शुक्रवार, 10 मार्च 2023

रैली-महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने का निर्णय

  *23 मार्च से 22 अप्रैल तक भाकपा-माले का ‘लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद‘


* रैली-महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने का निर्णय



पटना. 15 फरवरी की ऐतिहासिक गांधी मैदान की रैली और सफल महाधिवेशन के उपरांत विगत दिनों भाकपा माले की राज्य कमेटी की बैठक संपन्न हुई. 

राज्य कमेटी की बैठक के हवाले से माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि रैली और महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने के लिए पार्टी की ओर से 23 मार्च से लेकर 22 अप्रैल तक ’लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद’ का आयोजन किया जाएगा. 

उन्होंने कहा कि जनसंवाद के दौरान 23 मार्च (भगत सिंह शहादत दिवस) और 14 अप्रैल (डॉ. अंबेडकर की जयंती)  के अवसर पर पूरे राज्य में कार्यक्रम होंगे. सिवान में 31 मार्च का. चंद्रशेखर के शहादत दिवस के अवसर पर गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 

जनसंवाद के तहत गांव - गांव में सघन बैठक व पदयात्रा आयोजित होगी और जन सवालों को सूत्रबद्ध करके उन पर आंदोलन आदि के कार्यक्रम किए जाएंगे. 

जनसंवाद के कार्यक्रम को प्रमुख विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में सघन रूप से चलाया जाएगा. कार्यक्रमों में सभी विधायक अपने- अपने इलाक़ों में मौजूद रहेंगे. 

उन्होंने कहा कि 20 वर्षों बाद पटना में दुबारा आयोजित महाधिवेशन और रैली अपनी विशालता व भव्यता के लिए लंबे समय तक याद की जाएगी. फासीवाद के वर्तमान बढ़े हुए हमले के दौर में इसने देश में चल रहे फासीवाद विरोधी संघर्षों को नई ताकत दी है और भाकपा (माले) को संघर्ष के एक मजबूत केंद्र के बतौर स्थापित किया है. 

रैली में मानदेय कर्मियों सहित विभिन्न किस्म के संघर्षों में शामिल तबकों, सरकार द्वारा उजाड़े गए गरीबदृगुरबों, बुद्धिजीवियों व शहरी मध्य वर्ग के लोगों की जबरदस्त भागीदारी थी. इस संदेश को गांव - गांव ले जाने के लिए ही जनसंवाद का कार्यक्रम हो रहा है. 

भाजपा जहां अन्य राज्यों में चुनी हुई सरकार को बेदखल कर सत्ता हथियाई रही है, वहीं इसके विपरीत बिहार में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया गया. इसकी चर्चा बिहार मॉडल के रूप में हो रही है.  बिहार मॉडल महज महागठबंधन की सरकार बनाकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना भर नहीं है. बिहार मॉडल जन आंदोलनों का मॉडल है. 

एआईपीएफ (ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम) और वकीलों के संगठन आईलाज (ऑल इंडिया लायर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस) का राज्य ढांचा गठित करने का भी निर्णय लिया गया.  इंसाफ मंच का राज्य सम्मेलन करने और आदिवासी संघर्ष मोर्चा गठित करने पर भी चर्चा हुई.



आलोक कुमार

महागठबंधन सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की लगातार कोशिश

  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित राजद नेताओं पर छापा राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित: माले


पटना.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री    राबड़ी देवी के आवास पर विगत 7 मार्च और आज सुबह से ही दिल्ली सहित राजद नेताओं के अन्य ठिकानों पर जारी सीबीआई का छापा विशुद्ध रूप से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है. हमारी पार्टी सीबीआई-ईडी के जरिए भाजपा द्वारा विपक्ष को आतंकित करने की इस तरह की कार्रवाइयों की निंदा करती है.

   


उन्होंने कहा कि बिहार में जब से भाजपा सरकार से बाहर हुई है, वह महागठबंधन सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं. हाल ही में तमिलनाडु में हिन्दी पट्टी के प्रवासी मजदूरों की हत्या की झूठी खबरों को प्रचारित-प्रसारित करने के पीछे भी भाजपाइयों का ही हाथ था. और यही भाजपाई बिहार विधानसभा के अंदर प्रवासी मजदूरों के पक्ष में बड़ी-बड़ी बातें बोल रहे थे. जबकि हमने केंद्र सरकार से बार-बार प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग करते रहे हैं, जिसे भाजपा सरकार ठुकराती रही है.

उन्होंने आगे कहा कि नौकरी के बदले लालू प्रसाद व उनके परिवार को दिए गए तथाकथित जमीन घोटाले में सीबीआई अब तक कई बार छापा मार चुकी है, लेकिन उसके हाथ कुछ भी नहीं लगा है. इससे जाहिर होता है कि ये कार्रवाइयां विशुद्ध रूप से भाजपा के इशारे पर की जा रही राजनीतिक कार्रवाइयां हैं.

      इसके पूर्व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी इसी तरह निशाना बनाया गया. देश अघोषित आपातकाल से गुजर रहा है. भाजपा के इस फासीवादी कुचक्र को तोड़ने के लिए विपक्ष की सभी ताकतों को मुस्तैद रहना होगा और एक व्यापक एकता का निर्माण करना होगा.


आलोक कुमार

गुरुवार, 9 मार्च 2023

गुलरवेद गांव में 3 लोगों की मृत्यु एवं 2 लोगों के घायल

 


गया. बुधवार की सुबह 8ः00 बजे बाराचट्टी के बुमेर पंचायत के गुलरवेद गांव में 3 लोगों की मृत्यु एवं 2 लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है.

घटना काफी दुखद है.घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थल पर टीम भेजा गया.ग्रामीणों का आरोप है कि आर्मी के फायरिंग अभ्यास के दौरान गोला गिरने से ऐसी घटना घटित हुई है.

    घटना के वास्तविक जांच के लिए ज़िला पदाधिकारी ने फॉरेंसिक टीम सहित पांच उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है तथा तत्काल सभी प्रकार के फायरिंग अभ्यास को रोकने के लिए रांची अवस्थित रेंज आवंटन पदाधिकारी को अनुरोध किया गया.

     


तत्काल प्रभावित परिवार को पारिवारिक लाभ योजना एवं कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभ दिया गया है और हर संभव सरकारी योजना से लाभ आच्छादित करने हेतु निर्देश दिया है.इलाजरत घायल लोगों के बेहतर इलाज हेतु मगध मेडिकल के अधीक्षक को निर्देश दिया गया.

       जिला पदाधिकारी ने स्वयं मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी वार्ड में इलाजरत दोनों मरीजों से मिला एवं पूरी घटना की जानकारी लिया तथा उपस्थित मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिया कि अपने निगरानी में इसका बेहतर उपचार करें. इसके पश्चात पोस्टमार्टम परिसर के समीप पहुंचकर मृत व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात किया तथा पूरी विस्तार से घटना की जानकारी लिया.जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त कराया कि प्रशासन की ओर से जनहित के लिए सभी आवश्यक कार्य करने के लिए गंभीर है. मृत व्यक्ति के परिजन को हर संभव सहायता भी दिया जाएगा.मृतक के परिजन ने बताया कि फायरिंग रेंज के बाहर में आकर गोला गिरा है, जिसके कारण उनके परिजन में 3 की मृत्यु एवं दो घायल हुए हैं.

         इस बीच बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी ने प्रखंड क्षेत्र में मिलिट्री अभ्यास क्षेत्र में फायरिंग के दौरान हो रही घटनाओं के निदान एवं पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाराचट्टी प्रखंड के बुमेर एवं दिवनियां पंचायत के पहाड़ी और सुदूरवर्ती जंगलों की तराई वाले गांव गोही , खजुराइन,गुलरवेद, उपरैली गोही, कदल,बरसुदी,धनीवान अधिक प्रभावित है.

   

वैसे अभ्यास के लिए फायरिंग मिलिट्री जवानों द्वारा डोभी प्रखंड के त्रिलोकापूर से तोप के गोले छोड़े जाते हैं जो लगभग 20 किलोमीटर दूर गोही के बीच बेंगवा पहाड़ पर आकर गिरता है.लेकिन कभी-कभी गोला गिरने के निर्धारित स्थान से हटकर गोला घनी बसावट वाले गांव एवं अगल-बगल खेतों में गिर जाता है जिससे जन माल की क्षति होती है. 1973 के बाद से अब तक लगभग 3 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.तथा कई मवेशी भी मौत के शिकार हो गए.

   विधायक ज्योति देवी ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए लिखी है कि आपदा राहत कोष से मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाए. इनके बेसहारा बच्चों को सरकार द्वारा पढ़ाई की व्यवस्था की जाए. तथा घटना के कारण पर ध्यान देते हुए इसका निदान किया जाए. फायरिंग रेंज के अंदर जो बसावट के गांव जहां ग्रामीण निवास करते हैं एवं पालतू जानवर रहते हैं उनका सरकारी व्यवस्था से मुफ्त बीमा योजना तथा श्रम निबंधन के लिए शिविर लगा प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए.

   उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह की घटना आम हो चुकी है और आगे भी इस प्रकार की घटना नहीं होगी यह कहना मुश्किल है उन्हें आज तक कोई मुआवजा नहीं मिलता है इसलिए इन घटनाओं को भी आपदा से जोड़ा जाए और सुरक्षा के सभी मापदंडों का ख्याल रखा जाए.

   विधायक ज्योति देवी ने घटना का कारण बताते हुए लिखा है कि अभ्यास के दौरान छोड़े गए गोले का मिलिट्री पदाधिकारी द्वारा मूल्यांकन न किया जाना कि विस्फोट हुआ या नहीं, गोला गिरने का चयनित जगह को घेराबंदी का नहीं होना, फायरिंग के दौरान जंगल का फायरिंग रेंज आवागमन पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं करना, चयनित जगह को चिन्हित नहीं किया जाना, फायरिंग के दौरान मिलिट्री जवानों एवं पदाधिकारियों के द्वारा फायरिंग रेंज में पेट्रोलिंग न किया जाना.एवं ग्रामीणों के बीच जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार नहीं करना बताया है.

आलोक कुमार

अंजाम देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार किया जाए

 


पटना.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ऐपवा ने बेगूसराय में 2 बच्चियों के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना की तीखी निंदा की है और मांग किया है कि घटना को अंजाम देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. बच्चियां बुरी तरह घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. बच्चियों के बेहतर इलाज का इंतजाम किया जाना जरूरी है. चार अभियुक्तों में से पुलिस ने अभी सिर्फ दो को गिरफ्तार किया है. 

          ऐपवा, बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा है कि भाजपा-आरएसएस से जुड़ा बजरंग दल समाज में किस तरह का काम करता है, यह इस घटना से स्पष्ट है. कमजोर, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति और महिलाओं के प्रति इनकी घृणा की यह अभिव्यक्ति है. इनके हिंसक घृणा अभियान में अब छोटी-छोटी बच्चियां भी चारे की तरह इस्तेमाल की जा रही हैं.

     भाकपा माले और ऐपवा की एक टीम ने  माले नेता  दिवाकर प्रसाद के नेतृत्व में घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. टीम को पीड़ितों के परिजनों ने घटना की जानकारी दी और बताया कि दिन के लगभग 3बजे मध्य विद्यालय के कैम्पस में बच्चियां झूले पर खेल रही थीं, उसी समय उन्हें उठाकर बुरी तरह मारा पीटा और फिर बलात्कार किया गया. परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि पुलिस मामले को हल्का बनाने की कोशिश करेगी. ऐपवा ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से मांग की है कि आरएसएस बजरंग दल जिस तरह पूरे बिहार में कहीं बलात्कार तो कहीं मॉबलींचिंग को अंजाम दे रहे हैं और समाज में घृणा और हिंसा फैला रहे हैं, ऐसी ताकतों के खिलाफ सख्ती से कानूनी कार्यवाही की जाए.

बिहार बीजेपी ने 45 सांगठनिक जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा

 बेतिया.बिहार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में गुरुवार को बड़े स्तर पर सांगठनिक फेरबदल किया गया. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने गुरुवार को बीजेपी के सांगठनिक 45 जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी की है. सूची में कई ऐसे नए लोग हैं जिन्हें जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है.

           बिहार बीजेपी ने 45 सांगठनिक जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी. नए जिलाध्यक्षों के चयन में सभी मानकों का ख्याल रखा गया है.वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा और उसके बाद 2025 में विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

      भारतीय जनता पार्टी ने फुलप्रूफ तैयारी करनी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में सभी 45 सांगठनिक जिलों में अपने नए जिलाध्यक्षों की तैनाती कर दी है. वैसे तो बिहार में 38 जिले हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने सुविधा अनुसार कई बड़े जिलों को दो या तीन हिस्सों में बांटकर अपना सांगठनिक जिला बनाया है. वहीं भाजपा का भी बिहार में अपना 45 सांगठनिक जिला है.

      बिहार भाजपा के तरफ से जो सूची जारी की गई है उसके मुताबिक पटना ग्रामीण धर्मेंद्र कुमार, बाढ़ अरूण कुमार, गया प्रेम कुमार चिंटू, अरवल धर्मेंद्र तिवारी, जहानाबाद अजय देव, भागलपुर संतोष साह, बांका ब्रजेश मिश्र, नवगछिया मुक्तिनाथ सिंह निषाद, लखीसराय दीपक कुमार, मुंगेर डॉ.अरूण पोद्दार, गोपालगंज संदीप गिरी उर्फ मंतु गिरी, बगहा भूपेंद्रनाथ तिवारी, बेतिया रूपक श्रीवास्तव और रक्सौल अशोक कुमार पाण्डेय जिला अध्यक्षों का मनोनयन किया गया है. इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी ने नए स्तर पर मधेपुरा दीपक कुमार, सुपौल नरेंद्र ऋषिदेव, नवादा अमित मेहता, नालंदा ई.रविशंकर प्रसाद, मुजफ्फरपुर रंजन कुमार, सीतामढ़ी मनीष कुमार, शिवहर नीरज कुमार सिंह, बेगूसराय राजीव कुमार वर्मा, खगड़िया शत्रुघ्न भगत, बक्सर विजय कुमार सिंह उर्फ भोला सिंह, छपरा रंजित सिंह, कटिहार मनोज राय, अररिया आदित्य नारायण झा, कैमूर मनोज जायसवाल, भोजपुर दुर्गा राज, पटना महानगर अभिषेक कुमार,औरंगाबाद मुकेश शर्मा,  जमुई कन्हैया कुमार सिंह , सिवान संजय पाण्डेय, मोतिहारी प्रकाश अस्थाना, ढाका राजेश तिवारीऔर शेखपुरा सुधीर कुमार बिंद,रोहतास सुशील कुमार,वैशाली प्रेम कुशवाहा,झंझारपुर ऋषिकेश राघव,मधुबनी शंकर झा,समस्तीपुर उपेंद्र कुमार, पूर्णिया राकेश कुमार ,दरभंगा जीवछ सहनी,किशनगंज सुशांत गोप और दिवाकर सिंह को जिला अध्यक्ष मनोनयन किया गया है.

    दरभंगा के जिलाध्यक्ष पर पुनः जीवछ सहनी के घोषणा पर जिला में सभी कार्यकर्ताओं खुशी व्यक्त किया.सुबह से ही उनके निजी आवास पर जाकर कार्यकर्ताओ ने बधाई दी. दरभंगा के निवर्तमान महामंत्री ज्योति कृष्ण झा लवली के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य देवेन्द्र झा ,जिला मीडिया प्रभारी अमलेश झा ने उनके घर पर जाकर मिथिला पेंटिंग ,पाग, दुपट्टा से सम्मानित कर प्रदेश नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ,प्रदेश संगठन नहामंत्री


भीखू भाई दलसनिया ,बिहार प्रभारी सह राष्ट्रीय महामंत्री बिनोद ताबड़े जी को बधाई देते हुए कहा कि जीवछ सहनी जी के अध्यक्षा में दरभंगा ने संगठन ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर बिहार में अव्वल रहा है.

      नए जिलाध्यक्षों के मनोनयन पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने प्रसन्नता व्यक्त किया है.उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नए जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में संगठन और अधिक सक्त और प्रभावी बनेगा. वहीं दूसरी ओर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सभी नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि इनके नेतृत्व में पार्टी अधिक सशक्त और प्रभावी होगी. सभी कुशलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सफल होंगे.

    भाजपा के कर्मठ और प्रखर कार्यकर्ता रूपक श्रीवास्तव को भाजपा जिला संगठन बेतिया का जिलाध्यक्ष मनोनीत होने पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी,प्रतीक एडविन शर्मा,एलेक्स लाजरूस आदि ने स्वागत किया है.वहीं बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी गयी है.बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब मंडल स्तर पर भी फेरबदल किया जा सकता है.


आलोक कुमार

रविवार, 5 मार्च 2023

पूरी तरह से कानून-व्यवस्था व पुलिस तंत्र की विफलता का नतीजा

  


बेलागंज. गया जिले व राज्य में चोर का झूठा आरोप लगाकर भीड़ हिंसा का नया पैटर्न देखने को मिल रहा है.गया जिले के बेलागंज थाना में बुधवार 22 फरवरी की रात डीहा गांव के ग्रामीणों ने चोरी के आरोप में तीन युवकों की जमकर पिटाई कर दी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई.10 दिनों के बाद शनिवार 4 मार्च को भाकपा माले का एक उच्च स्तरीय जांच टीम कुरीसराय पहुंचा और मॉब लिंचिंग के शिकार परिजनों से मुलाकात की.

  चोरी की नियत से युवक गांव में हथियार लेकर घूम रहे थे. ग्रामीणों ने जब इनसे गांव में आने की जानकारी मांगी तो ये भागने लगे. इस बीच सभी अपराधियों ने गांव वालों को डराने के लिए गोलियां भी चलाई, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ कर पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी.

   ग्रामीणों का कहना है कि लगभग आधा दर्जन युवक हथियार के साथ एक चार पहिया वाहन में आए थे, जिसमें कुछ भागने में सफल हो गए. पकड़े गए युवकों को पिटाई करने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें पुलिस के हवाले तो कर दिया, लेकिन उनमें से एक कुरीसराय निवासी मो. बाबर (28 वर्ष), पिता स्वर्गीय औरंगजेब आलम की मौत हो गई, जबकि दो को इलाज के लिए मगध मेडिकल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थित गंभीर होने के कारण दोनों आरोपियों को पटना रेफर कर दिया गया.  

     ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व एक महीना के अंदर चोरी की घटनाएं लगातार हो रही थी. दो दिन पूर्व ही एक बंद घर को चोरों ने निशाना बनाया था, जहां से लगभग पांच लाख की संपत्ति चोरी कर ली गई थी.इससे पूर्व एक ही रात में छह घरों में चोरी की घटना घटी थी. गांव वालों ने कहा कि बुधवार की रात गांव से एक बारात निकली थी. पूरा गांव सन्नाटा था. इसी दौरान किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के नियत से स्कॉर्पियो से आए आधा दर्जन से अधिक अपराधियों में तीन को पकड़कर मारपीट करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया गया. 

 गया जिले के बेलागंज प्रखंड में 22 फरवरी की रात हुए मॉब लिंचिंग की घटना के सिलसिले में शनिवार 4 मार्च को भाकपा माले का एक उच्च स्तरीय जांच टीम कुरीसराय पहुंचा और मॉब लिंचिंग के शिकार परिजनों से मुलाकात की.टीम में भाकपा माले विधायक दल के नेता बलरामपुर (कटिहार) से विधायक कामरेड महबूब आलम MLA फुलवारी विधायक गोपाल रविदास और केंद्रीय कमेटी सदस्य Kumar Parvez शामिल थे.

       माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने विगत दिनों भीड़ हिंसा के शिकार हुए बाबर के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.उन्होंने कहा कि लोगों की बातचीत से पता चला है कि हाल फिलहाल के दिनों में इलाके में अफवाहों और अफवाहों के आधार पर मॉब लिंचिंग की घटना जिले में लगातार बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है. इस मसले को बिहार विधानसभा के भीतर उठाएंगे और बिहार के मुख्यमंत्री से इस तरह की कार्रवाइयों पर अविलंब रोक लगाने की मांग करेंगे.

       वहीं गोपाल रविदास ने कहा कि जिले व राज्य में चोर का झूठा आरोप लगाकर भीड़ हिंसा का नया पैटर्न देखने को मिल रहा है.बेलागंज के कुरीसराय के तीन नौजवान इसी भीड़ हिंसा के शिकार हुए जिसमें एक मौत हो गई व दो गंभीर रुप से घायल हैं.यह पूरी तरह से कानून-व्यवस्था व पुलिस तंत्र की विफलता का नतीजा है.कभी बच्चा चोर, कभी धार्मिक नफरत तो अब चोर के नाम पर हत्या का दौर चल रहा है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे मामलों में सख्ती से निपटने की मांग की.

     वहीं टीम के साथ स्थानीय नेताओं में भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य Tarique Anwar आइसा नेता Md Sherjahan Aamir Tufail Khan व मुमताज आलम थे.

आलोक कुमार

शनिवार, 4 मार्च 2023

आदिवासी नेता महिला-पुरूषों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मािनत किया गया

 वन अधिकार व पेसा के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग से जंगल सत्याग्रह का समापन


अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने का माडल छत्तीगढ़ सरकार पेश करे- राजगोपाल पी व्ही 

धमतरी। पूरे प्रदेश से आये आदिवासियों ने वन अधिकार, पेसा और पोषण सुरक्षा की प्रमुख मांगों के साथ जंगल सत्याग्रह के सौंवे वर्ष पर आयोजित जनसभा का समापन किया। वनाधिकार और पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन आदिवासियों को मजबूत करेगा। अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने का माडल छत्तीगढ़ सरकार पेश करे। उक्त विचार एकता परिषद के संस्थापक और प्रख्यात सर्वाेदयी नेता ने सत्याग्रह के अंतिम दिन आदिवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा।


एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल पी.व्ही ने कहा कि आदिवासी जीवन की तीन महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए मांग रखी गयी है। सरकार से निवेदन करेंगे और यदि काम नहीं हुआ तो आंदोलन भी करेंगे। प्रदेश में जंगल सत्याग्रह का समारोह पांच अलग अलग हिस्सों में मनाया जायेगा।  एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार ने कहा कि इस मांग पत्र को सभी जिलों से आये प्रतिनिधि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधियों, माननीय विधायकों को भी सौंपेगे।


एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक रमेश शर्मा ने आयोजन समिति की ओर से तैयार किए गए मांग पत्र को पढ़ा जिसे सभी ने स्वीकार किया। जंगल सत्याग्रह के प्रमुख मांगों में वनाधिकार मान्यता कानून 2006 के तहत निरस्त किये गये समस्त दावो (व्यक्त्गित व सामुदायिक) का ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के स्तर पर अविलंब सुनवाई प्रांरभ करने, ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के द्वारा स्वीकृत व अनुशंसा किये गये समस्त प्रस्तावों पर (जिनको उपखण्ड व जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के द्वारा अस्वीकृत दावों) अविलम्ब कार्यवाही करते हुए पात्र दावेदारों को वनअधिकार पत्र देने, दावा से छूट गये समस्त दावेदारों के दावा पत्र की ग्राहयता के लिए व्यवस्थित अभियान चलाकर स्वीकार करने और आदिवासी व समस्त वनवासियों पर 30 दिसम्बर 2022 तक  पंजीकृत अपराध प्रकरणों को वापस लेने और जब्त की गयी उनकी समस्त सामग्रियों हल, बक्खर, कुल्हाड़ी इत्यादि को ससम्मान वापस करने, सामुदायिक निस्तार के लिए ग्राम सभा को सामुदायिक वनाधिकार देने, ग्राम सभा के हितों और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए पेसा कानून के नियम में संषोधन और सुपोषित छत्तीसगढ़ के लिए समस्त आदिवासी व वंचित व गरीब समुदाय की 15 से 49 वर्ष की महिलाओं और बालिकाओं के पोषण सुरक्षा के लिए एक हजार रूपये की पोषण सहायता राषि (मध्यप्रदेष व राजस्थान की तर्ज पर) देने की मांग की गयी है।

जंगल सत्याग्रह के अंतिम दिन प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता गौतम बंदोपाध्याय और मनरेगा के लोकपाल कृष्ण कुमार सिन्हा और स्थानीय विधायक के प्रतिनिधि लखन धुर्वे ने संबोधित किया।आयोजन समिति के सदस्यों और विभिन्न जिलों में वन अधिकार पर सत्याग्रह का नेतृत्व प्रदान करने वाले आदिवासी नेता महिला-पुरूषों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मािनत किया गया।


आलोक कुमार

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