आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
गुरुवार, 25 सितंबर 2025
Chingari Prime News : पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्य...
बुधवार, 24 सितंबर 2025
"रोड नहीं तो वोट नहीं" आंदोलन को. 8 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ
"रोड नहीं तो वोट नहीं"—गाँव की चीख़
दरभंगा .आज़ादी के 78 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन देश के कई हिस्सों में अब भी विकास केवल भाषण और घोषणाओं तक सीमित है.दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के सुघराईन पंचायत की स्थिति इसका ज्वलंत उदाहरण है.यहाँ के लोग आज भी बारहमासी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं.
हर साल बाढ़ और बारिश के दिनों में कच्ची सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं.गांव के रास्ते जलमग्न होकर पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाते हैं.परिणामस्वरूप, बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती-बाड़ी, रोज़मर्रा की ज़रूरतें और सबसे महत्वपूर्ण—मरीजों को अस्पताल तक ले जाना—सब ठप पड़ जाता है. विकास के कारणों और योजनाओं की चमक-दमक इन ग्रामीणों के लिए केवल एक छलावा साबित हुई है.
इसी पीड़ा ने जन्म दिया "रोड नहीं तो वोट नहीं" आंदोलन को. 8 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ यह आंदोलन अब गाँव की सामूहिक प्रतिज्ञा बन चुका है.पंचायत वासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक आने वाले विधानसभा चुनाव 2025 में वोट का बहिष्कार होगा. हाल ही में 21 सितम्बर 2025 को पूरे पंचायत में मानव-श्रृंखला बनाकर लोगों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया. इसमें पुरुष, महिला, युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल हुए.ग्रामीणों का आक्रोश सिर्फ सड़कों की दुर्दशा तक सीमित नहीं है. उनका गुस्सा नेताओं और प्रशासन की उस पुरानी चाल पर भी है जिसमें चुनाव से पूर्व केवल योजना का बोर्ड लगाकर कार्य पूर्ण होने का भ्रम फैलाया जाता है.गोडेपुरा-सुघराईन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है—दस साल पहले इसका बोर्ड लगा था, लेकिन आज तक सड़क धरातल पर नहीं उतरी.
ग्रामीणों की यह आवाज़ लोकतंत्र की चेतावनी है. यदि मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं कराई जा सकती, तो लोकतंत्र का उत्सव—चुनाव—कैसे सार्थक होगा? सड़क सिर्फ़ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन का आधार है.
सरकार और जनप्रतिनिधियों को यह समझना होगा कि अब जनता केवल वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी. यदि विकास धरातल पर नहीं उतरेगा, तो "रोड नहीं तो वोट नहीं" जैसे आंदोलन लोकतंत्र की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं.
सवाल यह है कि क्या सरकार और प्रशासन सुघराईन पंचायत की इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा, या फिर यह आंदोलन भी चुनावी कोलाहल में कहीं दबकर रह जाएगा?
आलोक कुमार
<https://chingariprimenews.blogspot.com/<AdSense >
मंगलवार, 23 सितंबर 2025
पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी।
पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी।
पटना . पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने एक गंभीर मामले पर कार्रवाई करते हुए लौरिया थाने में सनहा दर्ज कराया है। मामला जिलाधिकारी के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी आदेश जारी करने से संबंधित है. लौरिया अंचल अधिकारी ने थानाध्यक्ष को आवेदन देकर बताया कि 21 सितंबर 2025 को एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर (मो. 6203657540) से उनके मोबाइल पर आदेश पत्र भेजा गया। इस आदेश में दाखिल-खारिज वाद को रिजेक्ट करने की बात कही गई थी.
अंचल अधिकारी ने आवेदन में उल्लेख किया कि संबंधित व्हाट्सएप प्रोफाइल पर पश्चिम चम्पारण जिलाधिकारी का फोटो और नाम अंकित था। इससे यह प्रतीत होता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जिलाधिकारी महोदय की पहचान का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है.जिला पदाधिकारी ने इस मामले को अत्यंत ही गंभीर मानते हुए थाने में सनहा दर्ज करने का निर्देश दिया.उक्त निर्देश के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा लौरिया थाने में सनहा दर्ज करा दी गयी है. पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है.
जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री धर्मेन्द्र कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर या सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से प्राप्त फर्जी संदेश, आदेश पत्र या संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें.उन्होंने कहा कि प्रशासन से जुड़ा कोई भी आधिकारिक आदेश केवल अधिकृत माध्यम से ही जारी होता है.उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी को इस तरह का संदेश प्राप्त होता है तो तुरंत नज़दीकी थाना या जिला प्रशासन को सूचित करें. जिलाधिकारी ने कहा कि फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
आलोक कुमार
<https://chingariprimenews.blogspot.com/<AdSense >
कैथोलिक समुदाय के लिए नई उम्मीद और धार्मिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत है
दुमका.झारखंड का दुमका धर्मप्रांत संथाल परगना के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस धर्मप्रांत का नेतृत्व बिशप जूलियस मरांडी कर रहे हैं और हाल ही में फादर सोनातन किस्कू को सहायक बिशप के रूप में नियुक्त किया गया है.यह नियुक्ति संथाल समाज और कैथोलिक समुदाय के लिए नई उम्मीद और धार्मिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत है.
दुमका धर्मप्रांत की विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत आने वाले चार विधानसभा क्षेत्र—दुमका, जामा, जामताड़ा और सारठ—राजनीतिक रूप से सक्रिय तो हैं, लेकिन इनमें से किसी भी क्षेत्र से अब तक कोई कैथोलिक प्रतिनिधि निर्वाचित नहीं हुआ. वर्तमान समय में आलोक कुमार सोरेन, बसंत सोरेन, श्रीमती लोइस मरांडी और देवेंद्र कुंवर यहां की राजनीति में जनप्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं. यह तथ्य ध्यान खींचता है कि 4,542,658 की कुल जनसंख्या (2023) में 207,336 कैथोलिक होने के बावजूद उनकी राजनीतिक भागीदारी नगण्य है.संथाल, बंगाली, पहाड़िया, उरांव, मुस्लिम और हिंदू जातीय समूहों से मिलकर बने इस क्षेत्र में भाषाई विविधता भी स्पष्ट है. हिंदी, बंगाली, पहाड़िया और उरांव जैसी भाषाएँ यहां की सामाजिक पहचान को और गहरा बनाती हैं. फिर भी कैथोलिक समुदाय की आवाज़ राजनीतिक मंचों पर लगभग गुम ही है.
लोकसभा की 14 सीटों वाले झारखंड में दुमका एक अहम संसदीय क्षेत्र है, परंतु यहां से किसी भी कैथोलिक उम्मीदवार ने चुनावी दावेदारी तक नहीं की.वर्तमान सांसद नलिन सोरेन हैं, जिनका राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट है.झारखंड की राजनीति मूलतः क्षेत्रीय दलों और आदिवासी नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूमती रही है.झारखंड मुक्ति मोर्चा, वनांचल कांग्रेस और मार्क्सवादी समन्वय समिति जैसे दल यहां का आधार तय करते हैं. इस समय मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा राज्य की बागडोर संभाले हुए हैं.
संवैधानिक ढांचे के तहत राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है, लेकिन वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के हाथों में रहती है.इन तमाम परिस्थितियों के बीच सवाल यह है कि क्या झारखंड के कैथोलिक समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलेगा? सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय यह समुदाय राजनीतिक रूप से अब तक उपेक्षित रहा है. भविष्य की राजनीति में अगर इनकी भागीदारी बढ़े, तो यह न केवल समुदाय की पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि राज्य की बहुलतावादी लोकतांत्रिक संरचना को भी मजबूती देगा.दुमका धर्मप्रांत की स्थिति हमें यह सोचने पर विवश करती है कि धर्म और संस्कृति से जुड़े समुदायों की सहभागिता केवल प्रार्थना और आस्था तक सीमित न रहे, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व में भी अपना स्थान सुनिश्चित करे.
आलोक कुमार
सोमवार, 22 सितंबर 2025
सदाकत आश्रम से उठी आवाज़: वोट और हक़ चोरी के खिलाफ बिहार देगा भारत को नई दिशा” – राजेश राम
*सदाकत आश्रम से उठी आवाज़: वोट और हक़ चोरी के खिलाफ बिहार देगा भारत को नई दिशा” – राजेश राम
*कृष्णा अल्लावारू का ऐलान: बिहार बनेगा भारत की राजनीति का केंद्र, पटना की धरती से कांग्रेस देगी आज़ादी की दूसरी लड़ाई का संदेश
पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, सदाकत आश्रम में आज आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश राम ने पूरे प्रदेश और देशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है और यह पर्व अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इसी भावना के साथ संविधान, किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए नई लड़ाई का संकल्प ले रही है.
राजेश राम ने बताया कि आगामी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की विस्तारित बैठक 24 सितम्बर 2025 को पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित होगी और यह बैठक ऐतिहासिक महत्व की है क्योंकि यह वह धरती है जहां स्वतंत्रता संग्राम के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महात्मा गांधी और पंडित नेहरू जैसे नेताओं ने आंदोलन की रणनीति बनाई थी. उन्होंने कहा कि आज जब लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों पर खतरा है, तो इस धरती से कांग्रेस नई लड़ाई की शुरुआत करेगी और बिहार की जनता की आवाज़ को पूरे देश तक पहुंच जाएगी.
राजेश राम ने अपने संवाद में बिहार की समस्याओं पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली, किसानों की दुर्दशा और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार ने जनता को त्रस्त कर दिया है.लाखों नौजवान रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं, किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहे, और महिलाओं की सुरक्षा लगातार खतरे में है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश-मोदी सरकार इन गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं, बल्कि सिर्फ़ वोट बैंक की राजनीति पर ध्यान दे रही हैं। कांग्रेस पार्टी इन समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया और सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक से यह सुनिश्चित करेगी कि बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूंजे.
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों से और केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में, जनता के हर वर्ग के अधिकारों का हनन किया गया है.किसानों के हक की चोरी हुई, जमीन अडानी को ₹1 में दी गई, बेरोजगारी और पलायन बढ़ा, शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हुई और महिला सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। राजेश राम ने कहा कि यह बैठक इन सभी मुद्दों पर गहन चर्चा और ठोस प्रस्तावों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने का अवसर है.उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पार्टी लगातार सड़कों और सदन में जनता की आवाज़ रही है और युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है.
प्रदेश प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि पटना में CWC की विस्तारित बैठक का आयोजन सिर्फ़ कांग्रेस की आंतरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बिहार और पूरे देश के मुद्दों पर राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनेगा.उन्होंने बताया कि बैठक में बेरोजगारी, महंगाई, अपराध, पेपर लीक, महिलाओं पर अत्याचार और किसानों की दुर्दशा जैसे गंभीर मुद्दों पर विचार होगा और ठोस प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी-शाह-नीतीश की राजनीति वोट चोरी पर टिकी है और जनता के वास्तविक मुद्दों पर उनका ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर निर्णायक लड़ाई लड़ेगी और बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे भारत में गूंजेगी.
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों से लूट, भ्रष्टाचार और अन्याय की राजनीति रही है। उन्होंने बताया कि पलायन, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली ने युवाओं और आम जनता का भविष्य प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को उठाते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा और अब यह संघर्ष और तेज होगा.
राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि बिहार कांग्रेस लगातार जनता के आंदोलनों और मुद्दों के बीच रही है. उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित “पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा” और छात्रों-युवाओं के आंदोलनों में कांग्रेस की सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं, शिक्षा की बदहाली और युवाओं के रोजगार को लेकर उठाए गए कदमों ने जनता में जागरूकता और विश्वास पैदा किया है.अब बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे भारत में गूंजेगी और विपक्ष की राजनीति के बजाय लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की लड़ाई बनकर उभरेगी.
राजेश राम ने कहा कि यह बैठक बिहार के लोगों की उम्मीदों और संघर्ष की दिशा तय करेगी और वोट चोरों के खिलाफ निर्णायक संदेश भेजें. उन्होंने सभी वर्गों, चाहे युवा, महिला, किसान या छात्र, के मुद्दों को बैठक में प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया. उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक बिहार और भारत के लिए नए राजनीतिक संदेश और रणनीति तय करेगी, जिसमें जनता के अधिकारों की बहाली, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, और किसानों, नौजवानों और आम जनता के हक की लड़ाई शामिल होगी.
राजेश राम ने प्रेस वार्ता का समापन करते हुए कहा, “यह नवरात्रि अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है। बिहार की धरती से कांग्रेस यह संकल्प लेती है कि हम वोट चोरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और किसानों, नौजवानों और आम जनता के अधिकारों की बहाली के लिए हर कदम उठाएंगे। बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी और जनता के हक की लड़ाई को नई दिशा देगी .
संवाददाता सम्मेलन में बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खां, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दूबे, राजेश राठौड़ उपस्थित थे.
आलोक कुमार
रविवार, 21 सितंबर 2025
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेट वाईड पैरा स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेट वाईड पैरा स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप
पटना. बिहार सरकार दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल तक पहुँचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है. समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा Statewide Para Sports Championship 2025 की रूपरेखा तय कर दी गई है. इस प्रतियोगिता का आयोजन सितम्बर माह में राज्य के विभिन्न जिलों में किया जाएगा.
दिव्यांगजन को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने तथा उनके खेल कौशल को चिन्हित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में पटना जिला में 22 दिसंबर को दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेट वाईड पैरा स्पोर्ट्स चैंपियनशिप (सामर्थ्य), 2025 के तहत खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है.समाज कल्याण विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में इन खेलों का आयोजन पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कंकड़बाग तथा मोइनुल हक स्टेडियम, राजेंद्र नगर में होगा.
पटना जिला के इच्छुक दिव्यांग प्रतिभागी 3 खेल विधाओं के अलग-अलग श्रेणियों में भाग ले सकते हैं. जिलाधिकारी, पटना द्वारा पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर प्रतियोगिता का सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही स्वीप कोषांग के पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर मतदाता जागरूकता अभियान भी चलाने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत स्वीप गतिविधियां चलाई जाएगी. जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 में सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता अपेक्षित है. इसके लिए सम्पूर्ण जिला में बहु-आयामी एवं लक्ष्य-आधारित मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
आलोक कुमार
शनिवार, 20 सितंबर 2025
वीवीपैट के संबंध में मास्टर प्रशिक्षण के रूप में प्रशिक्षण दिया
वीवीपैट के संबंध में मास्टर प्रशिक्षण के रूप में प्रशिक्षण दिया
नालंदा. आज दिनांक 20 सितंबर 2025 को आसन्न बिहार विधानसभा आम निर्वाचन, 2025 के अवसर पर मोहम्मद शफीक, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन सह नोडल पदाधिकारी, प्रशिक्षण कोषांग, की अध्यक्षता में नगर भवन, बिहार शरीफ, नालंदा में चयनित मास्टर प्रशिक्षकों को चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम ,वीवीपैट के संबंध में मास्टर प्रशिक्षण के रूप में प्रशिक्षण दिया गया.
आसन्न विधानसभा चुनाव 2025 के आलोक में EVM सह VVPAT के साथ संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया का नए 130 मास्टर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण दिया गया.आज सभी नए मास्टर प्रशिक्षकों को धर्मेंद्र प्रसाद, SLMT, सुनील कुमार, राजीव रंजन सिन्हा, कुमार राजीव रंजन, कुमार गौरव एवं वेंकटेश्वर कुमार, DMLT के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया.
इस अवसर पर श्री आनंद विजय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा एवं मो0 शाहनवाज, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा द्वारा नए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षक के रूप में अपने कार्य एवं दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके.
आलोक कुमार
The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on
चिंगारी प्राइम न्यूज़
About Us | चिंगारी प्राइम न्यूज़ Chingari Prime News एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ और विचार मंच है, जिसका उद्देश्य सच्ची, तथ्यपरक और ज़मी...
How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post
-
* पटना जेसुइट सोसाइटी में प्रवेश करने के अवसर पर समारोह बेतिया. फादर गैब्रियल माइकल ने गोल्डन जुबली बनाया.पश्चिमी चंपारण के बेस्ट स्कूलों म...
-
बेतिया. बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोवियस ने धर्मप्रांत के फादरों का स्थानांतरण किया है.स्थानांतरित फादरों से कहा गया ...
-
कौवाकोल.नवादा जिले के प्रखंड कौवाकोल के आदर्श उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सोखोदेवरा में बाल संसद का गठन किया गया है.यहां बिहार वाटर डेवलपमेंट स...





