शुक्रवार, 12 अगस्त 2022

वार्ड स्तर तक इन शिविरों की सूचना प्रेषित होगा

  * दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड निर्माण को लेकर प्रखंडवार आयोजित होगा शिविर

* शिविर में यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिये जरूरी प्रमाण पत्र के साथ किया जा सकेगा आवेदन

* जिलाधिकारी के निर्देश पर शिविर के तिथि का हुआ निर्धारण,जरूरी तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप


किशनगंज: जिले के ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें, दिव्यांगता प्रमाण पत्र पूर्व में निर्गत किया जा चुका है. लेकिन, किसी कारण से अब तक उनका यूडीआईडी कार्ड नहीं बना पाया है. ऐसे दिव्यांगजनों के जिले में विशेष पहल की जायेगी. यूडीआईडी कार्ड निर्माण को लेकर दिव्यांगजनों से आवेदन प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रखंडवार शिविर का आयोजन किया जायेगा. निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा प्रखंडवार शिविर आयोजन को लेकर जरूरी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिलाधिकारी, श्री श्रीकांत शास्त्री के निदेशानुसार आगामी 16 अगस्त से निर्धारित 14 सितम्बर तक तिथि के मुताबिक प्रखंडवार शिविर का आयोजन किया जायेगा.

सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने इस संबंध में बताया कि प्रखंडवार आयोजित होने वाले शिविर के लिए अलग-अलग तिथि निर्धारित की गयी है. शिविर में यूडीआईडी कार्ड के लिये दिये जाने वाले आवेदन के साथ सभी जरूरी प्रमाणपत्र संलग्न करना जरूरी होगा. इसमें दिव्यांगजन के आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, दो फोटो, बैंक पासबुक की मूल प्रति के साथ-साथ एक छायाप्रति लाना अनिवार्य है. इसके लिये किसी तरह का कोई शुल्क देय नहीं है.

जिलाधिकारी  श्रीकांत शास्त्री के निर्देशानुसार जिले के बहादुरगंज प्रखंड मुख्यालय परिसर सहित अन्य 4 जगहों  में शिविर का आयोजन 16 , 17 , 18 एवं 20  अगस्त ,कोचाधामन प्रखंड  में शिविर का आयोजन 22,23 व 24 अगस्त पोठिया प्रखंड में 25, 26 एवं 27 अगस्त को, दिघलबेंक प्रखंड में प्रखंड मुख्यालय सहित अन्य 0 जगहों में शिविर का आयोजन 29 , 30 ,31 अगस्त एवं 01 सितम्बर , ठाकुरगंज प्रखंड में  शिविर का आयोजन 02 ,03 , 05 एवं 06 सितम्बर को तेधागाछ प्रखंड मुख्यालय  में शिविर का आयोजन 07,08 ,09 एवं 10 सितम्बर को वही किशनगंज प्रखंड में 12 , 13 एवं 14 सितम्बर को  शिविर का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक किया जायेगा.

जिलाधिकारी, श्रीकांत शास्त्री ने बताया दिव्यांगजनों को यूडीआईडी निर्गत करने के उद्देश्य से प्रखंड स्तर पर आयोजित विशेष शिविरों में प्रखंड विकास पदाधिकारी नियंत्री पदाधिकारी के तौर पर कार्य सम्पादित कराना सुनिश्चित करेंगे.वहीं संबंधित स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संयोजक पदाधिकारी के तौर पर कार्यों का निष्पादन करेंगे. शिविर में प्राप्त ऑफलाइन आवेदनों एवं प्राप्त दस्तावेजों तथा लाभार्थी की विवरणी को http://www.swdbihar.in/UDID/Home.aspx

 पर प्रविष्टि किया जायेगा।उन्होंने बताया इन शिविरों में दिव्यांगजन अपने दिव्यांगता प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेजों के रूप में अपना फोटो, आधार कार्ड,दिव्यांगता प्रमाण पत्र, बैंक खाता की छाया प्रति साथ में अवश्य लेकर आयें. वहीं यदि कोई नये दिव्यांगजन अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इन शिविरों में आते हैं तो उन्हें यूडीआईडी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किये जाने के लिए सिविल सर्जन कायार्लय से संपर्क किये जाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे.

जिलाधिकारी, श्रीकांत शास्त्री  ने बताया जिले में दिव्यांगजनों को प्रदान किये जाने वाले यूडीआईडी कार्ड के त्वरित निष्पादन एवं मॉनिटरिंग के लिए सिविल सर्जन की अध्यक्षता में अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला प्रबंधक आदि का मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाना है,जो यूडीआईडी पंजीयन शिविर की व्यवस्था एवं प्राप्त आवेदनों की सतत अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करेंगे.यदि कोई दिव्यांगजन निर्धारित तिथि के बाद अपना आवेदन लेकर आते हैं तो उनका आवेदन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जमा लेते हुए नियमानुसार सहायक निदेशक, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री ने बताया इस शिविर के आयोजन से पूर्व प्रचार-प्रसार के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि,विकास मित्र, पंचायत सचिव, महिला पर्यवेक्षिका, आशा कार्यकर्त्ता आदि का सहयोग लेते हुए वार्ड स्तर तक इन शिविरों की सूचना प्रेषित होना सुनिश्चित करेंगे.

आलोक कुमार


नियमित रूप से बी.एल.ओ के कार्यों की समीक्षा करें

 

मोतिहारी: ज़िला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में ज़िले में निर्वाचन से सम्बंधित चल रहे सभी कार्यों की समीक्षात्मक बैठक की गयी.बैठक में वर्तमान में चल रहे निर्वाचको के आधार संग्रहण अभियान एवं निर्वाचक सूची की पुनरीक्षण से सम्बंधित पूर्व गतिविधियों के कार्यों की समीक्षा की गयी.

समीक्षा के क्रम में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आयोग के निर्देश के आलोक में ज़िले के सभी निर्वाचको का आधार डेटा संग्रहित कर निर्वाचक सूची में निर्वाचको के डेटा के साथ लिंक किया जाना है.

 उन्हें निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से बी.एल.ओ के कार्यों की समीक्षा करें तथा निर्वाचकों का आधार संग्रहण कार्य में प्रगति लाएँ.सभी बी.एल.ओ घर घर जाकर गरुड़ ऐप के माध्यम से सभी निर्वाचको का आधार संकलित करेंगे. यह कार्य हर हाल में निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कर ली जानी है. निर्वाचक स्वयं भी चाहे तो भारत निर्वाचन आयोग के वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप तथा वोटर पोर्टल या एन.वी.एस.पी. लिंक पर जाकर अपने निर्वाचक डेटा को अपने आधार से लिंक कर सकते हैं इस सम्बंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलने का निर्देश उप निर्वाचन पदाधिकारी को दिया गया ताकि सभी निर्वाचक स्वयं अपने मोबाइल के माध्यम से निर्वाचक सूची में अपने डेटा के साथ अपना आधार लिंक कर सकें.निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों के साथ ज़िले के राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की गयी.

बैठक में जदयू की ज़िला अध्यक्षा श्रीमती मँजू देवी, राजद के प्रतिनिधि श्री चंदेश्वर प्रसाद यादव, भाकपा के ज़िला सचिव श्री विजय शंकर सिंह, माकपा के जिला सचिव श्री सुधीर प्रसाद सिंह, बसपा के प्रतिनिधि श्री ओम् प्रकाश राम एवं लोजपा के श्री धरनीधर मिश्र उपस्थित थे.

 सभी राजनैतिक दलों को परिवर्तित प्रपत्रों, वर्तमान में चल रहे निर्वाचको के आधार संग्रहण अभियान तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया तथा उनसे अनुरोध किया गया की वे सभी मतदान केंद्रों पर अपना बी.एल.ए शीघ्र नियुक्त करें तथा आयोग के उपरोक्त कार्यक्रम में अपना प्रभावी सहयोग प्रदान करें.


आलोक कुमार

गुरुवार, 11 अगस्त 2022

गोवर्धन योजना के लिए कोटवा प्रखंड के मच्छरगवां का चयन

 

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी है श्री शीर्षत कपिल अशोक.उन्होंने कोटवा प्रखंड के मच्छरगवां पंचायत का निरीक्षण किया है.निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने गोवर्धन योजना के लिए कोटवा प्रखंड के मच्छरगवां का  चयनित किया गया.


वही जिलाधिकारी महोदय ने मच्छरगवां पंचायत के वार्ड नंबर 12 के सामुदायिक भवन में अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक.बैठक के दौरान नल जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन हरियाली, मनरेगा योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में की समीक्षा तथा कार्यों में गति लाने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिया.

जिलाधिकारी महोदय द्वारा कोटवा प्रखंड के मच्छरगावां पंचायत को मॉडल बनाने का निर्देश दिया गया.वही गार्जियन ऑफ चंपारण के तहत पुराने पेड़ो के संरक्षण के लिए लोगों को मोबिलाइज किया गया.आईसीडीएस के द्वारा पेड़ को बचाओ के लिए पेड़ को राखी बांधी रखी.


उक्त निरीक्षण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, कोटवा, डीपीएमयूलीड बिहार विकास मिशन, जिला समन्वयक लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, माननीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.


आलोक कुमार

निर्वाचक द्वारा अपना आधार से संबंधित जानकारी स्वैच्छिक रूप से उपलब्ध करायी जानी है

 *निर्वाचक सूची में आधार को जोड़ने एवं प्रमाणीकरण के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर होगा विशेष कैम्प का आयोजन, 04, 18 एवं 25 सितंबर, 09 एवं 23 अक्टूबर, 06 एवं 20 नवंबर तथा 04 एवं 11 दिसंबर को आयोजित होगा विशेष कैम्प...


बेतिया: निर्वाचक सूची में आधार को जोड़ने एवं प्रमाणीकरण के लिए स्वैच्छिक आधार पर निर्वाचकों से आधार डाटा का संग्रहण करने का कार्य  प्रारंभ है. आधार संग्रहण का प्रमुख उद्देश्य निर्वाचक सूची में पंजीकृत निर्वाचकों की पहचान को सुनिश्चित करना एवं प्रमाणीकरण करना है.किसी भी निर्वाचक द्वारा अपना आधार से संबंधित जानकारी स्वैच्छिक रूप से उपलब्ध करायी जानी है.

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में आधार संख्या उपलब्ध कराने के लिए निर्वाचकों द्वारा प्रपत्र 6 ख का प्रयोग किया जायेगा. उक्त प्रपत्र ऑनलाइन, ईआरओ-नेट, वोटर्स पोर्टल, गरूड़ा एप, एनभीएसपी तथा भीएचपी एप में एवं बीएलओ के पास उपलब्ध रहेगा.

स्व प्रमाणीकरण द्वारा निर्वाचक प्रपत्र 6 ख को एनभीएसपी अथवा वोटर हेल्पलाईन एप पर जाकर भरेंगे तथा अपने आधार संख्या से जुड़े मोबाईल संख्या पर ओटीपी प्राप्त कर प्रमाणीकरण करेंगे.

स्व प्रमाणीकरण के बिना यदि निर्वाचक स्वयं प्रमाणीकरण नहीं करना चाहते हैं या नहीं हो पाता हैं, वैसी स्थिति में निर्वाचक द्वारा ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म 6 ख भरकर वांछित दस्तावेज प्रमाण के रूप में संलग्न किया जायेगा.

ऑफलाइन रूप से प्रपत्र 6 ख को भरने के लिए निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा बीएलओ को घर-घर जाकर आधार संख्या के संग्रहण के लिए प्रपत्र 6 ख प्राप्त करने के लिए नियुक्त किया जायेगा. ऑफलाइन प्राप्त प्रपत्र 6 ख प्राप्ति के सात दिनों के अंदर बीएलओ द्वारा गरूड़ा एप के माध्यम से या ईआरओ द्वारा ईरोनेट के माध्यम से डिजिटाइज किया जायेगा.

सभी बीएलओ विशेष अभियान दिवस पर निर्वाचकों को स्वैच्छिक रूप से अपने आधार से संबंधित जानकारी प्रपत्र 6 ख में उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करेंगे. अभियान अवधि के दौरान निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा ई-सेवा केन्द्रों, मतदाता सहायता केन्द्रों तथा सिटीजन सर्विस सेन्टर के माध्यम से भी आधार संग्रहण किया जायेगा.

उप निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि निर्वाचन विभाग, बिहार द्वारा आधार को जोड़ने एवं प्रमाणीकरण के लिए स्वैच्छिक आधार पर निर्वाचकों से आधार डाटा संग्रहण के निमित एक कार्यक्रम तैयार किया गया है. इसके तहत दिनांक-01.08.2022 से 31.12.2022 तक जागरूकता कार्यक्रमों को संचालित करना है. सभी मतदान केन्द्रों पर दिनांक-04.09.2022, 18.09.2022, 25.09.2022, 09.10.2022, 23.10.2022, 06.11.2022, 20.11.2022, 04.12.2022 तथा 11.12.2022 को विशेष कैम्प का आयोजन कर आधार को जोड़ने एवं प्रमाणीकरण का कार्य किया जायेगा.

उन्होंने बताया कि दिनांक-01.01.2023 से 31.01.2023 तक घर-घर जाकर आधार संग्रहण करने की तिथि निर्धारित की गयी है. साथ ही सभी मतदाताओं से आधार संग्रहण करने की अंतिम तिथि दिनांक-31.03.2023 निर्धारित की गयी है.

जिला निर्वाचन पदाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा निर्देश दिया गया है कि आधार संग्रहण के कार्यों की प्रगति के लिए प्रत्येक शुक्रवार को एक साप्ताहिक प्रतिवेदन निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके आधार पर मतदान केन्द्र स्तर तथा विधानसभा स्तर पर किये गये कार्यों की समीक्षा की जाएगी. प्रपत्रों की आपूर्ति सभी निर्वाचकों को निःशुल्क दी जानी है. उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रपत्र 6 ख आवश्यकतानुसार सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं. सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी किसी पर्यवेक्षीय पदाधिकारी को प्राधिकृत कर जिला निर्वाचन कार्यालय से प्रपत्र 6 ख प्राप्त कर सभी बीएलओ/नामित पदाधिकारी को समय उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी मतदान केन्द्र पर प्रपत्र की कमी नहीं हो.

आलोक कुमार

           

बेतिया धर्मप्रांत के वयोवृद्ध फादर बर्टी पौल का निधन

  *दोपहर में बिशप हाउस में दम तोड़ दिए,बेतिया धर्मप्रांत में मातम,चखनी पल्ली के रहने वाले थे ,जानलेवा साबित हुआ कैंसर.जीवन लीला16 नवंबर 1958 से 11 अगस्त 2022 तक ही सीमित.

बेतिया : बेतिया धर्मप्रांत के वयोवृद्ध फादर बर्टी पौल का निधन हो गया है.ऐसे तो फादर बहुत ही भाग्यशाली थे.मां-बाप की छाया सिर पर उठ जाने के बाद चखनी अनाथालय में रहे.पढ़-लिखकर पुरोहित बने.सबसे पहले पटना धर्मप्रांत के पुरोहित बने.पटना धर्मप्रांत के विभक्त होने के बाद मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के पुरोहित बने.मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विभक्त होने के बाद बेतिया धर्मप्रांत के पुरोहित बने.


इस समय बेतिया धर्मप्रांत के चनपटिया पल्ली के पल्ली पुरोहित थे.इस बीच बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोबियस ने फादर को चनपटिया पल्ली से स्थानांतरण कर दिये थे.परंतु फादर स्थानांतरित पल्ली में न जाकर विधि के विधान के समक्ष नतमस्तक होकर प्रभु के प्यारे हो गये.

जी हां श्रावण का महीना पवन करे शोर..पर फादर शोर नहीं किये.न जाने किस जहाँ में खो गये..ओ जाने वाले हो सके तो लौट आना..उनके चले जाने से बेतिया धर्मप्रांत में मातम छा गया.

राजधानी पटना में स्थित महावीर कैंसर संस्थान में भर्ती थे.वहां फादर का ऑपरेशन हुआ.आप समझ सकते हैं जानलेवा कैंसर पीड़ित का ऑपरेशन के बाद क्या हाल होगा?महावीर कैंसर संस्थान के चिकित्सक हाथ खड़ा कर दिये.तब फादर ने भी बेतिया ले चलने का आग्रह किया.वहां से बेतिया लाया गया.


उनको बिशप हाउस में रखा गया.जहां आज दोपहर में दम तोड़ दिए.बताया गया कि कल 12/08/2022 दिन शुक्रवार को फादर बर्टी पौल का पार्थिव शरीर बेतिया महागिरजाघर में 10ः 00 बजे सुबह लाया जाएगा. महागिरजाघर में सभी विश्वासीगण आकर फादर का दर्शन कर सकेंगे.

शुक्रवार को ही 3ः 30 बजे से समारोही मिस्सा बलिदान चढ़ाया जाएगा.इसके बाद दफन क्रिया होगा.सभी विश्वासीगण फादर को अंतिम विदाई एवं श्रद्धांजलि देने के लिए इस विदाई समारोह में शामिल होने  का प्रयत्न करें.

बेतिया धर्मप्रांत के प्रवक्ता रंजीत केरोबिन ने बताया कि अभी फादर बर्टी पौल का पार्थिव शरीर  बिशप हाउस में रखा गया है.


बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोबियस ने यहां पर आकर फादर के पार्थिव शरीर पर पवित्र जल का छिड़काव कर प्रार्थना किये.उन्होंने कहा कि जनता के दर्शनार्थ पार्थिव शरीर को दस बजे से बेतिया महागिरजाघर में रखा जाएगा. इसके बाद 3.30  बजे शाम   को उनके पार्थिव शरीर को महागिरजाघर  बेतिया  में रखकर मिस्सा होगा.इसके बाद स्थानीय कब्रिस्तान में 5.00बजे तक अंतिम दफन कर दिया जाएगा.उनकी मुंहबोली बहन का नाम जेला है.फादर अनाथ थे.चखनी पल्ली के अनाथालय में पोसे गये.वहीं बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडीस ने कहा कि कल महागिरजाघर बेतिया में शाम  का मिस्सा संभव नहीं हो पाएगा.

आलोक कुमार

           


पत्रकार गोकुल यादव की गोली मारकर हत्या कर दी

 जमुई: बिहार में एक बार फिर एक पत्रकार की गोली मारकर अपराधियों ने हत्या कर दी.जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र के गोपलामारन गांव के समीप बुधवार को दिनदहाड़े बदमाशों ने हिंदी अखबार प्रभात खबर के पत्रकार गोकुल यादव की गोली मारकर हत्या कर दी.मृतक गोकुल यादव (35) सिमुलतला के लीलावरण का रहने वाला था.पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

नरेंद्र यादव ने मीडिया को बताया कि परिवार का भुट्टे का खेत है.उसी के लिए गोकुल खाद लेने बाजार जा रहे थे.गोकुल यादव दिन के साढ़े दस बजे घर से नाश्ता कर फसल में डालने वाली खाद लाने सिमुलतला जा रहे थे.    इसी दौरान घर से लगभाग एक किलोमीटर दूरी पर दो बाइक पर सवार पांच बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. मिली जानकारी के अनुसार अपराधियों ने गोकुल यादव को नजदीक से सिर और सीने में एक के बाद एक कुल पांच गोलियां शरीर में उतार दिये. ताबड़तौड़ गोली लगीं जिससे मौके पर ही गोकुल की मौत हो गई. हालांकि बाद में उनके इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया है.

मृतक के पिता नरेंद्र यादव ने बताया कि उनके बेटे को गोली मारकर कुछ लोग भाग रहे थे तो उनकी पहचान हो गई.पुलिस को बदमाशों के नाम बताए गए हैं, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. बदमाशों की धरपकड़ के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.

मृतक के पिता नरेंद्र यादव और मामा श्यामदेव यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव के कारण हत्या को अंजाम दिया गया है.वहीं सिमुलतला थानाध्यक्ष विद्यानंद कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी जहां से खोखे बरामद किए गए हैं.पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.परिजनों के आवेदन पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

एसपी शौर्य सुमन ने बताया कि पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है.उनसे पूछताछ की जा रही है.जल्द ही मामले में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी की जाएगी.

मृतक के मामा श्यामदेव यादव ने बताया कि गोकुल को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई. हमलोगों को जानकारी मिली तो हॉस्पिटल पहुंचे तो खून से लथपथ उसका शव पड़ा हुआ था. दिन के 11 बजे लगभग गोली मारी गई थी. श्यामदेव यादव ने बताया कि गोकुल यादव की पत्नी ने खुरंदा पंचायत के मुखिया चुनाव में हिस्सा ली थी.पत्नी के चुनाव लड़ने के बाद उसे धमकी मिल रही थी तुमको उठा लेंगे. हमलोगों ने उसको समझाया था कि मुखिया चुनाव मत लड़ो, लेकिन उसने नहीं माना. वह बोलता था ऐसा थोड़े करेंगे की वे मार ही देंगे. वह बोलता कि मैं मीडिया से जुड़ा हूं. हमारे से ऐसा थोड़े करेगा अपराधी.

250 वोट से हार गई थीं मृतक की पत्नीः

 बता दें कि मृतक की पत्नी मुखिया का चुनाव लड़ी थीं. 900 वोट लगभग आया था और लगभग 200-250 वोट से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. श्यामदेव यादव ने बताया कि गार्जियन होने के नाते हम समझाते थे, लेकिन बोलता था इतना हिम्मत नहीं करेगा. हमलोगों की अनहोनी का अंदेशा था. आज सच हो गया.

आलोक कुमार

बुधवार, 10 अगस्त 2022

बिहार में महागठबंधन की सरकार


पटनाः बिहार में महागठबंधन की सरकार है.फिलवक्त यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव की सरकार है.अब राज्य में 7 दलों के गठबंधन के मुखिया नीतीश कुमार हैं. नई सरकार में मंत्रिपरिषद का गठन बाद में किया जाएगा. 

फिलहाल, 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में कांग्रेस के 19 विधायक हैं. जबकि, जदयू के 43 विधायक हैं. इसके अलावा राजद के सदस्यों की संख्या 79 और  सीपीआई एमएल के 12 विधायक हैं. इनके अलावा सीपीआई और सीपीआई (एम) के दो-दो सदस्य, जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के चार और निर्दलीय विधायक है. जबकि, सीट खाली है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में बीजेपी के नेताओं का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी,लालकृष्ण आडवाणी और जौर्ज फर्नांडिस के द्वारा 1996 में निर्मित एनडीए के द्वारा नीतीश कुमार सीएम छह बार और महागठबंधन के द्वारा दो बार सीएम बने हैं.कुल मिलाकर आठ बार सीएम की शपथ ले चुके हैं. महागठबंधन से दो बार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव बने हैं.


एनडीए से महागठबंधन में आने में जो कुछ भी हुआ वो ऑपरेशन लोटस से कितना अलग है! न कैश पकड़ा गया, न ईडी की छापेमारी हुई.न असम के सीएम की जरूरत पड़ी, न रिजॉर्ट की.सब कुछ सभ्य तरीके से हुआ.सीएम को सबसे बड़ी पार्टी और अन्य दलों का समर्थन मिला. महाराष्ट्र में बीजेपी ने दलबदल किया, बिहार में उसे बेदखल कर दिया गया.

नीतीश कुमार के मंगलवार यानी 9 अगस्त को इस्तीफा देने बाद 8वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. पटना स्थित राजभवन में राज्यपाल फागू चौहान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की है. वे दूसरी बार राज्य के डिप्टी सीएम बने हैं. शपथ लेने के बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया.उन्होंने नीतीश कुमार से हाथ भी मिलाया. अभी केवल नीतीश और तेजस्वी ने ही शपथ ली है. बिहार सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा.इस मौके पर तेजस्वी यादव अपनी पत्नी राचेल उर्फ राजेश्वरी यादव से साथ पहुंचे. नीतीश कुमार सबसे पहले साल 2000 में सात दिन के मुख्यमंत्री बने थे. जिसके बाद 22 साल के सफर में वह अब तक एनडीए के द्वारा छह बार सीएम पद की शपथ ले चुके हैं.दो बार महागठबंधन के द्वारा शपथ ली है.

बीजेपी और एनडीए से अलग होकर नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव और राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन के समर्थन से आठवीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ ली तो इस मौके पर पुराने गिले-शिकवे भी भुला दिए गए. शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचीं तेजस्‍वी यादव की मां और बिहार की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार के सवाल पर कहा कि ' सब माफ है.'

नीतीश कुमार का 8वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना अपने आप में ही एक बड़ा रिकॉर्ड है. देश के सबसे लंबे समय तक सीएम रहने वाले कोई भी इतनी बार शपथ नहीं ले पाए हैं.बता दें कि 2015 के चुनाव में वह आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़े और इस महागठबंधन को बड़ी जीत हासिल हुई. आरजेडी ने जेडीयू की सीट कम होने के बाद भी मुख्यमंत्री का पद नीतीश कुमार को सौंपा और पांचवी बार मुख्यमंत्री बने. 


नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद साल 2017 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, कुछ देर के भीतर ही बीजेपी के समर्थन से एक बार फिर मुख्यमंत्री बन गए. नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक चुनौती के तौर पर देखने वाले लोगों ने नीतीश कुमार के इस कदम विपक्षी गठबंधन की एकता को तगड़ा झटका लगा था. 

नीतीश ने बीजेपी के साथ बाकी बचे ढाई साल का कार्यकाल पूरा किया और फिर 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी व जेडीयू मिलकर चुनाव लड़ी. इस चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी तीसरे नंबर की पार्टी रही. इसके बाद भी बीजेपी ने उन्हें ही मुख्यमंत्री का पद दिया. 2022 में इतिहास फिर से दोहराया गया और अब नीतीश कुमार भाजपा का साथ छोड़कर आरजेडी और कांग्रेस की मदद से सरकार बनाने जा रहे हैं.


बिहार में महागठबंधन की नई सरकार बन चुकी है.नीतीश कुमार ने  आज मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है. शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भारी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता राजभवन के बाहर जुटे हुए थे.तेजस्वी की ताजपोशी होने के बाद उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव जब राजभवन से बाहर निकले तो उन्होंने अपने पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को वीडियो कॉल किया और जनता का दर्शन कराया.

बताते चले कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा बीजेपी के विधायक हैं और मार्च के महीने में सीएम नीतीश कुमार से सदन के अंदर उनकी तीखी बहस हो गई थी. विजय सिन्हा लखीसराय से ताल्लुक रखते हैं और वहीं के एक पुलिस केस को लेकर सदन में सवाल-जवाब ने ऐसा रूप ले लिया कि नीतीश ने आपा खो दिया और स्पीकर को भी संविधान की याद दिलाने लगे.वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता राम नारायण मंडल की अध्यक्षता वाली विधानसभा की आचार समिति के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात की और रिपोर्ट सौंपी.रिपोर्ट पिछले साल मार्च की एक घटना के बारे में थी जब विपक्षी राजद विधायकों ने अध्यक्ष को बंधक बना लिया था और पुलिस को बुलाया गया था. सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में करीब 18 विधायकों के बारे में बताया गया है.


राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद, जदयू, कांग्रेस, माले, सीपीआई, सीपीएम और हम ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार में नहीं है और एनडीए सदन का विश्वास खो चुका है तो फिर श्री सिन्हा का विधानसभा अध्यक्ष बने रहना उचित नहीं. 

इसके पहले सुबह में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सभी सहयोगी दलों के नेताओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देने पर विचार-विमर्श किया.अंत में उनमें इस पर सहमति बनी. इसके बाद प्रस्ताव की कॉपी तैयार कर उन पर सबके हस्ताक्षर लिए गए. सचिव को सौंपी गयी.

अविश्वास प्रस्ताव के तहत अब विजय कुमार सिन्हा को अध्यक्ष के रूप में अपना पद बरकरार रखने के लिए विधानसभा के अंदर बहुमत साबित करना होगा. यदि उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं है, तो उन्हें पद से इस्तीफा देना होगा.बता दें कि वर्तमान समय में, भाजपा के पास 77 विधायक हैं, जो विजय सिन्हा के लिए विधानसभा अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.


इस बीच बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सिसिल साह ने महागठबंधन के बैनर तले नीतीश कुमार जी आठवीं बार बिहार का  मुख्यमंत्री तथा तेजस्वी यादव जी का उपमुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है. 

सिसिल साह ने बिहार में महागठबंधन को मजबूती देने के लिए मा० सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी, बिहार प्रभारी भक्त चरण दास जी, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा जी समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी बधाई दी है.


सिसिल साह ने आगे कहा कि नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनने से प्रदेश के अल्पसंख्यक खासकर ईसाई समुदाय के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार अच्छे तरीके से अपना कार्यकाल पूरा करेगी और प्रदेश का चहुंमुखी विकास होगा.

बता दें कि बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह हैं.वहीं बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह हैं.दोनों सहोदर भाई हैं.अग्रज सिसिल साह सत्ता परिवर्तन के इंतजार करते रहते थे.जो आ गया है.

राजद नेता पप्पू राय,उमेश कुमार,धमेंद्र,धमेंद्र यादव आदि ने बिहार में साम्प्रदायिक शक्तियों को परास्त करने में हिम्मत दिखाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी प्रसाद यादव को बधाई और शुभकामनाएं दी है.यह आशा व्यक्त किये कि महागठबंधन की राह पर चलकर अन्य प्रदेश के नेता भी साम्प्रदायिक शक्ति को परास्त करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाएंगे.


The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post