शुक्रवार, 10 नवंबर 2023

जिलाधिकारी ने राजगीर प्रखंड के मेयार एवं पथरौरा पंचायत में

 जिलाधिकारी ने राजगीर प्रखंड के मेयार एवं पथरौरा पंचायत में विभिन्न कार्यों का किया स्थल निरीक्षण

राजगीर ।    राजगीर प्रखंड में आयोजित जनसंवाद  कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आजप्रखंड के राजगीर नगर परिषद तथा मेयार एवं पथरौरा पंचायतन्तर्गत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कराये गये कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।

    नगर परिषद राजगीर के बुद्ध कॉलोनी स्थित बुद्धा मशरूम स्पॉन लैब का निरीक्षण किया। इसका संचालन श्रीमती मधु पटेल द्वारा किया जा रहा है। इनके द्वारा कृत्रिम परिवेश में पर्ल का भी उत्पादन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने उनसे बातचीत की तथा उनके कार्यों की सराहना की।

   मेयार पंचायत में नहर पर निर्मित चेकडैम का निरीक्षण किया।

    पथरौरा पंचायत के बसुऐन में ज्ञान जीविका संकुल संघ द्वारा संचालित  विकासशील जीविका महिला कस्टम हायरिंग सेंटर का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इस सेंटर के माध्यम से ट्रैक्टर, रोटावेटर आदि विभिन्न कृषि यंत्रों का उपयोग जीविका दीदियां अपने कृषि कार्यों के लिए करती हैं तथा भाड़े पर भी कृषि यंत्रों को दिया जाता है।इस सेंटर की स्थापना के लिए कृषि विभाग द्वारा 8 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।इस सेंटर का संचालन कर रही जीविका दीदियों से उन्होंने विस्तृत जानकारी ली तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

   इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।


आलोक कुमार

सरयू घाट इस वर्ष प्रतिबंधित घाट है, वहां कोई आमजन नहीं जाए

 ज़िला पदाधिकारी एव एसएसपी द्वारा आज विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए

सरयू घाट इस वर्ष प्रतिबंधित घाट है, वहां कोई आमजन नहीं जाए

 

गया ।श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था का महापर्व छठ पर्व के अवसर पर छठ व्रतियों को अपेक्षित सुविधा प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती द्वारा संयुक्त रूप से गया जिला के महत्वपूर्ण छठ घाटों का निरीक्षण किया गया।

        सर्वप्रथम उन्होंने केंदुई घाट का निरीक्षण किया गया। उपस्थित छठ पूजा समिति के सदस्यों को जिलाधिकारी ने कहा कि केंदुई घाट पर काफी भारी संख्या में लोग उपस्थित होते हैं। उन्होंने छठ पूजा समिति केंदुई को कहा कि श्रमदान करके केंदुई घाट को और अच्छी तरह साफ कराएं। उन्होंने वाहन पड़ाव के लिए उगे हुए झाड़ियों को साफ करने का निर्देश दिया। उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि दूर-दूर से आने वाले छठ व्रती इसी घाट पर भगवान सूर्य का अर्घ्य देते हैं। उपस्थित स्थानीय ने बताया कि इस घाट पर भीड़ अधिक होने के कारण चार-पांच अलग अलग सब घाट (sub ghat) केंदुई घाट में बनाया जाता जिससे भीड़ नियंत्रित रहती है। उन्होंने वरीय उप समाहर्त्ता, जिला नजारत को निर्देश दिया कि केंदुई घाट काफी बड़ा घाट है इसलिए इस घाट पर मार्किंग सिस्टम दुरुस्त होना चाहिए। साथ ही जगह-जगह पर चेंजिंग रूम बनवाना सुनिश्चित करें। जगह जगह सीसीटीवी लगवाए। केंदुइ घाट आने के सभी रास्तों को स्मूथ/ चलंत/ समतल बनवाये। इसके साथ की रौशनी की पूरी व्यवस्था रखे।

         जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि जेसीबी मशीन से केंदुई घाट जाने के रास्ते को स्लोपिंग बनाएं एवं चौड़ीकरण कराएं। डीएम ने खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संवेदक से सुनिश्चित कराये की केंदुई नदी के बीच में बने गड्ढे को भरवाए।

      ऐसी सूचना मिली है कि संध्या अर्घ्य एवं सुबह अर्घ्य देने आने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम का बहुत समस्या होती है, इसे पूरी गंभीरता से ले। आमजन आसानी से घाट पहुच सके, इसके लिए वाहनों का आवागमन सुगम रखे।

      ज़िला पदाधिकारी ने आम जनों से अपील किया है कि जो श्रद्धालु केंदुई घाट पर अर्घ्य देना चाहते हैं तो वह समय से 1 घंटा पहले पहुच जाए यहां काफी अधिक भीड़ होती है। बेवजह रोड पर वाहन का पड़ाव न हो, इसे देखे। मुख्य सड़क को oneway रखे। खिरियावा घाट से बाईपास तक मोटरसाइकिल पुलिस टीम द्वारा भीड़ को रेगुलेट एव ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। घाट आने के रास्ते में जहां भी दलदल या जल जमाव है वहां पर बैरिकेडिंग करवाना सुनिश्चित करें रास्तों पर एवं घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करवाये।

          पोलटेकनिक घाट निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने रास्ता को समतल बनवाने का निर्देश दिए उन्होंने निर्देश दिया कि छोटे आकार का जेसीबी मशीन लगाकर पूरे जंगल झाड़ को साफ करवा पर्याप्त संख्या में ट्यूबलाइट एवं बल्ब के माध्यम से रोशनी का पुख्ता इंतजाम करें घाट का प्रॉपर साफ सफाई करवाये।

       इसके उपरांत सीताकुंड घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गयाजी डैम के निर्माण होने से फल्गु नदी में काफी पानी एकत्रित है इसे देखते हुए उन्होंने कहा कि स्टील ब्रिज से सीता कुंड जाने वाले पैदल पाथवे होते हुए पंचदेव घाट तक पूरी मजबूती से  बेरिकेडिंग   करवाये ताकि एक सीमित पानी के बाद कोई गहरा पानी की ओर नदी में न जा सकें। उन्होंने कहा कि   बेरिकेडिंग   के ऊपर लाल रंग का झंडा का भी लगावे ताकि लोगों को महसूस हो सकेगी बैरी कटिंग के बाद गहरा पानी है। उन्होंने निर्देश दिया कि पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम, चेंजिंग रूम, सीसीटीवी कैमरा सहित अन्य व्यवस्थाएं सभी घाटों पर रखें। उन्होंने नगर आयुक्त गया नगर निगम को निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत जितने भी छठ घाट हैं। सभी छठ घाटों में साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था रखें। इसी प्रकार देवघाट के तरफ भी सभी तैयारियां रखे। एनडीआरएफ एव गोताखोर की टीम नाव सहित लगातार मूवमेंट में रहे, इसे सुनिश्चित करवाये।

         सूर्यकुंड तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने गया नगर निगम को मजबूती से बेरिकेडिंग करने एवं तालाब के चारों ओर जमी काई को हटाने का निर्देश दिया साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सूर्य कुंड के चारों तरफ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराएं। चेंजिंग रूम अस्थाई, पी ए सिस्टम, सीसीटीवी अधिष्ठापन कंट्रोल रूम का निर्माण करने सहित अन्य आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वस्त कराया कि किसी भी हाल में कोई भी छठ व्रती वेरिकेटिंग के बाहर पूजा ना करें, यह ध्यान दें। सूर्यकुंड घाट के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में सूर्य कुंड में लगभग 27 फीट गहरा पानी है। जिला पदाधिकारी ने सूर्य कुंड पानी एवं सूर्य कुंड से निकलने वाले विभिन्न रास्तों के बारे में विस्तार से जानकारी लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि एंट्री एवं एग्जिट रास्ता सेपरेट रखें। उन्होंने प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा शाखा को निर्देश दिया कि नाव सहित एसडीआरएफ की टीम सूर्यकुंड में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित रखें।  सूर्य कुंड घाट में आने वाले सभी रास्तों को चलंत बनाएं यदि कहीं भी रास्ता खराब है तो उसे तुरंत स्मूथ बनाएं। सभी रास्तों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें अभी से ही रूट लाइन तैयार कर ले। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि संध्या अर्घ के समय सबसे ज्यादा भीड़ सूर्य कुंड में ही होता है। इसे देखते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी व्यापक व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिजली के जर्जर तार या लटकी हुई तारों को तुरंत ठीक करावे।

      जिला पदाधिकारी ने आम जनों से अपील किया है कि सूर्य कुंड में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए संध्या अर्घ्य देने वाले छठ व्रती दोपहर 2:00 ही आकर अपना स्थान ग्रहण कर ले। एकाएक शाम में न आवे।

     सूर्यकुंड में क्षमता से अधिक वीर होने पर उसे देवघाट में डाइवर्ट किया जाएगा। सूर्यकुंड उतरने वाले सीढ़ियों के समीप एक जर्जर कमरा को छठ पर्व के पहले तोड़वाने का निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी हताहत नहीं हो सके।

          इसके उपरांत पिता महेश्वर छठ घाट का निरीक्षण किया गया उन्होंने निर्देश दिया कि छठ व्रतियों के जनसैलाब को पिता महेश्वर घाट आने में कोई समस्या ना हो इसे देखा डिवाइडर लगाते हुए आने एवं जाने वाले छठ व्रतियों का रास्ता को सेपरेट रखें।

          केंदुई घाट तथा पिता महेश्वर घाट में बड़ी भीड़ होने की संभावना है। इसे लेकर पी एस सिस्टम, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी तथा वॉच टावर को पूरी अच्छी तरह से पालन करावे।

          निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर तथा नगर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी छठ घाट पर पटाखा फोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है, सभी आयोजक समिति एव प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एव पुलिस पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करवाये।

       निरीक्षण के क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, सहायक समाहर्ता, एसडीओ सदर, टाउन डीएसपी, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी, ज़िला आपदा पदाधिकारी, ज़िला खनन पदाधिकारी, जन सम्पर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बिजली/ पीएचईडी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, बीटीएमसी के सदस्य सहित अन्य पदाधिकारी एव स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ साथ आयोजक समिति के सदस्य मौजूद थे।

आलोक कुमार

बुधवार, 8 नवंबर 2023

दीपावली में रात्रि 8 से 10 बजे तक ही केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति




 दीपावली में रात्रि 8 से 10 बजे तक ही केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति

गया । जिला पदाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती की अध्यक्षता में दीपावली, काली पूजा एवं लोक आस्था के महान पर्व छठ में प्रशासनिक व्यवस्था, विधि व्यवस्था,  यातायात व्यवस्था,  दीपावली एवं छठ पर्व पर अवैध पटाखों के निर्माण, बिक्री एवं इसके उपयोग पर रोक सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बैठक का आयोजन समाहरणालय सभाकक्ष में की गई।

     जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला वासियों को दीपावली एवं छठ पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए अपील किया कि दीपावली में रात्रि 8 से 10 बजे तक ही केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति है।  इसके अलावा सभी प्रकार की पताका को प्रतिबंधित किया गया है। किसी भी हाल में 125 डिसेबल से ऊपर की आवाज वाले पटाखे पूरी तरह प्रतिबन्धित है। शांत क्षेत्र यथा अस्पताल, शैक्षिक संस्थान, न्यायालय, जैविक उद्यान परिसर इत्यादि के 100 मीटर के दायरे में शोर उत्पन्न करने वाले किसी भी प्रकार के पटाखे का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है।

        बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिस प्रकार दुर्गा पूजा में व्यवस्था थी, वही व्यवस्था दीपावली एवं छठ में लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी प्रकार का मूर्ति बिना लाइसेंस के नही बैठाए जाएंगे, इसके सभी थाना प्रभारी सुनिश्चित करावे तथा मूर्ति प्रतिमाओं का विसर्जन का रूट लाइन/ तिथि और समय सभी आयोजन समिति से थाना प्रभारी प्राप्त करते हुए सूची बनाये, ताकि सभी मूर्तियों के विसर्जन के दौरान नजर रखी जा सके।    

            दीपावली के अवसर पर एनजीटी द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति है। ज़िले के सभी क्षेत्रों में अवैध पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए गए हैं। डीएम ने सभी एसडीएम एवं थाना को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण तथा बिक्री पर सघन छापेमारी अभियान चलावे। इसके साथ ही सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में कोई भी अवैध पटाखा का भंडारण अथवा बिक्री नहीं हो, इसे सुनिश्चित करवाये।

          उन्होंने नगर आयुक्त तथा नगर पंचायत सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र अंतर्गत महत्वपूर्ण घाटों की साफ-सफाई करवाएं इसके साथ ही खतरनाक घाटों को चिन्हित करते हुए कोई हताहत या घटना ना हो, इसे देखते हुए आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि घाटों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी का अधिष्ठापन, चेंजिंग रूम, पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था, एंट्री एवं एग्जिट प्वाइंट की बेहतरीन व्यवस्था, छठ घाटों के जाने हेतु रास्तों में पर्याप्त रोशनी के साथ-साथ रास्ता को समतल बनाने, छठ घाटों के रास्ते तथा घाटों में जर्जर तार/ लूज वायर /लटकी हुई तार ना रहे, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने सहित अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिए।

      गया नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत कुल 26 छठ घाट एवं तालाब है, जहां लोक आस्था का महान पर्व छठ पूजा पर अर्घ्य देने जाते हैं।  डीएम ने ज़िले के सभी छठ घाटों/ तालाबो सभी आवयश्क तैयारियां करवाने को कहा। जो तालाब खतरनाक है, उसे खतरनाक घाट घोषित करते हुए बैरिकेटिंग करवाये। तालाब/ पोखर में श्रद्धालुओं ज्यादा पानी के गहराई में न जाये इसे लेकर सभी संबंधित पदाधिकारी अगले 2 दिनों में छठ घाट का विजिट कर ज्यादा गहरा पानी जहां से प्रारंभ है, उसे बैरिकेटिंग करवा दी, ताकि लोग ज्यादा गहरा पानी में पूजा करने न जा सके।

     साफ सफाई का पूरा पुख्ता इंतजाम रखे। नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि जिस घाट में पानी नहीं है, वहां पर्याप्त जेसीबी मशीन लगा कर कुंड का निर्माण करवाये।

          धनतेरस को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था तथा आगजनी से बचाव के लिए निर्देश दिए गए। सभी थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि वे धनतेरस पर्व को लेकर नियमित पेट्रोलिंग करावे। अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि फायर ब्रिगेड की वाहन एवं संबंधित कर्मियों को पूरी तरह तैयार रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

           बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि किसी प्रकार की मूर्ति का अधिष्ठापन बिना लाइसेंस के ना होने, मूर्ति विसर्जन के लिये तिथि समय और रुट लाइन अपने थाना को उपलब्ध कराने संबंधित लोगों से अनुरोध किया। जिले में दीपावली एवं छठ के अवसर पर  केवल ग्रीन पटाखे छोड़ने के बारे में बताया गया है इसके साथ ही समय भी निर्धारित है।

        उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों के लिए ट्रैफिक प्लान आज ही तैयार करें साथ ही टिकारी रोड, किरानी घाट इत्यादि स्थानों पर भीड़ से बचाव हेतु प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों, पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि पेट्रोलिंग को नियमित रूप से करते हुए संबंधित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करावे। बिहार वासियों के लिए दीपावली एवं छठ पूजा का काफी महत्व है। छठ घाटों पर आम जनों की सुविधाएं के लिए पूरी नजर रखने के लिये पर्याप्त संख्या में वाच टावर लगवाना सुनिश्चित करे। घाट पर पटाखा पूरी तरह प्रतिबंधित है। सभी घाटों पर पर्यपत गोताखोर की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में  देवघाट, सीताकुंड, पंचदेव घाट, सूर्यकुंड, रूक्मिणी एव सूर्यपोखर मानपुर में नाव सहित एसडीआरएफ की टीम मौजूद रहेगी।

        बैठक में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता राजस्व, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर, पुलिस उपाधीक्षक वजीरगंज, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी, डीसीएलआर सदर, ज़िला जन सम्पर्क पदाधिकारी, ज़िला आपदा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बिजली/ पीएचईडी, ज़िला अग्निशमन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार


मंगलवार, 7 नवंबर 2023

1844 में जर्मनी के बर्लिन शहर से फादर योहनेस एंव जेलिस्ता गोस्सनर साहब आए थे छोटानागपुर में


रांची.अविभाजित बिहार अंतर्गत छोटानागपुर में चार जर्मन मिशनरियों के आगमन का178 वां वर्ष पूरा हो गया. इन चार मिशनरियों में एमिल शत्स, फ्रद्रिक वत्स, अगस्तुस ब्रांत और ई. थियोडोर यानके शामिल थे.वे 1844 में जर्मनी के बर्लिन शहर से फादर योहनेस एंव जेलिस्ता गोस्सनर साहब के निर्देशानुसार पूरे परिवार के साथ पहली बार छोटानागपुर में प्रथम ईसाई धर्म प्रचारक के रूप में रांची पहुंचे और दो नंवबर 1945 को वर्तमान बेथेसदा स्कूल समीप जीइएल चर्च कंपाउंड स्मारक पत्थर पास अपना शिविर लगाया.

          यही से छोटानागपुर में गोस्सनर एवंजेलिकल लूथेरान (जीइएल)चर्च का कार्य शुरू हुआ.फादर गोस्सनर ने इन चार मिशनरियों को वर्मा देश के मेरगुई शहर में सुसमाचार का प्रचार करने के लिए भेजा था. लेकिन, तत्कालीन समस्याओं के कारण वे छोटानागपुर पहुंच गए. उन्होंने यहां शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सहायता का कार्य आरंभ किया.इसी क्रम में 25 जून,1846 को मर्था नामक बालिका का प्रथम बार बपतिस्मा हुआ. वृहद रूप में जीइएल चर्च छोटानागपुर व असम के मसीहियों ने छोटानागपुर में मसीही बनने वाले प्रथम चार उरांव, हेथाकोटा के पाहन नवीन डोमन तिर्की, चिताकुनी के केसो भगत व बंधु उरांव और करंदा के घूरन उरांव को स्मरण किया.नौ जून 1850 को चार उरांव हेथाकोटा के पाहन नवीन डोमन तिर्की, चिताकुनी के केसो भगत व बंधु उरांव और करंदा के घूरन उरांव ,1851 में दो मुंडा, एक अक्टूबर 1855 को नौ बंगाली व आठ जून 1866 को दोर खड़िया सहित 10 मई 1868 हो परिवार ने जीइएल चर्च कलीसिया में बपतिस्मा लिया. इसी दौरान पहली बार प्रथम गिरजाघर के रूप में 18 नंवबर, 1851 में रांची ख्रीस्त गिरजाघर का शिलान्यास रखा गया.इन चार मिशनरियों ने काफी लंबे समय तक छोटानागपुर में सुसमाचार प्रचार किया. 10 जुलाई, 1919 में जीइएल चर्च स्वायत्त हो गया.चर्च का संचालन छोटानागपुर के भारतीय लोगों के हाथ में आई. प्रथम भारतीय प्रेसीडेंट पादरी हानुक दत्तो लकड़ा व सचिव पीटर हुरद बने.

       173 साल पूर्व 09.06.1850 को बपतिस्मा संस्कार ग्रहण कर मसीही धर्म स्वीकार किया था़.इस अवसर पर जीइएल चर्च के सदस्यों ने क्राइस्ट चर्च, मेन रोड में लगे स्मारक पत्थर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें स्मरण किया़ धन्यवादी आराधना भी हुई़

इस अवसर पर बिशप जॉनसन लकड़ा ने कहा कि यह दिन प्रथम वयस्क बपतिस्मा दिवस है़ फादर गोस्सनर ने बर्मा के करेन में सुसमाचार प्रचार के लिए चार मिशनरियों को भेजा था. लेकिन ईश्वर की इच्छा से वे चारों दो नवंबर 1845 को छोटानागपुर पहुंचे.पांच वर्षों तक सेवा कार्य से अथक जुड़े रहे़ उनके कठिन परिश्रम का परिणाम था कि छोटानागपुर के चार वयस्क व्यक्तियों ने नौ जून 1850 को बपतिस्मा लेकर प्रभु का वचन ग्रहण किया.

बिशप ने कहा कि उन मिशनरियों ने जब इस बात की जानकारी फादर गोस्सनर को दी, तब उन्होंने एक बड़े गिरजाघर के निर्माण का सुझाव दिया. इसके लिए 13 हजार रुपये दिये़ उन दिनों यह रांची का सबसे बड़ा भवन था.चार मसीहियों से शुरू हुई यह संख्या पिछले साल की जनगणना तक तीन लाख, 81 हजार 487 तक पहुंच गयी.

वर्तमान में इस चर्च का विस्तार 12 राज्यों में है़ बिशप ने कहा कि पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके विश्वास की रक्षा करें. धन्यवादी आराधना में रेव्ह सीमांत तिर्की, रेव्ह बेंजामिन टोपनो, रेव्ह एमएस मंजर, रेव्ह ममता बिलुंग, रेव्ह अनूप जॉली भेंगरा और अन्य मौजूद थे.शाम को हुई आत्मिक जागृति सभा में मॉडरेटर बिशप जोहन डांग ने संदेश दिया.

आलोक कुमार

जो हमारी बात सुनेगा, वहीं कुर्सी पर राज करेगा

 आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने विधानसभा का किया घेराव

5 सूत्रीय मांगें नहीं मानी गई तो वो चुनाव में ऐसे लोगों को वोट नहीं देंगी

 उनका कहना है कि जो हमारी बात सुनेगा, वहीं कुर्सी पर राज करेगा


पटना.बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र मंगलवार 6 नवंबर से शुरुआत हो चुकी है.मंगलवार 7 नवंबर को सत्र का दूसरा दिन है.दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर आंगनबाड़ी सहायिका और सेविकाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया.गेट के बाहर सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी सेविका पहुंच गईं और अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.

    अखिल भारतीय सेविका/सहायिका कर्मचारी संघ के बैनर तले 29 सिंतबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं. प्रदेश अध्यक्ष कुमारी रंजना ने अपनी 5 सूत्री मांगों के बारे में कहा कि 1. बिहार सरकार के द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10000 सुनिश्चित किया जाए. 2. केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए ग्रेड सी एवं ग्रेड डी में समायोजित किया जाए. 3.जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं होता है तब तक सेविकाओं को 25000 एवं सहायिका को 18000 मानदेय राशि दी जाए.4. योग्य सहायिका और सेविका की बहाली के लिए अतिरिक्त पहली प्राथमिकता दी जाए. 5. सेविका से महिला प्रवेशिका में बहाली करने में प्राथमिकता दी जाए.

      प्रदेश अध्यक्ष कुमारी रंजना ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार अपने ही वादे से फिरने के बाद सत्ता की हनक मजलूम आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं पर उतार रही है.इससे नाराज होकर शुक्रवार 3 नवंबर को आंगनवाड़ी सेविकाओं ने पटना के हृदय स्थल डाक बंगला चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया और  अपने माँगो को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया. वहीं आंगनबाड़ी सेवक सेविकाओ के धरना प्रदर्शन के कारण पटना का हार्ट कहे जाने वाला डाकबंगला चौराहा जाम और चौराहे पर यातायात व्यवस्था ठप्प  हो गई.

    उसी दिन पटना जिला के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह को ज्ञापन दिया.ज्ञापन लेने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि आपकी मांगों को सरकार के समक्ष पहुंचा देंगे और उसकी जानकारी संघ को देंगे.जानकारी देने के सवाल पर आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कहा कि 6 नवंबर से विधानसभा की शीतकालीन सत्र होने वाला है.हमलोग प्रदर्शन करेंगे.इस लिए आप 5 नवंबर तक जानकारी देंगे कि सरकार का क्या रुख है.

       सरकार का क्या रूख पता नहीं चलने के कारण मंगलवार 7 नवंबर को अपनी पाँच सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी पटना में स्थित बिहार विधानसभा का घेराव करने पहुँची.इन महिलाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई महिलाएं बेहोश हो गई. बिहार विधानसभा के 6 से 10 नवंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां 70 मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात है.बिहार में संचालित 1.14 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात करीब 2.15 लाख आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के मानदेय में बढ़ोतरी करने की मांग को लेकर हड़ताल पर है.जिसके आंगनवाड़ी केंद्र पिछले 39 दिनों से बंद हैं. इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से नीतीश बाबू ने उनका मानदेय दोगुना करने का वायदा किया था, लेकिन वादा पूरा करने की जगह बिहार सरकार इन आंदोलनकारी महिलाओं पर सख्ती कर रही है.सरकार इनके आंगनवाड़ी केंद्रों पर नोटिस चिपका रही हैं कि अगर उन्होंने ये नहीं खोले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.इससे नाराज आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी अपना आंदोलन तेज कर दिया.

         इस दौरान सदन में बिहार विधान सभा में बीजेपी नेता विजय सिन्हा बोले, “गाँव-समाज में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली आंगनवाड़ी सेविका बहनों पर महागठबंधन सरकार का लाठी चार्ज करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.महागठबंधन की सरकार इनकी आवाज को दबाना चाहती है. सरकार विधानसभा में भी आंगनवाड़ी सेविकाओं के विषय पर जवाब देने से पीछे हट रही है.”

        गौरतलब है कि बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सेविका और सहायिकाओं ने शनिवार (4 नवंबर,2023) को सांसद सुशील कुमार सिंह को अपनी माँगों का ज्ञापन सौंपा था. सेविका और सहायिकाएँ इस दौरान, ‘लाल साड़ी करे पुकार, हम नहीं सहेंगे अत्याचार’ का नारा लगाती रहीं.

   सांसद सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहानुभूति आपके साथ है. लोकसभा का एक सत्र चलने वाला है. वो 17वीं लोकसभा के कार्यकाल में अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे. अगर मौका मिलता है, तो मजबूती से उनकी मांग उठाएंगे. इस बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे.


आलोक कुमार

सोमवार, 6 नवंबर 2023

36 बच्चों को प्रथम परमप्रसाद मिला

फर्स्ट होली कम्युनियन समारोह

आगरा.आगरा महाधर्मप्रांत में उत्तर प्रदेश में निम्नलिखित जिले शामिल हैं: आगरा, अलीगढ़, औरैया, बदायूँ, बुलन्दशहर, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहगढ़, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हाथरस, कन्नौज, मैनपुरी, मथुरा और राजस्थान में, भरतपुर और धौलपुर.आगरा महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप रापी मंजलि है.रविवार को गोरखपुर में थे.वहां सिरो मालाबार बिशप का बिशप अभिषेक समारोह था.

आगरा महाधर्मप्रांत में रोमन कैथोलिक सेंट मेरी चर्च, नोएडा  है.इस के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर फिलिप कोरिया है.यहां रविवार का विशेष दिवस था.यहां पर 36 बच्चों को प्रथम परमप्रसाद मिला. इसमें लड़के 18 और लड़कियां 18 थी.प्रथम परमप्रसाद समारोही मिस्सा करने वालों में फादर एल्विन पिंटो, फादर फिलिप कोरिया, फादर स्टीफन स्वामी, फादर अजय फ्रांसिस, फादर सुनिल डी'मेलो थे.समारोही मिस्सा में 36 बच्चों ने पहली बार परमप्रसाद ग्रहण किए.सबसे पहले बच्चों को परमप्रसाद दिया गया. दाखरस में प्रसाद को डूबो कर बच्चों को ख्रीस्त का शरीर और रक्त दिया गया.उसके बाद बच्चों के माता पिता को ख्रीस्त का शरीर और रक्त दिया गया. फिर गिरजा घर में आए अन्य कैथोलिक भाई -बहनों को दिया गया.

     बताया गया कि समारोही मिस्सा में जाने के पूर्व बच्चे अपने माता- पिता के साथ लाइन में जुलूस के शक्ल में चर्च में गए.उसके बाद वेदी सेवक और पुरोहित गए.पुरोहित और बच्चों का स्वागत किया गया.बच्चों ने पाठ पढ़ा और बारी-बारी से निवेदन पढ़े.आखिरी में धन्यवाद प्रस्ताव बच्चों ने दिया.फिर उनको फर्स्ट होली कम्युनियन का सर्टिफिकेट दिया गया.इस तरह फर्स्ट होली कम्युनियन समारोह खत्म हुआ.


आलोक कुमार 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका था, जब कोई बल्लेबाज टाइम आउट हुआ


भविष्य में कौन बनेगा करोड़पति का सवाल एंजेलो मैथ्यूज बन गए

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका था, जब कोई बल्लेबाज टाइम आउट हुआ

क्रिकेट के 146 सालों में पहली बार हुआ ऐसा

और एंजेलो मैथ्यूज ने शाकिब अल हसन कैच आउट कराया

दिल्ली .बांग्लादेश के खिलाफ मैच में ऽ एंजेलो मैथ्यूज टाइम आउट हो गए.अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका था, जब कोई बल्लेबाज टाइम आउट हुआ.एंजेलो मैथ्यूज ने विपक्षी टीम के कप्तान शाकिब अल हसन से भी बात की, लेकिन शाकिब भी अपनी अपील वापस लेने के लिए तैयार नहीं हुए.अंपायरों ने कहा कि मैथ्यूज आउट हो चुके हैं. अंपायर और मैथ्यूज के बीच काफी देर तक बहस होती रही, लेकिन अंत में उन्हें वापस जाना पड़ा.मैथ्यूज टाइम आउट हो गए.ऐसे में मैथ्यूज को बिना कोई गेंद खेले ही पवेलियन जाना पड़ा. धनंजय डिसिल्वा बल्लेबाजी के लिए आए तो श्रीलंकाई पारी आगे बढ़ी.
    मैथ्यूज 25वें ओवर में सदीरा समरविक्रमा के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए थे. उनका हेलमेट सही नहीं था और उसे पहनने में दिक्कत हो रही थी.ऐसे में उन्होंने पवेलियन से दूसरा हेलमेट मंगवाया, इस दौरान बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मैथ्यूज के खिलाफ आउट की अपील कर दी.अंपायर मराइस इरास्मस और रिचर्ड इलिंगवर्थ ने मैथ्यूज को आउट करार दे दिया. मैथ्यूज कुछ देर तक अंपायर से बहस करते रहे और फिर वापस लौट गए.
    श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में टाइम आउट होने वाले पहले बल्लेबाज़ बने. वर्ल्ड कप 2023 का 38वां मुकाबला श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें एंजेलो मैथ्यूज को वक़्त पर अगली गेंद का सामना ना कर पाने के चलते टाइम आउट करार दिया गया. बांग्लादेश की ओर से कप्तान शाकिब ने टाइम आउट की अपील की थी.

क्या है टाइम आउट का नियम?

क्रिकेट के नियम में 40.1.1 के अनुसार, बल्लेबाजी टीम का जब कोई विकेट गिरता है या फिर रिटायर होता है। इसके बाद 3 मिनट के भीतर नए बल्लेबाज को अगली बॉल खेलनी होती है.यदि क्रीज नया बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे टाइम आउट नियम के तहत आउट दिया जाता है.

क्रिकेट में एक बल्लेबाज को दस तरीकों से आउट किया जा सकता

एक बल्लेबाज को दस तरीकों से आउट किया जा सकता है - पांच बहुत सामान्य है और पांच बहुत दुर्लभ हैं. तो क्रिकेट में आउट होने के आपके दस तरीके, उन लोगों के लिए जो अपनी अगली ट्रिविया रात को ब्लिट्ज करने के लिए तैयार हैं, ये हैं कैच, बोल्ड, एलबीडब्ल्यू, स्टंप्ड, हिट विकेट, रन आउट, टाइम आउट, गेंद को संभालना, फील्डिंग में बाधा डालना, और हिट करना। दो बार गेंद . बर्खास्तगी का 11वाँ रूप है रिटायर्ड आउट। रिटायर्ड हर्ट नहीं हुए.

आलोक कुमार
 

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