मंगलवार, 13 दिसंबर 2022

सबूतों के साथ सच को सामने लाने के लिए और सद्भावना वाले सभी लोगों का आभार

 

नई दिल्ली. जेसुइट्स फादर स्टेन स्वामी की विरासत समिति के संयोजक डॉ. फादर. जोसेफ जेवियर एस जे ने कहा है कि नई फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चलता है कि फादर स्टेन स्वामी को मनगढ़ंत सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जेल में डाल दिया गया और उनकी मृत्यु हो गई.

   आर्सेनल कंसल्टिंग, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध डिजिटल फोरेंसिक फर्म ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि भीमा-कोरेगांव मामले में वरिष्ठ मानवाधिकार रक्षक फादर स्टेन स्वामी को गिरफ्तार करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिजिटल सबूत उनके कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव पर लगाए गए थे. यह रिपोर्ट पिछली रिपोर्ट का अनुसरण करती है जिसमें सह-प्रतिवादी रोना विल्सन और सुरेंद्र गाडलिंग के उपकरणों पर लगाए गए डिजिटल साक्ष्य का दस्तावेजीकरण किया गया था. फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला है कि जिन हैकर्स ने फादर स्टेन के कंप्यूटर पर हमला किया, वे वही हैं जिन्होंने विल्सन और गाडलिंग पर हमला किया था.

    कई निष्कर्ष भारतीय राज्य को मानवाधिकार रक्षकों की इस हैकिंग से जोड़ते हैं.साइबर सुरक्षा फर्म Sentinel One ने पहले इस हमलावर की जांच की थी और निष्कर्ष निकाला था कि उनकी गतिविधि भारतीय राज्य हितों के साथ तेजी से संरेखित होती है.‘आर्सेनल की रिपोर्ट में कहा गया है, हमलावर फादर से समझौता करने के लिए जिम्मेदार है. स्वामी के कंप्यूटर में व्यापक संसाधन (समय सहित) थे और यह स्पष्ट है कि उनका प्राथमिक लक्ष्य निगरानी और दस्तावेज़ वितरण को कम करना था. आर्सेनल ने प्रभावी रूप से हमलावर को रंगे हाथ (फिर से) पकड़ा है, फ़ाइल सिस्टम लेनदेन, एप्लिकेशन निष्पादन डेटा और अन्य में पीछे छोड़ी गई उनकी गतिविधि के अवशेषों के आधार पर.                  

   जून 2022 में,वायर पत्रिका ने बताया कि  Sentinel One को पुणे पुलिस को हैकर्स से जोड़ने के सबूत मिले थे. फोरेंसिक निष्कर्षों से यह भी संकेत मिलता है कि हैकर्स को पुणे पुलिस द्वारा फादर स्टेन पर की गई छापेमारी की अग्रिम जानकारी थी. रिपोर्ट में हैकर्स द्वारा 11 जून, 2019 की रात को उनकी गतिविधियों के सबूतों को मिटाने का प्रयास करने का विस्तृत सबूत दिया गया है. पुणे पुलिस ने अगले ही दिन, 12 जून को फादर स्टेन का कंप्यूटर जब्त कर लिया. हैकर्स ने पहली बार 19 अक्टूबर, 2014 को नेटवायर नामक रिमोट एक्सेस ट्रोजन आरएटी का उपयोग करके फादर स्टेन के कंप्यूटर पर हमला किया. आरएटी एक हमलावर को किसी के कंप्यूटर का दूरस्थ रूप से सर्वेक्षण करने और कंप्यूटर से और कंप्यूटर पर फ़ाइलों को स्थानांतरित करने की अनुमति देता है. फादर स्टेन के मामले में, उनके द्वारा टाइप की गई हर एक चीज को ‘ कीलॉगिंग‘ नामक एक प्रक्रिया का उपयोग करके रिकॉर्ड किया गया था. रिपोर्ट में हैकर्स द्वारा उनके पासवर्ड को पढ़ने में सक्षम होने के उदाहरण दिखाए गए हैं, साथ ही साथ अन्य दस्तावेज़ और ईमेल भी.हैकर ने फादर स्टैन के डिवाइस की 24,000 फाइलों का भी सर्वेक्षण किया.

   निगरानी के अलावा, जुलाई 2017 से शुरू होने वाले और जून 2019 तक जारी रहने वाले दो हैकिंग अभियानों में फादर स्टेन की हार्ड ड्राइव पर डिजिटल फाइलों को लगाया गया था. माओवादी विद्रोह। फादर स्टेन पर छापे से एक सप्ताह पहले 5 जून, 2019 को फादर स्टेन के कंप्यूटर पर अंतिम आपत्तिजनक दस्तावेज लगाया गया था. इन दस्तावेजों के आधार पर ही फादर स्टेन को पहली बार भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किया गया था, जबकि विशेषज्ञों ने दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह जताया था.

    फादर स्टेन के कंप्यूटर का विश्लेषण आर्सेनल कंसल्टिंग द्वारा किया गया था, जो एक यूएस-आधारित डिजिटल फोरेंसिक फर्म है, जिसने तुर्की ओडीएटीवी मामले और बोस्टन मैराथन बम विस्फोट मामले सहित ऐतिहासिक डिजिटल फोरेंसिक मामलों पर काम किया है. आर्सेनल के पिछले निष्कर्षों को एमनेस्टी टेक और टोरंटो विश्वविद्यालय की सिटीजन लैब द्वारा दोहराया गया है, और वाशिंगटन पोस्ट और एनडीटीवी द्वारा रिपोर्ट किया गया है. आर्सेनल का कहना है कि इसके निष्कर्षों को किसी भी सक्षम डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ द्वारा दोहराया जा सकता है.                   

    आर्सेनल कंसल्टिंग के अध्यक्ष, मार्क स्पेंसर ने कहा, ‘फादर के साथ जो हुआ उसका पैमाना. स्वामी और उनके कुछ सह-प्रतिवादी, अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आक्रामक निगरानी के संदर्भ में, जो कि वर्षों के दौरान दस्तावेज़ वितरण को समाप्त करने में परिणत हुआ, वास्तव में अभूतपूर्व है.

हिरासत में फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु की ब्रिटिश संसद सहित, अमेरिकी विदेश विभाग और संयुक्त राष्ट्र द्वारा दुनिया भर में निंदा की गई थी. मनमानी हिरासत पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह ने सहमति व्यक्त की कि हिरासत में फादर स्टेन की मृत्यु ‘हमेशा के लिए भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर एक धब्बा बनी रहेगी‘. जुलाई 2022 में, अमेरिकी कांग्रेस में फादर स्टेन के जीवन और कार्यों के सम्मान में एक प्रस्ताव पेश किया गया था.सत्य इतना कड़वा क्यों हो गया है, विरोध इतना असहनीय, न्याय इतना अप्राप्य - स्टेन स्वामी

   भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तारी के दौरान जुलाई 2021 में प्रसिद्ध मानवाधिकार रक्षक फादर स्टेन स्वामी का निधन हो गया. भीमा कोरेगांव मामले में 11 सह-प्रतिवादी अभी भी जेल में हैं और गौतम नवलखा घर में नजरबंद हैं.

मैं आर्सेनल कंसल्टिंग के प्रेसिडेंट मार्क स्पेंसर और उनकी टीम का सबूतों के साथ सच को सामने लाने के लिए और सद्भावना वाले सभी लोगों का आभारी हूं जो सच्चाई, अंतिम और सबसे कम न्याय और शांति के लिए खड़े हैं.

हम, भारत के जेसुइट, गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न जेलों में सड़ रहे लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं, विशेष रूप से जिन्हें बीके16 मामले में झूठा फंसाया गया है और गरीबों और हाशिए पर रहने वालों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं और उनके साथ चलते हैं गरिमा, स्वतंत्रता और स्वतंत्रता के लिए उनकी खोज.


आलोक कुमार


मैं साक्ष्य के साथ मौजूद रहूँगा:सुमन सौरभ

 


*  प्रसव वार्ड में नर्स का प्रसूता के साथ होता है अमानवीय व्यवहार


*  नर्स को दिया जाए सॉफ़्ट स्किल का प्रशिक्षण


* यहां घूस के बिना हीमोग्लोबिन से लेकर अन्य किसी भी प्रकार की जांच करवाना है मुश्किल


* घावों पर टांका लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला धागा (सूचर) भी उपलब्ध नहीं


*  प्रसव वार्ड में रात्रि पहर चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने के कारण मजबूरी में मरीज  जाते है निजी अस्पताल के शरण में


जमुई. प्रबोध जन सेवा संस्थान के सचिव व सामाजिक कार्यकर्त्ता सुमन सौरभ ने एक शिकायत पत्र के माध्यम से सदर अस्पताल की तमाम व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हुए सोमवार को सिविल सर्जन को एक शिकायत पत्र सौंपा है. उस शिकायत पत्र में उन्होंने स्पष्ट तौर पर लिखा है जब भी सदर अस्पताल में आपका निरीक्षण होता है तो एक उम्मीद जगती है अब किसी प्रकार की समस्या आम लोगों को नहीं होगी पर बड़े ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है आपके निरीक्षण का असर कुछ घंटे तक ही सीमित रहता है.

   


वर्तमान में सदर अस्पताल का शायद ही कोई ऐसा विभाग है जहां बगैर पैसे (घूस) की काम होता नहीं है.यदि आपको इसकी जानकारी नहीं है तो शायद आपका निरीक्षण अधूरा है. प्रसव वार्ड की बात करें तो हीमोग्लोबिन से लेकर किसी भी प्रकार के जांच में कुछ ना कुछ पैसा (घूस) लिया ही जाता है. यदि पैसा ना दिया जाए तो उन्हें जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है या फिर मजबूर होकर जांच बाहर से करवाना होता है.

 यदि आप सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड का निरीक्षण किए होंगे तो आपको यह भी ज्ञात होना चाहिए जब सदर अस्पताल में जांच से लेकर अन्य सारी सुविधा उपलब्ध है तो आवश्यक जांच मरीज बाहर (प्राइवेट) से क्यों करवाते हैं. उसकी एकमात्र वजह है समय पर जांच कर्मी का उपलब्ध ना होना या फिर समय पर पैसा (घूस) ना देने पर जांच कर्मी की नाराजगी. यह सभी बातें मुझे पहले से ज्ञात थी पर दिनांक 9/ 12/2022 को सुबह लगभग 5ः00 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक मेरी उपस्थिति में ये सारा खेल प्रसव वार्ड में चलता रहा जो मेरे लिए तनिक भी आश्चर्य का विषय नहीं था.

  जांच कर्मी से लेकर रोस्टर के अनुसार जिन डॉक्टर की ड्यूटी थी वह भी अनुपस्थित थी. प्रसव के दर्द को जूझ रही कई महिलाएं डॉक्टर के इंतजार में तड़प रही थी. बेतहाशा दर्द को झेल रही दो प्रसव पीड़िता जो कई घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रही थी पर डॉक्टर की मौजूदगी ना होने के कारण व मौजूद कुछ नर्सों का व्यवहार प्रसूता के प्रति जहाँ सहानुभूति पूर्ण होना चाहिए वहीं उनका व्यवहार प्रसूता के साथ अमानवीय रहा जिससे आहत होकर उन्हें निजी अस्पताल के लिए जाना पड़ा. वहीं जो आर्थिक रूप से विपन्न परिवार की प्रसूता थी उनकी मजबूरी रही उस डॉक्टर के इंतजार में रहना.

   वैसे भी प्रसव वार्ड में प्रसूता बच्चे को जन्म देने के दौरान जितना दर्द झेलती है उस से कहीं ज्यादा आपके सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में कार्यरत नर्स व डॉक्टर का व्यवहार उन्हें अंदर से तोड़ देता है. मेरा मानना है विशेष तौर पर प्रसव वार्ड में कार्यरत नर्सें गर्भवती महिलाओं के सबसे ज्यादा संपर्क में रहती हैं ऐसे में उन्हें सॉफ़्ट स्किल का प्रशिक्षण दिया जाना बहुत ही जरुरी है क्योंकि डिलीवरी के दौरान होने वाले बर्ताव से प्रसव वार्ड में इलाजरत प्रसूता खौफ में रहती है. उसी दौरान जब विभाग के अधिकारियों से इन सभी परेशानियों को लेकर मेरी बात हुई तो डॉक्टर साहिबा का आगमन सुबह लगभग 6ः 30 बजे हुआ लेट ही सही पर डॉक्टर साहिबा का आगमन हुआ पर आते के साथ उन्होंने नाराज होकर इलाजरत मरीज के परिजनों से कह दिया 8 बजे हम चले जायेंगे और वो चली भी गई.

  आश्चर्य है रोस्टर के अनुसार अस्पताल पहुंचने का समय निश्चित नहीं है पर जाने का समय निश्चित होता है। खैर मुझे खुशी है आप समय-समय पर सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड का निरीक्षण करते है तो क्या आपको यह ज्ञात नहीं घावों पर टांका लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला धागा (सूचर) भी बीते कई दिनों से प्रसव वार्ड में उपलब्ध नहीं है जिसे परिजनों को बाहर से खरीदकर लाना होता है. वहीं जो प्रसव वार्ड में खाद्य सामग्री परोसी गई उसे बस मजबूरी बस ही इंसान खा सकता है.

    सुमन सौरभ ने आगे कहा शिकायत पत्र के माध्यम जितनी भी शिकायतें दर्ज कराई है उसका पूरा प्रमाण मेरे पास सुरक्षित है उन्हें ने सिविल सर्जन से आग्रह किया है शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से कर दोषी पर करवाई करें जिस से समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए वहीं इस जांच में किसी भी प्रकार की यदि सहयोग की आवश्यकता है तो मैं साक्ष्य के साथ मौजूद रहूँगा.


आलोक कुमार


अंतिम संस्कार सेंट ऑगस्टाइन फोराने चर्च, प्रविथानम, पाला में किया गया

  


पटना.बिहार की राजधानी पटना है.पटना के बगल में ही हाजीपुर है. केरल से आकर ए.वी. जोसेफ ने हाजीपुर में स्कूल खोले.उक्त स्कूल का नाम संत जोंस एकेडमी है.संत जोंस एकेडमी के संस्थापक निदेशक ए.वी.जोसेफ थे.वे ए.वी.जोस से विख्यात थे.उनका निधन 11 दिसंबर को केरल में हो गया था.वे 69 साल के थे.अपने पीछे मारिया जोस,रोनी जोस, सोनी जे हर्ष,सिद्धार्थ हर्ष,नील जे हर्ष आदि को छोड़ गए.

     उनका घर केरल में है.श्री ए वी पृथ्वीदाथिल हाउस, नजंदुपारा, उरलीकुन्नम, पाला है.आज मंगलवार 13 दिसंबर को घर पर सुबह 10.00 बजे से अंतिम प्रार्थना करने के बाद पार्थिव शरीर को दोपहर 12.00 बजे से अंतिम संस्कार सेंट ऑगस्टाइन फोराने चर्च, प्रविथानम, पाला में किया गया.

       
पटना महाधर्मप्रांत में धार्मिक कार्य करने वाले ए.वी.जोस का अंतिम संस्कार में शामिल होने पटना महाधर्मप्रांत के विकर जनरल फादर जेम्स जौर्ज और फातिमा सुसमाचार केंद्र के निदेशक फादर सत्य प्रकाश गए थे.वहीं संत जोंस एकेडमी से जुड़े लोग भी गए थे.

  एक लोकधर्मी होने के कारण धार्मिक कार्य में सर्वाधिक योगदान जोस देते थे.इसके आलोक में पटना महाधर्मप्रांत के विकर जनरल फादर जेम्स जॉर्ज और फादर सत्य प्रकाश केरल गए थे.


आलोक कुमार


नवीन तकनीक के इंटरेक्टिव पैनल द्वारा क्लास लिए जाएंगे

 


बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी द्वारा आगामी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए क्रैश कोर्स एवं उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के लिए लाइव क्लास का शुभारंभ किया गया.उन्नयन, बिहार के अंतर्गत स्टेट ऑफ द आर्ट डिजिटल लर्निंग स्टूडियो का उद्घाटन किया गया.नवीन तकनीक के इंटरेक्टिव पैनल द्वारा क्लास लिए जाएंगे.

     विपिन हाई स्कूल अवस्थित डिजिटल स्टूडियो से कक्षा 9 एवं 10 के लिए क्रैश कोर्स सहित रेगुलर क्लासेज तथा राज इंटर कॉलेज अवस्थित डिजिटल स्टूडियो से कक्षा 11 एवं 12 के लिए क्रैश कोर्स तथा रेगुलर क्लास का संचालन किया जायेगा. लिंकः- 09 वीं एवं 10 वीं लाइव क्रैश कोर्स के लिए-https://www.facebook.com/unnayanbiharwc?mibextid=ZbWKwL

10 वीं एवं 11वीं लाइव क्रैश कोर्स के लिए- https://www.facebook.com/profile.php?id=100088672240121...


जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2023 के लिए क्रैश कोर्स एवं उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के लिए ऑनलाइन क्लास (फेसबुक लाइव के माध्यम से) का शुभारंभ किया गया. साथ ही विपिन हाई स्कूल अवस्थित अत्याधुनिक डिजिटल लर्निंग स्टूडियो का फीता काटकर उद्घाटन भी किया गया.क्रैश कोर्स एवं ऑनलाइन क्लास का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया.

   विपिन हाई स्कूल अवस्थित डिजिटल स्टूडियो से कक्षा 9 एवं 10 के लिए क्रैश कोर्स सहित रेगुलर क्लासेज तथा राज इंटर कॉलेज अवस्थित डिजिटल स्टूडियो से कक्षा 11 एवं 12 के लिए क्रैश कोर्स तथा रेगुलर क्लास का संचालन किया जायेगा.पिछले वर्ष भी कक्षा 09 एवं 10 के लिए क्रैश कोर्स चलाया गया था. इस वर्ष इसे आगे बढ़ाते हुए कक्षा 11 एवं 12 के लिए भी क्रैश कोर्स प्रारंभ किया गया है एवं इसके लिए राज इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियों तैयार किया गया है.

    इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, वरीय उप समाहर्ता, श्रीमती पूर्णिमा कुमारी, सुश्री सुभाषिणी प्रसाद, श्री रवि प्रकाश, एएसडीएम, बेतिया, श्री अनिल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रजनीकांत प्रवीण, डीपीओ, श्री योगेश कुमार सहित उन्नयन पश्चिम चम्पारण की पूरी टीम उपस्थित रही.

    इस अवसर पर जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि बेहतरीन तरीके से बनाये गये स्टेट ऑफ द आर्ट डिजिटल लर्निंग स्टूडियो को देखकर बहुत खुशी हो रही है. आज एक नई शुरुआत की जा रही है. पहले सिर्फ 09 एवं 10 के क्रैश कोर्स संचालित किये जाते थे लेकिन अब 11 एवं 12 वी के क्रैश कोर्स भी संचालित किये जायेंगे.

उन्होंने कहा कि उन्नयन बिहार के तहत पश्चिम चम्पारण जिले में विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम द्वारा ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है.उन्नयन पश्चिम चम्पारण के सभी टीचर गुरू की भूमिका अच्छे से निभा रहे हैं. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिले के प्रत्येक बच्चे तक निरंतर पहुंचाते रहें.

    जिलाधिकारी ने कहा कि गुरू छात्र-छात्राओं को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं, सभी शिक्षक टेक्नोलॉजी के माध्यम से बच्चों की जिन्दगी बदलें, उन्हें आगे बढ़ायें. उन्होंने कहा कि बच्चों की आंखों में बड़े सपने दें और उसे पूरा करने एवं उनके भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षक, अभिभावक सहित सभी को अपनी-अपनी सहभागिता देनी होगी.

    उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर भविष्य देना है. पीढ़ियों से चली आ रही समस्याओं का सामना आने वाली पीढ़ी नहीं करें, इसके लिए सभी को समन्वित प्रयास करना होगा. जिलाधिकारी द्वारा ऑनलाइन जुड़े सभी बच्चों का आह्वान किया गया कि जिला प्रशासन की इस मुहिम ऑनलाइन क्लास एवं क्रैश कोर्स का लाभ उठायें तथा निरंतन आगे बढ़ते रहें तथा औरो को भी जोड़ें.

   कार्यक्रम को उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रजनीकांत प्रवीण द्वारा भी संबोधित किया गया. सभी के द्वारा उन्नयन पश्चिम चम्पारण की पूरी टीम को धन्यवाद दिया गया तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया तथा कहा गया कि ऑनलाइन क्लास से ज्यादा से ज्यादा बच्चे लाभान्वित हों.


आलोक कुमार

जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष को सख्त हिदायत दिया

 


गया. इस जिले के जिला पदाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने मानपुर के पटवाटोली का निरीक्षण किया.उन्होंने बुनकरों के बीच जाकर किए जा रहे कपड़ा बुनाई के कार्याे को बारीकी से देखा.बुनकरों के बीच उन्होंने पहुंचकर मशीनों का भी जायजा लिया.उद्योगों को किस तरह बढ़ावा दिया जाए उस पर विस्तार से बुनकरों के साथ विचार-विमर्श किया.कपड़ा बुनाई के हो रहे कार्य को देखकर उन्होंने काफी खुशी जाहिर किया.कपड़ा बुनाई के सभी प्रोसेस का भी जायजा लिया.लगभग कपड़ा बुनाई में 8 से 10 अलग अलग प्रोसेस है, उन सभी को घूम घूम कर उन्होंने देखा.

   

टैक्सटाइल पार्क के बारे में जानकारी लेने पर अध्यक्ष वस्त्र उद्योग बुनकर सेवा समिति श्री प्रेम नारायण पटवा द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में पटवाटोली में अपने अपने घरों में 980 यूनिट, जो लगभग 12500 पावर लूम मशीन से कपड़ा बुनाई का कार्य कर रहे हैं जिसमें लगभग 30 से 35 हजार कामगार/ श्रमिक कार्य कर रहे हैं.इसके अलावा इसमें लगभग 50%महिला कामगर कार्य कर रहे हैं.वर्तमान में साधारण कपड़े बनाने का कार्य किया जा रहा है.

        इसके उपरांत जिला पदाधिकारी द्वारा शादीपुर बालू घाट के समीप लगभग 23 एकड़ जमीन पूर्व से चिन्हित है जो पावरलूम उद्योग टैक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित किया जाना है, का निरीक्षण किया. महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु में टैक्सटाइल पार्क के तर्ज पर गया जिला के शादीपुर पंचायत के चिन्हित जमीन में विकसित किया जाएगा टैक्सटाइल पार्क.इसने टैक्सटाइल पार्क निर्माण में अत्याधुनिक 435 यूनिट लगाने का योजना बनाई जा रही है जिसमें कोट पेंट सहित अन्य नए-नए प्रकार के अत्याधुनिक कपड़े का निर्माण किया जाएगा.टेक्सटाइल पार्क निर्माण होने से लोकल स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर अधिक संख्या में रोजगार मिलेगा.यह क्षेत्र भविष्य में काफी विकसित हो जाएगा.

       

जिला पदाधिकारी ने अध्यक्ष बुनकर सेवा समिति को कहा कि विभिन्न बैंकों के साथ बैठक कर वस्त्र उद्योग तथा अत्याधुनिक मशीन खरीदने के लिए ऋण वितरण में सहयोग तथा हर संभव प्रयास के लिए प्रेरित किया जाएगा.

        वर्तमान में उक्त शादीपुर बालू घाट के समीप चिन्हित जमीन में अवैध अतिक्रमण को हटाने का सख्त निर्देश अंचलाधिकारी मानपुर को दिया गया. जिला पदाधिकारी ने कहा कि अच्छे तरीके से उस जमीन को सर्वे कराएं तथा 1 माह के अंदर सर्वे पूर्ण करते हुए अतिक्रमणवाद चलाकर अवैध अतिक्रमण को मुक्त करावे तथा पर्चा धारी व्यक्तियों को किसी अन्य दूसरे स्थान पर शिफ्ट करा दें. जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष को सख्त हिदायत दिया कि किसी भी स्थिति में अब इस स्थान पर एक भी नया कोई अवैध निर्माण कार्य नहीं हो, यह सुनिश्चित करावे साथ ही दो चौकीदार की प्रतिनियुक्ति इस स्थान पर सुनिश्चित करावे.


आलोक  कुमार

सोमवार, 12 दिसंबर 2022

ग्वादालूपे मां मरियम का वार्षिक पर्व

 बेतिया.ग्वादालूपे मां मरियम का वार्षिक पर्व रविवार 11 दिसंबर को बेतिया शहर के पादरी दुसैया में माता मरियम की शोभा यात्रा निकाली गई.नगर से सटे पादरी दुसैया में धूमधाम व उत्साह के साथ मनाया गया.पर्व की धूम नगर के मुख्य चर्च से लेकर पादरी दुसैया के चर्च तक रही. मां मरियम के तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाने वाला पादरी दुसैया में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. 

   


हालांकि पर्व की आगाज तो दिसंबर से ही शुरू हो गई थी.दो दिसंबर को बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस ने नोवेना प्रार्थना कर झंड़ोतोलन के साथ शुरू किया गया था.9 दिवसीय नोवेना प्रार्थना की गई.जिसमें बहुत सारे श्रद्धालु आते रहे और नोवेना प्रार्थना करते रहे.जो कि अलग-अलग पल्ली से आए हुए पुरोहितों द्वारा संचालित किया जाता था. इस दौरान पूर्व वार्ड सदस्य एवं वार्ड नंबर 33 के भावी वार्ड पार्षद प्रत्याशी पति - रवि माइकल सिंह ने कहा कि रविवार को बेतिया धर्मप्रांत में हर्ष व उल्लास है.बेतिया से पदयात्रा कर धर्मी पादरी दुसैया आ रहे.यहां पर चमत्कारी ग्वादालूपे माता मरियम की प्रतिमा स्थापित है.यहां के यूथ पादरी दुसैया पहुंच मार्गों की सफाई की गयी.ईसाई समुदाय के युवा- हिमांशु, आशीष, प्रेम जॉन, सुमित बेनतुरा, सोनू विक्टर, प्रिंस अलेक्जेंडर, अमित डेविड , प्रकाश दीपक ,विकी विक्टर ,विशाल विक्टर, चंदन पीटर, एवं ईसाई समुदाय के युवा अध्यक्ष- रोहित मुकुल और ईसाई समुदाय के पूर्व युवा अध्यक्ष-आंजिलो एस जैकब, सभी ने शोभायात्रा को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई.

       

रविवार को ईसाई समुदाय ने ग्वादालूपे मां मरियम का वार्षिक पर्व मनाया. बेतिया चर्च से भक्तगण चलकर सात किलोमीटर तय करके पादरी दुसैया पहुंचे.दुसैया और बेतिया से मिलाकर चार हजार की संख्यां में उपस्थित भक्तगण धूमधाम व उत्साह के साथ पर्व मनाया.राह में प्रार्थना की गयी.सब संतों से हमारे लिए प्रार्थना का गुहार लगाया गया.सफेद वस्त्र पहनकर ग्वादालूपे मां मरियम की प्रतिमा के सामने फूलों की वर्षा करते रहे.बच्चों की तैयारी सुश्री शालू सुरूर ने की थी.इस बीच पादरी दुसैया के चर्च तक चहलकदमी बढ़ गयी. बताते चले कि मां मरियम के तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाने के कारण पादरी दुसैया में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. फादर क्लोड कोर्दा संचालनकर्ता हैं.

   बता दें कि इस शोभायात्रा में दूर-दूर से सभी जाति- धर्म के श्रद्धालु अपने भक्ति के साथ यहां पर दर्शन एवं मन्नत मांगने के लिए आते हैं और उनकी जरूरतें पूरी होती है.यह शोभायात्रा बेतिया क्रिश्चियन क्वार्टर के श्रद्धालुओं द्वारा माता मरियम के डोली के साथ प्रार्थना करते हुए शहर मार्ग से पादरी दुसैया के ग्वादालूपे माता मरियम गिरजाघर में आते हैं.

    उसके बाद सभी श्रद्धालुओं द्वारा इस डोली को लेकर पादरी दुसैया में शोभायात्रा निकाली गयी.शोभायात्रा के बाद प्रार्थना सभा का संचालन बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस एवं अन्य पुरोहितों द्वारा संचालित किया गया.इस अवसर पर भक्तों के बीच परमप्रसाद वितरण किया गया.

    पादरी दुसैया का पल्ली पुरोहित ने अन्य पल्लियों से आने वाले भक्तों के लिए ठहरने व खाने की व्यवस्था किए थे.

  आलोक कुमार



नाबालिग द्वारा वाहन परिचालन पर 25 हजार रुपये जुर्माना का है प्रावधान


* सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए नियमित रूप से कराएं वाहनों की जांचः जिलाधिकारी

* हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट नहीं लगाने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध करें सख्त कार्रवाई

* लेन मार्किंग, कैट्स आई, डेलीनेटर, रिफ्लेक्टर, ब्लींकर्स, सड़क सुरक्षा चिन्ह, बैरियरर्स आदि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश


बेतिया. पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुयी. इस बैठक में पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री उपेंद्र नाथ वर्मा, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

      जिलाधिकारी ने कहा कि ठंड के मौसम में कोहरे एवं धुंध के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभागीय निर्देशों का अक्षरशः अनुपापलन सुनिश्चित किया जाय. इसके लिए कोहरे एवं धुंध में वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से परिचालन करने के लिए व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजनों को जागरूक करने की कार्रवाई अविलंब प्रारंभ की जाय.

    उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में ठंड के महीनों में कोहरे एवं धुंध कारण कुछेक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं.परिवहन विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुपालन के फलस्वरूप इस तरह की दुर्घटनाओं पर काफी हद तक कमी लायी जा सकती है. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी सभी आवश्यक कार्रवाई अविलंब सुनिश्चित करें.

     उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए दुपहिया वाहन चालकों का नियमित हेलमेट जांच किया जाय. अक्सर देखा जाता है कि अधिकांश दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों से होती है. दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट धारण नहीं करने से दुर्घटनाओं के समय गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति बनती है. इसी प्रकार चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने से घायल होने से बचा जा सकता है. सीट बेल्ट की भी लगातार जांच करायी जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध एमवी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए.

     उन्होंने कहा कि अधिक कोहरे एवं धुंध की स्थिति में सड़कों पर वाहनों का परिचालन नहीं हो, इसे सुनिश्चित किया जाय. फॉग को लेकर सभी अधिकारी अलर्ट रहें. आरसीडी, आरडब्ल्यूडी, बीडीओ, सीओ, एसएचओ सभी कलेक्टिव रूप से कार्य करें. हेलमेट, सीट बेल्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि की जांच के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाया.

    पथ निर्माण से जुड़े कार्यपालक अभियंताओं से निर्देश दिया गया कि सड़कों के मध्य बनने वाले पुल-पुलिया वाले स्थल पर जहां डायवर्सन बनाया गया है, वहां विशेष सतर्कता बरतनी है. डायवर्सन वाले स्थल से कुछ मीटर पूर्व ही बड़ा से बैनर जो स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो, का अधिष्ठापन कराया जाय. साथ ही रिफ्लेक्टर का भी अधिष्ठापन कराया जाय ताकि वाहन चालकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

     पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री उपेंद्र नाथ वर्मा ने कहा कि सभी एसएचओ कोहरे एवं धुंध को लेकर सतर्क रहेंगे तथा नियमित रूप से वाहनों की जांच कराना सुनिश्चित करेंगे.यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुकूल कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चों पर विशेष ध्यान देना होगा. नाबालिग द्वारा वाहन परिचालित किये जाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना का भी प्रावधान है.


आलोक कुमार




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