बुधवार, 6 अगस्त 2025

नन और युवक पर हमला, पुलिस की लापरवाही उजागर

 

छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्टेशन पर मॉब लिंचिंग: नन और युवक पर हमला, पुलिस की लापरवाही उजागर

राज्य में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉब लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल से जुड़े लोगों ने दो ननों और एक युवक को धर्मांतरण के आरोप में घेरकर पीटा, धमकाया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पीड़ितों पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मारपीट की और उन्हें "धर्मांतरण का चादर" पहनाकर जुलूस की तरह घुमाया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हिंसा रोकने में सुस्ती दिखाई और उल्टे पीड़ितों के बैग की तलाशी लेने लगी।

पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मॉब लिंचिंग करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनका बयान दर्ज कर खानापूर्ति की। यहां तक कि कथित "धर्मांतरण" का आरोप लगाकर पीड़ितों को ही जेल भेज दिया गया, जबकि हमलावरों पर स्वतः संज्ञान लेने की कोई कोशिश नहीं की गई।

विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मॉब लिंचिंग एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से अपराधियों को खुली छूट मिल रही है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बढ़ता भय और असुरक्षा
अल्पसंख्यक समुदाय में इस घटना के बाद भय का माहौल और गहरा गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हैं बल्कि भीड़तंत्र के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाती हैं।


सोमवार, 4 अगस्त 2025

दिशोम गुरू नहीं रहे

 
दिशोम गुरू नहीं रहे

झारखंड. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक 'दिशोम गुरुजी' शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार थे और वेंटिलेटर पर थे.उन्हें हार्ट, किडनी सहित कई बीमारियां थीं.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल निधन हो गया. उन्होंने 81 वर्ष की आयु में आखिरी सांस ली. शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य की मांग को लेकर चलाए गए आंदोलन में भी भाग लिया. वह तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे. वर्तमान में शिबू सोरेन राज्यसभा के सदस्य थे. शिबू सोरेन का जन्म 11 मई 1944 को झारखंड के हजारीबाग जिले के निमरा गांव में हुआ था. उन्होंने हजारीबाग के गोला हाईस्कूल से शिक्षा हासिल की. वह मैट्रिक पास थे और पेशे से किसान थे. उन्होंने झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में एक अलग पहचान बनाई. इसीलिए लोग उन्हें दिशोम गुरू के नाम से भी जानते थे.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन एक वरिष्ठ और विशिष्ठ आदिवासी नेता थे. उनके प्रशंसक उन्हें दिशोम गुरु कहा करते थे. जबकि गरीबों में उनकी पहचान गुरुजी के रूप में थी. वह आदिवासी समुदाय के अधिकारों और उत्थान के आंदोलन में एक प्रमुख आवाज और जमीनी कार्यकर्ता थे. झारखंड की स्थापना के आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई.
शिबू सोरेन झारखंड के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थे. उन्होंने वंचितों के अधिकारों और कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम किया. वह आठ बार लोकसभा के सदस्य रहे. जबकि उन्होंने 2004 से 2006 तक कोयला मंत्रालय में कैबिनेट, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया. वे तीन बार राज्यसभा के सदस्य रहे. वर्तमान में भी वह राज्यसभा के सदस्य थे.
शिबू सोरेन को उनके प्रशंसक 'दिशोम गुरु' या 'गुरुजी' के नाम से भी जानते थे. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर शिबू सोरेन को 'दिशोम गुरु' क्यों कहा जाता था. इसका अर्थ क्या होता है. दरअसल, झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को 'गुरुजी' या 'दिशोम गुरु' इसलिए कहा जाता था क्योंकि उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के माध्यम से आदिवासी समुदायों. जिसमें खासकर संथाल और अन्य जनजातियों के अधिकारों और उनकी स्वायत्तता के लिए एक लंबा संघर्ष किया.
वह आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए झारखंड को अलग राज्य बनाने की मांग के लिए चलाए गए आंदोलन के प्रमुख नेता थे. शिबू सोरेन के नेतृत्व में ही सामाजिक कार्यों और आदिवासी संस्कृति के हितों के प्रति समर्पण ने उन्हें जनजातीय समुदायों का प्रिय नेता बना दिया. वह आदिवासियों के लिए एक मार्गदर्शक और शिक्षक (गुरु) की सम्मानित हो गए. बता दें कि दिशोम गुरु का मतलब संथाली में देश का गुरु होता है, जो सोरेन के नेतृत्व और प्रभाव को दर्शाता है.

आलोक कुमार

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रविवार, 3 अगस्त 2025

प्रीति को गरीबों की मदद करने का जुनून था

छतीसगढ़ में सिस्टरों की जमानत पर रिहाई के बाद


छत्तीसगढ़. छत्तीसगढ़ में 'जबरन धर्मांतरण' और 'मानव तस्करी' के आरोप में गिरफ्तार दो ननों, प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस को शनिवार को एनआईए कोर्ट ने जमानत दे दी. दोनों नन असिसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैकुलेट (एएसएमआई) कॉन्ग्रेगेशन से हैं, जिसका मुख्यालय केरल के अलप्पुझा जिले के चेरथला में है. आइये इनके बारे में कुछ जानकारियां उपलब्ध हैं उससे इनके काम तथा जीवन के बारे में कुछ जानते हैं.

प्रीति मैरी केरल के एर्नाकुलम जिले के एलावूर से हैं. प्रीति मेरी ने कम उम्र में ही नन बनने का फैसला किया था. अपने सात भाई-बहनों के परिवार में सबसे बड़ी प्रीति ने 20 साल की उम्र में ही नन बनने का निर्णय लिया था. उनके भाई एम. बैजू ने कहा कि प्रीति को गरीबों की मदद करने का जुनून था.

"वह जब भी घर आती थीं, छत्तीसगढ़ के गरीबों के लिये भोजन, कपड़े और दवाइयाँ पैक कर ले जाती थीं," बैजू ने कहा. एक प्रशिक्षित नर्स होने के नाते, प्रीति प्रार्थना और उपचार को समान रूप से महत्व देती थीं.

वहीं, 56 वर्षीय वंदना फ्रांसिस केरल के कन्नूर जिले के उदयगिरी गाँव की रहने वाली हैं. वह छत्तीसगढ़ में एक फार्मेसी में काम करती थीं. दोनों ननों के भाई, बैजू और जेम्स, उनके गिरफ्तारी के बाद से छत्तीसगढ़ में डेरा डाले हुए थे.

असिसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैकुलेट की मदर सुपीरियर इसाबेल फ्रांसिस ने कहा, "हमारा मिशन 75 साल पहले कुष्ठ रोगियों के उपचार से शुरू हुआ था. बाद में हमने सामान्य चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में काम शुरू किया. हम छत्तीसगढ़ में मानसिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए स्कूल और स्वास्थ्य क्लीनिक चलाते हैं. हमें कभी भी जबरन धर्मांतरण जैसे आरोपों का सामना नहीं करना पड़ा."

    प्रीति और वंदना, दोनों अपनी 50 की उम्र में हैं और पिछले 30 सालों से चर्च के लिए काम कर रही हैं. इसाबेल ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद कॉन्वेंट की अन्य ननें चिंतित हैं और कुछ ननें अब कानून सीख रही हैं ताकि उसे "बनावटी आरोपों" का सामना किया जा सके.

आलोक कुमार


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शनिवार, 2 अगस्त 2025

शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश

 दुर्ग रेलवे स्टेशन विवाद पर नन और आदिवासी युवतियों की गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक घटनाक्रम.एनआईए कोर्ट ने दी जमानत, पहले दो बार खारिज हुई थी अर्जी......


दुर्ग . दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मिशनरी ननों और तीन आदिवासी युवतियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एनआईए कोर्ट के जमानत आदेश के बाद ठंडा पड़ता नजर आ रहा है.सिस्टर प्रीति मेरी, सिस्टर वंदना फ्रांसिस और ब्रदर सुकमन मंडावी को एनआईए कोर्ट ने जमानत दे दी है.इससे पहले उनकी जमानत अर्जी निचली अदालत और सत्र न्यायालय दोनों में खारिज हो चुकी थी.

घटना चक्र:

26 जुलाई 2025:

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर विवाद.

नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी युवतियां (कमलेश्वरी प्रधान, ललिता और सुखमती) ननों के साथ आगरा नौकरी के लिए जा रही थीं.टीटीई द्वारा टिकट जांच के बाद बजरंग दल को सूचना दी गई.

बजरंग दल नेता ज्योति शर्मा ने मौके पर पहुंचकर आरोप लगाया कि नन नौकरी का लालच देकर युवतियों को धर्मांतरण के लिए ले जा रही हैं.पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ननों और युवक सुखमन मंडावी को हिरासत में लिया.

27 जुलाई 2025:

पुलिस ने छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

29 जुलाई 2025:

निचली अदालत ने जमानत अर्जी खारिज की. अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक जमानत नहीं दी जा सकती.

30 जुलाई 2025:

सत्र न्यायालय ने भी जमानत याचिका खारिज की.अदालत ने पुलिस को जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए.

31 जुलाई 2025:

ननों और ब्रदर सुकमन के समर्थन में केरल और छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन.चर्च और ईसाई संगठनों ने इसे झूठा केस बताया.

2 अगस्त 2025:

मामला एनआईए कोर्ट में पहुंचा.एनआईए कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत मंजूर कर ली.

आरोप और बचाव

आरोप: बजरंग दल का कहना था कि नन आदिवासी युवतियों को नौकरी के बहाने धर्मांतरण के लिए ले जा रही थीं.

बचाव: युवतियों और उनके परिजनों ने कहा कि वे अपनी मर्जी से नौकरी के लिए जा रही थीं और किसी प्रकार का दबाव नहीं था.

जमानत का आदेश

एनआईए कोर्ट ने कहा कि पुलिस जांच पूरी होने तक आरोपियों को जेल में रखना उचित नहीं है.अदालत ने सभी को शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

 


आलोक कुमार

शुक्रवार, 1 अगस्त 2025

सुविधाजनक आवागमन और सुगम जल निकासी में समस्या को लेकर नगर निगम बोर्ड ने किया है पारित

 


नगर निगम के 17 वार्डों में 2.17 करोड़ से लिंक रोड व नालों का होगा निर्माण: गरिमा

महापौर ने योजनाओं का कार्यादेश बांटते हुए संवेदकों एवं अभियंता से कहा निर्माण में गुणवत्ता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

सुविधाजनक आवागमन और सुगम जल निकासी में समस्या को लेकर नगर निगम बोर्ड ने  किया है पारित

बेतिया. महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में नगर निगम के 17 वार्डों में कुल 2.17 करोड़ की लागत वाली योजनाओं कार्यादेश का वितरण किया.विभिन्न वार्डों में लिंक रोड व नालों का निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया.इस मौके पर उन्होंने बताया कि इन सभी योजनाओं को पूरा करने में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश उनके द्वारा दिया गया है. 

             महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि संबंधित वार्डों के उक्त मोहल्लों में सुविधाजनक आवागमन और सुगम जल निकासी में समस्या को लेकर नगर निगम बोर्ड ने  संबंधित योजनाओं को पारित होने के आधार पर कार्यादेश बांटा गया है.महापौर ने बताया कि इनमें वार्ड नं.12 में इंडियन नर्सरी से असगर अली के घर तक सड़क एवं नाला निर्माण कार्य कुल 1090264 की लागत से स्वीकृति दी गई है. वही वार्ड 18 में हनुमान मंदिर से जितेन्द्र कुमार के घर तक पीसीसी सड़क उच्चीकरण एवं सड़क  के साथ दोनों तरफ के स्लैब के साथ नाला निर्माण  तथा हनुमान मंदिर के पास पुलिया निर्माण एवं अजीम के घर से मुन्ना कुशवाहा के घर तक नाला निर्माण जीर्णोद्धार स्लैब के एवं मुन्ना कुशवाहा के पास पुलिया  निर्माण कार्य पूरा होने पर कुल 1145700 की स्वीकृति दी गई है. वही वार्ड 18 में स्व. राम प्रसाद मलिक के घर के पीछे से डब्लू मलिक के घर के पीछे तक स्लैब के साथ नाला निर्माण एवं ज्वाना मलिक के घर के पीछे से बागड़ मलिक के घर तक नाला निर्माण जीर्णोद्धार स्लैब के साथ एवं डब्लू मलिक के घर के पास तथा चुडिहार पंडित  के  घर के पास कुल तीन स्थानों पर पुल निर्माण की योजना के लिए  कुल 1152000 की स्वीकृति दी गई है.

     महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि इसके साथ ही वार्ड नं. 19 में सतालू अंसारी के मकान से होते हुए शौकत खान के मकान तक नाला निर्माण कार्य पर कुल राशि 1146800 खर्च को स्वीकृति दी गई है. इसी वार्ड 16 में जॉली ग्रैंड होटल के पास (रविन्द्र पथ) में सलिल श्रीवास्तव के घर से राजन  जी के घर तक पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला निर्माण कार्य पर कुल राशि 1224100 खर्च को स्वीकृति दी गई है.इसी प्रकार वार्ड नंबर 15 में डॉ.रुस्तम के घर से खुर्शीद अबरार के घर तक एवं मो.फैयाज अहमद के घर से शहाबुद्दीन के घर तक आरसीसी नाल स्लैब पुलिया एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के लिए  1227600 खर्च को स्वीकृति दी गई है.इसी प्रकार वार्ड नंबर 12 में शंभू गुप्ता के घर से ओमप्रकाश सर्राफ़ के घर तक  आरसीसी नाला एवं बब्लू सर्राफ के घर से ध्रुव गुप्ता के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को  531100 की लागत से पारित किया गया है. वार्ड नंबर 10 स्व. केसर के घर से नजरे आलम के घर होते हुए मो शहाबुद्दीन के घर तक पीसीसी सड़क एवं मुस्ताक डीलर कि घर से मो. नुरैन के घर होते हुए मो. नज़र शाह के घर से सुनील कुमार के घर तक आरसीसी नाला और पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को  1177200 से स्वीकृति दी गई है.

        महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि वार्ड नंबर 9 में मो. बरकतुल्लाह उर्फ साहब मियां जी के घर से स्व.रामजी महतो के घर होते हुए स्व.छोटू महतो के घर होते हुए कन्हैया पटेल जी के घर तक आरसीसी नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य एवं मो बरकतुल्लाह उर्फ साहब मियां के घर से चंदन चौधरी के घर होते हुए हरनाथ स्कूल पुल तक आरसीसी नाला निर्माण कार्य योजना को कुल राशि 1333200 की खर्च से स्वीकृति दी गई है. इसी प्रकार वार्ड नंबर 7 में नोएल वाल्टर के घर से डॉ.अशोक गुप्ता के घर होते हुए बशीर कुरैशी के घर तक नाला एवं पुलिया निर्माण कार्य को कुल  1424800 की लागत से स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यादेश जारी किया गया है.

       महापौर ने बताया कि इसी प्रकार वार्ड नंबर 7 में जोगेन्द्र प्रसाद के घर से दिलीप भाई  के घर होते हुए दीनानाथ प्रसाद के घर तक  पीसीसी सड़क मरम्मती एवं आरसीसी नाला निर्माण कार्य को कुल राशि 1388600 से स्वीकृति के आलोक में कार्यादेश सौंपा गया है. वही वार्ड नंबर 6 में अभय कुमार के घर से सीओ साहब के घर तक सड़क निर्माण एवं सदानंद मिश्रा के घर से डॉ.केके सहाय के घर तक एवं मंसूर मुख्तार के घर से मोती कुरैशी के घर तक नाला निर्माण कार्य पर 931600 की लागत वाली योजना का भी कार्यादेश सौंपा गया है। इसी प्रकार वार्ड 32 मंशा टोला कब्रिस्तान की चहारदीवारी का निर्माण कार्य वाली योजना को 3822882 की लागत वाली योजना का भी कार्यादेश सौंपा गया है. वही वार्ड नंबर 5 में इरशाद के घर से वकील साहब के घर तक एवं टीपू के घर से अनीश भाई के घर होते हुए अकिल के घर तक एवं अनीस के घर से इरशाद के जमीन तक एवं नसीमुद्दीन के घर से जमाल के घर होते हुए चूड़ीहार के घर तक पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला निर्माण कार्य की स्वीकृत योजना के लिए 1382000 खर्च को स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यादेश सौंपा गया है.

      महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि इसी प्रकार वार्ड नंबर 3 में खलवा टोला किशुन बाग में इबरार अहमद के घर से कलाम मियां के घर तक एवं हजारी टोला में नूर हसन जी के हजारी टोला मुख्य सड़क तक अशोक जायसवाल के घर से कुदरत चौक तक पेबर ब्लॉक निर्माण कार्य को  465700 की लागत से और वार्ड नंबर 1 में लाल मोहम्मद खान के ईट बालू के दुकान के पश्चिम मुबारक हुसैन शेख एजाज की घर होते हुए जमादार टोला नई मस्जिद तक आरसीसी नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के लिए 1086100 लागत वाली योजना का कार्यादेश सौंपा गया है.वार्ड नंबर 1 में ही बढ़या टोला रोड में असलम खान के घर से मेन रोड तक एवं रहमान  हवारी के घर से इकबाल राइन के घर तक आरसीसी नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के लिए 1204300 की लागत वाली योजना का कार्यादेश सौंपा गया है.

       महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि सभी योजनाओं को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.


आलोक कुमार

गुरुवार, 31 जुलाई 2025

बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस लीगल सेल

 "न्याय संकल्प शिविर" का भव्य आयोजन


पटना. बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस लीगल सेल द्वारा आज "न्याय संकल्प शिविर" का भव्य आयोजन पटना स्थित राजीव गांधी सभागार, सदाकत आश्रम में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.कार्यक्रम की अध्यक्षता लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष श्री विकास कुमार झा ने की.मंच पर विशिष्ट उपस्थिति रही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बिहार प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावरू जी एवं भारतीय युवा कांग्रेस लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रूपेश सिंह भदौरिया जी की.

     कार्यक्रम का संचालन सह-अध्यक्ष अधिवक्ता नंद कुमार सागर ने किया जिन्होंने अधिवक्ताओं को चुनाव में आदर्श आचार संहिता, कागजी प्रक्रिया और उम्मीदवारों को विधिक सहायता देने के लिए प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.उन्होंने कहा कि यह अधिवक्ता अब केवल कानूनी मदद तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि चुनावी अनियमितताओं और प्रशासनिक हस्तक्षेप की निगरानी भी जिम्मेदारीपूर्वक करेंगे.

    श्री अंबुज दीक्षित (बिहार प्रभारी, IYC लीगल सेल) एवं चितवन गोदारा ने अधिवक्ताओं को चुनावी कानून, शिकायत निवारण प्रक्रिया और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग से संबंधित कानूनी उपायों पर गहन प्रशिक्षण दिया. कार्यक्रम में गया से अधिवक्ता सतींदर कुमार यादव अपने साथ कई अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष रूप से मंच पर उपस्थित रहे, उन्होंने गया जिले से युवा अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी का परिचय दिया.कार्यक्रम में सह-अध्यक्ष अधिवक्ता नदीम इमाम, गौहर इमाम, राजदेव यादव, सुरभि भारती, शिखा रॉय, तौक़ीर रज़ा, इब्रार आलम, कमलेश पासवान सहित बिहार के सैकड़ों युवा अधिवक्ताओं ने भाग लिया और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया.

     श्री कृष्णा अल्लावरू जी ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस एक सशक्त, प्रशिक्षित और संगठित वकीलों की टीम तैयार कर मैदान में उतरेगी और उन्हें पूर्ण समर्थन प्रदान किया जाएगा.श्री रूपेश सिंह भदौरिया जी ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे सत्ता दल द्वारा की जाने वाली हर प्रकार की चुनावी अनियमितताओं पर पैनी निगाह रखें  और संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा हेतु सजग रहें.


आलोक कुमार

बुधवार, 30 जुलाई 2025

पीयूसीएल प्रशासन से मांग करता है कि ननो को अविलम्ब रिहा करे एवं दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें

 


दुर्ग . छतीसगढ़ में दुर्ग है.पिछले दिनों 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन में यात्रा की तैयारी कर रहे 2 नन एवं उनके साथ के बालिग युवतियों को एवं स्टेशन छोड़ने आए एक व्यक्ति को कानून-पुलिसेत्तर (कानून व पुलिस से ऊपर सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य कर रहे संविधान विरोधी) तत्वों/गिरोह द्वारा जबरन हंगामा कर-धार्मिक अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के खिलाफ नफरत-हिंसा फैलाने में माहिर संगठनों द्वारा प्रताड़ित कर झूठा आरोप गढ़ा गया और एफआईआर कर 2 ननों को जेल में डाल दिया गया. मानव तस्करी तब माना जाता है, जब किसी अपराधी गिरोह द्वारा किसी को शारीरिक शोषण (श्रम व अन्य प्रकार से ) खरीदी -बिक्री किया जाता है.

           लेकिन शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जाने वाले ईसाई संस्थाओं के नन द्वारा बालिग लड़कियों को ईसाई संस्थानिक जगह पर खाना बनाने के लिए उचित परिश्रमिक पर जा रहे थे.  इन लड़कियों को सही जगह ले जाने एवं स्टेशन छोड़ने आए व्यक्ति व नन पर जबरन मानव तस्करी का आरोप लगाना एवं धर्मांतरण का आरोप लगाना, इन गिरोहों का आम काम है. इससे ये राजनैतिक लाभ लेने ध्रुवीकरण करने का काम करने के लिए कुख्यात हैं.

                   बस-ट्रेन में रोजाना लाखों लोग अपनी स्वेच्छा से अपने काम- धाम के लिए विभिन्न जगहों पर आना- जाना करते हैं.इनमे से किसी धार्मिक अल्पसंख्यक को सूंघकर ये अपराधी तत्व अशांति फैलाने का काम करते हैं.यदि किसी को कहीं पर कोई कानूनन असंगत बात लगता है, तो वह अपनी शिकायत पुलिस- कानून को कर सकता है, लेकिन हल्ला- बवाल पैदाकर पुलिस को धौंस-धपट दिखाकर कोई भी कानून को प्रभावित नहीं कर सकता. लेकिन यह सब कुछ पुलिस न सिर्फ मूकदर्शक बनकर देखता है वरन सहजरूप से वह इन तत्वों को सक्रिय सहयोग देता है.

              पीयूसीएल की जानकारी में इस मामले में जो तथ्य सामने आया है वह यह है कि,सिस्टर प्रीती मेरी और सिस्टर वंदना फ्रांसिस 25/07/2025 सुबह आगरा से दुर्ग रेलवे स्टेशन इसलिए आएं ताकि वे तीन लड़िकियों को अपने कान्वेंट में खाना पकाने का काम के लिए ले जा सके.ये तीन आदिवासी लड़िकियां जिनका उम्र 19 वर्ष से अधिक था,  नारायणपुर और ओरछा आसपास के थे. उन्हें, उनके ही परिचित सुकमन मंडावी, पूर्व योजना अनुसार, उनके और उनके माता पिता के सहमति से बस द्वारा 25/07/2025 के सुबह करीब 8 बजे दुर्ग पहुंचाए ताकि वे सिस्टरगण के साथ आगरा जा सके.आगरा जाने, सुकमन को छोड़, सभी के लिए सिस्टरगण द्वारा टिकट बुक हो चुका था जो सिस्टरगण के पास था. सुकमन को दुर्ग से वापस अपना घर जाना था. जब सुकमन और ये तीनों लड़कियां प्लेटफार्म में प्रवेश किये तो टीटीई ने उनसे प्लेटफार्म टिकट के लिए पूछताछ किये.जिसपर उन्होंने बताया की टिकट सिस्टर लोगों के पास हैं और वे उनके साथ आगरा जा रहें हैं.

     पूछताछ के दौरान एक बजरंगदली भी था जिसने तुरंत अपने साथियों को दुर्ग रेलवे स्टेशन में बुलाया और सभी को रेलवे पुलिस थाने में सुबह करीब 8.30 - 9.00 बजे ले गये.

रेलवे पुलिस थाने में बजरंगदली सिस्टरगण एवं सुकमन पर तरह-तरह के आरोप, धर्म परिवर्तन और मानव तस्करी का आरोप लगाते, नारें बाजी करतें हुए पुलिस पर मानव तस्करी और धर्मपरिवर्तन के आरोप के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के लिए दबाव बनाते रहें. इसमें ज्योति शर्मा और रवि निगम प्रमुख भूमिका निभाए.ज्योति शर्मा एवं उनके साथी-बजरंगी,  तीनों आदिवासी लड़कियों और सुकमन के फोन एवं उनका झोला का जबरदस्ती पूर्वक परिक्षण करतें हुए तरह तरह के आरोप और धमकी के साथ-साथ मारपीट भी किये. वे लोग सिस्टरगनो को भी गाली एवं मारने की धमकी दिए.सुकमन, जो उन तीनों लड़िकियों की मदद करने आया था, उस पर दलाल होने का आरोप भी लगाया गया. इस दौरान एक लड़की  इतना परेशान हो गयी की वह वापस जाने की बात कहने लगी.ये सिलसिला शाम 5 बजे तक चलता रहा.बजरंगियों के अलावा और किसी को भी सिस्टरगण, सुकमन और लड़िकियों से मिलने या बात करने नहीं दिया गया. रेलवे पुलिस बस मूक दर्शक बने रहें मानो थाना में अब बजरंगियों का कब्जा हो गया हो. रेलवे पुलिस सिस्टरगण के पक्ष में आएं लोगोँ से कहतें रहें की बजरंगियों के चले जाने पर वे इन सबको छोड़ देंगे और आगरा जाने की टिकट भी कर देंगे. 

     मगर बजरंगियों के दबाव के चलते वे 5.30 बजे शाम को दो सिस्टर और सुकमन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दिया गया . रेलवे थाना से उन्हें मोहन नगर पुलिस थाना ले जाया गया और वहां से शाम 6 बजे के बाद मजिस्ट्रेट के पास ले गए जो उन्हें रिमांड में दुर्ग जेल भेज दिए. उन लड़कियों को शेल्टर होम भेज दिया गया.

पीयूसीएल प्रशासन से मांग करता है कि, ननो को अविलम्ब रिहा करे एवं दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें.


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