शुक्रवार, 29 सितंबर 2023

डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन को भारत के हरित क्रांति का पिता भी कहा जाता

  


मुख्यमंत्री ने हरित क्रांति के जनक, महान कृषि वैज्ञानिक डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की

 

भारत के हरित क्रांति के जनक, महान कृषि वैज्ञानिक डॉ॰ एम॰एस॰ स्वामीनाथन जी का निधन दुःखद। उन्हें भारत के हरित क्रांति का पिता भी कहा जाता है। वे महान कृषि वैज्ञानिक थे। देश के नाजुक वक्त में उन्होंने कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। 1960 के दशक में डॉ॰ एम॰एस॰ स्वामीनाथन जी ने अमेरिकी वैज्ञानिक नॉर्मन बोरलॉग और दूसरे कई वैज्ञानिकों के साथ मिलकर गेहूं की उच्च पैदावार वाली किस्म का बीज विकसित किया था, जिससे भारत खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बन गया था। उनके निधन से मुझे गहरा दुःख पहुंचा है। यह देश के लिए अपूरणीय क्षति है। दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना है।


पटना । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने भारत के हरित क्रांति के जनक, महान कृषि वैज्ञानिक डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुये उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने शोक-संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन को भारत के हरित क्रांति का पिता भी कहा जाता है, वे महान कृषि वैज्ञानिक थे।

    देश के नाजुक वक्त में उन्होंने कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुयी। 1960 के दशक में डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन ने अमेरिकी वैज्ञानिक नॉर्मन बोरलॉग और दूसरे कई वैज्ञानिकों के साथ मिलकर गेहूं की उच्च पैदावार वाली किस्म का बीज विकसित किया था, जिससे भारत खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बन गया था ।

     डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन को वर्ष 1967 में पद्मश्री, वर्ष 1972 में पद्म भूषण और वर्ष 1989 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन के कार्यों की सराहना सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया भर में होती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ० एम० एस० स्वामीनाथन के निधन के समाचार से उन्हें गहरा दुख हुआ है । यह देश के लिये अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। 


गुरुवार, 28 सितंबर 2023

मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर अभिनंदन किया

 मुख्यमंत्री ने हजरत मखदूम सैयद शाह पीर मुहम्मद मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर चादरपोशी की और राज्य में अमन, चैन एवं तरक्की की दुआ मांगी

पटना । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज फुलवारीशरीफ खानकाह मुजीबिया में उर्स के मुबारक मौके पर हजरत मखदूम सैयद शाह पीर मुहम्मद मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर चादरपोशी की तथा राज्य में अमन, चैन एवं तरक्की की दुआ मांगी।

     इस अवसर पर खानकाह-ए-मुजीबिया के हाफिज मो० नइमुद्दीन मुजीबी ने मुख्यमंत्री को राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिये दुआ करायी। चादरपोशी से पहले मुख्यमंत्री ने खानकाह मुजीबिया के पीर सज्जादानशीं हजरत मौलाना सैयद शाह मोहम्मद अयातुल्लाह कादरी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।

    खानकाह—ए—मुजीबिया के प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मो० इरशादुल्लाह, बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री अफजल अब्बास, फुलवारीशरीफ नगर परिषद के अध्यक्ष मो० आफताब आलम, खानकाह-ए-मुजीबिया के सचिव मो० मिनहाजुद्दीन कादरी मुजीबी, राजद के प्रदेश महासचिव मो० सलाउद्दीन मंसूरी, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 




अपनी संस्कृति, सभ्यता और भाषा को भी नहीं भूलना चाहिए:बिशप

 कांके.रांची महाधर्मप्रांत में कांके पल्ली है.कांके पल्ली के हॉल में महाधर्मप्रांतीय अंतर पल्ली नृत्य एवं फैशन शो प्रतियोगिता का आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई. फादर सुमित खलखो (निर्देशक युवा संघ ) ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. मुख्य अतिथि के रूप में रांची महाधर्मप्रांत के सहायक बिशप थिओडोर मस्करेन्हस, विशिष्ट अतिथि बंधु तिर्की (पूर्व शिक्षा मंत्री) शामिल हुए.

 इस अवसर पर सहायक बिशप थिओडोर मस्करेन्हस ने अपने संदेश में कहा कि इस तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिता का आयोजन करना अच्छी बात है. लेकिन साथ ही साथ हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता और भाषा को भी नहीं भूलना चाहिए. प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद यहां से एक सही दिशा की ओर आगे बढ़ने की जरूरत है. आप सभी युवा धर्मप्रांत के भविष्य हैं, और देश के भविष्य हैं. युवाओं को समाज एवं देश की सेवा के लिए आगे आने की आवश्यकता है.

   पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि आनेवाले दिनों में आप जैसे युवा लोगों को ही हमारे समाज एवं देश के विकास की ज़िम्मेदारी लेनी है. प्रतियोगिता की निर्णायक के रूप में फादर अंजेलुस एक्का, सिस्टर कमला और सिस्टर ललिता थी.दर्शकों के कहने पर फादर अंजेलुस एक्का ने गीत गाए.वह गायक भी है.इसी तरह सिस्टर कमला ने भी गीत गायी.इस अवसर पर निर्णायक मंडल के फादर अंजेलुस एक्का ने प्रतियोगिता का नियम बताएं.1.आदिवासी वेशभूषा,2.नाच के विभिन्न प्रकार ,3.सूर ताल गान, 4. टोटल संख्या 25, 5.प्रस्तुतिकरण प्रवेश और अंत और 6. अनुशासन है.उन्होंने कहा कि 25 संख्या से ज्यादा नहीं होनी चाहिए कम हो सकती है.प्रस्तुति समय 7 से 10 मिनट निर्धारित किया गया.

   फैशन शो की निर्णायक मंडली में शीतल रुंडा, कुलदीप तिर्की, और सुमित तिग्गा ने अपना योगदान दिया. शशि पूर्ति, दीपक लकड़ा, विकास तिर्की, सुजीत कुजूर, अजय तिर्की और अभिषेक बाड़ा का उनके कई क्षेत्रों में योगदान के लिए आदिवासी गमछा देकर सम्मानित किया गया.

   कार्यक्रम में करीब 24 पल्ली के करीब 2000 युवाओं ने भाग लिया. नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पत्राचौली पल्ली, द्वितीय स्थान चानहो और तृतीय स्थान सामलोंग को मिला. फैशन शो में प्रथम स्थान मांडर, द्वितीय स्थान    दिघिया, और तृतीय स्थान हरमू पल्ली को मिला. सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह और इनाम के तौर पर पैसे दिए गए. प्रतियोगिता की सफलता में कुलदीप तिर्की (युवा समन्वयक), युवा अध्यक्ष अलेक्स तिर्की (युवा निर्देशक), अभिषेक तिर्की (कांके पल्ली), अमूल्य अंचल बाड़ा (उपाध्यक्ष) ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान रहा.

आलोक कुमार


बुधवार, 27 सितंबर 2023

16 जून, 1737 को संत घोषित किया गया

  संत विंसेंट डी पौल  की  363 वीं पुण्यतिथि

पटना.संत विंसेंट डी पौल का पेरिस में 27 सितम्बर, 1660 को निधन हुआ था.उस समय 80 वर्ष के थे.इस तरह 363 वीं पुण्य तिथि है.संत पिता क्लेमेंट तेरहवें के द्वारा 16 जून, 1737 को उन्हें संत घोषित किया गया था.

    संत विंसेंट डी पॉल का जन्म 24 अप्रैल, 1581 को फ्रांसीसी गांव पौय में एक गरीब किसान परिवार में हुआ था. उनकी पहली औपचारिक शिक्षा फ्रांसीसियों द्वारा प्रदान की गई थी. उन्होंने इतना अच्छा किया कि उन्हें पास के एक धनी परिवार के बच्चों को पढ़ाने के लिए काम पर रखा गया.उन्होंने टूलूज विश्वविद्यालय में अपनी औपचारिक पढ़ाई जारी रखने के लिए अध्यापन से अर्जित धन का उपयोग किया जहां उन्होंने धर्मशास्त्र का अध्ययन किया.

विंसेंटियन धर्मसमाजी

86 देशों में लगभग 4,000 सदस्यों के साथ विंसेंटियन धर्मसमाजी आज हमारे साथ हैं. विंसेंटियन पुरोहितों के अपने तपस्वी धर्मसंघ के अलावा, संत विंसेंट ने संत लुईस डी मारिलैक के साथ डॉटर्स ऑफ चैरिटी की स्थापना की. आज 18,000 से अधिक धर्म बहने 94 देशों में गरीबों की जरूरतों को पूरा कर रही हैं।.27 सितम्बर, 1660 को जब पेरिस में उनकी मृत्यु हुई तब वे अस्सी वर्ष के थे. वे ‘‘फ्रांसीसी कलीसिया के सफल सुधारक के प्रतीक बन गए थे‘‘. संत विंसेंट को कभी-कभी ‘‘द एपोसल ऑफ  चैरिटी   ‘‘ और ‘‘गरीबों के पिता‘‘ के रूप में जाना जाता है.

संत घोषित किया गया

संत विंसेंट को दो चमत्कारों के लिए श्रेय दिया गया है. अल्सर से ठीक हुई एक मठवासिनी और लकवा से ठीक हुई एक आम महिला. 16 जून, 1737 को उन्हें संत पिता क्लेमेंट तेरहवें द्वारा संत घोषित किया गया था. यह बताया गया है कि संत विंसेंट ने अपने जीवनकाल में 30,000 से अधिक पत्र लिखे थे और 18वीं शताब्दी में लगभग 7,000 पत्र एकत्र किए गए थे.उनके पत्रों के कम से कम पांच संग्रह आज अस्तित्व में हैं.

फ्रेडरिक ओजानम ने संत विंसेंट डी पौल समाज बनाया

एक लोकधर्मी फ्रेडरिक ओज़ानम ने संत विंसेंट के नाम पर संत विंसेंट डी पौल समाज बनाया. फ्रेडरिक ओजानम के निधन होने के 70 साल से अधिक समय लेकर पेरिस धर्मप्रांत में 1925 से उनकी संत घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. फ्रेडरिक-ओज़ानम फरवरी 1926 में, ब्राजील में 18 महीने के बच्चे, फर्नांडो लुइज़ के चमत्कारी इलाज के साथ इस मुद्दे ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया. बी. ओटोनी, जो डिप्थीरिया के एक उग्र रूप से पीड़ित था. लंबी जांच के बाद, 22 जून, 1995 को ओज़ानम की मध्यस्थता से इस इलाज को आधिकारिक तौर पर चमत्कार के रूप में मान्यता दी गई.

  लंबे समय से प्रतीक्षित द्वितीय चरण 22 अगस्त, 1997 को पेरिस में विश्व युवा दिवस पर पोप जॉन पॉल द्वितीय द्वारा फ्रेडरिक ओज़ानम की धन्य घोषणा के साथ पूरा हुआ.यह समारोह नोट्रे-डेम कैथेड्रल में आयोजित किया गया था.

आलोक कुमार

मंगलवार, 26 सितंबर 2023

‘हर महिला को मासिक तीन हजार‘ अभियान बिहार में बुधवार से शुरू होगा

 


 ‘हर महिला को मासिक तीन हजार‘ अभियान बिहार में बुधवार से शुरू होगा


कुढ़नी.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नारी-सशक्तिकरण की दिशा में कई सार्थक कदम उठाये हैं.प्रतिफल सामने आने पर बिहार की जनता भी खुश हुई.इस बीच एकता परिषद, बिहार महसूस करती है कि इस दिशा में कुछ और ठोस और स्थायी कदम उठाने की आवश्यकता है.      

    कहा गया कि जन संगठन एकता परिषद् के साथ ग्रामीण महिलाओं का व्यापक जुड़ाव है. इसलिए हम उनके भौतिक व मानसिक कष्ट को करीब से जानते हैं. इस समय तरह-तरह की पारिवारिक वर्जनाओं को झेल रही हैं. शहर की महिलाओं के घुटन को भी हम समझते हैं. परंपराओं एवं आर्थिक परेशानियों में फंसी औरतें खुद के अलहदा वजुद के एहसास से महरूम रह जाती हैं.  

    आगे कहा गया कि अगर हर माह औरतों की हथेली में कुछ वैसी निश्चित राशि आने लगे जो बिल्कुल उनका अपना हो, तो शायद, कुछ अवधि बाद उनके अंदर स्वतंत्र अस्तित्व बोध भी करवटें लेने लगेगी. फिर तो, वे नारी सशक्तिकरण का मतलब भी समझने लगेंगी.  

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुजारिश किया गया है कि नारी- सशक्तिकरण की दृष्टि से, गृह-प्रबंधन की कठिनाइयों के कारण तनावग्रस्त बिहार की हर महिला को (कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश की भाँति) मासिक तीन हजार रु.सरकारी आर्थिक सहयोग प्रदान करने की घोषणा करेंगे.हमारा विश्वास है कि इस आदेश को जारी करने के कुछ दिन बाद जब परिणाम देखेंगे तो सिर्फ खुश ही नहीं होंगे, चमत्कृत भी रह जायेंगे.

  इसके आलोक में एकता परिषद, उत्तर बिहार, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर के द्वारा हर महिला को मासिक 3000 अभियान कार्यक्रम 27 सितंबर 2023 से शुरू किया जा रहा है.प्रखंड मुख्यालय कुढ़नी, तुर्की में में 11ः00 बजे से धरना प्रदर्शन कर गांव गरीब की समस्याओं को शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया गया है.इसमें आप सादर आमंत्रित हैं यह कार्यक्रम  वरिष्ठ साथी श्री विजय गोरैया जी के नेतृत्व में संचालित है. सुनो सुनो बिहार की सरकार हर महिला को मासिक 3 हजार. जिला संयोजक राम लखींद्र प्रसाद जेपी सेनानी,मुजफ्फरपुर बिहार ने व्यवस्था संभाल रखा है.

  इस बीच खबर है कि एकता परिषद के संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल ने दिल्ली से सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि यह जानकर बहुत खुशी हुई कि एकता परिषद उत्तर बिहार की ओर से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मासिक तीन हजार अभियान शुरू किया गया है.मैं बिहार के साथियों को इसके लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं और अभियान की सफलता के लिए शुभकामना व्यक्त करता हूं.


आलोक कुमार



पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया

 
पटना के डीएम डॉ, चंद्रशेखर ने खुसरूपुर की पीड़िता को एक लाख रू.दिये

कन्विक्शन होने के बाद एक लाख रू.और दिया जाएगा

पटना.खुसरूपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 23 सितंबर की रात एक दलित महिला के साथ मारपीट की घटना हुई थी. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. मंगलवार को पटना ग्रामीण एसपी इमरान मसूद ने इसकी जानकारी दी.

    ग्रामीण एसपी इमरान मसूद ने कहा कि इस घटना में ऐसी एफआईआर दर्ज कराई गई थी कि महिला को नग्न करके पीटा गया है, इसके अलावा पेशाब पिलाने का भी आरोप लगाया गया था. इसके बाद एसडीपीओ फतुहा के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी. जांच टीम और एसआईटी ने इसमें कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त प्रमोद सिंह को फतुहा से गिरफ्तार कर लिया है.इसमें एक अन्य अभियुक्त प्रमोद सिंह का बेटा अंशु की तलाश जारी है.

  मामले पर एसपी ने कहा कि ये सारा विवाद पैसों को लेकर हुआ था. अभियुक्त बार-बार महिला को तंग करता था, लेकिन अभी तक जो साक्ष्य आए हैं, उससे पेशाब वाली बात पर कुछ नहीं मिला है.क्योंकि घटना के तुरंत बाद ही 112 की टीम पहुंच गई थी. उस समय पेशाब की बात नहीं की गई थी. हालांकि हम लोग ऐसा नहीं है कि इस एंगल से जांच नहीं कर रहे हैं.अगर आगे इसमें कुछ आता है तो कार्रवाई करेंगे.

    खुसरूपुर थाना अंतर्गत ग्राम-मोसिमपुर की एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना का मुख्य अभियुक्त 72  घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया.

मालूम हो कि 23.09.23 को खुसरूपुर थाना अंतर्गत अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार किये जाने की घटना प्रतिवेदित हुयी थी.SIT द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त मुख्य अभियुक्त प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.

      बिहार पुलिस बिहार पुलिस बिहार पुलिस शीर्षक SC / ST महिला के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार के घटना पर कार्रवाई के संबंध में दिनांक-23.09.2023 को खुसरूपुर थाना अंतर्गत ग्राम - मोसिमपुर में अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट तथा अभियुक्त द्वारा नंगा कर पेशाब पिलाने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराया गया है. जिसके आलोक में आवेदन के आधार पर खुसरूपुर थाना कांड संख्या - 416 / 23, दिनांक-24.09.23,धारा-341/323/325 / 307 / 354/504 / 506/34 भा0द0वि0 एवं 3 ( 1 )(a) (r)(s) (w)/3(2)(va) SC / ST Act के अंतर्गत प्राथमिकी नामजद अभियुक्त 1. प्रमोद सिंह, पिता स्व0 चन्द्रदीप सिंह एवं 2. अंशु कुमार पिता प्रमोद सिंह, दोनों साo- मोसिमपुर,थाना–खुशरूपुर, जिला पटना एवं अन्य चार अज्ञात के विरूद्ध दर्ज किया गया है.

    घटना की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फतुहा से करायी गयी. पीड़ित महिला एवं अभियुक्त के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद के कारण महिला के साथ मारपीट की घटना की पुष्टि होने के उपरांत अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फतुहा के नेतृत्व में टीम का गठन कर अभियुक्त के गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की गयी. अभियुक्तगण घर में ताला बंद कर फरार पाये गए. छापामारी के दौरान मुख्य अभियुक्त प्रमोद सिंह,उम्र–40 वर्ष,पिता स्व० चन्द्रदीप सिंह, सा0- मोसिमपुर, थाना- खुसरूपुर   , जिला पटना को 72 घंटे के अंदर आज दिनांक 26.09.23 को फतुहा ब्लॉक परिसर के नजदीक से गिरफ्तार किया गया. शेष अभियुक्त अंशु कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की कार्रवाई जारी है.

     छापामारी टीम में शामिल पदाधिकारी एवं कर्मी 1. श्री सियाराम यादव, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फतुहा 2. पु० अ० नि० गंगा सागर सिंह, थानाध्यक्ष खुसरूपुर थाना 3. प्र0पु0अ0नि0 अरविन्द कुमार राय, खुसरूपुर थाना 4. प्र0पु0अ0नि0 राहुल द्विवेदी, खुसरूपुर थाना 5. प्र0पु0अ0नि0 कन्हैया प्रसाद,   खुसरूपुर    थाना 6. सिपाही - 4590 मो० सलीम, खुसरूपुर   थाना रिजर्व गार्ड 7. गृ० र० – 103287 हरेराम कुमार, खुसरूपुर थाना रिजर्व गार्ड है.

  

क्या है पूरा मामला ?

बता दें, कुछ समय पहले दलित महिला ने प्रमोद सिंह से ब्याज पर 1500 रुपये उधार लिए थे। जिसे बाद में महिला ने ब्याज सहित लौटा दिया था। बाद में प्रमोद सिंह ने ब्याज के और पैसे मांगे जिसे देने से पीड़िता ने इंकार कर दिया।इसके बाद प्रमोद सिंह लगातार महिला को परेशान कर रहा था और उसे सार्वजनिक तौर पर नग्न घुमाने की धमकी दे रहा था। जिसके बाद महिला ने इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में कराया. बाद में पुलिस ने पूछताछ के लिए प्रमोद को थाने ले गई, थाने से लौटने के बाद वह रात में पीड़िता के घर गया और उसका अपहरण कर लिया। उसे प्रमोद सिंह के घर ले जाया गया जहां उसके कपड़े उतारकर बेरहमी से पिटाई की गई.  


आलोक कुमार 


और सुरभि राऊत ने गर्व से कहा कि मेरी मां भी बिहार सरकार में स्टाफ नर्स है

पटना से भी कुल 125 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया

और सुरभि राऊत ने गर्व से कहा कि मेरी मां भी बिहार सरकार में स्टाफ नर्स है


वह मोदी जी का गुणगान की और कहा कि बहुत कम समय में नौकरी की प्रक्रिया पूरी कर दी गयी


पटना. आज पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित रोजगार मेला में 10 लाख सरकारी नौकरी के वादे को पूरा करने के क्रम में ‘रोजगार मेला‘की 9वें चरण में सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित नवनियुक्त अभ्यर्थियों को लगभग 51,000 नियुक्ति पत्र सौंपा गया.इसमें नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वालों में सुरभि राऊत भी शामिल है.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन से नए भारत-आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों एवं देश की विकास यात्रा पर बहुत ही प्रभावी संबोधन दिया. प्रधानमंत्री जी का आभार एवं अभिनंदन.

   इस कड़ी में पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित रोजगार मेला को संबोधन कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा देश की मातृशक्ति को सशक्त करने सहित केंद्र सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गाे के कल्याण व उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों सहित युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर के माध्यम से किए जा रहे सशक्तिकरण का जिक्र किया.

    आज का नया भारत अंतरिक्ष, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर सहित सभी क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित करते हुए विकसित देश बनने के पथ पर अग्रसर है। देश में विकास के साथ विरासत को भी सँजोया जा रहा है, इसका प्रभावी प्रमाण है जी 20 का आयोजन जिसमें कोणार्क का ऐतिहासिक चक्र, नालंदा विश्वविद्यालय भी दिखाया गया है तो नए भारत में हुए डिजिटल क्रांति की झलक भी दिखाया गया है. नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंप कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी.

रोजगार मेला कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री पशुपति कुमार पारस जी, सांसद श्री रामकृपाल यादव जी, विधायक श्री नंदकिशोर यादव जी सहित पोस्टल के अन्य पदाधिकारी साथ रहें.

70,000 परीक्षार्थियों में  358 रैंक प्राप्त सुरभि को

बांसकोठी क्रिश्चियन कॉलोनी,दीघा में सुषमा राऊत और राजा राऊत रहते हैं.राजा राऊत और सुषमा राऊत की पुत्री सुरभि राऊत सफलता की सीढ़ी चढ़ने में कामयाब होती चली जा रही है.पहले उसने नोट्रे डेम एकेडमी से 10 +2 पास की है.उसके बाद शेखपुरा में स्थित इंदिरा गांधी आर्युविज्ञान संस्थान से जेनरल नर्सिंग पास की है.यहीं पर रूकी और थकी नहीं सुरभि ने नर्सिंग में ट्यूटर कोर्स भी कर ली.छह माह पूर्व नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट दी थी.घोषित परिणाम में 70,000 परीक्षार्थियों में  358 रैंक प्राप्त करने में सफल हो गयी.इस सफलता का श्रेय सुरभि राऊत ने माता-पिता को दी है.

      बता दें कि बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी से कुर्जी पल्ली में धर्मप्रचारक के रूप में पास्काल राऊत आए थे.उस समय संजीवन प्रेस से साप्ताहिक संजीवन प्रकाशित होता था.उसका प्रचार-प्रसार करते थे.यह सब  कुर्जी पल्ली की शुरूवाती बात है.उनके ज्येष्ठ पुत्र फ्रांसिस पास्काल थे.उसके बाद अल्फ्रेड पास्कल थे.अल्फ्रेड पास्कल और मार्था रीता पास्कल के पुत्र राजा राऊत है.दोनों की बड़ी पोती सुरभि राऊत है.

    सुरभि राऊत के काकू रतन राऊत कहते हैं कि सुरभि पर परिवार के सदस्यों का गर्व है.सुरभि राऊत ने नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट  की तैयारी करने के लिए महावीर अस्पताल या बिहार सरकार की लगी नौकरी को छोड़कर 1 साल घर पर की तैयारा करने का परिणाम सामने हैं.70,000 परीक्षार्थियों में शानदार 358 रैंक ले सकी हैं.उन्होंने कहा कि अब सुरभि को एम्स,दिल्ली, एम्स,पटना और एम्स, देवघर में मेरिट की हिसाब से जगह मिलेगी.आज उसे नियुक्ति पत्र मिला.

आलोक कुमार 

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