गुरुवार, 12 मई 2022

कार्यक्रमों के पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण के लिए बंजरिया प्रखंड में


मोतिहारी. पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक ने सरकार द्वारा क्रियान्वित कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों के पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण के लिए बंजरिया प्रखंड में ग्राम पंचायत राज,
सिसवा पूर्वी का  निरीक्षण किया.स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनके समस्याओं को उन्होंने सुना एवं संबंधित पदाधिकारी को समस्या निदान के लिए उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए.


जिलाधिकारी महोदय ने सिसवा पूर्वी पंचायत के आरटीपीएस काउंटर का लिया जायजा.आरटीपीएस काउंटर पर हो रहे कार्यों के बारे में ली जानकारी.स्वच्छ भारत मिशन लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को उन्होंने देखा.कृषि समन्वयक को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के हित को प्राथमिकता दें.सिंचाई के लिए विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था के लिए उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जन वितरण प्रणाली दुकानों की जांच करते हुए खाद्यान्न वितरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराएं.क्षेत्र में नल-जल एवं पक्की-गली के कार्य गुणवत्तापूर्ण किए गए हैं, उनसे वे अवगत हुए.गोखुला बाजार में  पोखरा  निरीक्षण के क्रम में उन्होंने मनरेगा डीपीओ को निर्देश देते हुए कहा कि अमृत सरोवर योजना अंतर्गत पोखरा का सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए.चंपारण के प्रभारी पीपल के विशाल वृक्ष को जियो टैगिंग करने का निर्देश दिया गया.

भ्रमण के दौरान वे स्वस्थ उपकेंद्र गोखुला का निरीक्षण करने पहुंचे जहां हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का सुंदर निर्माण किया गया है.उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में डॉक्टर्स, एएनएम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. ताकि स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा आसानी से मुहैया किया जा सके. एम ओआईसी इसका विशेष देखरेख करेंगे.

फर्नीचर की समुचित व्यवस्था एवं बाउंड्री वॉल निर्माण का भी उन्होंने निर्देश दिया.अतिक्रमण मुक्त करने के लिए उन्होंने अंचलाधिकारी को आवश्यक निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वासरहित लाभुकों को पर्चा वितरण करना सुनिश्चित करें.उप स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क निर्माण के लिए आरडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया.सुखेत मॉडल पर आधारित बनकट में डंपिंग यार्ड का वे स्थल जांच करने पहुंचे.उन्होंने कहा कि भविष्य में इन क्षेत्रों में  स्ट्रीट सोलर लाइट की समुचित व्यवस्था की जाएगी.


इस अवसर पर स्थानीय प्रखंड प्रमुख, डीपीओ मनरेगा, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपी निरीक्षण, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे.

आलोक कुमार

अपर मुख्य सचिव के0 के0 पाठक बेतिया में

 

बेतिया.मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव के0 के0 पाठक वृहस्पतिवार को बेतिया में रहे.उन्होंने शराब पीने वाले की निशानदेही पर विक्रेता को गिरफ्तार करके सप्लाई चेन तोड़ने का आह्वान किया.उन्होंने सुझाव दिया कि मद्य निषेध को लेकर संवेदनशील स्थलों पर नियमित रूप से पेट्रोलिंग करके धंधे में शामिल लोगों को गिरफ्तार करें.उन्होंने ब्रेथ एनालाईजर से नियमित जांच कराने का निर्देश दिया.शराब कारोबारियों को पकड़ने के लिए डॉग स्क्वॉयड इस्तेमाल करने पर बल दिया. ड्रोन, मोटर बोट, नाव का भी कारगर उपयोग करें.

यहां पर आने के बाद अपर मुख्य सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार ने शराबबंदी के द्वारा निर्मित सभी कार्यों की समीक्षा की गयी.उन्होंने उत्पाद अधीक्षक सहित उत्पाद कार्यालय, पश्चिम चम्पारण के सभी अधिकारियों के वेतन निकासी पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया.श्री के0 के0 पाठक अपर मुख्य सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार की अध्यक्षता में शराबबंदी के निमित सभी कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आज समाहरणालय सभाकक्ष में सम्पन्न हुयी.

अपर मुख्य सचिव महोदय द्वारा मद्य निषेध को लेकर दर्ज कांडों तथा कुल गिरफ्तारी, वाहनों की जब्ती, देशी-विदेशी शराब की जब्ती, ब्रेथ एनालाइजर से जांच, धारा-37 के तहत पीने वाले अभियुक्तों की गिरफ्तारी और उनकी निशानदेही पर सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए की गयी गिरफ्तारी, वाहनों की नीलामी, एम०एस० टी०सी० में डाटा इन्ट्री, एएलटीएफ की कार्रवाई, ट्रायल की स्थिति आदि की विस्तृत समीक्षा की गयी.

जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मद्य निषेध को लेकर किये जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी अपर मुख्य सचिव महोदय को दी गयी.अपर सचिव महोदय द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा मद्य निषेध को लेकर किये जा रहे कार्यों पर संतोष प्रकट किया गया और कहा गया कि मद्य निषेध को लेकर जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों को कारगर तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है.

अपर मुख्य सचिव महोदय ने कहा कि मद्य निषेध को लेकर पेट्रोलिंग और गिरफ्तारी में तेजी लाने की आवश्यकता है. उत्पाद विभाग एवं पुलिस अधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देना होगा.उन्होंने कहा कि नदी के तटों के किनारे ट्रैक्टर से पेट्रोलिंग करायी जाय साथ ही नदी में पानी रहने की स्थिति में मोटर बोट एवं नाव के माध्यम से नियमित पेट्रोलिंग करायी जाय. उन्होंने कहा कि ड्रोन की सहायता से संवेदनशील स्थलों को चिन्हित करें और त्वरित गति से कारगर कार्रवाई करें. साथ ही आवश्यकतानुसार डॉग स्क्वायड का भी इस्तेमाल मद्य निषेध के लिए किया जाय.

उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिले में संसाधनों की कमी नहीं है.उत्पाद अधीक्षक ज्यादा से ज्यादा टीम बनाकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिदिन पेट्रोलिंग कराना सुनिश्चित करेंगे.कंट्री लिकर सीजर के लिए संवेदनशील स्थलों पर नियमित पेट्रोलिंग करायी जाय तथा जब्ती के साथ गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाय. उन्होंने कहा कि एसएसबी द्वारा मद्य निषेध को लेकर खासकर कंट्री लिकर सीजर के लिए सीमाई क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया जा रहा है.नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के लिए एसएसबी की सहायता ली जाय.

उन्होंने एएलटीएफ को निर्देश दिया कि कॉल सेंटर से प्राप्त सूचना के आधार पर तुरंत रेड करने जायें. सक्सेसफुल रेड करें और गिरफ्तारी सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि सभी एएलटीएफ को आवश्यक संसाधनों से युक्त कर दिया गया है. एएलटीएफ तत्परतापूर्वक कार्य करें.उन्होंने कहा कि शराब पीने को पकड़ने पर उनसे सप्लाई चेन की जानकारी लें, पीने वाले की निशानदेही पर पिलाने वाले तक पहुंचें और उसे गिरफ्तार करें. उन्होंने कहा कि पीने वाले की निशानदेही पर पिलाने को पकड़ने से सप्लाई चेन को तोड़ा जा सकता है.उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए ठोस कारगर कार्रवाई करें.

अपर मुख्य सचिव महोदय ने निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थलों पर नियमित रूप से सघन पेट्रोलिंग करायी जाय और ज्यादा से ज्यादा गिरफ्तारी सुनिश्चित किया जाय. ब्रेथ एनालाइजर से लगातार जांच करायी जाय.ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग संवेदनशील क्षेत्र के अंतर्गत कारगर  तरीके से किया जाए.उन्होंने निर्देश दिया कि मद्य निषेध को लेकर जारी अद्यतन एसओपी के संबंध में पुलिस अधिकारियों को अच्छे तरीके से ब्रीफ करायी जाय. साथ ही उत्पाद विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा मद्य निषेध को लेकर की जा रही कार्रवाई की प्रतिदिन समीक्षा की जाय.

उन्होंने कहा कि 15 दिनों के अंदर जब्त शराब का विनष्टीकरण करा देना है.साथ ही जब्त वाहनों की नीलामी भी ससमय कराना सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने कहा कि वाहन जब्ती से संबंधित लंबित मामलों का निष्पादन त्वरित गति से कराना सुनिश्चित किया जाय. होमगार्ड से संबंधित रोस्टर को जल्द क्लीयर किया जाय और होमगार्ड को अच्छे तरीके से प्रशिक्षित करते हुए उनके कार्य पर लगाया जाय.

उन्होंने डीपीएम, जीविका को निर्देश दिया कि नीरा उत्पादन को लेकर निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति ससमय कराना सुनिश्चित करें.लोक अभियोजकों को मद्य निषेध से संबंधित मामलों के ट्रायल में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में शराबबंदी कानून की धारा 37 (ए), (बी) एवं (सी) के तहत विशेष न्यायालय में लंबित मुकदमों का निपटारा करना सुनिश्चित किया जाय.

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि पुलिस एवं उत्पाद विभाग द्वारा संयुक्त रूप से मार्च एवं अप्रैल माह में 786 कांड दर्ज किये गये हैं तथा 1011 गिरफ्तारियां की गयी है. इसी तरह मार्च एवं अप्रैल माह में 138 वाहनों को जब्त किया गया है.साढ़े तीन हजार लीटर से ज्यादा विदेशी शराब की जब्ती की गयी है.मार्च एवं अप्रैल माह में ब्रेथ एनालाइजर द्वारा कुल-2816 व्यक्तियों की जांच करायी गयी जिसमें 355 व्यक्ति पॉजिटिव पाये गये.

वहीं मार्च एवं अप्रैल माह में धारा-37 के तहत गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या-215 तथा गिरफ्तार व्यक्तियों की निशानदेही पर गिरफ्तार शराब विक्रेताओं की संख्या-16 है. संवेदनशील स्थलों पर 1237 छापेमारियां की गयी जिसमें 144 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. कानून में संशोधन के उपरांत 151 अभियुक्तों को अर्थदण्ड अधिरोपित कर मुक्त किया गया है.

समीक्षा के क्रम में गिरफ्तारी, छापेमारी, जब्ती में कमी पाए जाने को लेकर अपर मुख्य सचिव महोदय द्वारा उत्पाद अधीक्षक सहित उत्पाद कार्यालय, पश्चिम चम्पारण के सभी अधिकारियों के वेतन निकासी पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया गया.

इसके पूर्व अपर मुख्य सचिव महोदय को समाहरणालय परिसर में विधिवत गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. समीक्षा बैठक की समाप्ति के उपरांत समाहरणालय मुख्य द्वार पर अवस्थित नीरा बिक्री केंद्र का अपर मुख्य सचिव महोदय सहित सभी वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा जायजा लिया गया और नीरा सहित नीरा के अन्य उत्पादों का सेवन भी किया गया.

इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक, चंपारण रेंज, श्री प्रणव कुमार प्रवीण, पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री उपेंद्र नाथ वर्मा, पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अधीक्षक, मंडल कारा बेतिया, अधीक्षक, उपकारा, बगहा, अधीक्षक, मद्य निषेध आदि उपस्थित रहे.

आलोक कुमार

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में की जा रही तैयारियों की हुई समीक्षा

बेतिया.लोकतंत्र के प्रति आस्था एवं संसदीय प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाये जाने के उदेश्य से बिहार विधान सभा सचिवालय द्वारा जिला मुख्यालय में एक दिवसीय कार्यक्रम का अयोजन 14 मई को निर्धारित किया गया है. उक्त कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक एवं विरासत दर्शन, सामाजिक संकल्प अभियान,  बाल/युवा  संसद, जिला के वरीय अधिकारियों के साथ विमर्श, जिला के विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त बुद्धिजीवियों के साथ विमर्श आदि किया जाना है.

बताया गया कि सांस्कृतिक एवं विरासत दर्शन, सामाजिक संकल्प अभियान, बाल/युवा संसद, जिला के वरीय अधिकारियों के साथ विमर्श, जिला के विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त बुद्धिजीवियों के साथ विमर्श आदि किया जाना है.जिला मुख्यालय के आसपास के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन माननीय अध्यक्ष महोदय, बिहार विधान सभा द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ किया जाना है.समाज में नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता के लिए पांच सामाजिक अभिशाप से मुक्त, पांच सामाजिक वरदानों से युक्त एवं पांच सामाजिक सम्मानों से पूर्ण संकल्पों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से घर-घर पहुंचाया जाना है.जिला के स्कूल एवं कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के द्वारा बाल/युवा संसद का आयोजन किया जाना है. इसके अतिरिक्त अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है.

इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा उक्त कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गयी.उन्होंने कहा कि यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है.इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को ससमय कार्यों को निष्पादित करना होगा.

 उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए. बिहार विधान सभा सचिवालय से प्राप्त दिशा-निर्देश के अनुरूप कार्यक्रम की तैयारी की जाय और सफलतापूर्वक सम्पन्न करायी जाय.

समीक्षा के क्रम में नशा मुक्ति अभियान, अपराध मुक्त अभियान, बाल विवाह मुक्त अभियान, दहेज मुक्त अभियान, स्वच्छता युक्त अभियान, योग एवं आयुर्वेद युक्त अभियान, जल संचय युक्त अभियान, प्रकृति युक्त अभियान सहित विरासत युक्त अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी.इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार




मंगलवार, 10 मई 2022

शहर में जलजमाव, जल-जीवन-हरियाली, पथ निर्माण विभाग के कार्यों आदि की विस्तृत समीक्षा

बेतिया. बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री और पश्चिम चंपारण के प्रभारी श्री नितिन नवीन हैं.आज 10 मई मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में संभावित बाढ़ पूर्व तैयारी, शहर में जलजमाव, जल-जीवन-हरियाली, पथ निर्माण विभाग के कार्यों आदि की विस्तृत समीक्षा की गयी.इस अवसर पर माननीय सांसद, श्री संजय जायसवाल, श्री सुनील कुमार, श्री सतीश चन्द्र दूबे, माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, श्रीमती रेणु देवी, माननीय पर्यटन मंत्री, बिहार, श्री नारायण प्रसाद, माननीय विधायक, श्री राम सिंह, श्री वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, श्री उमाकान्त सिंह, श्रीमती भागीरथी देवी, माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म सहनी, श्री सौरभ कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, सभी संबंधित कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित रहे.


इस अवसर पर जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से उपरोक्त विषयों पर जिला प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों की विस्तृत जानकारी माननीय प्रभारी मंत्री सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण को दी गयी. मौके पर माननीय मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार-सह-प्रभारी मंत्री, पश्चिम चम्पारण ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आसन्न बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर अबतक बेहतर कार्य किया गया है. आगे भी इसी तरह तत्परतापूर्वक कार्य होना चाहिए. बाढ़ एवं कटाव को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ कार्य करने पर हर कार्य आसान हो जाता है.सभी अधिकारियों को टीम वर्क की भावना के साथ कार्य करना होगा.


उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में अधिष्ठापित वर्षा मापक यंत्र तथा ऑटोमेटिक वर्षा मापक यंत्रों की 24×7 मॉनिटरिंग करना अनिवार्य है ताकि पूर्व में ही मौसम का हाल जानकर जिलेवासियों को सजग एवं सतर्क किया जा सके. उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर प्रभावित होने वाले संवेदनशील स्थलों पर डिसेन्ट्रलाइज तरीके से सुरक्षात्मक सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया जाय ताकि विषम परिस्थिति में त्वरित गति से कारगर कार्रवाई की जा सके.

उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहना है.जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों विशेषकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों, कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सहित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय. मोबाइल मेडिकल टीम को अपडेट रखा जाय.पशु चारा सहित पशु दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय. इसके लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया अविलंब पूर्ण करते हुए सामग्रियों का भंडारण सुनिश्चित किया जाय.


उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति त्वरित गति से कराई जाय ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो. इसके साथ ही पुल-पुलियों के वेंट की अच्छे तरीके से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाय.उन्होंने निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति एवं सभी वेंटों की सफाई 31 मई तक प्राथमिकता के साथ कर ली जाय.

पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जिलेवासियों को शुद्ध पेयजल हर हाल में उपलब्ध होना चाहिए।.अभी भी जहां-जहां के चापाकल खराब है, उसको त्वरित गति से ठीक कराया जाय.माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये प्रश्न के आलोक में उन्होंने कहा कि पीएचईडी विभाग द्वारा जिन स्थलों पर खराब चापाकलों को ठीक कराया गया है, उसकी सूची माननीय विधायकों को उपलब्ध करायी जाय. साथ ही माननीय विधायक अपने क्षेत्रान्तर्गत खराब चापाकलों की सूची पीएचईडी विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि उनको तुरंत फंक्शनल कराया जा सके.उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य कराने वाले कार्यकारी विभाग कार्य प्रगति का प्रतिवेदन माननीय विधायक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.

उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य सहित सड़कों के निर्माण, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति आदि में गुणवता का पूरा पालन होना चाहिए.किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई निश्चित है. उन्होंने निर्देश दिया कि नहर-नदी से जुड़े कार्यपालक अभियंता आपस में समन्वय स्थापित कर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को अविलंब कराना सुनिश्चित करेंगे.

जल-जीवन-हरियाली के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि यह बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. इसका क्रियान्वयन तीव्र गति से पूर्ण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए.जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जिले के चौर, आहर, पईन आदि का जीर्णोद्धार त्वरित गति से करायी जाय. साथ ही जो जल स्रोत अब तक अतिक्रमण के शिकार के उसको तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराते हुए उनका जीर्णोद्धार कराया जाय.

उन्होंने कहा कि बाढ़ आपदा के समय कंट्रोल रूम सहित अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों, नाविकों आदि के नाम, मोबाईल नंबर आदि का बुकलेट के रूप में संबंधित विभागों को वितरण कराया जाय. साथ ही उक्त बुकलेट को पब्लिक डोमेन में भी सर्कुलेट कराया जाय ताकि आमजन को त्वरित गति से राहत पहुंचाई जा सके.उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों, आयोजनों में सभी संबंधित माननीय जनप्रतिनिधिगण को आमंत्रित किया जाना सुनिश्चित किया जाय.

समीक्षा के क्रम में माननीय सांसद, श्री संजय जायसवाल ने कहा कि एसएसबी के वैसे जवान जो पूर्व में एनडीआरएफ में थे, उनकी सूची तैयार कर ली जाय ताकि आवश्कता पड़ने पर उनकी सहायता बाढ़ बचाव कार्य में ली जा सके. उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के माध्यम से नहर, नदी से सिल्ट निकालने का कार्य किया जा सकता है. श्री सतीश चन्द्र दुबे द्वारा बताया गया कि करताहा नदी का गाईड बांध डैमेज हो गया है. काफी मात्रा में फसलों को नुकसान हुआ है. इससे दस गांवों के लोग प्रभावित हैं. सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में कार्य कराया गया है लेकिन इसका स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है. साथ ही पंडई नदी से तुमकड़िया गांव को भी बचाने की आवश्यकता है. माननीय सांसद, श्री सुनील कुमार ने कहा कि भवानीपुर मौजा में जल निकासी की व्यवस्था अत्यंत ही आवश्यक है. जलनिकासी की व्यवस्था समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हजारों एकड़ भूमि प्रभावित है। बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों में गुणवता का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाय.

 माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, श्रीमती रेणु देवी ने कहा कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारी पूर्व में ही कर ली जाय. जो भी संवेदनशील तटबंध है वहां सुरक्षात्मक कार्य बरसात के पूर्व कर लिया जाय.उन्होंने कहा कि 62 आरडी पुल की साफ-सफाई अविलंब करायी जाय.माननीय पर्यटन मंत्री, श्री नारायण प्रसाद ने कहा कि जमुनिया पंचायत में जलजमाव होता है. कच्चा नाला बनाकर साइफन में मिलाने से समाधान हो जायेगा. माननीय विधायक श्री उमाकान्त सिंह ने कहा कि मनरेगा योजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शी तरीके से कराया जाय. जल संचयन हेतु कारगर उपाय किया जाय. उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण पुल-पुलियों का निर्माण भी कराया जाय.माननीय विधायक, श्री विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पूर्व में जहां-जहां कटाव की स्थिति थी, वहां अच्छा कार्य कराया गया था.संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर वहां मिट्टी आदि से कार्य हो जाता तो मजबूती प्रदान होता. उन्होंने बताया कि महेशरा पुल पर एप्रोच बनाना जरूरी है, बरसात के दिन में आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि प्रभावित स्थलों पर नाव, नाविकों एवं गोताखोरों की व्यवस्था की जाय. इसके साथ ही माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म सहनी एवं श्री सौरभ कुमार द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया गया.

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले के क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति सहित वेंटों की साफ-सफाई युद्धस्तर पर करायी जा ही है.साथ ही बेतिया नगर निगम सहित जिले के अन्य नगर निकायों में जल निकासी की सुदृढ़ व्यवस्था के लिए आधुनिक मशीनों के माध्यम से मिशन मोड में नालों की उड़ाही एवं नालों के अतिक्रमण को हटाया जा रहा है. नालों के अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा गया है.

कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी द्वारा बताया गया कि जिलेवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है. खराब चापाकलों की मरम्मति के लिए 12 गैंग क्रियाशील है. साथ ही भिखनाठोरी में दो टैंकर पानी प्रतिदिन पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि भिखनाठोरी में पेयजल के लिए 03 बोरिंग करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है.

एसडीएम, नरकटियागंज द्वारा बताया गया कि सिकटा के नरकटिया गांव, सिकटा रेलवे स्टेशन के समीप दक्षिण भाग में कटाव की संभावना है.पूर्व के बाढ़ में मनरेगा के तहत सुरक्षात्मक कार्य कराया गया था. उन्होंने बताया कि मैनाटांड़ के बिरंची गांव का दोहरम नदी द्वारा कटाव करने की संभावना है.यहां फ्लड फाइटिंग कार्य करना आवश्यक है. इसके साथ ही इनरवा आदि गांवों पर भी कटाव का खतरा है.

मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि उपरोक्त स्थलों सहित अन्य संवेदनशील प्वाइंटों पर 01 जून से सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि गौनाहा प्रखंड अंतर्गत पंडित राजकुमार शुक्ल के प्रतिमा के पास सुरक्षात्मक कार्य चल रहा है.सोफा मंदिर के समीप भी 15 जून तक कार्य पूर्ण हो जायेगा.

जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र पूरी तरह फंक्शनल है. साथ ही स्वचालित वर्षा मापक यंत्र जिले के सभी पंचायतों में लगाया गया है. प्रखंडवार वर्षा मापक यंत्र के मरम्मति एवं अन्य कार्यों की देखभाल जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा की जा रही है.उन्होंने बताया कि जिले के सभी अंचलों को कुल-49 नाव पूर्व में ही दिए गए हैं. 149 प्राइवेट नाव, 98 लाईफ जैकेट, 09 इनफ्लैटेबल मोटरबोट, 150 टेन्ट, 01 महाजाल उपलब्ध है. साथ ही 16400 पॉलीथिन शीट्स वेयर हाउस में सुरक्षित रखा गया है.उन्होंने बताया कि जिले में प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या 113, खोज बचाव एवं राहत दलों की संख्या 141 एवं चिन्हित शरण स्थलों की संख्या 190 है.साथ ही जिले के 10 स्थलों पर बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण पूर्ण करा लिया गया है.

माननीय मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार-सह-प्रभारी मंत्री, पश्चिम चम्पारण ने कहा कि संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताये गये संवेदनशील स्थलों पर त्वरित गति से बाढ़ सुरक्षात्मक उपाय करना सुनिश्चित किया जाय।.इस कार्य में समस्या उत्पन्न होने पर तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित किया जाय ताकि इसका त्वरित निराकरण कराया जा सके.

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा माननीय जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि उनके द्वारा दिये गये सुझाव पर जिला प्रशासन द्वारा समुचित कारगर कार्रवाई की जायेगी. धन्यवाद ज्ञापन उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार द्वारा किया गया.

आलोक कुमार



 

सोमवार, 9 मई 2022

एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार जी प्रशिक्षण स्थल पर

  धार.एकता परिषद के द्वारा गांव-गांव में ‘जन  चौपाल  ‘ चलाने का संकल्प लेने के साथ ही दो दिवसीय मुखिया प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया.शिविर के द्वितीय दिन एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार जी प्रशिक्षण स्थल पर आए.

इस अवसर पर एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार  जी ने कहा कि मध्य प्रदेश में जंगल में मंगल करने वाले शांतचित अनुसूचित जनजाति समुदाय को सुनियोजित ढंग से जंगल से बेदखल किये जा रहे हैं. अगर अनुसूचित जनजाति समुदाय में नहीं रहेंगे तो  जंगल भी असुरक्षित हो जाएगा. क्योंकि जंगल है तो आदिवासी है व उनकी संस्कृति है. उन्होंने कहा कि इन दिनों बहुत तेजी से आदिवासी संस्कृति व पहचान विलुप्त होती जा रही हैं! इसलिए आदिवासी अस्मिता को जिन्दा रखना होगा तो प्राकृतिक संसाधनों जल,जंगल व जमीन पर उनका अधिकार सुनिश्चित करना ही होगा ताकि सम्मानित तरीके से अपनी आजीविका चला सके.

आगे एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रनसिह परमार  जी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि जिस प्रकार सरकार द्वारा राज्य स्तरीय वन अधिकार का सम्मेलन किया. वैसे ही ब्लाक व जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों का तात्कालिक बैठक करना चाहिए.अगर सरकार वन अधिकार पर कोई कार्यवाही नहीं करती है, तो जन संगठन एकता परिषद गांव -गांव मे जन चौपाल चलाएंगे.जन चौपाल में ग्रामीण मुखियाओं के माध्यम से व्यक्तिगत व सामुदायिक दावे पर पेसा कानून के अंतर्गत पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम सभा को सक्रिय करना होगा.


इस बीच एकता परिषद द्वारा संचालित मुखिया प्रशिक्षण शिविर में जय जगत.. जय जगत..पुकारे जा... सारे अमन पे वारे जा.. सबके हित के वास्ते.... अपना सुख बिसारे जा.. इस सामूहिक गीत कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं द्वारा पेश करने से शिविरार्थी झूम कर गीत गाए.इस गीत को गाने के बाद काफी जोश में आकर  साथ...आमु आखा... एक ...छे का नारा बुलंदी के साथ लगाने लगे. 

इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन

करते हुए श्रद्धा बहन ने बताया कि एकता परिषद जन संगठन पिछले 40 वर्षों से जल, जंगल  व जमीन पर लोगों के हक अधिकार के लिए शासन - प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद स्थापित कर यह प्रयासरत है कि जो गरीब भूमिहिनों के लिए वन अधिकार कानून बना है उसके अंतर्गत वंचितों को उसका हक प्राप्त हो सके, ताकि इस क्षेत्र से हो रहे आदिवासी जनजातियो का पलायन रोका जा सके और अपनी आजीविका के लिए दर -दर की ठोकरें नही खानी पड़े.

इस प्रशिक्षण शिविर में सहभागी मुखियाओं द्वारा भी अपनी बात रखी गई.जिसमें मुख्य रूप से बाग क्षेत्र के ग्राम पिपरानी के सक्रिय मुखिया श्री जुलाम सिंह ने बताया कि हमें हमारी हक के लिये खुद आगे होकर संघर्ष करना होगा.उन्होंने कहा कि सच्ची बात के लिए हमें किसी से डरकर नहीं रहना है.हम जितना डरते है उतने ही  हमें  दबाया जाता है.कानून सबके लिए बराबर है. हमे जागरुक व संगठित होना पड़ेगा.

मौके पर  ग्राम घोड़ा के मेहर सिंह ने बोले कि हम पीड़ित जंगल की जमीन पर खेती


कर फसल उगाते आ रहे हैं.  हमने दावे फार्म भरकर वनमित्र पोर्टल में नाम आने बाद भी अभी तक पट्टा नहीं मिल पाया है. ग्राम अखाड़ा से गंगा बाई ने बताया कि हम भूमिहीन परिवार है मेरे ससुर द्वारा वनभूमि पर खेती  व मजदूरी कर  अपने परिवार का पालन पोषन कर रहे है. 4/5 वर्षो से दावा दाखिल पंचायत व जनपद में जमा किया गया, परन्तु आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो रही है.  सरदारपुर क्षेत्र के इन्सुर से आये सुमित सिंह ने वनाधिकार पट्टे देने मे आ रही परेशानी का सामना करना पड रहा है. हमने पंचायत से लेकर जनपद व जिला कलेक्टर पर जनसुनवाई में देने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं.
इन तमाम परेशानियों को ग्राम केरिया  से आये बाबू भाई व जमुना बाई द्वारा शिविर के समापन मे एकता परिषद अध्यक्ष श्री रनसिह परमार जी, संगठन महासचिव श्री अनीश कुमार जी उपाध्यक्ष सुश्री श्रद्धा कश्यप जी  का फुलमाला व तिलक कर स्वागत किया और इस दो दिवसीय शिविर मे उपस्थित ग्रामीण मुखियाओं व अतिथियो का आभार व्यक्त करते हुए गांव में मजबूत संगठन बनाने की अपील करते हुए कार्यक्रम की घोषणा किया गया.इस कार्यक्रम संचालन व्यवस्था में लगे जिला समन्वयक वसिम खान कार्यकर्ता  संजू बघेल, कालू सिंह, कमल सिंह, विजय सिंह,बिलू सिंह व रामू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही. 

आलोक कुमार 

बिहार शरीफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की समीक्षा

नालंदा.जिलाधिकारी ने की स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की.जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज बिहार शरीफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की समीक्षा की.


बताया गया कि बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अब तक लगभग 103 करोड़ रुपए लागत की 16 परियोजनाओं का कार्य पूरा किया गया है. लगभग 717 करोड़ रुपए लागत की 14 योजनाओं का कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर है तथा लगभग 113 करोड़ रुपए लागत की 4 योजनाओं में निविदा प्रक्रिया के उपरांत लेटर ऑफ इंटेंट निर्गत किया गया है.जिलाधिकारी ने वर्तमान में जारी योजनाओं के प्रगति की एक-एक कर जानकारी ली. इनमें मुख्य रूप से बिहार शरीफ बाजार समिति के विकास के फेज 1 तथा फेज 2 का कार्य, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, नालंदा महिला कॉलेज का विकास कार्य, नालंदा हेल्थ क्लब का विकास कार्य आदि शामिल हैं.बाजार समिति में एचटी लाइन को शिफ्ट करने के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता विद्युत को दिया गया.

धनेश्वर घाट में आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण कार्य को भी अविलंब प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया.नाला रोड के निर्माण कार्य तथा सीवरेज नेटवर्क एवं ट्रीटमेंट सिस्टम के तहत कराए जा रहे कार्यों को बरसात से पहले व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया ताकि बरसात के समय में यातायात एवं जल निकासी को लेकर कोई व्यवधान नहीं हो.बिहारशरीफ स्थित बिहार क्लब भवन के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य तथा शहर में उपयुक्त स्थल पर मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण के लिए संभावना तलाशने को कहा गया.

बैठक में नगर आयुक्त श्री तरणजोत सिंह, बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के सीईओ श्री विनोद कुमार, सीएफओ शशि भूषण, सीनियर मैनेजर मृत्युंजय कुमार, अंचलाधिकारी बिहार शरीफ एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार


उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में नीरा उत्पादन बिक्री आदि को लेकर जीविका की बैठक

नालंदा.उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आज हरदेव भवन सभागार में जीविका की बैठक आयोजित की गई.बैठक में नीरा संग्रहण/ बिक्री सहित जीविका द्वारा किए जा रहे अन्य कार्यों की समीक्षा की गई.नीरा के संग्रहण के लिए जिला में प्रतिदिन 20 हजार लीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.इस लक्ष्य को विभिन्न प्रखंडों के बीच पंचायतों की संख्या के आधार पर विभाजित किया गया है.

9 मई को जिला में कुल 17220 लीटर नीरा का संग्रहण किया गया जिसमें से 14206 लीटर नीरा की बिक्री की गई.लगभग 3 हजार लीटर संग्रहित नीरा विभिन्न कारणों से अनुपयोगी हो गई.उप विकास आयुक्त ने संग्रहित नीरा के अनुपयोगी होने के कारणों की पहचान करने में गुणात्मक सुधार लाने का निर्देश दिया ताकि कम से कम संग्रहित नीरा की बर्बादी हो.वर्तमान माह में जिला में 9 मई तक कुल 2 लाख 27 हजार 879 लीटर नीरा संग्रहित किया गया जिसमें से 1 लाख 84 हजार 854 लीटर नीरा की बिक्री की गई.

बिहारशरीफ प्रखंड में प्रतिदिन के लिए  निर्धारित नीरा संग्रहण के लक्ष्य के विरुद्ध संग्रहण में निरंतर कमी पाई गई, जबकि जिला के कुल नीरा संग्रहण में वृद्धि हुई है. उप विकास आयुक्त ने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए बीपीएम बिहार शरीफ से स्पष्टीकरण पूछा. इसी प्रकार कतरी सराय में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 65 प्रतिशत तथा हरनौत में 66 प्रतिशत ही नीरा संग्रहण किया गया.सभी प्रखंडों के बीपीएम को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत नीरा संग्रहण सुनिश्चित करने का स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया.

बिहार शरीफ बाजार समिति स्थित नीरा बॉटलिंग प्लांट में प्रतिदिन 1500 सौ से 2000 लीटर के बीच नीरा की आपूर्ति की जा रही है. उप विकास आयुक्त ने बॉटलिंग प्लांट की क्षमता के अनुरूप अधिक से अधिक नीरा की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.कॉम्फेड के रेफ्रिजरेटेड वाहनों के माध्यम से चिलिंग सेंटर के साथ-साथ सीधा नीरा प्रोड्यूसर ग्रुप के माध्यम से भी संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. इसके लिए रेफ्रिजरेटेड वाहन वार रूट चार्ट निर्धारित करने का निर्देश डीपीएम जीविका को दिया गया.

जिला में 222 नीरा सेलिंग प्वाइंट  जीविका के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. उप विकास आयुक्त ने डीपीएम जीविका को सभी सेलिंग प्वाइंट का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.सत्यापन के क्रम में यह देखा जाएगा की सेलिंग प्वाइंट के माध्यम से नीरा की बिक्री वास्तव में की जा रही है या नहीं.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत किस्त की राशि प्राप्त करने वाले लाभुकों के आवास निर्माण की मॉनिटरिंग जीविका दीदियों के माध्यम से भी सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि आवास निर्माण पूर्ण होने के कार्य में तेजी लाई जा सके.

जीविका समूह के माध्यम से पूर्व से निर्मित तालाबों में मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त जलकरों को चिन्हित कर प्रस्ताव देने का निर्देश दिया गया.व्यक्तिगत मत्स्य पालन के लिए भी मनरेगा के कन्वर्जन से तालाब निर्माण के लिए सभी प्रखंडों में कम से कम दस-दस आवेदन सृजित करने का निर्देश दिया गया.जो आवेदन पहले से प्राप्त हो चुके हैं, उनके लिए तालाब निर्माण के लिए संबंधित प्रोग्राम पदाधिकारी के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.बैठक में डीपीएम जीविका एवं सभी प्रखंडों के बीपीएम उपस्थित थे.

आलोक कुमार


 

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