शुक्रवार, 1 सितंबर 2023

हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला

पटना.दीघा विधानसभा अंतर्गत पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश मुखिया जी के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला गया. 

        राजधानी पटना में नीलेश मुखिया हत्याकांड के खिलाफ आज कैंडल मार्च निकाला गया.पत्नी सुचित्रा देवी के साथ सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक कैंडल मार्च में शामिल रहे. इस मार्च में दीघा के बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया भी मौजूद रहे.वार्ड नं.22ए की वार्ड पार्षद सुशीला कुमारी भी मौजूद थी.अधिकांश समर्थकों के हाथों में तख्ती थी, जिस पर लिखा हुआ था. वी-वांट-जस्टिस.पप्पू, धप्पू, और गोरख को गिरफ्तार करो.नीलेश के समर्थकों और पत्नी की मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो.

     नीलेश कैंडल मार्च पार्षद कार्यालय से शुरू होकर टेलीफोन एक्सचेंज होते हुए पॉलीटेक्निक मोड़ से होकर,कुर्जी मोड़, कुर्जी पुल, बालूपर तक जाकर पार्षद कार्यालय पहुंचा.वार्ड नं०  22 बी की वार्ड पार्षद सुचित्रा देवी और तमाम आम जनमानस के साथ कैंडल मार्च में शामिल हुआ.और सरकार से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने का आदेश निर्गत करने को कहा गया. RJD से दोषियों की मिलीभगत होने के कारण दोषियों को संरक्षण देना कतई सही नहीं है.सरकार को जल्द से जल्द नीलेश मुखिया को इंसाफ दिलाना ही पड़ेगा.


पार्षद पति नीलेश मुखिया हत्या मामले को लेकर दीघा 22बी की पार्षद सुचित्रा सिंह और उनके हजारों समर्थकों ने शुक्रवार को प्रशासन और सरकार पर नामजद आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला.इस मौके पर मृतक मुखिया के इंसाफ और न्याय की मांग को लेकर महिलाओं और पुरुषों ने दीघा पार्षद पति के आवास से कुर्जी स्थित कार्यालय तक हाथों में कैंडल और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के तख्ती को हाथो में लेकर समर्थक नजर आए .

     परिजनों ने कहना था कि  यूपी में यदि ऐसा होता तो आरोपियों के घर पर बुलडोजर चल जाता ,दरअसल नामजद आरोपी पप्पू राय, धप्पू राय और गोरख राय नामजद अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. घटना को एक महीना का वक्त बीत गया है,वही पुलिस इस मामले में एक  लाइनर ,एक शूटर को गिरफ्तार कर अपना पीठ थप थपा रही है.

       बता दें बीते 31 जुलाई को पार्षद पति सह बीजेपी नेता नीलेश मुखिया को अपराधियों ने ताबड़तोड़ 7 गालियां मार घायल किया था.1 अगस्त को उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स ले जाया गया था.जिनका पटना सहित दिल्ली के एम्स में लगभग 23 दिनों तक इलाज चला . 23 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली थी.उन्हें हार्ट अटैक भी आया था.24 अगस्त को पंचतत्व में विलीन हो गए.31सितंबर को डुगडुगी बजाकर नामजद पप्पू,धप्पू और गोरख के नाम से अलग इश्तेहार नामजद अभियुक्तों के मकान पर चस्पा किया.तीनों सहोदय भाई है.तीनों स्व.महेंद्र राय के पुत्र हैं.आज 1 सितंबर को कैंडल मार्च निकाला गया.

       पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया है कि कोई भी अपराधी बच नहीं सकेगा. उन्होंने बताया कि इस मामले के नामजद आरोपियों को आत्मसमर्पण करने को लेकर पटना पुलिस ने न्यायालय से कुर्की जब्ती का वारंट लिया है, यदि आरोपी समर्पण नही करते उनके घरों पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.


आलोक कुमार

गुरुवार, 31 अगस्त 2023

ग्राम पंचायत को प्रदत सभी 29 अधिकार वापस किए जाएं

*ग्राम पंचायत के अधिकारों में कटौती लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा के खिलाफ : माले


*19 सूत्री मांगों को लेकर बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ का प्रतिनिधिमंडल माले नेताओं से मिला


पटना.भाकपा - माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि केंद्र और यहां तक कि राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत के अधिकारों में लगातार कटौती हो रही है. यह लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा के खिलाफ है. गांधी जी ने जिस ग्राम स्वराज की बात की थी, उसके केंद्र में पंचायत को प्रदत अधिकार ही हैं, लेकिन हाल फिलहाल में देखा जा रहा है कि पंचायत के अधिकारों में कटौती हो रही है. यह कहीं से उचित नहीं है. 

19 सूत्री मांगों को लेकर बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के नेतृत्व में विगत दिनों आंदोलन भी चला है. आज उस आंदोलन के नेताओं ने माले राज्य सचिव कुणाल और पोलित ब्यूरो सदस्य अमर से मुलाकात की और अपना  19 सूत्री मांग पत्र सौंपा. प्रतिनिधि मंडल में मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय, अरुण सिंह, अजीत कुमार और विनय भूषण कुमार शामिल थे. 

मुखिया महासंघ ने मांग की है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत ग्राम पंचायत को प्रदत सभी 29 अधिकार वापस किए जाएं, ग्राम सभा से पारित निर्णय के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाए, ग्राम सभा द्वारा चयनित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, ग्राम सभा की कार्रवाई में अनावश्यक हस्तक्षेप न किया जाए, प्रतिनिधियों के वेतन भत्ता में बढ़ोतरी की जाए आदि. 

इन प्रमुख मांगों के अलावा कई और ऐसी मांगे हैं जिनका माले समर्थन करती है. पार्टी सरकार से अपील करती है कि इन मांगों पर गम्भीरता पूर्वक विचार किया जाए!

आलोक कुमार 

0 3 सितंबर को बिहार राज्य आशा संघ, बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ एटक की संयुक्त बैठक

  पटना.बिहार राज्य आशा संघ व बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के महासचिव कौशलेंद्र  कुमार वर्मा ने कहा है कि 0 3 सितंबर को बिहार राज्य आशा संघ, बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ एटक की संयुक्त बैठक अमरनाथ रोड, अदालतगंज केदार भवन पटना में होगी. बैठक 10:00 बजे से शुरू हो जाएगी.

            इस बैठक में सभी जिला प्रखंड के अध्यक्ष सचिव एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता अवश्य भाग लेने का कष्ट करेंगे.सभी जिला के अध्यक्ष सचिव को भाग लेना अनिवार्य है. जो  जिला प्रखंड भाग नहीं लगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. बहुत जिला राज्य की बैठक में नहीं आते हैं सिर्फ, मोबाइल पर नेतागिरी करते हैं,अब ऐसा नहीं चलेगा. 

महासचिव कौशलेंद्र  कुमार वर्मा ने कहा कि बिहार राज्य आशा संघ व बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) की बैठक के एजेंडा स्पष्ट है.हड़ताल एवं आंदोलन की समीक्षा, सदस्यता अभियान एवं आंदोलन कोष की समीक्षा,प्रखंड से लेकर राज्य सम्मेलन करने पर विचार होगी.आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ पुनः संघर्ष तेज की जाएगी.

         उन्होंने कहा कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से वार्ता जारी रहेगा.

जब तक ₹3000 का मानदेय का पत्र नहीं जारी हो जाता है,तब तक सरकार पर दबाव बनाए रखना है.अगर नहीं हुआ तो आंदोलन की घोषणा की जाएगी.आशा फैसिलिटेटर को 30 दिन का मानदेय  की भुगतान किया जाए.₹25000 के मानदेय,₹1200000 की बीमा, सभी प्रकार की छुट्टी, एवं अन्य मांगों को लेकर संघर्ष का ऐलान किया जाएगा. हमारा लड़ाई खत्म नहीं हुआ है.

जब तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की मांग पूरा नहीं हो जाता है तब तक लड़ाई नहीं रुकेगा. चुनाव का वक्त है इसीलिए सभी जिला प्रखंड को सक्रिय रहना होगा.03 सितंबर को हर हालत में सभी जगह से नेतृत्व के साथी भाग लेने का कष्ट करेंगे.राज्य के तमाम जिला में संगठन को मजबूत किया जाएगा.राजव्यापी दौरा जारी रहेगा.सभी जिला प्रखंड के लोग राज्य की बैठक में भाग लेकर राज्य की बैठक को सफल बनाएंगे.


आलोक कुमार

अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी प्रतीक एडवीन शर्मा

प्रदेश अध्यक्ष श्री सम्राट चौधरी जी कोटि-कोटि धन्यवाद

पटना.अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी प्रतीक एडवीन शर्मा है.बेतिया के निवासी प्रतीक एडवीन शर्मा पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया है.मालूम हो कि नवनियुक्त प्रभारी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय टीम के टीम के सदस्य है

      अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े से एलेक्स लाजरूस ने भारतीय जनता पार्टी के माननीय प्रदेश अध्यक्ष को साधुवाद दिया है.आपने कर्त्तव्यनिष्ट हस्ति को प्रदेश प्रभारी बनाया है.वहीं बिहार अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी श्री प्रतीक एडवीन शर्मा जी को बनाया गया है. उन्होंने आप सभी को हार्दिक बधाई और अशेष शुभकामनाएं दी है.श्री प्रतीक एडवीन शर्मा जी को बिहार अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रभारी बनाए जाने हमारे यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष श्री सम्राट चौधरी जी कोटि-कोटि धन्यवाद.

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार मोर्चा के अध्यक्ष एवं प्रभारी की नियुक्ति की गई है.युवा मोर्चा के अध्यक्ष भारतेंदु मिश्रा,उपाध्यक्ष पिंकु मेहता, महामंत्री शशि रंजन और महामंत्री शिमात शेखर है.युवा मोर्चा के प्रभारी दुर्गेश सिंह है. महिला मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. धर्मशीला गुप्ता, उपाध्यक्ष शीला कुशवाहा और महामंत्री मीना झा है. महिला मोर्चा की प्रभारी सजल झा है. किसान मोर्चा के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह,उपाध्यक्ष अशोक वर्मा,उपाध्यक्ष बाबू लाल शौर्या और महामंत्री नवीन कुमार है.किसान मोर्चा के ब्रजेश रमण है.ओ.बी.सी.मोर्चा के अध्यक्ष बलराम मंडल है.ओ.बी.सी.मोर्चा के प्रभारी अचल सिन्हा है. अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लखेंद्र पासवान,उपाध्यक्ष मनोज चौधरी और महामंत्री संजय राम है.अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रवीण तांती हैं. अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष शैलेंद्र गढ़वाल है. अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रभारी शिव नारायण महतो है.अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मो.कमरू जमां,महामंत्री सूचित सिंह और महामंत्री मोहिबुल हक है.अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी प्रतीक एडवीन है.

   प्रदेश पदाधिकारी प्रभारी डॉ. भीम सिंह चंद्रवंशी हैं.मीडिया प्रभारी मनोज शर्मा और मो. दानिश इकबाल हैं. मीडिया सह-प्रभारी सुनील सेवक, अमित प्रकाश बबलू,प्रभात मालाकार, रणवीर कुमार और सूरज पाण्डेय हैं. मीडिया प्रवक्ता मनोज शर्मा, प्रेम रंजन पटेल,सुरेश रुंगटा,डॉ. उषा विद्यार्थी,योगेन्द्र पासवान,जयराम विप्लव,डॉ सुहेली मेहता, कुंतल कृष्णन, सुषमा साहू,रामसागर प्रसाद, अरविंद सिंह, प्रभाकर मिश्रा, राकेश सिंह श्रीमती अनामिका सिंह और  संजीव मिश्रा है.


आलोक कुमार


 

बुधवार, 30 अगस्त 2023

ग्रामोद्योग के माध्यम से पिछड़े गांवों का चहुंमुखी विकास किया जाए


नवादा.नवादा जिले के सेखोदेवरा गांव में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 1954 में सर्वोदय आश्रम की स्थापना की थी. उनकी अवधारणा थी कि ग्रामोद्योग के माध्यम से पिछड़े गांवों का चहुंमुखी विकास किया जाए.इसी सिलसिले में जेपी ने ग्राम निर्माण मंडल निर्मित किया था.जेपी के अधूरे सपने को ग्राम निर्माण मंडल के द्वारा साकार किया जा रहा है.वहीं उसमें बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी का भी सहयोग मिल रहा है.

   बता दें कि लोकनायक जय प्रकाश नारायण ने आश्रम को अपनी कर्मभूमि बनाया.जेपी का स्थापित सर्वोदय आश्रम 86 एकड़ भू-भाग में फैला हुआ है. वहां लोक नायक जयप्रकाश नारायण की अविस्मरणीय स्मृतियों को संजोकर रखा गया है. सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति के जेपी का यह धरोहर फिलहाल सम्यक विकास नहीं कर सका है.जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सेखोदेवरा गांव है.

         लोग बताते हैं कि सेखो और देवरा नामक दो टोलाओं के संयोजन से सेखोदेवरा गांव का निर्माण हुआ. आश्रम में ग्राम स्वराज्य, स्वदेशी, भ्रष्टाचारमुक्त और लोकतंत्र की कल्पना करने वाले विचारों की खुशबू मिलती है.जेपी द्वारा निर्मित ग्राम निर्माण मंडल संस्था के सचिव अरविंद कुमार बताते हैं कि यह आश्रम लगभग 86 एकड़ में फैला हुआ है. इसमें खादी ग्राम उद्योग, प्रशिक्षण केंद्र, छात्रावास और कृषि विज्ञान केंद्र है. जिसका संचालन ग्राम निर्माण मंडल की ओर से किया जाता है. इसमें प्रशिक्षण देने वाले अध्यापक और कर्मचारियों के रहने के लिये आवास सभी सुविधाएं उपलब्ध थी. जब सरकार की ओर से ग्रांट मिलना बंद हो गया, तो काम करने वाले कर्मचारी यहां से पलायन कर गए.

      बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी के ग्लोबल प्रोग्राम के समन्वयक श्री जौन डीकूज ने कहा कि हमलोगों ने ग्राम निर्माण मंडल, सेखोदेवरा के डा० राजेन्द्र प्रसाद हाॅल मे जिला स्तरीय इन्टर ग्रूप एजेन्सी का गठन पर कार्यशाला आयोजित किया था. 

इस कार्यक्रम मे जिला विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार मिश्रा जी ने आनलाइन मिटिंग मे भाग लिए. उन्होंने कहा कि ग्लोबल प्रोग्राम द्वारा किए गए कार्य सराहनीय है.मुझे खुशी है कि बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी के द्वारा कौवाकोल प्रखंड के बीस गांव मे अच्छे कार्य किए जा रहे है. इंटर ग्रुप एजेंसी के गठन की प्रक्रिया के बारे में बताया और आश्वासन दिया कि मैं इस ग्रुप के गठन मे सहयोग दूंगा.

          इस बीच ग्लोबल प्रोग्राम के समन्वयक श्री जौन डीकूज ने पावर पॉइंट के द्वारा बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी के द्वारा प्रभावशाली ढंग से किए गए कार्य के विषय मे जानकारी दी. साथ ही कम अवधि के धान की सीधी बुवाई और उसके उत्पादन के विषय में बतलाया. उन्होंने तड़ित चालक के विषय मे भी जानकारी दी.

     आगे ग्लोबल प्रोग्राम के समन्वयक श्री जौन डीकूज ने कहा कि बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी के द्वारा 20 गांव मे तड़ित चालक लगाया गया है.ये जमीन से 40 फीट ऊंचा है.ये तड़ित चालक 132 फीट के गोल चक्र मे वज्रपात होने पर उसे अरेस्ट कर जमीन मे डिस्चार्ज कर देगा.इस कार्यक्रम मे बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी के निदेशक फादर दिनेश कुमार, ग्राम निर्माण मंडल के सचिव आदि के साथ ग्रामीण मौजूद थे.


आलोक कुमार

सरकारी कर्मचारियों को लगभग 50 दिनों से अधिक सरकारी छुट्टियां मिल रही

 

पटना.प्रत्येक साल सरकार के द्वारा नए साल के पूर्व सरकारी छुट्टियों का ऐलान कर दिया जाता है.सरकारी कर्मचारियों को लगभग 50 दिनों से अधिक सरकारी छुट्टियां मिल रही हैं.इस बीच नीतीश कुमार सरकार ने एक अहम फैसले के तहत इस साल सितंबर से दिसंबर तक की सरकारी स्कूलों की छुट्टियों को संशोधित किया है.इसका जोरदार ढंग से विरोध किया जा रहा है.

बताया जाता है की छुट्टियों की सूची में गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, क्रिसमस, बुद्ध पूर्णिमा, दशहरा, दिवाली, गुड फ्राइडे, गुरु नानक जयंती, ईद उल फितर, ईद उल जुहा, महावीर जयंती, मुहर्रम और पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन शामिल है.साप्ताहिक अवकाश (Weekly Off), आकस्मिक अवकाश (CL), अर्जित अवकाश (EL), चिकित्सा अवकाश (Medical leave), मातृत्व अवकाश (Maternity Leave), पितृत्व अवकाश (Paternity leave) वगैरह. हर छुट्टी के लिए अलग-अलग नियम होते हैं और हर छुट्टी को लेने की न्यूनतम और अधिकतम संख्या भी निर्धारित होती है.       

इस बीच बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने एक अहम फैसले के तहत इस साल सितंबर से दिसंबर तक की सरकारी स्कूलों की छुट्टियों को संशोधित किया है.शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आने के बाद सरकारी विद्यालयों के बच्चों पर सीधा असर डालने वाला यह पहला फैसला है. इसका पहला असर यही है कि रक्षा बंधन पर भी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को स्कूल जाना पड़ेगा.          

इसके साथ ही दशहरा, दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ की छुट्टियां भी काटी गई हैं. अभी से दिसंबर तक की 23 में से 12 छुट्टियों को खत्म किया गया है. विभाग ने विद्यालयों में 220 कार्यदिवसों के पूरा नहीं होने के कारण बच्चों पर पड़ रहे प्रभाव को इस फैसले का कारण बताया है.

       प्रारंभिक से उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक में 31 अगस्त को राखी के दिन अवकाश नहीं रहेगा. दुर्गापूजा में छह दिनों की छुट्टी घोषित थी, इसे अब दो दिन कर दिया गया है. रविवार को जोड़कर यह तीन दिन होगा.बिहार के लोक पर्व की तैयारियों के मद्देनजर दीपावली से छठ तक लगातार छुट्टी रहती है. इस बार 13 नवंबर से 21 नवंबर तक कुल नौ दिनों की छुट्टी दिख रही थी, लेकिन अब इनकी संख्या चार हो गई है.दीपावली के दिन 12 नवंबर को छुट्टी रहेगी. फिर 15 नवंबर को चित्रगुप्त पूजा व गोवर्धन पूजा के दिन. इसके बाद 19 और 20 नवंबर को छठ का अवकाश रहेगा.       

 यह देखा जा रहा है कि राज्य सरकार के ताजा आदेश के तहत चेहल्लुम पर 6 सितंबर, मोहम्मद साहब से जन्मदिन और अनंत चतुर्दशी पर 28 सितंबर, महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर और क्रिसमस डे पर 25 दिसंबर को मिलने वाली छुट्टी अप्रभावित रहती है.

       विभाग का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्राथमिक विद्यालयों में कम-से-कम 200 दिन, माध्यमिक विद्यालयों में 220 दिन का कार्यदिवस जरूरी है. चुनाव, परीक्षा, त्योहार, भीषण गर्मी, भीषण ठंड, बाढ़ आदि के कारण विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित होती है.इसके साथ ही त्योहारों के मौके पर विद्यालयों के बंद होने की प्रक्रिया में भी एकरूपता नहीं है.इसलिए वर्ष 2023 के शेष अवकाशों में यह बदलाव किया गया है.

           इस संदर्भ में पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, ज्यूतिया जैसे प्रमुख हिंदू पर्व-त्योहारों पर छुट्टी रद्द करना और नवरात्रि, दीपावली से छठ तक की छुट्टी में कटौती करना राज्य सरकार की हिंदू-विरोधी मानसिकता का परिणाम है.

       श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अवर मुख्य सचिव ने एक और मनमाने फैसले से बिहार की छवि और संस्कृति पर आघात किया है.

              उन्होंने कहा कि जब चेहल्लुम और मोहम्मद साहब के जन्मदिन की छुट्टी बरकरार रखी गई और यह होना भी चाहिए, तब भगवान कृष्ण की जयंती (जन्माष्टमी), गुरु नानक जयंती (कार्तिक पूर्णिमा) और बिहार केसरी श्री बाबू की जयंती पर छुट्टी समाप्त क्यों गई?

            श्री मोदी ने कहा कि सरकार को स्कूली बच्चों के मन पर विपरीत प्रभाव डालने वाले और सांस्कृतिक सद्भाव बिगाड़ने वाले फैसले को तत्काल वापस लेना चाहिए.

            उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान जिस लोकपर्व छठ से होती है, उसकी छुट्टी भी काट दी गई.दीपावली से छठ पूजा के बीच 9 दिन की छुट्टी को घटाकर 4 दिन कर दिया गया. यह बहुत ही आपत्तिजनक है.यह स्वीकार्य नहीं है.

          श्री मोदी ने कहा कि जिस शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE ACT) के तहत 220 दिन की पढ़ाई सुनिश्चित करने का तर्क देकर केवल हिंदू-सिख त्योहारों पर चोट की गई , उसी कानून की धारा-27 ई शिक्षकों को शिक्षणेत्तर कार्यों में लगाने से रोकती है, ताकि पढ़ाई बाधित नहीं हो.

       उन्होंने कहा कि सरकार ने इस कानून का उल्लंघन कर शिक्षकों को जातीय सर्वे, मिड डे मील, मतदाता सूची पुनरीक्षण आदि में लगाकर पढाई के कई महीने बर्बाद किये.इसका जिम्मेदार कौन है?

           श्री मोदी ने कहा कि टीचर से नॉन-टीचिंग काम करने से पढ़ाई बाधित हो रही है न कि पर्व-त्योहार की छुट्टियों के कारण और अगर ऐसे अवसरों पर स्कूल खुलेंगे भी तो कौन बच्चा स्कूल जाएगा?

       उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा विभाग से वर्तमान अवर मुख्य सचिव हटाये नहीं जायेगे, तब तक इसी प्रकार बिहार की किरकिरी होती रहेगी.

 आलोक कुमार 

देश का प्रधानमंत्री पिछले 10 सालों में कभी प्रेस वार्ता नहीं की

 देश की मीडिया पक्षाघात का शिकारः डा0 अखिलेश

मोदी सरकार ने मीडिया को बनाया गुलामः डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह

देश देख रहा मोदी के अधीन मीडिया का गोदी रूपः डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह



पटना। एक प्रजातांत्रिक देश में मीडिया का क्या महत्व होता है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। मीडिया प्रजातंत्र का चौथा स्तम्भ है, लेकिन यह चौथा स्तंभ पक्षाघात का शिकार हो गया है। देश की मीडिया गोदी मीडिया बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दमनकारी प्रवृत्ति के कारण भारतीय मीडिया बधियाकरण का शिकार हो गया है।

                       ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने मुजफ्फरपुर स्थित एल.एस. कॉलेज में आयोजित ‘फर्स्टलुक बिहार डिजिटल मीडिया’ के उद्घाटन के दौरान कही।

             उन्होंने कहा कि प्रेस की आजादी को भारतीय संविधान में इसलिए सुनिश्चित की गयी ताकि देश के नागरिक को यह पता चल सके कि जिन नुमाइंदों को उन्होंने चुन कर भेजा है वे कर क्या रहे हैं। सरकार का कामकाज कैसा चल रहा है, उसकी नीति क्या है, और उसकी नीयत क्या है। सही अर्थ में प्रेस का काम है सरकार की कमियों को उजागर करना, उनकी नीतियों की कमियों को जनता तक पहुंचाना और सरकार से सवालों का जवाब तलब करना। देश का प्रधानमंत्री पिछले 10 सालों में कभी प्रेस वार्ता नहीं की। जब सब कुछ इतना अच्छा हो रहा है, मंगलकारी हो रहा है, देश चांद पर पहुंच चुका है तो सवालों से इतना डर क्यों लगता है। इसका मतलब है इस चमक के पीछे का सच घिनौना है।

                  डॉ. सिंह ने कहा हकीकत यह है कि देश गर्त में जा रहा है। महंगाई से पूरा देश कराह रहा है।  Poverty Index में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से भी पीछे है उसी तरह बेरोजगारी दर में भी भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बदतर है। लेकिन कोई सवाल नहीं पूछ सकता। एक दिन मैं देश के एक विख्यात चैनल के जाने-माने एंकर को सुनकर हैरान रह गया क्योंकि वो टी0वी0 पर देश को महंगाई के फायदे गिनवा रहा था। यही है मोदी के अधीन मीडिया का गोदी रूप। लेकिन हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। मैं जानता हूं कि जो सच्चे पत्रकार हैं उन्हें इस जन्नत की हकीकत मालूम है। उनके दिल में भी बेचैनी है, वे भी छटपटा रहे हैं, लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे हैं।

              इस अवसर पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमे डॉ. सिंह के अलावा संघ विचारक और भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा, पूर्व सांसद अरुण कुमार, जानेमाने पत्रकार सोम प्रकाश, कांग्रेस विधायक बिजेंद्र चौधरी, पूर्व सांसद पप्पू यादव तथा पूर्व पार्षद अजय कुमार अलमस्त व पूर्व कांग्रेस विधायक बंटी चौधरी भी शामिल हुए।


आलोक कुमार

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