शनिवार, 30 अप्रैल 2022

बलात धर्मांतरण के रूप में व्याख्यायित नहीं किया जा सकता है:महाधर्माध्यक्ष

 

बेंगलुरू.कर्नाटक के ईसाई स्कूलों पर आरोप लगाया गया है कि बेंगलुरु के एक स्कूल ने माता-पिता से अंडरटेकिंग ली थी कि वे अपने बच्चों के क्लास में  बाइबल ले जाने पर आपत्ति नहीं करेंगे.हिंदू जनजागृति समिति ने बेंगलुरु के क्लेरेंस हाई स्कूल के प्रशासन पर छात्रों के लिए बाइबलले जाना अनिवार्य करने का यह आरोप लगाया था.समिति के राज्य प्रवक्ता गौड़ा ने आरोप लगाया कि स्कूल ने गैर-ईसाई छात्रों को अनिवार्य रूप से बाइबलले जाने और पढ़ने के लिए कहा है जो संविधान के अनुच्छेद 25 और 30 का उल्लंघन है.यह संविधान का अपमान है.

बता दें कि ग्रेड 11 के एडमिशन फॉर्म में माता-पिता से डिक्लेरेशन मांगा गया है कि "आप पुष्टि करते हैं कि आपका बच्चा अपने स्वयं के नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए मॉर्निंग असेंबली स्क्रिप्चर क्लास और क्लबों सहित सभी कक्षाओं में भाग लेगा और इस दौरान बाइबल और अन्य भजन पुस्तक को ले जाने पर आपत्ति नहीं करेगा.इसी को आधार बनाकर जनजाग्रति नामक दक्षिण पंथी हिन्दू संगठन ने क्लारेन्स स्कूल पर धर्मान्तरण का आरोप लगाया था.

इस बीच कर्नाटक राज्य सरकार ने स्कूल के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान लिया और 26 अप्रैल को प्रबंधन को नोटिस देकर आरोपों पर जवाब मांगा.राज्य सरकार ने पूर्वी बेंगलुरू के रिचर्ड्स टाउन में क्लेरेंस हाई स्कूल को बाइबल के शिक्षण को अनिवार्य करने के अपने निर्णय की व्याख्या करने के लिए एक नोटिस जारी किया है.प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के बच्चों के अभिभावकों की शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स को ध्यान में रखते हुए जवाब मांगा गया है .यद्यपि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को प्रशासनिक छूट मिल सकती है, लेकिन उन्हें धार्मिक पुस्तकें पढ़ाने की अनुमति नहीं है. “स्कूलों में धार्मिक पुस्तकों को पढ़ाने या प्रचार करने के लिए पाठ्यक्रम में कोई विशेष प्रावधान नहीं होगा. इन सबका जिक्र था.अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करते समय इन सभी का उल्लेख किया गया था, ”नागेश ने कहा.जबकि यह स्कूल की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है. 

कर्नाटक राज्य सरकार के द्वारा स्कूल के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान लेकर 26 अप्रैल को प्रबंधन को नोटिस दिया गया.सरकार के द्वारा प्रेषित आरोपों के जवाब में 26 अप्रैल को ही महाधर्माध्यक्ष पीटर मचादो ने एक वकतव्य जारी कर स्पष्ट किया कि “स्कूल 100 साल से अधिक पुराना है और इस स्कूल के खिलाफ कभी भी धर्मांतरण की कोई शिकायत नहीं आई है. स्कूल इस तथ्य को उचित ठहराता है कि बाइबल के उदाहरणों के आधार पर नैतिक शिक्षा को बलात धार्मिक शिक्षा नहीं माना जा सकता है. अन्य धार्मिक संप्रदायों द्वारा संचालित संस्थाएं भी अपने धर्मग्रन्थों के आधार पर धार्मिक शिक्षा देती हैं. केवल ख्रीस्तीय संस्थानों को ही निशाना बनाना बेहद अनुचित है. उन्होंने कहा कि लोगों की भलाई के लिये जो कुछ भी किया जाता है उसे बलात धर्मांतरण के रूप में चिह्नित किया जाता है, जो कि बड़े दुख का विषय है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी प्रथा पहले थी और पिछले साल से किसी भी बच्चे को स्कूल में बाइबल लाने या जबरदस्ती पढ़ने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा,  एक ईसाई अल्पसंख्यक स्कूल होने के नाते, स्कूल के घंटों के बाहर ख्रीस्तीय छात्रों के लिए बाइबल धर्मग्रन्थ या धर्मशिक्षा कक्षाएं संचालित करना प्रबंधन के अधिकारों के अन्तर्गत आता है.

महाधर्माध्यक्ष मचादो ने सरकार के दोहरे मापदण्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिन्दू शिक्षण संस्थानों में भगवत गीता तथा अन्य हिन्दू धर्मग्रन्थों को पाठ्यक्रम में रखा जाता है जिसपर सरकार को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है तो उसे अल्पसंख्यक स्कूलों में दी जानेवाली बाइबिल पर आधारित शिक्षा पर भी आपत्ति नहीं होनी चाहिये.

महाधर्माध्यक्ष ने कहा, “हमने सुना है कि सरकार की अगले साल से, भगवद गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों से मूल्यों पर पाठ शुरू करने की योजना है.यदि बच्चों से भगवद गीता या अन्य धार्मिक पुस्तकों को खरीदने का अनुरोध किया जाता है, तो क्या इसे उन्हें प्रभावित करने या इन विशेष धर्मों में परिवर्तित होने के लिए प्रेरित करने के रूप में माना जा सकता है? हरगिज नहीं!

उन्होंने कहा, नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक स्कूलों में धर्मग्रंथों का उपयोग छात्रों को उनके धर्म के प्रति जबरदस्ती आकर्षित करने के रूप में नहीं माना जा सकता है. माता-पिता की स्कूल चुनने की स्वतंत्रता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना कि समाज में नैतिक शुद्धता और अच्छे व्यवहार की कुछ अवधारणाओं को व्यक्त करने के लिए प्रबंधन का विशेषाधिकार. इसे बलात धर्मांतरण के रूप में व्याख्यायित नहीं किया जा सकता है.

ख्रीस्तीय स्कूल में धर्मान्तरण आरोप का धर्माध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष पीटर मचादो ने खण्डन किया है.कर्नाटक में बैंगलोर के कैथोलिक महाधर्माध्यक्ष पीटर मचादो ने क्लारेन्स कैथोलिक हाई स्कूल पर लगाये गये बलात धर्मान्तरण के आरोपों से इनकार किया है. आगे कहा कि ये आरोप झूठे और भ्रामक हैं.

बता दें कि हाल ही में, कर्नाटक सरकार ने स्कूलों में भगवद गीता को पेश करने की योजना की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि भगवद गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय चर्चा के बाद लिया जाएगा.इससे पहले गुजरात सरकार ने 17 मार्च को कक्षा 6-12 के लिए स्कूल पाठ्यक्रम में श्रीमद् भगवद गीता को शामिल करने का निर्णय लिया था.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022

रामनगर नगर परिषद अंतर्गत कुल-27 वार्ड को शामिल किया गया


 बेतिया.राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के आलोक में पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत नवगठित नगर निकायों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्ड) का गठन करते हुए दिनांक-28.04.2022 को प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है. नगर निगम, बेतिया अंतर्गत कुल-46 वार्ड एवं रामनगर नगर परिषद अंतर्गत कुल-27 वार्ड को शामिल किया गया है.

प्रारूप प्रकाशन के उपरांत दिनांक-28.04.2022 से 11.05.2022 तक आपत्तियां प्राप्त की जाएगी. दिनांक-30.04.2022 से 20.05.2022 तक प्रारूप प्रकाशन के दौरान प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन किया जायेगा. दिनांक-21.05.2022 से 27.05.2022 तक वार्डो की सूची तैयार कर उस पर प्रमंडलीय आयुक्त महोदय से अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा. अंतिम रूप से गठित वार्डों का जिला गजट में प्रकाशन दिनांक-30.05.2022 को होगा.साथ ही राज्य सरकार (नगर विकास एवं आवास विभाग) एवं राज्य निर्वाचन आयोग को जिला गजट में प्रकाशित वार्डों की सूची एवं मानचित्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि दिनांक-02.06.2022 निर्धारित है.


आलोक कुमार                                  

गुरुवार, 28 अप्रैल 2022

मुजफ्फरपुर जिले के जिलाधिकारी महोदय को 14 सूत्री मांग पेश किये:प्रदीप प्रियदर्शी

 

पटना.गैर दलीय गांधीवादी जन संगठन है एकता परिषद.यह जनसरोकार के मुद्दे पर कुढ़नी प्रखंड सहित मुजफ्फरपुर जिले में सतत क्रियाशील है.विशेषतौर पर आवासीय भूमिहीनता एवं युवा बेरोजगारी के सवाल को सरकार एवं प्रशासन के सम्मुख लगातार उठाते रहे हैं. आज फिर इस ध्यानाकर्षण धरना के माध्यम से उन सवालों पर आपका ध्यान आकृष्ट कराने की कोशिश कर रहे हैं.

मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित ध्यानाकर्षण धरना देकर राजधानी पटना में आने के बाद एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा कि हम लोगों ने मुजफ्फरपुर जिले के जिलाधिकारी महोदय को 14 सूत्री मांग पेश किये हैं. राज्य सरकार इस दिशा में पहल शुरू करें.18 वर्ष से अधिक उम्र के हर व्यक्ति को  चतुर्दिक भरण-पोषण पाने का मूल अधिकार दिया जाए.कुढ़नी सहित पूरे जिला में जन-गणना व बीपीएल सर्वेक्षण जैसा अभियान चलाकर आवासीय भूमिहीनों की संख्या सुनिश्चित की जाएं.सर्वेक्षणकर्ता समूह गांव-टोला के हर दरवाजे तक पहुंचे. कुढ़नी अंचल कार्यालय में एकता परिषद के माध्यम से जमा की गई आवासीय भूमिहीनों की सूची का अधिकारिक सत्यापन कर उस पर यथाशीघ्र उचित पहल प्रारंभ की जाएं. आवासीय भूमिहीनता संबंधी कार्य निष्पादन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर विशेष टास्क-फोर्स का गठन हो. संलग्न किये गए एक पुराने मांग पत्र के चिन्हित बिंदुओं को भी आपके विशेष पहल का इंतजार है. नल-जल योजना अभी तक कुछ गांव में शुरू नहीं हुई है.जहां पहुच गई है वहां पाइप बिछाने एवं नल लगाने में गड़बड़ी हुई है, पानी सप्लाई की भी समस्या है.फोरलेन के किनारे खड़े हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हर स्तर पर 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों की बहाली हो. गांव और शहर में कुटीर उद्योग आधारित उत्पादन के लिए सरकारी अभियान चले. हर गांव में आवासीय भूमिहीनों का सर्वे तुरंत प्रारंभ हो,जिससे हर जाति के परिवारों को शामिल किया जाए. इसके लिए तिथि रोटेशन तथा कर्मचारी की घोषणा सत्याग्रहियों के सम्मुख किया जाए. फोरलेन के बगल में जमीन खरीदने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठान,किसानों के खेत में जाने के लिए कम से कम 10 फीट जमीन रास्ते के लिए छोड़े. पुराने नक्शा में आज फोर लेन से किसानों के खेते जाने के लिए सड़क का उल्लेख है.उदाहरण स्वरूप सकरी गांव स्थित स्वर्ण इंडिया प्रतिष्ठान के बगल में सड़क थी,पुराने नक्से की संड़कों को पुनः जीवित किया जाएं.गंडक नहर को अगर उपयोगी नहीं बनाया जाताहै तो जमीन किसान को वापस किया जाएं या फिर भूमिहीनों के बीच वितरित किया जाए. बरसात में गांव की सड़के जल जमाव का शिकार हो जाती हे.सड़क किनारे पूर्व में बनाये गए नाले अव्यवहारिक योजना के कारण बेकार पड़े है.गांव की सड़को को जल जमाव से मुक्त करने के लिए शीघ्र व्यवहारिक प्रयास की जाएं.


बुलडोजर का कहर बगहा के 145 लोगों पर

 

बगहा.बिहार के बगहा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण खाली कराने के लिए प्रशासन का बुलडोजर चला- करीब 140 घरों को ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. जल संसाधन विभाग के बनाए गए भवन में लंबे समय से लोग रह रहे थे. यह सभी लोग अवैध रूप से विभाग के भवन पर कब्जा किए हुए थे. शहर में जल संसाधन विभाग से यह पुलिस जिला के कार्यालय बनाने के लिए यह जमीन आवंटित किया गया है.

बुलडोजर-बुलडोजर खेल‘ यूपी से बिहार पहुंच गया.इस बुलडोजर का कहर बगहा के 145 लोगों पर पड़ा.गंडक कॉलोनी, बगहा अवस्थित प्रस्तावित स्थल पर पुलिस लाईन का निर्माण कराया जाना है. पुलिस लाईन निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल पर लोगों के द्वारा अतिक्रमण करते हुए कच्चा-पक्का घर बना लिया गया था. जिससे पुलिस लाईन निर्माण की कार्रवाई करने में परेशानी हो रही थी.जिला प्रशासन एवं अनुमंडल प्रशासन के संयुक्त प्रयास से उक्त प्रस्तावित स्थल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है.विस्थापन के पहले पुनर्वास करने की व्यवस्था नहीं की गयी.
 

अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, श्री दीपक मिश्रा द्वारा बताया गया कि गंडक कॉलोनी अवस्थित प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई विगत तीन माह पहले प्रारंभ की गयी थी.तीन माह पूर्व अतिक्रमणकारियों से मौखिक रूप से जगह खाली करने के लिए अनुरोध किया गया. इसके बाद एक माह पहले भी सभी अतिक्रमणकारियों से 07 दिनों के अंदर जगह खाली करने का अनुरोध किया गया.
यहां बता दें कि स्थानीय प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों को 27 अप्रैल तक अंतिम समय दिया था. उसके बाद 28 अप्रैल को अंचल व पुलिस प्रशासन की ओर भूमि को जबरन खाली कराने आदेश जारी कर दिया है. बुधवार को पठखौली ओपी की पुलिस ने सभी को चेतावनी दी कि सरकारी भूमि को खाली नहीं किया गया तो गुरुवार की सुबह प्रशासन का बुलडोजर चलेगा.


उन्होंने बताया कि पुलिस लाईन निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए प्रशासन को आंशिक रूप से बल प्रयोग करना पड़ा. कुछ लोगों ने स्वयं अतिक्रमण को हटा लिया है. अतिक्रमण एवं मलबा वगैरह को हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीन को कार्य पर लगाया गया था.

ज्ञातव्य हो कि जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा गत दिनों उक्त स्थल का निरीक्षण किया गया था तथा एसडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया था ताकि जल्द से जल्द अतिक्रमण को हटाते हुए पुलिस लाईन   निर्माण के लिए कार्रवाई प्रारंभ की जा सके.

आलोक कुमार

बुधवार, 27 अप्रैल 2022

साम्प्रदायिक एकता लाने का प्रयास

 आलोक कुमार 

बेतिया. पश्चिम चम्पारण जिले में 280 साल पुराना रोमन कैथोलिकों का चर्च बेतिया में है.चर्च की छत्रछाया में बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स है.उत्तर बिहार में ईसाइयों का गढ़ बेतिया ही रहा है.धार्मिक प्रवृति क्षेत्र रहने के कारण एक बिशप व एक आर्च बिशप बन पाये.यहां के कई दर्शन युवा फादर और सिस्टर्स बने हैं.उसी तरह समान्य लोगों में शिक्षा, चिकित्सा ,सामाजिक आदि क्षेत्र में विशिष्ट स्थान स्थापित कर चुके है.

उसी सुनहला इतिहास को आगे बढ़ाने में शिक्षावृद् प्रतीक एडविन शर्मा लग गये हैं.शिक्षा क्षेत्र में शोहरत हासिल करने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के नेतृत्व में विश्वास कर बीजेपी में शामिल हो गये हैं.चूंकि भारतीय ईसाई होने के नाते शिक्षावृद्ध प्रतीक एडविन शर्मा को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य बना दिये गए.इसके बाद पीछे मुड़कर देखे नहीं.उन्होंने हमेशा कॉमी एकता पर बल दिया है.

भाजपा बेतिया अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री एलेक्स लाजरस ने कहा कि बेतिया में सामूहिक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया. इसमें हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई समाज के लोग शामिल हुए. रमजान के पाक महीने में इफ्तार का आयोजन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पश्चिम चंपारण के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रतीक एडविन शर्मा के कमलनाथ नगर स्थित आवास में किया.27 अप्रैल 2022 को 

यहां सभी धर्म के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए. अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता सह आयोजक प्रतीक एडविन ने कहा कि हमारा देश एकता और भाईचारा का देश है, जहां सभी धर्म एवं सम्प्रदाय के लोग एक – दूसरे के सुख- दुख में शामिल होते हैं और इस सामूहिक इफ्तार के माध्यम से इसी संदेश को जन – जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है.

उन्होंने कहा कि यह बेतिया चर्च के 280 स्वर्णिम काल का हिस्सा है.बेतिया शहर में पहली बार ईसाई समुदाय के द्वारा दावत-ए-इफ्तार आयोजित किया गया.सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल कायम करते हुए मुस्लिम समाज,हिंदू समाज और ईसाई समुदाय उपस्थित हैं. 

भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा की तरफ से रमजान के महीने में इफ्तार आयोजित किया गया.जिसमें  सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री डॉक्टर संजय जायसवाल जी एवं चनपटिया के विधायक उमाकांत सिंह जी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कोतैबा कैसर जी एवं जिला के सभी गणमान्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थिति रहे.

मौके पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री एलेक्स लाजरस, मैनुद्दीन, सलमा खातून, शाहरुख, डॉक्टर सद्दाम, आलमगीर, रियाज अंसारी, हसनैन,वकार, सैयद सितारे, अली मोहम्मद, दिलनवाज, शाहनवाज, मोहम्मद जावेद, अर्शी, विजय विक्टर, अक्षय सिंह, विवेक, ओम प्रकाश आदि उपस्थित थे.

इसके अलावे इफ्तार में बेतिया के कई जाने-माने लोग एवं अल्पसंख्यक एवं बहुसंख्यक समुदाय के सैकड़ों भाई-बहन शामिल हुए.वहीं डॉ संजय जायसवाल ने अल्पसंख्यक समुदाय के भाइयों और बहनों को ईद की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं.


नागरिकों के महत्व से संबंधित विषय पर निरीक्षण किए गए


मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी के द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अंतर्गत राज्य के सभी अंचल कार्यालयों का दिनांक 27 अप्रैल 2022 को एक साथ एक दिवसीय निरीक्षण किया जाना है.इसी परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार वरीय पदाधिकारियों द्वारा जिले भर के सभी अंचलों में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अंतर्गत भूमि संबंधी विषयों एवं मामलों के निरीक्षण तथा जांच के लिए नागरिकों के महत्व से संबंधित  विषय पर निरीक्षण किए गए.

इसी क्रम में आज जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल


अशोक द्वारा अंचल कार्यालय, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी का निरीक्षण किया गया.निरीक्षण के क्रम में उन्होंने ऑनलाइन भूमि दाखिल -खारिज, ऑनलाइन भूमि जमाबंदी का परिमार्जन, सरकारी भूमि/ सार्वजनिक तथा जल निकायो से अतिक्रमण हटाना, भूमि दखल -कब्जा प्रमाण पत्र/जाति/आवासीय/आय प्रमाण पत्र /क्रीमीलेयर /आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना, लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत पारित आदेशों का अनुपालन की स्थिति, ऑपरेशन भूमि दखल देहानी, गृह स्थल/वास भूमि बंदोबस्ती, भू मापी के अंतर्गत आवेदनों का निष्पादन.आदि का अंचल कार्यालय में  जांच किए.


आरटीपीएस काउंटर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन, कार्यालय में साफ-सफाई तथा कार्यालय के कागजातों को ठीक ढंग से संधारित करने के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.जिलाधिकारी महोदय ने अंचल के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति सचेत रहकर कार्य के ससमय निष्पादित करना सुनिश्चित करें.उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि अंचल स्तर पर लंबित सभी मामले का निष्पादन शीघ्र सुनिश्चित करें, कार्य को तत्परता से करें ,लाभुकों से संपर्क स्थापित कर कार्य में पारदर्शिता लाएं , लाभुकों को अनावश्यक रूप से परेशान ना करें.

इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी, सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार

पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी के द्वारा कार्यों की सूक्ष्मता से जांच की गई


 बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी के द्वारा बेतिया सदर अंचल का निरीक्षण किया गया.ऑनलाइन भूमि दाखिल-खारिज, ऑनलाइन जमाबंदी का परिमार्जन/शुद्धिकरण, सरकारी भूमि/सार्वजनिक जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराना, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, जाति/आवास एवं आय प्रमाण पत्र, लोक शिकायत निवारण अधिनियम, ऑपरेशन भूमि दखल दहानी, गृह स्थल/वास भूमि बंदोबस्ती, भू-मापी के अन्तर्गत अभिलेखों का निष्पादन सहित अन्य कार्यों की सूक्ष्मता से जांच की गई.


आमजन को किसी तरह के कार्यों के निष्पादन में नहीं परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने पर बल दिया गया.विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए समयबद्ध तरीके से विभिन्न मामलों का निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया. कार्य में लापरवाही, कोताही को लेकर हल्का कर्मचारी एवं कार्यालय लिपिक को शोकॉज, प्रपत्र-क गठित करने का निर्देश दिया गया.साथ ही लंबित मामलों के लिए अंचल अधिकारी, बेतिया सदर से भी स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी निर्देश के आलोक में आज दिनांक 27.04.2022 को समूचे जिले के 18 अंचलों में एक साथ जांच दल से गहन निरीक्षण कराया गया है. जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा बेतिया सदर अंचल का निरीक्षण किया गया तथा सूक्ष्मता के साथ विभिन्न कार्यों के कार्यान्वयन की जांच की गई.

जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि अंचल कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले व्यक्तियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ख्याल रखा जाय. विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए समयबद्ध तरीके से विभिन्न मामलों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने की स्थिति में त्वरित जाँच करायी जाएगी. जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई निश्चित है.

निरीक्षण के क्रम में विभिन्न लाभुकों के आवेदन पत्रों की जांच के क्रम में यह पाया गया कि हलका कर्मचारी नगर परिषद क्षेत्र द्वारा कार्य में लापरवाही एवं कोताही बरती गई है.अनावश्यक तरीके से दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के मामलों को लंबित रखा गया है। त्रुटिपूर्ण प्रतिवेदन समर्पित किया गया है.जिलाधिकारी द्वारा हलका कर्मचारी को शोकॉज करने तथा प्रपत्र-क गठित करने के लिए निदेशित किया गया. इसी क्रम में सीमांकन के काफी पुराने मामले भी लंबित पाए गए.लंबित सभी मामलों में अंचल अमीन को एक सप्ताह में नापी करने का निर्देश दिया गया.साथ ही लंबित मामलों को अंचल अमीन के संज्ञान में नहीं लाने के लिए कार्यालय लिपिक श्री सत्येन्द्र श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.


निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन भूमि दाखिल-खारिज, ऑनलाइन जमाबंदी का परिमार्जन/शुद्धिकरण, सरकारी भूमि/सार्वजनिक जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराना, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, जाति/आवास एवं आय प्रमाण पत्र, लोक शिकायत निवारण अधिनियम, ऑपरेशन भूमि दखल दहानी, गृह स्थल/वास भूमि बंदोबस्ती, भू मापी के अन्तर्गत अभिलेखों का निष्पादन सहित अन्य कार्यों की सूक्ष्मता से की जांच की गई.

दाखिल-खारिज के तहत ऑनलाइन आवेदन करने से लेकर, शुद्धि पत्र निर्गमन एवं जमाबंदी सृजन तक की बारीक जानकारी उपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मियों से ली गई, ताकि ज्ञात हो सके कि कार्यान्वयन की जानकारी इन्हें है अथवा नहीं. कई मामले निर्धारित तिथि के उपरांत भी लंबित पाए गए. लंबित अभिलेखों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान छोटे-छोटे त्रुटियों के निराकरण के लिए मामले को लंबित रखना पाया गया. राजस्व कर्मचारी को सभी मामलों में स्पष्ट मंतव्ययुक्त प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया.लंबित सभी मामलों का एक सप्ताह के अंदर गुणवत्तापूर्ण एवं विधि अनुकूल तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. इसी दौरान आवेदकों के द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क करते हुए उनका फीडबैक भी लिया गया.निरीक्षण के क्रम में यह भी पाया गया कि कई आवेदन परिमार्जन के कारण लंबित हैं, जबकि उसी राजस्व कर्मचारी एवं अंचल अधिकारी को सुओ-मोटो परिमार्जन करने की शक्ति प्राप्त है. मात्र इस कार्य के लिए एक लंबी अवधि से आवेदन का लंबित रखने को जिलाधिकारी के द्वारा गंभीरता से लिया गया एवं सुओ-मोटो तरीके से ऐसे मामलों में त्वरित परिमार्जन करने का निर्देश दिया गया.

जमाबंदी के डिजिटाइजेशन एवं परिमार्जन से संबंधित लंबित मामलों का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान कई मामले लंबित पाए गए. सभी मामलों का एक सप्ताह में निष्पादन करने का निर्देश अंचल अधिकारी, बेतिया सदर को दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा विभागीय सभी बिंदुओं का ध्यान रखते हुए निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.

निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की तकनीकी समस्या यथा बंटवारा संबंधी दाखिल-खारिज के मामलों में बंटवारा करने वाले लाभुकों का नाम इन्द्राज ना कर क्रेता एवं विक्रेता के नामों को ओवदकों को इन्द्राज करना पड़ता है। इसी प्रकार से दाखिल-खारिज स्वीकृति संबंधी आदेश फलक में भूमि प्राप्ति का श्रोत इन्द्राज करने का ऑप्शन नहीं दिखाई देता है. इत्यादि समस्याएं बताई गई. जिला पदाधिकारी द्वारा इन सुझावों से विभाग को अवगत कराने का आश्वासन दिया गया. इसी प्रकार से विभागीय पोर्टल के प्रतिवेदन संबंधी टैब में भी सुधार करने के कई सुझावों से अवगत कराया गया.

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि दाखिल-खारिज के उपरांत ऑनलाईन जमाबंदी सृजित तो हो रहा है, लेकिन राजस्व कर्मचारी के द्वारा भौतिक रूप से पंजी-02 में उसका संधारण नहीं किया जा रहा है. जिलाधिकारी के द्वारा इसे काफी गंभीरता से लिया गया तथा अंचल अधिकारी को इसे कैंप मोड में सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

जिलाधिकारी के द्वारा निरीक्षण के क्रम में बेदखली के मामलों की भी समीक्षा की गई. अंचल अधिकारी के द्वारा मात्र एक मामला प्रतिवेदित किया गया, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. जिला पदाधिकारी ने बताया गया कि प्रतिदिन काफी संख्या में लोग बेदखली का मामला लेकर उनसे मुलाकात करते हैं, जिन्हें अंचल अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाता है. जिला पदाधिकारी द्वारा सभी आवेदनों की पुनः समीक्षा करते हुए, मामलों का विधि-सम्मत तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. इसी प्रकार से लोक भूमि अतिक्रमण एवं जल निकायों के अतिक्रमण से संबंधित मामलों का भी सर्वेक्षण कराते हुए अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया गया.

इसी दौरान जिलाधिकारी द्वारा अंचल कार्यालय अवस्थित आर.टी.पी.एस. काउण्टर का भी निरीक्षण किया गया एवं उपस्थित कम्प्यूटर ऑपरेटर, आई.टी. सहायकों को बिल्कुल पारदर्शी तरीके से एवं समयबद्ध तरीके से मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.अंचल अधिकारी, बेतिया सदर के द्वारा नक्शा का प्रिंट देने वाले प्लाटर के खराब होने की जानकारी दी गई तथा बताया गया कि प्लॉटर कैनन कंपनी का है और हार्डवेयर में समस्या है.जिलाधिकारी के द्वारा आपूर्ति करने वाली एजेंसी से सम्पर्क करते हुए शीघ्र प्लॉटर की मरम्मति कराने का निदेश दिया गया, ताकि आम जन को समस्या का सामना नहीं करना पड़े.जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनों को सुविधापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके, इसे सुनिश्चित कराया जाना है.

आलोक कुमार

मंगलवार, 26 अप्रैल 2022

अपराधियों ने दो लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी

 मसौढ़ी.बिहार के जहानाबाद और पटना के मसौढ़ी में अपराधियों ने दो लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी. मरने वाले होटल कारोबारी अभिशार शर्मा और दिनेश शर्मा बीजेपी विधायक के चाचा और चचेरे भाई थे. दोनों की अलग-अलग जगहों पर एक ही समय तीन-तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई.

आज अमंगल साबित हुआ मंगलवार.बीजेपी के पूर्व विधायक और नेता चितरंजन शर्मा के चाचा और भतीजे की पूरी प्लानिंग के साथ हत्या कर दी गई. सबसे ज्यादा चौंकान्ने वाली बात यह है कि दोनों को एक ही समय में दो जिलों में गोली मारी गई. मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे अपराधियों ने पूर्व विधायक के चाचा अभिराम शर्मा को जहानाबाद में उनके होटल में घुसकर और भतीजा दिनेश शर्मा को मसौढ़ी में उसके किराना दुकान पर गोली मारी.

जहानाबाद एसडीपीओ अशोक पांडेय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दो नकाबपोश अपराधी होटल से भागते हुए दिखे हैं. दोनों की पहचान की जा रही है. आपसी रंजिश के तहत हत्या की बात सामने आ रही है.कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है.अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.

शहर के कनैदी इलाके में स्थित श्रीराम होटल में मंगलवार सुबह दो अपराधी अंदर घुसे.उन्होंने स्टाफ से कहा कि वे अभिराम शर्मा को शादी का कार्ड देने आए हैं. होटल के स्टाफ ने कहा कि वो अपने कमरे में सो रहे हैं.इसके बाद एक अपराधी ने स्टाफ की कनपटी पर पिस्टल सटा दिया और चुप रहने के लिए कहा. इसके बाद दोनों अपराधी कमरे में गए और सो रहे अभिराम शर्मा को गोली मार दी.

परिजनों का कहना है कि पूर्व विधायक और नेता चितरंजन शर्मा का भतीजा दिनेश शर्मा मसौढ़ी में किराना दुकान चलाता था.वह रोज की तरह मंगलवार सुबह दुकान पर गया था.जैसे ही उसे दुकान खोली वैसे ही अपराधियों ने उसे गोली मार दी.परिजनों का कहना है कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे.

 बताया गया कि कारोबारी अभिराम शर्मा पटना जिले के नीमा गांव के रहने वाले थे.यह भी बताया जा रहा है कि बाइक सवार अपराधियों ने मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे होटल में घुसकर घटना को अंजाम दिया. ठीक उसी समय में मसौढ़ी में होटल कारोबारी के चचेरे भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी.सबसे हैरान करने वाली बात है कि जहानाबाद में जिस जगह पर स्वीट्स एवं जमीन कारोबारी को गोली मारी गई उससे चंद कदम की दूरी पर ही जिले के डीएम और एसपी का आवास है. इधर शहर के चर्चित स्वीट्स कारोबारी की सुबह-सुबह हुई हत्या से शहर में सनसनी फैल गई. होटल कारोबारी अभिराम शर्मा के मैरिज हॉल के पास आसपास के लोगों की भीड़ लग गई.                               


परिजनों का कहना है कि दोनों हत्या आपसी रंजिश में की गई है. घटना के बाद लोग आक्रोशित हो गए और


जहानाबाद में सड़क पर उतर कर हंगामा करने लगे.लोग अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे.जिस तरह से अपराधियों ने एक समय में दोनों जगहों पर घटना को अंजाम दिया हैं. इससे यहीं लगता है कि अपराधियों ने घटना को अंजाम देने के लिए फुल प्रूफ प्लानिंग की थी. होटल कारोबारी अभिराम शर्मा के मैरिज हॉल के पास आसपास के लोगों की भीड़ लग गई.उधर, आक्रोशित लोगों ने पटना गया एनएच-83 को जाम किया.घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच में जुट गई. पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत करवाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

1990-95 के दशक में चर्चित नीमा गांव के पांडव गिरोह के बीच आपसी अदावत में घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है. पांडव गिरोह की अवैध कमाई के पुराने लेन-देन, मसौढ़ी के धनरूआ में एक आलीशान मकान और गांव की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा.इसको लेकर गिराेह के सरगना संजय सिंह और चितरंजन सिंह आमने-सामने थे.धनरूआ के मकान विवाद की पुष्टि जहानाबाद एसपी दीपक रंजन ने भी की है. एक पक्ष उस मकान को जमींदोज करने की तैयारी में था. इसको लेकर गत दिनों चितरंजन सिंह के नीमा स्थित मकान पर भी गोलीबारी होने की बात भी ग्रामीणों ने बताई.अभिराम शर्मा और दिनेश शर्मा चितरंजन के चचेरे चाचा-भतीजा थे.चितरंजन का कामकाज यही दोनों देखते थे. इस कारण दोनों को निशाना बनाया गया.अभिराम शर्मा होटल के साथ जमीन के कारोबार से जुड़े थे. उन्होंने हाल में एसपी आवास के पास 60 लाख में एक मकान खरीदा था.इसके अलावा शहर में उनका एक चर्चित श्रीराम होटल है और श्रीराम आवास है.

बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित ध्यानाकर्षण धरना

 
कुढ़नी.मुजफ्फरपुर जिले में है कुढ़नी प्रखंड. इस प्रखंड में सकरी सरैया में है एकता परिषद का कार्यालय.यहां पर आयोजित एक बैठक में निर्णय लिया गया कि एकता परिषद उत्तर बिहार के बैनर तले 26 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर आवासीय भूमिहीनता एवं युवा बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित ध्यानाकर्षण धरना किया जाए.


आज एकता परिषद उत्तर बिहार के बैनर तले मुजफ्फरपुर कलेक्टर ऑफिस के सामने आवासीय भूमिहीनता एवं युवा बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित ध्यानाकर्षण धरना दिया गया.मौके पर आवास धरनार्थियों ने 14 सूत्री मांगों को का ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय को सौंपा. इस एक दिवसीय धरना में शामिल होने वालों में एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रदीप प्रियदर्शी,विजय गौरैया, श्री शिवनाथ पासवान, राम लखींद्र प्रसाद जेपी सेनानी, शंभू शाह रामबाबू साहनी, बिगन मंडल, राम शीला देवी जोगी देवी सुमित्रा देवी शांति देवी बसंत सिंह राकेश कुमार मांझी बदामी देवी आदि उपस्थित रहे.

 

आलोक कुमार   

दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का हुआ समापन

* एकता परिषद का दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का हुआ समापन

सागर.एकता परिषद मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान के  तहत जिला सागर के ब्लॉक देवरी, बंडा, राहतगढ़ ब्लॉक के सागर कन्हैया वाटिका में दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का आयोजन रखा गया.शिविर का समापन हो गया.इस शिविर में गांव-गांव वन अधिकार चौपाल  चलाने का निश्चय किया गया.जिसमे सागर जिले कि देवरी, बंडा , राहतगढ़ ब्लाक,50 गांव के  150 मुखिया साथी भाग लिया. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम के तहत जानकारियों का आदान-प्रदान करना एवं वन अधिकार पाने के लिए जो प्रक्रिया है उसकी जानकारी ग्रामीणों को देना है.


इस शिविर में प्रत्येक गांव से दो-दो मुखियाओं का नेतृत्व तैयार कर वन अधिकार अभियान चलाया जाएगा. शिविर में भोपाल से आए एकता परिषद के राष्ट्रीय महासचिव श्री अनीश जी ने  जमीन के संदर्भ में बात रखते हुए बताया की वन अधिकार कानून 2006 को लागू  हुए पन्द्रह साल से ज्यादा हो गया है फिर भी गरीब वंचित आदिवासी आज भी अपने अधिकार से वंचित हैं. कई बार गांव के लोगों ने दावा आवेदन किये. कभी ऑफलाइन ,तो कभी ऑनलाइन के दावा किए. परन्तु अभी भी अपने अधिकारों से वंचित हैं. जंगलों में निवास करने वाला समुदाय के लोग मध्यप्रदेश में अभी भी पिछड़ा हुआ है. जिसको लेकर अभी बहुत कार्य करना शेष है.           


एकता परिषद के प्रदेश संयोजक डोंगर भाई ने कहां कि मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है, आने वाले समय में अंतिम बार जिन लोगों को वन अधिकार का पट्टा नहीं मिला है,उन सभी का वन अधिकार अभियान के तहत दावा लगाने के लिए एकता परिषद इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं द्वारा सिलवानी के ग्रामों में वन अधिकार पर मई माह से चौपाल लगाकर दावे लगाने की प्रक्रिया चलाएं .


इस प्रक्रिया के उपरांत वन भूमि के मुद्दों को हल कराने के लिए शासन प्रशासन से संवाद किया जाएगा साथ ही संगठन का विस्तार हो रहा इसलिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और गांव-गांव में अनाज कोष इकठ्ठा करना होगा. जो गरीब वंचितों समाज की पंचायत पर खर्च कर समाज को एकजुट किया जाएगा.दो दिवसीय शिविर का सफल संयोजन दीपक अग्रवाल ने किया. शिविर में एकता महिला मंच रायसेन जिला समन्वयक सरस्वती ऊइके, जिला संयोजक टीकाराम आठिया,सिहोर संयोजक राकेश रतन,बैतूल से आए संयोजक भरत सरयाम, सागर क्षेत्र के कार्यकर्ता साथी, रविशंकर भाई, प्रमोद गौड़ , मनोज आदिवासी , शान्ति बहिन, तुलसा , प्रदीप कुमार,मंगल सौर,पुरन अहिरवार, आदि गांवों मुखिया, युवा,महिलाए उपस्थित रहे.

आलोक कुमार 

सोमवार, 25 अप्रैल 2022

बिहार के युवाओं की सोच बदलने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम कर रहे हैं विकास वैभव

 

समस्तीपुर.भारत विरासत ओलंपियाड पुरस्कार 2022 संपन्न.2003 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विकास वैभव हैं.इन दिनों बिहार में लेट्स इंस्पायर बिहार मुहिम चला रहे हैं. इसके तहत वह बिहार के युवाओं की सोच बदलने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम कर रहे हैं.वर्तमान में बिहार सरकार के गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर हैं.राज्य सरकार की दी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को वह बखूबी निभा रहे हैं. वे परिवार को भी समय दे रहे हैं.


पश्चिम चंपारण के बेतिया मूल की आयरिन ओस्ता समस्तीपुर में रहती हैं.यहां पर संत पीटर नामक स्कूल चलाती हैं.यहां पर दीनबंधु ट्रस्ट संचालित है.ट्रस्ट का सचिव ने भारत विरासत ओलंपियाड पुरस्कार 2022 का पुरस्कार वितरण समारोह में एंकरिंग करने का दायित्व आयरिन ओस्ता को सौंपा था.जिसे बखूबी आयरिन ने निभाई. एंकरिंग करने वाली आयरिन ओस्ता ने कहा कि बिहार सरकार के गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यशील आईपीएस विकास वैभव जी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में आये थे.उनके कुशल नेतृत्व में युवाओं को मार्गदर्शन देने का कार्यक्रम संचालित है.इस अवसर पर बिहार के ओलंपियाड पुरस्कार 2022 के युवाओं को पुरस्कार दिया गया. मौके पर एंकरिंग का दायित्व बखूबी निभाने वाली आयरिन ओस्ता को सम्मानित किया गया. बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के करकमलों से युवाओं को सम्मानित किया गया.


मौके पर सम्मानित होने के बाद आयरिन ओस्ता ने कहा कि एक सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह का हिस्सा बनना एक सम्मान की बात थी.एंकरिंग का दायित्व  युवाओं को प्रेरित करें.बिहार के युवाओं के लिए यह अद्भुत अवसर था.मौके पर सभी लोगों को अवसर लाने के लिए धन्यवाद! आईपीएस विकास वैभव और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी धन्यवाद.इन महानुभावों ने अपनी कीमती वक्त दिये.वहीं दीनबंधु ट्रस्ट के लिए बिहार के उत्थान के लिए काम करने का उनका अद्भुत उत्साह वाला दिन साबित हुआ.



आलोक कुमार  


सोशल मीडिया के अनेको पदाधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया

                                *प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने टॉप सोशल मीडिया वारियर्स को सम्मानित किया

पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने आज कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में प्रदेश सोशल मीडिया के अध्यक्ष सौरभ सिन्हा सहित सोशल मीडिया के अनेको पदाधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया.


प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस  सोशल मीडिया के टॉप वारियर्स  डा0 शंकर चौधरी, केशव प्रसाद सिंह, नदीम अख्तर अंसारी, नितिन कृष्णन, रूपेश कुमार, राम शिव लोकेश, संजय राय, राज किशोर चौधरी, उमेश कुमार शर्मा, प्रफुल्ल रंजन, मो0 सरफराज को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने आज मोमेन्टो देकर सम्मानित किया. ये सोशल मीडिया के टॉप वारियर्स ने सोशल मीडिया के क्षेत्र में पिछले कई महीनों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, तथा कांग्रेस पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार कर आमजन तक पहुंचा रहे हैं.


आलोक कुमार 
 

रविवार, 24 अप्रैल 2022

गांव की योजना एवं गांव का विकास विषय पर संवाद

 मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिला परिषद सभागार, मोतिहारी में माननीय अध्यक्ष, जिला परिषद, श्रीमती ममता राय एवं जिलाधिकारी , श्री शीर्षत कपिल अशोक की उपस्थिति  में  दैनिक हिंदी समाचार पत्र ‘प्रभात खबर‘ के तत्वावधान में पंचायती राज दिवस के अवसर पर गांव की योजना एवं गांव का विकास विषय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.



प्रभारी प्रभात खबर श्री सत्यानंद सत्यार्थी द्वारा जिलाधिकारी महोदय को बुके देकर किया गया सम्मानित.कार्यक्रम का संचालन प्रभात खबर के जिला संवाददाता मो इंतेजारुल हक के द्वारा किया गया.जिलेभर के सभी प्रखंडों के विभिन्न क्षेत्रों से आए माननीय जनप्रतिनिधियों ने पंचायती राज के तहत गांव की योजना एवं गांव के विकास विषय पर अपनी चुनौतियों से अवगत कराते हुए उनके द्वारा बेहतर  सुझाव भी प्रस्तुत किए गए.

जिलाधिकारी महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज विभाग अंतर्गत सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारे.ग्राम सभा को सशक्त बनाएं.उन्होंने कहा कि देश की आत्मा गांवों में बसती है.सभी माननीय जनप्रतिनिधिगण अपनी जिम्मेवारी के साथ कार्य करें, ग्राम स्वराज्य के कार्य में समय न गवाएं ,ग्राम स्तर पर सभी लाभकारी योजनाओं को धरातल पर उतारे, आमजन के हित में राजनीतिकरण न होने दें,समाज के सभी वर्गों के लिए समान रूप से कार्य करें.उन्होंने कहा कि पंचायतों के हर गांव में खेल का मैदान, जल संचयन योजना, स्वच्छता योजना,आवास योजना, महिला सशक्तिकरण आदि को गुणवत्तापूर्ण ढंग से प्राथमिकता में ले.
माननीय जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती ममता राय ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की छोटे से छोटे समस्याओं का निदान करें.तभी हर गांव को समस्या से मुक्ति मिल सकेगा.प्रभारी प्रभात खबर श्री सत्यानंद सत्यार्थी ने कहा कि जन सरोकार के हित में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे.


इस अवसर पर  माननीय जिला परिषद उपाध्यक्ष, श्रीमती गीता देवी, समाजसेवी कपूराय, जिला गोपनीय शाखा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी माननीय जनप्रतिनिधि यथा जिला परिषद सदस्य, मुखिया, प्रखंड प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

शनिवार, 23 अप्रैल 2022

प्रथम पुण्यतिथि

 पटना. येसु समाज के पुरोहित फादर सुशील साह.एक साधारण पुरोहित नहीं थे.वे अमेरिका में जाकर मनोचिकित्सक का अध्ययन किये थे.अमेरिका से मनोचिकित्सक के डाक्टर बनकर आये.यहां पर कुर्जी पल्ली के सहायक पल्ली पुरोहित थे. एक मनोचिकित्सक के डाक्टर होने के कारण डॉ.सुशील साह कुर्जी होली फैमिली हाॅस्पिटल में प्रैक्टिस करने लगे थे. इस बीच डा.सुशील साह का स्थानान्तरण बेतिया महापल्ली में 2018 में हो गया.यहां प्रधान पल्ली पुरोहित बनने के बाद फादर सुशील साह ने पल्ली परिषद गठित किया.इनके नेतृत्व में बेतिया चर्च के 275 वर्ष का जयंती बनाया गया.फादर सुशील का कदम बढ़ने लगा.इस बीच बीमार पड़े. बिस्तर पर गिरे तो फिर उठे नहीं.विधि के विधान के तहत फादर सुशील साह का निधन 24 अप्रैल 2021 को पटना में हो गया. उनका प्रथम पुण्यतिथि पर के.आर.हाई स्कूल के शिक्षक और बेतिया पल्ली परिषद के सदस्य जेम्स माइकल ने श्रद्धांजलि अर्पित किये हैं.


आलोक कुमार 

देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह

 

पटना.देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह का 165 वां विजयोत्सव आज पूर्वाह्न 11.30 बजे प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय, सदाकत आश्रम में मनाया गया. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने समारोह की अध्यक्षता की.


डा0 झा ने कहा कि वीर कुंवर सिंह 80 वर्ष की अवस्था में 23 अप्रैल, 1857 को अंगरेजी सेना को हराकर जगदीशपुर के किले एवं आरा शहर में अपना झंडा फहराया था.उन्होंने कहा कि वीर कुँवर सिंह अद्वितीय शौर्य एवं साहस के साथ अंगरेजी सेना से लड़े. वे साम्प्रदायिक एकता के बड़े हिमायती थे.जहाँ उन्होंने शिव मंदिर बनाये वहीं उन्होंने मस्जिद भी बनवाये तथा पीर-फकीरों को दान भी दिये.डा0 झा ने कहा कि आज कृतज्ञ राष्ट्र वीर कुँवर सिंह के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करता है.


इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा के अलावे प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, पूर्व विधायक गजानन्द शाही, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष,ज्ञान रंजन, शशिकांत तिवारी, शरबतजहां फातमा, अरविन्द लाल रजक,रीता सिंह, मृणाल अनामय, आर0एन0चैधरी, राज किशोर चौधरी, विमलेश तिवारी, अनूप कुमार, निधि पाण्डेय, रूमा सिंह, सत्येन्द्र पासवान, आयुष भगत, सुभाष झा, सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे.


आलोक कुमार 

शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022

22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया


रांची.नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द हो.जान देंगे जमीन नहीं देंगे.जल,जंगल और जमीन, वह हो जनता के अधीन.इसी तरह का नारा लगाते ग्रामीण 21 अप्रैल को टूटवापानी से पदयात्रा शुरू कर दी है.इस समय की चिलचिलाती धूप में टुटूवापानी से बनारी, विशुनपुर, आदर, घाघरा, टोटाम्बी, गुमला, सिसई, भरनो, बेड़ो, गुटुवा तालाब, कटहलमोड़, पिस्का मोड़, रातू रोड होते 25 अप्रैल को रांची (राजभवन) पहुंचेगी.इस बीच पदयात्री 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस भी मनाया.झारखंड के राज्यपाल से मिलने करीब दो सौ किमी पदयात्रा कर सैकड़ों आदिवासी लातेहार के नेतरहाट टुटुआपानी आंदोलन स्थल से आएंगे.


नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द करने की मांग को लेकर केंद्रीय जनसंघर्ष समिति के बैनर तले 200 से भी अधिक गांवों के लोग दो सौ किमी पदयात्रा कर रहे हैं. वे झारखंड की राजधानी रांची पहुंच राजभवन के सामने धरना देंगे. करीब 30 सालों से अनिश्चितता में जीते लोग गांवों से निकल पड़े हैं.जान देंगे, जमीन नहीं देंगे. जल, जंगल, जमीन हमारा है. इस नारे के साथ गुरुवार को झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट के सत्याग्रह स्थल टुटूवापानी से नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द कराने की मांग को लेकर केंद्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार, गुमला के बैनर तले राजभवन के लिए पदयात्रा शुरू हुई. इस पदयात्रा को केंद्रीय जनसंघर्ष के सबसे बुजुर्ग साथी 95 वर्षीय एमान्वेल एवं मगदली कुजूर, दोमिनिका मिंज, मो खाजोमुदीन खान, बलराम प्रसाद साहू, एवं रमेश प्रसाद जायसवाल ने आंदोलनकारियों को माला पहनाकर एवं झंडा दिखाकर रवाना किया. इस पदयात्रा में जेरोम जेराल्ड कुजूर व फिल्म निर्देशक श्रीराम डाल्टन भी शामिल हैं. ये पदयात्रा 25 अप्रैल को रांची पहुंचेगी. यहां आंदोलनकारी राजभवन के समक्ष धरना देंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.


ये पदयात्रा नेतरहाट की वादियों से निकल कर चिलचिलाती धूप में टुटूवापानी से बनारी, विशुनपुर, आदर, घाघरा, टोटाम्बी, गुमला, सिसई, भरनो, बेड़ो, गुटुवा तालाब, कटहलमोड़, पिस्का मोड़, रातू रोड होते 25 अप्रैल को रांची (राजभवन) पहुंचेगी. यात्रा में प्रभावित क्षेत्र के 200 से अधिक आंदोलनकारी महिला एवं पुरुष के साथ युवा भी शामिल हुए. ये 25 अप्रैल को राजभवन के समक्ष धरना देंगे और राज्यपाल को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा. इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए बुधवार शाम से ही सत्याग्रह स्थल टुटूवापानी में प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण जुटने लगे थे. सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने रात्रि विश्राम किया, जहां जन संघर्ष समिति के द्वारा भोजन की व्यवस्था की गयी. इस पदयात्रा में फिल्म निर्देशक श्रीराम डाल्टन भी शामिल हुए. आपको बता दें कि इस आंदोलन की पृष्ठभूमि पर एक फिल्म का ताना बाना बुना गया. पटकथा लिखी गयी और फिल्म थंडर स्प्रिंग बनाई गयी है. निर्देशक श्रीराम डाल्टन ने कहा कि मौका मिले तो फिल्म जरूर देखें. इसमें दिखाया गया है कि कैसे लोग जान देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन किसी सूरत में देने को तैयार नहीं हैं.


 बताते चले कि पायलट प्रोजेक्ट नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से होने वाले 245 गांव के विस्थापन के खिलाफ चला आंदोलन 22-23 मार्च 2014 को सत्याग्रह दिवस मनाते हुए अपने आंदोलन का 21वाँ वर्ष पूरा करेगा. जतरा टाना भगत के दिखाए रास्ते पर अमल करते हुए झारखंड में झारखंडी प्रतिरोध की संस्कृति में  आगे बढ़ते जन सत्याग्रह के माध्यम से झारखंड ही नहीं , देश एवं वैश्विक स्तर पर विस्थापन विरोधी आंदोलनों को नई दिशा देने का काम इस आंदोलन ने किया है. आज की तारीख में यह आंदोलन  सफल आंदोलनों की श्रेणी में शामिल है.परन्तु आंदोलनकारी आज भी संघर्षरत हैं और अपनी लड़ाई के लिए कमर कस कर किसी भी कीमत पर पायलट प्रोजेक्ट को नहीं बनने देना चाहते हैं और नही उस क्षेत्र में होने वाले चांदमारी  एवं गोलाबारी अभ्यास को भी नहीं होने देना चाहते.स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि संभावित विस्थापित  क्षेत्र के लोग अब किसी भी कीमत पर सेना की चहलकदमी स्वीकार करने को तैयार नहीं। इसके पीछे इनका तर्क साफ है कि 1956 से 1993 तक  37वर्षों में सेना द्वारा गोलाबारी अभ्यास के दौरान सेना के जवानों द्वारा अमानवीय,शर्मनाक एवं दर्दनाक व्यवहार जिसका सर्वेक्षण  केंद्रीय जन संघर्ष समिति जिसने पूरे आदोलन का नेतृत्व किया, करा लिया था जो चौंकाने वाले हैं. 


आलोक कुमार 


जानकारियों का आदान-प्रदान करना

 
रायसेन.एकता परिषद मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान के  तहत जिला रायसेन के ब्लॉक के सिलवानी ब्लॉक के ग्राम पुद्दर में दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का आयोजन रखा है.जिसमे सिलवानी ब्लाक,50 गांव के  लगभग 100 मुखिया साथी भाग ले रहे हैं. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम के तहत जानकारियों का आदान-प्रदान करना एवं वन अधिकार पाने के लिए जो प्रक्रिया है उसकी जानकारी ग्रामीणों  को  देना है.


इस शिविर में प्रत्येक गांव से दो-दो मुखियाओं का नेतृत्व तैयार कर वन अधिकार अभियान चलाया जाएगा.शिविर में भोपाल से आए एकता परिषद के राष्ट्रीय महा सचिव श्री अनीश जी ने  जमीन के संदर्भ में बात रखते हुए बताया की  वन अधिकार  क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अभी भी पिछड़ा हुआ हे जिसको लेकर अभी बहुत कार्य करना  शेष है.

एकता परिषद के संभागीय संयोजक दीपक अग्रवाल ने कहां कि मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है, आने वाले समय में अंतिम बार जिन लोगों को वन अधिकार का  पट्टा नहीं मिला है उन सभी का वन अधिकार अभियान के तहत दावा लगाने के लिए  एकता परिषद  इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं द्वारा सिलवानी के ग्रामों में  वन अधिकार पर मई माह से चौपाल  लगाकर दावे लगाने की प्रक्रिया चलाई जाएगी .इस प्रक्रिया के उपरांत वन भूमि के मुद्दों को हल कराने के लिए शासन प्रशासन से संवाद किया जाएगा.


शिविर में एकता महिला मंच रायसेन जिला समन्वयक सरस्वती ऊइके, जिला संयोजक टीकाराम आठिया , बैतूल से आए  संयोजक भरत सरयाम, सिलवानी क्षेत्र के कार्यकर्ता साथी, विमलेश भाई, संतोष सिंह गौड़,बबली बाडिवा, चन्द्रवती बहिन, बलीराम भाई आदि गांवों मुखिया, युवा,महिलाएं उपस्थित रहे.

आलोक कुमार

जिलाधिकारी कुंदन कुमार प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड से सम्मानित

                      *जिलाधिकारी कुंदन कुमार प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड से सम्मानित

                                            🖋आलोक कुमार और स्वीटी माइकल


बेतिया. सिविल सर्विसेज डे 21 अप्रैल को मनाया जाता है.इस अवसर पर पश्चिमी चम्पारण जिले के जिलाधिकारी कुंदन कुमार को इनोवेशन कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया.दिल्ली में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड से कुंदन कुमार सम्मानित किये गए. 

बता दें कि आईएएस बनने से पहले कुंदन कुमार 2009 बैच के IPS थे. उत्तराखंड कैडर में तीन साल आईपीएस रहे फिर 2012 में आईएएस बने. इसके पहले मुंबई में पांच साल तक रिलायंस में बड़े पदाधिकारी रहे. आईएएस, आईपीएस और इंजीनियर तीनों ही क्षेत्र की जानकारी और स्टडी इस आईएएस को औरों से अलग कर देती है.जब बांका जिले के डीएम कुंदन कुमार थे.तब बांका जिला में पांच सरकारी विद्यालयों से Smart Class की शुरुवात की थी. इसके बाद उसकी गूंज अमेरिका के ड्यूक यूनिवर्सिटी तक छा गई.

बता दें कि डीएम कुंदन कुमार ने वर्ष 2020 में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि होने पर लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण घर वापस लौटे कामगारों के द्वारा जिला प्रशासन की सहायता से जिले में प्रारंभ किये गए स्टार्टअप जोन चनपटिया के कारण सफलता की कहानी में एक और अध्याय जोड़ दिये  है. दरअसल लॉकडाउन में 80 हजार से ज्यादा कामगारों की जिले में घर वापसी हुई थी. यह सभी अपना घर-बार छोड़कर अन्य राज्यों में मजदूरी करते थे. मगर लॉकडाउन के कारण आजीविका छीन जाने पर यह अवसाद और परेशानी में वापस आए थे. क्वारंटाइन कैंप में 14 दिन रहने के दौरान जिला प्रशासन द्वारा इनकी स्किल मैपिंग कराई गई और जिले में उद्यम स्थापित करने के लिए सुझाव लिए गए.

स्किल मैपिंग के दौरान मुख्य रूप से टेक्सटाइल एंड एपैरल, फुटवेयर, बंबू एंड क्राफ्ट विधा में इनके पारंगत होने की जानकारी प्राप्त हुई. इन क्षेत्रों में इनकी पारंगता जान कर भविष्य में इन कामगारों से संपर्क करने के लिए उद्यम मित्र मंडल का निर्माण किया गया. जिला पदाधिकारी के द्वारा वापस लौटे कामगारों के लिए कोरोना जैसी ’आपदा’ में ’अवसर’ की तलाश करने का प्रयास किया. इस कड़ी में जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में वर्ष 2020 के अगस्त माह में लुधियाना, अमृतसर, सूरत, दिल्ली, मुंबई जगहों से हिस्सा लेने आये 30 से ज्यादा कामगारों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार की गई. उन्हीं से उद्यम स्थापित करने की दिशा में किये जाने वाले कामों की जानकारी और सुझाव लिया गया. उनसे आवश्यकताओं की जानकारी भी ली गयी और राज्य सरकार के द्वारा जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना के तहत दिए जाने वाले लाभों से अवगत कराया गया.

मुख्य रूप से सड़क से संबद्ध स्थान, 24×7 के तर्ज पर थ्री फेज बिजली और राशि की आवश्यकता बताई गयी. आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बैंक के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर ऋण मेला का आयोजन करते हुए हुए आर्थिक सहायतार्थ ऋण दिलवाया गया. स्थान के लिए 20 एकड़ में फैले बाजार समिति के अनुपयोगी पड़े वेयरहाउस को चिन्हित किया गया और बिजली के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता कर डेडिकेटेड ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराई गई. सभी प्रकार के कागजातों को तैयार करने, ऋण दिलाने में सहायता प्रदान करने या यूं कहें प्रत्येक स्तर पर सहायता करने के लिए जिला स्तरीय एक-एक पदाधिकारी को सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (स्पोक) के रूप में प्राधिकृत किया गया.

इसके साथ ही कामगारों के द्वारा लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर एडेड इक्विपमेंट का आयात करना शुरू किया गया और इस प्रकार से चनपटिया के 20 एकड़ में फैले बाजार समिति में जिले का प्रथम स्टार्टअप की शुरुआत की गई. इस दरम्यान जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दर्जनों बार कामगारों, बैंक प्रबंधकों, स्टेक होल्डरों के साथ समीक्षा बैठक की गई और उद्यमियों को हर संभव मदद पहुंचायी गयी.

डीएम के कुशल मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश से अब तक 57 उद्यमियों के द्वारा स्टार्टअप जोन में यूनिट स्थापित कर लिया गया. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के 400 से अधिक मशीनों की स्थापना हो चुकी है, जिससे उत्पादित 15 करोड़ से ज्यादा के सामानों की बिक्री स्थानीय बाजार सहित अन्य जिले, राज्यों तथा विदेशों में किया जा चुका है. सामानों की बात करें तो बनारसी साड़ी, स्वेटर, कश्मीरी शाल सहित 25 से अधिक प्रकार के टेक्सटाइल एंड एपैरल का निर्माण स्टार्टअप जोन में किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त सेनेटरी पैड, फुटवेयर्स, स्टील के बर्तन का भी निर्माण किया जा रहा है. कुछ दिनों पूर्व ही ई-रिक्शा की भी असेंबलिंग स्टार्टअप जोन में शुरू कर दिया गया है.

बेतिया मॉडल (स्टार्टअप जोन) की सफलता से अभिभूत होकर जिले के अन्य क्षेत्रों में 100 से अधिक उद्यम स्थापित हो चुके हैं. स्टार्टअप जोन के इस अभिनव प्रयोग के कारण जिले के सुदूरवर्ती थरुहट क्षेत्र हरनाटांड़, मिश्रौली एवं रामनगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापना की बयार बह चुकी है. 140 से अधिक लोग उद्यम स्थापना के लिए स्थान आवंटन हेतु कतार में हैं. थरुहट के लोगों द्वारा भी चनपटिया के तर्ज पर ही प्लग एंड प्ले आधारित स्टार्टअप जोन स्थापित करने की मांग की गई. इन्हें प्लग एंड प्ले आधारित स्टार्टअप जोन मुहैया कराने को लेकर स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है.

बता दें कि चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता को राज्य सहित केंद्र स्तर पर पहचान प्राप्त हुई है और इसी कड़ी में सिविल सर्विसेज दिवस 21 अप्रैल, 2022 को देश के सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण पुरस्कार प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड, 2021 के तहत इनोवेशन कोटि में पुरस्कार के लिए डीएम कुंदन कुमार काे चयन कर सम्मानित किया. साथ ही स्टार्टअप जोन के लिए 20 लाख रुपये का अवार्ड भी मिला.इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने के लिए पूरे देश के जिलों से प्रविष्टी मांगी गई थी, जिसमें 2253 जिलों से विस्तृत प्रस्ताव भेजे गए थे. इसमें 847 जिलों से केवल इनोवेशन के क्षेत्र में प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे गए थे. 

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है और संबंधित सभी अधिकारियों, कर्मियों एवं उद्यम स्थापित करने वाले कामगारों श्रमिकों को शुभकामना दी हैं. उन्होंने कहा कि यह सम्मान जिले की जनता के लिए है और खास कर स्टार्टअप जोन चनपटिया के उन उद्यमियों को समर्पित है, जिन्होंने कोरोना जैसी विपत्ति में भी अपने जिले के विकास के लिए एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाई, जिसके कारण स्टार्टअप जोन, चनपटिया की स्थापना हो पाई इस पुरस्कार ने ना केवल जिले का मान बढ़ाया है बल्कि बिहार का भी मान पूरे देश में बढ़ाया है.

चनपटिया के जिला पार्षद आरजू परवीन ने  2012 बैच के आईएएस कुंदन कुमार को बधाई दी है. इनका व अधिकारियों का अतुलनीय योगदान रहा है.इसके बल पर यहां के बने विभिन्न उत्पाद साड़ी, लहंगा, शर्ट, टी-शर्ट, लोअर, ट्रैक सूट, जैकेट आदि लद्दाख, कश्मीर, लुधियाना, दिल्ली आदि बड़े शहरों में भेजे जा रहे हैं तथा यहां के उत्पादों की डिमांड दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.


गुरुवार, 21 अप्रैल 2022

वर्तमान में प्रतिनिधि सभा में 76 सीटें हैं - सत्ता बनाए रखने के लिए न्यूनतम आवश्यक

 ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 21 मई को देश में संघीय चुनाव कराए जाने की घोषणा की है। मॉरिसन के सत्तारूढ़ गठबंधन के पास वर्तमान में प्रतिनिधि सभा में 76 सीटें हैं - सत्ता बनाए रखने के लिए न्यूनतम आवश्यक...

ऑस्ट्रेलिया.ऑस्ट्रेलिया में 21 मई को संघीय चुनाव है. ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 21 मई को संघीय चुनाव कराने का सुझाव दिया है.मतदान सर्वेक्षणों में सत्‍ता परिवर्तन की संभावना व्यक्त की गई है. एंथनी अल्बनीज के नेतृत्व में विपक्षी लेबर पार्टी की सरकार बनने का अनुमान व्यक्त किया गया है. परंतु पिछले चुनाव में अधिकांश मतदान सर्वेक्षणों के नतीजों के विपरीत स्कॉट मॉरिसन ने बहुमत हासिल किया था.मॉरिसन   के सत्तारूढ़ गठबंधन के पास अभी 76 सीटें हैं.

बताया गया कि ऑस्ट्रेलिया में जॉन हॉवर्ड के बाद मॉरिसन ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया है. हॉवर्ड चार चुनाव जीतने के बाद 2007 में लेबर पार्टी के केविन रूड से चुनाव हार गए थे.

चुनाव की घोषणा करते समय मॉरिसन ने कहा कि आर्थिक अनिश्चितताओं से बचने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए आप हमारी पार्टी को वोट करें. उन्होंने कहा कि 21 मई को होने वाले इस चुनाव में उदारवादियों को वोट देकर ही आप मजबूत भविष्य के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं.मॉरिसन ने कहा कि विपक्षी लेबर पार्टी का कहना है कि वह ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए बेहतर आर्थिक विकल्प पेश करेगी. लेकिन ये उनके झूठे वादे हैं.उनके झांसे में जनता न आएं.

 मॉरिसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने पिछले चुनाव के बाद से कई चुनौतियों का सामना किया है - जिसमें आग, बाढ़ और COVID-19 महामारी शामिल है. इस दौरान  हमारी सरकार ने दूसरे देशों की तुलना में बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है. बता दें कि स्कॉट मॉरिसन ऑस्ट्रेलिया के 30वें और वर्तमान प्रधान मंत्री के रूप में कार्यरत हैं.उन्होंने अगस्त 2018 में ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी के नेता के रूप में  पदभार ग्रहण किया था. वहीं उनके विपक्ष में लेबर पार्टी है जो कि उन्हें टक्कर देती दिख रही है.लेबर पार्टी के मुख्य नेता एंथनी अल्बनीस हैं.हालांकि चुनाव के बाद ही नतीजे साफ हो पाएंगे.

इस बीच 21 मई को ऑस्ट्रेलिया के संघीय चुनाव से पहले प्रचार अभियान के रूप में, देश के कैथोलिक धर्माध्यक्षों ने मतदाताओं से अपने ख्रीस्तीय धर्म के आलोक में दांव पर लगे मुद्दों पर विचार करने का आग्रह किया.

पर्यावरणीय चिंता, बेहतर उपशामक और वृद्ध देखभाल, बढ़ती गरीबी, शरण चाहने वालों और आदिवासी लोगों के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और कैथोलिक शिक्षा के लिए स्कूल इत्यादि धर्माध्यक्षों द्वारा रेखांकित मुद्दे हैं.

ऑस्ट्रेलियाई कैथोलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष ब्रिस्बेन के महाधर्माध्यक्ष मार्क कॉलरिज ने चुनाव के ठीक एक महीने पहले मंगलवार को जारी एक बयान में उन चिंताओं को व्यक्त किया.

धर्माध्यक्षों ने संत पापा फ्राँसिस की अपील को याद करते हुए कहा कि "एक बेहतर प्रकार की राजनीति, जो वास्तव में आम अच्छे की सेवा में हो."

"हमारा ख्रीस्तीय विश्वास हमें एक मिशनरी के रूप में जीने के लिए बुलाता है जो मानवता को येसु मसीह के प्रेम की गवाही देते हैं.हमारी मान्यताएं एक निजी आध्यात्मिकता नहीं हैं, बल्कि कार्यों में व्यक्त प्रेम के माध्यम से महसूस की जाती हैं."

धर्माध्यक्षों का कहना है कि लोकतांत्रिक समाज में ख्रीस्तीय होने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि "सभी की भलाई के लिए अपने वोट का उपयोग करके वे अपने समुदाय के लिए जो अच्छा कर सकते हैं, उस पर चिंतन करें."

ऑस्ट्रेलिया, 2019 में पिछले चुनाव के बाद के वर्षों में, चरम मौसम, कोविड -19 के प्रभावों और यूक्रेन में युद्ध के प्रभाव को देखा है, जो शांति, न्याय और सहयोगात्मक भागीदारी के राजनीतिक मूल्यों की रक्षा करने की आवश्यकता को उजागर करता है.

जैसा कि देश महामारी के मद्देनजर आर्थिक सुधार चाहता है, धर्माध्यक्ष "एक नए सामाजिक अनुबंध" का आह्वान करते हैं जो किसी भी व्यक्ति या सामाजिक समूह को पीछे छोड़े बिना आम भलाई को बढ़ावा देता है.

वे स्वास्थ्य देखभाल, विशेष रूप से वृद्ध देखभाल और उपशामक देखभाल के मानकों में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि मानव गरिमा के लिए समाज को "सभी लोगों के जीवन को महत्व देना चाहिए, जिसमें उनके जीवन के अंत के करीब का समय भी शामिल हैं."

धर्माध्यक्षों का कहना है कि उपशामक देखभाल तक पहुंच आवश्यक है, ताकि मरने वाले पर सहायता प्राप्त आत्महत्या का विकल्प चुनने के लिए दबाव न डाला जाए.

ऑस्ट्रेलियाई धर्माध्यक्षों ने ऐसी नीतियों का आह्वान किया जो बेरोजगारी और गरीबी में पीड़ित लोगों की सहायता करती हैं.

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की भी रक्षा की जानी चाहिए."भेदभाव से सुरक्षा और धार्मिक संगठनों को उनके विश्वास से प्रेरित मिशन के आधार पर चलाने की स्वतंत्रता मौलिक मानवाधिकार हैं जिनकी रक्षा की जानी चाहिए."

कलीसिया द्वारा संचालित संस्था द्वारा एक वर्ष में 777,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों को शिक्षित करने के साथ, कैथोलिक धर्माध्यक्ष मतदाताओं से राजनेताओं को चुनने का आग्रह करते हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि "स्कूल का विकल्प सभी परिवारों के लिए एक सुलभ विकल्प बना रहे," विशेष रूप से वंचित समुदायों में.

बच्चियों के साथ बैठकर भोजन किया

 पटना. पटना जिले के जिलाधिकारी है डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह.आज बालिका मध्य विद्यालय अमला टोला में मध्याह्न भोजन का निरीक्षण कर बच्चियों के साथ बैठकर भोजन किया गया, गुणवत्ता को और बेहतर करने का निर्देश दिया.बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद प्रदेशभर के आलाधिकारी लगातार स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा ले रहे हैं. इसी क्रम में राजधानी पटना के कलेक्टर डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह अचानक से एक कन्या मध्य विद्यालय में पहुंच गए. डीएम साहब के आने से स्‍कूल में खलबली सी मच गई. शिक्षक से लेकर स्‍टाफ तक इस सोच में पड़ गए कि आखिर कलेक्‍टर अचानक से स्‍कूल क्‍यों पहुंच गए? इस दौरान मिड डे मील का भी समय हो गया था. कलेक्‍टर साहब ने झट से छात्राओं संग खुद भी जमीन पर आसन लगाकर मिड डे मील खाने बैठ गए. डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के इस व्यवहार से हर कोई भौचक्का था. पटना डीएम के साथ जिला शिक्षा अधिकारी भी मध्याह्न भोजन करने बैठ गए. इस दौरान चंद्रशेखर सिंह को छात्राओं से गुफ्तगू करते भी देखा गया.


राजधानी पटना में भी शिक्षा विभाग के आदेश का असर देखने को मिला है. जिलाधिकारी डॉक्टर चन्द्रशेखर सिंह खुद स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए. उन्होंने अमला टोला कन्या मध्य विद्यालय में बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया. डीएम चन्द्रशेखर सिंह के साथ डीईओ अमित कुमार भी अचानक अमला टोला स्कूल पहुंचे. आलाधिकारियों ने यहां सबसे पहले स्कूल के किचन का जायजा लिया और मेन्यू चेक किया. जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी बच्चों के साथ पंक्ति में फर्श पर बैठ गए और तकरीबन आधे घंटे तक भोजन किया. जिले के आलाधिकारियों द्वारा इस तरह से जमीन पर बैठकर आम छात्रों की तरह भोजन करना हर किसी को आश्चर्यचकित कर रहा था.


कन्या मध्य विद्यालय में गुरुवार को मिश्रित दाल, चावल और सलाद का मेन्यू था. स्‍कूल में इसके मुताबिक भोजन की व्यवस्था की गई थी. भोजन करने के बाद जिलाधिकारी ने भोजन की क्वालिटी की जमकर तारीफ की और स्कूल को इस मामले में 100 में 100 नम्बर दिया. उन्होंने कहा कि वह बिना बताए यहां पहुंचे थे और बिल्कुल घर जैसा खाना लगा. वहीं, डीईओ ने भी कहा कि अब ऐसे ही औचक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि खाने की क्वालिटी और बेहतर हो सके. उन्‍होंने कहा कि इससे बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी.


जिलाधिकारी डॉक्टर चंद्रशेखर को साथ में खाना खाते देख स्कूल की छात्राएं भी गौरवान्वित महसूस कर रही थीं. छात्राओं ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि वे कलेक्टर साहब के साथ खाना खा रही हैं. डीएम ने स्कूल की रसोईया से भी मुलाकात की और खाने की तारीफ की. रसोईया गीता और रेणु देवी ने संकल्प भी लिया कि वे रोज ऐसा ही खाना खिलाएंगी और क्वालिटी से समझौता नहीं करेंगी. मिड डे मील को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है. सभी जिलों को आदेश दिया है कि स्कूल के एचएम से लेकर शिक्षा समिति के सदस्य और जिलाधिकारी तक स्कूलों में बच्चों के साथ पंक्ति में बैठकर खाना खाएंगे, ताकि मिड डे मील की गुणवत्ता बढ़ सके.


आलोक कुमार


गायब मिले शिक्षक से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा

 

■ ’10़2 सुप्पी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित शिक्षक मिले गायब 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया’


सीतामढ़ी.प्रभारी जिला पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त विनय कुमार द्वारा सुप्पी प्रखंड अंतर्गत रामनगरा पंचायत के ग्राम रामनगरा में ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के तहत किसान रणधीर कुमार के निजी जमीन पर पोखर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया. वहाँ कार्यस्थल पर निबंधित जॉब कार्ड धारक द्वारा कार्य कराया जा रहा जहां निरीक्षण किया गया. इस योजना के पूर्ण होने से जल संचयन और कृषि कार्य, मछली पालन, पर्यावरण शुद्धिकरण, जल संरक्षण, सिंचाई की सुविधा आदि कार्यों में सहयोग होगा, साथ ही पोखर के चारो तरफ वृक्षारोपण कराया जाएगा. जिससे वातावरण शुद्ध होगा.

इसके उपरांत 10़2 सुप्पी हाई स्कूल के प्रांगण में मनरेगा के तहत चबूतरा निर्माण कार्य कराया गया है. जिसका निरीक्षण किया गया जो कि भौतिक रूप से पूर्ण पाया गया, साथ ही प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान 9 शिक्षकों में से एक शिक्षक की उपस्थिति देख भड़के प्रभारी डीएम. जिला शिक्षा पदाधिकारी को 24 घंटे के अंदर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया. साथ ही प्रभारी जिला पदाधिकारी ने राजकीय कन्या मध्य विद्यालय ससौला पहुंचकर शिक्षकों की उपस्थिति पंजी की जांच की शिक्षकों से बच्चे के पढ़ाई का फीडबैक लिया. शौचालय, क्लास रूम, का भी अवलोकन किया.

विद्यालय मैनेजमेंट कमिटी की बैठक से संबंधित पंजी की भी जांच की एवं विद्यालय में आज मध्याह्न भोजन नहीं कराए जाने पर खेद प्रकट किया एवं इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. प्रभारी जिला पदाधिकारी-सह- उप विकास आयुक्त विनय कुमार ने ससौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी गायब मिले जिस पर प्रभारी जिला पदाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया साथ ही उन्होंने जे0ई0/एईस वार्ड में मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया एवं उपस्थित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. उक्त निरीक्षण में जिला जन संपर्क पदाधिकारी विजय कुमार पांडेय, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुप्पी सौरभ सुमन, कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा,जेई मनरेगा, पंचायत रोजगार सेवक उपस्थित थे.


बुधवार, 20 अप्रैल 2022

विजयोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर ऐतिहासिक पल का गवाह बनें


बेतिया से स्वीटी माइकल और पटना से आलोक कुमार की रिपोर्ट..

बेतिया.चलो बेतिया से जगदीशपुर, बाबू वीर कुँवर सिंह ने पुकारा है.यह कहना है राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य प्रतीक एडविन शर्मा का .उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि आइए हम सभी बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती जगदीशपुर (आरा) में 23 अप्रैल को दिन शनिवार समय पूर्वाह्न 11ः00 बजे लाखों-लाख की संख्या में विजयोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर ऐतिहासिक पल का गवाह बनें.

वीर कुंवर सिंह जी के जयंती पर 23 अप्रैल को जगदीशपुर में होने वाले कार्यक्रम के संबंध में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा बेतिया की बैठक की गयी. इस आयोजन में अल्पसंख्यक मोर्चा के साथियों से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया. भाजपा के माननीय प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल जी के कुशल नेतृत्व में हम सभी विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बनने जा रहे हैं.

मोर्चा के सम्मानित जिलाध्यक्ष बड़े भाई अब्दुर रहमान जी ने सबों को इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ के हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया है. आज के वर्चुअल बैठक में इरफान अंसारी, एलेक्स लाजरूस, सलीम खान,राहुल डेनिस, विशाल सिरिल,सलमा खातून,एमएन मैन्युद्दीन आदि सम्मानित पदाधिकारी गण उपस्थित रहे.दीपेन्द्र सरार्फ,अखिलेश्वर सिंह,गौरव चौधरी का पूर्ण सहयोग मिल रही है.



मालूम हो कि 23 अप्रैल को भोजपुर के जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती समारोह का आयोजन होना है, जिसमे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शरीक होंगे. बीजेपी इस कार्यक्रम की तैयारी में लगी है. गृह मंत्री के आगमन से पूर्व भाजपा भव्य तैयारियों में जुटी है. बाबू वीर कुंवर सिंह की स्मृति में भाजपा 101011 तिरंगा झंडा फहराने की तैयारी कर रही है. जगदीशपुर में तिरंगा के साथ लोगों का कुंभ लगेगा. बिहार के 14 जिलों के कार्यकर्ता तिरंगा कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचेंगे. भाजपा की कोर कमेटी में इस बाबत निर्णय भी लिया जा चुका है और इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है. पार्टी इस बार एक लाख से अधिक तिरंगा झंडा के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रही है.   

1857 का संग्राम ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक बड़ी और अहम घटना थी. इस क्रांति की शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ से हुई, जो धीरे-धीरे बाकी स्थानों पर फैल गई. वैसे तो संग्राम में कई लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाई लेकिन अंग्रेजों के साथ लड़ते हुए अपने क्षेत्र को आजाद करने वाले एकमात्र नायक बाबू वीर कुंवर सिंह थे. उन्होंने 23 अप्रैल, 1858 को शाहाबाद क्षेत्र को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराया था. उन्होंने जगदीशपुर के अपने किले पर फतह पाई थी और ब्रिटिश झंडे को उतारकर अपना झंडा फहराया था. उसी आजादी का पारंपरिक विजयोत्सव दिवस 23 अप्रैल को मनाया जाता है.     


आलोक कुमार

बायोमैट्रिक जीवन प्रणामपत्र भी बनाया जाएगा

पटना.राज्य में मई- जून में नगरपालिका का चुनाव संभावित है.सूबे में पंचायत चुनाव,24 विधान परिषद और विधान सभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो गयी है.अब नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी.


इस बीच वर्तमान पार्षद व भावी पार्षद प्रत्याशी भीषण गर्मी में भी चुनाव प्रचार करने में लगे हैं.पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी के प्रतिनिधि पप्पू राय का कहना है डिप्टी मेयर रजनी देवी मेयर पद के लिए किस्मत अजमाएंगी.सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि 22 अप्रैल दिन शुक्रवार समय 10 बजे से डिप्टी मेयर कार्यलय 22C कुर्जी मोड़ में आयुष्मान भारत कार्ड, गोल्डन कार्ड , ई श्रम कार्ड, डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा.इसके साथ बायोमैट्रिक जीवन प्रणामपत्र भी बनाया जाएगा.यहां के लोगों ने कहा कि आधार कार्ड भी बनाने की व्यवस्था हो.

संभावना जताई जा रही है कि राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर देगा.सूत्रों के अनुसार नगर निकाय का चुनाव एक ही चरण में कराने पर विचार किया जा रहा है.चुनाव ईवीएम से होगा. नगर निकाय चुनाव में भी पहली बार वोटरों के सत्यापन के लिए मतदान केन्द्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा.

बता दें कि आयोग ने पंचायत चुनाव में बोगस वोटिंग को रोकने के लिए पहली बार बायोमेट्रिक सिस्टम को लागू कराया. नगर निकाय चुनाव में इस बार कई नए क्षेत्रों में भी मतदान कराए जाएंगे.नगर विकास एवं आवास विभाग ने करीब 166 नए नगर निकायों का गठन, उत्क्रमण क्षेत्र एवं विस्तार किया है. इनमें 6 नए नगर निगम भी हैं.इन क्षेत्रों में पहले वार्ड का गठन होगा.

इसके बाद आरक्षण के रोस्टर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. फिर मतदाता सूची तैयार होगी. खासबात यह होगी कि नगर निकाय चुनाव में दो बच्चे वाला प्रावधान लागू रहेगा.यानी जिन लोगों के दो से अधिक बच्चे होंगे वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

सूबे में 109 नए नगर पंचायत बनाए गए है.पटना में (2) - पुनपुन और पंचायत पालीगंज; नालंदा में (10)- हरनौत, सरमेरा, रहुई, परवलपुर, गिरियक, अस्थावा, एकंगरसराय, चंडी, पावापुरी (गिरियक) और सिलाव; भोजपुर में (1)- गड़हनी; बक्सर में (2)- चौसा और ब्रम्हपुर; कैमूर में (3)- हाटा, कुदरा और रामगढ़; रोहतास में (4)- चेनारी, दिनारा, काराकट और रोहतास; मुजफ्फरपुर में (7)- मुरौल, सकरा, बरुराज, मीनापुर, कुढ़नी, सरैया और माधोपुर सुस्ता; पश्चिमी चंपारण में (2)- लौरिया और जोगापटी; वैशाली में (3)- जन्दाहा, गोरौल और पातेपुर; मुंगेर में (1)- तारापुर; शेखपुरा में (2)- चेवाड़ा और शेखोपुरसराय; जमुई में (1)- सिकन्दरा; खगड़िया में (4)- अलौली, परबत्ता, मानसी और बेलदौर; गया में (5)- वजीरगंज, फतेहपुर, डोभी, इमामगंज और खिजरसराय; औरंगाबाद में (2)- बारूण और देव; नवादा में (1)- रजौली; जहानाबाद में (2)- घोषी और काको; अरवल में (1)- कुर्था; पूर्णिया में (8)- चम्पानगर, बायसी, अमौर, जानकीनगर, धमदाहा, मीरगंज, भवानीपुर और रूपौली; कटिहार में (5)- कोढ़ा, बरारी, कुर्सेला, अमदाबाद और बलरामपुर; अररिया में (3)- रानीगंज, जोकीहाट और नरपतगंज; किशनगंज में (1)- पौआखाली; सीवान में (6)- बसंतपुर, गुठनी, आन्दर, गोपालपुर, हसनपुरा और बड़हड़िया; सारण में (3)- मशरख, मांझी और कोपा; दरभंगा में (9)- कुशेश्वरस्थान पूर्वी, बहेड़ी, हायाघाट, घनश्यामपुर, बिरौल, भरवाड़ा, सिंहवाड़ा, जाले और कमतौल; मधुबनी में (2)- फुलपरास और बेनीपट्‌टी; समस्तीपुर में (3)- सरायरंजन, मुसरी घरारी और सिंघिया; भागलपुर में (4)- हबीबपुर, सबौर, पीरपैंती और अकबरनगर; बांका में (2)- कटोरिया और बौंसी; सहरसा में (4)- सौरबाजार, बनगाँव, नवहट्टा और सोनवर्षा; सुपौल में (2)- पीपरा और राघोपुर; मधेपुरा में (3)- सिंहेश्वर, बिहारीगंज और आलमनगर; गोपालगंज में (1)- हथुआ.

इसी तरह 11 नगर परिषद का क्षेत्र विस्तार किया गया है. बक्सर, डुमरांव, शेखपुरा, बरबीघा, मसौढ़ी, खगड़िया, सीवान, बीहट (बेगूसराय), हाजीपुर, सुल्तानगंज, नवादा.

इस बार 6 नगर परिषद को नगर निगम बनाया है.पश्चिमी चंपारण जिले में बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी, मधुबनी जिले में मधुबनी, समस्तीपुर में समस्तीपुर, रोहतास जिले में सासाराम, सीतामढ़ी जिले में सीतामढ़ी.

वहीं 32 नगर पंचायत को नगर परिषद बनाए गए है.राजगीर, पीरो, नोखा, चकिया व रामनगर (पू. चम्पारण), लालगंज व महुआ, जनकपुर रोड व जनकपुर रोड व बैरगनिया, शिवहर, तेघड़ा, बलिया व बखरी, हवेली खड़गपुर, गोगरी जमालपुर (खगड़िया), बोधगया, शेरघाटी व टेकारी, वारिसलीगंज व हिसुआ, कांटी, मोतीपुर व साहेबगंज, कसबा व बनमनखी, जोगबनी, बरौली व मीरगंज, रोसड़ा व दलसिंहसराय, नवगछिया, सिमरी बख्तियारपुर.

वार्डों के गठन, आरक्षण रोस्टर और नए नगर निकायों में वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में एक से दो महीने का वक्त लग सकता है.राज्य में पहले से 12 नगर निगम पटना, बिहारशरीफ, आरा, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मुंगेर, बेगूसराय, पूर्णिया, कटिहार और छपरा नगर निगम थे.

राज्य सरकार ने 6 और नगर निगम पश्चिम चंपारण जिला में बेतिया, पूर्वी चंपारण जिला में मोतिहारी, मधुबनी जिला में मधुबनी, समस्तीपुर जिला में समस्तीपुर, रोहतास जिला में सासाराम और सीतामढ़ी जिला में सीतामढ़ी को नगर परिषद से उत्क्रमित कर नगर निगम बनाया है.


24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें

 

मेक्सिका.पल्लीवासियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि पुण्य शनिवार को ‘रूसी अधिकारियों ने काथलिकों को एक उपहार दिया, निष्कासन का एक आदेश जारी करते हुए‘ कि मास्को के संत पेत्रुस एवं पौलुस पल्ली के पल्ली पुरोहित फेर्नांदो वेरा 24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें। उन्हें पास्का जागरण एवं पास्का पर्व तक मनाने नहीं दिया गया.मेक्सिको के ओपुस देई ऑर्डर के पल्ली पुरोहित को जिन्होंने सात सालों तक रूस में सेवा दी थी बिना किसी स्पष्टीकरण के एक दिन के अंदर देश वापस लौटने का आदेश मिला, शायद इसके बाद भी वे रूस में अपने मिशन पर नहीं लौट पायेंगे.  


आलोक कुमार

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