बुधवार, 19 जुलाई 2023

वर्षापात का सही आंकड़ा सही तरीके से संधारित करें पदाधिकारी

 * वर्षापात का सही आंकड़ा सही तरीके से संधारित करें पदाधिकारी

* नहरों से पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश 

* फसलों के आच्छादन पर सतत निगरानी रखें 

गया। जिला पदाधिकारी, गया की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक समाहरणालय सभाकक्ष, गया में सम्पन्न हुई। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि माह जुलाई में 288.90 मि०मी० के विरुद्ध अभी तक 125.45 मिमी वर्षा हुई है। खरीफ मौसम में माह जून एवं जूलाई में कुल वर्षापात 429.60 मि०मी के विरुद्ध 163.95 मि०मी वर्षा हुई है। सबसे अधिक टिकारी प्रखंड में वर्षा हुई है। 

   जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि माह जून के अन्तिम सप्ताह से वर्षा की स्थिति सामान्य रही है जिससे किसानों के द्वारा बिचड़ा गिरा लिया गया है। परन्तु अभी तक धान की रोपनी के लिए पर्याप्त वर्षा नही हुई है, जिससे जिले में धान की रोपनी कार्य प्रभावित है। जिले में धान आच्छादन का लक्ष्य 190186.60 हे० है जिसके विरुद्ध लगभग 3603 हे० में धान रोपनी हुई है। सबसे ज्यादा टिकारी प्रखंड में 1046 हेक्टेयर में धान की रोपनी हुई है। यह रोपनी सोन उच्च स्तरीय नहर से प्राप्त होने वाली सिंचाई सुविधा से हुई है।

   जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रखंडवार रोपनी की वास्तविक स्थिति का जायजा क्षेत्रवार निरीक्षण कर प्राप्त करें साथ ही निरीक्षण के दौरान किसानों से रोपनी में आने वाली समस्याओं की हर हाल में जानकारी लें।उन्होंने कहा कि आज से ही अपने सभी कृषि विभाग के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ,कृषि समन्वयक सहित अन्य तमाम कृषि से जुड़े पदाधिकारियों को उनके क्षेत्र में भेज कर किसानों रूबरू होते हुए रोपनी में क्या समस्याएं हैं पानी की क्या समस्या है इत्यादि के बारे में विस्तार से जांच करेंगे। 

      जिला पदाधिकारी ने विभिन्न प्रमंडल अंतर्गत नहरों, तालाबों, नदियों में पानी की स्थिति की पृच्छा की गयी। सोन उच्च स्तरीय नहर प्रमंडल, टिकारी ने बताया कि उनके नहर में पानी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है जिससे टिकारी एवं कोच तक के किसानों को पानी का लाभ मिल रहा है। सोन उच्चस्तरीय कुर्था प्रमंडल ने बताया कि 12 जुलाई से उनके नहर में पानी प्रवाहित हो रहा है, अगले 1 सप्ताह में रोपनी काफी तेजी से कार्य होगा।

   कार्यपालक अभियंता, तिलैया ढ़ाढ़र नहर प्रमंडल, वजीरगंज ने बताया कि उनके प्रमंडल अन्तर्गत महुयेन नहर में 20 किलोमीटर के एवज में मात्र 8 किलोमीटर में पानी पहुँचा है। मोराताल बतसपुर में पर्याप्त पानी का बहाव है। कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल ने बताया कि लीलांजन सिंचाई परियोजना के तहत मुख्य नहर में 27.5 किलोमीटर के एवज में मात्र 16 किलोमीटर कैनाल में पानी पहुँचा है। 

    मोरहर नदी में जल स्त्राव नहीं होने के कारण अपर मोरहर एवं लोअर मोरहर नहर में पानी नहीं पहुँचा है। सभी सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक/सहायक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने प्रमंडल से संबंधित जलाशयों में उपलब्ध पानी का अधिकतम सदुपयोग करते हुए किसानों को अधिकतम सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएं ताकि किसानों को रोपनी कार्य में सहायता मिल सके। कार्यपालक अभियंता विद्युत गाँव में अधिकतम अवधि तक बिजली उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित करायेंगे।


आलोक कुमार

फादर हरमन रफाएल के द्वारा पवित्र मिस्सा किया गया

  




चुहड़ी. चुहड़ी पल्ली की रहने वाली थी सपना  संजय. बता दें कि सोमवार 17 जुलाई को सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई. कल 18 जुलाई को 11ः00 बजे दिन में उनका अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज से किया गया.आज 19 जुलाई की शाम 5ः00 बजे  उनकी आत्मा की शांति के लिए घर में  पवित्र मिस्सा आयोजित की गयी.

  चुहड़ी पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हरमन रफाएल के द्वारा पवित्र मिस्सा किया गया. फादर ने अपने  उपदेश में कहा  की  यह मृत्यु की कोई उम्र नहीं है. ईश्वर उनके बच्चों और उनके परिवार को ढांढस  बंधाए. बच्चे अभी मासूम है, यह उनके लिए अपूर्ण क्षति है. उन्हें इस परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए काफी समय लगेगा. ईश्वर  इनके बच्चों को हमेशा अपनी छत्रछाया में रखें उन्हें कभी भी  मां की कमी महसूस होने ना दें.


आकाश सेंसिल

मंगलवार, 18 जुलाई 2023

सपना संजय का अंतिम संस्कार किया गया



 सपना संजय का अंतिम संस्कार किया गया

बेतिया.सोमवार की शाम 08ः00 बजे सड़क दुर्घटना में चुहड़ी पल्ली में स्थित लोयला  मिशन स्कूल में मिड डे मिल (एमडीएम) में खाना बनाने वाली सपना संजय की मौत थार गाड़ी की टक्कर में हो गई.बेतिया नगर निगम के छावनी सुप्रिया रोड़ में तेज रफ्तार से दौड़ती थार गाड़ी ने पांच राहगीरों को रौंद दिया. इस दर्दनाक हादसे में महिला समेत तीन राहगीरों की मौके पर ही मौत हो गयी. जबकि दो जख्मी हो गये हैं.

  आज मंगलवार को ईसाई धर्म रीति से सपना संजू का अंतिम संस्कार किया गया.अपने पीछे बिलखते परिवार को छोड़ गयी.मां की छाया में पलने वाले दोनों बच्चों का हाल बेहाल हो गया.

 बता दें कि सपना संजय की शादी वर्ष 2015 में संजय विजय बेंजामिन के साथ हुई थी.दोनों के दो पुत्र हैं. एक बच्चा तीसरी क्लास में पढ़ता है और दूसरा छोटा है. सपना संजय के पति देहरादून में काम करते हैं.खुद सपना संजय लोयला मिशन स्कूल में एमडीएम का खाना बनाती थी.

   यहां के चर्च स्व.फादर जोसेफ मार्टिन ने बनाया है. इस चर्च में सपना संजय के पार्थिव शरीर को रखकर सहायक पल्ली पुरोहित फादर मनोज तिर्की ने अंतिम बार मिस्सा किया.मौके पर फादर तिर्की ने अपने उपदेश में कहा कि सपना संजय के दो बच्चे हैं.उनकी जिम्मेवारी पिता संजय विजय बेंजामिन के मजबूत कंधे पर आ गया है. उन्होंने मां से बिछुड़ने वाले दोनों बच्चों की उज्जवल भविष्य की कामना की और ईश्वर से प्रार्थना की उनके बच्चे सदा स्वस्थ और सुखी रहे.वारदात की जांच करने माननीय विधायक उमाकांत सिंह भी  पहुंचे.

विक्की विक्टर लिखते हैं कि कल जब फेसबुक मैसेज मिला. तो कितनों ने घटनास्थल पर जाकर प्रदर्शन किया.आज जाकर प्रदर्शन किए हैं.जिन तीन लोगों की मौत हुई हैं. उनमें से एक हिंदू एक मुस्लिम और तीसरा क्रिश्चियन धर्मावलम्बी है.जो कि अब इस दुनिया में नहीं है. दो लोगों की पहचान रात में कर ली गयी. जबकि तीसरे के लोगों का पता सुबह में हुआ. क्योंकि वहां तीसरा धर्म और कोई नहीं क्रिश्चियन थी जोकि महज आधा किलोमीटर की दूरी पर है हमारे बिशप हाउस है. आधे किलोमीटर की दूरी पर क्रिश्चियन कॉलोनी है जो कि क्रिश्चियन क्वार्टर के नाम से जाना जाता है. 2 किलोमीटर की दूरी है.पादरी दुसैया के नाम से जाना जाता है. किसी ने भी यह हिम्मत ना कि जब न्यूज़ मिला एक बार जाकर देख ले ताकि उसी समय किसी अपने का पहचान हो सके. इसके आगे क्या बोलना है सभी को ही को पता हो गया होगा मैं क्या बोलना चाह रहा हूं.


आलोक कुमार

दर्दनाक हादसे में महिला समेत चार राहगीरों की मौत हो गयी

   

छावनी सुप्रिया रोड़ में तेज रफ्तार थार गाड़ी ने पांच राहगीरों को रौंद दिया


दर्दनाक हादसे में महिला समेत चार राहगीरों की मौत हो गयी


मौके पर मरने वाली महिला चुहड़ी की सपना संजय है


बेतिया.गत सोमवार को बेतिया नगर निगम के छावनी सुप्रिया रोड़ में तेज रफ्तार थार गाड़ी ने पांच राहगीरों को रौंद दिया. इस दर्दनाक हादसे में महिला समेत तीन राहगीरों की मौके पर ही मौत हो गयी. जबकि दो जख्मी हो गये हैं.इसमें चुहड़ी पल्ली की सपना संजय भी है.आज मंगलवार को चौथे की मौत हो गयी.पांचवें की हालत गंभीर बताया जा रहा है.

सोमवार को सूचना मिलने पर पुलिस ने गार्डर से टकराकर क्षतिग्रस्त हुई थार गाड़ी को कब्जे में ले लिया है. घटना के बाद  थार का चालक मौके से फरार बताया जा रहा है.जिसे बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. घटना की सूचना मिलते ही बेतिया एसपी डी अमरकेश समेत सभी सीनियर पुलिस ऑफिसर घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. हादसे में मरे तीनों शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जबकि घायलों को एसपी ने इलाज के लिए जीएमसीएच भिजवाया है. इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई है.घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों के अनुसार मनुआपुल से तेज रफ्तार थार गाड़ी बेतिया की तरफ आ रही थी, ग्रीन फील्ड स्कूल के समीप गाड़ी अनियंत्रित हो गयी और दो बाइक, एक साइकिल व दो पैदल राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया. इसके बाद खुद सर्विस लेन के गार्डर में जा टकराई.

मरने वालों में कालीबाग के समीर समेत तीन शामिल हैं.पुलिस अन्य मृतक और जख्मी की शिनाख्त का प्रयास कर रही है. मरने वालों एक हिंदू, एक मुस्लिम और तीसरा क्रिश्चियन धर्मावलम्बी थीं.स्थानीय लोगों ने बताया कि थार गाड़ी मनुआपुल के रणविजय सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है.घटना के समय गाड़ी मालिक का बेटा गाड़ी चला रहा था.

आलोक कुमार

रविवार, 16 जुलाई 2023

किसी भी कीमत पर नहीं लागू होगी समान नागरिक संहिता

  एनआईए की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी रोक लगाए सरकार


पटना.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि बिहार में किसी भी कीमत पर नहीं लागू होगी समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक प्रतिनिधिमंडल को इस बारे में आश्वस्त किया. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास में नीतीश कुमार से भेंट की। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे.

     इस प्रतिनिधिमंडल में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, मौलाना ओबैदुल्लाह असदी, मौलाना अतिकउर रहमान बस्तवी, मौलाना बद्र अहमद तथा मौलाना अनिसउर रहमान कासिमी शामिल थे.

    इसको लेकर भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य में यूसीसी लागू नहीं करने का फैसला सराहनीय है. राज्य में एनआईए की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी रोक लगाने की जरूरत है.

    उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा यूसीसी के जरिए देश में एक बार फिर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की प्रयास में है. केंद्र सरकार ने प्रस्तावित यूसीसी के स्वरूप और विषय-वस्तु के बारे में अब तक कोई ठोस प्रस्ताव भी नहीं दिया है लेकिन संघ-भाजपा का प्रचार तंत्र मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने में जुट गया है. 

    यूसीसी का जितना विरोध मुस्लिम समुदाय की ओर से हो रहा है, उससे कई ज्यादा गुना ज्यादा विरोध मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वाेत्तर के राज्यों और पूरे देश के आदिवासी समुदायों द्वारा किया जा रहा है.

    यूसीसी का एजेंडा, मुसलमानों का खलनायक करण करने और समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की व्यापक परियोजना का हिस्सा है. ‘लव जिहाद’ के विषाक्त मिथक को प्रसारित और प्रचारित किया जा रहा है तथा “मुस्लिम आबादी, हिंदुओं की आबादी से ज्यादा हो जाएगी” के निराधार और बेतुके नैरेटिव का उपयोग कर यूसीसी को स्वीकार्य बनाने की कोशिशें हो रही हैं.

     ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि सरकार के इस कुत्सित षड़यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाए. आज देश की जनता बेरोज़गारी और जीवनयापन के बढ़ते खर्च से परेशान है. यूसीसी का मुद्दा छेड़कर भाजपा इन प्रश्नों पर चर्चा से बचना चाहती है.

    भारत को आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राज्य बनाने के लक्ष्य की राह के हर रोड़े को दूर करने का प्रयास करना चाहिए और सामाजिक दमन और हिंसा पर आधारित मनु की संहिता को देश पर लादने के हर प्रयास का विरोध करना चाहिए. हम सब लैंगिक न्याय और समानता के पक्षधर हैं, लेकिन यूसीसी के बहाने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और मुसलमानों को खलनायक के रूप में प्रस्तुत करने की राजनीति के हम पूरी तरह खिलाफ हैं.

    माले राज्य सचिव ने यह भी कहा कि बिहार में तो भाजपा एनआईए के जरिए लगातार मुस्लिम समुदाय में आतंक की स्थिति पैदा किए हुए है. फुलवारीशरीफ से लेकर दरभंगा तक हर कहीं, एनआईए का आतंक जारी है. हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि वह एनआईए की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए.


आलोक कुमार

शनिवार, 15 जुलाई 2023

अपने संतान के रूप में 3.5 साल के बालक को गोद लिया

 

कनाडा से आए दंपत्ति ने बेतिया से बच्चे को गोद लिया

बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया शहर में बानुछापर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की चर्चा वैश्विक स्तर पर हो रही है. यहां रह रहे मासूम बच्चों को कई देशी एवं विदेशी दंपतियों ने गोद लिया है. इसी कड़ी में कनाडा के दंपत्ति Mr.Eric Norman dueck & Mrs.Autumn Lee Serrai dueck ने अपने संतान के रूप में 3.5 साल के बालक को गोद लिया.बच्चे को पाकर कनाडा के दंपत्ति के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा.

मौके पर उपस्थित श्री अनिल कुमार, डी0डी0सी0, श्री राजीव कुमार सिंह ए0डी0एम0, श्री विनोद कुमार एस0डी0एम0, पश्चिम चंपारण बच्चे के उज्जवल भविष्य की कामना किए.

संस्थान में बच्चों को गोद लेते समय केक काटकर जन्मदिन मनाते हुए खुशी मनाई जाती है और उज्जवल भविष्य की कामना किया जाता है. इस बालक  का भी दत्तक ग्रहण इसी प्रकार मनाया गया. डीडीसी महोदय ने बालक का दत्तक ग्रहण आदेश एवं जन्म प्रमाण पत्र को सौंप दिया.

सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ने बताया कि इस बच्चियों को गोद देने के बाद अब तक 16 बच्चे देश के बाहर के दंपतियों के द्वारा गोद लिया गया. 2018 से अब तक कुल 35 बच्चे देश एवं विदेश के दंपतियों द्वारा गोद लिए गए हैं.


आलोक कुमार


 

शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

समान नागरिक संहिता पर लोकतांत्रिक जन पहल का स्टैंड

 समान नागरिक संहिता पर लोकतांत्रिक जन पहल का स्टैंड 


लोकतांत्रिक जन पहल का मानना है कि समान नागरिक संहिता न तो जरूरी है और न अपेक्षित। इसलिए केन्द्र में काबिज मौजूदा भाजपा सरकार जिस तरीके से इस मामले को लाना चाह रही है उससे स्पष्ट है कि उसकी मंशा इस बहाने अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों को नीचा दिखाते हुए निशाना बनाना है और आगामी लोकसभा चुनाव में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर ख़ासकर मुसलमानों के खिलाफ घृणा और नफ़रत फैला कर हिंन्दु वोट बैंक बनाना है। लोकतांत्रिक जन पहल भाजपा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस रवैये की घोर निंदा और विरोध करता है।

हमारा संविधान और लोकतंत्र पर्सनल लॉ की इजाजत देता है। इसलिए ये कानून कहीं से भी संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ नहीं है।हमारे संविधान निर्माताओं ने समान नागरिक संहिता को नीति निर्देशक तत्व के तहत रखना उचित समझा। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशील थे और सत्ता के जबरन हस्तक्षेप के खिलाफ थे। समान नागरिक संहिता का विरोध केवल मुस्लिम समाज के इदारे ही नहीं कर रहे हैं बल्कि आदिवासी, क्रिश्चियन और प्रगतिशील समूहों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं। यह एक भारी गलतफहमी है कि समान नागरिक संहिता का हिंन्दु समुदायों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ने वाला है। हमारे देश में विशेष कर दक्षिण भारत में अनेक हिन्दू समुदाय हैं जिनकी अपनी अलग - अलग धार्मिक - सांस्कृतिक परंपराएं हैं वे भी इसका प्रबल विरोध कर रहे हैं।

 हमारा स्पष्ट मानना है कि यह मुद्दा भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों की पहचान और संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला करने के उद्देश्य से करती है। भाजपा अपने बचाव में अक्सर कहती है कि यह मुद्दा संविधान के नीति निर्देशक तत्व में है। लेकिन सवाल है कि नीति निर्देशक तत्व में तो सबको रोजगार मुहैया कराने और समान काम के लिए समान वेतन देने की बात कही गई है। इस पर मोदी सरकार चुप्पी साधे रहती है। नीति निर्देशक तत्व के तहत केंद्र सरकार की यह भी जबाबदेही है कि देश के संसाधनों का केंद्रीकरण किसी व्यक्ति व समूह के हाथों में न हो। लेकिन हम जानते हैं कि नरेंद्र मोदी किस तरह खुलेआम इस संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन करते हुए अडाणी अंबानी को देश की संपत्ति हवाले कर रहे हैं। इसलिए हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता के मामले को उछालने के पीछे आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हिंन्दुओं में साम्प्रदायिक भावना फैलाकर हिंन्दु वोट बैंक बनाना है।

हमारा मानना है कि समान नागरिक संहिता पर 21 वें विधि आयोग की रिपोर्ट लोकतांत्रिक और विविधतापूर्ण सांस्कृतिक मूल्यों प्रति सावधान है। विविधता और फरक का अर्थ भेदभावपूर्ण और शोषणकारी नहीं होता है। इसलिए अलग-अलग पर्सनल लॉ होने का मतलब भेदभावपूर्ण और शोषणकारी होना नहीं होता है।हमारे संविधान की धारा 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। हमारे देश में अनेक आदिवासी और धार्मिक समुदाय हैं जिनकी अपनी- अपनी धार्मिक और सामाजिक परंपराएं हैं। भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी समान नागरिक संहिता को लेकर जो वैचारिक अभियान चला रहे हैं उससे स्पष्ट है कि वे हमारी विविधतापूर्ण संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ हैं। वे गैरहिंन्दु और आदिवासियों को निशाना बनाकर हिंन्दु वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।इस प्रकार का आग्रह देश की एकता और भौगोलिक अखंडता की दृष्टि से भी सही नहीं है। धार्मिक सामाजिक संस्कृति और परंपराएं चेतना के स्तर पर इतनी गहरी और संवेदनशील होती हैं कि उसमें बदलाव केवल राज्य सत्ता की ताकत से करना विनाशकारी होगा।इसके लिए जरूरी है कि समुदायों के अंदर बदलाव की शुरुआत हो, आवाज उठे।हमारा संविधान और लोकतंत्र धर्म के नाम पर भेदभाव और शोषण की इजाजत नहीं देता। लेकिन साथ- साथ  बहुसंख्यक समुदाय के द्वारा संख्या बल के आधार पर मनमाने तरीके से अपना फैसला लादने से भी अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। विभिन्न समुदायों के पर्सनल लॉ में जो सकारात्मक प्रावधान हैं उसे सुरक्षित रखते हुए पर्सनल लॉ में सामाजिक सुधार की दृष्टि से संशोधन समुदायों को  विश्वास में लेकर सार्वजनिक स्तर पर व्यापक राजनीतिक सहमति के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

सत्य नारायण मदन, संयोजक

लोकतांत्रिक जन पहल, बिहार के द्वारा जारी

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