गुरुवार, 9 जून 2022

4 एल ई डी वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए रवाना की

मुजफ्फरपुर. अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग -सह- प्रभारी सचिव मुजफ्फरपुर जिला श्री दीपक कुमार सिंह और जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार के द्वारा एईएस/ चमकी बुखार जागरूकता अभियान को गति देने के मद्देनजर 4 एल ई डी वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए रवाना की  गई.इस मौके पर प्रभारी सचिव ने कहा कि उक्त वाहनों के द्वारा कुल 120 महादलित टोलों में एईएस/ चमकी बुखार को लेकर सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में इससे पूर्व 324 महादलित टोला में जो पूर्व में एईएस से प्रभावित रहे है वहां एलईडी वाहनों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान किया गया था।दूसरे चरण में 120 स्थानों पर एलईडी वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अडॉप्ट अ विलेज कार्यक्रम के तहत सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा विभिन्न अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है.उन्होंने बताया कि रेफरल सिस्टम पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं.उन्होंने बताया कि सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि आपसी समन्वय के साथ एईएस पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें.मौके पर सिविल सर्जन , जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी तथा डीपीएम स्वास्थ्य विभाग भी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

मुजफ्फरपुर जिला द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई

मुजफ्फरपुर. इस जिले के समाहरणालय सभाकक्ष में श्री दीपक कुमार सिंह, भा0प्र0से0, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर जिला की अध्यक्षता में आयोजित बाढ़ पूर्व तैयारी एवं तटबंध सुरक्षा से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की गई. श्री प्रणव कुमार जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए मुजफ्फरपुर में बाढ़ के प्रभावों व जिले में आसन्न बाढ़ के खतरे के मद्देनजर बाढ़ पूर्व तैयारी संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई.श्री दीपक कुमार सिंह, भा0प्र0से0, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर जिला द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई.

श्री विकास कुमार, वरीय उप समाहर्ता, जिला आपदा प्रबंधन प्रशाखा, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए पूर्व से सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य स्थलों को जिला स्तरीय पदाधिकारियों, संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से चिन्हित कर लिया है.जल संसाधन विभाग के संबंधित कार्यपालक अभियंताओं के स्तर पर बाढ़ निरोधात्मक कार्यों से संबंधित 02 परियोजनाओं के अतिरिक्त सभी कार्य पूर्ण हैं.चिन्हित किये गए सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य में से 23 स्थलों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य पूर्ण है तथा अन्य सभी स्थलों पर बाढ़ निरोधक सामग्री का भण्डारण कर लिया गया है तथा बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है. जिलान्तर्गत कुल 255 स्लुईस गेट हैं, सभी की ग्रीसिंग तथा मरम्मति कर ली गई है.

जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि आपदा प्रबंधन विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया अनुसार सभी स्तरों पर तैयारी कर ली गई है.जिलान्तर्गत उपलब्ध सभी नावों का भौतिक सत्यापन , नाव पंजीकरण कार्य व नाव मालिकों के साथ एकरारनामा करने की कार्रवाई कर ली गई है.बाढ़ प्रभावितों के राहत सहायतार्थ खाघान्न एवं पॉलीथीन शीट का निविदा आमत्रिंत कर आपूर्तिकर्ता का चयन कर लिया गया है. प्रमंडलीय जिला होने के कारण तिरहुत प्रमंडल के अन्य जिलों को पॉलीथीन आपूर्ति प्रारम्भ कर दी गई है.पूर्व से 540 शरण स्थलों व 364 सामुदायिक रसोई के लिए भवनों को चिन्हित करते हुए मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है. जिला स्तर पर बाढ़ संबंधी कार्यों का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों का टास्क फोर्स गठित है तथा नियंत्रण कक्ष के रूप में जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र का संचालन किया जा रहा है.

सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रो प्लान बना लिया गया है.सदर अस्पताल, सभी सी0एच0सी0 एवं सभी रेफरल अस्पतालों में सभी आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता है.एन्टी रैबीज एवं एन्टी वेनम सीरम की उपलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में है.मोबाइल मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति कर ली गई है, जिसके सहयोग से बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों के सहायतार्थ संचालित किए जाने वाले राहत शिविरों व सामुदायिक रसोई में चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा.

अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर द्वारा सभी पदाधिकारियों  को निर्देश दिया गया कि बाढ़ के मद्देनजर सर्तक व सजग रहें. प्रभावी रूप से अनुश्रवण करते हुए तटबंधों के सभी संवेदनशील बिंदुओं की मरम्मति अविलम्ब कराएं.

आलोक कुमार

बुधवार, 8 जून 2022

किश्तवार पूर्ण मौजे में से 15 मौजे में खानापूरी की कार्रवाई


नालंदा. जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरनौत अंचल के बराह पंचायत सरकार भवन में संचालित भूमि सर्वे शिविर हरनौत-1 का निरीक्षण किया.हरनौत-1 शिविर के माध्यम से 27 मौजों का सर्वे कार्य किया जा रहा है.इनमें से 24 मौजे का किस्तवार किया जा चुका है तथा शेष 3 मौजे में जारी है. किश्तवार पूर्ण मौजे में से 15 मौजे में खानापूरी की कार्रवाई की जा रही है, जिसमें से 6 मौजे की खानापूरी पूरी की जा चुकी है तथा 9 में जारी है.तीन मौजे में लैंड पार्सल मैप(एलपीएम) का वितरण भी किया जा चुका है.


निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विभिन्न मौजे का सर्वे से संबंधित अभिलेख का बारीकी से अवलोकन किया. ग्रामसभा पंजी, अंचल कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गए सरकारी भूमि की विवरणी आदि से संबंधित अभिलेख का अवलोकन किया.भू-अर्जन के तहत अर्जित भूमि की विवरणी जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा सर्वे कार्यालय  को उपलब्ध कराई जाती है.जिस भू-अर्जित भूमि की विवरणी उपलब्ध नहीं कराई गई है, एक सप्ताह के अंतर्गत उपलब्ध कराने को कहा गया.


जिलाधिकारी ने कहा कि अंचल कार्यालय द्वारा सर्वे टीम को उपलब्ध कराये जा रहे जमीन से संबंधित सभी प्रकार की सूचि का प्रत्येक पृष्ठ राजस्व कर्मचारी से हस्ताक्षरित होना चाहिए.किसी भी दस्तावेज की छायाप्रति अंचलाधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए.भूमि सर्वे से संबंधित अपनी समस्या को लेकर आए हुए स्थानीय लोगों से भी जिलाधिकारी ने एक-एक कर मुलाकात की। उनकी समस्याओं को सुना,कुछ मामलों से सम्बंधित सर्वे  रिकॉर्ड मंगा कर भी देखा तथा सम्बंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.


जिलाधिकारी ने  सर्वे शिविर में सर्वे से संबंधित समस्या को लेकर आए हुए लोगों का आवेदन प्राप्त करने के लिए एक कर्मी को विशेष रूप से प्राधिकृत करने की आवश्यकता महसूस की तथा सभी सर्वे शिविरों में इस व्यवस्था को कायम करने का निर्देश दिया.निरीक्षण के क्रम में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (नोडल पदाधिकारी), अंचलाधिकारी हरनौत, शिविर प्रभारी, कानूनगो , सर्वे अमीन आदि मौजूद थे.




आलोक कुमार

वितरण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय मंत्री गन्ना उद्योग

मोतिहारी. आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आज दिनांक 8 जून 2022 को डीआरसीसी भवन में दिव्यांगजनों  के बीच सहायक उपकरण एवं यंत्रों का वितरण शिविर आयोजित किया गया.वितरण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय मंत्री गन्ना उद्योग एवं विधि बिहार सरकार श्री प्रमोद कुमार , उप विकास आयुक्त श्री कमलेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, जिला प्रबंधक बुनियाद केन्द्र एवं डॉ लाल बाबू प्रसाद जिला महामंत्री द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई.

इस दौरान सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा सभी अतिथियों का पुष्प


के गुच्छो से स्वागत किया गया.इस अवसर पर माननीय मंत्री बिहार सरकार द्वारा दिव्यांगजनों एंव परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इन सहायक उपकरणों की मदद से समाज के निचले पायदान पर भी जो लोग खड़े हैं, वे समावेशी विकास तथा एक विकसित समाज बनाने में अपनी भूमिका महत्वपूर्ण रुप से अदा करेंगे. दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए बिहार सरकार के द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय का गठन किया गया है.

उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए सभी वर्ग के व्यक्तियों को साथ लेकर चलना होगा. आजादी के 75वे वर्ष पर आज कार्यक्रम का आयोजन कर 75 से अधिक दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, वैशाखी, छड़ी, व्हील चेअर इत्यादि का वितरण माननीय मंत्री बिहार सरकार द्वारा फीटा काट कर किया गया.मुख्यमंत्री संबल योजना के तह्त दिव्यांगजनों के लिए आयोजित क्रार्यक्रम का मुख्य उद्येश्य उन्हें भौतिक तथा सामाजिक रुप से सशक्त करना है . इस योजना का लाभ ऐसे लाभुकों को दी जाती है जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से कम तथा दिव्यांगता का प्रतिशत 40 या उससे अधिक हो.इस अवसर पर  प्रशासनिक पदाधिकारी सहित माननीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे.



आलोक कुमार

बाल अधिकारों की रक्षा करने के लिए सभी नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया


मोतिहारी. श्रम संसाधन विभाग व सेव द चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय  बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता रथ समाहरणालय गेट के निकट  से श्रम अधीक्षक राकेश रंजन, बाल संरक्षण पदाधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य जिला के अन्य अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

इस अवसर पर श्रम अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों पर कड़ी करवाई की जाएगी.उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा करने के लिए सभी नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया. यह  कार्यक्रम सेव द  चिल्ड्रेन के श्रम बच्चों का खेल नहीं द्वारा संचालित किया गया.यह जागरूकता रथ सुगौली ब्लाक सहित अन्य प्रखंडों में करीब 1 सप्ताह तक बाल श्रम से मुक्ति के लिए जन जागरूकता अभियान चलाता रहेगा।  इस क्रम में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में धावा दल द्वारा छापामारी की गई और दुकानदारों से बाल श्रम नहीं करवाने का शपथ भरवाया गया.

आलोक कुमार

तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजता रहा अधिवेशन भवन



पटना.लोकार्पण कार्यक्रम का माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा उद्घाटन किया गया.जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार ने दिए बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित प्रेजेंटेशन.तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजता रहा अधिवेशन भवन.इन्वेस्टर्स मीट-सह-बिहार टेक्सटाईल एवं लेदर पॉलिसी 2022 का लोकार्पण आज दिनांक 08.06.2022 को पटना के पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में किया गया.

उक्त लोकार्पण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया.इस कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, माननीय मंत्री, उद्योग विभाग, बिहार सहित मुख्य सचिव, बिहार, प्रधान सचिव, उद्योग विभाग सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण तथा वरीय अधिकारीगण सम्मिलित हुए.इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री, बिहार ने कहा कि बिहार टेक्सटाईल एवं लेदर पॉलिसी 2022 के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास है कि बिहार को निवेशकों के लिए वस्त्र एवं चमड़ा उद्योग में बेहतर अवसरों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके.


उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य बिहार को इस क्षेत्र के घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए निवेश के प्रमुख संभावित केंद्र के रूप में विकसित करना तथा कपड़ा और चमड़ा व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए कई प्रकार के प्रोत्साहन देना है.साथ ही कपड़ा और चमड़ा क्षेत्र के लिए स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, फाइबर से लेकर फैशन तक की पूरी वैल्यू चेन बनाना, खादी, रेशम, हस्तकरघा, पावरलूम आदि के उत्पादन के बाद उसका मूल्यवर्धन करना है.

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित सार्थक प्रजेंटेशन दिया गया तथा  वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चनपटिया स्टार्टअप जोन को किस प्रकार से चरणबद्ध तरीके से वापस आये कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर, उनसे सुझाव लेकर और बैंक लिंकेज कराते हुए, काफी अल्प अवधि में स्टार्टअप जोन की स्थापना की गई और इसे विकसित किया गया, की जानकारी हर्ष एवं उत्साह के साथ दी गयी.

आलोक कुमार 

बिहार में सभी धर्मों के लोग आपसी सद्भाव से रहते हैं:सीएम नीतीश कुमार

 पटना.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दो टूक कहा कि जिस राज्य में सरकार सतर्क है और विभिन्न धार्मिक समुदायों के सदस्य शांति से रहते हैं वहां धर्मांतरण विरोधी कानून की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा बिहार में जो स्थिति है उसको देखते हुए ऐसे किसी कानून की जरूरत ही नहीं है. बिहार में सभी धर्मों के लोग आपसी सद्भाव से रहते हैं.और इस मुद्दे को लेकर कोई खास मामले बिहार में सामने नहीं आए हैं, जो इसके लिए कानून बनाया जाए.      

बता दें कि एक गोदी मीडिया के द्वारा धर्मांतरण का बवंडर  बनाया जा रहा है.इन दिनों वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का मसला पूरे देश की सुर्खियों में है.जमीन विवाद का ये मामला लोअर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचते हुए अब वाराणसी की जिला अदालत तक पहुंचा है. तमाम ऐतिहासिक दलीलें दी जा रही हैं.यहां तो कम से कम कोर्ट की निगरानी में मामला निपटाने का प्रयास हो रहा है.मगर बिहार के छपरा जिले में जोर जबर्दस्ती से मगाईडीह गांव में राधा प्रसाद नामक ईसाई व्यक्ति के नवनिर्मित प्रार्थना भवन में बजरंग बली का झंडा लहराया दिया है.यहां पर चार साल के बाद राधा प्रसाद प्रार्थना भवन बनाने में सफल हुआ है. इसी को आधार बनाकर एक पत्रकार ने एक चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से ये बात पूछी थी.   

सीएम नीतीश कुमार ने एक पत्रकार के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि बिहार में धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की कोई आवश्यकता नहीं है. उनके अनुसार बिहार में जो स्थिति है उसको देखते हुए ऐसे किसी कानून की जरूरत ही नहीं है. जिस राज्य में सरकार अलर्ट है और सभी धर्म के लोग शांति से रह रहे हैं, वहां धर्मांतरण विरोधी कानून की कोई जरूरत नहीं है। वहीं हिंदुओं के धर्म बदलने के कुछ मामलों की रिपोर्ट्स को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि इस मामले में सरकार पूरी तरह अलर्ट है. बिहार में समुदायों के बीच कोई झगड़ा नहीं है. सभी तरह की आस्था वाले लोग शांति से रह रहे हैं.उनके लिए कोई परेशानी नहीं है. हमने अपना काम कुशलता से किया है. इसलिए यहां इस तरह के कदम की जरूरत नहीं है.सरकार की सतर्कता ने सुनिश्चित किया है कि राज्य में कोई सांप्रदायिक तनाव न हो.

आपको बता दें, बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन में सरकार चला रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून की कोई जरूरत नहीं है। सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि बिहार में पूरी तरह एकता है और सभी समुदाय के लोग शांति से एकसाथ रह रहे हैं। वहीं सीएम नीतीश के इस बयान से कुछ दिनों पहले गठबंधन पार्टनर भाजपा के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में धर्मांतरण विरोधी कड़े कानून की मांग उठाई थी। इसके अलावा भी भाजपा के कई नेता कानून को बनाने की मांग करते आए हैं, लेकिन सीएम नीतीश के इस बयान ने साफ कर दिया है कि जेडीयू अपनी गठबंधन साथी भाजपा के इस एजेंडे में सहमति नहीं रखती है.सिर्फ धर्मांतरण विरोधी कानून ही नहीं बल्कि 1990 के दशक से ही नीतीश कुमार भाजपा के द्वारा बनाए जा रहे किसी भी कानून के समर्थन में नहीं रहे हैं, जिनमें अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता, ट्रिपल तलाक, एनआरसी और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं.

आलोक कुमार


The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post