शनिवार, 26 अगस्त 2023

बदलाव करने में क्या हर्ज है?

 

बदलाव करने में क्या हर्ज है?


केरल.इस समय केरल में बहुत बवाल चल रहा है.धर्माध्यक्ष और पुरोहित अपने वरिष्ठ अधिकारियों की बात नहीं मान रहे हैं.अपने ही बातों पर अडिग है.एर्नाकुलम -अंगमाली धर्मप्रांत में आज भी पुरोहित बेदी के सामने होकर ही  पूजा करते हैं और उस समय पूजा करते समय पुरोहित का पीठ दर्शकों के सामने रहता है. इसमें बदलाव लाने के लिए रोम से सिरो मालकाना चर्च के एक उच्चस्तरीय दल केरल आया था.उक्त उच्च स्तरीय दल विवाद सलटाने का प्रयास करने लगे परंतु उसमें असफल हो गए और वापस रोम चले गए.

  इस समय एर्नाकुलम -अंगामाली धर्मप्रांत के लोग परंपरागत ढंग से ही मिस्सा करने पर अबादा है.ये लोग सिरो मालकाना चर्च से जुड़े हैं.रोम से सिरो मालकाना चर्च के उच्चस्तरीय दल केरल आया था.विवाद सलटाने के समय विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ा.पुलिस ने एर्नाकुलम -अंगामाली धर्मप्रांत के कुछ पुरोहितों को पकड़ कर बाद में छोड़ दिया.

     निर्णय लेनेवाले सर्वोच्च निकाय, धर्माध्यक्षों की धर्मसभा द्वारा अनुमोदित मिस्सा अनुष्ठान की विधि को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं.धर्मसभा- अनुमोदित ख्रीस्तीयाग के अनुसार पवित्र मिस्सा में यूखरिस्त प्रार्थना के दौरान पुरोहितों (अनुष्ठाता) को वेदी की ओर देखना है.इसको लेकर विवाद हो गया है.

 23 अगस्त को सिरो-मालाबार कलीसिया के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘एर्नाकुलम-अंगमाली महाधर्मप्रांत के परमधर्मपीठीय प्रतिनिधि, महाधर्माध्यक्ष सिरिल वासिल, मिशन का पहला दौर पूरा करने के बाद रोम लौट गए.‘

 जी अंग्रेजों के कार्यकाल में मिस्सा करते समय पुरोहित वेदी की ओर मुंह करके पूजा किया करते थे.लोकधर्मी यानी जनता को पुरोहित का पीठ ही देखते थे.इसमें परिवर्तन किया गया.इस परिवर्तन से पुरोहित जनता के सामने मुखातिर होकर मिस्सा करने लगे.अब केरल के पुरोहित और लोकधर्मी चाहते हैं कि मिस्सा के दौरान सभी समय पुरोहित विश्वासियों की ओर मुंह करें.यह 1970 से उनकी परंपरा रही है.

 दूसरी ओर एर्नाकुलम-अंगमाली महाधर्मप्रांत के कुछ पुरोहित एवं विश्वासी, पूर्वी रीति की कलीसिया के  बयान में कहा गया है कि स्लोवाकिया के जेसुइट ‘पोप और पूर्वी रीति की कलीसियाओं के लिए गठित धर्मसंघ के अध्यक्ष को, सिरो-मालाबार धर्मसभा-अनुमोदित मिस्सा-बलिदान के समान तरीके को लागू करने में कठिनाइयों के बारे में अपने आकलन से अवगत कराएंगे.‘

 बता दें कि कलीसिया के सभी 34 धर्मप्रांतों ने धर्मसभा-अनुमोदित मिस्सा विधि को लागू किया है.इसका मतलब पुरोहित विश्वासियों की ओर मुंह करके ही मिस्सा करेंगे.इस विधि को एर्नाकुलम-अंगामाली महाधर्मप्रांत में लागू नहीं किया जा रहा है.सिरो-मालाबार कलीसिया में दशकों पुराने विवाद को निपटाने के लिए नियुक्त वाटिकन प्रतिनिधि, अपनी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की स्थिति बिगड़ने के बाद रोम लौट गये हैं.सिरो-मालाबार कलीसिया के प्रमुख, कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी का धर्मप्रांत, दुनिया भर में कलीसिया के 5 मिलियन काथलिकों के आधे मिलियन अनुयायियों का घर है.

   असंतुष्ट पुरोहितों का कहना है कि महाधर्माध्यक्ष सिरिल वासिल 4 अगस्त को केरल की कलीसिया के पास पहुंचे थे उन्होंने कहा कि उनका काम धर्मसभा-अनुमोदित खीस्तयाग को लागू करना था और किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया.इस बीच 17 अगस्त को धर्माध्यक्ष ने महाधर्मप्रांत के सभी पुरोहितों को 20 अगस्त से धर्मसभा-अनुमोदित सामूहिक प्रार्थना करने का आदेश दिया.उन्होंने उन सभी गिरजाघरों को भी बंद करने का आदेश दिया, जहां विरोध के कारण धर्मसभा-अनुमोदित मिस्सा-बलिदान अर्पित नहीं किया जा सका.महाधर्माध्यक्ष सिरिल वासिल ने उनके आदेश का बचाव करने वाले पुरोहितों को बहिष्कृत करने की भी धमकी दी है.


आलोक कुमार

गुरुवार, 24 अगस्त 2023

जिला के अब तक 23 बच्चों की सर्जरी कर कानपुर में किया गया कॉकलियर इंप्लाट

 *श्रवण श्रुति की मिली मदद, अपने माता—पिता की आवाज सुन सकेगी टेकारी की स्वीटी

*जिला के अब तक 23 बच्चों की सर्जरी कर कानपुर में किया गया कॉकलियर इंप्लाट

*ज़िले के 39 बच्चे को सर्जरी के लिए अंतिम कागजी प्रक्रिया में है, बहुत जल्द ही यह बच्चे भी अपने माता पिता की आवाज सुन सकेंगे

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कानपुर में टेकारी की स्वीटी का सफलतापूर्वक किया गया सर्जरी

गया.  गया ज़िला के सुदूरवर्ती  क्षेत्र टेकारी की स्वीटी की उम्र 4 साल है. जब वह दो साल की थी तब अक्सर माता—पिता के पुकारे जाने पर वह अपनी प्रतिक्रिया नहीं देती थी. माता पिता को यह लगा कि शायद बच्ची को बोलने में समय लगेगा. इसे लेकर कुछ समय तक तो वे इत्मिनान रहे लेकिन मन में यह बात खटकती रही. उन्होंने महसूस किया कि दूसरे बच्चों की तरह उनकी बच्ची का प्रतिक्रिया नहीं देना  कोई साधारण बात नहीं है. इसे लेकर उन्हें कई अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ा. तब पता चला कि उनकी बच्ची की सुनने की क्षमता प्रभावित है. वह सुन नहीं पाती. स्वीटी का नहीं सुन पाना उसके माता पिता के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया. ना तो इतना पैसा था कि वह इलाज में खर्च कर सकें ना ही किसी बड़े अस्पताल में जाने के संसाधन.

           इस बीच गांव की आशा दीदी ने उनके इस परेशानी को हल कर दिया. आशा दीदी ने स्वीटी के पिता चंद्र दास को यह बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों के कानों की जांच की जाती है और किसी परेशानी होने पर इसका इलाज किया जाता है. उसने बताया कि इसके लिए श्रवण श्रुति कार्यक्रम के तहत कैंप लगाया जाता है. इस जानकारी के बाद चंद्र दास अपनी बच्ची को लेकर टेकारी के मुससी आगनवाड़ी सेंटर पहुंचे और वहां राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिकित्सा दल द्वारा स्क्रीनिंग करवाया गया. फिर बच्ची के कानों की आवश्यक जांच व इलाज की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रारंभ की गयी.  स्वीटी का कानपुर के चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग करवाया गया। बेरा टेस्ट करवाया गया तथा स्वीटी को विशेष जांच के लिए कानपुर भेजा गया। परसो यानी 21 अगस्त  2023 को टेकारी की स्वीटी का सफलतापूर्वक सर्जरी करते हुए कॉकलियर इंप्लाट लगाया गया।

       चंद दास बताते हैं कि वह किसान हैं, खेती करके अपने परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं. श्रवण श्रुति की मदद से उन्हें काफी लाभ मिला है. उनका कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह बच्ची की सर्जरी कर सके. इस सर्जरी और इलाज में जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम की विशेष पहल से स्वास्थ्य विभाग की काफी मदद मिली है और सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किये गये हैं. 

   *23 बच्चों को मिली श्रवण श्रुति की मदद

जिला में श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से 23 बच्चों के कानों की सफल सज्ररी की जा चुकी है. इन बच्चों के सर्जरी कर कॉकलियर इंप्लाट किया गया है. अब ये बच्चे अपने मां—बाप आवाजें सुन सकेंगे. सर्जरी के बाद इन बच्चों के माता—पिता के चेहरे पर मुस्कान है. उन्हें अब आशा हैं कि वह अपने बच्चों की बोली सुन सकेंगे. बच्चे अपने मातापिता को प्रतिक्रियाएं दे सकेंगे.

           श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से कानपुर स्थित मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल में इन बच्चों की सर्जरी की गयी. इनमें बोधगया के तीन, शेरघाटी एक, टेकरी 9, बेलागंज 2, इमामगंज तीन, मोहनपुर दो, मानपुर एक, परैया एक, बांके बाजार एक, गुरुआ के एक और वजीरगंज के एक बच्चे शामिल हैं. 

     *स्वस्थ्य भविष्य की जिलाधिकारी ने की कामना

     श्रवण श्रुति कार्यक्रम का अनुश्रवण जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एस एम द्वारा नियमित रूप से सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा करते हैं। साथ ही पहले जितने भी सर्जरी हो चुके हैं उन बच्चों में वर्तमान स्थिति का भी जानकारी लेते हैं।  जिलाधिकारी ने बताया कि श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से ऐसे सभी बच्चे जो सही प्रकार से नहीं सुन पाते या पूरी तरह से बहरापन के शिकार है, उनके सर्जरी और इलाज की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा की जायेगी. उन्होंने सर्जरी हुए बच्चों के स्वस्थ्य भविष्य की कामना करते हुए उनके माता—पिता को बच्चों की नियमित थेरेपी की सलाह दी है. बच्चों के बेहतर खानपान पर भी ध्यान देने के लिए कहा है. 

  *स्क्रीनिंग की संख्या को बढ़ाने का हो रहा काम

        ज़िला पदाधिकारी ने बताया कि जिला एवं प्रखंड स्तर में कैंप लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की संख्या को बढ़ाया जा रहा है. अधिक से अधिक ऐसे बच्चों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है जो बहरापन के शिकार हैं. ऐसे बच्चों के माता​पिता अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक से मिलकर इसके बारे में विस्तार से जानकारी ले सकते हैं. साथ ही जयप्रकाश नारायण अस्पताल में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्व्यक से मिल सकते हैं.

         सिविल सर्जन ने बताया बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद आवश्यक जांच किया जाता है. बहरापन के शिकार बच्चों के ईलाज के लिए पूरी व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग कर रही है।

         ज़िले में अबतक 325877 बच्चे को स्क्रीनिंग किया जा चुका है। 735 बच्चे को बेरा जांच हेतु रेफर किया गया था। 416 बच्चे बेरा जांच पूर्ण की गई, जिसमे 81 बच्चे बेर पॉजिटिव  तथा 335 बच्चे बेरा निगेटिव पाए गए। कुल 23 बच्चे को सफलतापूर्वक कॉकलियर इंप्लाट मशीन लगा दिया गया है। 39 बच्चे को मशीन लगाने के लिए कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है, इन्हें भी जल्द ही कॉकलियर इंप्लाट करवाया जाएगा।


 आलोक कुमार

बुधवार, 23 अगस्त 2023

अन्य अनुमंडल में भी आयोजकों को किया जाएगा सम्मानित


* हिलसा अनुमंडल में मुहर्रम के अवसर लाइसेन्स की शर्तों के अनुपालन के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मुहर्रम अखाड़ा जुलूस निकालने वाले आयोजकों एवं शांति समिति के सदस्यों को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित  व  अन्य अनुमंडल में भी आयोजकों को किया जाएगा सम्मानित


हिलसा। मुहर्रम के अवसर पर  सम्पूर्ण जिला में अनेक अखाड़ों द्वारा जुलूस निकालने के लिए लाइसेन्स लिया गया था। अधिकांश अखाड़ों द्वारा लाइसेन्स की शर्तों का अनुपालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाला गया। 

ऐसे सभी अखाड़ों एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करने वाले शांति समिति के सदस्यों को अनुमण्डलवार सम्मानित किया जा रहा है। इस क्रम में सबसे पहले आज हिलसा अनुमंडल के 30 अखाड़ा आयोजकों तथा शान्ति समिति के 20 सदस्यों को सम्मानित किया गया। अनुमंडलीय सभागार में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी ने सभी लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

  इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि हिलसा अनुमंडल में मुहर्रम का जुलूस काफी शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न किया गया इसके लिए सभी अखाड़ों के आयोजक एवं शांति समिति के स्थानीय सदस्यगण धन्यवाद के पात्र हैं। इन सभी लोगों द्वारा प्रशासन को सक्रिय सहयोग दिया गया जिसके फलस्वरूप यह आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संभव हुआ।

    इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के आयोजकों तथा शान्ति समिति के सदस्यों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।


आलोक कुमार 

बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो के कहा

 

12 दिनों तक नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी चर्च में धार्मिक कार्यक्रम

बेतिया.ईसाई समुदाय का उद्गम स्थल बेतिया में आध्यात्मिक प्रार्थना सभा कार्यक्रम 25 अगस्त से होने जा रहा है.जो तीन दिनों का है, वह 27 अगस्त तक चलेगा.उसके बाद 30 अगस्त से नोवेना प्रार्थना शुरू होगी.वह 7 सितंबर तक जारी रहेगा. 8 सितंबर को धन्य वर्जिन मेरी चर्च (नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी) बेतिया चर्च में महापर्व का मिस्सा पूजा होगा.बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो के कहा कि पल्ली में होने वाले धार्मिक आयोजन में सपरिवार भारी संख्या में भाग ले.लंच और टी सर्व किया जाएगा.

आध्यात्मिक प्रार्थना सभा कार्यक्रम

दिनांक 25 अगस्त दिन शुक्रवार दोपहर 3 बजे आध्यात्मिक प्रार्थना सभा का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन से होगा. आध्यात्मिक प्रार्थना सभा संख्या 4ः30 तक, उसके बाद संध्या 5 बजे से मिस्सा बलिदान, उसके बाद पुनः आध्यात्मिक प्रार्थना संध्या 7ः00 बजे तक होगी.26 अगस्त दिन शनिवार को सुबह 9ः00 बजे से दोपहर 12ः30 तक तथा दोपहर 2 बजे से संध्या 4ः30 तक आध्यात्मिक प्रार्थना, उसके बाद संध्या 5 बजे से मिस्सा बलिदान मिस्सा के बाद पुनः आध्यात्मिक प्रार्थना संध्या 7ः00 बजे तक होगी.27 अगस्त दिन रविवार को सुबह 9ः00 बजे से दोपहर के 12ः30 बजे तक तथा दोपहर 2ः00 बजे से संध्या 5ः30 बजे तक आध्यात्मिक प्रार्थना उसके बाद संध्या 6ः00 बजे से मिस्सा बलिदान. 

नोवेना प्रार्थना 30 अगस्त से

दिनांक 30 अगस्त संध्या 5ः00 बजे झंडोतोलन के बाद मिस्सा बलिदान एवं नोवेना प्रार्थना.दिनांक 30 अगस्त से 7 सितम्बर तक प्रति दिन संध्या 5ः00 बजे मिस्सा बलिदान एवं नोवेना प्रार्थना. दिनांक 7 सितम्बर को मिस्सा बलिदान एवं नोवेना प्रार्थना के बाद माँ मरियम के आदर में डोली शोभायात्रा.आप पल्ली वासियों से निवेदन यह है कि उस दिन अपने साथ मोमबत्ती लेते आयें.

पल्ली महापर्व 8 सितंबर को

प्रत्येक साल की तरह आठ सितंबर को माता मरियम का पर्व है.इस दिन बेतिया में पल्ली दिवस मनाया जाता है.पल्ली में धार्मिक माहौल बनाने के लिए नौ दिवसीय नोवेना का आयोजन किया गया है.महागिरजाघर का नाम नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी है.जो बेतिया कैथेड्रल के नाम से प्रचारित है.दिनांक 8 सितम्बर को पल्ली का महापर्व है.इस अवसर पर पहला मिस्सा बलिदान सुबह 6ः30 बजे होगा और उस मिस्सा बलिदान में छोटे बच्चे एवं बच्चियों का प्रथम पवित्र परमप्रसाद दिया जायेगा. शाम का मिस्सा बलिदान संध्या 5ः00 बजे होगा और उस दिन सुबह का दूसरा मिस्सा नहीं होगा. इन सभी कार्यक्रमों में आप सभी बेतिया के पल्ली वासियों से अनुरोध है कि सपरिवार भाग लेकर माँ मरियम का आर्शीवाद प्राप्त करें.


आलोक कुमार

 

जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक

 * जिला में अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक

* विधायकगण के साथ-साथ जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी रहे मौजूद

 हिलसा । जिले में अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति को लेकर  जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरदेव भवन सभागार में जिला के विधायक एवं जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक किया।बताया गया कि अल्पवृष्टि के कारण भू जल स्तर में  गिरावट हुई  है। हिलसा अनुमंडल में जल स्तर में सर्वाधिक गिरावट हुई है।

       जिला के सभी पंचायत के वार्डों में नल जल योजना का क्रियान्वयन पंचायती राज विभाग एवं पीएचईडी द्वारा किया गया है। अद्यतन जिला के विभिन्न वार्डों के 7223 परिवार नल जल कनेक्शन से वंचित हैं।इनमें से अधिकांश परिवार सामान्य बसावट से कुछ दूरी पर बसे हैं। ऐसे परिवारों को आच्छादित करने के लिए नल जल की नई योजनाएं ली गई है या नए चापाकल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। नई ली गई 257 योजनाओं में से 136 योजनाओं का कार्य पूर्ण हुआ है, शेष को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। विगत तीन वर्षों में लगाए गए चापाकल स्थलों की सूची संबंधी विधायकों से साझा करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को दिया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में पीएचईडी द्वारा नए चापाकल लगाने के लिए निविदा निकाली गई है। सभी विधायकों को निर्धारित संख्या में नए  चापाकल स्थलों की सूची उप विकास आयुक्त को उपलब्ध कराने को कहा गया। खराब चापाकलों की मरम्मती उच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया।

        राजकीय नलकूपों के बारे में बताया गया कि जिला में 417 में से अद्यतन 200 नलकूप चालू हैं। चालू होने योग्य सभी नलकूपों की त्वरित मरम्मती सुनिश्चित करने का निर्देश   दिया गया। सभी नलकूपों की  सूची सभी संबंधित विधायकगण से साझा करने को कहा गया।

      जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला में धान रोपनी का आच्छादन लक्ष्य के विरुद्ध 94 प्रतिशत तथा मक्के का आच्छादन 95 प्रतिशत हुआ है। जिला में उर्वरक की उपलब्धता एवं निर्धारित दर पर पारदर्शी ढंग से वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।  

    सभी उपस्थित जन प्रतिनिधियों द्वारा अपने अपने क्षेत्र से संबंधित पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं को रखा गया। जिसे संकलित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि अगले तीन दिनों में जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों द्वारा इन सभी समस्याओं से संबंधित स्थल का भ्रमण कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    निर्देश दिया गया कि बिजली के ट्रांसफार्मर के खराब होने पर उसे निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत ठीक किया जाए या बदला जाय। कृषि कार्यों के लिए विद्युत आपूर्ति का समय निर्धारित हो, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पेयजल से संबंधित किसी भी तरह की समस्या को जिला स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06112-233168 पर साझा किया जा सकता है।

          बैठक में विधायक हरनौत, विधायक अस्थावां, विधायक हिलसा,विधायक इसलामपुर, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी आदि अहमिल थे।



आलोक कुमार

लोगों से अपील-आपसी सौहार्द, सद्भावना के साथ रहें

  * रतन माला, बगहा में स्थिति सामान्य, शांति-व्यवस्था कायम

* कई शरारती तत्वों को किया गया है गिरफ्तार, अन्य की गिरफ्तारी के लिए की जा रही है छापेमारी

* लोगों से अपील-आपसी सौहार्द, सद्भावना के साथ रहें


* किसी भी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान नहीं दें

* लगातार करायी जा रही है मॉनिटरिंग, संवेदनशील स्थलों पर ड्रोन से रखी जा रही है नजर

बगहा। पश्चिम चंपारण जिले में है बगहा। बगहा के रतनमाला में आपसी विवाद के पश्चात वर्तमान में वस्तुस्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा शांतिपूर्ण है।  इस दौरान कई शरारती तत्वों एवं अफवाह फैलाने वालों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अन्य चिन्हित शरारती तत्वों की गिरफ्तारी हेतु सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

    शांति-व्यवस्था कायम होने के पश्चात आज रतन माला की स्थिति सामान्य हो गयी है ।   व्यवसायियों द्वारा अपनी दुकान खोली गई। लोगों की आवाजाही सामान्य रही। सभी स्थानीय निवासी अपने-अपने दिनचर्या में मशगुल रहें।

       स्थानीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा भ्रमणशील रहकर रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। शांति समिति के सदस्यों के माध्यम से भी स्थानीय लोगों को इस बारे में जानकारी दे दी गयी है ताकि आम जनजीवन सामान्य रहे।

             जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा अपील की गई है कि बगहावासी आपसी सौहार्द, सद्भाव के साथ रहें। किसी भी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। अफवाह के कारण ही उक्त घटना हुई थी। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित किया जा रहा है, कई की गिरफ्तारी भी हुई है। उक्त घटना के किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रतन माला, बगहा में स्थिति सामान्य है। शांति-व्यवस्था कायम है। जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय एवं संवेदनशील है।


आलोक कुमार

मंगलवार, 22 अगस्त 2023

बगहा के रतन माला में आपसी विवाद

 

बगहा में 22 से 24 तक इंटरनेट सेवा बंद

 बगहा ।आज नागपंचमी, महावीरी झंडा त्योहार के दौरान बगहा के रतन माला में आपसी विवाद की सूचना प्रशासन को मिली। सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन द्वारा घटना स्थल पर पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया।

       इस घटना के संबंध में कई प्रकार की अफवाह कतिपय लोगों द्वारा फैलाई जा रही थी। जिसमें मुख्यतः हनुमान जी की प्रतिमा तोड़े जाने से संबंधित था। जाँच के क्रम में प्रतिमा सही पाया गया है। इसके साथ ही अन्य प्रकार के भी अफवाह फैलाये जा रहे थे, जो बिल्कुल सही नहीं थे।इस विवाद में तीन-चार लोगों को मामूली चोटें आयी है, जिसका इलाज कराया गया है। फिलहाल चोटिल व्यक्ति ठीक हैं।

       जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय, पुलिस अधीक्षक, अमरकेश डी सहित अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों द्वारा घटनास्थल पर पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही दोनों पक्षों के लोगों को समझाया गया कि आपसी सौहार्द, सद्भावना के साथ रहें। किसी भी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।

   क्षेत्र के निवासी इरफान अहमद ने कहा है कि डीएम सर रतन माला निवासी डरे हुए हैं.वहां पुलिस कैंप की अति आवश्यक है. दंगाइयों के द्वारा प्लानिंग की जा रही है. वहां के लोगों में बहुत डर बनी हुई है. रतन माला में 2-3 जगहों पर पुलिस कैंप की अति आवश्यकता है.इसलिए इसको कृपया संज्ञान में लिया जाए.


आलोक कुमार

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