मंगलवार, 18 जुलाई 2023

दर्दनाक हादसे में महिला समेत चार राहगीरों की मौत हो गयी

   

छावनी सुप्रिया रोड़ में तेज रफ्तार थार गाड़ी ने पांच राहगीरों को रौंद दिया


दर्दनाक हादसे में महिला समेत चार राहगीरों की मौत हो गयी


मौके पर मरने वाली महिला चुहड़ी की सपना संजय है


बेतिया.गत सोमवार को बेतिया नगर निगम के छावनी सुप्रिया रोड़ में तेज रफ्तार थार गाड़ी ने पांच राहगीरों को रौंद दिया. इस दर्दनाक हादसे में महिला समेत तीन राहगीरों की मौके पर ही मौत हो गयी. जबकि दो जख्मी हो गये हैं.इसमें चुहड़ी पल्ली की सपना संजय भी है.आज मंगलवार को चौथे की मौत हो गयी.पांचवें की हालत गंभीर बताया जा रहा है.

सोमवार को सूचना मिलने पर पुलिस ने गार्डर से टकराकर क्षतिग्रस्त हुई थार गाड़ी को कब्जे में ले लिया है. घटना के बाद  थार का चालक मौके से फरार बताया जा रहा है.जिसे बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. घटना की सूचना मिलते ही बेतिया एसपी डी अमरकेश समेत सभी सीनियर पुलिस ऑफिसर घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. हादसे में मरे तीनों शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जबकि घायलों को एसपी ने इलाज के लिए जीएमसीएच भिजवाया है. इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई है.घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों के अनुसार मनुआपुल से तेज रफ्तार थार गाड़ी बेतिया की तरफ आ रही थी, ग्रीन फील्ड स्कूल के समीप गाड़ी अनियंत्रित हो गयी और दो बाइक, एक साइकिल व दो पैदल राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया. इसके बाद खुद सर्विस लेन के गार्डर में जा टकराई.

मरने वालों में कालीबाग के समीर समेत तीन शामिल हैं.पुलिस अन्य मृतक और जख्मी की शिनाख्त का प्रयास कर रही है. मरने वालों एक हिंदू, एक मुस्लिम और तीसरा क्रिश्चियन धर्मावलम्बी थीं.स्थानीय लोगों ने बताया कि थार गाड़ी मनुआपुल के रणविजय सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है.घटना के समय गाड़ी मालिक का बेटा गाड़ी चला रहा था.

आलोक कुमार

रविवार, 16 जुलाई 2023

किसी भी कीमत पर नहीं लागू होगी समान नागरिक संहिता

  एनआईए की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी रोक लगाए सरकार


पटना.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि बिहार में किसी भी कीमत पर नहीं लागू होगी समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक प्रतिनिधिमंडल को इस बारे में आश्वस्त किया. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास में नीतीश कुमार से भेंट की। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे.

     इस प्रतिनिधिमंडल में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, मौलाना ओबैदुल्लाह असदी, मौलाना अतिकउर रहमान बस्तवी, मौलाना बद्र अहमद तथा मौलाना अनिसउर रहमान कासिमी शामिल थे.

    इसको लेकर भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य में यूसीसी लागू नहीं करने का फैसला सराहनीय है. राज्य में एनआईए की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी रोक लगाने की जरूरत है.

    उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा यूसीसी के जरिए देश में एक बार फिर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की प्रयास में है. केंद्र सरकार ने प्रस्तावित यूसीसी के स्वरूप और विषय-वस्तु के बारे में अब तक कोई ठोस प्रस्ताव भी नहीं दिया है लेकिन संघ-भाजपा का प्रचार तंत्र मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने में जुट गया है. 

    यूसीसी का जितना विरोध मुस्लिम समुदाय की ओर से हो रहा है, उससे कई ज्यादा गुना ज्यादा विरोध मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वाेत्तर के राज्यों और पूरे देश के आदिवासी समुदायों द्वारा किया जा रहा है.

    यूसीसी का एजेंडा, मुसलमानों का खलनायक करण करने और समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की व्यापक परियोजना का हिस्सा है. ‘लव जिहाद’ के विषाक्त मिथक को प्रसारित और प्रचारित किया जा रहा है तथा “मुस्लिम आबादी, हिंदुओं की आबादी से ज्यादा हो जाएगी” के निराधार और बेतुके नैरेटिव का उपयोग कर यूसीसी को स्वीकार्य बनाने की कोशिशें हो रही हैं.

     ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि सरकार के इस कुत्सित षड़यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाए. आज देश की जनता बेरोज़गारी और जीवनयापन के बढ़ते खर्च से परेशान है. यूसीसी का मुद्दा छेड़कर भाजपा इन प्रश्नों पर चर्चा से बचना चाहती है.

    भारत को आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राज्य बनाने के लक्ष्य की राह के हर रोड़े को दूर करने का प्रयास करना चाहिए और सामाजिक दमन और हिंसा पर आधारित मनु की संहिता को देश पर लादने के हर प्रयास का विरोध करना चाहिए. हम सब लैंगिक न्याय और समानता के पक्षधर हैं, लेकिन यूसीसी के बहाने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और मुसलमानों को खलनायक के रूप में प्रस्तुत करने की राजनीति के हम पूरी तरह खिलाफ हैं.

    माले राज्य सचिव ने यह भी कहा कि बिहार में तो भाजपा एनआईए के जरिए लगातार मुस्लिम समुदाय में आतंक की स्थिति पैदा किए हुए है. फुलवारीशरीफ से लेकर दरभंगा तक हर कहीं, एनआईए का आतंक जारी है. हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि वह एनआईए की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए.


आलोक कुमार

शनिवार, 15 जुलाई 2023

अपने संतान के रूप में 3.5 साल के बालक को गोद लिया

 

कनाडा से आए दंपत्ति ने बेतिया से बच्चे को गोद लिया

बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया शहर में बानुछापर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की चर्चा वैश्विक स्तर पर हो रही है. यहां रह रहे मासूम बच्चों को कई देशी एवं विदेशी दंपतियों ने गोद लिया है. इसी कड़ी में कनाडा के दंपत्ति Mr.Eric Norman dueck & Mrs.Autumn Lee Serrai dueck ने अपने संतान के रूप में 3.5 साल के बालक को गोद लिया.बच्चे को पाकर कनाडा के दंपत्ति के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा.

मौके पर उपस्थित श्री अनिल कुमार, डी0डी0सी0, श्री राजीव कुमार सिंह ए0डी0एम0, श्री विनोद कुमार एस0डी0एम0, पश्चिम चंपारण बच्चे के उज्जवल भविष्य की कामना किए.

संस्थान में बच्चों को गोद लेते समय केक काटकर जन्मदिन मनाते हुए खुशी मनाई जाती है और उज्जवल भविष्य की कामना किया जाता है. इस बालक  का भी दत्तक ग्रहण इसी प्रकार मनाया गया. डीडीसी महोदय ने बालक का दत्तक ग्रहण आदेश एवं जन्म प्रमाण पत्र को सौंप दिया.

सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ने बताया कि इस बच्चियों को गोद देने के बाद अब तक 16 बच्चे देश के बाहर के दंपतियों के द्वारा गोद लिया गया. 2018 से अब तक कुल 35 बच्चे देश एवं विदेश के दंपतियों द्वारा गोद लिए गए हैं.


आलोक कुमार


 

शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

समान नागरिक संहिता पर लोकतांत्रिक जन पहल का स्टैंड

 समान नागरिक संहिता पर लोकतांत्रिक जन पहल का स्टैंड 


लोकतांत्रिक जन पहल का मानना है कि समान नागरिक संहिता न तो जरूरी है और न अपेक्षित। इसलिए केन्द्र में काबिज मौजूदा भाजपा सरकार जिस तरीके से इस मामले को लाना चाह रही है उससे स्पष्ट है कि उसकी मंशा इस बहाने अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों को नीचा दिखाते हुए निशाना बनाना है और आगामी लोकसभा चुनाव में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर ख़ासकर मुसलमानों के खिलाफ घृणा और नफ़रत फैला कर हिंन्दु वोट बैंक बनाना है। लोकतांत्रिक जन पहल भाजपा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस रवैये की घोर निंदा और विरोध करता है।

हमारा संविधान और लोकतंत्र पर्सनल लॉ की इजाजत देता है। इसलिए ये कानून कहीं से भी संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ नहीं है।हमारे संविधान निर्माताओं ने समान नागरिक संहिता को नीति निर्देशक तत्व के तहत रखना उचित समझा। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशील थे और सत्ता के जबरन हस्तक्षेप के खिलाफ थे। समान नागरिक संहिता का विरोध केवल मुस्लिम समाज के इदारे ही नहीं कर रहे हैं बल्कि आदिवासी, क्रिश्चियन और प्रगतिशील समूहों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं। यह एक भारी गलतफहमी है कि समान नागरिक संहिता का हिंन्दु समुदायों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ने वाला है। हमारे देश में विशेष कर दक्षिण भारत में अनेक हिन्दू समुदाय हैं जिनकी अपनी अलग - अलग धार्मिक - सांस्कृतिक परंपराएं हैं वे भी इसका प्रबल विरोध कर रहे हैं।

 हमारा स्पष्ट मानना है कि यह मुद्दा भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों की पहचान और संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला करने के उद्देश्य से करती है। भाजपा अपने बचाव में अक्सर कहती है कि यह मुद्दा संविधान के नीति निर्देशक तत्व में है। लेकिन सवाल है कि नीति निर्देशक तत्व में तो सबको रोजगार मुहैया कराने और समान काम के लिए समान वेतन देने की बात कही गई है। इस पर मोदी सरकार चुप्पी साधे रहती है। नीति निर्देशक तत्व के तहत केंद्र सरकार की यह भी जबाबदेही है कि देश के संसाधनों का केंद्रीकरण किसी व्यक्ति व समूह के हाथों में न हो। लेकिन हम जानते हैं कि नरेंद्र मोदी किस तरह खुलेआम इस संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन करते हुए अडाणी अंबानी को देश की संपत्ति हवाले कर रहे हैं। इसलिए हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता के मामले को उछालने के पीछे आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हिंन्दुओं में साम्प्रदायिक भावना फैलाकर हिंन्दु वोट बैंक बनाना है।

हमारा मानना है कि समान नागरिक संहिता पर 21 वें विधि आयोग की रिपोर्ट लोकतांत्रिक और विविधतापूर्ण सांस्कृतिक मूल्यों प्रति सावधान है। विविधता और फरक का अर्थ भेदभावपूर्ण और शोषणकारी नहीं होता है। इसलिए अलग-अलग पर्सनल लॉ होने का मतलब भेदभावपूर्ण और शोषणकारी होना नहीं होता है।हमारे संविधान की धारा 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। हमारे देश में अनेक आदिवासी और धार्मिक समुदाय हैं जिनकी अपनी- अपनी धार्मिक और सामाजिक परंपराएं हैं। भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी समान नागरिक संहिता को लेकर जो वैचारिक अभियान चला रहे हैं उससे स्पष्ट है कि वे हमारी विविधतापूर्ण संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ हैं। वे गैरहिंन्दु और आदिवासियों को निशाना बनाकर हिंन्दु वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।इस प्रकार का आग्रह देश की एकता और भौगोलिक अखंडता की दृष्टि से भी सही नहीं है। धार्मिक सामाजिक संस्कृति और परंपराएं चेतना के स्तर पर इतनी गहरी और संवेदनशील होती हैं कि उसमें बदलाव केवल राज्य सत्ता की ताकत से करना विनाशकारी होगा।इसके लिए जरूरी है कि समुदायों के अंदर बदलाव की शुरुआत हो, आवाज उठे।हमारा संविधान और लोकतंत्र धर्म के नाम पर भेदभाव और शोषण की इजाजत नहीं देता। लेकिन साथ- साथ  बहुसंख्यक समुदाय के द्वारा संख्या बल के आधार पर मनमाने तरीके से अपना फैसला लादने से भी अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। विभिन्न समुदायों के पर्सनल लॉ में जो सकारात्मक प्रावधान हैं उसे सुरक्षित रखते हुए पर्सनल लॉ में सामाजिक सुधार की दृष्टि से संशोधन समुदायों को  विश्वास में लेकर सार्वजनिक स्तर पर व्यापक राजनीतिक सहमति के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

सत्य नारायण मदन, संयोजक

लोकतांत्रिक जन पहल, बिहार के द्वारा जारी

15वीं वित्त आयोग की राशि से कराए गए कार्य का भुगतान नहीं

  द्वितीय अपील की सुनवाई के क्रम में कार्य में कोताही बरतने वाले सीओ एवं आरओ पर जिलाधिकारी ने लगाया 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड


गया. ’लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 द्वितीय अपील के तहत ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुल 50 मामलों की सुनवाई की गई.’  

फक्कड़ मांझी, गया द्वारा अतिक्रमणमुक्त कराने के संबंध के आवेदन दिया गया था. आज सुनवाई में सीओ नगर द्वारा प्रश्नगत भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराने के कारण जिलाधिकारी ने 5000 का अर्थदण्ड अधिरोपित किया.

चंदन कुमार पासवान, बोधगया द्वारा परिमार्जन वाद से संबंधी शिकायत दर्ज किया गया. आज सुनवाई के क्रम में बोधगया के सीओ और आरओ अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने दोनो पदाधिकारियों पर 5-5 हजार रुपए का दंड लगाया गया.

 बाल गंगाधर, बाराचट्टी द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में वाद दायर किया गया.आज सुनवाई में बाराचट्टी सीओ और आरओ अनुपस्थित पाए गए, जिस कारण जिलाधिकारी द्वारा 5000-5000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया.

संतोष कुमार केसरी, मोहनपुर ने शिकायत किया की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा रहा है. जिलाधिकारी द्वारा आज सुनवाई में सीओ मोहनपुर पर 5000 का अर्थदंड लगाया गया.

सुरेंद्र यादव, वजीरगंज द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत दर्ज किया गया. डीएम ने निदेशक डीआरडीए को उक्त मामले का स्थलीय जांच करने के लिए निर्देश दिया.

विनोद शर्मा, खिजरसराय द्वारा 15वीं वित्त आयोग की राशि से कराए गए कार्य का भुगतान नहीं करने के संबंध में आवेदन दिया गया, जिसमें डीएम ने बीपीआरओ खिजरसराय को निर्देश दिया की एमबी के अनुसार कराए गए कार्य का भुगतान करना सुनि
श्चित करेंगे.

राजकुमार, गोदावरी, गया द्वारा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में शिकायत दर्ज किया गया.जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, गया नगर निगम को उक्त भूमि का जांच करते हुए जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. आज सुनवाई में नगर आयुक्त द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने सीओ नगर को प्रश्नगत भूमि को 15 दिनों के अंदर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया.


आलोक कुमार


गुरुवार, 13 जुलाई 2023

शिक्षकों के मुद्दे पर व्यर्थ नहीं जाएगा भाजपा कार्यकर्ता का बलिदान

  * लाठी में तेल पिलाने वालों की संगत में नीतीश, बर्बर हुई पुलिस

* शिक्षकों के मुद्दे पर व्यर्थ नहीं जाएगा भाजपा कार्यकर्ता का बलिदान

*  पटना की सड़कों पर लोकतंत्र लहूलुहान हुआ

पटना . पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति, 10 लाख युवाओं की सरकारी नौकरी पर विश्वासघात, शासन में भ्रष्टाचार और चौपट कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे पर शांतिपूर्ण ढंग से संचालित विधानसभा मार्च पर बर्बर लाठीचार्ज कर एक कार्यकर्ता की जान लेना और दर्जनों लोगों को बुरी तरह जख्मी करना निंदनीय है. क्या यही लोकतंत्र है नीतीश कुमार जी ?

श्री मोदी ने कहा कि प्रदर्शन करने के अधिकार को लाठी के बल पर रौंदने वाली सरकार किस मुँह से लोकतंत्र बचाने की बात करती है ? उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग के समर्थन में भाजपा के जहानाबाद जिला महामंत्री विजय कुमार सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. इसके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.

श्री मोदी ने कहा कि लाठी में तेल पिलाने वालों की संगत में आकर नीतीश कुमार ने पुलिस को निरंकुश और हिंसक बना दिया है.उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर भाजपा के सैंकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, संघर्ष किया और लाठी खाई, उसे विधान मंडल में भी पूरी ताकत से उठाया गया. अब हम ये मामला जनता की अदालत में भी ले जाएँगे.


आलोक कुमार

श्रद्धा से याद किये गए पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र बाबू

 


श्रद्धा से याद किये गए पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र बाबू


कांग्रेस ने मनाई पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र बाबू की 107वीं जयंती

पटना. बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सत्येन्द्र नारायण सिन्हा की 107वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई. इस दौरान उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई.

बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जयंती कार्यक्रम में डॉ. सिंह  ने कहा कि बिहार को विकास के राह पर अग्रसर करने के लिए सत्येंद्र बाबू ने असीमित प्रयास किये. उनके द्वारा बिहार में उद्योग कारखानों के स्थापना को लेकर दूरदर्शी सोच थी, जिसे उन्होंने मूर्त रूप दिया। बिहार के राजनीतिक इतिहास के नायक के रूप में उन्हें आज भी याद किया जाता है. उन्होंने सत्येंद्र बाबू को कांग्रेस के आदर्श पुरुष की संज्ञा दी और कहा कि उनके बताए रास्तों पर चलना होगा.

     सत्येंद्र बाबू के 107वीं जयंती के अवसर बिहार प्रभारी श्री भक्त चरण दास, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, बिहार सरकार के मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, , विधायक अजित शर्मा, विधान पार्षद डॉ. समीर कुमार सिंह, छत्रपति यादव, ब्रजेश प्रसाद मुनन, मिडिया चेयरमैन, राजेश राठौड़, निर्मल वर्मा, प्रवक्ता आनंद माधव, लाल बाबू लाल, प्रमोद कुमार सिंह, उमेश कुमार राम, डॉ. पुरुषोत्तम मिश्रा, मंजीत आनंद साहू, अरविन्द लाल रजक, कुमार आशीष, उदय शंकर पटेल, इरशाद हुसैन, प्रमोद राय, मोहम्मद फैसल, सिद्धार्थ क्षत्रिय, सत्येन्द्र बहादुर, अखिलेश्वर  सिंह, राजनन्दन कुमार, राकेश कुमार सिन्हा, रुमा सिंह, प्रवीन यादव, प्रतिमा कुमारी, विवेकानंद सिंह, ई. कमलेश मंडल संतोष कुमार चंद्रवंशी, बृजनंदन यादव, रंजीत कुमार सत्येंद्र पासवान, सहित दर्जनों नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहें.


आलोक कुमार


 



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