गुरुवार, 22 सितंबर 2022

3.39 लाख लक्षित बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा

  19 सितंबर से 23 सितम्बर तक चलेगा पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान

 3.39 लाख लक्षित बच्चों  को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा

अभियान के दौरान कोविड टीकाकरण का सर्वे भी किया जायेगा

विशेष निगरानी टीम अभियान पर रहेगी नजर


किशनगंज .जिले में पांच दिन तक चलने वाले अंतरराज्य पल्स पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के द्वारा जिले के किशनगंज ग्रामीण प्रखंड के गाछपाड़ा स्थित हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर स्थित भवन  में  शिशुओं को पोलियो ड्रॉप पिलाकर किया गया. दूसरे चक्र का यह पल्स पोलियो अभियान 19 सितंबर से 23 सितंबर तक चलेगा.

सिविल सर्जन, डॉ कौशल किशोर ने कहा पोलियो की दो बूंद बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर रोग से बचाएगी।नवजात शिशुओं में विकलांगता होने के प्रमुख लक्षणों में से एक हैं पोलियो, जिससे ग्रसित होने पर शिशु उम्र भर के लिए लाचार हो जाता है.अभियान के तहत शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सफलतापूर्वक संपन्न करना पहली प्राथमिकता है. यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि अपने और समुदाय के पांच वर्ष से कम आयु के नौनिहालों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये अभियान को सार्थक कर पोलियो को जड़ से खत्म करें.विश्व में कहीं भी खास कर अगर पड़ोसी देशों में पोलियो का संक्रमण अगर चिन्हित होता है कि पोलियो वायरस के पुनः आने का खतरा बना हुआ रहता है. इसी खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है  और पल्स पोलियो अभियान चलाने का निर्णय लिया है.

वर्तमान में हमारे 2 पड़ोसी देशों अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में पोलियो मरीजों को चिन्हित किया गया है . इसे ध्यान में रखते हुए पल्स पोलियो अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वहां से आने वाले लोगों द्वारा यह भारत में भी फैल सकता है. इसलिए हमें सावधान रहना जरूरी है जिसके लिए अभियान चलाया जा रहा है.उन्होंने जिले के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोग अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये. उद्घाटन कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ मुनाजीम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ के के कश्यप, यूनिसेफ के एसएमसी एजाज अफजल ,प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अजय कुमार साह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.


जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार ने बताया की अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर जिला टास्क फोर्स और प्रखंड स्तर पर प्रखंड टास्क फोर्स बनाया गया है, जो पूरे अभियान की देखरेख करेंगे.वहीं,सभी दल कर्मियों के पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. पल्स पोलियो अभियान के दौरान मुख्य ट्रांजिट स्थलों बस-स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहों आदि जगहों पर प्रशिक्षित टीका कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जिससे वहां से गुजरने वाले सभी लक्षित बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए पोलियो की खुराक पिलाकर आच्छादित किया जाना है .अभियान के दौरान किसी भी परिस्थिति में किसी भी दूर दराज क्षेत्रों (ईंट  भट्ठा , प्रवासी एवं भ्रमणशील आबादी ) के बच्चे पोलियो खुराक से वंचित ना रह जाए इसके लिए विशेष निगरानी दल गठित किया गया है. ताकि शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो खुराक से आच्छादित किया जा सके. इस दौरान कोविड-19 के तहत बनाए गए सभी प्रोटोकॉल का पालन भी आवश्यक है.

सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर  ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के दौरान जिले के करीब 3 लाख 39 हजार बच्चों को दवा पिलाने के  लक्ष्य है.इसके लिए घर-घर जाकर दवा पिलाने के लिए जिले में 1052 टीम बनाई गई हैं.जिसमे कुल  2092 टीकाकर्मी के द्वारा कुल 3.64 लाख घरों में भ्रमण किया जाएगा. जिसके लिए कुल 927 हाउस टू हाउस टीम लगाई गई है.चौक-चौराहों पर भी दवा पिलाने के लिए जिले में 90 ट्रांजिट टीम बनाई गई है इसके अलावा बासा, ईंट भट्ठों व घुमंतू आबादी वाले क्षेत्रों में भी दवा की पहुंच बनाने के लिए 25 मोबाइल टीम तैयार की गई है. सभी टीम की निगरानी के लिए 315 सुपरवाइजर भी तैयार किए गए हैं. एक सुपरवाइजर द्वारा 3 टीम का निरीक्षण किया जाएगा.

आलोक कुमार

सोमवार, 19 सितंबर 2022

मेयर प्रत्याशी के समर्थन में हजारों हाथ उठे

पटना.पटना शहर बीजेपी का अभेद किला है. यहां के सभी विधानसभा और लोकसभा पर बीजेपी कब्जा है. मेयर भी बीजेपी समर्थित हैं.इस बार बदले राजनीतिक परिदृश्य में मेयर पद के साथ बीजेपी के गढ़ में सेंधमारी करने का प्रयास जारी है.पटना नगर निगम के निवर्तमान पार्षद सह डिप्टी मेयर रजनी देवी के पक्ष में बड़ी सभा वीणा सिनेमा  हॉल ,पटना जँक्शन  व दीघा-आशियाना रोड में अवस्थित शीश महल उत्सव हॉल में की गयी.जहां पर पटना नगर निगम के मेयर पद की प्रत्याशी रजनी देवी हैं. मेयर प्रत्याशी के समर्थन में हजारों हाथ उठे.

बता दें कि इस समय राजधानी पटना में चार विधानसभा क्षेत्र पड़ता है.जिस पर पटना शहरी क्षेत्र में आने वाले चारों विधानसभा कुम्हरार, दीघा, बांकीपुर और पटना साहिब में बीजेपी के विधायक है. यहां बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन. कुम्हरार विधायक अरुण सिन्हा, दीघा विधानसभा से संजीव चौरसिया ने जीत दर्ज की है. जबकि पटना साहिब से नदंकिशोर यादव विधायक हैं.वहीं लोकसभा के भी दोनों सीटों पर भी बीजेपी का कब्जा है यहां पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद ने दो बार सांसद रहे फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को 284657 वोटों से हरा दिया. पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के रामकृपाल यादव ने 39321 वोटों से चुनाव जीता है. रामकृपाल यादव ने लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को शिकस्त दी थी. इसके बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य में अब जब पहली बार कोई चुनाव हो रहा है तब बीजेपी को अपना गढ़ बचाने की चुनौती है.पिछले नगर निगम चुनाव की बात करें तो यहां के 75 वार्ड पार्षदों में 43 में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने जबकि जेडीयू के चार, कांग्रेस के दो और आरजेडी समर्थक 26 पार्षद चुनाव जीतने में कामयाब हुए थे.

पटना नगर निगम की प्रत्याशी रजनी देवी  के समर्थन में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि बदली राजनीतिक परिदृश्य में मौका का फायदा उठाना है.हमलोगों की जनसंख्या 85 प्रतिशत हैं.जनसंख्या के गुमान में नहीं रहना है.गुमान में रहने के कारण ही जनसंख्या 15 प्रतिशत राजभोग रह हैं.इस बार बूथ लेवल तक सजग रहना है.पहले मतदान तब जलपान के पथ पर चलना है.फस्ट अटैम में ही मतदाताओं के पास मतदाता पर्ची पहुंचा देना है.दबंगई को किनारा करके मतदाताओं को प्रणाम करके परिणाम भावी मेयर प्रत्याशी रजनी देवी के पक्ष में लाना है.

पटना नगर निगम के निवर्तमान पार्षद सह डिप्टी मेयर रजनी देवी के पक्ष में अभियान चलाने वाले पप्पू राय ने कहा कि पटना नगर निमम के द्वारा कॉरपोरेट के सहारे आउटसोर्सिंग से बहाली कर्मियों को की जाती है.एक सफाईकर्मी को निगम के द्वारा मासिक वेतन 18000 रुपये.दिया जाता है.आउटसोर्सिंग कर्मियों को हाथ में 9000 रू.दिया जाता है.वह भी 26 दिनों की उपस्थिति पर आधारित होता है.इस तरह का शोषण बंद करना होगा.उन्होंने खुलासा किया कि संपूर्ण देश में कूड़ा उठाने के एवज में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगता है.यहां पर प्रत्येक साल 360 रू.लगता है.मेयर बनने के बाद परिवर्तन होगा.अभियान चलाने वाले पप्पू राय ने कहा कि पटना नगर निगम के द्वारा सड़क किनारे दुकान सजाने वालों को खदेरा जाता है.ऐसे लोगों को स्थायी दुकान लगाने की व्यवस्था की जाएगी.

सुधीर कुमार,भाई धर्मेंद्र,प्रो.अशोक,कमलेश,बखेरा राय, अनिल,चंद्रशेखर राय,धनंजय कुमार यादव आदि विचार व्यक्त किये.नकटा दियारा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया ने अध्यक्षता की.

आलोक कुमार 

1 सप्ताह में पटना में डेढ़ सौ से अधिक डेंगू के मामले

 

पटना.कोरोना के खतरे के बीच पटना में डेंगू फीवर के मामले भी बढ़ने लगे हैं. पटना के पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एम्स , एनएमसीएच, कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल और कई निजी अस्पतालों में बीते 3 दिनों में 50 से अधिक मरीज एडमिट हो चुके हैं. आरएमआरआई  द्वारा पटना के विभिन्न स्थानों से डेढ़ सौ से अधिक डेंगू लार्वा का सैंपल जांच के लिए लिया गया है.

हालांकि एक तरफ जहां डेंगू के मामले पटना में तेजी से बढ़ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नगर निगम की तरफ से एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का कार्य गंभीरता पूर्वक नहीं हो रहा है. कई प्राइवेट पैथोलॉजी में भी काफी संख्या में डेंगू के मामले सामने आए हैं, ऐसे में अंदाज लगाया जा रहा है कि बीते 1 सप्ताह में पटना में डेढ़ सौ से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं.        

 पटना नगर निगम के वार्ड नं.22 A में रहने वाले थेओडोर तिर्की कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के वार्ड 1 सी में भर्ती है.वे गंगा विहार कॉलोनी में रहते हैं. पटना नगर निगम के निवर्तमान वार्ड पार्षद दिनेश कुमार के कार्यकाल में गंगा विहार कॉलोनी के रोड नंबर-2 के सम्पर्क पथ और गंदा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं कराया.जबकि सभी जनप्रतिनिधियों के पास पर्याप्त धनराशि विकास करवाने के लिए है.    

नगर निगम इन दिनों डिप्टी मेयर के चुनाव की तैयारियों को लेकर व्यस्त है और ऐसे में फॉगिंग और छिड़काव को लेकर गंभीरता से मॉनिटरिंग नहीं कर रहा है, जिस कारण आने वाले दिनों में इसका खामियाजा पटना वासियों को भुगतना पड़ सकता है.  

पटना जिला सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने बताया कि फाइलेरिया विभाग को जलजमाव वाले क्षेत्रों और जिन इलाकों में डेंगू मच्छर के लार्वा मिले हैं, वहां एंटी लार्वासाइड्स का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को स्थल चिन्हित कर सूची भिजवाई जा रही है, ताकि नियमित तौर पर उन इलाकों में फागिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा सके.  

बताते चलें कि पटना में जुलाई से अक्टूबर के बीच डेंगू का खतरा काफी ज्यादा रहता है और अभी के समय पटना के राम नगरी, मंदिरी, दीघा, ट्रांसपोर्ट नगर, चंद्रगुप्त नगर, शास्त्री नगर, गर्दनीबाग समेत और 15 क्षेत्रों में डेंगू के काफी अधिक मरीज मिले हैं.    

पटना नगर निगम के मेयर पद की प्रत्याशी रजनी देवी के प्रतिनिधि पप्पू राय ने दावा किया है कि कोरोना काल में जिस तरह से फागिंग कर कोरोना को मुट्ठी में किया गया है.उसी तरह डेंगू पर भी काम करने की जरूरत है. 18/09/2022 को वार्ड संख्या 27 में डेंगू से राहत बचाव के लिए भिन्न भिन्न स्थानों पर फागिंग करवाया गया निर्वतमान पार्षद रानी कुमारी सेवा ही हमारी एकमात्र धर्म है वार्ड संख्या 27 की जनता जिंदाबाद.

आलोक कुमार

वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान कई सवाल


चंडीगढ़.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में छात्राओं के तथाकथित वायरल एम एम एस वीडियो मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस के रवैये पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस कांड को तात्कालिक तौर पर दबाने या टालने की नीति नहीं अख्तियार की जानी चाहिए.

इस संदर्भ में ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी और अध्यक्ष इ.रति राव ने कहा कि इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान कई सवाल खड़े कर रहा है और  विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्राओं के अभिभावकों पर दबाव बना कर और विश्वविद्यालय बंद कर हॉस्टल खाली करवा कर मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई है. जबकि, जरूरत थी कि छात्राओं को न्याय मिले और  वीडियो वायरल होने की वजह से व्याप्त भय और असुरक्षा बोध से उन्हें मुक्त करने के लिए गंभीर प्रयास किया जाएं.

पंजाब विश्वविद्यालय की यह घटना इस बात की पुष्टि करता है कि छात्राओं के लिए पितृसत्तात्मक मूल्यों पर आधारित नियमों को लागू करना और हॉस्टल को कैदखाना बना देना छात्राओं की सुरक्षा की गारंटी नहीं है.किसी भी कार्यस्थल की तरह विश्वविद्यालय में भी एक स्वस्थ, खुला और लोकतांत्रिक माहौल  होना चाहिए ताकि लड़कियां निर्भीक और अपने अधिकारों के प्रति सजग बन सकें.

 इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियनें नहीं हैं और लड़कियों को शाम 6ः00 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर आने जाने की इजाजत नहीं है. हमारे लिए आश्चर्यजनक यह भी है कि इस विश्वविद्यालय में अब तक यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी का गठन नहीं हुआ है. हम पंजाब महिला आयोग से उम्मीद करते हैं कि आयोग इस बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब तलब करेगा. 

 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा उठाए गए मांगों का समर्थन करते हुए हम मांग करते हैं कि:-

1.विश्वविद्यालय में एक स्वस्थ लोकतांत्रिक माहौल के लिए जरूरी है कि छात्र यूनियनों का निर्माण हो ताकि उस मंच से छात्राएं अपनी समस्याएं उठा सकें.

2. हॉस्टल में आने-जाने के समय का निर्धारण छात्र और छात्राओं के लिए एक समान हो.

3. यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी ((CASH) का तत्काल गठन किया जाए.


आलोक कुमार

             

रविवार, 18 सितंबर 2022

जानेवाले, हो सके तो लौट के आना


पटना.आज सुबह दर्दभरी खबर मिली, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के पटना महानगर सचिव संजय पीटर नहीं रहे.15 सितंबर को बेतिया गए थे.सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कुमार की पत्नी सुरभि घई को 16 सितंबर को मेयर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करना.इस अवसर पर उपस्थित थे.16 सितंबर को ही शाम पटना लौट आए.17 सितंबर को संजय असहज दिखे.परिवार वाले बोले कि जाकर चिकित्सक से दिखा लें.संजय पीटर ने कहा कि ठीक महसूस कर रहे हैं.18 सितंबर की सुबह अंतिम सांस ली और प्रभु को प्यारे हो गए.19 सितंबर को कुर्जी कब्रिस्तान में दफन किया जाएगा.वे 45 वर्ष के थे.अपने पीछे विधवा और एक पुत्र छोड़ गए.

                                                  बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे

                         बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे

                                                  ढूँढेंगे तुझे गली-गली सब ये ग़म के मारे

                         पूछेगी हर निगाह कल तेरा ठिकाना

                                                   जानेवाले, हो सके तो लौट के आना

फेयरफील्ड कॉलोनी, दीघा, पटना के निवासी जेवियर पीटर हैं.जेवियर पीटर व स्टेला जेवियर के पुत्र संजय पीटर का निधन हो गया.जेवियर पीटर व स्टेला जेवियर के एक पुत्र और दो पुत्रियां है.एक पुत्र संजय कुमार ही थे.

जीजस क्राइस्ट फैमिली वाट्स ऐप के एडवीन थे.बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा पटना महानगर के सचिव थे.पैर टूट जाने से उभरने के बाद बेतिया गए थे.यह उनकी सांसारिक अंतिम यात्रा थी.निधन का कारण हार्ट अटैक बताया गया.अंतिम सांस घर पर ही ली. वे 45 वर्ष के थे.अपने पीछे विधवा और एक लड़का को छोड़ गए.

अल्पसंख्यक मोर्चा के राजन क्लेमेंट साह को विश्वास ही नहीं हो रहा था.कारण कि उनके साथ बेतिया गए और वापस पटना लौटे.यह विधि का विधान ही है.सभी को यकीन करना ही होगा. पवित्र बाइबल में उल्लेख है कि हरदम तैयार रहो,कब प्रभु के पास से बुलाया आ जाए.

पटना महानगर सचिव संजय पीटर के निधन की खबर सुनकर दीघा विधानसभा के विधायक डॉ संजीव चौरसिया पहुंचे.मौजूद थे.भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तूफैल कादरी भी पहुंचे.आसपास के लोग भी दुखभरी खबर सुनकर भागे भागे फेयरफील्ड कॉलोनी,दीघा पहुंचे.सभी मातमपुर्सी करने संजय पीटर के आवास में आए.भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह व्यवस्था में जुट गए.कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर पायस प्रशांत माइकल ओस्ता आकर पवित्र जल का छिड़काव कर प्रार्थना की.

मुकेश राज ने कहा कि ईश्वर मेरे भाई को अपनी शरण में जगह दें.एस.के.लौरेंस ने कहा कि परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति तथा परिवार के सदस्यों को धैर्य तथा सांत्वना प्रदान करे.आमीन.निशी रॉबर्ट ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.मनीष जेम्स ने कहा कि परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति तथा परिवार के सदस्यों को धैर्य तथा सांत्वना प्रदान करे. आमेन.विजय विक्टर ने कहा कि अनन्त शांति और प्रार्थना अर्पित.

आलोक कुमार

सभी 20 विद्यालयों में आज प्रातः 7ः00 से 9ः00 बजे तक निरीक्षण किया

  


नालंदा. आज शनिवार को जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर द्वारा  जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में औचक निरीक्षण के आदेश दिए गए. आदेश के आलोक में सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया.

निरीक्षण में नामांकित छात्राओं के विरुद्ध वास्तविक उपस्थित छात्राओं की संख्या,वार्डेन एवं शिक्षकों की संख्या,विद्यालय की साफ-सफाई,खानपान मेनू


अनुसार,रसोईया की उपस्थिति, छात्राओं को पुस्तकों की उपलब्धता तथा आवागमन पंजी के संधारण की स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे.सभी 20 विद्यालयों में आज प्रातः 7ः00 बजे से 9ः00बजे तक निरीक्षण किया गया.


आलोक कुमार

शनिवार, 17 सितंबर 2022

अतिथियों का स्वागत ताली बजाकर किया

 श्योपुर.भारत में चीतों का इंतजार खत्म हो चुका है. करीब 11 घंटे का सफर करने के बाद चीते भारत शनिवार की सुबह ग्वालियर पहुंच चुके हैं. पांच मादा और तीन नर चीतों को लेकर विमान ने शुक्रवार रात कोनामीबिया की राजधानी होसिया से उड़ान भरी. मॉडिफाइड बोइंग 747 विमान से लाए गए इन चीतों में रेडियो कॉलर लगे हुए हैं. यहां से इन्हें भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिये श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया.इसके साथ ही भारत से 1952 में विलुप्त घोषित हुए चीतों का आगमन 70 साल बाद भारत में हुआ.

अपने जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नामीबिया से आए 8 चीते. जिनमें दो नर चीतों की उम्र साढ़े पांच साल है.दोनों भाई हैं. पांच मादा चीतों में एक दो साल, एक ढाई साल, एक तीन से चार साल तो दो पांच-पांच साल की हैं.चीते की औसत उम्र 12 साल होती है.इन अतिथि चीतों को मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया है.इन अतिथियों का स्वागत ताली बजाकर किया गया.

पूर्व केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्री रमेश ने कहा कि वे 25 अप्रैल 2010 को केपटाउन गए थे. यह यात्रा इसी चीता परियोजना का हिस्सा थी. रमेश ने कहा कि आज प्रधानमंत्री द्वारा किया गया तमाशा अनुचित है.यह राष्ट्रीय मुद्दों और भारत जोड़ो यात्रा से ध्यान हटाने का एक और प्रयास है. उन्होंने कहा कि 2009-11 के दौरान बाघों को पहली बार जब पन्ना और सरिस्का अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया था तो काफी लोगों ने विलाप करते हुए भविष्यवाणी की थी, लेकिन ये लोग गलत साबित हुए थे.चीता परियोजना को भी लेकर इसी तरह की भविष्यवाणियां की जा रही हैं, लेकिन इसमें शामिल पेशेवर अव्वल दर्जे के हैं, मैं इस परियोजना को शुभकामनाएं देता हूं.‘

कांग्रेस ने ट्वीट में कहा, ‘चीता प्रोजेक्ट’ का प्रस्ताव 2008-09 में तैयार हुआ था. जब मनमोहन सिंह की सरकार थी उस वक्त इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी. इसके बाद तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश उस वक्त अफ्रीका के चीता आउट रीच सेंटर गए थे. इस प्रोजेक्ट पर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी. हालांकि यह रोक 2020 में हटाई गई है इसके बाद चीता प्रोजेक्ट अमल में लाया जा सका.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ा है. इस पर कांग्रेस ने पीएम पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा से ध्यान भटकाने के लिए यह सब तमाशा किया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा कि चीता प्रोजेक्ट में उनके प्रयासों को पीएम ने जिक्र तक नहीं किया. वह शासन में निरंतरता को कभी स्वीकार नहीं करते हैं.

पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए चीतों के मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 8 चीते तो आ गए, अब ये बताइए कि 8 सालों में 16 करोड़ रोजगार क्यों नहीं आए? युवाओं की है ललकार, ले कर रहेंगे रोजगार.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से आए चीतों को छोड़ने के बाद देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा, दशकों पहले जैव विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है.आज भारत की धरती पर चीते लौट आए हैं. इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृति प्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है.

पीएम ने कहा कि मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं, जिसके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ.आज आजादी के अमृत काल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है.जब प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण होता है तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित होता है. विकास और समृद्धि के रास्ते भी खुलते हैं. पीएम ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे तो यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र फिर से मजबूत होगा और जैव विविधिता बढ़ेगी.

पीएम ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा। इंतजार करना होगा. आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं, इस क्षेत्र से अनजान हैं. कूनो नेशनल पार्क को ये चीते अपना घर बना पाए, इसके लिए हमें इन चीतों को भी कुछ महीने का समय देना होगा. अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन्स पर चलते हुए भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है. हमें अपने प्रयासों को विफल नहीं होने देना है.

इस बीच पीएम मोदी के कार्यक्रम में 70-80 के दशक के कुख्यात डकैत रमेश सिंह सिकरवार भी मौजूद रहेंगे.क्योंकि अपने समय के दस्यु सम्राट रहे रमेश सिंह अब चीता मित्र है. कूनो दौरे के दौरान पीएम चीता मित्रों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान यहां रमेश सिंह भी वहां रहेंगे.

दरअसल, श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से चीतों को लाकर बसाया जाएगा. यहां आसपास रहने वाले लोग चीतों से डरकर उन्हें नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए सरकार ने यहां 'चीता मित्र' बनाए हैं.कुल 90 गांवों के 457 लोगों को चीता मित्र बनाया गया है. इनमें से सबसे बड़ा नाम रमेश सिकरवार का है, जो पहले डकैत थे और उन पर करीब 70 हत्याओं का आरोप था.

आलोक कुमार

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