गुरुवार, 2 जून 2022

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

 *जीआई टैग मिलना एक जटिल प्रक्रिया, एक वर्षों से किया जा रहा है अथक प्रयास.जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई से प्राप्त दिशा-निर्देशों को अविलंब पूर्ण कराने का निर्देश.जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न.डॉ0 एन0 के0 सिंह, वैज्ञानिक , आरपीसीएयू से जिलाधिकारी ने की वार्ता...


बेतिया. पश्चिमी चम्पारण जिले के मरचा चूड़ा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग के लिए जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण के दिशा-निर्देश के आलोक में अधिकारियों की एक पूरी टीम मरचा चूड़ा को जीआई टैग दिलाने के लिए करीब एक साल से कार्य कर रही है. यह प्रयास अब अंतिम चरण में है, शीघ्र ही जिले के मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलने की प्रबल संभावना है. इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा कार्य प्रगति की लगातार समीक्षा की जाती रही है.


ज्ञातव्य हो कि जीआई टैग के लिए डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विद्यालय, पूसा के वैज्ञानिकों द्वारा मरचा धान का डीएनए फिंगर प्रिंटिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. मरचा धान/चूड़ा का निबंधन (जीआई टैग) हो जाने के बाद मरचा धान के चूड़ा की मांग देश-विदेशों में पूरी की जा सकेगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी तथा रोजगार भी वृद्धि होगी.

 

मरचा धान को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक एक्सपेरिमेंट पिछले एक साल से किया जा रहा है.जीआई स्पेसिफिक एरिया और नॉन जीआई एरिया में मरचा धान का उत्पादन किया जा रहा है. मरचा धान के प्लांट को केवीके, माधोपुर में भी लगाकर उस पर स्टडी किया गया है. पश्चिमी चम्पारण जिले के विकास में मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलना अत्यंत ही कारगर साबित होगा. इससे किसानों का जहाँ आर्थिक विकास होगा वहीं रोजगार बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा.


इसी परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुई. समीक्षा के क्रम में वरीय उप समाहर्ता द्वारा बताया गया कि जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई द्वारा कुछ दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया गया है. दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक्सपेरिमेंटल डेटा/रिपोर्ट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, शीघ्र ही जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई को उपलब्ध करा दिया जायेगा.


उन्होंने बताया कि मरचा धान के डीएनए का अन्य दूसरे सुगंधित धानों के डीएनए से कंपेयर भी कर लिया गया है जिसमें मरचा धान में यूनीकनेस का पता चला है. उन्होंने बताया कि इसी क्रम में विगत दिनों डॉ0 एन0के0 सिंह, वैज्ञानिक, आरपीसीएयू के साथ जिलाधिकारी की समीक्षात्मक बैठक भी हुई है. उनके मार्गदर्शन में एक्सपेरिमेंटल डेटा एवं रिपोर्ट को तैयार कर लिया गया है, जिसे जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई भेजा जा रहा है.

 

जिलाधिकारी ने मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलना एक जटिल प्रक्रिया है.इस कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों का कार्य सराहनीय है.उन्होंने कहा कि मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलना पश्चिम चम्पारण जिले के लिए एक बेहतरीन उपलब्धि होगी. पूरी दुनिया यह जान सकेगी कि मरचा चूड़ा/धान का उत्पादन सिर्फ और सिर्फ पश्चिम चम्पारण जिले में ही होता है.


इस अवसर पर वरीय उप समाहर्ता, श्री राजकुमार सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



आलोक कुमार

‘आयुष्मान सम्मेलन‘के सफल आयोजन के लिए संबंधित पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक

 

रक्सौल. पूर्वी चंपारण जिले के प्रभारी जिलाधिकारी, श्री कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में 5 जून को एफ एस एस आई  भवन, रक्सौल के प्रांगण में ‘आयुष्मान सम्मेलन‘के सफल आयोजन के लिए संबंधित पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.


विदित हो कि दिनांक 5 जून को एफ एस एस आई भवन, रक्सौल के प्रांगण में माननीय केंद्रीय मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, डॉक्टर मनसुख मांडविया, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार, श्री मंगल पांडे, माननीय सांसद, श्री संजय जयसवाल जी का आगमन हो रहा है.‘आयुष्मान सम्मेलन‘के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि सभा स्थल पर आयुष्मान के सभी लाभार्थी को आशा कार्यकर्ता लाना सुनिश्चित करेंगी.सभा स्थल पर पीने की पानी की व्यवस्था, अग्निशामक दस्ता, एंबुलेंस, साफ-सफाई, विधि व्यवस्था दुरुस्त रखने हेतु उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए.


इस अवसर पर उप सचिव स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार, सिविल सर्जन, भूमि उप समाहर्ता मोतिहारी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार


प्रार्थना भवन में बजरंग बली का झंडा लहराया दिया

 


छपरा. इनदिनों वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का मसला पूरे देश की सुर्खियों में है.जमीन विवाद का ये मामला लोअर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचते हुए अब वाराणसी की जिला अदालत तक पहुंचा है. तमाम ऐतिहासिक दलीलें दी जा रही हैं.यहां तो कम से कम कोर्ट की निगरानी में मामला निपटाने का प्रयास हो रहा है.मगर बिहार में जोर जबर्दस्ती से मगाईडीह गांव में राधा प्रसाद नामक ईसाई व्यक्ति के नवनिर्मित प्रार्थना भवन में बजरंग बली का झंडा लहराया दिया है.यहां पर चार साल के बाद राधा प्रसाद प्रार्थना भवन बनाने में सफल हुआ है.हालांकि वह दस वर्षों से उक्त गांव में आवाजाही किया करता था.

बता दें कि इस समय छपरा जिला के सांसद बीजेपी के युवा नेता राजीव प्रताप प्रताप रूडी है जो कि 3 बार सांसद रहे हैं रूडी अटल सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं 2014 में जीतने के बाद पर मोदी सरकार में भी मंत्री बनाए गए थे हालांकि मंत्रिमंडल के फेरबदल में रूडी से मंत्री पद वापस ले लिया गया बे बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता है.उनके गृह क्षेत्र में मगाईडीह गांव है.यहां पर राधा प्रसाद नामक ईसाई व्यक्ति प्रार्थना भवन निर्माण कराये हैं.राधा प्रसाद कहते हैं कि गत 4 वर्षों से प्रार्थना भवन निर्माण करने में लगे हैं.इस प्रार्थना भवन में ही अनाथ बच्चों को रखा जाएगा.इसके अलावे युवतियों के सिलाई केंद्र खोलने का विचार था.ताकि युवतियों को स्वावलंबी बनाया जा सके.

आगे राधा प्रसाद कहते हैं कि 10 साल से मगाईडीह गांव में आते और जाते रहे हैं.लोगों के बीच में समाज सेवा कर रहे हैं.लोगों के बीच में बैठकर दुआ करते थे.यहां के लोग स्वेच्छा से आकर प्रार्थना करते थे. उन्होंने कहा कि मुश्किल से जीवन चला पाते हैं.तिनका जोड़-जोड़कर प्रथम स्थल तक प्रार्थना भवन बना सका हूं.इस बीच साजिश के तौर पर लोगों का कहना है कि सामाजिक कार्य करने के नाम पर राधा प्रसाद धर्म परिवर्तन करने में लगा है.शादी के समय में 51 हजार से एक लाख रू.लोगों को देता है.उसका कहना है कि यह सब मनगंढ़त है.पैसा है नहीं तो कहां से पैसा लाकर लोगों को पैसा दे सकता हूं. कोई मुझको भी पैसा दिला सके.

सामाजिक कार्य करने वाले राधा प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग आकर प्रार्थना भवन पर बजरंग बली का झंडा लहराया दिये.इसके बाद बजरंग बली की प्रतिमा स्थापित करने वाले हैं.कहते हैं कि असत्य कृत्य पर सत्य की विजयी प्राप्त करने के लिए छपरा के जिलाधिकारी,एसएसपी और थाना प्रभारी को आवेदन दिये हैं.धर्म परिवर्तन करवाने के नाम पर अफवाहों फैलाने वालों पर ध्यान न दें.वहीं मगाईडीह गांव के लोगों का कहना है कि तथाकथित लोग आंध्र प्रदेश से आकर प्रार्थना भवन बना रहे हैं.उनका कहना है कि क्रिश्चियन बहुल क्षेत्रों में प्रार्थना भवन (चर्च) होता है, हिंदू बहुल क्षेत्र में चर्च बनाकर सीधी बात है कि धर्म परिवर्तन कर आना इनका मकसद पूरा करेंगे.

अमन जयसवाल ने कहा कि जब राधा प्रसाद जीवन बहुत ही मुश्किल से चला पाते हैं,तो और इतनी जमीन लेकर चर्च का निर्माण करवा रहे हैं, इसके लिए पैसा कहाँ से आ रहा है! जिटा मस्कारेन्हास का कहना है कि ईसाई संगठन ने सभी जाति और पंथ के लोगों को सबसे अच्छी शिक्षा के साथ शिक्षित किया है.हर धर्म की संरचना में उनका धर्म होता है. यदि वह धर्म विशेष रूप से अपने धन को खर्च कर रहा है.उन्होंने कहा कि मेरे साथ अध्ययन करने वाले सभी हिंदू और मुस्लिम अपनी आवाज उठाते हैं और सच बोलते हैं. आज तक कैथोलिक कॉन्वेंट स्कूल के द्वारा लोगों को शिक्षा दी जा रही है.यहां तो मंत्री से अधिकारी के पुत्र पढ़ते हैं लेकिन ईसाई नहीं बने हैं.

मानसी सिंह का कहना है कि तुमको नहीं पता चर्च बन रहा है तो किस जाति का होगा! तुम लोग बहुत होशियार बनते हो. तुम्हारे जाति पर तो क्रिश्चियन लोग कोई रोक नहीं लगाते तुम फिर क्यों विरोध करते हो. दूसरे के जाति पर झूठा आरोप लगाते हो पैसा देते हैं मत ऐसा करो.ईश्वर देख रहा है कि तुम कितने सच बोल रहे हो और कितना झूठ का हिसाब परमेश्वर करेगा. इसलिए किसी के बहकावे में मत आओ.किसी के मजहब के बारे में इस तरह की बातें मत करो. ईश्वर इन्हें माफ कर यह नहीं जानते कि यह क्या कर रहे हैं यह हमारे पिता परमेश्वर की वाणी है आमीन.

वहीं रविंदर कुमार कहते हैं कि दूध पिया बच्चे हो की जैसे बोलता है वैसे कर रहे हो. जमीन खरीद कर बिल्डिंग रेडी हो गया. तब गाउण्ड के लोगों के साथ पत्रकार सो कर जागे हो.कानूनी रूप से चर्च का कोई गलती नही है. हर कोई अपने धर्म का प्रचार करते है. जबरदस्ती वाला मामला तो एक भी वीडियो में नहीं देखने को मिला. जब स्टार्ट हुआ था तब भी एक मीडिया वाले दिखाया था लेकिन कुछ नही हुआ बिलिंग रेडी भी हो गया.घनश्याम सिंह कहते हैं कि जमीन दिन पर दिन कम होती जा रही है, सरकार को अब धार्मिक स्थलों पर रोक लगाना चाहिए.वहीं रणदीप कुमार मोहंती कहते हैं कि हिंदुस्तान में एक ही जाति प्रमाण पत्र होना चाहिए जिसमें सिर्फ हिंदू लिखा गया ना की कोई जात नहीं तो हिंदू धर्म से इसी तरह सब कोई कन्वर्ट हो जाएगा फिर हिंदू के नाम पर ब्राह्मण पुंगी बजाएगा.अमीत कुमार ने कहा कि

दलित समाज के लोगों को बड़ा चिंता सता रहा है कि धर्म परिवर्तन कर रहा है.दलित समाज के लोगों के साथ एक्टर सिटी एक्ट होता है अत्याचार होता है उस समय बजरंग दल इत्यादि संगठन कहां मर जाते हैं!


आलोक कुमार

बुधवार, 1 जून 2022

प्रधानमंत्री योजना के तहत के बारे में भी बताया कि लेबर कार्ड बना


सुगौली. आश्रम अधीक्षक राकेश रंजन के द्वारा सुगौली प्रखंड स्थित दक्षिण शुभम पंचायत में छपवा चौक   पर श्रम संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया.जिसमें सैकड़ों की संख्या में असंगठित कामगार महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया. इस मौके पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुगौली रविंद्र भूषण प्रखंड जिला अध्यक्ष प्रदीप सर्राफ सीएससी अवधेश कुमार गुप्ता एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे आज इस विशेष शिविर में सैकड़ों महिला कामगारों एवं पुरुषों पुरुष कामगारों का आयुष्मान कार्ड बनवा कर वितरण किया गया साथ ही जिन निर्माण श्रमिकों का श्रम संसाधन विभाग से लेबर कार्ड बना हुआ है.

उनका आयुष्मान कार्ड बनवाया गया तथा उनके आसमान कार्ड का वितरण श्रम अधीक्षक के द्वारा किया गया श्रम अधीक्षक के द्वारा कैंप में उपस्थित सभी व्यक्तियों को श्रम पोर्टल पर निबंधन के फायदे के बारे में बताया गया श्रम अधीक्षक ने बताया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा असंगठित कामगारों का डेटाबेस तैयार करने के लिए लॉन्च किया गया था.16 वर्ष की आयु के सभी अधिकारों का निबंधन कराया जाना है. पूर्वी चंपारण कराने का लक्ष्य दिया गया था.तेरह लाख 55 हजार से अधिक का निबंधन कराया जा चुका है. उन्हें विशेष के माध्यम से कराने की प्रक्रिया की जा रही.


प्रधानमंत्री योजना के तहत के बारे में भी बताया कि लेबर कार्ड बना हुआ  है.  इससे उन्हें प्रतिवर्ष के चिकित्सा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में बताया सभी लोगों से अपील की कि 40 वर्ष की आयु के कामगार योजना से जुड़ कर अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसी भी कामगार को मासिक राशि जमा करनी होती है. जो उनकी उम्र के हिसाब से निर्धारित की गई है. जबकि 18 वर्ष की आयु के कामगार के लिए यह राशि ₹55 प्रतिमाह है.जबकि 29 वर्ष के कामगार के लिए ₹100 प्रतिमाह तथा 40 वर्ष के कामगार के लिए ₹200 प्रति माह इस प्रकार उदाहरण स्वरूप यदि एक 40 वर्ष का व्यक्ति इस पेंशन योजना से जोड़ता है.


तो 1 साल में उसे लगभग ₹24 प्रीमियम के रूप में जमा कराने होंगे होंगे और यदि वह 20 साल तक जमा कर आता है. तो ₹48000 उसे पूरी राशि 60 वर्ष की आयु तक जमा करानी होगी.उसके पश्चात ₹3000 प्रति माह के दर से उसको पेंशन का लाभ मिलेगा और वह जब तक जीवित रहेंगे तब तक उनको यह पेंशन आजीवन मिलता रहेगा. यदि उनकी मृत्यु हो जाती है और उनके आगे भी जीवित हैं. उनके आश्रित फैमिली पेंशन के रूप में 50  प्रतिशत जब तक जीवित रहेंगे तब तक मिलेगा.

इसके अलावा बिहार शताब्दी असंगठित क्षेत्र कामगार एवं सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि यदि असंगठित क्षेत्र के किसी कामगार या शिल्पकार की मृत्यु हो जाती है तो स्वाभाविक मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹30000 जबकि दुर्घटना मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹100000 की अनुदान राशि दी जाएगी. यदि किसी असंगठित कामगार या शिल्पकार के साथ दुर्घटना या बीमारी की वजह से स्थायी आंशिक अपंगता हो जाती है तो उन्हें ₹37500 जबकि स्थायी पूर्ण अपंगता की स्थिति में ₹75000 के अनुदान राशि दी जाएगी.

 उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से अपील की ऑन लोड किया कि विगत 1 वर्ष में यदि सुगौली प्रखंड के किसी पंचायत में किसी भी असंगठित कामगार या शिल्पकार की मृत्यु हुई है तो कृपया उसका आवेदन प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी आश्रम पूर्व अधिकारी के पास या जिला में श्रम अधीक्षक कार्यालय में जमा करा दें. इसके अलावा बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना 2008 के बारे में विस्तार से जानकारी दी.बिहार राज्य के बाहर काम करने जाते हैं और वहां उनकी दुर्घटना के पश्चात मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रित को ₹100000 के अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है साथ ही यदि दुर्घटना या बीमारी के पश्चात मानसिकता हो जाती है.स्थिति में बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया कि निर्माण श्रमिक हैं और अभी तक नहीं बन पाया है. कृपया अपना आवेदन और पीके जमा करा दें ताकि उनकी कार्रवाई की जा सके और योजनाओं का लाभ मिल सके.

आलोक कुमार 

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला में पुरस्कृत किया जाएगा

 

चकिया. चकिया अनुमंडल पदाधिकारी शंभू शरण पांडेय की अध्यक्षता में अनुमंडल क्षेत्र के सभी विकास मित्रों की बैठक आयोजित की गई.इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी श्री पाण्डेय ने कहा कि अनुमंडल क्षेत्र में जो  विकास मित्र बेहतर काम कर रहे हैं जिनका प्रदर्शन अच्छा है.जिन्होंने बाल विवाह व दहेज प्रथा को रोकने में भूमिका निभाया है उनको 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के  अवसर पर जिला में पुरस्कृत किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह इस अनुमंडल में नहीं होना चाहिए इसके लिए विकास मित्रों को सजग रहने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज की घटना रोकने के लिए आप लोग तत्पर रहें.  राशन और किरासन वितरण में गड़बड़ी हो रही हो उसको भी आपको देखना है.इस अवसर पर सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुरक्षा  कोषांग धीरज कुमार ने कहा कि सभी बैठकों में  प्रेम प्रसंग में पलायन होने की घटना और दुष्परिणाम को बताने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किशोरी समूह की बैठक, विद्यालयों में बाल संसद और मीना मंच की बैठक में खासकर लड़को को बताना जरूरी है कि लड़की तो बाल गृह जाकर छूट जाती है,  मगर लड़का को जेल जाना पड़ता है.जिस पर पोक्सो एक्ट भी लग जाता है जिसके कारण उसकी जीवन बर्बाद हो जाता है.

धीरज कुमार ने कहा कि सभी लोगों को जीवन प्रमाणीकरण कराना जरूरी है तभी उनका पेंशन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि 1 जून से वृद्ध लोगों के लिए 30 जून तक जीवन  प्रमाणीकरण के लिए  भौतिक सत्यापन की व्यवस्था शुरू की गई है विकास मित्र, सेविका कार्यपालक सहायक के द्वारा पहचान की जरूरत है.इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग , महिला एवं बाल विकास निगम, यूनिसेफ के सहयोग से सेव द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान प्रोजेक्ट के जिला समन्वयक हामिद रजा ने कहा कि राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 30 अप्रैल से 12 जून 2022 अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस बाल श्रम निषेध दिवस तक लगातार अपने क्षेत्र में बाल श्रम ,बाल विवाह और दहेज प्रथा  को रोकने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.इसी क्रम में मेहसी प्रखंड में 4 जून को और चकिया प्रखंड में 6 जून को किशोरी सशक्तिकरण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.जिसमें बच्चों के प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया जाएगा.

इस अवसर पर अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी शशांक चौबे  उड़ान प्रोजेक्ट के  कृष्णा कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, प्रखंड रामकुमार रंजन, संदीप कुमार, उपेंद्र राम, बिपिन कुमार, ध्रुप बैठा, सुमित्रा कुमारी सहित अनुमंडल क्षेत्र के सभी विकास मित्र बैठक में शामिल हुए.

आलोक कुमार

सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा

 


बेतिया. जिलाधिकारी द्वारा महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों पर कटाव/बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का किया गया निरीक्षण.पीओ, मनरेगा को तटबंध के किनारे सघन वृक्षारोपण कराने का दिया निर्देश.जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़/कटाव के मद्देनजर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है ताकि जान-माल की क्षति नहीं होने पाए. इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न जगहों पर कराये जा रहे सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा भी की जाती रही है.

 

इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा मझौलिया प्रखंड अंतर्गत सिकरहना नदी से प्रभावित होने वाले महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि महनवा एवं डुमरी में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है.परसा टोला, डुमरी में ललन यादव का घर एवं कुआं कटने को लेकर वहां पर सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. महनवा में कटाव निरोधी कार्य के निरीक्षण के क्रम में ग्रामीण खादिर के द्वारा बताया गया कि 60 फीट में बांस गिरा हुआ है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को तुरंत ठीक कराने का निर्देश दिया गया.

 कार्यपालक अभियंता, सिकरहना तटबंध, मोतिहारी द्वारा बताया गया कि गुदरा बिन टोली, महनवा में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. तुलाराम घाट पर सुरक्षात्मक कार्य दो दिनों के अंदर पूर्ण करा लिया जायेगा.बथना गांव के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि वहां मनरेगा से बांध का निर्माण कराया गया है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि यहां फ्लड फाइटिंग कार्य करना अत्यंत ही जरूरी है.  मनरेगा पीओ को निर्देश दिया गया कि नदी के किनारे सघन वृक्षारोपण का कार्य कराना सुनिश्चित किया जाए.

 जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिकटा रेलवे स्टेशन के समीप कटाव निरोधी कार्य अविलंब शुरू कराना सुनिश्चित करें. साथ ही झारमहुई में दो दिनों के अंदर सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ किया जाए.इस अवसर पर जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, मझौलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार


बेतिया. निर्माणाधीन सड़क में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 48 घंटे के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.अधीक्षण, अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को सड़क, पुल-पुलिया आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने का निर्देश.बैरिया प्रखंड अंतर्गत कादिर चौक से दीवान तकिया तक 765 मीटर लंबी निर्माणाधीन पथ में गड़बड़ी की सूचना स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन को दी गयी.ग्रामीणों द्वारा उक्त सड़क में गड़बड़ी को लेकर फोटोग्राफ आदि साक्ष्य भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराये हैं. प्रथम दृष्टया सड़क निर्माण में गड़बड़ी परिलक्षित हो रही है.

 

जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए समीक्षात्मक बैठक में अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को निर्माणाधीन उक्त सड़क की विधिवत जांच कर जांच प्रतिवेदन 48 घंटे के अंदर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. साथ ही दोषियों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा करने को भी निर्देशित किया गया है.जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया निर्देश दिया कि सड़क, पुल-पुलियां आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय. किसी भी सूरत में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों, कर्मियों एवं संवेदकों को बख्शा नहीं जायेगा.


आलोक कुमार

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