पटना . पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल अंतर्गत वार्ड नम्बर-22 बी के कुर्जी मोहल्ला में रहने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मुंगेरी लाल रहने वाले थे.बीमार पड़ने के बाद परिजनों ने मुंगेरी बाबू को कुर्जी होली फैमिली हाॅस्पीटल में भर्ती कराया.यहां पर इलाज के दरमियान दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित हुई.इस खबर से नीतीश सरकार के महकमे में हलचल मच गया.आनन फानन में नीतीश सरकार ने मुंगेरी बाबू को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजने की व्यवस्था कर दी थी.कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के वरीय चिकित्सक डा.एल.बी.सिंह साथ जाने वाले थे.इस बीच मुंगेरी बाबू की हालत खराब हो गयी और प्रभु के दरबार में चले गए.
इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीतिक विवशता के कारण जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए दिए.उनके कार्यकाल में बिहार विधान परिषद में कुर्जी मोहल्ला को मुंगेरी ग्राम नामकरण करने का प्रस्ताव पारित किया गया.जो आजतक मुंगेरी ग्राम नहीं बन सका. कुर्जी मोहल्ला का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी और राज्य के पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल के नाम पर होगा.अब इसे मुंगेरी ग्राम के नाम से जाना जाएगा.मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को विधान परिषद में इसकी घोषणा की. ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मांग सदस्य दिलीप कुमार चौधरी ने उठाई थी.
परिषद में नेता प्रतिपक्ष सुशील कुमार मोदी ने भी इस मांग का समर्थन किया और मुख्यमंत्री से इसकी अपील की. रामवचन राय ने भी इसका समर्थन किया था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेरी लाल बड़े नेता थे और गरीबों के मसीहा थे.सदन और विपक्ष के नेता की भावनाओं को देखते हुए कुर्जी नामकरण मुंगेरी ग्राम करने की घोषणा करता हूं.
आलोक कुमार.




