शुक्रवार, 10 जून 2022

जीएनएम छात्राओं की मांगे जल्द मांगी जाए

★ जीएनएम छात्राओं के समर्थन में एकदिवसीय भूख हड़ताल पर बैठा ऐपवा आइसा और ट्रेड यूनियन ऐक्टू

★ जीएनएम छात्राओं को पटना में हॉस्टल दे सरकार- ऐपवा


पटना। एक महीने से ज्यादा समय से पीएमसीएच से राजापाकड़ शिफ्ट किए जाने के विरोध में आंदोलन कर रही पीएमसीएच की छात्राएं पिछले पांच दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठी हुई  हैं। छात्राएं राजापाकड़ जाना नहीं चाहती हैं। उनके अंदर अपने सुरक्षा को ले कर भी भय है।राजापाकड़ सुदूर इलाका है। छात्राओं के भूख हड़ताल के समर्थन में महिला संगठन ऐपवा एवं छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

मौके पर पहुंचे भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने विधानसभा में मुद्दे को उठाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री से बात करने का आश्वासन भी दिया। कहा कि सरकार पूरी तरह संवेदनहीन रवैया अपना रही है। ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि हमलोग लगातार इस आंदोलन में लगे हुए हैं।आज छात्राओं के भूख हड़ताल के समर्थन में हमलोग भी भूख हड़ताल पर आज बैठे हैं। विकास का दावा करने वाली सरकार के पास लगभग 200 छात्राओं को रखने के लिए पटना में जगह नहीं है।ये बात सरकार के विकास के दावे की स्वयं पोल खोल रहा है।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ  की बात करने वाली सरकारें हक मांगने पर बेटियों पर लाठियां चलवा रही हैं। राजापाकड़ में ही पिछले दिनों एक लड़की की दुष्कर्म करके हत्या कर दी गयी। उस जगह पर लड़कियों को भेजना बहुत गलत है। इन छात्राओं को राजापाकड़ भेजने का फरमान सरकार वापस ले और छात्राओं को पटना में रहने की व्यवस्था करे।

आइसा बिहार राज्य अध्यक्ष विकाश यादव ने सरकार पर अ संवेदनशील होने का आरोप लगाया।पांच दिनों से लड़कियां भूख हड़ताल पर हैं लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा इनसे मिलने तक नहीं आया। स्वास्थ्य मंत्री को छात्राओं की समस्या का हल करना होगा।इस बीच ऐक्टू नेता रणविजय कुमार व महासंघ (गोप गुट) सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद ने पीएमसीएच जीएनएम नर्सिग छात्राओं के भूख हड़ताल के 19 वे दिन आंदोलन का समर्थन करते हुए नर्सिग छात्राओं के लिए दीघा स्थित नवनिर्मित आईटीआई महिला छात्रावास में  शिफ्ट करने  अथवा  मकान किराया भत्ता  देने की मांग किया है। साथ ही यह भी कहा कि सरकार ग्रुप- ए की हर मांग पूरा करती है चूंकि नर्सिंग छात्राएं ग्रुप सी से है इसलिए इनकी मांगों के खिलाफ अड़ी हुई है। नेताओं ने  पीएमसीएच कैम्पस में 5 हजार बेड का बन रहे विश्वस्तरीय हॉस्पिटल के निजीकरण की नीतीश-भाजपा सरकार के साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि कहीं इस कारण से नर्सिंग छात्राओं को पुलिसिया आतंक में जबरन हॉस्टल खाली कराया जा रहा है।

                                 

आलोक कुमार 

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