शनिवार, 11 मार्च 2023

जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ की बैठक

नहर नदी के तटबंधों के ऊपर तथा रिवर साइड एवं कंट्री साइड स्लोप पर वृक्षारोपण नहीं किया जाना है। नहर के बाहरी स्लोप के बाद समतल जमीन पर तीन-चार फीट की दूरी छोड़कर वृक्षारोपण किया जाना है। प्रत्येक 50 मीटर की लंबाई में वृक्षारोपण के उपरांत 10 मीटर का गैप आवागमन के लिए दिया जाना है।

*नदी एवं नहर तटबन्ध के चाट लैंड में वृक्षारोपण किया जाएगा।स्थानीय सर्वेक्षण कर स्थल चयन के लिए वन विभाग के रेंजर, बाढ़ नियंत्रण के सहायक अभियंता एवं संबंधित अंचलाधिकारियों के गठित दल द्वारा वृक्षारोपण के लिए चिन्हित किया गया स्थल।संबंधित अंचलाधिकारियों को वृक्षारोपण के लिए चिन्हित जमीन की विवरणी एक सप्ताह में वन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश।आगे की कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ की बैठक...


नालंदा। जलवायु संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक है। जल जीवन हरियाली अभियान के अंतर्गत भी वन भूमि का आच्छादन बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित है।इस उद्देश्य से नदी एवं नहर तटबंध के चाट लैंड पर वृक्षारोपण किया जाएगा।राज्य स्तर पर भी इस उद्देश्य को लेकर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जनवरी माह में बैठक आहूत की गई। विचार विमर्श के उपरांत नहर/नदी तटबंध के चाटलैंड पर वृक्षारोपण के लिए मानक प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है।

      नदी तटबंध के कंट्री साइड स्लोप में टो से 20 फीट की दूरी तथा रिवर साइड में 10 फीट की दूरी तक के क्षेत्र को वृक्षारोपण से मुक्त रखा जाएगा।वृक्षारोपण के लिए ऐसी प्रजाति के पौधों का चयन किया जाएगा जिसकी परिपक्वता अवधि कम हो तथा जड़ों का फैलाव ज्यादा नहीं हो। यथा- शीशम, गमहार, सागवान, सेमल, कदंब, करंज, आंवला, सहजन, बांस, बबूल, बेर, अर्जुन, जामुन आदि।रिवर साइड में यथासंभव बांस का पौधा लगाया जाएगा ताकि कटाव में कमी आ सके।निर्धारित मानक के अनुरूप स्थानीय सर्वेक्षण कर नदी एवं नहर के ऐसे तटबंध के भाग को वृक्षारोपण के लिए चिन्हित किया जाएगा।नालंदा जिला में वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थल के निर्धारण एवं आगे की कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार संध्या में संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक आहूत की गई।

        इस संबंध में विगत माह में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में गठित दलों द्वारा संबंधित अंचल क्षेत्रों में वृक्षारोपण के लिए भूमि चिन्हित किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को चिन्हित जमीन की विवरणी वन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

     जिला में प्रथम चरण में बिहारशरीफ में पंचाने नदी के किनारे कोशुक से वन प्रमंडल पदाधिकारी के कार्यालय तक का क्षेत्र, गिरियक प्रखंड में पंचाने नदी के किनारे का भाग तथा अस्थावां प्रखंड में विभिन्न नदियों के तटबंध के किनारे के भाग में स्थानीय सर्वेक्षण के आधार पर वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त चिन्हित स्थल पर वृक्षारोपण किया जाएगा।

        इस सर्वेक्षण कार्य के लिए वन विभाग के एक रेंजर, बाढ़ नियंत्रण के एक सहायक अभियंता तथा संबंधित अंचल अधिकारी को शामिल करते हुए तीनों अंचलों के लिए अलग-अलग टीम का गठन जिलाधिकारी द्वारा किया गया था। इस टीम द्वारा अपने निर्धारित क्षेत्र में स्थल सर्वेक्षण कर निर्धारित मानक के अनुरूप वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थल को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया है, जिसकी विवरणी वन विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया।

       वृक्षारोपण एवं इससे संबंधित आंकड़ों का संधारण तथा रखरखाव का कार्य पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा किया जाएगा।बैठक में उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंता, सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, डीपीएम जीविका, अंचलाधिकारी बिहारशरीफ, गिरियक एवं सिलाव आदि उपस्थित थे।


आलोक कुमार 

56 विभिन्न योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति

  


नालंदा। आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा नालंदा सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार की उपस्थिति में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत ली गई योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

    वर्तमान 17 वीं लोकसभा की अवधि में सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार के सांसद निधि से लगभग 3.65 करोड़ लागत की 56 विभिन्न योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई।इनमें से अबतक 34 योजनाओं का कार्य पूर्ण किया गया तथा 21 योजनाओं का कार्य अपूर्ण/प्रक्रियाधीन है, जबकि एक योजना सांसद की सहमति से रद्द किया गया है।

    जिलाधिकारी ने सभी अपूर्ण/प्रक्रियाधीन योजनाओं का कार्य उच्च प्राथमिकता से पूर्ण कराने का निर्देश स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता को दिया।योजनाओं का कार्य पूर्ण होने के उपरांत सांसद को संसूचित कर योजना का उद्घाटन  कराने की व्यवस्था का दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश कार्यकारी एजेंसी के अभियंताओं को दिया गया।

     सांसद द्वारा अनुशंसा/सहमति प्राप्त सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्राक्कलन तैयार करने आदि का कार्य एक सप्ताह के अंतर्गत निश्चित कराते हुए योजना कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।जिला योजना पदाधिकारी को सांसद निधि की योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीन से संबंधित समस्या को सूचीबद्ध कर जिला स्तरीय समन्वय की बैठक में संज्ञान में लाने को कहा गया।

    सांसद निधि से अनुशंसित शव वाहन, एम्बुलेंस, नगर निकायों के लिए पानी टैंकर आदि की योजनाओं के सबंध में नियमानुसार जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय की प्रक्रिया को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता/सहायक अभियंता/कनीय अभियंता आदि उपस्थित थे।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 10 मार्च 2023

रैली-महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने का निर्णय

  *23 मार्च से 22 अप्रैल तक भाकपा-माले का ‘लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद‘


* रैली-महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने का निर्णय



पटना. 15 फरवरी की ऐतिहासिक गांधी मैदान की रैली और सफल महाधिवेशन के उपरांत विगत दिनों भाकपा माले की राज्य कमेटी की बैठक संपन्न हुई. 

राज्य कमेटी की बैठक के हवाले से माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि रैली और महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने के लिए पार्टी की ओर से 23 मार्च से लेकर 22 अप्रैल तक ’लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद’ का आयोजन किया जाएगा. 

उन्होंने कहा कि जनसंवाद के दौरान 23 मार्च (भगत सिंह शहादत दिवस) और 14 अप्रैल (डॉ. अंबेडकर की जयंती)  के अवसर पर पूरे राज्य में कार्यक्रम होंगे. सिवान में 31 मार्च का. चंद्रशेखर के शहादत दिवस के अवसर पर गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 

जनसंवाद के तहत गांव - गांव में सघन बैठक व पदयात्रा आयोजित होगी और जन सवालों को सूत्रबद्ध करके उन पर आंदोलन आदि के कार्यक्रम किए जाएंगे. 

जनसंवाद के कार्यक्रम को प्रमुख विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में सघन रूप से चलाया जाएगा. कार्यक्रमों में सभी विधायक अपने- अपने इलाक़ों में मौजूद रहेंगे. 

उन्होंने कहा कि 20 वर्षों बाद पटना में दुबारा आयोजित महाधिवेशन और रैली अपनी विशालता व भव्यता के लिए लंबे समय तक याद की जाएगी. फासीवाद के वर्तमान बढ़े हुए हमले के दौर में इसने देश में चल रहे फासीवाद विरोधी संघर्षों को नई ताकत दी है और भाकपा (माले) को संघर्ष के एक मजबूत केंद्र के बतौर स्थापित किया है. 

रैली में मानदेय कर्मियों सहित विभिन्न किस्म के संघर्षों में शामिल तबकों, सरकार द्वारा उजाड़े गए गरीबदृगुरबों, बुद्धिजीवियों व शहरी मध्य वर्ग के लोगों की जबरदस्त भागीदारी थी. इस संदेश को गांव - गांव ले जाने के लिए ही जनसंवाद का कार्यक्रम हो रहा है. 

भाजपा जहां अन्य राज्यों में चुनी हुई सरकार को बेदखल कर सत्ता हथियाई रही है, वहीं इसके विपरीत बिहार में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया गया. इसकी चर्चा बिहार मॉडल के रूप में हो रही है.  बिहार मॉडल महज महागठबंधन की सरकार बनाकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना भर नहीं है. बिहार मॉडल जन आंदोलनों का मॉडल है. 

एआईपीएफ (ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम) और वकीलों के संगठन आईलाज (ऑल इंडिया लायर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस) का राज्य ढांचा गठित करने का भी निर्णय लिया गया.  इंसाफ मंच का राज्य सम्मेलन करने और आदिवासी संघर्ष मोर्चा गठित करने पर भी चर्चा हुई.



आलोक कुमार

महागठबंधन सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की लगातार कोशिश

  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित राजद नेताओं पर छापा राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित: माले


पटना.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री    राबड़ी देवी के आवास पर विगत 7 मार्च और आज सुबह से ही दिल्ली सहित राजद नेताओं के अन्य ठिकानों पर जारी सीबीआई का छापा विशुद्ध रूप से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है. हमारी पार्टी सीबीआई-ईडी के जरिए भाजपा द्वारा विपक्ष को आतंकित करने की इस तरह की कार्रवाइयों की निंदा करती है.

   


उन्होंने कहा कि बिहार में जब से भाजपा सरकार से बाहर हुई है, वह महागठबंधन सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं. हाल ही में तमिलनाडु में हिन्दी पट्टी के प्रवासी मजदूरों की हत्या की झूठी खबरों को प्रचारित-प्रसारित करने के पीछे भी भाजपाइयों का ही हाथ था. और यही भाजपाई बिहार विधानसभा के अंदर प्रवासी मजदूरों के पक्ष में बड़ी-बड़ी बातें बोल रहे थे. जबकि हमने केंद्र सरकार से बार-बार प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग करते रहे हैं, जिसे भाजपा सरकार ठुकराती रही है.

उन्होंने आगे कहा कि नौकरी के बदले लालू प्रसाद व उनके परिवार को दिए गए तथाकथित जमीन घोटाले में सीबीआई अब तक कई बार छापा मार चुकी है, लेकिन उसके हाथ कुछ भी नहीं लगा है. इससे जाहिर होता है कि ये कार्रवाइयां विशुद्ध रूप से भाजपा के इशारे पर की जा रही राजनीतिक कार्रवाइयां हैं.

      इसके पूर्व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी इसी तरह निशाना बनाया गया. देश अघोषित आपातकाल से गुजर रहा है. भाजपा के इस फासीवादी कुचक्र को तोड़ने के लिए विपक्ष की सभी ताकतों को मुस्तैद रहना होगा और एक व्यापक एकता का निर्माण करना होगा.


आलोक कुमार

गुरुवार, 9 मार्च 2023

गुलरवेद गांव में 3 लोगों की मृत्यु एवं 2 लोगों के घायल

 


गया. बुधवार की सुबह 8ः00 बजे बाराचट्टी के बुमेर पंचायत के गुलरवेद गांव में 3 लोगों की मृत्यु एवं 2 लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है.

घटना काफी दुखद है.घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थल पर टीम भेजा गया.ग्रामीणों का आरोप है कि आर्मी के फायरिंग अभ्यास के दौरान गोला गिरने से ऐसी घटना घटित हुई है.

    घटना के वास्तविक जांच के लिए ज़िला पदाधिकारी ने फॉरेंसिक टीम सहित पांच उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है तथा तत्काल सभी प्रकार के फायरिंग अभ्यास को रोकने के लिए रांची अवस्थित रेंज आवंटन पदाधिकारी को अनुरोध किया गया.

     


तत्काल प्रभावित परिवार को पारिवारिक लाभ योजना एवं कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभ दिया गया है और हर संभव सरकारी योजना से लाभ आच्छादित करने हेतु निर्देश दिया है.इलाजरत घायल लोगों के बेहतर इलाज हेतु मगध मेडिकल के अधीक्षक को निर्देश दिया गया.

       जिला पदाधिकारी ने स्वयं मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी वार्ड में इलाजरत दोनों मरीजों से मिला एवं पूरी घटना की जानकारी लिया तथा उपस्थित मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिया कि अपने निगरानी में इसका बेहतर उपचार करें. इसके पश्चात पोस्टमार्टम परिसर के समीप पहुंचकर मृत व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात किया तथा पूरी विस्तार से घटना की जानकारी लिया.जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त कराया कि प्रशासन की ओर से जनहित के लिए सभी आवश्यक कार्य करने के लिए गंभीर है. मृत व्यक्ति के परिजन को हर संभव सहायता भी दिया जाएगा.मृतक के परिजन ने बताया कि फायरिंग रेंज के बाहर में आकर गोला गिरा है, जिसके कारण उनके परिजन में 3 की मृत्यु एवं दो घायल हुए हैं.

         इस बीच बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी ने प्रखंड क्षेत्र में मिलिट्री अभ्यास क्षेत्र में फायरिंग के दौरान हो रही घटनाओं के निदान एवं पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाराचट्टी प्रखंड के बुमेर एवं दिवनियां पंचायत के पहाड़ी और सुदूरवर्ती जंगलों की तराई वाले गांव गोही , खजुराइन,गुलरवेद, उपरैली गोही, कदल,बरसुदी,धनीवान अधिक प्रभावित है.

   

वैसे अभ्यास के लिए फायरिंग मिलिट्री जवानों द्वारा डोभी प्रखंड के त्रिलोकापूर से तोप के गोले छोड़े जाते हैं जो लगभग 20 किलोमीटर दूर गोही के बीच बेंगवा पहाड़ पर आकर गिरता है.लेकिन कभी-कभी गोला गिरने के निर्धारित स्थान से हटकर गोला घनी बसावट वाले गांव एवं अगल-बगल खेतों में गिर जाता है जिससे जन माल की क्षति होती है. 1973 के बाद से अब तक लगभग 3 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.तथा कई मवेशी भी मौत के शिकार हो गए.

   विधायक ज्योति देवी ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए लिखी है कि आपदा राहत कोष से मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाए. इनके बेसहारा बच्चों को सरकार द्वारा पढ़ाई की व्यवस्था की जाए. तथा घटना के कारण पर ध्यान देते हुए इसका निदान किया जाए. फायरिंग रेंज के अंदर जो बसावट के गांव जहां ग्रामीण निवास करते हैं एवं पालतू जानवर रहते हैं उनका सरकारी व्यवस्था से मुफ्त बीमा योजना तथा श्रम निबंधन के लिए शिविर लगा प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए.

   उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह की घटना आम हो चुकी है और आगे भी इस प्रकार की घटना नहीं होगी यह कहना मुश्किल है उन्हें आज तक कोई मुआवजा नहीं मिलता है इसलिए इन घटनाओं को भी आपदा से जोड़ा जाए और सुरक्षा के सभी मापदंडों का ख्याल रखा जाए.

   विधायक ज्योति देवी ने घटना का कारण बताते हुए लिखा है कि अभ्यास के दौरान छोड़े गए गोले का मिलिट्री पदाधिकारी द्वारा मूल्यांकन न किया जाना कि विस्फोट हुआ या नहीं, गोला गिरने का चयनित जगह को घेराबंदी का नहीं होना, फायरिंग के दौरान जंगल का फायरिंग रेंज आवागमन पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं करना, चयनित जगह को चिन्हित नहीं किया जाना, फायरिंग के दौरान मिलिट्री जवानों एवं पदाधिकारियों के द्वारा फायरिंग रेंज में पेट्रोलिंग न किया जाना.एवं ग्रामीणों के बीच जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार नहीं करना बताया है.

आलोक कुमार

अंजाम देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार किया जाए

 


पटना.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ऐपवा ने बेगूसराय में 2 बच्चियों के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना की तीखी निंदा की है और मांग किया है कि घटना को अंजाम देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. बच्चियां बुरी तरह घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. बच्चियों के बेहतर इलाज का इंतजाम किया जाना जरूरी है. चार अभियुक्तों में से पुलिस ने अभी सिर्फ दो को गिरफ्तार किया है. 

          ऐपवा, बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा है कि भाजपा-आरएसएस से जुड़ा बजरंग दल समाज में किस तरह का काम करता है, यह इस घटना से स्पष्ट है. कमजोर, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति और महिलाओं के प्रति इनकी घृणा की यह अभिव्यक्ति है. इनके हिंसक घृणा अभियान में अब छोटी-छोटी बच्चियां भी चारे की तरह इस्तेमाल की जा रही हैं.

     भाकपा माले और ऐपवा की एक टीम ने  माले नेता  दिवाकर प्रसाद के नेतृत्व में घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. टीम को पीड़ितों के परिजनों ने घटना की जानकारी दी और बताया कि दिन के लगभग 3बजे मध्य विद्यालय के कैम्पस में बच्चियां झूले पर खेल रही थीं, उसी समय उन्हें उठाकर बुरी तरह मारा पीटा और फिर बलात्कार किया गया. परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि पुलिस मामले को हल्का बनाने की कोशिश करेगी. ऐपवा ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से मांग की है कि आरएसएस बजरंग दल जिस तरह पूरे बिहार में कहीं बलात्कार तो कहीं मॉबलींचिंग को अंजाम दे रहे हैं और समाज में घृणा और हिंसा फैला रहे हैं, ऐसी ताकतों के खिलाफ सख्ती से कानूनी कार्यवाही की जाए.

बिहार बीजेपी ने 45 सांगठनिक जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा

 बेतिया.बिहार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में गुरुवार को बड़े स्तर पर सांगठनिक फेरबदल किया गया. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने गुरुवार को बीजेपी के सांगठनिक 45 जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी की है. सूची में कई ऐसे नए लोग हैं जिन्हें जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है.

           बिहार बीजेपी ने 45 सांगठनिक जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी. नए जिलाध्यक्षों के चयन में सभी मानकों का ख्याल रखा गया है.वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा और उसके बाद 2025 में विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

      भारतीय जनता पार्टी ने फुलप्रूफ तैयारी करनी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में सभी 45 सांगठनिक जिलों में अपने नए जिलाध्यक्षों की तैनाती कर दी है. वैसे तो बिहार में 38 जिले हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने सुविधा अनुसार कई बड़े जिलों को दो या तीन हिस्सों में बांटकर अपना सांगठनिक जिला बनाया है. वहीं भाजपा का भी बिहार में अपना 45 सांगठनिक जिला है.

      बिहार भाजपा के तरफ से जो सूची जारी की गई है उसके मुताबिक पटना ग्रामीण धर्मेंद्र कुमार, बाढ़ अरूण कुमार, गया प्रेम कुमार चिंटू, अरवल धर्मेंद्र तिवारी, जहानाबाद अजय देव, भागलपुर संतोष साह, बांका ब्रजेश मिश्र, नवगछिया मुक्तिनाथ सिंह निषाद, लखीसराय दीपक कुमार, मुंगेर डॉ.अरूण पोद्दार, गोपालगंज संदीप गिरी उर्फ मंतु गिरी, बगहा भूपेंद्रनाथ तिवारी, बेतिया रूपक श्रीवास्तव और रक्सौल अशोक कुमार पाण्डेय जिला अध्यक्षों का मनोनयन किया गया है. इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी ने नए स्तर पर मधेपुरा दीपक कुमार, सुपौल नरेंद्र ऋषिदेव, नवादा अमित मेहता, नालंदा ई.रविशंकर प्रसाद, मुजफ्फरपुर रंजन कुमार, सीतामढ़ी मनीष कुमार, शिवहर नीरज कुमार सिंह, बेगूसराय राजीव कुमार वर्मा, खगड़िया शत्रुघ्न भगत, बक्सर विजय कुमार सिंह उर्फ भोला सिंह, छपरा रंजित सिंह, कटिहार मनोज राय, अररिया आदित्य नारायण झा, कैमूर मनोज जायसवाल, भोजपुर दुर्गा राज, पटना महानगर अभिषेक कुमार,औरंगाबाद मुकेश शर्मा,  जमुई कन्हैया कुमार सिंह , सिवान संजय पाण्डेय, मोतिहारी प्रकाश अस्थाना, ढाका राजेश तिवारीऔर शेखपुरा सुधीर कुमार बिंद,रोहतास सुशील कुमार,वैशाली प्रेम कुशवाहा,झंझारपुर ऋषिकेश राघव,मधुबनी शंकर झा,समस्तीपुर उपेंद्र कुमार, पूर्णिया राकेश कुमार ,दरभंगा जीवछ सहनी,किशनगंज सुशांत गोप और दिवाकर सिंह को जिला अध्यक्ष मनोनयन किया गया है.

    दरभंगा के जिलाध्यक्ष पर पुनः जीवछ सहनी के घोषणा पर जिला में सभी कार्यकर्ताओं खुशी व्यक्त किया.सुबह से ही उनके निजी आवास पर जाकर कार्यकर्ताओ ने बधाई दी. दरभंगा के निवर्तमान महामंत्री ज्योति कृष्ण झा लवली के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य देवेन्द्र झा ,जिला मीडिया प्रभारी अमलेश झा ने उनके घर पर जाकर मिथिला पेंटिंग ,पाग, दुपट्टा से सम्मानित कर प्रदेश नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ,प्रदेश संगठन नहामंत्री


भीखू भाई दलसनिया ,बिहार प्रभारी सह राष्ट्रीय महामंत्री बिनोद ताबड़े जी को बधाई देते हुए कहा कि जीवछ सहनी जी के अध्यक्षा में दरभंगा ने संगठन ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर बिहार में अव्वल रहा है.

      नए जिलाध्यक्षों के मनोनयन पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने प्रसन्नता व्यक्त किया है.उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नए जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में संगठन और अधिक सक्त और प्रभावी बनेगा. वहीं दूसरी ओर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सभी नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि इनके नेतृत्व में पार्टी अधिक सशक्त और प्रभावी होगी. सभी कुशलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सफल होंगे.

    भाजपा के कर्मठ और प्रखर कार्यकर्ता रूपक श्रीवास्तव को भाजपा जिला संगठन बेतिया का जिलाध्यक्ष मनोनीत होने पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी,प्रतीक एडविन शर्मा,एलेक्स लाजरूस आदि ने स्वागत किया है.वहीं बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी गयी है.बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब मंडल स्तर पर भी फेरबदल किया जा सकता है.


आलोक कुमार

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