मंगलवार, 14 जून 2022

मुस्लिमों पर संगठित हमले के खिलाफ पटना में नागरिक प्रतिवाद मार्च

 पैगंबर मोहम्मद पर अभद्र टिप्पणी न केवल मुसलमानों बल्कि देश की बुनियाद व लोकतंत्र पर हमला है : दीपंकर भट्टाचार्य.फासीवादी बुलडोजर राज व मुस्लिमों पर संगठित हमले के खिलाफ पटना में नागरिक प्रतिवाद मार्च.राजद के प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता, सीपीएम के अरुण मिश्रा व कांग्रेस के शकील अहमद भी मार्च में हुए शामिल.16 जून को होगा राज्यव्यापी  नागरिक मार्च......

पटना.भाजपा प्रवक्ताओं द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई अभद्र अभद्र टिप्पणी, भाजपा-आरएसएस द्वारा मुस्लिमों के खिलाफ घृणा-नफरत व संगठित हमले तथा देश को फासीवादी बुलडोजर राज में धकेलने के खिलाफ आज पटना में नागरिक मार्च का आयोजन हुआ. यह मार्च आईएमए हॉल से निकलकर कारगिल चौक तक गया और फिर वहां पर एक सभा का आयोजन हुआ. मार्च में भाकपा-माले के महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य, राजद के प्रधान महासचिव श्री आलोक कुमार मेहता, सीपीएम के राज्य सचिव मंडल के सदस्य अरूण मिश्रा, कांग्रेस के विधायक शकील अहमद के साथ-साथ माले के सभी विधायक, आइसा-इनौस, एआइपीएफ, जसम आदि संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताआंे ने हिस्सा लिया. उक्त नेताओं के अलावा माले के राज्य सचिव कुणाल, खेग्रामस के महासचिव धीरेन्द्र झा, किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, केडी यादव, राजाराम, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, शशि यादव, मंजू प्रकाश आदि भी उपस्थित थे. संचालन एआइपीएफ के कमलेश शर्मा ने किया.

नागरिक मार्च के दौरान आफरीन फातिमा के घर पर बुलडोजर क्यों-जवाब दो, न्यायतंत्र पर बुलडोजर राज नहीं चलेगा, संविधान-लोकतंत्र को बुलडोज करना बंद करो, मुस्लिम युवकों पर हमले क्यों-जवाब दो, नागरिकता आंदोलन के कार्यकर्ताओं की प्रताड़ना बंद करो, सांप्रदायिक जहर उगलने वाली नुपूर शर्मा व नवीन कुमार जिंदल को गिरफ्तार करो-सजा दो, रांची पुलिस फायरिंग के दोषियों को गिरफ्तार करो आदि नारे लगा रहे थे.


माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं. विगत 15 दिनों से पूरे भारत व दुनिया में पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा प्रवक्ताओं नुपूर शर्मा व नवीन कुमार जिंदल द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के कारण हंगामा जारी है. जब दुनिया भर में इसका प्रतिवाद शुरू हुआ, उसकी कड़ी निंदा की जाने लगी, भारत के राजदूतों को फटकार लगाई गई, खाड़ी देशों से आर्थिक आमदनी बाधित होने की आशंका पैदा होने लगी, तब उन देशों को खुश करने के लिए भाजपा नेताओं ने कहा कि नुपूर शर्मा व नवीन कुमार जिंदल जैसे लोग फ्रिंज एलीमेंट हैं. उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.

लेकिन हम जानते हैं कि यह सरकार झूठ बोल रही है. ये लोग फ्रिंज नहीं भाजपा के कोर हैं. इसलिए सरकार सबसे पहले हिंदुस्तान की जनता को जवाब दे और ऐसे जहर फैलाने वाले लोगों को तत्काल गिरफ्तार करके उनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करे. पैगंबर मोहम्मद पर की गई अभद्र टिप्पणी केवल इस्लाम या मुसलमानों के खिलाफ नहीं बल्कि यह भारत की गंगा-जमुनी तहजीब, उसकी बुनियाद और हमारे संविधान पर चोट है. यह हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारा संविधान सभी धर्मों के बीच समन्वय की बात करता है.

आज उक्त घटना के खिलाफ पूरे देश में प्रतिवाद हो रहा है, लेकिन उसके प्रति सरकार का क्या रवैया है? झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं है लेकिन पुलिस पूरी तरह से भाजपा के कब्जे में है. दो मुस्लिम युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यूपी में जहां खुद भाजपा है, इलाहाबाद के प्रतिष्ठित सीएए विरोधी आंदोलन के नेता के घर को बुलडोज कर दिया गया. पूरे देश में मुस्लिम घरों को निशाना बनाया जा रहा है. आज देश में यह माहौल बनाया जा रहा है कि बोलोगे तो गोली से उड़ा देंगे, विरोध करोगे तो बुलडोजर से ढाह देंगे और यदि बच गए तो जेल में सड़ा देंगे. यह फासीवाद नहीं तो और क्या है? इसलिए आज इस खतरे को पहचानते हुए देश के प्रत्येक नागरिक को उठ खड़ा होना होगा और इसे संविधान व देश पर चोट समझते हुए निर्णायक लड़ाई के लिए कमर कस लेनी होगी.

राजद के प्रधान महासचिव आलोक मेहता ने कहा कि मोदी सरकार के 8 वर्ष हो गए. एक तरफ चरम महंगाई है, बेरोजगारी है और दूसरी ओर पूरे देश में सांप्रदायिक हमलों का विस्तार है. पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. पूरे देश के अंदर सांप्रदायिकता को फैलाने का काम किया जा रहा है. घटनाएं जिस प्रकार से घटित हो रही हैं, यह सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं हो सकती है. यह एक अतिवादी संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है, जिसका हम सब मिलजुलकर ही प्रतिरोध कर सकते हैं.

सीपीएम के अरूण मिश्रा ने कहा कि आज एक नई लड़ाई की जरूरत है. बुलडोजर की राजनीति ऐसी राजनीति है जिसमें न कोर्ट है न कानून है. जो भी भाजपा के खिलाफ है उसको बुलडोज कर दिया जा रहा है. आखिर यह भाजपा किस प्रकार का देश बना रही है? हमारे सामने आज कोई दूसरा रास्ता नहीं है कि हम सड़कों पर आएं, इन ताकतों का मुंहतोड़ मुकाबला करें और इसके लिए हम सबको एक साथ आना होगा.

आलोक कुमार

उन्माद का विरोध करने का निश्चय किया

 
कुढ़नी.मुजफ्फरपुर जिले में है कुढ़नी प्रखंड. इस प्रखंड में है एकता परिषद का कार्यक्षेत्र.यहां पर एकता परिषद की प्रखंड स्तरीय कमेटी कार्यशील है.इसका कार्यालय  सकरी सरैया में है. प्रखंड स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष शिवनाथ पासवान की अध्यक्षता में कार्यालय में बैठक की गयी. बैठक का संचालन वरिष्ठ साथी विजय गोरैया ने की.

बता दें कि पिछले दिनों जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय ध्यानाकर्षण धरना दिया गया था.इस बैठक में कार्यक्रम की समीक्षा की गयी.वर्तमान समय में देश में चल रहे धार्मिक उन्माद पर साथियों ने चिंता प्रकट की. इस तरह के उन्माद का विरोध करने का निश्चय किया गया.उन्माद का विरोध प्रखंड स्तरीय किया जाएगा. इस कार्यक्रम का विस्तार स्वरूप बाद में तय किया जाएगा.

बैठक में वरिष्ठ साथी विजय गोरैया का प्रस्ताव का पुरजोर ढंग से समर्थन किया गया. प्रस्ताव में कहा गया कि संगठन के द्वारा अभियान चलाकर शांति एवं सद्भाव का संदेश देने के लिए आम जनता की कलाई पर गांधी सूत्र बांधा जाएगा.इस अवसर पर उपस्थित साथियों ने गगनचुंबी नारा लगाया भी लगाया. गांधी के देश में घृणा हिंसा नहीं चलेगी ,नहीं चलेगी. एकता परिषद के उत्तर बिहार के संयोजक राम लखींद्र प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापित किया. इस बैठक में रामबाबू सहनी, मंगल कुमार ,विद्यानंद प्रसाद, प्रमिला देवी ,नगीना पंडित ,अरुण सिंह ,शंभू शाह ,राजेश कुमार, सभी ने अपने अपने विचार रखें.

आलोक कुमार


सोमवार, 13 जून 2022

.सोमवार को पटना में बिस्कोमान भवन के नजदीक प्रवर्तन निदेशालय के निकट कांग्रेस नेता धरना पर बैठे



पटना.बिहार के विभिन्न जगहों पर धरना दिया गया.नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को ईडी के समन के विरोध में कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन हो रहा है. बिहार कांग्रेस के नेता भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बने हैं.सोमवार को पटना में बिस्कोमान भवन के नजदीक प्रवर्तन निदेशालय के निकट कांग्रेस नेता धरना पर बैठे.जिसका नेतृत्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा कर रहे हैं.प्रदेश नेतृत्व ने पूर्व में ऐलान कर दिया था कि जितने वक्त तक ईडी राहुल गांधी को पूछताछ के लिए कार्यालय में रोकेगी, कांग्रेस का धरना उतने वक्त तक जारी रहेगा.

सोमवार की सुबह की कांग्रेस नेता ईडी दफ्तर पहुंच गए और उन्होंने यहां धरना प्रारंभ किया. नेताओं के आरोप हैं कि केंद्र की मोदी सरकार ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों के जरिए अपने विरोधियों पर शिकंजा कसने चाहती है. राहुल गांधी पूरे देश में घूम-घूमकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ हमलावर हैं. इस वजह से पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अध्यक्ष सोनिया गांधी को परेशान किया जा रहा है. पटना में आयोजित धरना में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद, मदन मोहन झा, कौकब कादरी, श्याम सुंदर सिंह धीरज, महिला कांग्रेस नेत्री अमिता भूषण समेत पार्टी के सभी कोषांग के अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हैं.                                          

आलोक कुमार

बिहार विधान परिषद के सात सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया


पटना.बिहार विधान परिषद के सात सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया है. बिहार विधानसभा में विधानसभा के सचिव ने निर्वाचित होने का सभी को सर्टिफिकेट दे दिया है.बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए दालिख किये गये सातों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाये गये हैं. शुक्रवार को इनके नामांकन पत्रों की जांच हुई. इससे यह तय हो गया था कि सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित होंगे.नामांकन प्रक्रिया के अंतर्गत नाम वापसी की अंतिम तिथि सोमवार 13 जून है.विधायक कोटे से सात सीटों के लिए हो रहे चुनाव में उम्मीदवार भी सात ही हैं. इसलिए मतदान की जरूरत नहीं हुई. इन सातों में तीन अशोक कुमार पांडेय, मुन्नी रजक और कारी सोहेब राजद से, दो -आफाक अहमद खान और रवींद्र प्रसाद सिंह जदयू से तथा दो हरि सहनी और अनिल शर्मा भाजपा से हैं.इन सदस्यों का कार्यकाल 22 जुलाई से अगले छह साल के लिए मान्य होगा. 

बता दें कि विधान परिषद की सात सीटें रिक्त हो रही हैं. जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है उनमें मो. कमर आलम, गुलाम रसूल, अर्जुन सहनी, रोजिना नाजिश, रणविजय सिंह, सीपी सिन्हा और मुकेश सहनी हैं. इन सभी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है.

 2-2 सीटों पर जेडीयू-बीजेपी के एमएलसी हैं तो वहीं आरजेडी के तीन एमएलसी का निर्विरोध चुनाव हुआ है.भारतीय जनता पार्टी ने अनिल शर्मा और हरि सहनी को अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं, जेडीयू ने अफाक अहमद खान और रविंद्र प्रसाद सिंह को एमएलसी प्रत्याशी बनाया था.राजद ने अशोक कुमार पांडेय, मुन्नी रजक और कारी सोहेब को एमएलसी प्रत्याशी बनाया था.  इन सभी का निर्विरोध चुन लिया गया है.हालांकि विधान परिषद के लिए आठवें उम्मीदवा का नाम मैदान में नहीं आया जिसके चलते चुनाव की नौबत नहीं आई. एनडीए के चारों प्रत्याशी को जीत हासिल हुई.

भाजपा की ओर से हरि सहनी और अनिल शर्मा निर्विरोध चुनाव जीत लिया है. दोनों प्रत्याशियों ने निर्विरोध जीत के बाद सर्टिफिकेट हासिल किया. जदयू की ओर से 2 प्रत्याशी मैदान में उतारे गए थे. रविंद्र सिंह और अफाक अहमद मैदान में थे. दोनों प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीत गए और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया है. मौके पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, विजय चैधरी और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद मौजूद थे.ष्जीत के लिए सभी का धन्यवाद. हम अपने वर्ग के लोगों के लिए आवाज उठाते रहेंगे. पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसका निर्वहन करेंगे.-हरि सहनी, नवनियुक्त एमएलसी

कपड़े धोकर गुजारा करने वाली मुन्नी देवी को टिकट मिलने के बाद लालू प्रसाद की सबने तारीफ की थी और उन्हें गरीब गुरबों का मसीहा बताया था. वहीं टिकट मिलने के बाद मुन्नी रजक ने कहा कि लालू प्रसाद परिवारवाद नहीं दलितवाद करते हैं. आरजेडी एमएलसी मुन्नी देवी किसी परिपक्व नेता की तरह एक के बाद एक बयान देकर चर्चा में बनी रही.मुन्नी देवी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जाति से नहीं काम से भी धोबी है. सदन में सांप्रदायिक ताकतों को पटक-पटक कर धोएगी.

तहे दिल से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं. पार्टी की ओर से जो भी मुझे जिम्मेदारी मिलेगी उसका मैं ईमानदारी से निर्वहन करुंगा.- अनिल शर्मा,  सातों प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने के बाद बिहार विधान परिषद में 75 सदस्यों में जेडीयू सदस्यों की संख्या 25 हो गई है. वहीं बीजेपी के सदस्यों की संख्या 23 और आरजेडी अब तीसरा सबसे बड़ा दल बन चुका है. उसके सदस्यों की संख्या 14 हो गई है. उसके अलावा कांग्रेस के 4, सीपीआई के 2, हम और आरएलजेडी एक और निर्दलीय 5 सदस्य हैं.

बिहार विधान परिषद में कुल सदस्यों की संख्या 75 है, जिनमें विधायकों द्वारा निर्वाचित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या 27 है. इसी 27 में से सात सीटें 21 जुलाई को रिक्त हो रही हैं. विधान परिषद में इसके अलावा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी छह-छह यानी कुल 12 सदस्य चुन कर आते हैं. वहीं, स्थानीय निकायों से 24 और विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता रखने वाले 12 सदस्यों को राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया जाता है.

आलोक कुमार




                       


एक सेशन में लगभग 250 लोगों को चिन्हित कर किया जाए

  


सीतामढ़ी.’जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. जिसमें जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी द्वारा भाग लिया गया. वही अनुमंडल एवं प्रखंड/अंचल स्तरीय पदाधिकारी द्वारा इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया गया.

जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में चल रही मुख्य योजनाओं तथा क्रियाकलापों की समीक्षा एवं इससे संबंधित विभागों का दूसरे विभागों से समन्वय में हो रही कठिनाइयों का समीक्षा किया गया.तथा समन्वय स्थापित करने के लिए जिला पदाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया. मुख्यतः स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज, पथ प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना, क्षेत्रीय अभियंत्रण संगठन के विकासात्मक कार्यों की एवं बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा की गई. समीक्षा के क्रम में स्वास्थ विभाग को निर्देश दिया गया कि कोरोना तेजी से बढ़ रहा है. जिसे लेकर वैक्सीनेशन का कार्य प्रत्येक पंचायत में किया जाए. साथ ही टीम बनाकर कोरोना की जांच एक सेशन में लगभग 250 लोगों को चिन्हित कर किया जाए.

साथ ही नल जल योजना में प्रखंडवार समीक्षा की गयी जिसमे  बिजली कनेक्शन , कार्य अपूर्ण, साथ ही पीएचडी से नल जल योजना में अनियमितता पाये जाने पर नल जल योजना से संबंधित सभी योजनाओं को एक सप्ताह के अंदर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. वही अमृत सरोवर योजना की समीक्षा के क्रम में सभी 42 योजनाओ की शुरुआत की गयी ह.ैं जिसे जिला पदाधिकारी द्वारा तीन दिनों के अंदर मानव बल बढ़ाकर कार्यपूर्ण करने का निर्देश दिया गया. सभी अंचलाधिकारी को शुक्रवार को कैंप लगाकर म्यूटेशन कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया साथ ही संबंधित डीसीएलआर को म्यूटेशन एंट्री की जांच करने का निर्देश दिया गया. जिले के विभिन्न प्रखंडों में सरकार के योजनाओं से संबंधित भवन निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गयी. एवं जल्द से जमीन की उपलब्धता कराने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया.

वही कब्रिस्तान घेराबंदी, मंदिर की चारदीवारी, से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन जल्द से जल्द करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. प्रखण्ड स्तर पर लग रहे कैम्प में दिव्यांग लोगों का आधार सत्यापन करना सुनिश्चित करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में विरतण किये गये पोषाक राशि प्राप्ति की जाँच एवं बच्चों को पोषाक पहनकर कर ही आये. इसके लिये प्रेरित करना सुनिश्चित करें. आरटीपीएस माध्यम एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त पब्लिक पिटीशन को सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी ससमय निष्पादित करना सुनिश्चित करें. पंचायतों में कैंप लगाकर वहां के लोगों के लंबित कार्यों का निष्पादन करें। पंचायत स्तरीय पदाधिकारी व कर्मी के कार्य में लापरवाही बरते जाने पर कार्रवाई करते हुए मुख्यालय को सूचित करें.

वही बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता बागमती प्रमंडल को निर्देश दिया कि तटबंधों के रख रखाव एवं मरम्मत के लिए बालू भरे बोरो की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. तटबंधों की 24 घंटे  निगरानी के लिए जल निशरण के अभियंता को मानव बल प्रतिनियुक्ति करते हुए पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया गया. उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, अपर समाहर्ता कृष्ण प्रसाद गुप्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी महेश कुमार दास, जिला परिवहन पदाधिकारी रविंद्र नाथ गुप्ता, ओएसडी प्रशांत कुमार जिला विकास प्रशाखा प्रभारी पदाधिकारी विजय कुमार पांडे, के साथ सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.                                          

आलोक कुमार

पटना एम्स में उसकी डिलीवरी ऑपरेशन के जरिए हुई


खगौल.इसे क्या कहेंगे! जहां पर डॉक्टर पूजा कुमारी ने एक साल की ट्रेनिंग ले चुकी है वहीं पर डॉक्टर पूजा लापरवाही की शिकार हो गयी.14 सितंबर 2021 को पटना एम्स में उसकी डिलीवरी ऑपरेशन के जरिए हुई थी.एम्स के संबंधित विभाग की एचओडी और डीन डॉ हिमानी और उनकी टीम ने डॉक्टर पूजा नामक महिला मरीज की डिलीवरी कराई थी. ऑपरेशन के 15 दिन बाद ही टांका पक गया तो एम्स दिखाने के लिए पूजा दोबारा आई थी. इस पर डॉ हिमानी ने फटकार लगाते हुए कहा था कि लापरवाही की वजह से टांका पक गया.                              

फिलहाल डॉक्टर पूजा मसौढ़ी में मेडिकल ऑफिसर है.डॉक्टर पूजा कुमारी को पटना एम्स में ऑपरेशन के नौ महीने बाद जब पेट में दर्द उठा तो अल्ट्रा साउन्ड कराया गया. पता चला कि जहां पर डिलीवरी कराई थी वहां पर लापरवाही से ऑपरेशन के क्रम में एक महिला मरीज के पेट में ही रूई (कॉटन) छोड़ दिया गया. खास बात ये है कि पीड़िता भी मेडिकल लाइन से है और एम्स के गैस्ट्रो विभाग में इंटर्नशिप कर चुकी है.

एम्स के संबंधित विभाग की एचओडी और डीन डॉ हिमानी और उनकी टीम ने महिला मरीज की डिलीवरी कराई थी. ऑपरेशन के 15 दिन बाद ही टांका पक गया तो एम्स दिखाने के लिए पूजा दोबारा आई थी. इस पर डॉ हिमानी ने फटकार लगाते हुए कहा था कि लापरवाही की वजह से टांका पक गया.जहां जांच में पेट के अंदर रूई होने की बात सामने आई.जब परेशानी हुई तो टांका टूटने लगा और जब टांका टूटा तो उसे एम्स में फिर से दिखाया और फिर से टांका बांधकर एक पाइप लगा दिया गया.डॉक्टर पूजा के मुताबिक टांका टूट गया और फिर जब अल्ट्रासाउंड किया गया तो प्रॉब्लम नजर आई. पीड़िता डॉक्टर पूजा ने बताया कि एम्स की यह पांचवीं लापरवाही सामने आई है. पीड़ित महिला डॉ. पूजा कुमारी के मुताबिक, जब वह इसकी शिकायत करने एम्स गई तो वहां उसके साथ मारपीट की गई.इस मामले में पटना एम्स की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

एम्स की डॉ. हिमाली ने कहा कि महिला यहां आकर हंगामा और गाली गलौज कर रही थी. साथी गार्ड को भी पीट रही थी. इसको लेकर फुलवारीशरीफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. पेट में रुई छोड़ने की बात पर कहा कि ऑपरेशन के वक्त मरीज की हालत गंभीर थी. किसी तरह उसकी जान बचाई गई.गायनो विभाग की एचओडी समेत अन्य डॉक्टरों के खिलाफ फुलवारीशरीफ उसने थाने में शिकायत की है.

एम्स पटना के डॉक्टरों की लापरवाही का शिकार हुई डा. पूजा कुमारी की सर्जरी रविवार को राजधानी के निजी अस्पताल में हुई. डाक्टरों की टीम ने तीन घंटे सर्जरी कर पेट से 12 इंच लंबा गाज का टुकड़ा निकाला. सर्जरी के दौरान डाक्टर गाज के टुकड़े से ही खून पोछते हैं. देर शाम तक पीड़िता बेहोश थी और उसका नौ माह का मासूम बच्चा हास्पिटल के कमरे में बिलख रहा था. पीड़िता की बहन ने बेहोश मां और बच्चे के बिलखने का वीडियो इंटरनेट मीडिया से साझा किया. नौ माह से पेट में पड़े इस गाज के टुकड़े से हुए संक्रमण के कारण यूरीनरी ट्रैक्ट में संक्रमण के साथ बच्चेदानी में सुराख हो गया है. इससे पीड़िता दूसरी बार मातृत्व सुख से वंचित हो सकती है. एम्स प्रबंधन में अभी कोई वरीय अधिकारी नहीं है, सोमवार को इस बाबत जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है.                                        


आलोक कुमार


 

सीतामढ़ी.’जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. जिसमें जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी द्वारा भाग लिया गया. वही अनुमंडल एवं प्रखंड/अंचल स्तरीय पदाधिकारी द्वारा इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया गया.

जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में चल रही मुख्य योजनाओं तथा क्रियाकलापों की समीक्षा एवं इससे संबंधित विभागों का दूसरे विभागों से समन्वय में हो रही कठिनाइयों का समीक्षा किया गया.तथा समन्वय स्थापित करने के लिए जिला पदाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया. मुख्यतः स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज, पथ प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना, क्षेत्रीय अभियंत्रण संगठन के विकासात्मक कार्यों की एवं बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा की गई. समीक्षा के क्रम में स्वास्थ विभाग को निर्देश दिया गया कि कोरोना तेजी से बढ़ रहा है. जिसे लेकर वैक्सीनेशन का कार्य प्रत्येक पंचायत में किया जाए. साथ ही टीम बनाकर कोरोना की जांच एक सेशन में लगभग 250 लोगों को चिन्हित कर किया जाए.


साथ ही नल जल योजना में प्रखंडवार समीक्षा की गयी जिसमे  बिजली कनेक्शन , कार्य अपूर्ण, साथ ही पीएचडी से नल जल योजना में अनियमितता पाये जाने पर नल जल योजना से संबंधित सभी योजनाओं को एक सप्ताह के अंदर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. वही अमृत सरोवर योजना की समीक्षा के क्रम में सभी 42 योजनाओ की शुरुआत की गयी ह.ैं जिसे जिला पदाधिकारी द्वारा तीन दिनों के अंदर मानव बल बढ़ाकर कार्यपूर्ण करने का निर्देश दिया गया. सभी अंचलाधिकारी को शुक्रवार को कैंप लगाकर म्यूटेशन कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया साथ ही संबंधित डीसीएलआर को म्यूटेशन एंट्री की जांच करने का निर्देश दिया गया. जिले के विभिन्न प्रखंडों में सरकार के योजनाओं से संबंधित भवन निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गयी. एवं जल्द से जमीन की उपलब्धता कराने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया.


वही कब्रिस्तान घेराबंदी, मंदिर की चारदीवारी, से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन जल्द से जल्द करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. प्रखण्ड स्तर पर लग रहे कैम्प में दिव्यांग लोगों का आधार सत्यापन करना सुनिश्चित करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में विरतण किये गये पोषाक राशि प्राप्ति की जाँच एवं बच्चों को पोषाक पहनकर कर ही आये. इसके लिये प्रेरित करना सुनिश्चित करें. आरटीपीएस माध्यम एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त पब्लिक पिटीशन को सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी ससमय निष्पादित करना सुनिश्चित करें. पंचायतों में कैंप लगाकर वहां के लोगों के लंबित कार्यों का निष्पादन करें। पंचायत स्तरीय पदाधिकारी व कर्मी के कार्य में लापरवाही बरते जाने पर कार्रवाई करते हुए मुख्यालय को सूचित करें.


 वही बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता बागमती प्रमंडल को निर्देश दिया कि तटबंधों के रख रखाव एवं मरम्मत के लिए बालू भरे बोरो की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. तटबंधों की 24 घंटे  निगरानी के लिए जल निशरण के अभियंता को मानव बल प्रतिनियुक्ति करते हुए पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया गया. उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, अपर समाहर्ता कृष्ण प्रसाद गुप्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी महेश कुमार दास, जिला परिवहन पदाधिकारी रविंद्र नाथ गुप्ता, ओएसडी प्रशांत कुमार जिला विकास प्रशाखा प्रभारी पदाधिकारी विजय कुमार पांडे, के साथ सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.                                          


आलोक कुमार

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