सोमवार, 31 जुलाई 2023

पटना में अपराधी में खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं

 पटना में शूटर्स ने पार्षद पति पर बरसाईं गोलियां, यू टर्न पर घात लगाकर बैठे थे बदमाश; देखते ही ताबड़तोड़ 5 फायर किए, हालत गंभीर....

पटना.बिहार सरकार एक तरफ जहां कानून व्यवस्था को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही हैं. वहीं, राज्य की राजधानी पटना में अपराधी में खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. इसी कड़ी में पटना में दीघा इलाके में पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया नीलेश यादव को गोली मारकर घायल कर दिया.पहले उनको कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में लाया गया परंतु यहां के चिकित्सकों ने रूबन हॉस्पिटल में रेफर कर दिया.

    सोमवार सुबह शूटर्स ने पटना नगर निगम के वार्ड 22-बी की पार्षद सुचित्रा सिंह के पति नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया पर गोलियां बरसाईं.वो अपनी कार में ही बैठे थे और उन पर अपराधियों ने बैक टू बैक 5 गोलियां चला दीं. जो उनकी कनपटी, गर्दन और सीने में लगी है.

उनकी हालत बेहद गंभीर है. पहले इलाज के लिए उन्हें कुर्जी के होली फैमिली हॉस्पिटल में ले जाया गया. थोड़ी देर बाद उन्हें पाटिलपुत्रा इलाके के एक बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल रूबन में बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया. जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है.परंतु खतरे से बाहर बताया जाता है.

  हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें नीलेश मुखिया की कार के पीछे-पीछे दो बाइक पर अपराधी आते दिख रहे हैं. कार जैसे ही यू टर्न पर मुड़ने के लिए स्लो होती है, अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग कर देते हैं.

    डीएसपी नुरुल हक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व मुखिया नीलेश यादव को चार से अधिक गोली मारी गई है. जो गर्दन, छाती, पेट, कंधे और पैर में लगी है.एफएसएल, डायल 100 और सेल की टीम काम कर रही है।.कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है.

माना और बताया जाता है कि कुर्जी इलाके में नीलेश मुखिया का काफी दबदबा है. हाल में वसूली को लेकर आपसी रंजिश में उनका निशाना बनाया गया है. दरअसल मरीन ड्राइव पर हजारों की संख्या में इस वक्त दुकानें लगाई जा रही हैं. जिस पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है. मरीन ड्राइव या गंगा पथ का अतिक्रमण कर यहां दुकानें ताकत के दम पर लगवाई जा रही. जिसका नतीजा है कि अब वसूली को लेकर आपराधिक घटनाएं घटती नजर आ रही.

  उन पर मारपीट का मुकदमा भी दर्ज है. इस मामले में दीघा पुलिस ने नीलेश मुखिया पर एफआईआर भी दर्ज की है. इससे पहले निलेश मुखिया पर शराब के अवैध धंधे का भी आरोप लगा है. शराब के अवैध धंधे का आरोप नवंबर 2021 में लगा था.उस वक्त पुलिस की ओर से पॉलसन रोड के गोदाम में छापेमारी की गई थी जहां शराब पार्टी चल रही थी.

बताया जा रहा कि इस छापेमारी के दौरान नीलेश और उसके साथी फरार हो गए थे. पुलिस को गोदाम से शराब स्टॉक करने और सप्लाई करने के सबूत मिले थे. जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी.बाद में कोर्ट में जाकर आत्मसमर्पण किए थे.

  इस बीच पटना सिटी की रहने वाली पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने पार्षद प्रतिनिधियों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग सरकार से की है.


आलोक कुमार

संत इग्नासियुस लोयोला का 467 वां पर्व मनाया

 बेतिया.आज संत इग्नासियुस लोयोला का पर्व मनाया.यहां के विख्यात के.आर.हायर सेक्रेडरी स्कूल में संत इग्नासियुस लोयोला का 467 वां पर्व मनाया गया.इस स्कूल को जेसुइट द्वारा संचालित है.

        बता दें कि 31 जुलाई को, सार्वभौमिक कलीसिया लोयोला के संत इग्नासियुस के पर्व मनाती है. इस स्पैनिश संत को येसु समाज की स्थापना के साथ ‘‘आध्यात्मिक अभ्यास‘‘ बनाने के लिए भी जाना जाता है जिसका उपयोग आज अक्सर ध्यान साधना और व्यक्तिगत विवेचन के लिए किया जाता है.

        संत इग्नासियुस का जन्म 1491 में स्पेन के गुइपुजकोआ में एक कुलीन परिवार में हुआ था.वे बारह बच्चों में सबसे छोटे थे. उन्होंने फर्डिनेंड और इसाबेला की स्पेनिश अदालत में एक दरबारी लड़के के रूप में भी कार्य किया. इग्नासियुस ने एक सैन्य शिक्षा प्राप्त की थी और एक सैनिक के रूप में उन्होंने 1517 में सेना में प्रवेश किया और कई अभियानों में सेवा की.             20 मई 1521 को पैम्पेलुना की घेराबंदी में एक तोप के गोले से उनके पैर में घाव हो गया था, एक चोट जिसने उन्हें आजीवन आंशिक रूप से अपंग बना दिया था.अपने स्वस्थ होने के दौरान उनके पास केवल द गोल्डन लेजेंड, संतों की जीवनी का संग्रह, और लुडोल्फ द कार्थुसियन की लाइफ ऑफ क्राइस्ट की किताबें थीं. इन किताबों और चिंतन में बिताए समय ने उन्हें बदल दिया. अपने ठीक होने पर उन्होंने पवित्रता की शपथ ली, अपनी तलवार को मोंटसेराट की कुँवारी की वेदी के सामने लटका दिया, और एक तीर्थयात्री के वस्त्र धारण कर लिए. इग्नासियुस 1522 से 1523 तक एक ख्रीस्तीय जीवन जीने के तरीके पर विचार करते हुए एक गुफा में रहे. वे 1523 में एक तीर्थयात्री के रूप में रोम और पवित्र भूमि पर गए, जहां उन्होंने मुसलमानों को विश्वास में ले आने के लिए काम किया.

       1528 में इग्नासियुस ने स्पेन और पेरिस में बार्सिलोना और अल्काला में धर्मशास्त्र का अध्ययन शुरू किया और 14 मार्च 1534 को अपनी डिग्री प्राप्त की.उनके ध्यान साधना, प्रार्थना, परिकल्पना और अंतर्दृष्टि ने 15 अगस्त 1534 को सोसाइटी ऑफ जीसस (येसुसमाज) के संविधान का निर्माण किया; इसे 1541 में संत पिता की मंजूरी मिली.इग्नासियुस याकूब लाइनेज, अलोंसो साल्मेरोन, निकोलस बोबाडिला, साइमन रोड्रिग्ज, धन्य पेत्रुस फैबर और संत फ्रांसिस जेवियर के मित्र थे, जिस समूह ने नई सोसायटी का मूल गठन किया था.             

उन्होंने कभी भी जेसुइट शब्द का प्रयोग नहीं किया, जिन्हें उनके विरोधियों द्वारा अपमान के रूप में गढ़ा गया था. येसु समाज आज इस शब्द का प्रयोग गर्व के साथ करता है. उन्होंने यूरोप और पवित्र भूमि की यात्रा की, फिर येसु समाज को निर्देशित करने के लिए रोम में बस गए.बाद के वर्षों में उनका स्वास्थ्य खराब हुआ, और वे मृत्यु के समय लगभग अंधे थे. 

       येसु समाज के सदस्य शिक्षा, समाज-सेवा तथा अन्य मानव कल्याण के कार्य में सराहनीय कार्य करते आ रहे हैं. इग्नासियुस की मृत्यु 31 जुलाई 1556 को रोम, इटली में बुखार से हुई और 12 मार्च 1622 को संत पिता ग्रेगरी पंद्रहवें द्वारा संत घोषित किए गए.


आलोक कुमार


शनिवार, 29 जुलाई 2023

न्यायिक जांच से सामने आयेगा बर्बरता का सच, आश्रितों को मिले मुआवजा

 

 * कटिहार गोलीकांड, शिक्षा विभाग में अराजकता पर चुप्पी तोड़ें नीतीश

*  पुलिस बार-बार बदल रही बयान, मंत्री कर रहे गोली चलाने का बचाव

*  न्यायिक जांच से सामने आयेगा बर्बरता का सच, आश्रितों को मिले मुआवजा

*  शिक्षा मंत्री 22 दिनों से नहीं आ रहे आफिस, उन्हें हटायेंगे या मुख्य सचिव को ?

* राजद-जदयू के सांसदों को मणिपुर से पहले बेगूसराय, कटिहार जाना चाहिए था

पटना . पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य में महिलाओं से बर्बरता की घटनाएं बढ रही हैं, बिजली मांगने पर गोली चलायी जा रही है, शिक्षक की नौकरी मांगने पर लाठीचार्ज किया जाता है, मंत्री पुलिस ज्यादती को जायज ठहराते हैं, शिक्षा विभाग प्रशासनिक अराजकता झेल रहा है और शिक्षा मंत्री 22 दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने सारे मुद्दों पर चुप्पी साध ली है.

उन्होंने कहा कि राजद और जदयू के सांसदों को मणिपुर से पहले बेगूसराय और कटिहार जाना चाहिए था.श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि शिक्षा विभाग के अवर मुख्य सचिव को नहीं हटा सकते, तो शिक्षा मंत्री को ही हटा कर विभाग की जिम्मेदारी अपने प्रिय अधिकारी को सौंप दें.

उन्होंने कहा कि कटिहार गोली कांड की न्यायिक जांच कराई जाए, मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और राज्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.श्री मोदी ने कहा कि कटिहार गोलीकांड के बाद पुलिस लगातार बयान बदल रही है. पहले कहा कि किसी की मौत नहीं हुई, फिर दो लोगों के मरने की बात स्वीकार की, लेकिन अब हमेशा की तरह कहा जा रहा है कि मौतें भीड़ में से किसी के गोली चलाने से हुई.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने जो वीडियो जारी किया है, वह फर्जी हो सकता है. इसमें भी किसी व्यक्ति के हथियार चलाने की बात स्पष्ट नहीं है. ऐसे मामले का सच न्यायिक जांच से ही सामने आएगा.श्री मोदी ने कहा कि कटिहार में लोग स्थानीय प्रशासन को पहले सूचना देकर बिजली के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे. उनसे बात कर स्थिति को बिगड़ने से बचाया जा सकता था, लेकिन लाठी में तेल पिलाने वालों की अहंकारी सरकार ने गोली चलवा दी.

आलोक कुमार


वैश्विक स्तर पर बाघों के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाना

  ‘मुझे शिकारियों के फंदे से बचाओ, हम हैं तो आप हैं‘..

पटना. आज शनिवार 29 जुलाई है.आज ही दुनियाभर में बाघों के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है. वैश्विक स्तर पर बाघों के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाना है इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है.इस साल अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 2023 की थीम है “बाघों के साथ एक भविष्य: पारिस्थितिकी तंत्र के लिए काम करना”. यह थीम बाघों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और पुनर्स्थापित करने के महत्व पर प्रकाश डालती है. ऐसे में सूबे के एक मात्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की ओर से स्लोगन के जरिए अपील की जा रही है- ‘मुझे शिकारियों के फंदे से बचाओ.. क्योंकि हम हैं तो आप हैं‘. 

    बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर असम स्टेट जू से लाए गए काले तेंदुए का लोकार्पण एवं रिनोवेटेड जू कैंटीन का आम जनों के लिए उपलब्ध कराया. साथ ही पटना जू के बाघ शावक विक्रम की प्राणों की रक्षा करने वाली टीम को सम्मानित किया और कैमूर वन्य प्राणी  को बिहार का द्वितीय टाइगर रिजर्व बनाने का निर्देश दिया.उन्होंने ऐलान किया कि शीघ्र ही बिहार के सीमांचल प्रांत अररिया में विश्व स्तरीय जू बनाया जाएगा.

     बाघों के संरक्षण के लिए एक अभियान चलाने की, जिसे ध्यान में रखते हुए साल 2010 में आयोजन हुआ रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बाघ सम्मेलन का. यहां तय हुआ कि हर साल 29 जुलाई की तारीख को बाघों की घटती आबादी पर नियंत्रण करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाएगा.

     अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 2023 की थीम है “बाघों के साथ एक भविष्य: पारिस्थितिकी तंत्र के लिए काम करना”. यह थीम बाघों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और पुनर्स्थापित करने के महत्व पर प्रकाश डालती है.पारितंत्र (ecosystem) या पारिस्थितिक तंत्र एक प्राकृतिक इकाई है जिसमें एक क्षेत्र विशेष के सभी जीवधारी, पौधे, जानवर और अणुजीव शामिल हैं जो कि अपने अजैव पर्यावरण के साथ अंतर्क्रिया करके एक सम्पूर्ण जैविक इकाई बनाते हैं, उसे पारिस्थितिकी तंत्र कहते हैं। इस प्रकार पारितंत्र अन्योन्याश्रित अवयवों की एक इकाई है जो एक ही आवास को बांटते हैं। पारितंत्र में आमतौर पर जीव-जंतुओं मिलकर अनेक खाद्य जाल बनाते हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर इन जीवों के अन्योन्याश्रय और ऊर्जा के प्रवाह को दिखाते हैं.

      बाघों के संरक्षण के लिए 1 अप्रैल, 1973 को तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने उत्‍तराखंड के जिम कार्बेट नेशनल पार्क में ‘प्रोजेक्ट टाइगर‘ लॉन्च किया. ये परियोजना शुरुआती दौर में असम, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 9 टाइगर रिजर्व में शुरू की गई.

     इस वक्त पूरी दुनिया में करीब 4,200 बाघ बचे हैं.सिर्फ 13 देश हैं जहां बाघ पाए जाते हैं। उनमें से भी 70 प्रतिशत बाघ भारत में हैं.राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अनुसार, 2012 से 2021 के दौरान इन 10 सालों में देश में 984 बाघों की मौत हुई. मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 244 बाघों की मौत हुई. उसके बाद महाराष्ट्र में 168, कर्नाटक में 138, उत्तराखंड में 96 और तमिलनाडु और असम में 66-66 बाघ मारे गए.

आलोक कुमार


शुक्रवार, 28 जुलाई 2023

बेतिया प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च किया गया

  * जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता आदि प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी फ्लैग मार्च में हुए शामिल

* लोगों से अपील-सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं मुहर्रम

बेतिया । मुहर्रम को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय तथा पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री


अमरकेश डी के नेतृत्व में बेतिया प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च किया गया। फ्लैग मार्च में उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल रहे।

         पुलिस केन्द्र, बेतिया से प्रारंभ होकर फ्लैग मार्च इमली चौक, सोआबाबू चौक, नगर थाना, कालीबाग, राजड्योढ़ी, मुहर्रम चौक, बस स्टैंड, हरिवाटिका चौक, गनौली, सरिसवा रोड, छावनी, शेख धुरवा, राय धुरवा, जोकहां, मनुआपुल आदि स्थलों से गुजरते हुए समाहरणालय परिसर में आकर समाप्त हुआ।

             

इस दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा लोगों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से पर्व को मनाने की बात कही गयी। जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों से अपील की गयी है कि आपसी भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाएं। जिला प्रशासन की पूरी टीम आपके साथ है। जिलेवासी अफवाहों पर ध्यान नहीं देंगे तथा अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के बारे में नजदीकी थाने अथवा जिला प्रशासन को सूचित करेंगे ताकि त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके।

        इसके पूर्व पुलिस केंद्र, बेतिया के प्रांगण में वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी सहित पुलिस फोर्स की संयुक्त ब्रीफिंग जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, बेतिया द्वारा की गयी। सभी प्रतिनियुक्त प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को पूरी तरह सजग एवं सतर्क रहकर अपने-अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करने हेतु निर्देशित किया गया। मुहर्रम को लेकर विशेष निगरानी करते हुए सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। असामाजिक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध कठोर निरोधात्मक कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया गया।


आलोक कुमार

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एसडीएम, बगहा कार्यालय प्रकोष्ठ में शांति समिति की बैठक सम्पन्न

  


* सौहार्द के साथ हर्षोल्लास से मनाएं मुहर्रम एवं महावीरी अखाड़ा त्योहार : जिलाधिकारी


* सौहार्द बिगाड़ने वालों बख्शा नहीं जाएगा, की जायेगी सख्त कार्रवाई


* जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एसडीएम, बगहा कार्यालय प्रकोष्ठ में शांति समिति की बैठक सम्पन्न


* जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, बगहा, उप विकास आयुक्त फ्लैग मार्च में हुए शामिल


* मुहर्रम एवं महावीरी अखांड़ा को शांति एवं सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न कराने के उदेश्य से आज एसडीएम, बगहा के कार्यालय प्रकोष्ठ में शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुयी


बेतिया । पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में सम्पन्न शांति समिति की बैठक में रामनगर और बगहा से आए श्री ओबैदुर रहमान, सदाकांत शुक्ला, तबरेज आलम, राणा बलवंत सिंह आदि ने मुहर्रम तथा महावीरी अखाड़ा त्योहार को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिएअपने-अपने सुझाव दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व के सभी पर्व-त्योहार मिलजुल कर शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाते आ रहे हैं। इस बार भी शांतिपूर्वक त्योहार मनाएंगे।

        इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि मुहर्रम एवं महावीरी अखाड़ा त्योहार प्रेम, सद्भाव एवं शांति के वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। विभिन्न जगहों पर पर्याप्त संख्या में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस मजिस्ट्रेट तथा पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है। त्योहार के अवसर पर सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई।की जाएगी।

        उन्होंने शांति समिति की बैठक में उपस्थित सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि विधि-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशासन को आपके अपेक्षित सहयोग की आवश्यकता है ताकि मुहर्रम एवं महावीरी अखाड़ा त्योहार अच्छे तरीके से सम्पन्न कराया जा सके। असामाजिक तत्वों पर नजर रखें। छोटी-छोटी बातों की जानकारी पुलिस प्रशासन को दें। निगरानी रखें, प्रशासन मुस्तैद है। सभी लोग मिलजुल कर अमन-चैन, शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार को सम्पन्न कराएं।

          पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव ने कहा कि सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है। असमाजिक तत्वों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है। विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा, कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

शांति समिति की बैठक के उपरांत फ्लैग मार्च किया गया। फ्लैग मार्च रत्नमाला के विभिन्न वार्डो, नवका टोला आदि से होकर गुजरा। इस दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा लोगों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से पर्व को मनाने की बात कही।गयी।

        जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों से अपील की गयी है कि मुहर्रम एवं महावीरी अखाड़ा का त्योहार आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। जिला प्रशासन की पूरी टीम आपके साथ है। जिलेवासी अफवाहों पर ध्यान नहीं देंगे तथा अफवाह फैलाने वाले असामजिक तत्वों के बारे में नजदीकी थाने अथवा जिला प्रशासन को सूचित करेंगे ताकि त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिलेवासियों को मुहर्रम एवं महावीरी अखाड़ा की शुभकामनाएं दी।

      इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

जेल मैनुअल के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने का निर्देश

 


* उपकारा, बगहा का किया औचक निरीक्षण

* जेल मैनुअल के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने का निर्देश

बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री दिनेश कुमार राय द्वारा आज उपकारा, बगहा का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने जेल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर बंदियों से मिल रही सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा पाकशाला का निरीक्षण किया गया। 

    जिलाधिकारी ने अधीक्षक, उपकारा, बगहा को निर्देश दिया कि जेल मैनुअल के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखें। कारा परिसर की समुचित साफ-सफाई, बंदियों को समय पर भोजन, समय पर योगाभ्यास, बीमार होने पर तुरंत इलाज आदि की व्यवस्था करेंगे। 

        उन्होंने निर्देश दिया कि सीसीटीवी के माध्यम से कारा के अंदर की प्रत्येक गतिविधि पर नजर बनाए रखें। संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहने वाले बंदियों को अन्य जेलों में ट्रांसफर करने की कार्रवाई करें। उन्होंने बंदियों के साथ अच्छा व्यवहार करने का निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी द्वारा महिला बंदी वार्ड का भी निरीक्षण किया गया तथा कक्षपाल को निर्धारित सभी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया।

       जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उपकारा के बंदियों की सतत निगरानी आवश्यक है। सुरक्षा  व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही जेल मैनुअल के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन में भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नियमानुकूल निर्धारित अवधि पर बंदियों को उनके परिजनों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करने की व्यवस्था फंक्शनल रखेंगे।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार, गोरख जाधव, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह, अधीक्षक, उपकारा, बगहा, श्री।मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

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