बुधवार, 1 जून 2022

सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा

 


बेतिया. जिलाधिकारी द्वारा महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों पर कटाव/बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का किया गया निरीक्षण.पीओ, मनरेगा को तटबंध के किनारे सघन वृक्षारोपण कराने का दिया निर्देश.जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़/कटाव के मद्देनजर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है ताकि जान-माल की क्षति नहीं होने पाए. इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न जगहों पर कराये जा रहे सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा भी की जाती रही है.

 

इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा मझौलिया प्रखंड अंतर्गत सिकरहना नदी से प्रभावित होने वाले महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि महनवा एवं डुमरी में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है.परसा टोला, डुमरी में ललन यादव का घर एवं कुआं कटने को लेकर वहां पर सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. महनवा में कटाव निरोधी कार्य के निरीक्षण के क्रम में ग्रामीण खादिर के द्वारा बताया गया कि 60 फीट में बांस गिरा हुआ है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को तुरंत ठीक कराने का निर्देश दिया गया.

 कार्यपालक अभियंता, सिकरहना तटबंध, मोतिहारी द्वारा बताया गया कि गुदरा बिन टोली, महनवा में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. तुलाराम घाट पर सुरक्षात्मक कार्य दो दिनों के अंदर पूर्ण करा लिया जायेगा.बथना गांव के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि वहां मनरेगा से बांध का निर्माण कराया गया है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि यहां फ्लड फाइटिंग कार्य करना अत्यंत ही जरूरी है.  मनरेगा पीओ को निर्देश दिया गया कि नदी के किनारे सघन वृक्षारोपण का कार्य कराना सुनिश्चित किया जाए.

 जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिकटा रेलवे स्टेशन के समीप कटाव निरोधी कार्य अविलंब शुरू कराना सुनिश्चित करें. साथ ही झारमहुई में दो दिनों के अंदर सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ किया जाए.इस अवसर पर जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, मझौलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार


बेतिया. निर्माणाधीन सड़क में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 48 घंटे के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.अधीक्षण, अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को सड़क, पुल-पुलिया आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने का निर्देश.बैरिया प्रखंड अंतर्गत कादिर चौक से दीवान तकिया तक 765 मीटर लंबी निर्माणाधीन पथ में गड़बड़ी की सूचना स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन को दी गयी.ग्रामीणों द्वारा उक्त सड़क में गड़बड़ी को लेकर फोटोग्राफ आदि साक्ष्य भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराये हैं. प्रथम दृष्टया सड़क निर्माण में गड़बड़ी परिलक्षित हो रही है.

 

जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए समीक्षात्मक बैठक में अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को निर्माणाधीन उक्त सड़क की विधिवत जांच कर जांच प्रतिवेदन 48 घंटे के अंदर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. साथ ही दोषियों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा करने को भी निर्देशित किया गया है.जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया निर्देश दिया कि सड़क, पुल-पुलियां आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय. किसी भी सूरत में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों, कर्मियों एवं संवेदकों को बख्शा नहीं जायेगा.


आलोक कुमार

मंगलवार, 31 मई 2022

राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण

पटना.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार विधान परिषद की 3 सीटों के लिए राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण तथा गठबंधन की मर्यादा के प्रतिकूल बताया है.कहा कि बातचीत की प्रक्रिया जारी ही थी, लेकिन इसी बीच राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई, जबकि 1 सीट पर हमारा लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इसे स्वीकार करता रहा है.

राजद के नेतृत्व से हमारा पुनः आग्रह है कि इस फैसले पर पुनर्विचार करे और विधान परिषद सीट पर माले की चिरलंबित दावेदारी के प्रति सकारात्मक फैसला ले. राजद अपने वादे को याद करे और विधानपरिषद की एक सीट हमारी पार्टी के लिए छोड़ें.इस सिलसिले में पार्टी कल फिर एक बार राजद नेतृत्व को पत्र लिखा है.

राजद की ओर से तीन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सीपीआई एमएल ने राजद को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि तीन सीटों के लिए राजद की तरफ से जिन प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है, वह गठबंधन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है. बातचीत की प्रक्रिया के बीच में ही राजद के द्वारा अपनी तरफ से एक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई. जबकि एक सीट पर उनका लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इस बात को स्वीकार करता रहा है.वामदलों ने राजद के नेतृत्व से आग्रह किया है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करें और विधान परिषद सीट पर माले की दावेदारी के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएं. मिली जानकारी के बाद वाम दलों के इस पत्र के बाद राजद में सोच विचार का दौर शुरू हो गया है. क्योंकि अगर मार्ले अपनी जिद पर अड़ गया तो राजद के लिए विधान परिषद की तीसरी सीट पर उम्मीदवार का जीतना मुश्किल हो जाएगा.

आरजेडी द्वारा प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद कांग्रेस ने तो खुलेआम चेतावनी दी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी के समर्थन के बगैर आरजेडी के तीनों प्रत्याशी नहीं जीत सकते हैं. साथ ही आरोप लगाया कि बिना बातचीत के ही मनमाने तरीके से उम्मीदवार उतार दिये गये. इसका खामियाजा आरजेडी को भुगतना पड़ेगा. बता दें कि 21 जुलाई को बिहार विधान परिषद की 7 सीटें खाली हो रही हैं. इसके लिए अगले महीने चुनाव है.

लालू यादव की पार्टी की ओर से प्रत्याशी उतारने के बाद कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा कि आरजेडी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. प्रत्याशियों को लेकर राजद ने कांग्रेस और भाकपा माले से कोई बातचीत नहीं की. शकील अहमद ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि बिना उनकी पार्टी के समर्थन के आरजेडी के उम्मीदवार विधान परिषद का चुनाव नहीं जीत सकते हैं. उन्होंने बताया कि एमएलसी उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस और माले एक साथ हैं. दोनों पार्टियां साथ में मिलकर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा ने कहा है कि राजद ने तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है जबकि वोट के हिसाब से उसके 2 उम्मीदवार ही जीत सकते हैं. बाकी सहयोगी दलों पर सब कुछ निर्भर है. विडंबना यह है कि उम्मीदवारों की सूची जारी करने से पहले राजद ने किसी के साथ बैठक नहीं की. अजीत शर्मा ने कहा कि हम लालू प्रसाद यादव से मिलकर एमएलसी चुनाव को लेकर बातचीत की थी. अब सब कुछ उलट गया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और जदयू में इस मामले में सब कुछ साफ है लेकिन महागठबंधन में ऐसा नहीं दिख रहा है.

अजीत शर्मा ने कहा कि हम लोग सोचते थे कि लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में विपक्षी एकता और मजबूत हो. सोनिया गांधी और लालू प्रसाद बीच भी इन सब मुद्दे पर बातचीत हुई है. इस बार लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में भी ऐसा दिखना चाहिए था कि विपक्ष एकजुट है, लेकिन जिस तरह एमएलसी चुनाव में राजद ने 3 उम्मीदवार खड़े किये हैं, उससे महागठबंधन में किचकिच हो रहा है.

बता दें कि विधान परिषद में राजद के कोटे से जाने वाले दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के वक्त यह तय किया गया था कि उन उम्मीदवारों के समर्थन में जरूरी संख्या को वामदलों के विधायकों से पूरा किया जाएगा. लेकिन राजद ने 3 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. इसमें वामदलों को कोई स्थान नहीं दिया गया है. इस बात को लेकर वामदलों ने अपनी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि राजद ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया है, जबकि उन्हें एक सीट मिलनी चाहिए थी.

वामदलों का कहना है कि विधानसभा में वाम दलों के 16 विधायक होने के बावजूद राजद ने उम्मीदवार उतारने से पहले उनसे सलाह-मशविरा नहीं किया. गौरतलब है कि विधानसभा में सीपीआई माले के पास 12 और सीपीआईएम के दो और सीपीएम के दो विधायक हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि राजद को विधान परिषद चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के लिए वामदलों के वोट पर ही रहना होगा.

विधान परिषद की तीन सीटों पर राजद की ओर से एकतरफा उम्मीदवार की घोषणा से नाराज भाकपा माले (CPI ML) को मनाने की कोशिश शुरू हो गई है.राजद (RJD) ने कहा कि दो साल बाद 2024 के चुनाव में परिषद की पहली सीट माले को दी जाएगी. हालांकि माले इस पेशकश से सहमत नहीं है. वह इसी चुनाव में अपना हिस्सा चाह रही है.दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है. माले इस चुनाव में उम्मीदवार देने और अपनी जीत की संभावना तलाश रही है. माले की बातचीत राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद से हुई है.


आलोक कुमार

निशाने पर हैं बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के रिश्तेदार

 

पटना. अपराधियों के निशाने पर हैं बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के रिश्तेदार. वर्तमान कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर एक साथ दो लोगों को गोली मार दे रहे हैं. अपराधियों ने अपने बुलंद हौसले के बल पर 26 अप्रैल को बिहार के जहानाबाद शहर के होटल कारोबारी अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.उसी दिन जहानाबाद से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे अपराधियों ने पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चचेरे भाई दिनेश शर्मा की दुकान पर भी हमला बोला था. जिस वक्त हत्यारों ने घात लगाकर हमला किया वो दुकान खोलकर बैठे ही थे. तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर निढाल कर दिया. वो काउंटर की कुर्सी पर बैठे बैठे ही उनकी मौत हो गयी थी.आज मंगलवार को अपराधियों ने राजधानी के पत्रकार नगर में भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े पूर्व विधायक के दो भाइयों को गोलियों से भून दिया. एक भाई की मौत गयी है जबकि दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है.

पत्रकार नगर थाने के पास ही बदमाशों ने बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार शुरू कर दी. इस दौरान अपराधियों द्वारा चलायी जा रही गोली के शिकार हुए चितरंजन के भाई बीच सड़क पर गिरकर काफी देर तक छटपटाते रहे. हालांकि घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे पत्रकार नगर थाना प्रभारी ने दोनों युवकों को नजदीकी अस्पताल भेजा जहां शंभू नाम के युवक की मौत हो गई. गंभीर रूप से जख्मी गौतम कुमार इलाज निजी अस्पताल में जारी है.बताया जाता है कि आरोपी जिस बाइक से आए थे, उस पर प्रेस लिखा हुआ था.

इससे पहले 26 अप्रैल को बिहार के जहानाबाद शहर के होटल कारोबारी अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. कुछ अज्ञात लोगों ने पटना-गया मुख्य सड़क मार्ग-83 पर डीएम आवास के समीप स्थित कारोबारी को घर में घुसकर गोली मारी गयी थी. व्यवसाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया था. 26 अप्रैल को ही करीब-करीब इसी वक्त पर जहानाबाद से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे अपराधियों ने पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चचेरे भाई दिनेश शर्मा की दुकान पर भी हमला बोला था. जिस वक्त हत्यारों ने घात लगाकर हमला किया वो दुकान खोलकर बैठे ही थे. तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर निढाल कर दिया. वो काउंटर की कुर्सी पर बैठे बैठे ही उनकी मौत हो गयी थी.

घटनास्थल पर पहुंचे पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि 7 एमएम और 9 एमएम के हथियार से अपराधियों ने फायरिंग की है. घटनास्थल से चार खोखे बरामद किए गए हैं. फिलहाल प्रारंभिक रूप में छानबीन करने के दौरान पांडव गिरोह का नाम सामने आ रहा है. फिलहाल इस बिंदु पर भी जांच शुरू कर दी गई है. घायल और मृतक सहोदर भाई थे. मोटरसाइकिल से आ रहे थे. हत्यारे दूसरी मोटरसाइकिल से उनका पीछा कर रहे थे. घटनास्थल पर पहुंचते ही इंटरसेप्ट कर दोनों पर गोलियों की बौछार कर दी.

पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर मे आज शाम सात बजे के करीब बाइक सवार दो अपराधियों ने गौतम और शंभू नाम के दो युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. जिन दो युवकों को गोली लगी थी उनमें से एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर है. मरने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के भाई हैं. शम्भू शर्मा दिल्ली मे चार्टेड अकाउंटेंट था जबकि दूसरा पटना मे रहकर पढ़ाई करता था.घटनास्थल पर पहुंचे पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि देर शाम इस घटना की जानकारी मिली. धनरूआ थाना क्षेत्र के नीमा गांव के रहने वाले दो सहोदर भाइयों का अपराधियों ने काफी देर तक पीछा करने के बाद गोली मार दी. वहीं, एसएसपी ने बताया कि एक ही गांव दो परिवारों की पुरानी अदावत चलती आई है. फिलहाल प्रारंभिक जांच के दौरान पांडव गिरोह के सरगना की भूमिका मामले पर भी जांच शुरू कर दी गई है. गौरतलब हो कि एक महीने पहले ही पूर्व विधायक के चाचा और भतीजे की भी हत्या कर दी गई थी.

राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा था:शरद यादव

 


  *22 साल के बाद 7 तुगलक आवास से बेदखल


दिल्ली.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला खाली कर दिया. अब वह छतरपुर शिफ्ट हो रहे हैं. लुटियंस जोन में करीब 50 साल बिताने वाले शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा गया था. हालांकि, वह इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी गए लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री रहे शरद यादव कभी जेडीयू के साथ भी रहे. उनके नीतीश के साथ एक वक्त तक रिश्ते काफी अच्छे थे. वह बिहार जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी रहे.


भारी मन से पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि मैं अपनी राजनीति का एक लंबा वक्त लोकसभा और राज्यसभा दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं.50 साल से लुटियंस जोन में हूं. 22 साल से 7 तुगलक रोड पर स्थित बंगला में रहते रहे.लेकिन राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्हें कई बार बंगले को खाली करने के लिए कहा गया. लेकिन बंगले की खाली करने से बचने के लिए वह कोशिश में लगे रहे. इस बीच बंगले को खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. जहां से कोर्ट ने शरद यादव के खिलाफ में फैसला सुनाया और उन्हें 31 मई तक बंगले को खाली करने के आदेश दिए थे.मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला 22 साल बाद केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य के रूप में खाली कर दिया, जो श्री यादव ने कहा कि वह अब छतरपुर जा रहे हैं.


उन्होंने कहा “मैंने जीवन भर संघर्ष किया है. मैंने नैतिक कारणों से तीन बार संसद से इस्तीफा दिया है.कितने नेताओं ने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा किया है?” उसने पूछा.पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि वह 1974 में दिल्ली आए थे और आपातकाल के दौरान दो साल तक जेल में रहे थे.“मैंने आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत दो बार जेल में समय दिया है.राजनीतिक लड़ाई के लिए कितने जेल गए?“मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. मैंने एक नहीं, बल्कि कई चुनाव देखे हैं.मैं इस लुटियंस में 50 साल से हूं, लुटियंस दिल्ली में आज मेरा आखिरी दिन है.समय बदलने पर मैं यहां वापस आऊंगा “श्री यादव ने कहा.केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहने के दौरान शरद यादव वर्ष 2000 से 7 तुगलक रोड स्थित एक बंगले में रह रहे हैं.



पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव को लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। शरद यादव इन दिनों गंभीर रूप से बीमार चल रहे हैं। इस साल जुलाई में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जिसमें दो सीटें भाजपा, एक सीट जेडीयू और दो सीटें राजद के पास जाएगी। इसको लेकर कुछ दिनों पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात भी शरद यादव से दिल्ली में हुई है।


बताया जाता है कि तेजस्वी ने शरद यादव को राज्यसभा भेजने का आश्वासन भी दिया है। दूसरी तरफ शरद यादव अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) का विलय 20 मार्च को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ करेंगे. जदयू से अलग होकर शरद यादव ने 2018 में अपनी पार्टी का गठन किया था। इस खबर को और आगे पढ़ने से पहले इस पोल में भाग लेकर अपने विचार बता दीजिए.


पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने अपने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में विलय कर दिया.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि एलजेडी को राजद में विलय कर दिया.यह सोचा था कि राजद जून में होने वाले उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनावों के दौरान राज्यसभा के लिए नामित कर सकती है.राजद द्वारा वादे के बावजूद उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं देने के लिए कहने पर, श्री यादव ने कहा कि कहानी को पीछे छोड़ना बेहतर है, अब हर जगह राज्यसभा के टिकटों को अंतिम रूप दिया गया है. दोनों दलों के विलय की घोषणा के बाद शरद यादव ने कहा कि यह कदम “विपक्षी दल के गठन की दिशा में पहला कदम” था.“राजद का हमारी पार्टी के साथ एकीकरण विपक्षी एकता के निर्माण की दिशा में पहला कदम है. भाजपा को हराने के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होना जरूरी है.अब तक, एकीकरण हमारी प्राथमिकता है. उसके बाद हम होंगे. हम इस बारे में सोचेंगे संयुक्त विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा.” उसने किया.शरद यादव ने भारतीय जनता पार्टी के साथ पार्टी के गठबंधन को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होने के बाद 2018 में एलजेडी का गठन किया.


एलजेडी ने अपनी स्थापना के बाद से कभी भी चुनाव नहीं लड़ा है जब इसके प्रमुख शरद यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से राजद के टिकट पर हार गए थे.शरद यादव केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री थे.संयोग से, दोनों नेता लगभग 25 वर्षों के बाद फिर से मिले हैं. 1997 में वे अलग हो गए जब लालू प्रसाद यादव ने राजद की स्थापना की और शरद यादव ने नीतीश कुमार के साथ जदयू) की स्थापना की.लालू प्रसाद यादव को बाद में पशु चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया था.राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के अलावा, उन्होंने बिहार की राजनीति पर हावी होने के लिए 1990 के दशक में “मंडल” राजनीति के बैंड-बाजे को अपनाया.


आलोक कुमार

विपक्ष की ताकतों को ज्यादा गंभीर होना होगा:धीरेंद्र झा

 


पटना. भाजपा का उन्मादी साम्प्रदायिक अभियान जारी है. इसने जमीनी स्तर पर विमर्श को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस विमर्श को बदलकर ही भाजपा के उन्मादी अभियान को रोका जा सकता है. नीतीशजी के आधार में जो गिरावट आ रही है,उसे भाजपा जोड़ने में जी जान से लगी है. उत्तर बिहार-पूर्वी बिहार की स्थिति तो और चिंताजनक है. समस्तीपुर की हालिया घटनाओं और रामनवमी के दिन घटी घटनाओं ने तो लोकतांत्रिक प्रगतिशील समूहों के समक्ष अभूतपूर्व चुनौतियां पेश की हैं.यह सोच कामरेड धीरेंद्र झा का है.


राजनीतिक परिस्थिति की दरपेश चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये विपक्ष की ताकतों को ज्यादा गंभीर होना होगा.समावेशी,लोकतांत्रिक और पारदर्शी मूल्यबोधों के आधार पर गठबंधन राजनीति को मजबूती देनी होगी. प्रतीकात्मकता के साथ साथ सामाजिक न्याय के मौलिक मुद्दों पर आंदोलनात्मक धार देनी होगी.आमजन की कठिन होती जिन्दगी के बरक्स महंगाई-बेरोजगारी को आंदोलन का मुद्दा बनाना होगा. शिक्षा और जमीन से बेदखली आज के समय में अहम मुद्दा है जो सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज बनाने के सपने के बुनियाद पर चोट करता है.


ऐसी स्थिति में महागठबंधन को दरकिनार कर राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों की घोषणा करना दुर्भाग्यपूर्ण है.परिषद की तीसरी सीट पर उनके द्वारा लिया गया निर्णय तो गठबंधन धर्म की बुनियाद को नकारना है. राजद यह कह सकती थी कि माले और कांग्रेस मिलकर तीसरी सीट का फैसला कर ले. बिहार में भाजपा अब नीतीश कुमार को किनारे कर स्वतंत्र कब्जा करने की रणनीति के तहत काम कर रही है.ऐसी स्थिति में सबों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा और इसमें सबसे बड़े दल की भूमिका सबसे अहम है. राजद के अनुभवी नेतृत्व को तात्कालिकता की जगह दीर्घकालिकता को तब्बजो देनी चाहिए.वादाखिलाफी के खिलाफ न्यायपूर्ण दावेदारी की न्यायपूर्ण आवाज को भाकपा माले बुलंद करती रहेगी!


आलोक कुमार


संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की

                             *रोजरी प्रार्थना द्वारा शांति के लिए संत पापा ने की प्रार्थना


बेतिया.आज ईसाई समुदाय ने रोम से लेकर बिहार तक माता मरियम का अपनी कुटुम्बिनी एलिजाबेथ से मुलाकात करने का पर्व मनाया. इस अवसर पर रोम के संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की गयी.बेतिया धर्मप्रांत के दुसैया में माता मरियम के आदर में धार्मिक यात्रा निकाली गयी.ऐतिहासिक बेतिया चर्च के परिसर में आज माता मरियम के आदर में शोभायात्रा निकाली गयी.चुहड़ी पल्ली में भी शोभायात्रा निकाली गयी.

संत पापा ने 31 मई के ट्वीट संदेश में लिखा, ‘मरियम का विश्वास नबी के समान है.खुद अपने जीवन से मरियम, मानव इतिहास में ईश्वर की उपस्थिति की ओर एक भविष्य सूचक चिन्ह हैं, उनके करुणामय हस्तक्षेप की ओर जो दुनिया के तर्क को हराता, दीनों को उठाता एवं शक्तिशालियों को नीचे गिरा देता है.(लूक. 1ः52). संत पापा फ्राँसिस उन लोगों के लिए आशा के चिन्ह स्वरूप मई माह के अंतिम दिन रोजरी माला विनती कर रहे हैं, जो यूक्रेन एवं विश्व के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध से पीड़ित हैं. 31 मई को संत पापा फ्राँसिस ने रोम के संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की. संत पापा ने दुनिया के हर क्षेत्र के विश्वासियों को आमंत्रित किया था कि रोजरी प्रार्थना द्वारा शांति के लिए संत पापा की प्रार्थना में सहभागी हों.रोजरी माला विनती को वाटिकन के आधिकारिक चैनलों द्वारा लाईव प्रसारित किया गया.                              

इस अवसर पर बेतिया धर्मप्रांत के दुसैया में माता मरियम के आदर में धार्मिक यात्रा निकाली गयी. इस धार्मिक यात्रा के दौरान माला विनती की गई.उसके बाद छोटे चर्च में रोजरी खत्म होने पर पवित्र मिस्सा मिलकर  फादर क्लाउड, फादर पंकज और फादर अरुण अर्पित किये.इस अवसर पर लगभग 100 लोग उपस्थित हुए.मिस्सा उपरांत सबको खीर खाने को मिला.इसके बाद फादर पीपी ने सभी भक्तों को एक-एक रोजरी भेंट की.


बेतिया धर्मप्रांत के ऐतिहासिक बेतिया चर्च.आज माता मरियम के आदर में शोभायात्रा निकाली गई.शोभायात्रा चर्च परिसर से शुरू हुआ.चर्च परिसर में ही भक्तगण पवित्र माला के पांच भेद खत्म किये.इसके बाद बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस के नेतृत्व में पवित्र मिस्सा किया गया. बिशप के साथ पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो, फादर अमित तिर्की, फादर विपिन के अलावे बेतिया धर्मप्रांत के भाई और बहन शामिल थे.इनमें प्रकाश अगस्टीन, अनिल डिक्रूज, गोडेन अन्थोनी ठाकुर, नॉर्बेन जूलियस, अमित, अमन गुप्ता के अलावे बहुत सारे भक्तगण  उपस्थित थे.हे! मरिया के लड़कों आया मां का महीना.जी ईसाई भक्तों ने मां का महीना में सामूहिक व व्यक्तिगत माला विनती करते रहे.आज परंपरागत ढंग से मां का महीना का समापन कर दिया गया.

आज हर साल की भातिं गिरजाघर से लेकर गाँव के ग्रोटों तक गाँव के बच्चों ने ग्रोटो की सजावट करने में सुबह से ही लग गये थे.उसके बाद माँ मरियम की शोभायात्रा निकाली गई.इस अवसर पर चुहड़ी पल्ली के पल्ली पुरोहित  फादर तोबियास द्वारा मिस्सा किया गया.फादर ने अपने उपदेश में कहा कि आज ही के दिन माँ मरियम  एलिजाबेथ से  भेट की थी.


आलोक कुमार

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“कब्रिस्तान में जगह नहीं है…”

“सराय में जगह नहीं थी…” से “कब्रिस्तान में जगह नहीं है…” तक — एक करुण सामाजिक यथार्थ ईसाई धर्मग्रंथों के अनुसार, येसु मसीह का जन्म बेथलहम मे...

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