शनिवार, 15 अक्टूबर 2022

20 एवं 21 अक्टूबर को डीआरसीसी में जॉब कैंप का आयोजन

 20 एवं 21 अक्टूबर को डीआरसीसी में जॉब  कैंप   का आयोजन

280 रिक्त पदों के लिए युवाओं को नौकरी देगी लिमिटेड कंपनियां

बेतिया. श्रम संसाधन विभाग अंतर्गत जिला नियोजनालय, पश्चिम चम्पारण द्वारा जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (डीआरसीसी) के प्रांगण में दिनांक-20 एवं 21 अक्टूबर को जॉब  कैंप   का आयोजन किया गया है. उक्त तिथि को इच्छुक युवा जॉब  कैंप  में पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक नियोजक से जॉब कैंप के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं.

जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री अंकित राज ने बताया कि जॉब  कैंप    में डेस्टस प्रा0 लि0 (फॉर नापिनो ऑटो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स लि0) एवं डेस्टस प्रा0 लि0 (फॉर मिंडा इंडस्ट्रीज लि0) कंपनियां भाग ले रही है. ये कंपनियां जॉब कैम्प के माध्यम से 280 एनएपीएस/फ्लेक्सी आईटीआई तथा ट्रेनी पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन करेगी. अभ्यर्थियों को भिवाड़ी (राजस्थान) तथा सोनीपत (हरियाणा) में कार्य करना होगा.

उन्होंने जिले के इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि उक्त जॉब कैंप से लाभ प्राप्त करें. साथ ही उक्त तिथि को ससमय उपस्थित होकर नियोजकों से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त करें तथा अपना बायोडाटा/आवेदन समर्पित करें.

आलोक कुमार

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2022

पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम भी अविलंब निर्माण कराया जाए

  


बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज अमवा मन में पर्यटन दृष्टिकोण से कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया गया.उन्होंने कहा कि अमवा मन में बेहतरीन एवं आकर्षक व्यू देने के लिए कराए जा रहे कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाय. अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में पुनः अमवा मन पार्क आम नागरिकों के लिए खोला जाएगा, इसके पूर्व सभी प्रकार की व्यवस्थाएं कर ली जाएं.

जेटस्की के समीप पेड़ के किनारे थिमेटिक डिजाईन में आकर्षक बुद्ध की प्रतिमा बनायी गयी है। अमवा मन आने वाले पर्यटकों को यह काफी आकर्षित करेगी. इसके साथ ही अन्य जगहों पर भी थिमेटिक डिजाइन में विभिन्न कलाकृतियों का निर्माण कराया जा रहा है. जिलाधिकारी द्वारा इसकी सराहना की गयी.

उन्होंने कहा कि आगंतुकों के इंगेजमेंट के दृष्टिकोण से थिमेटिक वाल का निर्माण काफी आवश्यक है. पर्यावरण के दृष्टिकोण से पार्क के चारों ओर प्लांटेशन कराने की भी व्यवस्था की जाय. इससे जल-जीवन-हरियाली अभियान को भी बल मिलेगा.


जिलाधिकारी ने पार्क में निर्मित सीढ़ी का भी अवलोकन किया. जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में यहां फूटफॉल काफी अधिक होगी, इसलिए विधि-व्यवस्था एवं सुविधा के लिए सीढ़ी की ऊंचाई को कम कराने का निर्देश दिया गया. इसके अतिरिक्त पार्क में महिला एवं पुरूषों के व्यवहार के लिए पर्याप्त संख्या में प्रसाधान का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया.जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं के व्यवहार के लिए पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम भी अविलंब निर्माण कराया जाए.

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्त्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर, श्री विनोद कुमार, एएसडीएम, बेतिया सदर, श्री अनिल कुमार, वरीय उप समाहर्त्ता, श्री रवि प्रकाश, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्री अनंत कुमार  सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार  

ऐतिहासिक धरोहर पर बुडको का अवैध कब्जा हुआ

 



पटना.आजादी की लड़ाई की अहम गवाह रहे कांग्रेस मैदान को हरहाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा. पटना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि जिस भूमि में आजादी की लड़ाई की जमीन तैयार की उस भूमि पर अर्ग्रेंजों के जासूसों के इशारे पर हुए अतिक्रमण को बर्दाशत नहीं किया जायेगा.

शशि रंजन ने बताया कि कांग्रेस मैदान कांग्रेस पार्टी की संपत्ति है इसकी जमाबंदी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नाम पर कायम है और पार्टी ने साल दर साल इसकी मालगुजारी भी जमा की है.बावजूद इसके पिछली सरकार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा के इशारे पर बुडको ने अवैध तरीके से कांग्रेस मैदान पर कब्जा किया। तत्कालीन मंत्री सुरेश शर्मा और पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू की मिलीभगत से ऐतिहासिक धरोहर पर बुडको का अवैध कब्जा हुआ.

महात्मा गांधी की इस कर्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पटना जिला कांग्रेस हर स्तर की लड़ाई लडेगी ताकि संघीयों की गिद्ध दृष्टि से राष्ट्रीय आन्दोलन की पुण्य भूमि को बचाया जा सके.


आलोक कुमार  

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2022

सभी युवक-युवतियां इस ‘येसु युवा‘ के सदस्य बन सकते हैं

  

बेतिया.बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली में ढाई कोस ही ‘जीसस यूथ‘ चल पाया था.ढाई कोस चलने वाले ‘जीसस यूथ‘को ऑक्सीजन देकर पुनर्जीवित करने का प्रयास होने लगा है. इंजेक्शन कोरामाइन भी दी जा रही है.बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो ने बीड़ा उठाया है.

बेतिया पल्ली में एक बार फिर ‘जीसस यूथ‘ को मजबूत करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है.कुछ साल ‘जीसस यूथ‘ ढाई कोस ही चल पाया था.बता दे कि 1970 के दशक के मध्य में करिश्माई नवीनीकरण की लौ भारत और केरल तक फैल गई, जो भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे दक्षिणी छोर है. पवित्र आत्मा की लहर ने कई युवा समूहों को जन्म दिया जहां कैथोलिक युवाओं ने येसु और सुसमाचार का एक नए और ताज़ा तरीके से सामना किया.धीरे-धीरे ये समूह आपस में जुड़ने लगे और 1985 में ये युवा समूह एक बड़े सम्मेलन के लिए एक साथ आए.सम्मेलन को ‘येसु युवा 85‘ कहा गया और सम्मेलन में भाग लेने वाले युवा स्वयं को ‘येसु युवा‘ कहने लगे.

इन युवा लोगों ने अपने अनुभव अपने आसपास के लोगों के साथ साझा किए,यह बेतिया पल्ली तक पहुंच गया.‘येसु युवा‘ विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कार्यस्थलों और शहरों में गए, उन्होंने येसु के रोमांचक समाचारों को फैलाना जारी रखा. प्रार्थना समूह और सेल समूह बनाना. युवाओं की आध्यात्मिकता, दृष्टिकोण और रचनात्मकता जीवन शैली के रूप में फैलने लगी.उनमें से कई ने विभिन्न देशों की यात्रा की, उन्होंने अपनी  ‘येसु युवा‘ जीवन शैली को अपने साथ ले लिया, जिससे दुनिया भर में  ‘येसु युवा‘ समूहों का गठन हुआ. आज जीसस यूथ दुनिया भर के 25 से अधिक देशों में मौजूद है. इसके छह स्तंभ है

प्रार्थना, परमेश्वर का वचन, संस्कारों, अध्येतावृत्ति,प्रचार और गरीबों के लिए विकल्प.

इसके आलोक में बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो ने सोशल मीडिया के माध्यम से निवेदन किया है कि सभी युवकों को सूचित करना चाहता हूं कि हमारे पल्ली में  ‘येसु युवा‘ फिर से पुनः शुरू की जा रही है. ईश्वर की आशीष कृपा और उनके वरदानओं को अपने साथ अपने जीवन में बनाए रखने के लिए आप सभी हमारे इस नए सफर में जुड़कर येसु की महिमा और अनुकंपा प्राप्त कर सकते हैं.

(जीसस) येसु के नाम पर कार्य करना और जीवन बिताना ईसाई ईसा ही जैसा बनना  हम ईसाइयों का कर्तव्य है.कई वर्ष पहले हमारे पल्ली में यह ‘येसु युवा‘ कार्यरत था. परंतु कुछ कारणवश कुछ वर्षों से लिया स्थगित हो गई.हम आप सबों के लिए ईश्वर की अनुकंपा जीसस के नाम पर जीसस यूथ फिर से अपने पल्ली में शुरू कर रहा हूं.  युवतियों  आपसे अनुरोध है जो अभी 10वीं क्लास से ऊपर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं कॉलेज में हैं या जिनकी अभी शादी लगी है , जिनकी शादी हुवे कुछ वर्ष हुई है.वे सभी युवक-युवतियां इस ‘येसु युवा‘ के सदस्य बन सकते हैं.14/10/2022  संध्या 3ः00 बजे चर्च के प्रांगण में युवतियों के लिए एक सभा आयोजित की गई है.आप सभी युवतियों से अनुरोध है कि आप अपने दोस्तों एवं अपने रिश्तेदारों को यह सूचना दें और आज के सभा में उपस्थित होकर मेरी अभिलाषा को पूर्ण करें इसके लिए मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं.


आलोक कुमार

 

खड़गे अपने पक्ष में मतदान की अपील करने आए हैं

 पटना.अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे का बिहार के पावन भूमि पर आगमन हुआ.कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे मंगलवार को पटना पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. पटना एयरपोर्ट से गेस्ट हाउस जाने के बाद खड़गे कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के लिए निकले. जहां उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की. खड़गे अपने पक्ष में मतदान की अपील करने आए हैं.

मल्लिकार्जुन खड़गे से पहले उनके प्रस्तावक व खड़गे के चुनाव प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी सोमवार को पटना पहुंचे. जहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस चुनाव से नेहरू परिवार का कोई रिश्ता नहीं है. कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है. इसी का नतीजा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कांग्रेसजन बैलेट पेपर के आधार पर करेंगे. प्रमोद तिवारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे के पक्ष में जनसंपर्क करने के लिए पटना पहुंचे हैं.

  यहां पर वे कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस के डेलीगेट्स से मुलाकात किये और अपने पक्ष में वोट की अपील करते नजर आए. इस दौरान बिहार कांग्रेस के सभी डेलीगेट सदाकत आश्रम में मौजूद रहे.

   नए अध्यक्ष प्रत्यासी के आगमन पर उनसे मिलने के लिए, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के तमाम कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच गजब का उमंग सदाकत आश्रम में देखने को मिला.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अनुराग चंदन जी की अध्यक्षता में श्री मल्लिकार्जुन खड़गे साहब का भव्य स्वागत किया गया.उनके साथ ओबीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष डा गौतम कुमार, ओबीसी वरिष्ट कांग्रेसी उदय चंद्रवंशी, महिला नेत्री देविता देवी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

     डेलिगेट्स को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने कहा है कि पहली बार कांग्रेस को ऐसा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार मिला है, जो कि अपनी निजी जीवन में 50 साल से भी ज्यादा कांग्रेस का साथ दिया है और पार्टी नहीं है विभिन्न पदों रहने का मौका भी दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार के जितने भी डेलीगेट्स है उसका वोट शत प्रतिशत मल्लिकार्जुन खड़गे को जाएगा. कांग्रेस के जितने भी डेलिगेट्स सदाकत आश्रम के हॉल में मौजूद थे वह लगातार मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में नारा लगाते नजर आए.

      आपको बता दें कि बिहार में कांग्रेस के 597 डेलिगेट्स है और सभी डेलोगेट्स आज मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा जो सभा की गई थी, उसमे मौजूद रहे. कुल मिलाकर देखे तो मल्लिकार्जुन खड़गे को वोटिंग को लेकर बिहार के कांग्रेस जन काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. आपको बता दें कि मलिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के सच्चे सिपाही के रूप में सेवा की है. यही कारण है कि लगातार उन्हें कांग्रेस ने कोई न कोई पद दिया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता भी बनाया गया है. वह कांग्रेस से ही जुड़े रहे हैं, पार्टी अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहती है.

गौरतलब है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मलिकार्जुन खड़गे ने नामांकन दाखिल कर लिया है. उनके प्रस्तावकों में बिहार के भी 9 नेता शामिल हैं. प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा सहित बिहार से नौ नेता उनके प्रस्तावक बने हैं. जिनमें कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा भी शामिल रहे. अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी नामांकन किया है. आगामी 17 अक्टूबर को इसके लिए वोटिंग की जाएगी. कांग्रेस में अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी को लेकर काफी उथल-पुथल मचा रहा. राजस्थान में सियासी भूचाल भी आया जिसे जल्द ही शांत कर लिया गया.

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की गई और नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से आरम्भ हुई, जो 30 सितंबर तक चलेगी. नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है. एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे.बताया कि डेलीगेट्स के पास वोटिंग आईडी होती है, जिसमें क्यूआर कोड भी लगा हुआ है. जैसे भारतीय चुनाव आयोग का वोटिंग कार्ड है, वैसे ही कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी का वोटिंग कार्ड है. इस वोटिंग कार्ड के बिना डेलीगेट चुनाव में वोट नहीं डाल सकते.  

कांग्रेस पदाधिकारी के मुताबिक, कांग्रेस के 9,000 से ज्यादा डेलीगेट्स हैं, उनके कार्ड तैयार हो चुके हैं और जो पीआरओ हैं, वो डेलीगेट्स को कार्ड देंगे. इलेक्टोरल कॉलेज में देशभर के ब्लॉक से डेलीगेट्स आते हैं. हालांकि इस प्रक्रिया को लागू करना बहुत कठिन है. देश के हर ब्लॉक से जाकर कार्यकर्ताओं को मैप करना मुश्किल है.  

गया नगर निगम के पास कुल 7 फॉगिंग मशीन है तथा 06 एंटी लारवा मशीन

 गया. मुख्य सचिव, बिहार श्री आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में सभी जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन तथा नगर आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने जिलों में डेंगू एवं चिकनगुनिया से जनजीवन को बचाओ के लिए की गई तैयारियों के संबंध में अवगत हुए.उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्लम एरिया में विशेष ध्यान देते हुए नियमित रूप से फागिंग करवाते रहें.उन्होंने कहा कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर पानी का जमाव है तो उसे तुरंत पानी का निकास करें क्योंकि पानी का जमाव रहने से डेंगू काफी तेजी से पनपता है.

 सभी जिला पदाधिकारियों को कहा कि दीपावली तथा छठ पर्व काफी नजदीक है. इसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरतना है.पर्व त्यौहार के साथ साथ लगातार वर्षा भी हो रही है, जिसके कारण स्लम एरिया के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जलजमाव रहने के कारण डेंगू पनपते हैं.

उन्होंने सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अलर्ट मोड में रखें. सभी अस्पतालों में डेंगू से संबंधित सेपरेट बेड रखें ताकि डेंगू के मरीज आने पर उसे तुरंत एडमिट करते हुए समुचित इलाज कराया जा सके.इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी अस्पतालों में भी नियमित रूप से फॉगिंग करावे.

 गया जिले के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम ने बताया कि गया जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ साथ जिला अस्पताल में भी डेंगू के जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध है. सभी प्रखंडों में डेंगू के जांच के लिए किट उपलब्ध करा दिया गया है. मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सभी अस्पतालों में बेड रिजर्व रखे गए हैं. अब तक गया जिले में डेंगू के कुल 29 पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए हैं. डेंगू से संबंधित आए मरीजों के क्षेत्र को चिन्हित करते हुए पूरे परिधि को अच्छे तरीके से फॉगिंग कराया जा रहा है तथा आसपास के घरों के रहने वाले व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में 4-5 एरिया में तेजी से फैल रहा है.वहां पर विशेष रूप से फॉगिंग कराया जा रहा है. इसके साथ ही निगम क्षेत्र में रोस्टर बनाकर तीन पारियों में फॉगिंग की व्यवस्था की गई है. पूर्व वार्ड पार्षदों के साथ फॉगिंग के लिए बनाए गए रोस्टर को देते हुए उनसे मदद ली जा रही है.

 गया नगर निगम के पास कुल 7 फॉगिंग मशीन है तथा 06 एंटी लारवा मशीन है. इसके साथ ही सभी नगर निकायों में पदाधिकारियों को डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां करने का निर्देश दिया जा चुका है. गया जिले में डेंगू संबंधित कोई विशेष समस्या नहीं है. गया जिला को डेंगू से बचाव के लिए पूरी नियंत्रण में रखा जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को अलर्ट मोड में रखा गया है कहीं भी भी कोई डेंगू की घटना आने पर उसे तुरंत रिस्पॉन्ड किया जा रहा है.

     मुख्य सचिव बिहार में नगर आयुक्त गया नगर निगम अभिलाषा शर्मा को निर्देश दिया कि नगर निगम के सभी क्षेत्रों में  फॉगिंग करवाते रहे.  मैन पावर बढ़ाते हुए पर्याप्त टीम बनाते हुए डेंगू से बचाव के लिए व्यापक कार्य कराएं.

 नगर आयुक्त ने बताया कि सात फॉगिंग मशीन के माध्यम से रोस्टर के अनुसार रोटेशन के साथ फॉगिंग कराया जा रहा है.वर्तमान में दो पाली में फॉगिंग किया जा रहा था.कल से 03 पाली में फॉगिंग कराया जाएगा. मुख्य सचिव बिहार ने कहा कि गया में अधिक संख्या में स्लम एरिया के साथ-साथ आबादी भी है इसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्य करते रहें.

     वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में पठन-पाठन कर रहे सभी छात्र छात्राओं को फुल शर्ट एवं फुल पैंट में रहने का निर्देश दिया है.उन्होंने स्कूल के छात्र छात्राओं के साथ साथ गया जिला के लोगों से अपील किया है कि अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शरीर को ढकने का कार्य करें ताकि मच्छर काट ना सके तथा डेंगू से ज्यादा से ज्यादा बचाव हो सके.

’डेंगू एवं चिकनगुनिया के संबंध में आवश्यक सूचना’.

’डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होती है. यह मच्छर दिन में काटता है एवं स्थिर साफ पानी में पनपता है.’

- ’इन बीमारियों के लक्षण’  

तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द तथा आँखों के पीछे दर्द

 *  त्वचा पर लाल धब्बे / चकत्ते का निशान

* नाक, मसूढ़ों से या उल्टी के साथ रक्त स्राव होना

*  काला पैखाना होना

 उपरोक्त लक्षणों के साथ तेज बुखार से पीड़ित मरीज को अविलम्ब सदर अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाएँ.

       यदि किसी व्यक्ति को पूर्व में डेंगू हो चुका है तो उन्हें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, वैसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की शंका होने पर तुरन्त ही सरकारी अस्पताल / चिकित्सक से सम्पर्क करें.

* ’डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए निम्न उपाय करें’.

*  दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.

*  मच्छर भगाने वाली दवा / क्रीम का प्रयोग दिन में भी करें.

*  पूरे शरीर को बैंकने वाले कपड़े पहने, घर एवं सभी कमरों को साफ-सुथरा एवं हवादार बनाए रखें.

* टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी./ फ्रिज के पानी निकासी ट्रे, पानी टंकी एवं घर के अंदर एवं अगल-बगल में अन्य जगहों पर पानी न जमने दें.

* अपने आस-पास के जगहों को साफ-सुथरा रखें तथा जमा पानी एवं गदंगी पर कीटनाशी दवाओं का छिड़काव करें.

*  गमला, फूलदान इत्यादि का पानी हर दूसरे दिन बदलें.

*  मॉल दुकानदारों / प्रबंधकों से भी अनुरोध है कि खाली पड़े जगहों में रखे डब्बों / कार्टनों आदि में पानी जमा न होने दें.

*  जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें. ऽ याद रखें हर बुखार डेंगू नहीं है.

*  बीमारी के लक्षण होने पर बिना समय नष्ट किये  अन्य चिकित्सक से सम्पर्क करें.

* डेंगू एवं चिकनगुनिया बुखार की स्थिति में सभी रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है.

*  समय पर उपचार कराने से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है.

     ’तेज बुखार के उपचार के लिए एस्पिरिन अथवा ब्रुफेन की गोलियां कदापि इस्तेमाल नहीं करें. इसके लिए पेरासिटामोल सुरक्षित दवा है.’

’एम्बुलेंस के लिए टोल फ्री नं० 102 डायल करें.’


आलोक कुमार

रविवार, 9 अक्टूबर 2022

करीब 135 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी को कोई गैर नेहरू-गांधी अध्यक्ष मिलेगा

  


पटना.कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी.इस बार करीब 135 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी को कोई गैर नेहरू-गांधी अध्यक्ष मिलेगा.इस समय कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवार है.नामांकन वापसी के अंतिम दिन 8 अक्तूबर तक नामांकन  वापस नहीं लेने से मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर ही चुनाव मैदान में हैं.उन दोनों के बीच ही अध्यक्ष पद कब्जाने की लड़ाई है.

       कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव अब मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर के बीच ही होगा.शनिवार को यह जानकारी कांग्रेस नेता व निर्वाचन अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री ने दी. उन्होंने बताया कि कल तक हमें 20 फॉर्म मिले थे और वो फॉर्म सही है कि नहीं उसकी जांच आज हमने की थी.20 में से चार फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं.कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हमारे दो उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर ही चुनाव लड़ेंगे.दोनों ने नामांकन वापसी के दिन 8 अक्तूबर तक नामांकन वापस नहीं लिया है.     

  बताया गया कि अगर हमलोग इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो 1947 में देश की आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस के 19 अध्यक्ष हुए हैं.जिसमें सिर्फ 5 अध्यक्ष ही गांधी परिवार से रहे.जिसमें इंदिरा दो बार अध्यक्ष चुनी गई. जबकि 13 अध्यक्षों का गांधी परिवार से दूर-दूर तक नाता नहीं रहा, लेकिन ये भी एक बड़ा सच है कि गांधी परिवार के सदस्यों के पास पार्टी की कमान 37 सालों तक रही है. 

  बताते चले कि 1885 में स्थापना के बाद 87 अध्यक्षों ने कांग्रेस का नेतृत्व किया. इनमें से 19 अध्यक्ष आजादी के बाद के 72 साल में बने. इनमें से 37 साल नेहरू-गांधी परिवार का सदस्य ही पार्टी अध्यक्ष रहा. कभी देश की सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस आज बुरे दौर से गुजरे रही है.28 दिंसबर 1885 में अस्तिव में आई इस पार्टी का काम आज से पहले राहुल गांधी संभल रहे थे.राहुल को पार्टी की जिम्मेदारी 11 दिसंबर 2017 को दी गई थी.राहुल ने पार्टी का नेतृत्व करते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में पार्टी को जीत दिलाई.इस जीत के बाद से न केवल कार्यकर्ताओं में जोश, उमंग, उम्मीदें जागी, बल्कि राहुल का कद राजनीति में पहले से ज्यादा बढ़ गया. विधानसभा की जीत से पहले ये माना जा रहा था कि मोदी-शाह की जोड़ी को मात देना मुश्किल है, लेकिन राहुल ने जीत हासिल कर साबित किया कि देश का मूड कुछ ओर ही है. 

     हालांकि जीत का ये सिलसिला लोकसभा चुनाव 2019 तक बरकरार नहीं रहा. पार्टी ने राहुल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और सिर्फ 52 सीट पर ही जीत हासिल की. खुद राहुल अपनी अमेठी सीट गंवा बैठे.इस हार के बाद राहुल ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया और उस पर कायम रहे. हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे.इस समय     राहुल गांधी की माता सोनिया गांधी अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष हैं.        कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला होगा. कांग्रेस प्रमुख के चुनाव में केवल ये दो ही उम्मीदवार होंगे. केएन त्रिपाठी का नामांकन रद्द हो गया है. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मतदान होगा और 19 अक्टूबर को मतों की गिनती के बाद उसी दिन नतीजा घोषित किया जाएगा. 

       हाईकमान और टॉप लीडर्स के सपोर्ट से खड़गे का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है. अगर खड़गे अध्यक्ष बनते हैं तो बाबू जगजीवन राम के बाद ये दूसरे दलित अध्यक्ष होंगे. खड़गे दक्षिण भारत (कर्नाटक) से आते हैं और दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. बाबू जगजीवन राम के बाद से अब तक किसी दलित नेता ने पार्टी का नेतृत्व नहीं किया है. वह 1970-71 में कांग्रेस के अध्यक्ष थे. 

     कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे से मुकाबला करने वाले शशि थरूर का कहना हैं कि खड़गे के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस का भला नहीं होगा.वहीं खड़गे के गृह प्रदेश के कांग्रेसी दिल से खड़गे की जीत चाहते हैं.कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं की दलील है कि खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से वहां की कई परेशानियां हल हो जाएंगी. इसके मुताबिक पार्टी की गुटबाजी खत्म होने के साथ-साथ आने वाले विधानसभाओं चुनाव में भी उसे लाभ मिलने की उम्मीद है.

      खड़गे अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो पार्टी को इसका फायदा कल्याण कर्नाटक इलाके के सात पिछड़े जिलों में होगा. कर्नाटक से 9 बार विधायक रह चुके खड़गे का, इस इलाके में खास प्रभाव है.असल में साल 2012 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान खड़गे के प्रयास से ही यहां पर आर्टिकल 371जे लागू हुआ था.खड़गे उस वक्त केंद्रीय मंत्री थे. इसके चलते इस इलाके को स्पेशल स्टेटस मिला है.इसके तहत कर्नाटक के गवर्नर हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं.इसमें गुलबर्गा, बीदर, रायचूर, कोप्पल, यादगीर और अविभाजित बेल्लारी शामिल हैं.

   बिहार प्रदेश कांग्रेस के सम्मानित अध्यक्ष डा.मदन मोहन झा  ने शशि रंजन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा अधिकृत प्रदेश प्रतिनिधि कार्ड दिए. जिसका इस्तेमाल 17 अक्टूबर 2022 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में बिहार प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी श्री ब्रजेश कुमार पांडेय जी, पटना महानगर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जनाब परवेज अहमद जी, वर्तमान पटना जिलाध्यक्ष श्री शशि रंजन जी को प्रतिनिधि कार्ड दिए.कार्ड प्राप्त करते वक्त शशि रंजन ने कहा कि Indian Youth Congress 2010 का चुनाव याद आ गया. जिसके माध्यम से राजनीतिक जीवन में प्रवेश करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस पटना का पहला निर्वाचित अध्यक्ष चुना गया था. ऐसी लोकतंत्रात्मक राजनैतिक व्यव्स्था सिर्फ कांग्रेस पार्टी में ही संभव है.


आलोक कुमार

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