मंगलवार, 16 अगस्त 2022

तिरंगा जिम्मेदारी और एकता का प्रतीक : भक्तचरण दास

  * तिरंगा जिम्मेदारी और एकता का प्रतीक : भक्तचरण दास

* कांग्रेस ने फहराया तिरंगा, निकाला तिरंगा मार्च

* कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ने फ़हराया तिरंगा, निकला तिरंगा मार्च


पटना:प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने 76 वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र ध्वज को प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने फहराया. इस दौरान बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास एवं सह प्रभारी बृजलाल खबरी भी मौजूद रहें.

इसके बाद कांग्रेस सेवादल ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा को सलामी दी. झंडोतोलन के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए बहुत संघर्ष किये हैं. आज देश में तिरंगा शान से फहराया जा रहा है तो इसमें लाखों वीरों की शहादत की देन है. भारतीयों का आत्मबोध लेकर हमने इस तिरंगे के नीचे पूरे देश को एकजुट किया है.उन्होंने पंडित नेहरू और महात्मा गांधी के महत्व को बताते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को इस तिरंगे की गौरव यात्रा को बताना बेहद जरूरी हो चुका है.देश में आजादी के दीवानों का सर्वाेच्च प्रतीक इस तिरंगे को विश्व में सर्वाेच्च बनाएं रखने की जिम्मेदारी हम सब की है.

झंडोतोलन के उपरांत सदाकत आश्रम से राजापुल होते हुए राजेन्द्र समाधि स्थल तक सैंकड़ो कि संख्या में कांग्रेसजनों के द्वारा तिरंगा मार्च का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने किया. समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरांत बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास ने कहा कि कांग्रेस ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है और आज जब राष्ट्र की एकता को जाति-धर्म के नाम पर तोड़ने की साजिश की जा रही है तो डटकर वैसे तत्वों के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी है.

झंडोतोलन और तिरंगा मार्च में भक्त चरण दास, ब्रिज लाल खबरी, डॉ. मदन मोहन झा, अजित शर्मा, अखिलेश प्रसाद सिंह, कन्हैया कुमार, डॉ. शकील अहमद, चन्दन बागची, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, राजेश राठौड़, शकील अहमद खान, आबिदुर रहमान, विजय शंकर दुबे, सिद्धार्थ सिंह, राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास , मुरारी प्रसाद गौतम, ब्रजेश प्रसाद मुनन, श्रीमती ज्योति, नरेन्द्र कुमार, हरखू झा, कुमार आशीष, लाल बाबु लाल, अमिता भूषण, प्रमोद कुमार सिंह, भावना झा, बंटी चौधरी, जया मिश्रा, अमित कुमार टून्ना, आनंद माधव, विनय वर्मा, गजानंद शाही, राजेश कुमार सिन्हा, ज्ञान रंजन, गुंजन पटेल, चुन्नू सिंह, असित नाथ तिवारी, कुंतल कृष्णा, संजीव कर्मवीर, नागेन्द्र प्रसाद विकल, प्रवीन कुशवाहा, शरबत जहाँ फ़ातेमा, जमाल अहमद भल्लू, अम्बुज किशोर झा, शशि कुमार सिंह, सौरभ सिन्हा, कमल देव नारायण शुक्ला, शशि कान्त तिवारी, राज कुमार राजन, ललन यादव, अशोक गगन, अनुराग चन्दन, जीतेन्द्र प्रसाद सिंह, मोती लाल शर्मा, अजय सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव, अरबिंद लाल रजक, मिन्नत रहमानी, मृणाल अनामय, उदय शंकर पटेल, रामायण प्रसाद यादव, केशर अली खान, रेखा देवी, अनीता राम, असफर अहमद, वशी अख्तर, सुनील चौधरी, उमा कान्त सिंह, मंजीत आनंद साहू, मुकुल यादव, ब्रज किशोर कुशवाहा, आशुतोष शर्मा, शशि रंजन, कुंदन गुप्ता, दुर्गा प्रसाद, संतोष श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, गुरुदयाल सिंह, अमरेन्द्र सिंह, रीता सिंह, रूपम यादव, सुधा मिश्रा, अनोखा देवी, निधि पाण्डेय, रवि गोल्डन, आर. एन. चौधरी, मोनी देवी, सुनीता साक्षी, जया लक्ष्मी, सिसिल शाह, अरुण पाठक, शारीफ रंगरेज, राजेंद्र चौधरी, मोहम्मद शाहनवाज, निरंजन कुमार सहित सैंकड़ों कांग्रेसजन मौजूद रहें.

आलोक कुमार

हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया

गया: इस जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर नीमचक बथानी थाने के हाजत में सोनमंती देवी नामक एक महिला की मौत हो गई है.पुलिस हाजत में दम तोड़ने वाली महिला को थाने की पुलिस ने बीती 13 अगस्त से पकड़ रखा था.इस बीच 15 अगस्त को साढ़े तीन बजे सोनंमती देवी के परिजनों को भनक लगी की हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया है.

जानकार लोगों का कहना है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 के मुताबिक पुलिस किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती है. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर पुलिस को नजदीकी न्यायालय के समक्ष पेश करना जरूरी होता है.जो नीमचक बथानी थानाध्यक्ष के द्वारा नहीं किया गया.वहीं पुलिस रेगुलेशन के मुताबिक अगर पुलिस किसी व्यक्ति को हिरासत में या गिरफ्तार करके थाने लाती है तो उसको समय पर भोजन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है और इसके लिए पुलिस को भत्ता भी मिलता है.परिजनों का आरोप है कि सोनमंती देवी से परिवार वालों से नहीं मिलने दिया जा रहा था.

तीन दिनों से पुलिस हिरासत में रहने वाली सोनमंती देवी को नीमचक बथानी थाना की पुलिस न तो उसे रिहा कर रही थी और न ही उसे जेल भेज रही थी. इस बीच 15 अगस्त को साढ़े तीन बजे सोनंमती देवी के परिजनों को भनक लगी की हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया है.महिला की मौत की भनक लगते ही नीमथू गांव के सैकड़ों लोगों ने थाने घेर लिया. यही नहीं जब थाने के घेराव और पुलिस व आम लोगों की बातचीत का गांव के युवकों ने वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिस ने उन पर पुलिसिया धौंस दिखाते हुए वीडियो डिलिट करने की बात कही पर लेकिन गांव के युवकों ने पुलिस वालों को यह कहते हुए धमकाया कि यदि वीडियो डिलिट करने पर मजबूर किया गया तो परिणाम भुगतने को भी तैयार रहें. यह बात सुनते ही थाने की पुलिस बैकफुट पर आ गई.                        

फिलहाल थाने के बाहर बवाल चल ही रहा है.पुलिस ने इलाके के मौजिज लोगों को बुला कर इस मामले को रफादफा कराने में जुटी है. बैठकों का दौर जारी है. एसडीओ और डीएसपी मौके पर पहुंच गए हैं. डीएसपी का कहना है कि मामले की तहकीकात की जा रही है. उसे थाने में ही क्यों तीन दिनों से रखा जा रहा था. इस बात की जानकारी ली जा रही है.साथ महिला के मौत के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है.

इस मामले के संदर्भ में कहा जा रहा है कि बीती 12 अगस्त को सोनी कुमारी की हत्या कर दी गई थी. संबंधित मामले में सोनी कुमारी के मायके वालों ने सोनी की ससुराल के छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.छह में से एक सोनी की सास सोनमंती देवी आरोपी थी.इसके ऊपर बहु को जहर पिलाने का आरोप था. इस पर पुलिस ने सोनमंती देवी को 13 अगस्त को पकड़ कर थाने ले आई थी. बीती 13 अगस्त से वह थाने में ही थी. आरोप है कि सोनमंती देवी को उसके परिवार वालों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा था.इस बीच 15 अगस्त को साढ़े तीन बजे सोनंमती देवी के परिजनों को भनक लगी की हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया है.महिला की मौत की सूचना पर नीमथू गांव के लोग भड़क गए. गांव के हर उम्र के लोग थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर गांव के लोग बवाल करने लगे.इधर सोनमंती देवी के पति का कहना है कि थाने के बड़ा बाबू ने जबरन हाथ पकड़ कर सादे कागज पर दस्तखत करा लिया है. वहीं उसकी बेटी का आरोप है कि पुलिस वालों ने उसकी मां को इतना मारा कि उसकी मौत हो गई.इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की जरूरत है.एक घर के दो लोगों की मौत का मसला है.

"कानून द्वारा शासित एक सभ्य समाज में कस्टडी में मौत सबसे बुरे अपराधों में से एक है। जब एक पुलिसकर्मी किसी नागरिक को गिरफ्तार करता है, तब क्या उसके जीवन के मौलिक अधिकार समाप्त हो जाते हैं? क्या नागरिक के जीवन के अधिकार को उसकी गिरफ्तारी के बाद निलंबित किया जा सकता है? वास्तव में, इन सवालों का जवाब ठोस तरीके से "नहीं" होना चाहिए।"

-डीके बसु बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ वेस्ट बंगाल AIR 1997 SC 610. धारा 176 (1) सीआरपीसी में कहा गया है कि एक मजिस्ट्रेट, जिसे अप्राकृतिक मौत के मामलों में पूछताछ करने का अधिकार है, वह पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही जांच के अलावा मौत के कारणों की जांच कर सकता है.यह एक सामान्य, सशक्तीकरण का प्रावधान है, जो मजिस्ट्रेट को इस प्रकार की जांच करने का विवेक देता है. एक अन्य तथ्य यह है कि ऐसी पूछताछ या जांच कार्यकारी मजिस्ट्रेट या न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है.वहीं 2005 के संशोधन के बाद डाली गई धारा 176 (5) में मजिस्ट्रेट को इस तरह की जांच का अध‌िकार देती है, व्यक्ति की मृत्यु के 24 घंटे के भीतर, शरीर को निकटतम सिविल सर्जन के पास जांच के लिए भेज दिया जाए. यदि ऐसा करना संभव नहीं है, तो लिखित रूप में कारण दर्ज किए जाने चाहिए.


आलोक कुमार


युवा वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गयी

 


पटना: बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष सैयद एहसान अहमद ने महागठबंधन के कांग्रेस विधायक श्री मुरारी गौतम एवं अफाक आलम को मंत्री बनाये जाने पर कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी एवं श्री राहुल गांधी जी को हार्दिक बधाई दिया है.उन्होंने कहा कि श्री मुरारी गौतम एवं अफाक आलम के मंत्री बनाये जाने से युवा वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गयी है.विशेषकर रोहतास जिला के लोगों में उत्साह देखा जा रहा है कि मुरारी गौतम के मंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र का चहोमुखी विकास अवश्य होगा.

आलोक कुमार



आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा मार्च

 पटना: आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, 76वें स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर दीघा में अनेक कार्यक्रम किया गया. महादलित टोला दीघा के झंडोत्तोलन कार्यक्रम में ज़िलाधिकारी डॉ चन्द्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो मौजूद रहे. सरकार के निर्देशानुसार टोले के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जामुन मांझी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया.

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोमवार को पटना नगर निगम के निवर्तमान उप महापौर रजनी देवी ने दीघा से प्रातः 8:00 बजे तिरंगा मार्च को रवाना किया.

तिरंगा मार्च का नेतृत्व करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि देशभक्ति एक जज्बा है, जुनून है. युवाओं के इसी जज्बा व जुनून ने उन्हें देश के लिए मर मिटने को प्रेरित किया.15 अगस्त 2022 को देश की आजादी मिलने का 75 साल पूरा हुआ.यह पल एक स्पंदन है उस अहसास का, जिसे नई पीढ़ी के युवाओं ने महसूस किया.     

उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर, आइए हम सब मिलकर देश की आज़ादी के लिए, देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर क्रांतिकारियों,  स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं वीर शहीदों को नमन करें.

इसके बाद दीघा से तिरंगा मार्च आगे बढ़ा.75 मीटर लंबा तिरंगा को लेकर लोग चल रहे थे.जब तिरंगा मार्च आईटीआई पहुंचा तो 22 ए के प्रत्याशी उमेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लोग तिरंगा मार्च में शामिल हो गए.उक्त प्रत्याशी उमेश कुमार ने कहा कि हमलोगा आठ अगस्त को भारी संख्या में प्रतिरोध मार्च में शामिल हुए तो महागठबंधन की सरकार बन गयी.आज सड़क पर उतरे हैं तो महागठबंधन का मंत्रिमंडल गठित हो जाएगा.

दीघा से लेकर राजापुर तक तिरंगा से पट गया था.इसमें शामिल होने वालों में पप्पू राय,राजकुमार,आशीष,भाई धर्मेंद्र,ध्रुव कुमार,धर्मेंद्र कुमार,उमेश कुमार,राजेश कुमार आदि थे.

सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में 76 वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि, श्री हर्षवर्धन शर्मा, पूर्व आईजी पुलिस (बिहार कैडर) थे.उन्हें जेवियर मार्चिंग बैंड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

 इसके बाद मुख्य अतिथि पूर्व आईजी पुलिस हर्षवर्धन शर्मा ने कलाम सभागार के सामने रेक्टर फादर जोसेफ सेबेस्टियन एसजे, कार्यवाहक प्राचार्य डॉ सुशील बिलुंग एसजे, प्रबंधन के सदस्य, कॉलेज के प्रोफेसर और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पूर्व आईजी पुलिस हर्षवर्धन शर्मा ने छात्रों को उन दिग्गजों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया.जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए जीवन का बलिदान दिया. पूर्व आईजी पुलिस ने स्मरण दिलाते हुए कहा कि लाल किले पर तिरंगा 76 वीं बार फहराया गया था. श्री हर्षवर्धन शर्मा ने छात्रों से कहा कि भारतीय संविधान में निहित बंधुत्व, समानता और आदर्शों की विरासत को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है.

कार्यक्रम की शुरुआत जेवियर ध्वनि क्लब द्वारा देशभक्ति समूह गीत के साथ हुई. जिसके बाद भारत की स्वतंत्रता में सुभाष चंद्र बोस की भूमिका पर एक नाटक किया गया  जिसे जेवियर थिएटर क्लब के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया.

इस अवसर पर बीसीपी विभाग के साकेत कुमार ने भाषण दिया. जेवियर डांस क्लब के सदस्यों ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम‘ की धुन पर शानदार नृत्य किया.सभी को बधाई, स्वतंत्रता दिवस की बधाई और मिठाइयों के आदान-प्रदान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, 76वें स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर 10 सर्कुलर रोड आवास पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. माननीय पूर्व मुख्यमन्त्री श्रीमती राबड़ी देवी जी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया.साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी सहित गणमान्य नेतागण ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दिए.

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, 76वें स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर 2 वीरचंद पटेल पथ राजद कार्यालय पटना मे झंडोत्तोलन कार्यक्रम मे सम्मलित हुए.प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदानन्द सिंह जी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया. झंडोत्तोलन कार्यक्रम मे पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह जी, पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे जी सहित राजद के गणमान्य नेतागणव ने राष्ट्र ध्वज को सलामी दिए.  


आलोक कुमार

सोमवार, 15 अगस्त 2022

महादलित टोला दीघा के झंडोत्तोलन कार्यक्रम में ज़िलाधिकारी डॉ चन्द्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो मौजूद रहे.

 


पटना:आज धूमधाम से 76 वें स्वाधीनता दिवस मनाया गया.मुख्य राजकीय समारोह राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित हुआ. विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शित आकर्षक झांकियों से लोगों से मन मोह लिया.

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के सभी महादलित समुदाय के गांवों व टोला में झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.डीएम डॉ चन्द्रशेखर सिंह के द्वारा जिले के महादलित समुदायों के गांवों व टोलों में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित करने का निर्देश दिया गया था.

उन्होंने कहा कि विशेष समारोह में महादलित समुदाय के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा. डीएम डॉ सिंह द्वारा झंडोत्तोलन कार्यक्रम के अनुश्रवण करने के लिए महादलित टोलों में पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया.कुल 60 महादलित टोलों में पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया.

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी भी अपने अपने क्षेत्रान्तर्गत सभी महादलित टोलों में झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित किये. ये सभी पदाधिकारी संबंधित महादलित टोलों में सरकार के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन, झंडोत्तोलन एवं अन्य कार्यक्रम कराना सुनिश्चित किया. महादलित टोलों में झंडोत्तोलन के बाद संबोधन किया.

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महादलित टोला में भी झंडा फहराने का कार्यक्रम किया गया.महादलित टोला दीघा के झंडोत्तोलन कार्यक्रम में ज़िलाधिकारी डॉ चन्द्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो मौजूद रहे. सरकार के निर्देशानुसार टोले के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जामुन मांझी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया.

आलोक कुमार

अमृत सरोवरों पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम संपन्न हुआ


पटना: जिले में 76 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया. समूचे जिले में आन-बान-शान से लहराया तिरंगा. मुख्य समारोह स्थल महाराजा स्टेडियम, बेतिया में जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा पूर्वाह्न 09.00 बजे झंडोत्तोलन किया गया. जिलाधिकारी द्वारा परेड का निरीक्षण भी किया गया. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री उपेंद्र नाथ वर्मा, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.

स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रसारण फेसबुक लाइव के माध्यम से किया गया जिसे जिलेवासियों ने देखा और सुना. इसके साथ ही समाहरणालय परिसर के विभिन्न कार्यालयों सहित जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, महादलित बस्तियों, अमृत सरोवरों पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम संपन्न हुआ.मुख्य समारोह स्थल महाराजा स्टेडियम में झंडोत्तोलन के उपरांत जिलाधिकारी द्वारा जिले में क्रियान्वित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित उपलब्धियों को साझा किया गया.

जिलाधिकारी ने कहा कि आज 76 वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर यहाँ उपस्थित लोगों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से देख रहे पश्चिम चम्पारण जिला के समस्त नागरिकों, भाइयों, बहनों तथा प्यारे बच्चों, सर्वप्रथम मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ .साथ ही आप सभी को देश के 76 वें स्वतंत्रता दिवस की खूब-खूब बधाई भी देता हूँ.  हम सब अवगत है कि हमारे देश के असंख्य, महापुरुषों/क्रांतिकारियों के त्याग एवं बलिदान के बाद 15 अगस्त, 1947 को हमारा देश स्वतंत्र देश के रूप में उभर कर विश्व मानचित्र पर आया. आज पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक धरती पर स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय झंडोतोलन करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ.

हमें यह कहते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समग्र इतिहास में पश्चिम चम्पारण जिले का अतुलनीय योगदान है। वर्ष 1907 ई0 से ही चम्पारण के किसान नीलहां के अत्याचार के विरुद्ध समय-समय पर संघर्ष करते आ रहे थे, जिसका नेतृत्व जिला स्तर के नेताओं पंडित श्री राजकुमार शुक्ल, श्री शेख गुलाब, श्री शीतल राय आदि द्वारा किया जा रहा था. पंडित राजकुमार शुक्ल द्वारा सन् 1916 ई0 के कांग्रेस के 31 वें लखनऊ अधिवेशन में सम्पूर्ण जिले के दुख-दर्द से महात्मा गांधी को अवगत कराया गया, जिससे प्रभावित होकर गांधीजी ने चंपारण के रैयतों के बारे में एक सहानुभूति प्रस्ताव पारित कराया. पंडित राजकुमार शुक्ल के प्रयास से 15 अप्रैल, 1917 ई0 को चम्पारण की धरती पर महात्मा गांधी का आगमन हुआ तथा उनके नेतृत्व में नील आंदोलन चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप नीलहों के अमानवीय अत्याचार से चम्पारण के किसानों को मुक्ति मिली. इसी के साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ चम्पारण सत्याग्रह के माध्यम से भारतीय स्वाधीनता संग्राम की मजबूत आधारशिला रखी.

उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में चंपारण के संघर्ष एवं बलिदान को हम नहीं भूल सकते हैं. सन् 1942 के अगस्त क्रांति के दौरान 24 अगस्त, 1942 का वह दिन चम्पारण ही नहीं भारतवर्ष के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है. इस दिन चम्पारण के आठ सपूत श्री राजेश्वर मिश्र, श्री गणेश राव, श्री भागवत उपाध्याय, श्री गणेश राय, श्री जगन्नाथपुरी, श्री फौजदार अहीर, श्री तुलसी राउत एवं श्री भिखारी कोइरी ने भारत माता की आजादी के लिए अपने प्राणां की आहूति दी. चम्पारण के इन क्रान्तिकारी शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनकी शहादत स्वतंत्रता का दीप लिए 15 अगस्त, 1947 के रूप में हमारे साथ आया.

उन्होंने कहा कि सरकार का मूल संकल्प राज्य का न्याय के साथ सर्वांगीण विकास है और विकास की इस यात्रा के क्रम में जो संकल्प लिए गए हैं, उसकी प्राप्ति के लिए सरकार पूर्णतया प्रतिबद्ध है. विगत वर्षों में राज्य सरकार द्वारा जनहित में कई कदम उठाये गये है जिसमें सरकार के सात निश्चय योजना, बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 एवं बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 का प्रवर्तन आदि महत्वपूर्ण है. 

अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के आर्थिक, सामाजिक एवं समावेशी विकास के लिए बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत वर्ष 2021 में इंटर में प्रथम श्रेणी से उर्तीण कुल 885 मुस्लिम छात्राओं को लाभान्वित किया गया. अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना अन्तर्गत कुल 73040 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है. मुख्यमंत्री परित्यक्ता/तलाकशुदा योजना अंतर्गत जिला में कुल 10 मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिलाओं का चयन कर विभाग को अनुशंसा भेजा गया है.  इस जिला में जननायक कर्पूरी छात्रावास संचालित है, जिसमें कुल-100 अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्रों के रहने की व्यवस्था है. प्रत्येक छात्रों को मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजनान्तर्गत 1000.00 (एक हजार) रूपये एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अंतर्गत 15 किलो खाद्यान प्रतिमाह दिया जाता है. मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजनार्न्गत अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की बीपीएससी एवं यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में उतीर्ण छात्रों को क्रमशः 50000.00 (पचास हजार) एवं 100000.00 (एक लाख) रूपये प्रदान किया जाता है. कुमारबाग में 520 आसन वाले पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग बालिका आवासीय विद्यालय निर्माण हेतु स्थल चिन्हित किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा शिलान्यास का कार्य किया जा चुका है। निर्माण कार्य प्रारंभिक अवस्था में है.

जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 7771 आवेदनों में बैंक/शिक्षा वित्त निगम द्वारा 5178 लाभुकों को ऋण स्वीकृत करते हुए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड निर्गत किया गया है. मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 19444 आवेदनों में 16969 लाभुकों को 2236.65 लाख रुपये का स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है. कुशल युवा कार्यक्रम अंतर्गत कुल-41445 लाभुकों को व्यवहारिक कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करा दिया गया है एवं 6490 लाभुकों को व्यवहारिक कौशल प्रशिक्षण कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना अंतर्गत कुल लक्षित 4194 वार्डों में जिला पंचायती राज द्वारा 3330 तथा पीएचईडी के द्वारा 795 वार्डों का कार्य पूर्ण करते हुए कुल-4125 वार्डों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है.उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण घर का सम्मान ग्रामीण योजना अंतर्गत जिले के कुल लक्षित 477445 घरों में शौचालय निर्माण एल0एस0बी0ए0 द्वारा पूर्ण कर लिया गया है एवं कुल लक्षित सभी पंचायतों को ओ0डी0एफ0 घोषित कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग जिले के जरूरतमंद वर्गों के लिए कार्यरत है। जिले में परवरिश योजना के अन्तर्गत विभिन्न श्रेणी के कुल 1172 बच्चों को चिन्हित किया गया है जिसमें से कुल 31 बच्चों को योजना से आच्छादित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अधीन जिले के 348726 (तीन लाख अड़तालीस हजार सात सौ छब्बीस) लाभुकों को सीधे उनके खाते में योजना की राशि का भुगतान किया जा रहा है. वृद्धजनों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों के हितों के लिए तीनों अनुमंडल में एक-एक बुनियाद केन्द्र क्रियाशील है, जो बैरिया, गौनाहा एवं बगहा-02 प्रखंड परिसर में संचालित है. जिला में दिव्यांगजनों के हितों के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग का गठन किया गया है. इस कोषांग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सहायक अंग एवं उपकरण का वितरण किया जाता है. इस वर्ष 103 दिव्यागंजनों को ट्राई साइकिल का वितरण किया गया है.

उन्होंने कहा कि भूमि विवाद (शनिवारीय) अंतर्गत पश्चिम चम्पारण जिला में अंचल स्तर पर अबतक भूमि विवाद से संबंधित 3578 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसके विरूद्ध 3440 आवेदनों को निष्पादित किया गया है. अनुमंडल स्तर पर अबतक भूमि विवाद से संबंधित 226 आवेदन प्राप्त हुए है, जिसके विरूद्ध कुल-225 आवेदनों को निष्पादित किया गया है. शनिवारीय जनता दरबार के नियमित आयोजन के फलाफल भूमि विवाद के मामले अपेक्षाकृत काफी कम संख्या में प्रकाश में आ रहे हैं.

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन की पहल पर पश्चिम चम्पारण जिले में एग्रीस्मिता समूह का गठन किया गया जिसके माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उद्यमिता विकास के लिए एक कॉमन प्लेटफॉर्म तैयार करने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि जीविका परियोजना द्वारा गरीबी उन्मूलन एवं महिला सशक्तिकरण के निमित ग्रामीण स्तर पर कार्य किया जा रहा है. इसी क्रम में पश्चिम चम्पारण जिले में अबतक कुल-39552 महिला स्वयं सहायता समूहों, 2538 ग्राम संगठनों एवं 53 संकुल स्तरीय संघों का गठन करते हुए कुल-4,81,435 (चार लाख इक्यासी हजार चार सौ पैंतीस) परिवारों को जोड़ा गया है.जीविका दीदियों द्वारा जिले भर में कुल-09 दीदी की रसोई आवासीय विद्यालयों एवं अनुमंडलीय अस्पताल में संचालित की जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि अमवा मन को गेट-वे ऑफ पश्चिम चम्पारण के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो एक मनोरम प्राकृतिक जलाशय है। यहाँ पर राज्य का पहला पैरासेलिंग स्पॉट विकसित किया जा रहा है. इसमें मोटर बोट, पैडल बोट, कयास्क, बनाना राइड, सोफा राईड, जेट स्की, जॉबिंग सेलर, कनू, ट्री हाउस, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट आदि की भी सुविधा मिलेगी। कैंटीन, शुद्ध पेयजल, मॉड्यूलर शौचालय, प्रीफैब चेंजिंग रूम, पार्किंग, टिकट काउंटर, हाउस किपिंग आदि की भी समुचित व्यवस्था एवं विकास तथा सौंदर्यीकरण हेतु विभाग द्वारा राशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है. इसमें मोटर बोट, पैडल बोट, क्यास्क और जेटस्की की शुरुआत हो चुकी है.

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पश्चिम चम्पारण जिले के प्रसिद्ध मर्चा चुड़ा को जी0आई टैग दिलाने के लिए प्रयासरत है. यह प्रयास अब अंतिम चरण में है, शीघ्र ही जिले के मर्चा चुड़ा को जी0आई टैग मिलने की प्रबल संभावना है.

जिलाधिकारी ने कहा कि आप अवगत हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. यहां की गंगा-जमुनी तहजीब विश्व विख्यात है. सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विधि-व्यवस्था का संधारण एवं कानून का राज स्थापित करना है. राज्य के सभी नागरिक बिना भय के अमन-चैन से रहें तथा साम्प्रदायिक सौहार्द, भाईचारा बनाये रखें, समाज के सभी वर्गों को न्याय एवं उनका हक मिले, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन द्वारा आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं. जिसके फलस्वरूप कानून एवं विधि-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.

जिलाधिकारी ने कहा कि आज इस महान अवसर पर हम समाज के सभी धर्मो, सम्प्रदायों, वर्गाे, जातियों के लोगों का आह्वान करते हैं कि देश एवं राज्य को आगे बढ़ाने में मिलजुल कर काम करेंगे एवं जागरूक रहकर भ्रष्टाचार मुक्त एक स्वस्थ एवं समृद्ध देश का निर्माण करेंगे. जय हिन्द-जय भारत.


 आलोक कुमार

गया के आवासीय परिसर में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा झंडोत्तोलन किया गया

 


’मुख्य समारोह में आयुक्त ने किया झंडोत्तोलन’


गया : 76 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी, गया के आवासीय परिसर में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा पूर्वाह्न 08:15 बजे झंडोत्तोलन किया गया. 

 इस अवसर पर नगर आयुक्त गया नगर निगम श्रीमती अभिलाषा शर्मा,  उप विकास आयुक्त श्री विनोद दुहन, अपर समाहर्त्ता-सह- अपर जिला दण्डाधिकारी श्री मनोज कुमार, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी सह प्रभारी गोपनीय शाखा, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, डीसीएलआर सदर, अपर अनुमंडल पदाधिकारी सदर, ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी, ज़िला आपदा प्रभारी, ज़िला नजारत प्रभारी, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, ज़िला कृषि पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, ज़िला परिवहन पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्तागण  के साथ-साथ समाहर्त्ता के आवासीय गोपनीय शाखा के कर्मी उपस्थित थे.

आलोक कुमार



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