शुक्रवार, 20 मई 2022

29 मई को पारिवारिक दिवस मनाने का निश्चय

 

चुहड़ी.अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस हर साल 15 मई को मनाया जाता है.इस बार चुहड़ी पल्ली की स्थापना के 253 वें साल में यहां की पल्ली की कमिटी ने 29 मई को पारिवारिक दिवस मनाने का निश्चय किया है.  

बता दें अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1993 में संकल्प ए/आरईएस/47/237 के साथ घोषित किया गया था और यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा परिवारों को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाता है .      
बता दें कि पारिवारिक दिवस के अवसर पर 29 मई की शाम 05.30 से पवित्र मिस्सा होगा. पवित्र मिस्सा के उपरांत संध्या 07.00 बजे से प्रीतिभोज होगा.इस प्रीतिभोज का खर्च पल्ली के लोग उठा रहे  हैं.इस प्रीतिभोज का स्थल लोयला स्कूल है.यहां पैरिश के लोग उपस्थित होकर सामूहिक भोज का लुफ्त उठाएंगे.     

यह भी बता दें कि उत्तर बिहार में ईसाई धर्म के कई चर्च मौजूद हैं.उसमें चर्च ऑफ दी असम्पसन ऑफ दी बी व्ही एम भी है.यह बेतिया धर्मप्रांत की चुहड़ी पल्ली में स्थित है.चुहड़ी पल्ली के बारे में कहा जाता है कि यह कैथोलिक धर्म नेपाल में कैथोलिक धर्म से जुड़ा हुआ है.हिंदू राज्य में नेपाल के एकीकरण होने के बाद पृथ्वी नारायण शाह द्वारा कैथोलिक धर्म से जुड़े लोगों को ब्रिटिश जासूस समझने लगे. वहां से कैथोलिक प्रीस्ट और कई नेपाली ईसाई भारत के लिए रवाना हुए और 1769 में चुहड़ी में आकर बस गए.इस तरह 1769 में  चुहड़ी   मिशन की शुरुआत हो गयी. यहां 1934 में भूकंप आने के कारण पुराना चर्च  गिर गया था.तब जाकर 1959 में नया चर्च बना.इस चर्च का नाम है चर्च ऑफ दी असम्पसन ऑफ दी बी. व्ही. एम .यहां करीब 75 परिवार हैं और सदस्यों की संख्या 350.चुहड़ी पल्ली के पुरोहित फादर तोबियास टोप्पो हैं.  

आकांक्षा पौल

गुरुवार, 19 मई 2022

वाल्मीकिनगर से डिस्चार्ज पानी लेवल की जानकारी लगातार देने की व्यवस्था करें

 बेतिया.संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में फ्लड फाईटिंग मेटेरियल का चिन्हित स्थलों पर भंडारण  करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिये हैं.उन्होंने कहा कि नेपाल के नारायण घाट एवं देव घाट से छोड़े जाने वाले पानी के लेवल की लगातार मॉनिटरिंग करना आवश्यक है.गंडक बराज, वाल्मीकिनगर से डिस्चार्ज पानी लेवल की जानकारी लगातार देने की व्यवस्था करें.संवेदनशील घाटों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिये हैं.

आसन्न बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर की जा रही तैयारियों की समीक्षा आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा की गयी.जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ एवं कटाव से निपटने के लिए सभी तैयारियां ससमय कर ली जाय ताकि विषम परिस्थिति में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अनुमंडलाधिकारी पिछले पांच वर्षों के फ्लड का स्टडी करें तथा भंडारण स्थल चिन्हित करें.उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में फ्लड फाईटिंग मेटेरियल का भंडारण सुनिश्चित करायें ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित गति से कार्रवाई की जा सके.उन्होंने कहा कि 25 मई तक फ्लड फाईटिंग मेटेरियल चिन्हित स्थलों पर पहुंच जानी चाहिए.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नेपाल के नारायण घाट एवं देव घाट से छोड़े जाने वाले पानी के लेवल की लगातार मॉनिटरिंग आवश्यक है. प्रॉपर तरीके से दिन-रात मॉनिटरिंग कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय. उन्होंने कहा कि नेपाल के उक्त घाटों से जो पानी छोड़ा जाता है उसकी सूचना त्वरित गति से प्रसारित किया जाय।.वाल्मीकिनगर गंडक बराज से भी कितना क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, इसकी भी सूचना तुरंत उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय.साथ ही मौसम विभाग द्वारा जारी वेदर, बारिश, वज्रपात, मैथमेटिकल मॉडलिंग आदि अपडेट का भी स्थानीय प्रिन्ट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित कराना सुनिश्चित किया जाय.आवश्यकतानुसार अधिकारियों एवं कर्मियों की संख्या बढ़ायी जाय.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक अनुमंडल में संवेदनशील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखनी है और सुरक्षात्मक कार्य कराना सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने कहा कि जिन स्थलों पर प्रत्येक वर्ष बाढ़ एवं कटाव की स्थिति बनी रहती है वहां शरणस्थ्ली, कम्यूनिटी किचेन, पेयजल, शौचालय, पशु चारा, पशु चिकित्सा, मेडिकल कैम्प, ड्राई राशन पैकेट को पूर्व में ही स्टॉक करके रखा जाय. उक्त स्थलों पर फ्लेक्स एवं बैनर का अधिष्ठापन कराया जाय ताकि बाढ़ एवं कटाव प्रभावित व्यक्तियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

उन्होंने कहा कि अभी से ही बाढ़ से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों/परिवारों को पॉलीथिन शीट्स उपलब्ध करा दी जाय.उन्होंने कहा कि घाटों की प्रॉपर मॉनिटरिंग अत्यंत ही आवश्यक है.संवेदनशील घाटों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल को तैनात किया जाय तथा वहां विशेष निगरानी रखी जाय.नाव परिचालन में फ्लेक्स-बैनर लगाया जाय जिस पर निःशुल्क सेवा, भार क्षमता अंकित होनी चाहिए. किसी भी परिस्थिति में नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार नहीं हो, इसे सुनिश्चित किया जाय. साथ ही बाढ़ के दौरान नदियों से लकड़ियां एकत्रित करने के क्रम में दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए इस पर अंकुश लगाने की व्यवस्था की जाय.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 31 मई तक हर हाल में जीआर लिस्ट अपडेट हो जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि जीआर पोर्टल से प्रभावित की लिस्ट प्रिन्ट करा ली जाय और अच्छे तरीके से जांच-पड़ताल करा ली जाय. किसी भी परिस्थिति में वास्तविक बाढ़ पीड़ित वंचित नहीं रहें. पथ निर्माण से जुड़े कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति अविलंब कराना सुनिश्चित किया जाय ताकि संभावित बाढ़ आदि के मद्देनजर राहत सामग्री पहुंचाने में विलंब नहीं हो.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह, जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय, सभी एसडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे.
                                   

आलोक कुमार    


3 अमृत सरोवर के निर्माण कार्य का शिलान्यास

* जिला में आज 44 अमृत सरोवर के निर्माण कार्य का किया गया शिलान्यास


नालंदा.देश की आजादी के 75 वें वर्षगांठ वर्ष में मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिला में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जाना है.इसके तहत सार्वजनिक पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार/सार्वजनिक नए तालाबों का निर्माण किया जाना है.इस क्रम में आज जिला में 44 स्थानों पर अमृत सरोवर के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया.पूर्व में 3 अमृत सरोवर के निर्माण कार्य का शिलान्यास विगत सप्ताह में किया गया था.                                    


आलोक कुमार     


एक फोन काॅल से आपकी पेयजल की समस्या दूर करने का प्रयास होगा:जिला पदाधिकारी


सीतामढ़ी.आप सीतामढ़ी जिले के निवासी हैं! पेयजल की समस्याओं से जूझ रहे हैं! तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप जिले के सरकारी चापाकल के बंद होने अथवा पेयजल समस्या की सूचना सीतामढ़ी जिला के पी0एच0ई0डी0 कंट्रोल रूम के नंबर 06226- 251818 पर सुबह 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक फोन करके सूचना दे सकते हैं.एक फोन काॅल से आपकी पेयजल की समस्या दूर करने का प्रयास होगा.                                          

इस जिले के जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा के आदेशानुसार जिला अंतर्गत सभी प्रखंडों में पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए चलंत मरम्मती दलों द्वारा प्रतिदिन 20 से 30 चापाकलों की मरम्मती कराया जा रहा है.अब तक जिला के कुल 1603 चापाकलो की मरम्मती कराकर चालू करा दिया गया है.किसी भी सरकारी चापाकल के बंद होने अथवा पेयजल समस्या की सूचना सीतामढ़ी जिला के पी0एच0ई0डी0 कंट्रोल रूम के नंबर 06226-251818 पर सुबह 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक फोन कर सूचना दिया जा सकता है. पेयजल से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होने पर विभाग के कंट्रोल रूम अथवा टोल फ्री नंबर 18001231121 पर फोन कर जानकारी दी जा सकती है.                                        

आलोक कुमार                                        

प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के साथ बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर बैठक

जिला पदाधिकारी द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया...                                      


सीतामढ़ी. इस जिले के जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा द्वारा समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के साथ बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर बैठक की गयी. 

बैठक में उन्होंने बाढ़ पूर्व तैयारी की स्थिति की जांच को लेकर सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि दो दिनों के अंदर अपने प्रखंड में जांच करें कि पिछले वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती की स्थिति, अंचल में उपलब्ध सरकारी नाव एवं उसकी मरम्मती की स्थिति, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा की स्थिति, मानव शरण स्थल एवं पशु शरण स्थल की भौतिक जांच एवं आवश्यक व्यवस्था (पेयजल,शौचालय, बिजली आदि की उपलब्धता), बाढ़ आपदा से बचाव हेतु प्रखंड स्तरीय माइक्रोप्लानिंग (शरण स्थली, सामुदायिक किचेन आदि) में मानव बल की प्रतिनियुक्ति एवं उनके वैक्सीनेशन की स्थिति, तटबंध  प्रहरी की उपलब्धता आदि का भौतिक सत्यापन कर दो दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराये.


इसके साथ ही मानव एवं पशुओं के लिए सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, खाद्यान्न की उपलब्धता, गोताखोरों की सूची,आपदा मित्रों की उपयोगिता, आदि के सम्बंध में कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए. जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी शरण स्थली का भौतिक सत्यापन कर वहां सभी आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण के समय विशेषकर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता एवं शौचालय की व्यवस्था को जरूर देख लें साथ ही उन्होंने कहा कि तटबंधों का नियमित निरीक्षण की भी जांच करें.

उक्त बैठक में वरीय पदाधिकारी आपदा रविंद्र नाथ गुप्ता,प्रभारी पदाधिकारी आपदा शंभूनाथ, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी विश्वजीत हेनरी, वरीय उप समाहर्ता सोनी कुमारी, जिला योजना पदाधिकारी राकेश कुमार, ओएसडी प्रशांत कुमार के साथ सभी प्रखंड नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार                                        

बुधवार, 18 मई 2022

खुदाई को भी 02 जून तक दुरुस्त करने का निर्देश अन्यथा संवेदक के विरुद्ध होगी कार्रवाई

 


नालंदा.इस जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगर निगम क्षेत्र में नल जल योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी. 02 जून तक सभी वार्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित करें संवेदक अन्यथा उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी.’पाइप लाइन बिछाने के क्रम में सड़क/गली में की गई खुदाई को भी 02 जून तक दुरुस्त करने का निर्देश अन्यथा संवेदक के विरुद्ध होगी कार्रवाई, इसके कारण अगर किसी तरह की दुर्घटना हुई तो बुडको के स्थानीय अभियंता एवं संवेदक के विरुद्ध होगी प्राथमिकी दर्ज होगी.

जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज बिहार शरीफ नगर निगम क्षेत्र के नल जल योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की.वार्ड नंबर 15, 16, 19 एवं 20 में 25 मई तक सभी घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश संवेदक को दिया गया. 25 मई के बाद इन सभी 4 वार्डों के सभी घरों का सर्वे नगर निगम द्वारा किया जाएगा.अगर कोई भी घर जलापूर्ति से वंचित पाया जाएगा तो विलंब अवधि के लिए प्रतिदिन प्रति वार्ड के आधार पर संवेदक के विरुद्ध आर्थिक पेनल्टी लगाई जाएगी, जिसकी कटौती संवेदक को भुगतेय राशि से की जाएगी.

अन्य सभी वार्डों में 2 जून तक सभी छूटे हुए घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश संवेदक को दिया गया। निर्धारित तिथि के बाद विलंब की अवधि के लिए प्रतिदिन प्रतिवार्ड के आधार पर संवेदक के विरुद्ध आर्थिक पेनाल्टी लगाई जाएगी.नगर निगम क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क किनारे की गई खुदाई को भी 2 जून तक दुरुस्त करने का स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया. अन्यथा बुडको के स्थानीय अभियंता एवं संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.इसके कारण अगर किसी तरह की दुर्घटना होगी तो संवेदक के विरुद्ध सीधा प्राथमिकी दर्ज  किया जाएगा.बैठक में नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, बुडको के सहायक अभियंता, संवेदक प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

खाड़ आपदा से संबंधित कार्य योजना की विस्तार से जानकारी दी

 गया. माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के पूर्व तैयारियों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी पुलिस महानिरीक्षक, सभी जिला पदाधिकारी एवं सभी वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ की गई.’समीक्षा के क्रम में आगामी बाढ़, अतिवृष्टि एवं सुखाड़ आपदा से बचाव की पूर्व तैयारी की समीक्षा संबंधित विभाग द्वारा कार्य योजना पर विस्तृत रूप से की गई एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.

आपदा प्रबंधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग , लघु जल संसाधन विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग , कृषि विभाग के द्वारा आगामी बाढ़, अतिवृष्टि एवं सूखाड़ आपदा से संबंधित कार्य योजना की विस्तार से जानकारी दी गयी.बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत केंद्र , खाद्यान्न वितरण , नाव की व्यवस्था, एनडीआरएफ , एसडीआरफ  की व्यवस्था , पशुचारा की व्यवस्था , पीने योग्य पानी की व्यवस्था , कटाव निरोधक कार्य , तटबंधों की निगरानी , बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली ,  कोविड-19 टेस्टिंग , वैक्सीनेशन , महामारी से बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव , सतत निगरानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था , सड़क एवं पुल पुलिया की मरम्मती , ऊंचा शरणस्थल का चयन , पॉलिथीन शीट   की समुचित व्यवस्था , आपातकालीन केंद्र , एंबुलेंस ,साफ सफाई, सूखा राशन वितरण , शरणार्थियों के लिए राहत केंद्र , सामुदायिक किचेन , स्वस्थ व्यवस्था आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.गया जिले के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने बताया कि अप्रैल माह में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक  देखा गया है. मई माह में 45 डिग्री तापमान आंका गया है। अप्रैल माह में औसतन तापमान 41 डिग्री रहा है, मई में 38.2 रहा है। इस वर्ष पिछले वर्ष से 3.50 डिग्री तापमान ज्यादा है.

भूगर्भ जल स्तर के समीक्षा के दौरान बताया कि गया जिला में  औसतन  30.44 फीट जल स्तर है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 1 फीट नीचे जलस्तर गया है तथा वर्ष 2019 में आज की तिथि में 43 फीट जलस्तर था.उन्होंने बताया कि गया जिले में 41  क्रिटिकल पंचायत चिन्हित किया गया है. संबंधित पंचायतों में विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा भ्रमण करते हुए चापाकल मरम्मत एवं नल जल योजना को चालू कराया गया है. इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र में 19 वार्ड चिन्हित किए गए हैं, जहां जलापूर्ति सुचारू रहे उसके लिए लगातार नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में 297 टोला चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अतरी, नीमचक बथानी, वजीरगंज, बाराचट्टी एवं मोहनपुर प्रखंड शामिल है. इन सभी टोलो में पेयजल व्यवस्था के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है.


चापाकल सर्वेक्षण के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि इस वर्ष काफी अच्छी गुणवत्ता के साथ चापाकल का सर्वेक्षण कार्य किया गया है. इस वर्ष 6669 खराब चापाकल चिन्हित किए गए हैं, जिसमें 6605 को मरम्मत कराते हुए पानी चालू कर लिया गया है. पिछले वर्ष 3500 मरम्मत किये गए थे तथा वर्ष 2019 में 4200 चापाकल मरम्मत कराए गए थे.उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के टोलो में 2779, सरकारी विद्यालयों में 452 चापाकल मरम्मत करवाए गए हैं, ताकि मिड डे मील, पानी के अभाव में बंद ना हो सके तथा जरूरत के हिसाब से पहाड़ी क्षेत्रों में कुल 91 नए चापाकल लगवाए गए हैं.

नल जल योजना के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों में नल जल योजना का संपूर्ण सर्वेक्षण करवाया गया है. मार्च के प्रथम सप्ताह में 552 अक्रियाशील योजनाओं को चिन्हित किए गए हैं, जिसमें वर्तमान में 130 अक्रियाशील बचे हुए हैं, शेष सभी को मरम्मत करवाते हुए जलापूर्ति चालू करवा लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि आज की तिथि में जो अक्रियाशील योजना का बंद रहने के कारण भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे जाना, विभिन्न सड़क निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान जलापूर्ति के पाइप लाइन को हानि/ टूटना शामिल है, जिसे संबंधित सड़क विभाग के एजेंसियों एवं पदाधिकारियों से संबंध स्थापित करते हुए तेजी से मरम्मत करवाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पेयजल से संबंधित शिकायत के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसमें अब तक 584 शिकायतें आए हैं. सभी शिकायतों को निष्पादन किया जा रहा है. अप्रैल माह में प्रत्येक दिन औसतन 35 से 40 शिकायतें आते थे, जो अब घटकर करके प्रतिदिन दो से तीन शिकायतें आ रहे हैं.

 गया नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 चापाकल मरम्मत करवाए गए हैं तथा पर्याप्त जगह स्टैंड पोस्ट तथा पियाऊ  लगाए गए हैं. जरूरत के अनुसार पानी की शिकायत आने वाले वार्डो एवं टोलो में टैंकर के माध्यम से भी पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है.कैटल ट्रफ के समीक्षा के दौरान बताया गया कि 28 कैटल टर्फ के विरुद्ध 25 कैटल  टर्फ   कार्यरत है। तीन सोलर प्लेट खराब होने के कारण कैटल  टर्फ   बंद है. दो-तीन दिनों के अंदर उसे मरम्मत कराते हुए चालू करवा दिए जाएंगे.

 आपदा विभाग के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में अत्यधिक गर्मी होने के कारण आगजनी की घटनाएं ज्यादा हुई है.पिछले वर्ष में कुल 22 घटना हुई थी, इस वर्ष 71 घटनाएं हुई हैं. साथ ही फसल क्षति 219 एकड़ हुए हैं तथा 22 पशु का मृत्यु हुई है तथा 70 झोपड़ी नष्ट हुए हैं. उन्होंने कहा कि सभी मामलों को बेहतर समन्वय करते हुए मुआवजा दिलवाने का कार्य कर लिया गया है.इसके साथ ही सुखाड़ को ध्यान में रखते हुए आकाशमिक फसल योजना से संबंधित प्रतिवेदन कृषि विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है.

जलजमाव के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि गया जिले में बड़े बड़े नालों को साफ सफाई तेजी से करवाए जा रहे हैं. मानसरव नाला को विशेष रूप से साफ सफाई की व्यवस्था रखी गई है.हीटवेव के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि हीटवेव के लिए जिले में पूरी तैयारी रखी गई है. 32 जागरूकता वाहन द्वारा घूम घूम कर लोगों को हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक करवाया जा रहा है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग तथा आपदा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की एडवाइजरी जारी किए गए हैं, जिस डिस्टिक एडमिनिस्ट्रेशन के सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है.ग्रामीण चिकित्सकों को भी ट्रेनिंग के माध्यम से जागरूक किया गया है ताकि हीटवेव के मरीज आने पर उन्हें किस तरह से उपचार किया जा सके. सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल तथा मगध मेडिकल अस्पताल में हीटवेव से पीड़ित  मरीजों के लिए सभी पर्याप्त व्यवस्थाएं रखी गई है. सभी अस्पतालों में सेपरेट बेड रखे गए हैं. सभी प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध है. सभी एंबुलेंस में आइस बैग रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर हीट वेब वाले मरीजो में प्रयोग किया जा सके.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में माननीय मुख्यमंत्री  बिहार ने गंगाजल पानी को गया जिला में लाने के पश्चात डोर टू डोर सप्लाई के लिए बिछाया जा रहे पाइपलाइन के संबंध में जानकारी प्राप्त किया. उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि गंगाजल का पानी लोगों को डोर टू डोर पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य करें. माननीय मुख्यमंत्री ने पाइप लाइन बिछाने के कार्य में मैन पावर बढ़ाकर अति शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने जिला पदाधिकारी गया को लगातार उसका अनुश्रवण करने का निर्देश दिए.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर आयुक्त गया नगर निगम श्रीमती अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता , वरीय समाहर्ता आपदा , वरीय उप समाहर्ता अमित पटेल, जिला कृषि पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग  सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

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