गुरुवार, 25 मई 2023

जिला में नए अध्यक्षों की नियुक्ति पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नेताओं ने दी बधाई

  *कांग्रेस के सशक्त नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह को कांग्रेस नेताओं ने दी बधाई

 *जिला में नए अध्यक्षों की नियुक्ति पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नेताओं ने दी बधाई


पटना.कल देर रात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति सम्बन्धी सूची जारी हुई जिसके बाद आज बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष द्वय सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह और बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्तचरण दास को शुभकामनाएं प्रेषित किया है.

        बताते चले कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नियुक्ति के बाद से ही नई कमिटी को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थी और ऐसे में बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पर प्रदेश अध्यक्ष के फैसले पर केंद्रीय आलाकमान की मुहर से 2024 में कांग्रेस को मजबूती मिलने के आसार हैं.

              प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह सहित राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शीर्ष नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और बिहार के प्रभारी भक्तचरण दास को शुभकामनाएं देने वालों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता  ब्रजेश पाण्डेय, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, निर्मल वर्मा,  ब्रजेश प्रसाद मुनन, लाल बाबू लाल, सुबोध कुमार, आनन्द माधव, असित नाथ तिवारी, आलोक हर्ष, अजय चौधरी, डॉ स्नेहाशीष वर्धन पांडेय, शशि रंजन, ज्ञान रंजन, शारिफ रंगरेज, अनुराग चन्दन, मिर्णाल अनामय, सुधा मिश्रा, उमेश कुमार राम, राजीव मेहता, समीम अख्तर, अभय जयसवाल, निधि पाण्डेय, रूमा सिंह, फिरोज हसन सहित कई नेतागण प्रमुख हैं.

शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना दी. हाल ही में श्री तिवारी की पत्नी विमला तिवारी का लम्बी बीमारी के बाद निधन हुआ

 पटना.प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह सांसद ने पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी के पटना स्थित आवास पर जाकर उनके शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना दी. हाल ही में श्री तिवारी की पत्नी विमला तिवारी का लम्बी बीमारी के बाद निधन हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिवंगत विमला तिवारी सिर्फ एक सामान्य घरेलु महिला नहीं थीं बल्कि समाजवादी विचारधारा का पोषक भी थीं. स्वर्गीय विमला तिवारी अपने घर गये राजनेताओं से राजनीतिक विचारधाराओं पर विमर्श भी करती थी. उनके निधन से शिवानन्द तिवारी जी समेत उनके तमाम परिचितों को गहरा धक्का लगा है.

इस अवसर पर डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह जी के साथ कांग्रेस के विधायक विजेन्द्र चौधरी, पूर्व विधायक बंटी चौधरी, लाल बाबू लाल, आलोक हर्ष, रीता सिंह, मृणाल अनामय उपस्थित थे.



आलोक कुमार

बिहार के विश्वविद्यालयों में भाजपा नेताओं की मर्जी चल रही है


पटना.भारतीय जनता पार्टी की गंदी राजनीति ने संवैधानिक पदों की गरिमा को तो गिराया ही है साथ में बिहार की उच्च शिक्षा को बुरी तरह से प्रभावित किया है. राजभवन और राज्यपाल से ये अपेक्षा की जाती है कि दलीय भावना से ऊपर उठकर ये जनहित में फैसले लेंगे, लेकिन लगातार ऐसा देखा जा रहा है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में भाजपा नेताओं की मर्जी चल रही है और ये सब कुछ राजभवन खामोशी से देख रहा है.

बिहार के प्रसिद्ध आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में लगभग चार वर्षों से स्थायी        बिहार प्रदेश कांग्रेस  कमिटी के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी

कुलपति की नियुक्ति राजभवन द्वारा नहीं की जा रही है. इतने बड़े विश्वविद्यालय को एक ऐसे प्रभारी कुलपति के हवाले कर दिया गया है जो भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपी हैं. पूरा राज्य ये जानता है कि भ्रष्टाचार के एक आरोपी को भाजपा के इशारे पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलपति बनाया गया. विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों के भविष्य के साथ इससे बड़ा मजाक क्या होगा कि वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2022 तक विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए कुल चार विज्ञापन प्रकाशित किये जा चुके हैं बावजूद इसके राजभवन द्वारा मामले को लटकाया जा रहा है.

    बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कांग्रेस पार्टी ये जानता चाहती है कि क्या बिना किसी के निजी हित के ऐसा संभव हो सकता है कि चार-चार विज्ञापनों के बावजूद कुलपति की नियुक्ति न हो. कांग्रेस पार्टी ये भी जानना चाहती है कि क्या राजभवन और राज्यपाल एक पार्टी विशेष के नेताओं को खुश रखने का केंद्र बन गये हैं. एक पूरे विश्वविद्यालय की साख खतरे में है. हजारों छात्रों का भविष्य अंधकारमय है.भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायत लगातार आ रही हैं और राजभवन क्या बिना दबाव के चुप है?

मौजूदा राज्यपाल से लेकर पूर्व के राज्यपालों की इस मामले में भूमिका क्या संदिग्ध नहीं लगती? ऐसे में कांग्रेस पार्टी ये मांग करती है कि कुलपति नियुक्ति मामले में हुई देरी की निष्पक्ष जांच राजभवन ही करवाये और प्रदेश की जनता के सामने तथ्य सामने रखे ताकि विश्वविद्यालय और राजभवन की साख बची रहे.


आलोक कुमार 

रविवार, 21 मई 2023

देश के नव निर्माण में राजीव गांधी के योगदान

पटना. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व0 राजीव गांधी जी की 32 वीं पुण्यतिथि (बलिदान दिवस) एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह की 80 वीं जयंती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी. समारोह की अध्यक्षता पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने की.

इस अवसर पर श्री पाठक ने कहा कि राजीव गांधी जी ने देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिये एवं इसके धर्मनिरपेक्ष चरित्र को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए अपनी कुर्बानी दी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने देश में सूचना एवं संचार-क्रांति की शुरुआत की. सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिये पंचायती राज का प्रारूप बनाया जो बाद में पूर्व प्रधानमंत्री पी0वी0 नरसिम्हा राव के कार्यकाल में पंचायती राज संविधान संशोधन बिल के रूप में आया और आज सारे देश में यह पंचायती राज कायम है जिसमें महिलाओं के लिये एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि देश में युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक-से-अधिक शामिल करने के लिये उन्होंने मताधिकार की उम्र सीमा 18 वर्ष करायी.

      श्री पाठक ने कहा कि आज कृतज्ञ राष्ट्र देश के नव निर्माण में राजीव गांधी के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को बार-बार नमन करती है. इस अवसर पर सदाकत आश्रम स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा पर नेताओं ने माल्यार्पण किया.श्री कृपानाथ पाठक ने कहा कि सदानन्द बाबू कांग्रेस पार्टी के मूर्धन्य नेता थे. कांग्रेस अध्यक्ष एवं मंत्री के रूप में उल्लेखनीय कार्य किये उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.

   कार्यक्रम में कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा, विधायक प्रतिमा कुमारी. प्रदेश मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता अभियान के प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, वरिष्ठ नेता ब्रजेश पाण्डेय, प्रवक्ता असित नाथ तिवारी, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, डा0 अजय कुमार सिंह, कुमार आशीष, राजेश कुमार सिन्हा, अरविन्द लाल रजक, मोहन शर्मा, शरबत जहाँ फातमा,शशि कांत तिवारी, शशि रंजन, सुधा मिश्रा, राजन यादव, उदय शंकर पटेल, मधुरेन्द्र कुमार सिंह, ललन कुमार यादव, शिव प्रकाश गरीब दास, गुंजन पटेल, अम्बुज किशोर झा, डॉ पुरुषोत्तम मिश्र, मिथिलेश शर्मा मधुकर, असफर अहमद, राजनन्दन कुमार, अनुराग चन्दन, अश्विनी कुमार, मृणाल अनामय,  मंजीत आनंद साहू, निरंजन कुमार, राजकिशोर सिंह, मो0 शाहनवाज, कुंदन गुप्ता, आलोक हर्ष, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, संतोष कुमार श्रीवास्तव, , निधि पाण्डे, विमलेश तिवारी, नीतू सिंह निषाद, अमित कुमार, रुमा सिंह, सिद्धार्थ क्षत्रिय, अरबिंद चौधरी, खुशबु कुमारी, ललित सिंह, मुकुल कुमार, निशु चौधरी, विनय कुमार सिंह, नदीम अंसारी, अधिवक्ता प्रियंका सिंह उपस्थित थे.


आलोक कुमार  

माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य आज पहुंचे सरासत, माले के कई विधायक रहे उपस्थित

  *भारत धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, हिंदू राष्ट्र की बात करना संविधान विरोधी कदम


*माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य आज पहुंचे सरासत, माले के कई विधायक रहे उपस्थित

नौबतपुर. माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि वे कौन लोग हैं जो डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं. ये वही लोग हैं जो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का सपना देख रहे हैं. यह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर हमला नहीं बल्कि उनके विचारों और संविधान पर हमला है. डॉक्टर अंबेडकर समतामूलक और धर्मनिरपेक्ष समाज की बात करते थे, यह उन विचारों पर हमला है. 

      यह बातें उन्होंने आज नौबतपुर के सरासत गांव का दौरा के क्रम में आयोजित जनसभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही. इसके पूर्व नौबतपुर से लाल और नीले झंडे के साथ बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोगों ने सरासत गांव का दौरा किया, जहां कुछ दिन पहले डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. मार्च में उनके अलावा पार्टी के जिला सचिव अमर, पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, केंद्रीय कमिटी सदस्य कुमार परवेज सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल थे. 

       माले महासचिव ने कहा कि कुछ दिन पहले इस इलाके में एक बाबा आए थे. उनकी बात भाजपा से मिलती है. भाजपा भी हिंदू राष्ट्र की बात करती है और बाबा भी हिंदू राष्ट्रवाद पर उन्माद पैदा करके गए. उसी के बाद सरासत गांव की घटना को अंजाम दिया गया. भाजपा बिहार में उन्माद उन्माद फैलाकर 2024 का चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन याद रखना चाहिए बिहार बुद्ध के जमाने से सामाजिक बदलाव की धरती रही है. यहां से हिंदू राष्ट्र का उद्घोष नहीं बल्कि 2024 के चुनाव में केंद्र की सत्ता से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने का संदेश जा रहा है. 

उन्होंने इसके पहले सिवान के दरौली में बीडीओ द्वारा डॉ. अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने के लिए बने चबूतरे को तोड़ देने की घटना का भी ज़िक्र किया. कहा कि उस घटना के खिलाफ सिवान में माले विधायकों ने दो दिवसीय उपवास भी किया. यह देखा जा रहा है कि आज जगह-जगह बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को निशाना बनाकर लोकतंत्र व संविधान विरोधी ताकतें बिहार में जबरदस्त रूप से सक्रिय हो रही हैं. बिहार सरकार को ऐसे तत्वों पर कार्रवाई करनी चाहिए. 

           मौके पर विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि धर्मगुरू धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा नौबतपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को  तोड़ा गया बाबा साहेब ने संविधान दिया जिसके मूल में समतामूलक समाज का निर्माण करना है. आज कुछ लोग हिंदू राष्ट्र की असंवैधानिक मांग कर रहे हैं जो कि ग़ैर बराबरी पर आधारित है. हम इसे कभी स्वीकार नहीं कर सकते हैं. बाबा साहेब एक विचार हैं जिसे मिटाना नामुमकिन है. उन्होंने मांग की कि इस मामले में राज्य सरकार पहल करे और दोषियों को गिरफ्तार करते हुए मूर्ति की पुनः स्थापना की जाए. 

           विदित हो कि नौबतपुर के तरेत पाली में तथाकथित बाबा बागेश्वर के मंच से हिंदू राष्ट्र की असंवैधानिक मांग उठाई गई. धर्म के नाम पर भाजपा की नफरती राजनीति को बढ़ावा देने वाले ऐसे वक्तव्यों के बाद ही अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ डालने की घटना घटित हुई है. अतः इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बाबा बागेश्वर के प्रवचन के बाद उन्माद में आकर असामाजिक तत्वों ने ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है. 

             कार्यक्रम में जयप्रकाश पासवान , सत्यनारायण प्रसाद, माधुरी गुप्ता, कमलेश राम, पप्पू शर्मा, ललन सिंह, महेश यादव, सरासत निवासी धीरेन्द्र कुमार, अदला पंचायत के मुखिया पति इंदुभूषण, कृपा नारायण सिंह, महेश यादव, साधु शरण, शंकर पासवान, अमरसेन दास, पंचम मांझी आदि शामिल थे.


आलोक कुमार  

राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर का आयोजन: बिहार यूथ कांग्रेस



राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर बिहार प्रदेश यूथ कांग्रेस के द्वारा राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर 

राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर का आयोजन: बिहार यूथ कांग्रेस


पटना.भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर बिहार प्रदेश यूथ कांग्रेस के द्वारा राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर का आयोजन बिहार के सभी जिलों में किया गया.
     बिहार प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीबदास ने आज इस बलिदान दिवस पर राजीव गांधी को याद करते हुए उनके शहादत को नमन किया और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया. युवा कांग्रेस के अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने बताया कि  पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी  सूचना प्रौद्योगिकी के जनक, आधुनिक भारत के निर्माता, देश की पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत और सशक्त बनाने के साथ ही कंप्यूटर एवं संचार क्रांति लाकर युवा, आधुनिक एवं सुदृढ़ भारत के निर्माण में उनका योगदान अतुल्य है.
             बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के साथ निरामया ब्लड बैंक और वत्स सेवा समिति बेगुसराय रक्त शिविर दान  बिहार प्रदेश कांग्रेस के सदाकत आश्रम में आयोजन किया गया जिसमें 45 लोगों से ऊपर लोगों ने रक्तदान किया.
         युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सनी ने यह बताया कि युवा सोच वाले स्वरू राजीव गांधी को 21 वीं सदी के भारत का निर्माता भी कहा जाता है. 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले स्वरूप राजीव गांधी ने आधुनिक भारत की नींव रखने की दिशा में काम किया और बताया कि आज जिस डिजिटल इंडिया की चर्चा है उसकी संकल्पना राजीव गांधी अपने जमाने में कर चुके थे और इसी वजह से  राजीव गांधी जी को डिजिटल इंडिया का आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक और दूरसंचार क्रांति का जनक कहा जाता है.
               रक्तदान शिविर कार्यक्रम में पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना, पूर्व युवा कांग्रेस के अध्यक्ष गुंजन पटेल,खुशबु कुमारी, आयुष भगत, चित्तरंजन कुमार, अमित सिकन्दर, डॉक्टर आलोक ,मुकुल कुमार, विशाल यादव, राजनन्दन कुमार, सोनू कुमार, निशु चौधरी सहित सैकड़ों युवाओं मौजूद रहे.

आलोक कुमार  

नेवारी कुर्ता पहने हैं आकाश सेंसिल

चुहड़ी. तिब्बत में ल्हासा है.ल्हासा प्रान्त स्तर के ल्हासा शहर का शहरी केंद्र और दक्षिण पश्चिम चीन में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की प्रशासनिक राजधानी है. ल्हासा शहर का आंतरिक शहरी क्षेत्र चेंगगुआन जिले की प्रशासनिक सीमाओं के बराबर है, जो व्यापक प्रीफेक्चुरल ल्हासा शहर का हिस्सा है.         

   कापुचिन्स की स्थापना 1528 में हुई थी और उन्होंने प्रार्थना और चिंतन, उपदेश और ज़रूरतमंदों की शारीरिक देखभाल पर ज़ोर दिया था.कापुचिन्स पुरोहित तिब्बत में भी कार्यरत थे.उनका कार्यक्षेत्र ल्हासा में था. ल्हासा की बात 278 वर्ष पुरानी है.वर्ष 1745 में ईसाई मिशनरियों को ल्हासा से भगा दिया गया था.तिब्बत मिशन बंद होने के बाद कापुचिन्स पुरोहितों ने नेपाल के काठमांडू में आकर आश्रय जमा लिए. मजबूरी में काठमांडू आने के बाद भी कापुचिन्स पुरोहितों ने अपना मिशन सुसमाचार का प्रचार करने को जारी रखा.इन मिशनरियों के द्वारा मरीजों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच करने, बच्चों की मृत्यु के लिए अंतिम संस्कार करने और आवश्यकतानुसार लोगों के लिए अन्य सामाजिक सेवाएं करने की आवश्यकता थी.

   बताया जाता है कि कापुचिन्स पुरोहितों के कार्य से प्रभावित होकर काठमांडू घाटी में रहने वाले नेवार जाति के लोग मन परिवर्तन कर लिए.बहुत से लोगों ने येसु के नाम पर बपतिस्मा ग्रहण कर लिए.नेपाल में कापुचिन्स पुरोहितों के द्वारा दो दशक तक नेवार जाति के लोगों के बीच में मजबूत कदम होते देख काठमांडू के राजा पृथ्वी नारायण शाह ने बढ़ते कदम को रोकने के लिए कापुचिन्स पुरोहितों और नेवार जाति के बने ईसाइयों को देश निकाला आदेश निर्गत कर दिया.                                        

  बताया गया कि जब राजा पृथ्वी नारायण शाह काठमांडू पर शासन करने आए थे.उन्होंने 24 साल के बाद नेवार जाति के ईसाई समुदाय के 14 परिवार को 1769 में नेपाल के राजा ने देश निकाला आदेश को अमल कर दिया. कुल मिलाकर 14 परिवार के 62 परिवार के लोग नेपाल की तराई में रहते थे.नेवार जाति के लोग नेपाल में उच्च जाति के श्रेणी में शामिल है.

    नेपाल की तराई से पलायन होकर 14 परिवार के 62 परिवार के लोग पश्चिमी चंपारण के चुहड़ी गांव में पहुंचे. यहीं पर बस गए.नेवारी क्रिश्चियन नेवारी संस्कृति को नहीं छोड़े.चुहड़ी में बस गए नेवारी क्रिश्चियन लोगों ने कुर्ता और धोती पहंने रहे. नेवारो का उपनाम भाजू है. बुर्जगों का कहना है कि 1970 के दशक तक चुहड़ी के नेवार क्रिश्चियन लोग नेवारी भाषा ही बोलते थे. सभी लोग कुर्ता प्योर खादी से बना पहनते थे.                           

  आकाश सेंसिल ने कहा कि दो नेपाली खोजकर्ता अपने दूसरी विजिट में चुहड़ी आए थे. तक 8 अप्रैल 2023 को कुर्ता उपहार स्वरूप दिए थे.ठीक इसी तरह का कुर्ता मेरे पर दादा स्वर्गीय सिमोन पीटर भाजू पहना करते थे.आकाश सेंसिल कहते हैं कि फादर हरमन रफायल, फादर मुक्ति क्लारेंस और स्व.फादर माइकल भाजू पुरोहित बने थे.


आलोक कुमार


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