सोमवार, 19 सितंबर 2022

वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान कई सवाल


चंडीगढ़.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में छात्राओं के तथाकथित वायरल एम एम एस वीडियो मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस के रवैये पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस कांड को तात्कालिक तौर पर दबाने या टालने की नीति नहीं अख्तियार की जानी चाहिए.

इस संदर्भ में ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी और अध्यक्ष इ.रति राव ने कहा कि इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान कई सवाल खड़े कर रहा है और  विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्राओं के अभिभावकों पर दबाव बना कर और विश्वविद्यालय बंद कर हॉस्टल खाली करवा कर मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई है. जबकि, जरूरत थी कि छात्राओं को न्याय मिले और  वीडियो वायरल होने की वजह से व्याप्त भय और असुरक्षा बोध से उन्हें मुक्त करने के लिए गंभीर प्रयास किया जाएं.

पंजाब विश्वविद्यालय की यह घटना इस बात की पुष्टि करता है कि छात्राओं के लिए पितृसत्तात्मक मूल्यों पर आधारित नियमों को लागू करना और हॉस्टल को कैदखाना बना देना छात्राओं की सुरक्षा की गारंटी नहीं है.किसी भी कार्यस्थल की तरह विश्वविद्यालय में भी एक स्वस्थ, खुला और लोकतांत्रिक माहौल  होना चाहिए ताकि लड़कियां निर्भीक और अपने अधिकारों के प्रति सजग बन सकें.

 इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियनें नहीं हैं और लड़कियों को शाम 6ः00 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर आने जाने की इजाजत नहीं है. हमारे लिए आश्चर्यजनक यह भी है कि इस विश्वविद्यालय में अब तक यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी का गठन नहीं हुआ है. हम पंजाब महिला आयोग से उम्मीद करते हैं कि आयोग इस बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब तलब करेगा. 

 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा उठाए गए मांगों का समर्थन करते हुए हम मांग करते हैं कि:-

1.विश्वविद्यालय में एक स्वस्थ लोकतांत्रिक माहौल के लिए जरूरी है कि छात्र यूनियनों का निर्माण हो ताकि उस मंच से छात्राएं अपनी समस्याएं उठा सकें.

2. हॉस्टल में आने-जाने के समय का निर्धारण छात्र और छात्राओं के लिए एक समान हो.

3. यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी ((CASH) का तत्काल गठन किया जाए.


आलोक कुमार

             

रविवार, 18 सितंबर 2022

जानेवाले, हो सके तो लौट के आना


पटना.आज सुबह दर्दभरी खबर मिली, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के पटना महानगर सचिव संजय पीटर नहीं रहे.15 सितंबर को बेतिया गए थे.सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कुमार की पत्नी सुरभि घई को 16 सितंबर को मेयर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करना.इस अवसर पर उपस्थित थे.16 सितंबर को ही शाम पटना लौट आए.17 सितंबर को संजय असहज दिखे.परिवार वाले बोले कि जाकर चिकित्सक से दिखा लें.संजय पीटर ने कहा कि ठीक महसूस कर रहे हैं.18 सितंबर की सुबह अंतिम सांस ली और प्रभु को प्यारे हो गए.19 सितंबर को कुर्जी कब्रिस्तान में दफन किया जाएगा.वे 45 वर्ष के थे.अपने पीछे विधवा और एक पुत्र छोड़ गए.

                                                  बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे

                         बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे

                                                  ढूँढेंगे तुझे गली-गली सब ये ग़म के मारे

                         पूछेगी हर निगाह कल तेरा ठिकाना

                                                   जानेवाले, हो सके तो लौट के आना

फेयरफील्ड कॉलोनी, दीघा, पटना के निवासी जेवियर पीटर हैं.जेवियर पीटर व स्टेला जेवियर के पुत्र संजय पीटर का निधन हो गया.जेवियर पीटर व स्टेला जेवियर के एक पुत्र और दो पुत्रियां है.एक पुत्र संजय कुमार ही थे.

जीजस क्राइस्ट फैमिली वाट्स ऐप के एडवीन थे.बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा पटना महानगर के सचिव थे.पैर टूट जाने से उभरने के बाद बेतिया गए थे.यह उनकी सांसारिक अंतिम यात्रा थी.निधन का कारण हार्ट अटैक बताया गया.अंतिम सांस घर पर ही ली. वे 45 वर्ष के थे.अपने पीछे विधवा और एक लड़का को छोड़ गए.

अल्पसंख्यक मोर्चा के राजन क्लेमेंट साह को विश्वास ही नहीं हो रहा था.कारण कि उनके साथ बेतिया गए और वापस पटना लौटे.यह विधि का विधान ही है.सभी को यकीन करना ही होगा. पवित्र बाइबल में उल्लेख है कि हरदम तैयार रहो,कब प्रभु के पास से बुलाया आ जाए.

पटना महानगर सचिव संजय पीटर के निधन की खबर सुनकर दीघा विधानसभा के विधायक डॉ संजीव चौरसिया पहुंचे.मौजूद थे.भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तूफैल कादरी भी पहुंचे.आसपास के लोग भी दुखभरी खबर सुनकर भागे भागे फेयरफील्ड कॉलोनी,दीघा पहुंचे.सभी मातमपुर्सी करने संजय पीटर के आवास में आए.भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह व्यवस्था में जुट गए.कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर पायस प्रशांत माइकल ओस्ता आकर पवित्र जल का छिड़काव कर प्रार्थना की.

मुकेश राज ने कहा कि ईश्वर मेरे भाई को अपनी शरण में जगह दें.एस.के.लौरेंस ने कहा कि परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति तथा परिवार के सदस्यों को धैर्य तथा सांत्वना प्रदान करे.आमीन.निशी रॉबर्ट ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.मनीष जेम्स ने कहा कि परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति तथा परिवार के सदस्यों को धैर्य तथा सांत्वना प्रदान करे. आमेन.विजय विक्टर ने कहा कि अनन्त शांति और प्रार्थना अर्पित.

आलोक कुमार

सभी 20 विद्यालयों में आज प्रातः 7ः00 से 9ः00 बजे तक निरीक्षण किया

  


नालंदा. आज शनिवार को जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर द्वारा  जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में औचक निरीक्षण के आदेश दिए गए. आदेश के आलोक में सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया.

निरीक्षण में नामांकित छात्राओं के विरुद्ध वास्तविक उपस्थित छात्राओं की संख्या,वार्डेन एवं शिक्षकों की संख्या,विद्यालय की साफ-सफाई,खानपान मेनू


अनुसार,रसोईया की उपस्थिति, छात्राओं को पुस्तकों की उपलब्धता तथा आवागमन पंजी के संधारण की स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे.सभी 20 विद्यालयों में आज प्रातः 7ः00 बजे से 9ः00बजे तक निरीक्षण किया गया.


आलोक कुमार

शनिवार, 17 सितंबर 2022

अतिथियों का स्वागत ताली बजाकर किया

 श्योपुर.भारत में चीतों का इंतजार खत्म हो चुका है. करीब 11 घंटे का सफर करने के बाद चीते भारत शनिवार की सुबह ग्वालियर पहुंच चुके हैं. पांच मादा और तीन नर चीतों को लेकर विमान ने शुक्रवार रात कोनामीबिया की राजधानी होसिया से उड़ान भरी. मॉडिफाइड बोइंग 747 विमान से लाए गए इन चीतों में रेडियो कॉलर लगे हुए हैं. यहां से इन्हें भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिये श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया.इसके साथ ही भारत से 1952 में विलुप्त घोषित हुए चीतों का आगमन 70 साल बाद भारत में हुआ.

अपने जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नामीबिया से आए 8 चीते. जिनमें दो नर चीतों की उम्र साढ़े पांच साल है.दोनों भाई हैं. पांच मादा चीतों में एक दो साल, एक ढाई साल, एक तीन से चार साल तो दो पांच-पांच साल की हैं.चीते की औसत उम्र 12 साल होती है.इन अतिथि चीतों को मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया है.इन अतिथियों का स्वागत ताली बजाकर किया गया.

पूर्व केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्री रमेश ने कहा कि वे 25 अप्रैल 2010 को केपटाउन गए थे. यह यात्रा इसी चीता परियोजना का हिस्सा थी. रमेश ने कहा कि आज प्रधानमंत्री द्वारा किया गया तमाशा अनुचित है.यह राष्ट्रीय मुद्दों और भारत जोड़ो यात्रा से ध्यान हटाने का एक और प्रयास है. उन्होंने कहा कि 2009-11 के दौरान बाघों को पहली बार जब पन्ना और सरिस्का अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया था तो काफी लोगों ने विलाप करते हुए भविष्यवाणी की थी, लेकिन ये लोग गलत साबित हुए थे.चीता परियोजना को भी लेकर इसी तरह की भविष्यवाणियां की जा रही हैं, लेकिन इसमें शामिल पेशेवर अव्वल दर्जे के हैं, मैं इस परियोजना को शुभकामनाएं देता हूं.‘

कांग्रेस ने ट्वीट में कहा, ‘चीता प्रोजेक्ट’ का प्रस्ताव 2008-09 में तैयार हुआ था. जब मनमोहन सिंह की सरकार थी उस वक्त इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी. इसके बाद तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश उस वक्त अफ्रीका के चीता आउट रीच सेंटर गए थे. इस प्रोजेक्ट पर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी. हालांकि यह रोक 2020 में हटाई गई है इसके बाद चीता प्रोजेक्ट अमल में लाया जा सका.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ा है. इस पर कांग्रेस ने पीएम पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा से ध्यान भटकाने के लिए यह सब तमाशा किया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा कि चीता प्रोजेक्ट में उनके प्रयासों को पीएम ने जिक्र तक नहीं किया. वह शासन में निरंतरता को कभी स्वीकार नहीं करते हैं.

पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए चीतों के मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 8 चीते तो आ गए, अब ये बताइए कि 8 सालों में 16 करोड़ रोजगार क्यों नहीं आए? युवाओं की है ललकार, ले कर रहेंगे रोजगार.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से आए चीतों को छोड़ने के बाद देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा, दशकों पहले जैव विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है.आज भारत की धरती पर चीते लौट आए हैं. इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृति प्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है.

पीएम ने कहा कि मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं, जिसके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ.आज आजादी के अमृत काल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है.जब प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण होता है तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित होता है. विकास और समृद्धि के रास्ते भी खुलते हैं. पीएम ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे तो यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र फिर से मजबूत होगा और जैव विविधिता बढ़ेगी.

पीएम ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा। इंतजार करना होगा. आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं, इस क्षेत्र से अनजान हैं. कूनो नेशनल पार्क को ये चीते अपना घर बना पाए, इसके लिए हमें इन चीतों को भी कुछ महीने का समय देना होगा. अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन्स पर चलते हुए भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है. हमें अपने प्रयासों को विफल नहीं होने देना है.

इस बीच पीएम मोदी के कार्यक्रम में 70-80 के दशक के कुख्यात डकैत रमेश सिंह सिकरवार भी मौजूद रहेंगे.क्योंकि अपने समय के दस्यु सम्राट रहे रमेश सिंह अब चीता मित्र है. कूनो दौरे के दौरान पीएम चीता मित्रों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान यहां रमेश सिंह भी वहां रहेंगे.

दरअसल, श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से चीतों को लाकर बसाया जाएगा. यहां आसपास रहने वाले लोग चीतों से डरकर उन्हें नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए सरकार ने यहां 'चीता मित्र' बनाए हैं.कुल 90 गांवों के 457 लोगों को चीता मित्र बनाया गया है. इनमें से सबसे बड़ा नाम रमेश सिकरवार का है, जो पहले डकैत थे और उन पर करीब 70 हत्याओं का आरोप था.

आलोक कुमार

संत ज़ेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में टैलेंट हंट प्रतियोगिता

 



पटना.संत ज़ेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में टैलेंट हंट प्रतियोगिता  आयोजित की गयी. जिसमें प्रथम वर्ष के छात्र- छात्राओं ने बढ़ -चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने हुनर और कला का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम को तीन श्रेणियों में बांटा गया जिसमें मोनोएक्ट, नृत्य तथा संगीत (गायन) आदि कार्यक्रम थे. इन प्रतिभाओं का मूल्यांकन करने के लिए बतौर निर्णायक फादर रेक्टर सेबेस्टियन एस जे, सिस्टर जया, फादर  केनेकटल एस जे  मौजूद थे.

मोनो एक्ट मे दीक्षा को प्रथम और अभिजीत को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, वहीं नृत्य कला में आईशा अहमद को पहले तथा आयुषी को दूसरा स्थान हासिल हुआ, संगीत में छात्रा आकांक्षा प्रथम और खुशी दूसरे स्थान पर आई.

कार्यक्रम का संचालन वर्षा एवं अभिराज द्वारा किया गया. विजेताओं को फादर रेक्टर द्वारा मेडल से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की समाप्ति निवेदिता शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुई.

आलोक कुमार

गुरुवार, 15 सितंबर 2022

पिंडदानियों से बात कर उनका फीडबैक लिया

 

गया. ऐतिहासिक स्थल गया में पितृपक्ष मेला 2022 जारी है.तीर्थ यात्रियों का विष्णुपद, देवघाट तथा सीता कुंड क्षेत्र में एकाएक बढ़ते सैलाब तथा मेला के व्यवस्था का जायजा जिला पदाधिकारी द्वारा स्वयं लिया गया.पितृपक्ष मेला में हजारों हजार की संख्या में तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं. हर प्रकार की व्यवस्था की गई है. व्यवस्था में कहीं कोई चूक न जाए इसको लेकर डीएम ने खुद कमान संभाली हुई है. घाटों पर गए और पिंडदानियों से बात कर उनका फीडबैक लिया.

 

डीएम ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां किए गए इंतजाम से बेहद खुश हैं.इसके बाद जहां-जहां वेदियों के लिए महत्वपूर्ण तिथियां हैं वहां विशेष इंतजाम भी किए जा रहे हैं.नदी के किनारे भीड़ को देखकर जिला पदाधिकारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक स्वयं एसडीआरएफ की बोट/ नाव पर बैठकर फल्गु नदी के सभी घाटों तथा सीता कुंड के क्षेत्र का घूम घूम कर जायजा लिया. जिला पदाधिकारी ने सरोवर में स्नान कर रहे तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया कि बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करे, बैरिकेडिंग के बाहर कोई भी तीर्थयात्री ना जाए. बैरिकेडिंग के बाहर गहरा पानी का संकेत फ्लेक्स बोर्ड के माध्यम से दर्शाया गया है.


उन्होंने सीताकुंड पहुंच कर स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने एक एक कर अनेक दवाओं का एक्सपायरी डेट तथा दवा की विवरणी के बारे में जाना. उन्होंने कहा कि वैसी इंजेक्शन जिसे न्यूनतम तापमान की आवश्यकता है वैसे संबंधित इंजेक्शन को सुरक्षित रखने के लिए आइस बॉक्स का इस्तेमाल करने का निर्देश दिए. उन्होंने स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित चिकित्सक तथा नर्स को निर्देश दिया कि यदि किसी मरीज की तबीयत खराब होने पर त्वरित गति से एंबुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल पहुंचावे. एंबुलेंस की सेवा देने में कोई कोताही न बरतें. उन्होंने कहा कि हर स्वास्थ्य शिविर में कम से कम 2 बेड तीर्थ यात्रियों के लिए सुरक्षित रखा गया है इसे ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्वास्थ्य शिविर में स्टैंड फैन की व्यवस्था रखें.

निरीक्षण के पश्चात तीर्थयात्री श्री ललित कुमार जो करवा पूर्णिया के रहने वाले हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी को देखकर उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि इस वर्ष फल्गु नदी में पानी के साथ-साथ कई आवश्यक सुविधाएं हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए कराया गया है, जिससे काफी सहूलियत हो रही है. निरंतर साफ सफाई की व्यवस्था रखी गई है. पेयजल के लिए जगह जगह पर आरो पॉइंट भी लगाए गए हैं. पदाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों का व्यवहार भी काफी कुशल है हर व्यक्ति कुशल भावना से हम सभी तीर्थ यात्रियों की सेवा दे रहे हैं.

 इसके उपरांत देव घाट,  गजाधर घाट, श्मशान घाट इत्यादि सभी घाटों का घूम घूम कर निरीक्षण किया एवं अनेक तीर्थयात्रियों से फ़ीडबैक लिया.यात्रियों को कोई असुविधा ना हो इसके लिए विभिन्न पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए.विभिन्न रास्तों से देवघाट से बाहर निकालने के लिए देवघाट पर बने नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट करवाने का भी निर्देश दिए.


आलोक कुमार


बुधवार, 14 सितंबर 2022

सत्ता से बेदखली के बाद बौखलाई भाजपा की भी हो सकती है साजिश, इसकी भी जांच हो

 * बेगूसराय घटना की उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार, घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज कराए

* सत्ता से बेदखली के बाद बौखलाई भाजपा की भी हो सकती है साजिश, इसकी भी जांच हो



पटना. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बेगूसराय जिले में अपराधियों द्वारा 10 लोगों को सरेआम गोली मारने, जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है, की घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने घटना के चरित्र को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

यह भी कहा कि जांच में भाजपाई साजिश के भी बिंदुओं की जांच होनी चाहिए क्योंकि बिहार की सत्ता से बेदखली के बाद भाजपा पूरी तरह बौखलाई हुई है और इस बात से कत्तई इंकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी कार्रवाइयां उसकी साजिश का भी नतीजा हो सकती हैं. अभी हाल में बिहार में गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ने की जितनी कार्रवाइयां हुई हैं, उसमें भाजपा किसी न किसी रूप में शामिल पाई गई है. सिवान के बड़हरिया में भी सांप्रदायिक उन्माद फैलाने में वह शामिल थी.

उधर, गोलीबारी की घटना में घायलों से मिलने माले के बेगूसराय जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, आरवाइए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार, पार्टी नेता नवल किशोर, किसान नेता बैजू सिंह, पार्टी नगर सचिव राजेश श्रीवास्तव आदि बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे. नेताओं ने इलाज करा रहे जीतो पासवान व गौतम कुमार पाठक से मुलाकात की. दस में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है. दो लोग बेगूसराय सदर अस्पताल में, चार प्राइवेट नर्सिंग होम में और बाकी तीन को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है.

भाकपा-माले सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी, घायलों का सरकारी इलाज पर समुचित इलाज व 5-5 लाख रुपया तथा मृतक परिजन के लिए 20 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग करती है.

आलोक कुमार


 

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