सोमवार, 16 मई 2022

नल-जल की समीक्षा करते हुए आवश्यक जगहों पर चापाकल गड़वाने के आदेश


नालंदा.आज सोमवार को हरदेव भवन सभागार में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर द्वारा संभावित/सुखाड़ से  बचाव के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई.रहुई प्रखंड के डिहरा, लोहानचक, मथुरापुर, अब्दुलहिचक, कमरपुर तथा बासत सैदी में पंचाने नदी पर तटबंध मरम्मती के कार्यों की जानकारी कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण से ली गई.


बताया गया कि हवनपुरा तथा लोर्हांचक में कार्य चल रहा है. डिहरा में मैटेरियल गिरा हुआ है,कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा. मथुरापुर,कमारपुर,दुलचनपुर,अब्दुलहीचक तथा बासत सैदी के प्रस्ताव विभागीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है.जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी को आदेश दिया कि कार्य की प्रगति की जांच करते हुए अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें.बिंद प्रखंड के गोविंदपुर,जमसारी तथा बरहोग गांव में तटबंध के रिसाव के कारण बाढ़ की स्थिति आ जाती है. तटबंध मरम्मती की जानकारी कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण से ली गई. अद्यतन जानकारी नहीं रखने के कारण जिला पदाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण पूछा.

अस्थावां प्रखंड के जाना गांव में एसएच 82 ए के बाएं जिरायन नदी के तटबंध मरम्मती की जानकारी ली गई. अंचलाधिकारी द्वारा बताया गया कि सिर्फ मिट्टी गिराया गया है.सरमेरा के काजीचक तथा मलामा पंचायत के बड़ी घरियारी से मालचक में जमींदारी बांध के मरम्मती कार्य अगले 10 दिनों में कार्य पूर्ण हो जाने की जानकारी दी गई.हिलसा के केसोपुर, कतरी सराय के कटौना से दरवेशपुरा तक,राजगीर के गिरियक से दरियापुर वियर तक,करायपरसुराय के वेरमा,बिंद के सैदपुर,नौरंगा में तटबंध मरम्मती के प्रस्ताव विभागीय स्वीकृति जिला पदाधिकारी के स्तर से भेजने का निर्देश दिया गया. स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया.जिला पदाधिकारी ने संभावित सुखाड़ से राहत के लिए भी संबंधित पदाधिकारियों से समीक्षा किया.

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा पंचायती राज विभाग के तहत नल-जल की समीक्षा करते हुए आवश्यक जगहों पर चापाकल गड़वाने के आदेश दिए गए.अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा आवश्यक नए चापाकलों की जरूरतों वाले स्थलों को सूचीबद्ध कर तुरंत गड़वाने के आदेश दिए गए.जिला पदाधिकारी ने आदेश दिया कि अगले 3 दिनों में कार्य पूर्ण कराएं.

उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त नालंदा श्री वैभव श्रीवास्तव,नगर आयुक्त,बिहारशरीफ श्री तरंजोत सिंह,अपर समाहर्ता, नालंदा,श्री नौशाद अहमद सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी,संबंधित प्रखंडों के बी डी ओ,सी ओ तथा कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे.

आलोक कुमार

रविवार, 15 मई 2022

संत देवसहायम पिल्लाई

10 नये संतों के नाम इस प्रकार हैं- संत देवसहायम पिल्लाई, संत चेसर दी बुस, संत लुइजी मरिया पालाजोलो, संत चार्ल्स दी फौकल्ड,  संत जुस्तिनो मरिया रूसोलिलो, संत तितुस ब्रैंडस्मा, संत अन्ना मरिया रूबातो, संत मरिया दोमेनिका मंतोवानी, संत मरिया रिवियर और संत करोलिना संतोकनाले.


रोम.आज संत पिता फ्रांसिस ने 10 नये संतों के नामों की घोषणा कर दी. उनका नाम इस प्रकार हैं- संत देवसहायम पिल्लाई, संत चेसर दी बुस, संत लुइजी मरिया पालाजोलो, संत चार्ल्स दी फौकल्ड,  संत जुस्तिनो मरिया रूसोलिलो, संत तितुस ब्रैंडस्मा, संत अन्ना मरिया रूबातो, संत मरिया दोमेनिका मंतोवानी, संत मरिया रिवियर और संत करोलिना संतोकनाले.संत पापा ने कहा, ‘ख्रीस्त जो हमारे भाई-बहनों में दुःख सहते हैं उनका स्पर्श करें और उन्हें देखें। यह बहुत महत्वपूर्ण है.जीवन देना यही है.यह स्वार्थ से ऊपर उठना है, दूसरों की आवश्यकता को देख पाना जो हमारे बगल में चल रहे हैं, उन लोगों के साथ समय बिताना जिन्हें हमारी आवश्यकता है, शायद थोड़ा सुनने, समय देने, एक फोन कोल करने के द्वारा। संतता थोड़े साहसिक भावों से नहीं बनते बल्कि दैनिक जीवन के बहुत सारे प्यार से।‘संत पापा ने समर्पित महिलाओं और पुरूषों को सम्बोधित कर कहा, ‘अपना दान खुशी से देकर पवित्र बनें.‘


 विवाहित लोगों से संत पापा ने कहा, ‘अपने पति अथवा पत्नी को प्यार करें एवं उसकी देखभाल कर पवित्र बनें, जैसा कि ख्रीस्त ने कलीसिया से प्रेम किया.‘नौकरी करने वालों से उन्होंने कहा क्या आप काम करनेवाले हैं? अपने कामों को भाई-बहनों की सेवा के मनोभाव से ईमानदारी और दक्षता से पूरा करने के द्वारा पवित्र बनें, अपने साथियों के न्याय के लिए संघर्ष करें ताकि वे बेरोजगार न रहें, ताकि हमें हमेशा उचित वेतन मिल सके. क्या आप माता-पिता अथवा दादा-दादी हैं? बच्चों को धीरज से येसु का अनुसरण करने की शिक्षा देकर पवित्र बनें.क्या आप एक अधिकारी हैं? सार्वजनिक भलाई के लिए संघर्ष करने एवं व्यक्तिगत स्वार्थ का त्याग करने के द्वारा आप पवित्र बनें. यही संत बनने का रास्ता है, अत्यन्त सरल, दूसरों में हमेशा येसु को देखना है.


सुसमाचार एवं भाई-बहनों की सेवा करना, बिना कुछ पाये ही अपना जीवन दूसरों के लिए अर्पित करने का अर्थ है, दूसरों से पाने की आशा किये बिना देना, दुनियावी महिमा की खोज नहीं करना, यही राज है, जिसके लिए हम सभी बुलाये गये हैं. हमारे सहयात्री जो आज संत घोषित हुए, उन्होंने इसी तरह जीया, उत्साह पूर्वक अपनी बुलाहट को अपनाया, कुछ पुरोहित के रूप में, कुछ समर्पित लोगों के रूप में और कुछ लोकधर्मी के रूप में, अपना जीवन सुसमाचार के लिए अर्पित किया, उन्होंने एक ऐसे आनन्द की खोज की जिसकी तुलना नहीं की जा सकती है वे इतिहास में प्रभु के प्रकाशमान प्रतिबिम्ब बन गये. हम भी उस रास्ते पर चलने का प्रयास करें जो बंद नहीं है, एक वैश्विक रास्ता है, हम सभी के लिए एक बुलावा है. यह बपतिस्मा से शुरू होता है. आइये, हम इसपर चलने का प्रयास करें क्योंकि हम सभी संत बनने के लिए बुलाये गये हैं, अद्वितीय और अपरिवर्तनीय पवित्रता के लिए बुलाये गये हैं.पवित्रता हमेशा वास्तविक है, धन्य कार्लो अकुतिस ने कहा है रू फोटोकॉपी पवित्रता नहीं है, यह मेरा है, आपका है और हम सबका है.प्रभु के पास हम सबके प्रेम की योजना है, उनके पास हमारे जीवन का सपना है। हम इसे ग्रहण करें और आनन्द के साथ अपनायें.


आलोक कुमार

जब एक ट्रक ने उसे पीछे से ठोकर मार दिया

जहां पर पढ़ा और वहां पर हेडमास्टर बन गया

* पटना जेसुइट सोसाइटी में प्रवेश करने के अवसर पर समारोह

बेतिया. फादर गैब्रियल  माइकल ने गोल्डन जुबली बनाया.पश्चिमी चंपारण के बेस्ट स्कूलों में शुमार के.आर.हाई स्कूल के हेडमास्टर थे.वे एक बार हेडमास्टर बने.यह कौन कहता है कि  बिहारियों में प्रतिभा और कौशलता में कमी है?इसे दरकिनार कर पटना जेसुइट सोसाइटी के प्रोविंशियल ने बेतिया निवासी फादर गैब्रियल पर विश्वास कर पहली बार 1998 से लेकर 2003 तक लगातार हेडमास्टर की जिम्मेवारी दिये.जिसे बखूबी हेडमास्टर साहब ने निभाया.बेदाग छवि के रहने के कारण फादर गैब्रियल को 2015 से 2020 तक कैंडिडेट हाउस के इंचार्ज के आर का बनाये गए.

 गोल्डन जुबली समारोह के अवसर पर आयोजित मिस्सा के मुख्य अनुष्ठानकर्ता स्वयं फादर गैब्रियल  माइकल थे.उनके साथ फादर क्रिस्टोफर, फादर माइकल रफायल रिचर्ड, फादर फिन्टन साह के अलावे 10 और पुरोहित थे.बता दें कि फादर गैब्रियल माइकल के आर हाई स्कूल से ही पढ़ाई किए थे.इस प्रकार कुल 21 वर्षों तक के आर हाई स्कूल में रहे.फादर गैब्रियल माइकल का जन्म 2 सितंबर 1954 को बेतिया में हुआ था. जेसुइट में 01 जुलाई 1971 को प्रवेश किए थे. आपका पुरोहिताभिषेक 20 मई 1985 में हुआ था.                   

बता दें कि मिस्सा के बाद करीब 100 लोगों काे प्रीतिभोज दिया गया .जिसमें फादर, सिस्टरों के साथ फादर गैब्रियल के परिवार के अलावा के आर हाई स्कूल के कुछ शिक्षक भी मौजूद थे. 


आलोक कुमार

रविवार 15 मई, 2022 को धन्य देवसहायम पिल्लई 'संत' बनेंगे

 

*भारतीय समयानुसार दोपहर 01:30 बजे


तमिलनाडु.पहले तमिलनाडु और वर्तमान में कन्याकुमारी जिले के विलवनकोड तहसील के नाट्टालम गाँव के एक हिन्दु परिवार में  धन्य देवसहायम पिल्लई का जन्म 1712 में हुआ.जन्म के 310 साल के बाद नाट्टालम गाँव में जश्न का माहौल है.आज रविवार 15 मई, 2022 को धन्य देवसहायम पिल्लई 'संत' बनेंगे.इसके साथ ही भारतीय संतों के श्रेणी में आ जाएंगे.इस बीच संत पापा फ्राँसिस ने अपने प्रशासन काल में कुल 909 संतों की आधिकारिक घोषणा की है. इस आंकड़े में 813 "ओट्रेंटो के शहीद" शामिल हैं, जो 1480 में दक्षिणी इटली शहर में मारे गए थे और 2013 में संत घोषित किए गए.

देवसहायम पिल्लई का जन्म तमिलनाडु के वर्तमान कन्याकुमारी जिले के विलवनकोड तहसील के नाट्टालम गाँव के एक हिन्दु परिवार में 1712 में हुआ.उनके पिता वासुदेवन नम्पूतिरि नामक ब्राह्मण थे और उनकी माता देवकी अम्माल नायर समुदाय की स्त्री थी. बचपन में उनका नाम नीलकण्ठन था और लोग उनको ’नीलम’ पुकारते थे.नायर समुदाय के लोग उस समय के समाज के प्रतिष्ठित लोगों में थे. ट्रावनकोर राज्य के राजा, राज्य के ज़्यादातर अधिकारी और सैनिक नायर समुदाय के ही थे. उस समुदाय की परम्परा के अनुसार बच्चे माता के समुदाय के नाम से जाने जाते थे.नीलम ट्रावनकोर राजा के राजमहल में काम करते थे और राजमहल में उच्च स्तर पर काम करने के कारण लोग उनके नाम के साथ ’पिल्लई’ जोड़ कर बुलाते थे. उनके पिता नाट्टालम के शिव मंदिर के पूजारी थे.

संस्कृत, तमिल और मलयालम भाषा के अतिरिक्त उन्हें युद्घ का भी प्रशिक्षण प्राप्त हुआ. नीलम पिल्लई युद्ध में निपुण थे; साथ ही राजमहल की सम्पत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गयी थी.वे राजा और राजमहल के अधिकारियों के प्रिय थे.वे हिन्दु धर्म को मानते थे और मंदिर और घर में हिन्दु देवी-देवताओं की पूजा करते थे.उनका विवाह उन्हीं के समुदाय भार्गवी अम्माल के साथ हुआ.

सन 1741 में डच सेना ने ट्रावनकोर पर आक्रमण किया. उनका विचार ट्रावनकोर में एक डच कॉलनी बनाने का था. शुरू में कोलच्चल में उन्हें सफलता हासिल हुयी, परन्तु बाद में राजा मार्तान्डवर्मा की सेना ने डच सेना को हरा कर के कर्नल दे लान्नोय (De Lannoy) और उनके साथ 23 सैनिकों को बंदी बना दिया.राजा ने उन्हें मृत्यु और राजा की सेना में शामिल होने के बीच चयन करने का मौका दिया. वे राजा की सेना में शामिल हो गये.

राजा ने यह निर्णय लिया कि इन यूरोपीय सैनिकों की सहायता से अपनी सेना का आधुनीकरण करें ताकि अपने राज्य को और विस्तृत बना सकें.नीलम पिल्लई राजा की सेना के एक प्रमुख अधिकारी थे. धीरे-धीरे नीलम और दे लान्नोय के बीच दोस्ती शुरू हुयी. दे लान्नोय ने राजा के सैनिकों तथा राजा के अंगरक्षकों को अच्छा प्रशिक्षण दिया. इस पर प्रसन्न हो कर राजा ने दे लान्नोय को राजमहल में तैनात सैनिकों के अधिकारी का पद प्रदान किया. दे लान्नोय ने उन सैनिकों को इतना अच्छा प्रशिक्षण दिया कि राजा ने मदुरई के सैनिक दल को वापस भेजा जिस के लिए अब तक वे हर महीने साठ हजार रुपये दे रहे थे.

कर्नल दे लान्नोय और नीलम के बीच दोस्ती दृढ़ बनती गयी. नीलम के जीवन में कई अप्रिय घटनाएं हुयी और उन्हें अपनी सम्पत्ति भी खोनी पड़ा। विभिन्न प्रकार की परेशानियों के बीच नीलम बहुत चिन्तित थे.उन्होंने अपने दोस्त दे लान्नोय को अपनी परेशानियों के बारे में बताया.नीलम ने बताया कि हर प्रकार की पूजा करने के बाद भी उनको बहुत-सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. दे लान्नोय का ख्रीस्तीय विश्वास बहुत ही गहरा था.उन्होंने सब कुछ ध्यान से सुनने के बाद नीलम को बाइबिल के योब के ग्रन्थ की घटनाओं का विवरण सुनाया. नीलम ने ध्यान से सब कुछ सुना.योब के व्यक्तित्व का नीलम के ऊपर बहुत प्रभाव पड़ा. तत्पश्चात वे दोनों बार-बार धार्मिक शिक्षाओं पर चर्चा करते थे.आगे चलते नीलम ने बपतिस्मा ग्रहण कर एक ख्रीस्तीय विश्वासी बनने की इच्छा प्रकट की. ट्रावनकोर राज्य में तब ख्रीस्तीय बनाना कानून के विरुद्ध था.

इसलिए दे लान्नोय ने एक चिट्ठी दे कर नीलम को वडक्कनकुलम के नेमान मिशन में सेवारत येसु समाजी फादर जोवान्नी बपतिस्ता बुत्तारी के पास भेजा.नीलम को मालूम था कि राजमहल में सेवारत किसी अधिकारी को ख्रीस्तीय विश्वास अपनाने पर उसे मृत्युदण्ड भी दिया जा सकता है.

नीलम तुरन्त ही बपतिस्मा लेना चाह रहे थे.परन्तु फादर बुत्तारी ने नीलम के उद्देश्य की परीक्षा लेने तथा उन्हें धर्मशिक्षा देने के लक्ष्य से इंतजार करने की सलाह दी, लेकिन यह नहीं बताया कि उन्हें कितने समय तक इंतजार करना पडे़गा.नीलम ने ख्रीस्त के नाम पर न केवल बपतिस्मा लेने, बल्कि मरने के अपने दृढ़संकल्प को भी फादर बुत्तारी के सामने प्रकट किया.नौ महीनों के इंतजार के बाद 14 मई 1745 को फादर बुत्तारी ने नीलम को बपतिस्मा दिया. तब नीलम 32 साल के थे. बपतिस्मा के समय नीलम को ’देवसहायम’ नाम दिया गया.यह लाजरुस नाम का तमिल अनुवाद है.

बपतिस्मा के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को भी ख्रीस्तीय धर्मशिक्षा दे कर ख्रीस्तीय बनने के लिए प्रेरित किया.शुरुआती हिचहिचाहट के बाद भार्गवी अम्माल ने बपतिस्मा ग्रहण कर ’ज्ञानापू’ नाम स्वीकार किया, जो तेरेसा नाम का तमिल अनुवाद है. देवसहायम ने राजा के सामने सेना की क्रिश्चियन बटालियन में शामिल होने की इच्छा प्रकट की.आगे चल कर उन्होंने सेना के कई सैनिकों को ख्रीस्तीय धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया.

देवसहायम ने न केवल अपने ख्रीस्तीय विश्वास के अनुसार जीवन बिताया, बल्कि ब्राह्मण लोगों के धर्माचरण की आलोचना भी की.कई बार उन्होंने ब्राह्मणों के साथ वाद-विवाद भी किया. क्रुद्ध हो कर उन्होंने देवसहायम को एक संकरे कमरे में कैद कर किया.राजा ने उन्हें मृत्यु दण्ड सुनाया. देवसहायम ने बड़ा आनन्द महसूस किया कि ख्रीस्त के नाम पर मरने के लिए वे योग्य पाये गये.लेकिन उनके वध के पहले किसी भविष्यवक्ता ने राजा को बताया कि नीलम को मारने पर उन्हें बड़ी विपत्ति भुगतनी पडे़गी. इस पर राजा ने अपनी आज्ञा को रद्द किया. नीलम को खेद हुआ कि वे अब येसु केलिए शहीद नही बन सकेंगे.

उनका अपमान करने के लिए शहर की गलियों से उनकी परेड निकाली गयी.लेकिन वे ईश्वर की स्तुति करते रहे. एक दिन रास्ते में वे प्यासे थे और पानी न दिये जाने पर उन्होंने एक पत्थर के सामने खडे हो कर प्रार्थना करने के बाद उस पत्थर को अपनी कुहनी से मारा और वहाँ से पानी निकलने लगा. उन्हें पेरुविलाय नामक जगह ले जाया गया.वहाँ पर उन्हें एक खुली जगह पर एक नीम के पेड से जंजीरों से कस कर बाँध दिया गया. सात महीनों तक दिन-रात हर प्रकार के मौसम में वे वहाँ पडे़ रहे. उनकी देखरेख करने वाले सैनिक उनके विश्वास और अच्छे व्यवहार से प्रभावित हो गये और उन के साथ अच्छा व्यवहार करने लगे. सैनिकों ने उन्हें भाग जाने का मौका भी दिया, लेकिन देवसहायम ने एक कायर की तरह भाग जाने के बजाय येसु के लिए दुख सहना उचित माना.इन सब के बीच कई लोग उनसे मिलने, उनकी प्रार्थना की याचना करने तथा उनकी आशिष ग्रहण करने आते थे.

14 जनवरी 1752 की रात को सैनिक देवसहायम पिल्लई को एक पहाड़ी पर ले गये. मृत्यु को करीब देख कर उन्होंने प्रार्थना करने के लिए कुछ समय माँगा. प्रार्थना के बाद उनके ऊपर गोलियाँ चलायी गयी.अपने गहरे विश्वास का प्रमाण देते हुए प्रभु येसु और माता मरियम के नाम लेकर चालीस साल की उम्र में उन्होंने मृत्यु का आलिंगन किया.सैनिकों ने उनके मृतशरीर को जंगल में फेंक दिया.

जब ख्रीस्तीय विश्वासियों को देवसहायम की मृत्यु की खबर मिली, तो वे उनके मृतशरीर की खोज में निकले. पाँच दिन की खोज के बाद उन्हें सिर्फ कुछ हड्डियाँ मिली, जिन्हें उन्होंने बड़े आदर के साथ कोट्टार के संत फ्रांसिस ज़ेवियर गिरजाघर में दफ़नाया.बपतिस्मा ग्रहण करने के बाद उन्होंने सात साल ख्रीस्तीय जीवन बिताया, उनमें से तीने साल वे जंजीरों से बंधे हुए थे.जीवित रहते ही लोगों ने देवसहायम एक संत माना. उनकी शहादत के बाद न केवल उनकी कब्र पर, बल्कि उनके जीवन से संबंधित सभी जगहों पर विश्वासियों की भीड़ लगने लगी. दिसंबर 2, 2012 को कोट्टार धर्मप्रान्त के नागरकोइल में देवसहायम पिल्लई को धन्य घोषित किया गया.जून 2012 में पोप बेनेडिक्ट XVI ने आधिकारिक घोषित किया गया.

21 फरवरी 2020 को, पोप फ्रांसिस ने देवसहायम, सीएल के हस्तक्षेप के लिए एक चमत्कार को मान्यता दी कैनोनेज़ेशन (सन्थूड) के लिए अपना रास्ता तय करना. वह संत बनने के लिए भारत में पहले कैथोलिक होंगे.


आलोक कुमार

शनिवार, 14 मई 2022

 

बेतिया। जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आज समाहरणालय सभाकक्ष में डॉ0 संजय जायसवाल, माननीय सांसद-सह-अध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी। दिशा की बैठक में गत बैठक की कार्यवाही एवं अनुपालन प्रतिवेदन से उपस्थित सभी माननीय जनप्रतिनिधिगणों को अवगत कराया गया। माननीय जनप्रतिनिधिगण द्वारा गत बैठक की कार्यवाही एवं अनुपालन प्रतिवेदन पर संतोष प्रकट किया गया। माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि 13 जून तक कुछेक लंबित अनुपालन प्रतिवेदन कार्य पूर्ण कराते हुए सभी माननीय जनप्रतिनिगिण को उपलब्ध करायी जाय।


माननीय सांसद-सह-अध्यक्ष, डॉ0 संजय जायसवाल ने कहा कि मनरेगा अंतर्गत अमृत सरोवर योजना का क्रियान्वयन जिले में किया जाना है। अमृत सरोवर योजना के तहत प्रथम चरण में जिले के 75 सरकारी सरोवरों को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए जीर्णोद्धार कार्य कराया जाना है। सरोवरों के जीर्णोद्धार कार्य हेतु अविलंब कार्य योजना तैयार की जाय।


उन्होने कहा कि मनरेगा के तहत विद्यालयों की चारदीवारी, मैदान की मिट्टी भराई सहित आवश्यकतानुसार बांधों की मरम्मति करायी जाय। मनरेगा के तहत किये जा रहे कार्यों में पारदर्शिता बरती जाय। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का क्रियान्वयन अच्छे तरीके से कराया जाय। विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन समर्पित करने वाले लाभुकों को तुरंत कनेक्शन मुहैया करायी जाय। विद्युत विपत्र में त्रुटि नहीं हो इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाय।


राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान माननीय अध्यक्ष महोदय ने कहा कि जल्द से जल्द लाभुकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करायी जाय। लंबित योजनाओं को मिशन मोड में क्रियान्वित करते हुए कार्य को पूर्ण किया जाय। उन्होंने कहा कि आवास योजना में किसी भी स्तर पर अनियमितता नहीं बरती जाय। योग्य व्यक्तियों को हर हाल में आवास योजना से लाभान्वित किया जाय। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि बिहार सरकार द्वारा नल-जल से संबंधित समस्याओं का निराकरण हेतु जारी नंबर पर कितने लोगों द्वारा शिकायत की गयी है और कितने शिकायतों समस्याओं का समाधान करा दिया गया है, से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाय।


दिशा की बैठक में जन-जन का स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, सर्व शिक्षा अभियान, मिड डे मील योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, जिला औद्योगिक नवप्रर्वतन योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, जीविका, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, स्वच्छ भारत मिशन शहरी एवं ग्रामीण, कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), एकीकृत बाल विकास परियोजना, डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, डिजिटल इंडिया प्रोग्राम, आधारभूत संरचना संबंधित कार्यक्रम (दूरभाष, खनन आदि), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन सहित अन्य योजनाओंध्कार्यक्रमों के कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी।


दिशा की बैठक में माननीय राज्यसभा सांसद, श्री सतीश चन्द्र दूबे ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा की समुचित व्यवस्था अत्यंत ही जरूरी है। आधुनिक जांच उपकरणों के संचालन हेतु तकनीशियनों की व्यवस्था अविलंब करायी जाय। माननीय सांसद, श्री सुनील कुमार ने कहा कि नल-जल योजना के तहत कराये जा रहे कार्यों में गुणवत्ता का पूरा पालन किया जाय। साथ ही नल-जल योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से कराया जाय।


माननीया उपमुख्यमंत्री, बिहार, श्रीमती रेणु देवी ने कहा कि संत जेवियर्स स्कूल के पास कराये जा रहे सड़क निर्माण कार्य का संबंधित कार्यपालक अभियंता स्वयं लगातार निरीक्षण करें तथा सड़क निर्माण कार्य को गुणवतापूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफॉर्मर को तुरंत बदला जाय। विद्युत कनेक्शन हेतु आवेदन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए लाभुकों को विद्युत कनेक्शन दिया जाय। वेरिफाई आदि कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाय। साथ ही लाभुकों को मीटर रिडिंग के अनुरूप ही विद्युत विपत्र उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने कहा कि सड़कों की साफ-सफाई विशेषकर सार्वजनिक स्थलों पर अच्छे तरीके से निरंतर करायी जाय। साथ ही समुचित नाली आदि की भी व्यवस्था की जाय।


माननीय विधायक, श्री राम सिंह ने कहा कि अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों, नसों एवं अन्य कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाय। साथ ही लंबे समय से एक ही स्थल पर कार्य कर रहे डॉक्टरों एवं कर्मियों को स्थानांतरित किया जाय। माननीय विधायक, चनपटिया, श्री उमाकांत सिंह ने कहा कि चनपटिया प्रखंड अंतर्गत कई विद्यालय भवनहीन है जिससे बच्चों को पठन-पाठन में असुविधा होती है। भवनहीन विद्यालयों को अविलंब भवन उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने कहा कि चनपटिया नगर में पानी की सप्लाई अब तक नहीं हो पाई है, गर्मी में नगर वासियों को परेशानी हो रही है। नगर क्षेत्र में शीघ्र ही जलापूर्ति की व्यवस्था की जाय। 

माननीय विधायक, सिकटा, श्री विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि नल-जल का क्रियान्वयन में गुणवता का पूरा पालन होना चाहिए। इसकी समुचित मॉनिटरिंग करायी जाय। साथ ही वैशखवा-सिकटा सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा किया जाय। माननीया विधायक, श्रीमती रश्मि वर्मा ने कहा कि प्रत्येक गांव में कम से कम 25 चापाकलों की व्यवस्था की जाय। इससे जहां एक ओर पेयजल सहित अन्य कार्य हो सकेगा वहीं अगलगी की घटनाओं के मद्देनजर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुंडिलपुर गांव के समीप नदी नदी से कटाव हो रहा है, वहां मनरेगा के तहत सुरक्षात्मक कार्य कराया जाना आवश्यक है।


इसके साथ ही माननीय विधायक, श्री रिंकू सिंह के प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया गया तथा सुझाव दिये गये।समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जन-जन का स्वास्थ्य मिशन के तहत 917169 आउटडोर मरीज, 34214 इनडोर मरीज का इलाज किया गया है। परिवार कल्याण के तहत 9084 महिलाओं का ऑपरेशन, 127 पुरूषों की नसबंदी, 63303 संस्थागत प्रसव, 50226 माताओं का टीकाकरण, 71638 बच्चों का ओपीभी टीकाकरण, 94503 बच्चों का बीसीजी टीकाकरण, 96721 बच्चों का डीटीपीध्पेन्टावैलेंट-1 टीकाकरण 96354 बच्चों का मिजल्स एवं रूबेला टीकाकरण, 94810 बच्चों का पूर्ण टीकाकरण कराया गया है।


दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना अंतर्गत विद्युत कृत ग्रामों की संख्या 1326 है जो शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति है। इसके साथ ही 167781 बीपीएल परिवारों को विद्युत संबंध उपलब्ध करा दिया गया है। वितीय वर्ष 2021-22 में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत 535771 छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तक उपलब्ध करा दिया गया है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को कुल-472115 एलपीजी कनेक्शन दे दिया गया है। जीविका के तहत वर्ष 2020-21 में 4127 परिवारों का उन्मुखीकरण स्वयं सहायता समूहों में किया गया है। 373 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है।  106 ग्राम संगठनों का गठन हो चुका है। 2328 स्वयं सहायता समूहों को बैंकों द्वारा वित्त पोषित किया जा चुका है।


स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) अंतर्गत बेतिया नगर निकाय क्षेत्र में 3548 शौचालयों को पूर्ण करा लिया गया है। इसी तरह नरकटियागंज में 794, बगहा में 6067, चनपटिया में 1740 एवं रामनगर में 4025 शौचालयों का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन अंतर्गत नगर निगम, बेतिया में 01 पार्क एवं 01 जलापूर्ति योजना स्वीकृत है। पार्क का निर्माण कार्य हो चुका है। जलापूर्ति की योजना बुडकों द्वारा किया जा रहा है। 39 वार्डों में से 37 वार्डों में कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 37 वार्डों के अंतर्गत 19464 हाउस कनेक्शन के विरूद्ध 18318 कनेक्शन पूर्ण हो चुका है।


महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में अबतक 349209 मानव दिवस का सृजन किया गया है। 49990 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा के अभिसरण से आवास योजना के लाभुकों के द्वारा सृजित किये गये मानव दिवस की कुल संख्या-296887 है। मनरेगा के तहत 1224 योजना पूर्ण हो चुके हैं। वर्ष 2021-22 में 43627 प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पूर्ण हो चुका है। इसी तरह 760 पईन, 205 सार्वजनिक जल संचयन, 81 निजी पोखर, 2283 गोट कैटल शेड का कार्य पूर्ण करा लिया गया है।


जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा माननीय अध्यक्ष, दिशा को आश्वस्त किया गया कि जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में उठाए गए विभिन्न मामलों का ससमय निष्पादन करा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिले में क्रियान्वित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को बारंबार निर्देशित किया जाता है तथा इसकी सतत निगरानी भी की जाती है।


जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक की कार्यवाही माननीय राज्यसभा सांसद, श्री सतीश चन्द्र दूबे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त की गयी।


इस अवसर पर माननीय सांसद, श्री सतीश चन्द्र दूबे, श्री सुनील कुमार, माननीया उपमुख्यंत्री, श्रीमती रेणु देवी, माननीय मंत्री, पर्यटन विभाग, श्री नारायण प्रसाद, माननीय विधायक, श्री राम सिंह, श्री उमाकांत सिंह, श्री विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, श्रीमती रश्मि वर्मा, माननीय अध्यक्ष, जिला परिषद, श्री निर्भय कुमार महतो सहित नगर निकायों के माननीय सभापति गण, पंचायत समिति के माननीय प्रखंड प्रमुख, ग्राम पंचायतों के माननीय मुखिया गण सहित अन्य माननीय सदस्य, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



आलोक कुमार

 


दुसैया.पश्चिम चंपारण में है पादरी दुसैया. यहां पर सामाजिक कार्यकर्ता रवि माइकल  सिंह  हैं.इस सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि प्रोन्नत बेतिया नगर निगम में वार्ड के गठन के प्रारूप का प्रकाशन हो गया है.नये प्रारूप के अनुसार अब नगर में कुल 46 वार्ड हो गये है. पूर्व के दिनों में बेतिया नगर परिषद में 39 वार्ड थे. वार्ड गठन के नये प्रारूप के अनुसार शहर में 30 व नये जुड़े 08 पंचायतों में हो गये 16 वार्ड हो गये है. अर्थात कुल वार्डों की संख्या 46 हो गई है.बेतिया नगर निगम का परिसीमन होने के बाद वार्ड नंबर- 33 नया वार्ड बना है. प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वाडों) की जनसंख्या ( 2011 की जनसंख्या)  के अनुसार 4753 अन्य 388 अनुसूचित जाति  214 अनुसूचित जनजाति और 5355 कुल जनसंख्या वार्ड संख्या-33 में है.नवनिर्मित वार्ड संख्या-33 से सामाजिक कार्यकर्ता रवि माइकल  सिंह  किस्मत आजमाने का फैसला किया है.

सामाजिक कार्यकर्ता रवि माइकल  सिंह  ने कहा कि वार्ड नम्बर-33 का सीमांकन के तहत पूरब ब्रह्मस्थान से रेलवे लाइन तक का सरेह एवं रेलवे लाइन के पश्चिम दिशा से राजेंद्र झा के घर तक एवं राजेंद्र झा के घर से ब्रज किशोर झा के घर तक सड़क का उतरी  पश्चिम किनारा बृज किशोर झा के घर से पोखर भिंडा अवस्थित पुराना वार्ड संख्या 06 का कुल पश्चिम  जैकब   फ्लोरियन के घर से पश्चिम पादरी दुसैया एवं सिवान से ठडा पुल तक का पादरी दुसैया सिवान, उत्तर पादरी दुसैया मौजा के उत्तरी दिशा में अवस्थित ठडा पुल से तीन गछिया तक पादरी दुसैया एवं गोनौली के उत्तर सीमा तक तीन गछिया का अनरी चुनरी नदी पर बेतिया सरिसवा सड़क में अवस्थित पुल तक नदी का दक्षिणी किनारा तथा पुल से चितरंजन पटेल का घर होते हुए सड़क पर अवस्थित पुल ईदगाह तथा महंथ महतो के ग्वास अवस्थित सड़क का उतरी किनारा, होते हुए ब्रह्मस्थान तक सड़क का पूर्वी एवं उतरी किनारा ,दक्षिण दक्षिण जैकब फ्लोरियन के घर पश्चिम दिशा में अवस्थित बेतियाडीह एवं पादरी दुसैया सिवान का दक्षिण पश्चिम कोना से दक्षिण जैकब फ्लोरियन के घर का उतरी किनारा से नगर निगम का मुख्य नाला एवं सड़क पर अवस्थित पुल होते हुए मुस्तकिम अंसारी का घर तक का पादरी दुसैया का सिवान एवं मुस्कान अंसारी के घर से लालबाबू कुशवाहा के जमीन का उत्तरी लाइन के समीप महेश प्रसाद के खेत तक ही है.

सामाजिक कार्यकर्ता रवि माइकल ने पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी कुंदन कुमार से कहा है कि सर से विनम्र निवेदन है कि आप बेतिया के नालों का कितना भी सफाई करवा ले जलजमाव की समस्या ज्यों की त्यों रहेगी. क्योंकि पानी का निकास बारी टोला से जो रोड पादरी दुसैया तक जाती है उस पर जो पुल है उसका  निचलाा तल ऊंचा है और उस पुल से दक्षिण सराय में कमर तक कीचड़ है. जिससे शहर का पानी के निकलने में अवरोध पैदा करता है.अगर इसको ठीक कर दिया जाए तो आराम से पानी निकल जाएगा. पहले जो पुल था उसका  निचला तल काफी नीचे था.उस समय जल निकासी की समस्या नहीं थी. महोदय से सविनय आग्रह है कि इस ओर ध्यान दिया जाए.

इस बीच बारी टोला वार्ड नंबर - 33 में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन वार्ड पार्षद प्रत्याशी रवि माइकल सिंह ने किया.प्रथम मैच बानुछापर और धर्मपुर के बीच  संपन्न हुआ.


आलोक कुमार

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