शनिवार, 10 सितंबर 2022

बिहार में अगले महीने नगर निकाय चुनाव

 

पटना.बिहार में अगले महीने नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव लड़ने के लिए मेयर-डिप्टी मेयर से लेकर पार्षद तक का नामांकन शुल्क तय कर दिया गया है.बिहार में नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर के नामांकन के वक्त उम्मीदवारों को 4000 रुपये जमा कराने होंगे. वहीं, पंचायत पार्षदों के लिए यह राशि 200 से 400 रुपये तय की गई है। अलग-अलग श्रेणी और निकायों के लिए अलग-अलग शुल्क और जरूरी कागजातों के प्रावधान किए गए हैं.

बिहार के नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के अनारक्षित पदों पर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को 4000 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि आरक्षित पदों के लिए यह राशि 2000 रुपये है.नगर निगम के वार्ड पार्षदों के लिए यह राशि एक हजार रुपये और दो हजार रुपये तय की गई है. इसी तरह नगर परिषदों में  मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षदों के अनारक्षित पदों पर नामांकन के लिए 2000 रुपये देने होंगे, जबकि आरक्षित पदों के लिए 1000 रुपये निर्धारित हैं. नगर परिषद के सभी वार्ड पार्षदों के लिए 1000 रुपये की नामांकन राशि तय हुई है.

वहीं, नगर पंचायतों मे मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षदों के अनारक्षित पदों के लिए 800 रुपये नामांकन राशि होगी. आरक्षित पदों पर मुख्य पार्षद उम्मीदवारों को 500 और उप मुख्य पार्षदों को 400 रुपये जमा कराने होंगे. नगर पंचायत के वार्ड पार्षदों में अनारक्षित पदों के लिए 400 रुपये और आरक्षित पदों पर 200 रुपये नामांकन राशि निर्धारित की गई है.

निकाय चुनाव में नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवारों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। इनमें नाम निर्देशक पत्र, मतदाता होने का घोषणा पत्र, शपथ पत्र, बायोडाटा, नाजिर रसीद और नगर निकाय का नोड्यूज प्रमाण पत्र शामिल है.

आलोक कुमार

कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की प्रशासिका बिहारी नहीं बन पाए

 पटना.बिहार में संचालित संस्था मेडिकल मिशन सिस्टर्स में बिहारी सिस्टरों का अकाल है.संस्था मेडिकल मिशन सिस्टर्स के द्वारा कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल संचालित है.यहां पर केवल नर्सेज बनाया जाता है.इसके प्रभाव से कोई सिस्टर बनना नहीं चाहते हैं. इसके कारण 83 सालों में कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की प्रशासिका बिहारी नहीं बन पाए हैं.            

मेडिकल मिशन सिस्टर्स द्वारा संचालित है कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल.1939 में पादरी की हवेली पटना सिटी में मेडिकल मिशन सिस्टर्स के द्वारा लघु हॉस्पिटल खोला गया.यहां 1948 मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना से पहले मदर टेरेसा ने बुनियादी चिकित्सा प्रशिक्षण प्राप्त किया.आज मदर टेरेसा संत बन गयी हैं.संत मदर टेरेसा से प्रार्थना है कि 1939 से 2022 तक के इन 83 सालों में अविभाजित बिहार और 15 नवंबर 2000 में विभाजित बिहार से किसी को हॉस्पिटल की प्रशासिका नहीं बनायी गयी हैं.हम तुझसे प्रार्थना करते हैं कि निकट भविष्य में किसी बिहारी को हॉस्पिटल की प्रशासिका बनाने में सहायक बने.

बताते चले कि होली फैमिली हॉस्पिटल की शुरुआत 1939 में पटना सिटी में मेडिकल मिशन सिस्टर्स द्वारा की गई थी.मेडिकल मिशन सिस्टर्स की सिस्टर लूसी कुन्नथानम हॉस्पिटल की प्रशासिका बनी.उसके बाद सिस्टर जोन मथाइकल हॉस्पिटल की प्रशासिका बनी. उनके बाद सिस्टर ग्रेस की ताजपोशी प्रशासिका के रूप में हुई.उनके बाद पुनः सिस्टर जोन मथाइकल हॉस्पिटल की प्रशासिका बनी.यह बता दें कि सिस्टर लुसिया ई.प्रशासिका बनने वाली थी.परंतु सर्वेश्वर को मंजूर न था.सिस्टर लुसिया का निधन हो गया.तब सोशल वर्क में डिग्री हासिल करने वाली सिस्टर जुलियाना डिकुन्हा की ताजपोशी प्रशासिका के रूप में की गयी.यहां बता दें कि झारखंड में स्थित होली फैमिली अस्पताल,मांडर की  प्रशासिका सिस्टर जोन मथाइकल हॉस्पिटल की प्रशासिका थीं.उन्हें वहां  से पटना लाने के लिए हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स करने वाली झारखंड की सिस्टर अनातासिया टेटे को झारखंड में स्थित होली फैमिली अस्पताल,मांडर की  प्रशासिका बनायी गयी.इस समय मेडिकल मिशन सिस्टर्स के रीजनल सुपेरियर सिस्टर अनातासिया टेटे हैं.अब यह संभव नहीं है कि सिस्टर अनातासिया टेटे प्रशासिका बन सके.

बता दें कि रांची महाधर्मप्रांत में 1955 से होली फैमिली अस्पताल मांडर संचालित है.जब 60 साल का था तब 7 नवम्बर 2015 को कॉन्स्टंट लीवन्स अस्पताल और शोध संस्थान (नया नाम) मिला. सीबीसीआई सोसायटी मेडिकल एडुकेशन, नौर्थ इंडिया ने अपने हाथ में ले लिया है.झारखंड में स्थित होली फैमिली अस्पताल,मांडर के एक कोने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है.उसी तरह 2000 में मेडिकल मिशन सिस्टर्स (एमएमएस) ने सिस्टर्स ऑफ चौरिटी ऑफ नाज़रेथ (एससीएन) को एमएमएस के साथ संयुक्त रूप से अस्पताल का प्रबंधन करने के लिए आमंत्रित किया गया.जो 22 सालों से मिलकर चला रहे हैं.हर पांच साल के बाद प्रशासिका बदल जाती है.

पिछले 83 वर्षों में मेडिकल मिशन सिस्टर्स ने हमारी दुनिया में लाखों लोगों की देखभाल और करुणा की पेशकश की है.जैसे-जैसे समय और जरूरतें विकसित हुई हैं, वैसे-वैसे हमारा ध्यान मिशन पर भी है - उपचारात्मक से लेकर निवारक तक, प्रोत्साहन देने के लिए, समुदाय-आधारित, समग्र स्वास्थ्य देखभाल तक.कुर्जी होली फैमिली अस्पताल 19 नवंबर, 1958 को एक वास्तविकता बन गया और लगातार विस्तार और है आज तक 300 बिस्तरों वाला अस्पताल.वर्ष 2000 से, अस्पताल का प्रबंधन एक शासी निकाय द्वारा मेडिकल मिशन सिस्टर्स एंड सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ नाजरेथ द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है.

हर पांच साल के बाद मेडिकल मिशन सिस्टर्स की सिस्टर जुलियाना डिकुन्हा प्रशासिका बदल गयी.अब सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ नाजरेथ की सिस्टर प्रिंसी मैथ्यू, कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की प्रशासक हैं. वह सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ नाजरेथ की सदस्य हैं. शेफ ने कर्नाटक के फादर मुलर मेडिकल कॉलेज मैंगलोर से हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स पूरा किया है और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर और होली फैमिली हॉस्पिटल, दिल्ली में इंटर्नशिप की है.

उन्होंने फादर मुलर मेडिकल कॉलेज मैंगलोर, कर्नाटक में पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल पटना में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी किया है.

उन्हें दो साल तक कुर्जी होली फैमिली अस्पताल पटना में गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) के प्रभारी होने का भी अनुभव है. उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बख्तियारपुर में दो साल तक स्टाफ प्रभारी के रूप में कार्य किया.उन्हें 1 सितंबर 2018 को कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल पटना में प्रशासनिक समन्वयक के रूप में नियुक्त किया गया था, 1 मार्च 2019 से एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर बनीं और 1 सितंबर 2022 से प्रशासक बनीं.

सीनियर प्रिंसी समग्र देखभाल प्रदान करने और बिना किसी भेदभाव के चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता वाले सभी लोगों तक पहुंचने की इच्छुक हैं.


आलोक कुमार


स्कीम वर्कर की सवाल पर मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है- सरोज चौबे

  महंगाई, बेरोजगारी, स्कीम वर्कर की मांग को लेकर ऐपवा ने निकाला महंगाई विरोधी महिला मार्च. महंगाई, बेरोजगारी, स्कीम वर्कर की सवाल पर मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है- सरोज चौबे.गरीबो की आवाज पप्पू खान को झूठे मुकदमे में फ़साने वाले डीएसपी और मनीगाछी सीओ पर करवाई करे सरकार - शशि यादव..


दरभंगा.मंहगाई पर रोक लगाओ,रसोई गैस, पेट्रोल,डीजल, खाद्य वस्तुओं के दाम घटाओं, खाद्य पदार्थों पर लगी जीएसटी वापस लेने, रजवाड़ा कांड की उच्चस्तरीय जांच करवाने, माले नेता पप्पू खान सहित अन्य लोगों पर से झूठा मुकदमा वापस लेने सहित अन्य मांग को लेकर ऐपवा के 8वां राज्य सम्मेलन के अवसर पर आज लहेरियासराय स्टेशन से मार्च निकाला गया.मार्च चट्टी चौक होते हुए, लहेरियासराय टावर होते हुए, हाजमा चौक होते हुए पुनः लहेरियासराय टावर पर आकर सभा मे तब्दील हो गया.

मार्च का नेतृत्व ऐपवा राज्य सचिव शशि यादव,ऐपवा राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे, ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, जिला अध्यक्ष साधना शर्मा, रानी सिंह, सबिता देवी, जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी ,आइसा नेत्री ओणम कुमारी, नीतू कुमारी रसोइया संघ के संतरा देवी,नीलम देवी, आरती देवी, ममता देवी सहित  कई लोग कर रहे थे.


लहेरियासराय टावर पर ऐपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य अध्यक्ष सह बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के राज्य महासचिव सरोज चौबे ने कहा कि आसमान छूती महंगाई से हर परिवार परेशान है रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल के दाम तो पहले से बढ़े हुए थे, खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगने से महंगाई और भी बढ़ गई है। महंगाई के इस आलम में रोजगार का हाल बेहाल है. पढ़े लिखे लड़के-लड़कियां हों या असंगठित क्षेत्र में रोजगार खोजने वाली महिलाएं हों किसी को भी ढंग का रोजगार नहीं मिल पा रहा है हाल ही में अग्निपथ योजना लाकर सेना का न सिर्फ निजीकरण किया जा रहा है अपितु देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है शिक्षा और स्वास्थ्य का हाल भी बदहाल है इसके खिलाफ मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है. श्रीमती चौबे ने कहा कि गैस का दाम हाफ करना चाहिए और महंगाई पर  रोक लगानी चाहिए.


इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य सचिव सह बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के राज्य अध्यक्ष शशि यादव ने कहा कि स्वयं सहायता समूह माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियों के कर जी की वजह से महिलाओं की हालत बहुत खराब हो जाती है खासकर लॉकडाउन में उनके अधिकारों के द्वारा किए गए अपमान की वजह से समस्तीपुर में एक परिवार के चार सदस्यों ने आत्महत्या तक कर लिया. स्कीम वर्करों की हालत तो और भी खराब है उनका शोषण सस्ते श्रम के रूप में किया जाता है कोरोना काल काल में उन्हें कोरोना वायरस तो कहा गया लेकिन उनका पारिश्रमिक नहीं दिया गया. मोदी राज्य में वे न तो कर्मचारी हैं न मजदूर. उनका आर्थिक दोहन जारी है आगे श्रीमती यादव ने आम-अवाम  से आह्वान किया कि इसके खिलाफ गांव गांव में महिलाओं को संगठित कर जनसंघर्ष को तेज कर जनविरोधी मोदी सरकार को हटा कर ही दम लिया जाएगा.

श्रीमती यादव ने कहा कि आज दरभंगा के डीएम एसएसपी मनमानी कर रहे है. गरीबो की आवाज उठाने वाले माले नेता पप्पू खान को झूठा मुकदमा में जेल में बंद कर गरीबो के आवाज को दबाना चाहती है. लेकिन पप्पू खान की गिरफ्तारी से गरीबो की आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि रजवाड़ा कांड की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा इस कांड के जिम्मेवार बेनीपुर डीएसपी व मनीगाछी सीओ पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई  करनी चाहिए.

    इस अवसर पर रानी शर्मा, कौशर खातून, जैबुल निशा, प्रियंका देवी, उजाला देवी, बसंती देवी, शोभा देवी, सुनीता देवी, कविता देवी, तारा देवी, मुन्नी देवी, मधु सिन्हा, जिनन्त प्रवीण, गुड़िया देवी, फूलों देवी, कौशर खातून, सहित कई लोग शामिल थे.

आलोक कुमार


गरीबों को वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उजाड़ने के विरोध

 पटना.राजधानी पटना के अदालत घाट, बाबू टोला में  दशकों से बसे ग़रीबों के झोपड़ियों को उजाड़ने का फरमान लेकर जब नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी ग़रीबों को जगह ख़ाली करने के लिए धमकाने पहुंचे तो जनता ने प्रतिरोध किया.

वहां के गरीबों की अपील पर भाकपा माले की एक टीम पार्टी के विधायक दल के नेता व पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य कॉमरेड महबूब आलम के नेतृत्व में पहुंच कर गरीबों को हाल जाना. कॉमरेड महबूब आलम ने  उनके घरों को उजाड़ने की धमकी देने वाले नगर निगम कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्रवाई पर ऐतराज जताया और कहा कि भाकपा माले लगातार गरीबों को वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना  उजाड़ने के विरोध में और गरीबों के पक्ष में डटकर खड़ी है, रहेगी.


झुग्गी वासियों ने पार्टी नेताओं के नेतृत्व में अशोक राजपथ को 20 मिनट तक  जाम रखा.कॉमरेड महबूब आलम ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर जिलाधिकारी से वार्ता होगी. इस बाबत सोमवार को आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है.

इस टीम में पटना टाउन कमेटी सदस्य और छात्र संगठन आइसा के राज्य सचिव कॉमरेड दिव्यम, पूर्व आइसा नेता मृणाल सहित बांकीपुर एरिया लीडिंग टीम के साथी पुनीत भी शामिल रहे.

झुग्गी निवासियों में मुख्यरूप से ख़लील शाह, रज़िया देवी, हुसैन शाह , मंजू देवी , राधिका देवी, राम विनय दास, वैजनाथ शर्मा , रूदल पासवान , पूकार पासवान समुद्री देवी , सुमित्रा देवी सहित अन्य सैकड़ों नागरिकों ने अपनी तकलीफों से पार्टी के साथियों को अवगत कराया.


आलोक कुमार


शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

बिहार में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी

 बिहार में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई.पत्रकारों से बात करते हुए निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह चुनाव तीन चरण में होगी . दो चरणों की तारीख घोषित कर दी गई है.जबकि तीसरे चरण की तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है. पहले चरण का चुनाव 10 अक्टूबर को होगा जिसकी गिनती 12 अक्टूबर को होगी. वहीं दूसरे चरण का मतदान 20 अक्टूबर को होगा जिसकी गिनती 22 अक्टूबर को होगी.इसको लेकर शुक्रवार को बिहार राज्य नगर पालिका आम निर्वाचन चुनाव 2022 की अधिसूचना जारी कर दी गई.

आलोक कुमार

जिला स्तरीय पदाधिकारी जनता दरबार

  बेन प्रखंड में आयोजित किया गया जनता दरबार.जिला पदाधिकारी ने लिया घूम-घूम कर लिया लोगों से आवेदन.विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी रहे मौके पर मौजूद.आवेदनों को यहीं किया गया डिजिटाइज्ड....


नालंदा. आज बेन प्रखंड के सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया. जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी जनता दरबार में रहे उपस्थित.

जिला पदाधिकारी ने जनता दरबार में आये लोगों के पास जा-जाकर लोगों की शिकायतें सुनीं तथा आवेदन पर संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया.

प्राप्त आवेदनों को यहीं डिजिटाइज्ड किया गया ताकि संबंधित विभागों को भेजकर इसका फॉलो अप किया जा सके.आज के आयोजित जनता दरबार में कुल 71 आवेदन प्राप्त हुए जो राजस्व,नल-जल,आंगनवाड़ी,पंचायत,लोक शिकायत निवारण,जमावंदी, सड़क निर्माण,आवास निर्माण,जमीन रसीद कटवाने इत्यादि से संबंधित थे.


आलोक कुमार

दहशत फैलाने के उद्देश्य से केंद्र के इशारे पर बिहार में एनआईए का पड़ रहा है छापा: माले

 दहशत फैलाने के उद्देश्य से केंद्र के इशारे पर बिहार में एनआईए का पड़ रहा है छापा: माले

महागठबंधन के दलों से अपील, केवल सीबीआई व आईडी पर ही नहीं एनआईए के छापे पर भी बोलें


पटना. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने पीएफआई व एसडीपीआई के संगठन से जुड़े लोगों के ठिकानों पर राज्य के विभिन्न जिलों में एनआईए द्वारा किए जा रहे छापे की निंदा की है. कहा कि यह केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा है. इसके जरिए भाजपा के लोग मुसलमानों के खिलाफ समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं और उन्हें आतंकवादी-देशद्रोही बताकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं, ताकि एक बार फिर से लोकसभा का चुनाव जीत सकें. यह पूरी कार्रवाई भाजपा के मिशन 2024 के तहत की जा रही है.

उन्होंने कहा कि हमने फुलवारीशरीफ घटनाक्रम में स्पष्ट तौर पर देखा कि किस प्रकार निर्दोष लोगों को टारगेट किया गया, उन्हें जेल भेज दिया गया और पूरे फुलवारी व मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई. एनआईए अब पूरे राज्य में दहशत फैला रहा है और आम लोगों के बीच मुस्लिम समुदाय की नकारात्मक छवि बना रहा है. इसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.

उन्होंने बिहार सरकार और महागठबंधन के दलों से अपील की है कि वे केवल राज्य में सीबीआई अथवा ईडी के पड़ने वाले छापों पर ही नहीं बोलें, बल्कि एनआईए के छापे पर भी बोलें. एनआईए की कार्यशैली पूरी तरह मनमानेपन की शिकार है. उनकी कार्रवाइयों का पता न तो स्थानीय प्रशासन को होता है और न ही वे छापे के पहले किसी प्रकार की सूचना पहले से दी जाती है. अचानक उनके द्वारा होने वाली छापे की कार्रवाइयों से लोगों में तरह-तरह के भ्रम बनते हैं. इसलिए बिहार सरकार को पहल लेते हुए एनआईए की ऐसी कार्रवाइयों पर रोक लगानी चाहिए.

भाकपा-माले ने उन सभी जिलों में अपने पार्टी संगठन को दिशा-निर्देश दिया है कि वे अविलंब एनआईए के छापे की रिपोर्ट राज्य कार्यालय में भेजें ताकि इस सवाल पर एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्यमंत्री से तत्काल मिलेंगे.


आलोक कुमार

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