मंगलवार, 4 जुलाई 2023

संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षात्मक सामग्री का भंडारण कराने का निर्देश

 जनता की सुरक्षा बेहद जरूरी, आवश्यकतानुसार युद्धस्तर पर  कराएं फ्लड फाइटिंग वर्कः जिलाधिकारी

तटबंधों पर बनाए रखें पैनी नजर, लगातार कराएं पेट्रोलिंग

तटबंधों की सुरक्षा, फ्लड फाइटिंग कार्यों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षात्मक सामग्री का भंडारण कराने का निर्देश

जिलाधिकारी ने बगहा के शास्त्री नगर के विभिन्न तटबंधों का लिया जायजा


बगहा. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा आज बगहा-01 प्रखण्ड अंतर्गत शास्त्रीनगर के विभिन्न तटबंधों का जायजा लिया गया.जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बगहा के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, अंचलाधिकारी आदि तटबंधों पर पैनी नजर बनाकर रखेंगे तथा तटबंधों की सुरक्षा के मद्देनजर लगातार सघन पेट्रोलिंग कराना सुनिश्चित करेंगे.


उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील प्वाइंटों पर विशेष ध्यान देंगे तथा आवश्यकता के अनुसार फ्लड फाइटिंग मटेरियल सुरक्षित रखेंगे ताकि विषम परिस्थिति में तुरंत सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा सके. उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर नदी की तेज धारा द्वारा कटाव किया जा रहा है वहाँ युद्ध स्तर पर फ्लड फाइटिंग वर्क कराना सुनिश्चित किया जाय. उन्होंने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा, फ्लड फाइटिंग वर्क तथा अन्य सुरक्षात्मक कार्यों में लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निश्चित है.

      उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ आपदा से बचाव के लिए लगातार रिव्यू किया जा रहा है तथा अभियंताओं एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा रहा है. सभी संबंधित  अभियंता एवं अधिकारी अलर्ट रहें तथा प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सुरक्षात्मक कार्य कराना सुनिश्चित करेंगे.

    उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा बेहद जरूरी है. संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील स्थलों की निगरानी की जाय. सरकार संभावित द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए सभी कार्य कराए जा रहे हैं.इसका सतत अनुश्रवण एवं निरीक्षण कराना सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी एवं अभियंता तत्परतापूर्वक अपने-अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें.

    इस क्रम में जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं वार्डवासियों से बातचीत कर पूर्व के बाढ़ एवं कटाव तथा संभावित बाढ़ से संबंधित जानकारी की गई। माननीय जनप्रतिनिधियों एवं वार्डवासियों द्वारा संभावित बाढ़ एवं कटाव को लेकर अपने-अपने सुझाव जिलाधिकारी को दिया गया.

      जिलाधिकारी द्वारा वार्डवासियों को आश्वस्त किया गया कि सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ एवं कटाव से बचाव के लिए कारगर कार्रवाई की जा रही है. सरकार एवं जिला प्रशासन एहतियातन सभी प्रकार की व्यवस्थाएं पुख्ता की जा रही है ताकि जानमाल की क्षति नहीं होने पाएं.

          जिलाधिकारी ने माननीय जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर आपके अपेक्षित सहयोग की आवश्यकता है. संवेदनशील स्थलों अथवा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सजग एवं सतर्क रखने की आवश्यकता है. उन्हें हमेशा अलर्ट रखा जाय.संभावित बाढ़ एवं कटाव के कारण जानमाल की क्षति नहीं हो, इसके लिए एहतियातन  सभी कारगर कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है. इस कार्य में माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जनता की सहयोग की अपेक्षा है.

           उन्होंने कहा कि नदियों में बिना अनुज्ञप्ति के बगैर नावों का परिचालन नहीं होने पाएं. नावों का परिचालन क्षमता के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाय. तेज प्रवाह के.मद्देनजर छोटी नावों के परिचालन पर रोक लगा दी जाये, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना नहीं रहे.

                  इस अवसर पर माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म सहनी एवं अन्य स्थानीय माननीय जनप्रतिनिधि सहित पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, एसडीएम, बगहा, श्रीमती अनुपमा सिंह,  जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री विपिन कुमार यादव,  बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल बगहा के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित बगहा-01 सीओ तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

सोमवार, 3 जुलाई 2023

रोम में पोंटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी में कैनन लॉ के प्रोफेसर फादर एलियास फ्रैंक

  बैंगलोर.रोम में पोंटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी में कैनन लॉ के प्रोफेसर फादर एलियास फ्रैंक (61साल) को सोमवार 3 जुलाई 2023 को परम पावन पोप फ्रांसिस ने आसनसोल धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया है.

     नवनियुक्त बिशप फादर एलियास फ्रैंक का जन्म 15 अगस्त 1962 को मैंगलोर धर्मप्रांत के शिशु जीसस पैरिश के बंटवाल में हुआ था. मोदनकैप के पैरिश स्कूल में स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, शिलांग के सेंट एंथोनी कॉलेज से उच्च माध्यमिक की पढ़ाई, 1983 में कोलकाता महाधर्मप्रांत (कलकत्ता) में शामिल हो गए.उनका माइनर सेमिनरी फॉर्मेशन बारासात में सेंट जॉन मैरी वियाननी सेमिनरी में हुआ था, दर्शनशास्त्र बैरकपुर में मॉर्निंग स्टार रीजनल सेमिनरी और रोम में पोंटिफिकल अर्बनियाना यूनिवर्सिटी में धर्मशास्त्र. उन्हें 23 अप्रैल 1993 को हावड़ा के आवर लेडी ऑफ हैप्पी वॉयेज चर्च में पुरोहित नियुक्त किया गया था.

    अपने पुरोहित अभिषेक के बाद, 1993 से 1995 तक, फादर इलियास फ्रैंक बर्दवान के सेक्रेड हार्ट चर्च में एक विकर पुरोहित थे.1995-1996 तक वह क्रिस्टो ज्योति चर्च, बसिंडा के प्रभारी पुरोहित थे, और 1996 से 1999 तक वह फिर से सेक्रेड हार्ट चर्च, बर्दवान में एक विकर पुरोहित थे.आसनसोल धर्मप्रांत के निर्माण के बाद, 2002 से 2003 तक वह लिसिएक्स पैरिश, दुर्गापुर के सेंट थेरेसी के पैरिश प्रशासक थे; और 2005 से 2006 तक वह सेक्रेड हार्ट चर्च, बर्दवान के पैरिश पुरोहित थे. वर्ष 2005-2006 के दौरान फादर एलियास ने कोलकाता के इंटर-डायोसेसन ट्रिब्यूनल में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया. 1999 से 2001 तक उन्होंने रोम में पोंटिफ़िकल अर्बनियाना विश्वविद्यालय में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की, और 2001-2002 में कैनन लॉ में लाइसेंस प्राप्त किया, न्यायशास्त्र में डिप्लोमा और 2003-2004 में कैनन लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की.

     डॉक्टर ऑफ कैनन लॉ ( लैटिन : ज्यूरिस कैनोनिकी डॉक्टर , जेसीडी ) रोमन कैथोलिक चर्च के कैनन कानून के अध्ययन में डॉक्टरेट स्तर की टर्मिनल डिग्री है. यह एंग्लिकन कॉलेजों द्वारा प्रदान की जाने वाली मानद उपाधि भी हो सकती है.इसे संक्षिप्त रूप में ICD या dr.iur.can भी कहा जा सकता है.( आईयूरिस कैनोनिकी डॉक्टर ), आईसीडीआर , डीसीएल , डीसीएनएल , डीडीसी , या डीसीएनएएल ( डॉक्टर ऑफ कैनन लॉ ).दोनों कानूनों (यानी कैनन और सिविल) का एक डॉक्टर एक जेयूडी है (ज्यूरिस यूट्रिस्क डॉक्टर ) या यूजेडी ( यूट्रिस्क ज्यूरिस डॉक्टर ).

      2007 से शुरू होकर अब तक वह उसी विश्वविद्यालय में कैनन लॉ संकाय में "चर्च के पवित्रीकरण कार्यालय" के प्रोफेसर रहे हैं. 2020 से वह एकेडेमाई अल्फोन्सियाना में विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे हैं.उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक पत्रिकाओं में दो पुस्तकें और कई लेख प्रकाशित किए हैं.उन्होंने लूस मिशनेल पत्रिका के संपादक, रोम के विक्टोरेट के फर्स्ट इंस्टेंस ट्रिब्यूनल के बाहरी न्यायाधीश, दिव्य पूजा और संस्कारों के अनुशासन के लिए डिकास्टरी के सलाहकार और डिकास्टरी में फेवरेम फिदेई विवाह मामलों के आयुक्त के रूप में कार्य किया है.आस्था का सिद्धांत.

 
आलोक कुमार

जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज 16 मामले की सुनवाई

 बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 16 मामलों की सुनवाई.कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण...


नालंदा. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज 16 मामले की सुनवाई की गई. इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

    चंडी के परिवादी राम अवतार शर्मा एवं संजीव शर्मा द्वारा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में अंचल अधिकारी चंडी द्वारा बताया गया कि उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है। इस संबंध में परिवादी द्वारा भी सहमति जाहिर की गई.

     एकंगर सराय के परिवादी रामचंद्र प्रसाद द्वारा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में अंचलाधिकारी को चकबंदी के नक्शा के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.

      हिलसा के एक परिवादी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में निदेशक डीआरडीए को जांच कर स्पष्ट जांच प्रतिवेदन के साथ अगली सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया.

    हिलसा अनुमंडल के एक परिवादी द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुदागंज का भवन निर्माण कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि उक्त भवन के निर्माण के लिए बिहार स्टेट मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निविदा निकाली गई है, जो प्रक्रियाधीन है.निविदा के निष्पादन के उपरांत भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा.कुछ अन्य मामलों में संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया. 

आलोक कुमार

आसनसोल धर्मप्रांत के लोगों में हर्ष

  

कोलकाता.इस महाधर्मप्रांत से अलग होने के बाद आसनसोल को नया आसनसोल धर्मप्रांत बनाया गया था.3 दिसम्बर 1997 को संत पापा जॉन पाल द्वितीय ने फादर सिप्रियन मोनिस को आसनसोल धर्मप्रांत का पहला धर्माध्यक्ष नियुक्त किया.12 मार्च 1998 को उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक किया गया। धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस ने 23 वर्षों तक आसनसोल धर्मप्रांत का नेतृत्व किया है.

      इसके बाद आसनसोल धर्मप्रांत के प्रथम धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस ने वाटिकन के नियमानुसार 75 साल होने पर संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 4 मई 2020 को आसनसोल धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है.

    इसके बाद संत पापा फ्राँसिस ने बारुइपुर के धर्माध्यक्ष सल्वादोर लोबो को आसनसोल धर्मप्रांत के प्रथम प्रेरितिक प्रशासक बनाया.कुछ दिनों के बाद एमेरिटस बिशप सल्वादोर लोबो ने पद त्याग दिया.तब संत पापा ने दुमका धर्मप्रांत के बिशप जूलियस मरांडी को द्वितीय प्रेरितिक प्रशासक बनाया.जो 03 जुलाई 2023 तक रहे.बिशप अभिषेक तक पद पर बने रहेंगे.

   आज 03 जुलाई 2023 आसनसोल धर्मप्रांत के लिए ऐतिहासिक दिवस रहा.संत पिता ने फादर डॉ.एलियास फ्रैंक को आसनसोल धर्मप्रांत के द्वितीय धर्माध्यक्ष होने की घोषणा कर दिया है.आसनसोल धर्मप्रांत के लोगों में हर्ष व्याप्त है.रोज सी टोप्पो,रंजीता बारा,बंटी थॉमस आदि ने खुशी जाहिर किया है.

आलोक कुमार

पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर और फुलवारी विधायक गोपाल रविदास वार्ता में शामिल

पटना.यूनिफॉर्म सिविल कोड पर देश में जारी विरोध के मद्देनजर इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों ने भाकपा-माले नेताओं से मुलाकात की और बिहार में भी इसका विरोध करने की अपील की.

इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों में संगठन के अध्यक्ष मो. शमशाद रहमानी, कार्यकारी सचिव जनाब शिबली कासिमी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुहैल अहमद नदवी शामिल थे. वहीं, भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर और फुलवारी विधायक गोपाल रविदास वार्ता में शामिल हुए.

माले नेताओं ने वार्ता के दौरान कहा कि भारत विविध संस्कृतियों और रीति-रिवाजों का देश है, इसलिए समान नागरिक संहिता के नाम पर एकरूपता थोपने का प्रयास उलटा ही नतीजा दे सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इसके जरिए समाज को विभाजित करना चाहती है और चुनावी गुणा-गणित का हिसाब कर रही है. भाकपा-माले का स्पष्ट मानना है कि सामाजिक और कानूनी सुधारों को चुनावी हथकंडे से अलग रखना चाहिए. उन्होंने इमार त-ए-शरिया के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि भाकपा-माले यूसीसी के खिलाफ पूरी तरह से खड़ी है और इसे महागठबंधन के दलों के बीच भी ले जाएगी.

इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों ने माले नेताओं को बताया कि वे लोग यूसीसी के खिलाफ ऑनलाइन कंपेन चला रही हैं. उन्होंने माले नेताओं से इस अभियान को नई गति देने की अपील की.

आलोक कुमार


 

रविवार, 2 जुलाई 2023

प्रदेश के 34 जिले के प्रभारियों सहित 60 प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया

 एकता परिषद की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक ग्वालियर में संपन्न

आदिवासियों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ एकता परिषद ने जताई चिंता और बनाई रणनीति

प्रदेश के 34 जिले के प्रभारियों सहित 60 प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया

मणिपुर में हुई हिंसा पर भी इस बैठक में गहरी चिंता प्रकट की गई

ग्वालियर। एकता परिषद संगठन की दो दिवसीय प्रांतीय प्रतिनिधियों की बैठक एक व दो जुलाई ग्वालियर रिसोर्स सेंटर पर संपन्न हुई। इसमें एकता परिषद के 60 से अधिक प्रदेशस्तरीय प्रतिनिधिगणों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.रन सिंह परमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रद्धा कश्यप, राष्ट्रीय महासचिव अनीस भाई राष्ट्रीय प्रतिनिधियों में से संतोष सिंह सरस्वती बहन एवं प्रदेश अध्यक्ष डोंगर शर्मा तथा 34 जिले के जिम्मेदार सक्रिय प्रदेश प्रतिनिधि, कार्यकर्ताओं ने बैठक में भाग लिया।

एकता परिषद संगठन विगत 32 वर्षों से आदिवासी जनजाति समुदाय एवं दलितों के विकास हेतु लगातार संघर्ष कर रहा है, एकता परिषद संगठन ने आदिवासी जनजाति समुदाय एवं दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ भी लंबी लड़ाई लड़ता आ रहा है।

ग्वालियर रिसोर्स सेंटर पर एक व दो जुलाई को हुई बैठक में शामिल कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश को एकता परिषद ने 6 रीज़न में निम्नानुसार विभाजित किया गया है। 1.ग्वालियर एवं चंबल संभाग 2.महाकौशल 3.बुंदेलखंड 4.बघेलखंड 5. मध्यक्षेत्र 6.झाबुआ में एकता परिषद सक्रिय रूप से 34 जिले तथा 76 विधानसभा में कई हजार गांवों में कार्य कर रहा है।

इस बैठक में शरीक हुए एकता परिषद के प्रांतीय नेताओं ने अपने -अपने क्षेत्रों में आदिवासी जनजाति समुदाय की गंभीर समस्याओं और इनके उत्पीड़न पलायन, विद्युत आपूर्ति , पेयजल आपूर्ति समस्या वनवासियों रोजगार,शिक्षा, स्वास्थ्य , राजस्व विभाग व वन विभाग की भूमि विवाद के चलते आदिवासी वनवासी लोगों के ऊपर हुए अत्याचार व अन्यायों पर गहन चिंता प्रकट करते हुए, विचार विमर्श किया तथा आदिवासी जनजाति समुदाय की गंभीर समस्याओं के समाधान हेतु आगे की रणनीति तैयार कर एक कार्ययोजना तैयार कर सभी जिम्मेदार प्रतिनिधि व कार्यकर्ता गण ने अपने दायित्वों के निर्वहन में बैठक में शामिल हुए राष्ट्रीय व प्रांतीय प्रतिनिधियों के समक्ष संगठन के कार्यों को अग्रसर और क्रियान्वयन करने के लिए रणनीति व कार्ययोजना पर आगामी प्रजेंटेशन किए। इस बैठक में एकता परिषद ने मणिपुर में हुई हिंसा पर भी गहरी चिंता जताई और सरकार से शीघ्र ही शांति स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास करने और मणिपुर समस्या का समाधान निकालने का अनुरोध किया है।

इस प्रदेश स्तरीय बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.रन सिंह परमार ने एकता परिषद कहा कि हम सब के प्रेरणास्रोत परम श्रद्धेय पद्मश्री डा.एस.एन.सुब्बाराव भाई जी एवं एकता परिषद के संस्थापक व संरक्षक राजगोपाल पी.वी राजू भाई ने महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलकर त्याग, तपस्या, समर्पण, के भावों के साथ नैतिक मूल्यों को स्थापित करते हुए निरंतर गांधीवादी के रूप में देश दुनिया में सत्य अहिंसा का मार्ग अपनाया और जिसके परिणामस्वरूप आज एकता परिषद संगठन के 32 वर्षों की अथक संघर्षों की अनगिनत कहानियां बताईं।कि कैसे एकता परिषद ने कर्तव्यपरायण परिश्रमी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बलबूते पर आदिवासी जनजाति समुदाय की बदहाली इनके ऊपर हुए अत्याचारों के खिलाफ संघर्षरत रहकर आवाज उठाई, परिणामस्वरूप आदिवासी वनवासी लोगों के कल्याण हेतु इनके जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया,जल,जंगल और जमीन जैसे मुद्दों पर गांव गांव जाकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने वनवासी भाईयों व बहनों को जागरूक कर आदिवासी समुदाय के विकास हित के लिए जोड़ने का कार्य किया।

 संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रद्धा कश्यप ने एकता परिषद संगठन की संघर्षों पर चर्चा करते हुए बताया कि " आदिवासी जनजाति समुदाय के बीच पहुंच कर उन पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जागरूक किया तथा गांव गांव जाकर जल, जंगल और जमीन के हक अधिकारों के लिए उन्हें एकजुट कर संगठित करने का काम किया, उन्होंने बताया कि आदिवासी जनजाति समुदाय के विकास के दावे जो सरकार कर रही हैं वो झूठे और थोथे हैं।

आदिवासी जनजाति समुदाय के परिवार के विकास व सशक्तिकरण पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उनकी स्थिति आज भी दयनीय है बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है इन्हें जंगलों से भगाया जा रहा है, इस वनवासी समुदाय को आज भी भूमि के अधिकारों से वंचित रखा गया है । उन्होंने उदाहरण दिया कि वन मित्र पोर्टल धोखा देने वाला और गुमराह करने वाली योजना साबित हुआ है इस पोर्टल से आदिवासी के हित में कोई कार्यवाही नहीं हुई है।"

एकता परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अनीस भाई ने कार्यकर्ताओं में जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार करने के लिए कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि " आज महिलाओं की भागीदारी पर ज्यादा से ज्यादा फोकस किया जाना चाहिए कार्यकर्ता गण प्रशिक्षणों के माध्यम से अपने अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास कर अपनी अनूठी पहचान बनाएं सांस्कृतिक कार्यक्रम व गीतों के जरिए लोगों जागरूक बनाने का कार्य करें। तथा आदिवासी समुदाय में संगठन का बेहतर प्रचार प्रसार कर पीड़ित जनजाति समुदाय के हक़ अधिकारों इनके जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने का काम करें।"

आयोजित दो दिवसीय बैठक में कई सत्रों में हुई चर्चाओं में राष्ट्रीय सचिव संतोष सिंह , सरस्वती बहन राष्ट्रीय सचिव तथा रुक्मिणी बाई बारेला कार्यकारिणी सदस्य तथा अन्य राष्ट्रीय प्रांतीय प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डोंगर शर्मा ने बैठकों का संचालन किया तथा अपने उद्बोधन में कहा कि 

उन्होंने बताया कि एकता परिषद संगठन ने आदिवासी जनजाति समुदाय के हक अधिकारों के लिए संघर्ष के लिए इन बैठकों में विशेष रणनीति तैयार कर एक बृहद कार्ययोजना तैयार की गई है। वंचित समुदाय एकता परिषद संगठन नेतृत्व में अपने संसाधनों एक एक रुपया एक एक मुठ्ठी अनाज एकत्रित कर अपनी जल जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ेगा तथा आदिवासी समुदाय पर हो रहे अत्याचारों अन्यायों के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा।


बैठक में दीपक अग्रवाल, सरस्वती उइके रायसेन, राकेश रतन बुधनी, अनिल उत्साही शिवपुरी, दुर्गा बहन झाबुआ, टीकाराम सिलवानी,सुरक्षा लाल भोंडे बालाघाट,सुकेश भाई डिंडोरी,सोंन सिंह, मार्को मंडला, सुखराम धुर्वे सिवनी, धर्मदास शहडोल, रामप्रकाश उमरिया, गोवर्धन अशोकनगर,सूरज सहरिया गुना, मनीष मुरैना भंवरलाल विदिशा, रामदत्त तोमर श्योपुर दौलतराम गौड़ कराहल श्योपुर घनश्याम दमोह,अवनीश ग्वालियर।आदि कार्यकर्ताओं ने इस बैठक में भाग लिया। 


आलोक कुमार

विपक्षी एकता से घबराई बीजेपी और आरएसएस के लोगों को 2024 में हार का डर सताने लगा

 पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड के अध्यक्ष आदित्य कुमार पासवान आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार में हुई विपक्षी एकता से घबराई बीजेपी और आरएसएस के लोगों को 2024 में हार का डर सताने लगा है, ऐसे में वो कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं.

        पटना में एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ अनर्गल और वाहियात बातें लिखी गई है, जो किसी भी पार्टी की गरिमा को ठेस पहुंचती है और नेताओं के खिलाफ ऐसा दुष्प्रचार किसी भी पार्टी को बर्दाश्त नहीं होगा.कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ ऐसे दिग्भ्रमित करने वाले पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ बिहार कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड द्वारा मानहानि का केस करने जा रहे हैं साथ ही उनके खिलाफ लीगल नोटिस भेजा जा रहा है.

        श्री पासवान ने का कहना है कि समाज में ऐसे गलत संदेश देने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए. कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी और आरएसएस के लोग देश के मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. अल्पसंख्यकों में डर का माहौल पैदा करना इनका काम है साथ ही बीजेपी अपने स्वार्थ के लिए राजनीति में धर्म का इस्तेमाल करती है. हमें अपने संविधान में निहित देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बनाए रखने के लिए बीजेपी के ऐसे कदमों का बहुत दृढ़ता से विरोध करना होगा.

        उन्होंने  कहा कि भारत में विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है. एक तरफ कांग्रेस भारत को जोड़ने की बात करती है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी-आरएसएस ‘भारत तोड़ो’ विचारधारा पर चल रही है. कांग्रेस मानती है कि मोदी के शासनकाल में देश की जनता की हालत बदहाल हो चुकी है. आज देश में सभी वर्ग के लोग, छात्र,मजदूर,किसान, व्यापारी, नौकरी पेशा वाले परेशान हैं. महंगाई चरम पर है. पेट्रोल,डीजल, गैस एवं खाद्य पदार्थों की सामग्रियों की कीमतें आसमान छू रही है. 

       उन्होंने  कहा कि 2 करोड़ लोगों को नौकरी देने की बात कहकर बीजेपी सत्ता में आई थी, लेकिन सरकार का इसपर कोई ध्यान नहीं है. बीते 75 सालों में बेरोजगारी की ऐसी भयावह स्थिति कभी सामने नहीं आई. साथ ही लुढ़कते रूपये के बीच विदेशी कर्ज बढ़कर 620 अरब डालर पहुंच गया है.मोदी सरकार ने अपने 9 साल के कार्यकाल में अकेले 85 लाख करोड़ का कर्ज लिया है. 


आलोक कुमार 



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