूबर 1939 को हुआ.जब वे 29 साल 5 माह के थे,तब उनका पुरोहित अभिषेक 3 मई 1969 को हुआ था.उसके बाद जब 38 साल 6 माह के थे,तब दुमका धर्मप्रांत के बिशप 8 जून 1978 को नियुक्त किये गए.अंततः 7 अक्टूबर 1978 को 38 साल 9 माह में दुमका धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष नियुक्त हो गए.8 नवंबर 1984 को 45.0 साल में रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप के कोएडजुटर नियुक्त हुए.केवल 8 माह ही आर्चबिशप के कोएडजुटर रहने के बाद 45 साल 8 माह में 7 अगस्त 1985 को आर्चबिशप नियुक्त हुए.रांची महाधर्मप्रांत के सफल आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो को 64 साल की अवस्था में 21 अक्टूबर 2003 को कार्डिनल पद पर पदोन्नत कर दिया गया.(Appointed Cardinal-Priest of Sacro Cuore di Gesù agonizzante a Vitinia) आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 78 साल और 6 माह में ही 24 जून 201 को सेवानिवृत्त हो गये.तब से एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो कहलाने लगे.4 अक्टूबर 2023 को 83.9 भारत के रांची के आर्चबिशप एमेरिटस की मृत्यु हो गयी.
आलोक कुमार
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