सोमवार, 6 जून 2022

अधिकारियों को विकास कार्यो में गति लाने का दिया निर्देश


मोतिहारी.‘प्रभारी जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित राधाकृष्णन भवन के सभागार में राजस्व, आपदा एवं विकास विभाग से संबंधित जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित किया गया ‘.

उक्त बैठक में जिला स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा लिया गया भाग.प्रभारी जिलाधिकारी महोदय ने अधिकारियों को विकास कार्यो में गति लाने का दिया निर्देश.वहीं अपूर्ण विकास कार्यो को जल्द पूर्ण करने का दिया निर्देश.उक्त मौके पर एडीएम श्री अनिल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री सुमन सौरभ यादव, भू अर्जन पदाधिकारी श्री विजय कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर श्री राकेश रंजन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सादिक अख्तर, जिला सांख्यिकी  पदाधिकारी श्री भीम शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार


इस योजना के माध्यम से राजगीरवासियों को जलापूर्ति की जायेगी

  नालंदा.बिहार के गया और नालंदा जिले के जल संकट के समाधान के लिए ‘गंगा उद्वह परियोजना‘ के तहत 190 किमी पाइपलाइन के जरिए गंगा नदी का पानी मोकामा के हथिदह से नवादा तक पहुंचाने का ट्रायल सफल रहा. यह ‘गंगा उद्वह योजना‘ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट है.‘गंगा उद्वह योजना‘ का ट्रायल सफल होने के बाद राजगीर में सभी होटलों को गंगा जलापूर्ति होगी.इसके लिए सभी होटलों को अपने परिसर में सम्प (अंडरग्राउंड टैंक) का निर्माण करना होगा.इसके क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने राजगीर के होटल व्यवसायियों के साथ बैठक आयोजित की.गंगाजल आपूर्ति योजना को आगामी वर्षा ऋतु में क्रियान्वित करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है.इस योजना के माध्यम से राजगीर वासियों को जलापूर्ति की जाएगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगाजल उद्वह योजना के तहत नालंदा के अलावा गया, बोधगया और नवादा को गंगाजल की आपूर्ति की जानी है. इन सभी जगहों पर गंगाजल को शुद्ध कर पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है. पहले चरण के तहत इस योजना पर पहले 2836 करोड़ रुपये खर्च किये जाने थे, लेकिन कोरोना की वजह से विलंब होने से लागत बढ़कर 4174 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी घरों, होटलों, विद्यालय कॉलेज एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इस योजना के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण विभाग(पीएचईडी) द्वारा पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी.वर्तमान में होटलों द्वारा बोरिंग के माध्यम से भूगर्भ जल का उपयोग किया जा रहा है. बोरिंग के उपयोग से भूगर्भ जल का स्तर नीचे जाता है. पाइपलाइन के माध्यम से सुचारू रूप से जलापूर्ति होने के उपरांत होटलों द्वारा बोरिंग को बंद किया जाएगा.इससे भूगर्भ जल का संरक्षण हो सकेगा.राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 82 होटल सूचीबद्ध किए गए हैं.छूटे हुए होटलों को भी इस सूची में शामिल किया जा सकेगा.

इन सभी होटलों को पीएचईडी द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी.इस व्यवस्था के तहत होटल संचालकों को भी पानी के स्टोरेज के लिए आवश्यक संरचना का निर्माण करना होगा.योजना के क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी होटल संचालकों के साथ आरआईसीसी सभाकक्ष में बैठक की.सभी होटल संचालकों को 11 जून तक अपने-अपने होटल के लिए पानी के दैनिक आवश्यकता का आकलन कर इसकी लिखित जानकारी पीएचइडी को उपलब्ध कराने को कहा गया.होटल संचालकों को पाइपलाइन के माध्यम से प्राप्त जल के भंडारण के लिए संप (अंडरग्राउंड टैंक) का निर्माण कराना होगा. जिसमें उनके द्वारा उनकी आवश्यकता के अनुरूप पाइप लाइन के माध्यम से प्राप्त जल का भंडारण किया जाएगा.सम्प में भंडारित जल को होटल संचालकों द्वारा मोटर के माध्यम ऊपर के टैंक में पहुंचाया जाएगा जहां से होटल के सभी कमरों में पानी पहुंचेगा.जिलाधिकारी ने जून माह के अंत तक सभी होटल संचालकों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप निर्धारित क्षमता के संप का निर्माण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.

ज्ञातव्य हो कि पीएचईडी द्वारा राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 10 हजार घरों में पाइप लाइन कनेक्शन दिया जा रहा है. अब तक  8 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन दिया जा चुका है. शेष घरों में भी आगामी कुछ दिनों में कनेक्शन दे दिया जाएगा.बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद राजगीर, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी सहित विभाग के सहायक कनीय अभियंता एवं राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न होटलों के संचालक  प्रतिनिधि उपस्थित थे.

मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जल जीवन हरियाली अभियान के तहत यह योजना गया, बोधगया और राजगीर जैसे शहरों को पेयजल मुहैया कराएगी. इस स्कीम के पहले चरण का बजट 2836 करोड़ रुपये है और इससे गया को 43 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) और राजगीर को सात एमसीएम पानी मुहैया कराया जाएगा. दिसंबर 2019 में कैबिनेट ने इस योजना की मंजूरी दी थी.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज नालंदा के घोड़ा कटोरा पहुंचें जहां उन्होंने गंगा उद्वह योजना का जायज लिया. इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी. इस परियोजना की शुरुआत 2019 में की गयी थी. इस परियोजना पर 2836 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है.इस परियोजना के तहत जल संचयन के लिए कुल 350 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है. दिसंबर 2019 में राज्य कैबिनेट ने गंगा जल उद्वह योजना के पहले फेज के लिए 2836 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी. इस योजना का पहला चरण जून 2021 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य था, लेकिन कोरोना संकट और तकनीकी वजहों से इसमें विलंब हुआ. मोकामा के मरांची स्थित गंगा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिये गया के मानपुर प्रखंड के अबगीला स्थित खदान में लाया जाएगा.इस योजना के तहत बरसात के मौसम में 4 महीने तक पानी स्टोर किया जाएगा. जिसके बाद उसे प्यूरीफाई कर घरों व अन्य जगहों पर सप्लाई किया जाएगा.

आलोक कुमार

पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई

 


मोतिहारी.डॉ राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में प्रभारी जिलाधिकारी, श्री कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाढ़ सुरक्षा सप्ताह, बाढ़ पूर्व तैयारी एवं अन्य विषयों से संबंधित जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई.

बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिले भर में 1 जून से 7 जून 2022 तक बाढ़ आपदा सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है.उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी गण बाढ़ आपदा प्रबंधन कार्य को गंभीरता से लें एवं हमेशा एलर्ट मूड में रहे.उन्होंने कहा कि अनुमंडल, अंचल एवं प्रखंड स्तर पर बाढ़ पूर्व तैयारी करें.दहव, सिविल सोसाइटी, मुखिया, सरपंच के साथ बैठकर जन जागरूकता और बाढ़ पूर्व तैयारी अभियान एवं बाढ़ की समाप्ति के पश्चात संभावित विकट स्थितियां, महामारी की जानकारी देना तथा प्रचार प्रसार करना.                               

 सभी विभागों से जुड़े सेवा प्रदान करने वाले केंद्रों के भवनों का बाढ़ से डूबने के खतरो का आकलन कर वैकल्पिक व्यवस्था करना.कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूर्व तैयारी  करना.बाढ़ से निपटने की  राहत केंद्रों ,उंचे स्थानों तथा संवेदनशील समूहों यथा गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, वृद्धि जनों एवं दिव्यांग जनों की पहचान कर सूची तैयार कर जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को उपलब्ध कराना.

 बाढ़ के दौरान तटबंधों के भीतर रहने वाले समूह को राहत एवं बचाव के लिए किए जाने वाले उपायों कि प्रति संवेदनशील बनाना.सार्वजनिक स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा के संबंध में जल निकाय संरक्षण  अंतर्गत आहर , पैईन, पोखर ,तालाब आदि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान चलाना.स्वस्थ विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलंत चिकित्सा केंद्र ,वोट पर चिकित्सा केंद्र, ब्लीचिंग पाउडर , हैलोजेन टाबलेट, सांप काटने की दवा आदि की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया.बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता रखने का निर्देश दिया गया.

 

जल संसाधन विभाग द्वारा जिले की नदियों पर बने तटबंधों की सुरक्षा मानक संचालक प्रक्रिया के अनुसार करने का निर्देश दिया गया.जल संसाधन विभाग द्वारा जिला में बाढ़ से अति प्रभावित एवं प्रभावित गांवों को चिंहित कर सूची तैयार करना.प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से बाढ़ की स्थिति में क्या करें , क्या न करें का प्रचार-प्रसार करना.बाढ़ पूर्व नाव का निबंधन, सरकारी नावों की मरम्मती , निजी नाव के नाव मालिक से इकरारनामा.बाढ़ पूर्व सामुदायिक रसोई का स्थल चयन, समुदाय रसोई संचालन के लिए कर्मियों की प्रतिनियुक्ति.बाढ़ पूर्व ऊंचे शरण स्थल का चिन्हीकरण.फूड पैकेट तैयार करने के लिए स्थल का चयन एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति.जी आर के लिए आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर शत प्रतिशत लाभुकों का डाटा अपडेट करना.तटबंधों का संयुक्त जांच तथा संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों एवं बांधों पर गृहरक्षकों की प्रतिनियुक्ति.

इस अवसर पर अपर समाहर्ता आपदा, अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर, जिला कृषि पदाधिकारी प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन, सभी अंचल अधिकारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

कोताही बरती गई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी


मुजफ्फरपुर. समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार की अध्यक्षता में विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आहूत की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त, एडीएम आपदा प्रबंधन सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे. साथ ही सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी ,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अंचल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे.

जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न  विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन के क्रम में पूरी पारदर्शिता रखें.निर्धारित विष्टिटियों एवं मानकों के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करें.लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लोक प्राधिकार अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें.यदि इसमें कोताही बरती गई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी.

जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि विगत 60  कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की कुल संख्या 4 है और सुनवाई के विस्तारित मामले 8 हैं।वही अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी पूर्वी ने बताया कि विगत 60 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की कुल संख्या 11 है जबकि 45 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की संख्या 59 है.वहीं अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय पश्चिमी में विगत 45 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की कुल संख्या 70 है जबकि विगत 60 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की कुल संख्या आठ है.उक्त अधिनियम के तहत सुनवाई/आदेश के पश्चात भी अतिक्रमण के मामलों का अनुपालन अभी तक नहीं हो पाने के कारण जिलाधिकारी द्वारा सख्त नाराजगी प्रकट करते हुए निर्देश दिया गया कि संबंधित एसडीओ और डीसीएलआर भी अनुश्रवण करें और अनुपालन के दिशा में आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें.

जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा बताया कि 4585 वार्ड के विरुद्ध 4514 वार्डो  में कार्य पूर्ण है जबकि विभिन्न कारणों से 71 वार्डों में कार्य बाधित या अपूर्ण है.जिलाधिकारी ने सभी वरीय प्रभारी  अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत भ्रमण के क्रम में नल जल की अद्धतन स्थिति की जानकारी प्राप्त करें साथ ही जिन योजनाओं की जांच कर ली गई है तो प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर अग्रेतर करवाई करना सुनिश्चित करें.

आपूर्ति विभाग की समीक्षा के क्रम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि दोनों अनुमंडलों  में कुल 580687 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 571180 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है. लंबित आवेदनों की संख्या मात्र 9424 है  जबकि समय पर आवेदनों की संख्या 83 है. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने अनुमंडल में आम पब्लिक के द्वारा मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिल रही शिकायतों के आलोक में जांचोपरांत यदि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित पर जिम्मेदारी तय की जाएगी. बैठक में इसके अतिरिक्त गली-नाली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, जल जीवन हरियाली ,कल्याण विभाग, जिला अल्पसंख्यक कल्याण ,सामाजिक सुरक्षा, आईसीडीएस, लोहिया स्वच्छ बिहार योजना तथा अन्य विभागों की समीक्षा की गई.जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन ससमय और और तय मानकों के अनुरूप हो.कोताही/लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी.

आलोक कुमार

बाल श्रम उन्मूलन जागरूकता माह अवलोकित किया जा रहा है


मुजफ्फरपुर. आज मंगलवार को जिला बाल संरक्षण ईकाई मुजफ्फरपुर व श्रम संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर व एक्शन एड के संयुक्त तत्वावधान में किशोरी- किशोरियों का जिला स्तरीय संवाद कार्यक्रम, श्रम संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर के सभागार में आयोजित किया गया.बाल श्रम के विरुद्ध सहित बच्चों पर होने वाली हिंसा के विरुद्ध तथा विद्यालय से जोड़ने के लिए सहायक निदेशक श्री उदय कुमार झा, जिला बाल संरक्षण इकाई, मुजफ्फरपुर,रणवीर रंजन, श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों तथा एक्शन एड से अरविन्द कुमार, जिला समन्वयक, मुजफ्फरपुर की उपस्थिति में संवाद कार्यक्रम चला.


किशोरी- किशोरियों का जिला स्तरीय संवाद कार्यक्रम, श्रम संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर के सभागार में आयोजित किया गया.सहायक निदेशक श्री उदय कुमार झा, जिला बाल संरक्षण इकाई ने बाल अधिकार सहित बच्चों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी.उन्होंने बताया कि बच्चों पर होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा पर 1098 चाइल्ड लाइन को फोन करें. जो टोल फ्री नंबर है. 


श्रम अधीक्षक रणवीर रंजन ने बाल श्रम के संबंध में जानकारी दी कि यह सभ्य समाज के माथे पर कलंक का टीका है. उन्होंने बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986 के तहत काम पर ले जाने वाले बच्चों के नियोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही.सभी 6-14 वर्ष के बच्चे स्कूल में हों और कैसे उनका छीजन न हो इसके लिए सामाजिक क्षेत्र के लोगों को आगे आने का आह्वान किया. श्रम अधीक्षक ने बच्चों के संरक्षण को लेकर अधिकाधिक जागरूकता फैलाने को लेकर बल दिया. उन्होंने कहा कि बाल श्रम के साथ साथ बाल विवाह भी एक सामाजिक कोढ़  है. जिसके उन्मूलन को लेकर अत्यधिक जागरूकता की आवश्यकता है.

सहायक निदेशक उदय कुमार झ जिला बाल संरक्षण इकाई ने जोर देते हुए कहा कि एक्शन एड द्वारा बाल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है और 12 जून विश्व बाल दिवस से पूर्व जिले में संयुक्त रूप से प्रभात फेरी आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. साथ हीं उन्होंने लोगों से अपील की कि बाल विवाह, बाल श्रम और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रभावी रोकथाम के लिए इस तरह के अभियान की जरूरत है.

कार्यक्रम में मुशहरी, बोचहा व बंदरा प्रखंड की किशोर किशोरियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. बच्चों ने पदाधिकारियों से बाल श्रम बाल विवाह, बाल व्यापार पर विस्तार से जाना और बहुत सारे जिज्ञासापूर्ण प्रश्न किए. बच्चों ने बाल श्रम और सुरक्षित सभी को विद्यालय विषयक चित्रांकन किया तथा अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शित किया. मालूम हो कि 12 जून को विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस है जिसके लिए महीने भर से बाल श्रम उन्मूलन जागरूकता माह अवलोकित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में एक्शन एड के  प्रखंड समन्वयक,श्री राजगीर कुमार, रामसुंदर राम व एक्शन एड के वोलिंटियर श्री जगदीश मांझी, श्री संजय मांझी, मो.हैदर अली, एवं श्री नागेन्द्र मांझी मौजूद थे.

आलोक कुमार

’वैसे क्षेत्र जहां जल निकासी का कोई व्यवस्था नहीं है, वहां कच्ची नालियां काटकर पानी निकासी करावे’

  

◆ ’मनसरवा नाले के सफाई के दौरान अतिक्रमित मकानों को चिन्हित कर मापी कराते हुए अतिक्रमण मुक्त करावे, ताकि मनसवा नाला द्वारा नालियों का पानी पूरी प्रवाह के साथ डिस्चार्ज हो सके’

 गया.’नाला उड़ाही को लेकर नगर निगम के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई.’समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी, गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में आगामी मानसून के पहले गया जिला अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में किए गए नाला उड़ाही एवं जल जमाव की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की गई.

गया नगर निगम के संबंध में नगर आयुक्त अभिलाषा शर्मा द्वारा बताया गया कि गया जिले में 326 छोटे नाले हैं. जिनमें से 228 नाले की सफाई पूर्ण हो चुकी है एवं शेष नाले की उड़ाही 10 दिनों के अंदर करवा दी जाएगी.गया जिला अंतर्गत तीन भूगर्भ नाले हैं, जिनकी सफाई लगातार चलती रहती है. गया जिला अंतर्गत 8 बड़े नाले हैं, जिनमें मनसरवा नाला, इकबाल नगर, धोबिया घाट, कुजापी नाला,नादरागंज नाला सहित अन्य शामिल हैं.नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि 7 दिनों में सभी बड़े नालों की सफाई पूर्ण रूपेण करा ली जाएगी.नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि आधुनिक मशीन युक्त वाहन, जेसीबी, पोकलेन सहित अन्य विभिन्न उपकरणों के सहयोग एवं पर्याप्त मजदूरों को लगा कर पूरी गहराई से नालो की सफाई करवाई जा रही है, इसकी सतत निगरानी के लिए पदाधिकारियों को फील्ड में भेजा जा रहा है.

जिलाधिकारी द्वारा जलजमाव के विषय पर नगर निगम से पूछने पर बताया गया कि नगर निगम के पास 02 बड़े हाई डिस्चार्ज मशीन 27 (एचपी), 4 अदद 5 एचपी का पंपसेट उपलब्ध हैं. जलजमाव की स्थिति होने पर संबंधित पंपसेट के माध्यम से भी पानी की निकासी करवा दी जाएगी.जिला पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि पटना बुडको से समन्वय स्थापित कर जलजमाव की स्थिति में आधुनिक पंपसेट का दर एवं संबंधित कर्मी को चिन्हित रखें ताकि भविष्य में जिले में जलजमाव की समस्या होने पर उनसे निपटने के लिए कार्य लिया जा सके.जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देश दिया कि इस मानसून सीजन में गया जिला के किसी भी स्थानों में जलजमाव की कोई समस्या न हो, यही व्यवस्था रखें.

 विनोद कुमार बरबिगहिया का कहना है कि वातानुकूलित कमरों में बैठ कर समीक्षा! केवल कागज पर हीं दिखाई देगा, श्रीमान जिलाधिकारी महोदय.जरा धरातल पर आ कर स्वयं देखें.नगर निगम के अधिकारिक कथन में कितनी सत्यता है! आप भी बाहर आएंगे कैसे, प्रचंड गर्मी है, चलिए कम से कम वातानुकूलित गाड़ियों से बाहर झाँक कर तो देख हीं सकते हैं, कि नगर निगम क्षेत्र में कितनी गंदगी पसरा है.नगर निगम के कर्मचारी-पदाधिकारी, पार्षद इत्यादि तो अभी उपमहापौर को मिले डॉक्टरेट सम्मान का उत्सव मनाने में लगा है. नृत्य-गायन, भाषण प्रचार-प्रसार का दौर चल यहा है.

उसी तरह अमीत कुमार शाह का कहना है कि माननीय प्रशासन महोदय,आप इस बात का भी संज्ञान ले की जो नाली से कीचड़ निकलता है उसे तत्काल उठा लिया जाय जबकि यह कई दिनों तक रोड पर ही रहता है.और इस भयानक गर्मी में सूख कर वातावरण को दूषित कर रहा होता है. और पूरे रोड़ पर फैल जाता है.दूसरा कीचड़ को निकालने के लिए ढंकी हुई नालियों को तोड़ दिया जाता है. जिससे लोगो को नाली में गिरने का खतरा बना रहता है.सुशील कुमार ने खुलासा किया कि सभी नालों से सिर्फ शराब की बोतलें निकल रही है जनाब, क्या सोचा है?

आलोक कुमार

सरकार देश की परिसंपत्तियों को कारपोरेट घरानों के हाथों में सौंप रही है- ई रति राव

 * महिलाओं की आजादी, बराबरी व रोजगार के लिए देश भर में खड़ा होगा आंदोलन- मीना तिवारी


पटना.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन, ऐपवा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक युवा आवास फ्रेजर रोड में शुरू हुई. बैठक में असम, बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुदुचेरी, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों से लगभग 100 महिलाओं ने भाग लिया.बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष ई रति राव व संचालन महासचिव मीना तिवारी ने किया.

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने कहा कि आज देश में फासिस्ट ताकतें देश की संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर देश को हिन्दू राष्ट्र बना देना चाहती हैं.वे महिलाओं के अधिकारों पर हमला कर रहीं हैं.हिटलर व मुसोलिनी की तर्ज पर अल्पसंख्यक समुदाय को टारगेट करके उनको दोयम दर्जे का नागरिक बना रही हैं, उन पर हमले तेज कर रही हैं.बौद्धिक संस्थाओं को नष्ट करके भगवाकरण करना चाहते हैं.देश के कानूनों का बदलाव कर रहीं हैं.गृह मंत्री मंत्री अमित शाह मुसलमानों को दीमक की संज्ञा से नवाजते हैं.उन्हें प्रताड़ित करने के लिए सी ए ए व एन आर सी कानून लाते हैं. महिलाओं की आजादी से उन्हें डर लगता है. महिलाओं को उनके खिलाफ वैसे ही लड़ना होगा जैसे सी ए ए, एन आर सी के खिलाफ जनांदोलन तेज करना होगा.

 

बैठक को संबोधित करते हुए ऐपवा एनआईसी इन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ई रति राव ने कहा कि मोदी सरकार देश को कारपोरेट घरानों के हाथों नीलाम कर रही है.हलाल मीट, हिजाब के जरिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा कर  समाज को बांट रही हैं.आर एस एस  कर्नाटक को गुजरात के बाद अपनी दूसरी प्रयोग स्थली बनाना चाहती है.गौरी लंकेश की हत्या इन लोगों के जरिए की गई. लेकिन यहां भी इनका विरोध जनता के जरिए किया जा  रहा है.

राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि भाजपा व आर एस एस की सरकार महिलाओं के अधिकारों व आजादी पर कुठाराघात कर रही है इसके खिलाफ आंदोलन की रणनीति बैठक में बनाई जाएगी.

प्रोफेसर भारती एस कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा ऐतिहासिक स्थली ताजमहल, कुतुब मीनार पर विवाद खड़ा किए जा रहे हैं. ज्ञानवापी मस्जिद के बहाने एक बार फिर विवाद खड़ा किया जा रहा है.

मीटिंग में कुसुम वर्मा, कृष्णा अधिकारी, अनिता सिन्हा, इन्द्रानी दत्त, सुवर्णा, रेवती, निर्मला, जस्वीर नट, माला, नन्दिता भट्टाचार्य, परी कुमारी बरुआ, सविता प्रधान आदि ने अपनी बात रखी.

आलोक कुमार

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