शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

रामेश्वर साह को 4 लाख रुपए अनुग्रह अनुदान राशि

 * मंगलू खान का कहना है कि अगर सब जिले में जिलाधिकारी अपने जिले में कार्य करें और जनता दरबार लगाएं और उनका प्रॉब्लम सॉल्व हो जाए तो इसके लिए बधाई के पात्र होंगे और उसमें मेरा मोतिहारी जिला के अशोक सर को बहुत-बहुत बधाई....



मोतिहारीः पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित राधाकृष्णन भवन, मोतिहारी में जनता दरबार का किया गया आयोजन.उक्त जनता दरबार में जिलाधिकारी महोदय द्वारा 126 फरियादियों की फरियाद को सुना गया तथा संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए. इस अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा सहित प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे.

रामेश्वर साह को 4 लाख रुपए अनुग्रह अनुदान राशि 


जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा जिला आपदा प्रबंधन शाखा, मोतिहारी के तत्वावधानमें सुगौली प्रखंड अंतर्गत 28 जून 2022 को वज्रपात से मृतक रामायण कुमार, पिता रामेश्वर साह, ग्राम बगही, वार्ड नंबर 8, जिला पूर्वी चंपारण के आश्रित निकटतम परिवार रामेश्वर साह को 4 लाख रुपए अनुग्रह अनुदान राशि का चेक प्रदान किया गया.

जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित 


मुख्य सचिव, बिहार सरकार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के भूमिहीन थाना /ओपी के भवन निर्माण के लिए भू -अर्जन/ सतत लीज पर भूमि प्राप्त करने को शीघ्र निष्पादन करने के बिंदु पर संबंधित जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. साथ ही उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदय, जिला विधि शाखा पदाधिकारी, डी आई ओ, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ें थें.

आलोक कुमार

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान जिला समन्वयक श्री गौतम कुमार को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया

 

मोतिहारीः तेजतर्रार डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने एक बार फिर मोतिहारी सहित पूरे पूर्वी चंपारण जिले का मान बढ़ाया है.राज्य भर में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ.

बता दें कि तीसरे नेशनल वाटर अवार्ड में पूर्वी चंपारण जिले को ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट का अवार्ड मिला है. दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों तीसरा नेशनल वाटर अवार्ड प्रदान किया गया है. दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा समारोह का आयोजन हुआ. जल संरक्षण प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए पूर्वी क्षेत्र श्रेणी में पूर्वी चंपारण को प्रथम पुरस्कार दिया गया. मोतिहारी के डीएम शीर्षत कपिल अशोक को राष्ट्रीय जल पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान किया गया.

 इधर राज्य भर में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ.इसी उपलक्ष्य में माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार, श्री श्रवण कुमार,  ग्रामीण विकास सचिव श्री बालामुरगंडी एवं मिशन निदेशक लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान श्री राहुल कुमार के द्वारा उप विकास आयुक्त, श्री कमलेश कुमार सिंह, निदेशक डीआरडीए श्री राकेश रंजन एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान जिला समन्वयक श्री गौतम कुमार को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया.

आलोक कुमार

कैम्प मोड में ड्यू लिस्ट एवं सर्वें रजिस्टर को एक सप्ताह के अंदर करें अपडेट

 * नियमित टीकाकरण में बेहतर कार्य करने वालों को किया जाएगा सम्मानित, खराब परफॉर्मेंस पर होगी कार्रवाई


बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी सख्त लहजे में कहा है कि कार्य में लापरवाही, बैठक से अनुपस्थित रहने तथा आदेश की अवहेलना को लेकर कई एमओआईसी को शोकॉज, वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया गया है.इस बीच आशीष कुमार ने कहा है कि बच्चों को तो बिना टीका लगाये ही ऐप में अपडेट कर दिया जाता है.इस संदर्भ में पूछने पर कहा जाता है कि आपको टीका लग गया है.इस तरह के कार्य करके स्वास्थ्य विभाग अपनी ही पीठ थपथपाते रह जाते हैं.

इस जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों के लिए बेहद ही जरूरी है.प्रत्येक बच्चा अनमोल है. टीकाकरण से वंचित सभी बच्चों को अपना बच्चा समझते हुए उन्हें टीका से लाभान्वित किया जाय.साथ ही प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के तहत शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को भी नियमित टीकाकरण से आच्छादित किया जाए.उन्होंने कहा कि यह कार्य बेहद ही महत्वपूर्ण है. लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वालों के विरूद्ध कार्रवाई निश्चित है.

 एमओआईसी, रामनगर को निर्देश दिया गया कि दोन क्षेत्र में नियमित टीकाकरण की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. दोन क्षेत्र में तथा दोन के अतिरिक्त बचे क्षेत्र में कितने बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं, उसकी सूची उपलब्ध करायें तथा शत-प्रतिशत बच्चों को नियमित टीकाकरण से लाभान्वित करें.

जिलाधिकारी ने कहा कि ड्यू लिस्ट तथा सर्वे रजिस्टर को कैम्प मोड में अपडेट कराना सुनिश्चित किया जाए. सभी एमओआईसी एक सप्ताह के अंदर हर हाल में सर्वे रजिस्टर को अपडेट करेंगे तथा संपूर्ण ड्यू लिस्ट तैयार करेंगे. नियमित टीकाकरण के लिए आम लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने के लिए जीविका, विकास मित्र आदि को कार्य पर लगाया जाय। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहायता ली जाय.

समीक्षा के क्रम में कुछ एमओआईसी द्वारा बताया गया कि हाल ही में हुए स्थानांतरण से नियमित टीकाकरण कार्य आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है. कुछ कर्मी स्थानांतरण के बावजूद स्थानांतरित स्थल पर योगदान नहीं दिये हैं.जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को सख्त निर्देश दिया कि स्थानांतरित किये गये कर्मियों को तीन दिनों के अंदर ज्वाइन कराना सुनिश्चित किया जाय अन्यथा चयनमुक्त/कड़ी कार्रवाई की जायेगी.सिविल सर्जन तथा डीपीएम अनुपालन प्रतिवेदन से अवगत कराएं.

जिलाधिकारी ने कहा कि नियमित टीकाकरण कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र आदि देकर सम्मानित किया जायेगा तथा विभाग को सकारात्मक अनुशंसा के साथ प्रतिवेदित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि टॉप थ्री प्रखंड को भी सम्मानित किया जायेगा. वहीं खराब परफोरमेन्स वाले कर्मियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

डेवलपमेंट पार्ट्नर्स को ग्राउंड लेवल पर बेहतर रिजल्ट देने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया. उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा छूटे नहीं इसके लिए टीकाकरण से वंचित बच्चों को चिन्हित करें और टीका से लाभान्वित कराना सुनिश्चित करें. ड्यू लिस्ट पूरा कराने तथा नियमित टीकाकरण में डेवलपमेंट पार्ट्नर्स बेहतर योगदान दें.

नियमित टीकाकरण में लापरवाही को लेकर एमओआईसी, रामनगर से शोकॉज करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया. बैठक में अनुपस्थित लौरिया एमओआईसी से शोकॉज, चनपटिया एमओआईसी को शोकॉज सहित एक दिन का वेतन कटौती, बगहा-01 एमओआईसी को शोकॉज तथा वेतन अवरूद्ध करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम, एमओआईसी, स्वास्थ्य प्रबंधक आदि उपस्थित रहे.

आलोक कुमार

सूचना के अधिकार कार्यकर्ताओं का जमावाड़ा बीआईए में

 पटना.सूबे के सूचना के अधिकार कार्यकर्ताओं का जमावाड़ा बीआईए में होने वाला है.राजधानी पटना में स्थित सिंहा लाईब्ररी रोड में  बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) है.यहां पर मंगलवार 12 जुलाई को सुबह 10 से 6 बजे शाम तक बिहार में आरटीआई कार्यान्वयन और कार्यकर्ताओं पर हमलों स्थिति पर जन सुनवाई है.

इसका आयोजक सोशल अकाउंट अविलिटी फोरम फॉर एक्शन एंड रिचर्स,सूचना के जन अधिकार का राष्ट्रीय अभियान,जन जागरण शक्ति संगठन,भोजन का अधिकार अभियान और जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय है.                   

इस जन सुनवाई में अरुणा रॉय, निखिल डे, अंजली भारद्वाज एवं देश के कई राज्यों से सूचना का अधिकार कानून पर काम करने वाले एक्टिविस्ट शामिल होंगे. सामाजिक कार्यकर्ता आशीष रंजन ने कहा कि अगर आप लोग पटना में हैं तो इस कार्यक्रम में जरूर भाग लें.जवाबदेही और पारदर्शिता पर काम करने वाले कई राज्यों के एक्टिविस्ट को सुनने जानने का मौका आपको मिलेगा.                 

इस जन सुनवाई के वरिष्ठ पत्रकार विनीता देशमुख,पूर्व न्यायाधीश जस्टिस राजेंद्र प्रसाद,मजदूर किसान शक्ति संगठन के  अरुणा रॉय और आईपीएस अमिताभ दास जूरी में है.

आलोक कुमार

38 महिला शिक्षिकाओं को ‘एम०एच० एम० के स्टार 2022‘ सम्मान से सम्मानित किया गया


पटना.सूबे के 38 महिला शिक्षकों का चयन किया गया था.जिन्होंने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एम०एच०एम०) पर सराहनीय कार्य किये थे.गुरुवार को सम्मान समारोह का आयोजन कार्यालय सभागार, महिला एवं बाल विकास निगम, दरोगा राय पथ, आर ब्लॉक, पटना में किया गया.जहां महिला एवं बाल विकास निगम के द्वारा चयनित 38 महिला शिक्षिकाओं को ‘एम०एच० एम० के स्टार 2022‘  सम्मान से सम्मानित किया गया.

राज्य से चयनित अड़तीस महिला शिक्षिकाओं को मुख्य अतिथि श्री विवेक कुमार सिंह, विकास आयुक्त,श्री दीपक कुमार सिंह, अपर सचिव शिक्षा विभाग, श्रीमती हरजौत कौर बामहराह, अध्यक्ष -सह- मैनेजिंग डायरेक्टर महिला विकास निगम, बिहार, नफीसा बिन्ते शाफीक चीफ, यूनिसेफ बिहार ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया.  

इस समारोह के मुख्य अतिथि विवेक कुमार सिंह ने कहा कि माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर राज्य में शिक्षा विभाग एवं यूनिसेफ द्वारा बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे है, विद्यालय में बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में जागरूक बनाया जा रहा है साथ ही इस विषय पर रोड मैप तैयार कर कार्य किये जा रहे है. उन्होंने कहा कि आप सभी सम्मानित शिक्षिका न सिर्फ नोडल शिक्षिका, मास्टर ट्रेनर है बल्कि एक लीडर के रूप में भी कार्य कर रही है. आप आगे भी समाज में ऐसे ही बालिकाओं को सशक्त और जागरूक बनाये.  

इस अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले की राजकीय + 2 उच्च विद्यालय कुमारबाग की शिक्षिका सुश्री मेरी आडलीन को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर बेहतर एवं सराहनीय कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र एवं लैपटॉप प्रदान कर एम० एच० एम० के स्टार 2022 अवार्ड से सम्मानित किया गया.

सुश्री आडलीन ने बताया कि राज्य में पहली बार माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए अवार्ड का आयोजन किया गया है.  बिहार शिक्षा परियोजना, बिहार और यूनिसेफ के द्वारा वर्ष 2017 में माहवारी विषय पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था. उसके बाद से लगातार राज्य के सभी उच्च विद्यालय में एम एच एम विषय के लिए नोडल शिक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने के लिए कक्षा का संचालन भी किया जाता रहा है.

 सुश्री ने कहा कि माहवारी विषय पर समाज में लोग खुलकर बात नहीं करते है, लड़कियों, महिलाओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में शिक्षा विभाग और यूनिसेफ के द्वारा पहलकदमी कर शिक्षिकाओं और छात्राओं के लिए माहवारी स्वच्छता प्रबंधन का प्रशिक्षण, कार्यशाला का आदि का आयोजन किया जाता है. जिससे बालिकाओं में जागरूकता फैल रही है.अब बच्चियां शर्म और झिझक महसूस नहीं करती है बल्कि इस विषय पर खुलकर बात करती है, अपनी समस्याओं को साझा करती है.

कार्यक्रम में श्रीमती किरण कुमारी, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना बिहार, श्री राजीव वर्मा, डायरेक्टर महिला विकास निगम, बिहार, श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, महिला विकास निगम, बिहार, श्रीमती सोनिया, श्रीमती रश्मि कुमारी सहित अन्य अधिकारी और शिक्षिका उपस्थित हुई.

आलोक कुमार

गुरुवार, 7 जुलाई 2022

पटना महाधर्मप्रांत के बक्सर और पूर्णिया धर्मप्रांत को बिशप मिल जाएगा?


पटना.हर कामयाब आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है.इसी तर्ज पर संत पिता फ्रांसिस ने धर्माध्यक्षों के परिषद में दो महिलाओं की नियुक्ति की घोषणा की है जो नये धर्माध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया में शामिल होंगे.ऐसे करने के बाद जल्द ही पटना महाधर्मप्रांत के बक्सर और पूर्णिया धर्मप्रांत को बिशप मिल जाएगा.दोनों धर्मप्रांतों में बहुत दिनों से बिशप का पद रिक्त खाली है.इस बिशप पद  के अभिलाषी निराश हो रहे हैं.

बहरहाल संत पापा फ्राँसिस ने अपनी यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कही है, जिसमें वाटिकन में महिलाओं की उपस्थिति; नया प्रेरितिक संविधान प्रेदिकाते एवंजेलियुम एवं दिकास्तेरीस (वाटिकन कार्यालय) को भविष्य में एक लोकधर्मी पुरुष या महिला को दिया जा सकता है.

संत पापा ने साक्षात्कार में कहा, ‘मैं किसी भी तरह के अवसर के लिए खुला हूँ. इस समय, राज्यपाल के पास एक उपराज्यपाल है.अब दो महिलाएँ धर्माध्यक्षों के धर्मसंघ जायेंगी, धर्माध्यक्षों का चुनाव करने के आयोग में.इस तरह, चीजें और अधिक खुल जायेंगी.‘ पोप ने सिस्टर पेत्रीनि को वाटिकन राज्यपाल का महासचिव नियुक्त किया है.

तब संत पापा ने कहा कि वे भविष्य में कुछ विभागों जैसे लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परिषद में लोकधर्मियों की नियुक्ति की संभावना देखते हैं.  संत पापा ने याद किया कि पिछले साल वाटिकन राज्य प्रशासन में दूसरे पद पर, सिस्टर रफाएला पेत्रीनि की नियुक्ति की थी एवं उन्हें इस पद पर पहली महिला के रूप में नियुक्त किया था.इससे पहले, जनवरी 2020 में संत पापा फ्राँसिस ने फ्रांचेस्का दी जोवन्नी को वाटिकन विदेश सचिवालय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों में उप-सचिव नियुक्त किया था.

अब आसार होने लगा है कि पटना महाधर्मप्रांत के बक्सर और पूर्णिया धर्मप्रांत में जल्द ही बिशप नियुक्त हो जाएंगे.काथलिक चर्च का संगठन सुदृढ़ और केंद्रीभूत है. इसके परमाध्यक्ष रोम के बिशप हैं जो संत पीटर के उत्तराधिकारी माने जाते हैं। (दे. पोप)। जहाँ कहीं भी काथलिक ईसाइयों का कोई समुदाय है, वहाँ उनके आध्यात्मिक संचालन के लिए रोम की ओर से अथवा रोम के अनुमोदन से एक बिशप की नियुक्ति की जाती है.बिशप की अधीनता में पुरोहित विभिन्न स्थानों पर रहकर ईसाइयों को उपदेश दिया करते हैं और संस्कार प्रदान करते हैं.

आलोक कुमार

फिश प्रोडक्शन में जिले को बनाएं आत्मनिर्भर : जिलाधिकारी

 * प्रयास ऐसा करें कि पश्चिम चम्पारण जिले से फिश प्रोडक्शन होकर निर्यात किया जा सके

* किसानों को होगा लाभ, लोगों को मिलेगा रोजगार


बेतिया. फिश प्रोडक्शन के क्षेत्र में जिले को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा कार्ययोजना बनाकर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है.पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न जगहों पर किसानों को प्रोत्साहित, आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए फिश हैचरी का निर्माण कराया जा रहा है. जिले में विभिन्न मछलियों के स्पॉन, सीडलिंग, अंडा, जीरा का प्रोडक्शन भी हो रहा है. इसके साथ ही कल्चर्ड बड़ी मछलियों का भी प्रोडक्शन किया जा रहा है. सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जिले को मछली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृत संकल्पित है.

इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार द्वारा आज मिश्रा मत्स्य विकास हैचरी, पिपरा का निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों एवं मत्स्य पालकों से कहा कि प्रयास ऐसा करें कि पश्चिम चम्पारण जिले में मांग के अनुरूप फिश प्रोडक्शन होकर आपूर्ति किया जा सके.

निरीक्षण के क्रम में मिश्रा मत्स्य विकास हैचरी के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि बायोफ्लॉक तकनीक अधिष्ठापन के लिए उसे सरकार से लागत मूल्य मो0 आठ लाख पचास हजार रुपए का 50 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में प्राप्त हुआ है. सरकार द्वारा आर्थिक सहायत दिए जाने की बदौलत आज सीडलिंग, जीरा एवं बड़े मछलियों का उत्पादन किया जा रहा है.इससे अत्यधिक मुनाफा भी मिल रहा है. साथ ही जिले में मछली के खपत के अनुरूप पूर्ति का प्रयास किया जा रहा है.इसके अतिरिक्त बिहार राज्य के अन्य जिलों जैसे कैमूर, गया, मोतिहारी इत्यादि जगहों पर भी अधिक मात्रा में सप्लाई की जा रही है. उन्होंने बताया गया कि वर्तमान में रेहू, नैनी एवं कतला मछली के स्पॉन भी यहीं तैयार हो रहे हैं तथा बड़े मछली भी यहीं कल्चर करके निर्यात किए जा रहे हैं.

जिलाधिकारी द्वारा सिडलींग से लेकर फिश प्रोडक्शन तक की बारीक जानकारी प्राप्त की गई एवं प्रबंधक का उत्साहवर्धन करते हुए इसे व्यापक पैमाने पर करने को कहा गया. जिलाधिकारी ने प्रबंधक से नवीन तकनीक आधारित फिश प्रोडक्शन करने का भी सुझाव दिया. साथ ही उर्जा की खपत करने एवं लागत कम करने के लिए सौर उर्जा आधारित पंपिंग सेट का उपयोग करने का सुझाव दिया गया.


जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे इस प्रकार के अन्य फिश हैचरी का निर्माण कराने के निमित्त किसानों को जागरूक एवं प्रेरित करें तथा इच्छुक किसानों की लिस्टिंग करते हुए उन्हें सरकार के द्वारा दिए जाने वाली सुविधाओं को मुहैया कराते हुए अधिक से अधिक फिश प्रोडक्शन कराएं. साथ ही किसानों को अच्छे तरीके से प्रशिक्षित कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए जिले में विकसित फिश हैचरी का अध्ययन कराएं.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऑर्नामेंटल फिश का उत्पादन इसी जिले में हो, इसके लिए टारगेटेड बेस्ड कार्ययोजना तैयार करते हुए क्रियान्वयन कराएं. उन्होंने कहा कि फिश प्रोडक्शन के लिए चंवर काफी अनुकूल होता है, इसके विकास के लिए जिले के विभिन्न जगहों पर क्लस्टर तैयार कराएं तथा उन्हें प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि फिड प्रोडक्शन भी इसी जिले में प्रारम्भ हो सके, इसके लिए भी किसानों को प्रेरित करें एवं आवश्यक कार्रवाई करें.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री अनिल कुमार, एएसडीएम श्री अनिल कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी, श्री गणेश राम, सहायक निदेशक, उद्यान श्री विवेक भारती सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

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