शनिवार, 11 नवंबर 2023

दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित 12 नवंबर रविवार

दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित 12 नवंबर रविवार



पटना. भारत में ख्रीस्तीयों ने 12 नवंबर को दलित मुक्ति रविवार के रुप में अंकित कर समाज में ‘आवाजहीनों की आवाज‘ बनने की आवश्यकता को उजागर करने का प्रयास किया है.

  दलित पहले से ही अछूत के रूप में जाने जाते हैं और अनुसूचित जाति के सदस्य के रूप में भी जाने जाते हैं. हिंदू धर्म की कठोर वर्ण व्यवस्था के तहत वे सबसे नीचे वर्ण अर्थात पायदान में आते हैं.

   भारत ने दलितों के उत्थान के लिए कई सार्वजनिक कार्यक्रमों की स्थापना की है लेकिन उनके प्रति व्यापक भेदभाव और हाशिए पर बनाये रखना जारी है. भारत में 300 मिलियन से अधिक दलित हैं.(1.3 बिलियन नागरिकों में से लगभग 25 प्रतिशत) और, ख्रीस्तीय एवं मुस्लिम अल्पसंख्यकों के बीच, छूआछूत का कलंक व्यापक है.भारत के 28 मिलियन ईसाइयों में से दलितों की संख्या लगभग 60 प्रतिशत हैं, जिसका अर्थ है कि वे अधिकांश समुदायों में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक हाशिए और बहिष्कार का अनुभव करते हैं.

दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित रविवार, जिसमें हम बात करते, चर्चा करते, उत्पीड़न और भेदभाव से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं, ताकि नागरिक सह-अस्तित्व को एक ऐसे संविधान द्वारा विनियमित किया जा सके जो न्याय, समानता, समान अधिकार और सभी के लिए अवसरों की गारंटी देता है। दलितों की स्थिति, जो अभी भी सामाजिक कलंक से चिह्नित है, अक्सर सभी के द्वारा बहिष्कृत हैं, एक असहनीय उल्लंघन है और एक लोकतांत्रिक दुर्बलता को दर्शाता है.

भारतीय कैथोलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के लिए  विभाग बने है.जब ईसाई मिशनरियों ने स्कूल खोले, तो इन दलितों को उन स्कूलों में दाखिला मिला और वो ईसाई बन गए. हर मौके का फायदा उठाते हुए, वो औपनिवेशिक नीति की मदद से आगे बढ़े और इस तरह से दलित आंदोलन संगठित हुआ.

बावजूद इसके आधुनिक युग में भी दलितों के खिलाफ अत्याचारों में कमी नहीं हुई बल्कि यह बढ़ रही है. इसी कारण से, कैथोलिक धर्माध्यक्षों ने भारत की कलीसियाओं के राष्ट्रीय परिषद के साथ मिलकर प्रतिवर्ष नवंबर के दूसरे रविवार को दलित लिबरेशन रविवार के रुप में घोषित किया है.इस वर्ष दलित कैथोलिक दलित लिबरेशन 12 नवम्बर 2023 रविवार को  “दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित रविवार” के रूप में मना रहे हैं.

       हिन्दू होने पर भी दलितों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है लेकिन वे दलित, जो ख्रीस्तीय हैं, उन्हें विश्वास के आधार पर अतिरिक्त भेदभाव सहना पड़ता है, साथ ही वे अन्य दलितों के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता कार्यक्रमों से भी वंचित किये जा रहे हैं.भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने 1950 में एक राष्ट्रपति के आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसमें कहा गया कि हिंदू धर्म से अलग कोई भी धर्म अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जाएगा. बाद में सिख धर्म को(1956) से और बौद्ध धर्म को (1990) से दलितों के लिए लागू कानूनों से लाभ प्राप्त करने की अनुमति दी गई है.

      1936 में ब्रिटिश शासन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया था कि धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने दलितों को शोषित वर्ग नहीं माना जाएगा. 1950 में राष्ट्रपति की तरफ से जारी ‘ दी कॉन्स्टिट्यूशन (शेड्यूल्ड कास्ट्स) ऑर्डर‘ में इस बात का प्रावधान है कि सिर्फ हिंदू, सिख और बौद्ध समुदाय से जुड़े दलितों को ही अनुसूचित जाति का दर्जा मिलेगा. चूंकि ईसाई और मुस्लिम समाज मे जाति व्यवस्था के न होने की बात कही जाती है, इसलिए हिंदू से ईसाई या मुस्लिम बने धर्म परिवर्तित लोग सामाजिक भेदभाव के आधार पर खुद को अलग दर्जा देने की मांग नहीं कर सकते. 

       साल 1950 के राष्ट्रपति आदेश को 1980 के दशक में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. ‘सूसाई बनाम भारत सरकार‘ नाम से चर्चित इस मामले पर 1985 में फैसला आया था. फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ईसाई और मुस्लिम दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने से मना कर दिया था. कोर्ट ने माना था कि राष्ट्रपति आदेश काफी सोच-विचार कर जारी किया गया था. ऐसा कोई भी तथ्य या आंकड़ा उपलब्ध नहीं है जिसके आधार पर धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को वंचित या शोषित माना जा सके.

           गाज़ी सादुद्दीन नाम के याचिकाकर्ता ने 2004 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुस्लिम दलितों को भी आरक्षण का लाभ देने की मांग की. इसके बाद ईसाई संगठनों और लोगों की तरफ से भी कई याचिकाएं दाखिल हुईं जिनमें धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को भी अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की गई. यह याचिकाएं अभी तक लंबित है. कोर्ट ने 2011 में विस्तृत सुनवाई के लिए संवैधानिक सवाल तय किए थे, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी. 

     2007 में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने पूर्व चीफ जस्टिस रंगनाथ मिश्रा की अध्यक्षता मे आयोग का गठन किया. जस्टिस रंगनाथ मिश्रा ने 2009 में अपनी रिपोर्ट दी. इसमें सभी धर्म के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की सिफारिश की गई. उन्होंने मुस्लिम और ईसाइयों को आरक्षण का लाभ देने का भी सुझाव दिया.

      7 अक्टूबर 2022 को केंद्र सरकार ने पूर्व चीफ जस्टिस के जी बालाकृष्णन की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय आयोग बनाया. यह आयोग इस बात की समीक्षा करेगा कि क्या धर्म परिवर्तन कर ईसाई या मुस्लिम बन चुके दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की ज़रूरत है. इस आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 2 साल का समय दिया गया है. 

    केंद्र सरकार के लिए पेश एडिशनल सॉलिसीटर जनरल के एम नटराज ने बालाकृष्णन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करने का सुझाव दिया. याचिकाकर्ताओं के लिए पेश प्रशांत भूषण, कॉलिन गोंजाल्विस, सी यू सिंह जैसे वकीलों ने सुनवाई टालने का विरोध किया. उन्होंने संवैधानिक सवालों पर विचार की मांग की. उनका कहना था कि धर्म के आधार पर कुछ लोगों को अनुसूचित जाति न मानना समानता के अधिकार का उल्लंघन है.

    जस्टिस संजय किशन कौल, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और अरविंद कुमार के सामने कुछ अनुसूचित जाति संगठनों ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने ईसाई और मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने पर सुनवाई न करने की मांग की.

     बताया जाता है अगर मुसलमान और ईसाई दलित धर्मपरिवर्तन करते हैं कि उनको अनुसूचित जाति का आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा.ऐसे लोगों को पिछड़ी जाति का आरक्षण मिलेगा.यदि मुसलमान और ईसाई दलित धर्मपरिवर्तन कर हिंदू धर्म स्वीकार करता है तो उनको वहां पर आरक्षण सुविधा मिल जाएगा.


आलोक कुमार


 

इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे मौलाना कलाम : डा0 अखिलेश

इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे मौलाना कलाम : डा0 अखिलेश


पूरे देश में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता


पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की दो कैटोगरी है। एक वर्ग उनका है जो स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान दिये और दूसरे वो जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ने के साथ-साथ आजादी के बाद भी व्यवस्था की नींव रखने में अमिट छाप छोड़ी। आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद दूसरे वर्ग के रत्नों में से एक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के कारण ही 11 नवम्बर को मनायी जाने वाली उनकी जयंती को पूरे देश में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

      डा0 सिंह स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अबुल कलाम आजाद की सबसे बड़ी पहचान ये है कि वे मौलाना मतलब कट्टर समझे जाने वाले इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे। भारतीय इतिहास में मौलाना आजाद की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक और मुसलमानों के लिए एक प्रथक राष्ट्र की अवधारणा के प्रबल विरोधी के रूप में होती है। भारत में शिक्षा व्यवस्था की नींब रखने में मौलाना आजाद ने अपने दूरगामी सोच का परिचय दिया। उन्होंने यु0जी0सी0 और आई0आई0टी0 जैसे संस्थानों की नींव रखी जो भारत में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा का मापदंड तय करती है।

       जयंती   के अवसर पर सदाकत आश्रम में एक विचार-गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान ने विस्तार से मौलाना आजाद के योगदान को रेखांकित किया। और वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किये।

विचार-गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पटना कॉलेज, पटना के प्राचार्य डा0 तरूण कुमार मौजूद थे। अपने संबोधन में डा0 तरूण कुमार ने मौलाना आजाद के योगदान और हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रति उनके नजरिये पर प्रकाश डाला। मंच संचालन मधुवाला ने किया।

      इसके अलावा इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस नेताओं में शामिल थे- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी,पूर्व मंत्री डा0 अशोक कुमार, संजीव प्रसाद टौनी, विधायक राजेश कुमार, बंटी चौधरी, कपिलदेव यादव, लाल बाबू लाल, ब्रजेश प्रसाद मुनन, निर्मल वर्मा, पूनम पासवान,  डा0 विनोद शर्मा, गरीब दास, शरबत जहां फातिमा, डा0 संजय यादव, आलोक हर्ष, राजेश राठौड़, आनन्द माधव, असित नाथ तिवारी, चन्द्र प्रकाश सिंह, गरीब दास, रीता सिंह,  आई0 पी0 गुप्ता, गुंजन पटेल, नागेन्द्र विकल,  सुधा मिश्रा, असफर अहमद, शाशिकान्त तिवारी, अमरेन्द्र सिंह, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, राजनन्दन कुमार, शशि रंजन, निधि पाण्डेय, अखिलेश्वर सिंह, अश्विनी कुमार, फिरोज हसन, मंटन सिंह,  आदित्य कुमार पासवान, सुमित सन्नी, मृणाल अनामय, ललित सिंह, राज छविराज, अरूणा सिंह, शमा परवीन।  


आलोक कुमार

 

शुक्रवार, 10 नवंबर 2023

सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता

 पटना। बिहार विधानसभा में 9 नवंबर को सर्वसम्मति से पारित 75 प्रतिशत आरक्षण विपत्र को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस के बिहार इकाई के अध्यक्ष व ओजस्वी युवा नेता श्रीमान शिव प्रकाश गरीब दास जी ने अपने कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता किया।

अपने संबोधन में बिहार की मांटी में सामाजिक न्याय के पुरोधा
लालू प्रसाद यादव जी जैसे महामानव के सानिध्य से जननायक के रूप में उभरे तेजस्वी प्रसाद यादव जी और विकास पुरुष के नाम से ख्याति प्राप्त श्रीमान नीतीश कुमार जी जैसे मुख्यमंत्री के साथ-साथ अपनी दादी इंदिरा और पिता राजीव जैसे को भारत की माटी को माटी को अपना लहू पिलाते देखकर परवरिश पाये देश की अखण्डता को आतुर जननेता श्रीमान राहुल गांधी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति प्राप्त हो वहां की जनता कैसे अपने वाजिब अधिकार से वंचित रह सकती है। 

    वर्तमान में सम्पन्न हुए जातीय जनगणना ने न केवल बिहार अपितु ही राष्ट्र की जातीय व्यवस्था और उनकी अवष्यकता राष्ट्र मंच पर उभारने का काम किया है। जिसके मद्देनजर अब राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार की सम्यक नीति ने संविधान में वर्णित समता के अधिकार को फलीभूत करते हुए जिनकी जितनी आबादी उनकी उतनी भागीदारी को प्रस्तुत करने का कार्य किया है जो कि प्रशंसनीय है बिहार सरकार की यह योजना और नीति तब इस बात को चरितार्थ करेगी जब यह योजना और संपूर्ण राष्ट्र में लागू होकर देश की जनता को उनके वाजिब हक से रूबरू कराने का काम करेगी तो यह कहते हुए हमें गर्व होगा की बिहार जागे देश आगे। इस विधेयक के सरजमी पर उतरने से पिछड़े अति पिछडे और दलितों को 15 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ राहुल गांधी जी की दलित उत्थान मनसा को अग्रदूत करेगी।जबकि 10 प्रतिशत के साथ सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों को आगे बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगी जो कि देश के हित में है।



आलोक कुमार

ईसाई समुदाय की तरक्की के बारे में सोचते है ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह

 पटना।बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह हमेशा ईसाई समुदाय की तरक्की के बारे में सोचते है और उस सोच को क्रियान्वित करते हैं.इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ईसाई नेता राजन क्लेमेंट साह देश के जाने माने शिक्षाविद तथा लोकप्रिय शिक्षक खान सर के साथ आज लंच के साथ विभिन्न मुद्दों पर लंबी बातचीत की। देश में युवाओं के भविष्य एवं करियर प्लानिंग पर गहन चर्चा हुई।

         उन्होंने कहा कि आज मेरी बातचीत मुख्य रूप से ईसाई छात्र छात्राओं को सही मार्गदर्शन पर केंद्रित रहा। चर्चा के दौरान यह बात साफ साफ उभर कर सामने आई कि ईसाइयों को अपना करियर स्कूल और अस्पताल के बाहर भी ढूंढने की जरूरत है, ताकि ईसाई समाज का प्रभाव समाज के हर क्षेत्र में कायम हो सके। खान सर ने मेरे आग्रह के उपरांत ईसाई समाज के बच्चों को विशेष रूप से सहयोग करने पर अपनी हामी भर दी है, जिसके लिए मैं हृदय से उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं।

            यह विचारणीय बात है कि ईसाई समाज से जुड़े शिक्षाविद अपने समाज के बच्चों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा ही दे पाते हैं, लेकिन समुचित करियर मार्गदर्शन के अभाव में वे स्कूल और अस्पताल में ही नौकरी कर अपना जीवन व्यतीत करते हैं।

            ईसाई समाज के बच्चों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से आज की मुलाकात काफी महत्वपूर्ण है। मैं अपने स्तर से इस दिशा में विशेष कर गरीब ईसाई बच्चों के सुंदर भविष्य हेतु निरंतर कार्य करता रहूंगा, ताकि हमारे समाज के प्रभाव एवं प्रतिष्ठा में और इजाफा हो सके। आप सभी का सार्थक सहयोग अपेक्षित है।आप मुझ से निः संकोच संपर्क कर सकते हैं।


आलोक कुमार

प्रदर्शनी का उद्घाटन कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा जी ने किया

 प्रदर्शनी का उद्घाटन कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा जी ने किया

फैशन डिजाइनिंग के कार्य को बढ़ावा देने के लिए लर्निंग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का उद्घाटन कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा जी ने किया

महिला समानता दिवस के अवसर पर लर्निंग स्किल लिमिटेड (lL&FS) की तरफ से महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए फैशन प्रदर्शनी का उद्घाटन  कांग्रेस नेता व खादी ग्रामोद्योग से जुड़े श्री निर्मल वर्मा जी ने किया


पटना । लर्निंग स्किल्स लिमिटेड के प्रांगण में फैशन एंटरप्रेन्योर प्रोग्राम में प्रशिक्षित महिलाओं एवं छात्राओं के द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं खादी ग्रामोद्योग वस्त्र शिल्पी कल्याण न्यास के श्री निर्मल वर्मा एवं बिहार कांग्रेस के नेता तनुज वर्मा भी शामिल रहे।


मुख्य अतिथि ने महिला एवं छात्राओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के पोशाकों को देखा, जिसमे कतरन से बने पोशाक को बहुत सराहा। छात्रों के द्वारा हैंडलूम, आभूषण एवं श्रृंगार के सामानों को भी प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत महिला समानता दिवस पर किया गया, तथा आज लगभग 37 छात्राओं में से 15 छात्राओं ने अपना रोजगार शुरू किया और लगभग 100 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगले वर्ष 300 से ज्यादा छात्राओं का इस प्रशिक्षण में शामिल करने का लक्ष्य है।

इस प्रदर्शनी में लर्निंग स्किल्स लिमिटेड बिहार के रीजनल. श्री शैलेश कुमार सिंह, ज्योति प्रकाश सिन्हा, अनिल शंकर मिश्रा, संगीता कुमारी, अंजली, किशन शर्मा, अंकुल कुमार, आलम आदि शामिल हुए।

आलोक कुमार

जिलाधिकारी ने राजगीर प्रखंड के मेयार एवं पथरौरा पंचायत में

 जिलाधिकारी ने राजगीर प्रखंड के मेयार एवं पथरौरा पंचायत में विभिन्न कार्यों का किया स्थल निरीक्षण

राजगीर ।    राजगीर प्रखंड में आयोजित जनसंवाद  कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आजप्रखंड के राजगीर नगर परिषद तथा मेयार एवं पथरौरा पंचायतन्तर्गत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कराये गये कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।

    नगर परिषद राजगीर के बुद्ध कॉलोनी स्थित बुद्धा मशरूम स्पॉन लैब का निरीक्षण किया। इसका संचालन श्रीमती मधु पटेल द्वारा किया जा रहा है। इनके द्वारा कृत्रिम परिवेश में पर्ल का भी उत्पादन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने उनसे बातचीत की तथा उनके कार्यों की सराहना की।

   मेयार पंचायत में नहर पर निर्मित चेकडैम का निरीक्षण किया।

    पथरौरा पंचायत के बसुऐन में ज्ञान जीविका संकुल संघ द्वारा संचालित  विकासशील जीविका महिला कस्टम हायरिंग सेंटर का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इस सेंटर के माध्यम से ट्रैक्टर, रोटावेटर आदि विभिन्न कृषि यंत्रों का उपयोग जीविका दीदियां अपने कृषि कार्यों के लिए करती हैं तथा भाड़े पर भी कृषि यंत्रों को दिया जाता है।इस सेंटर की स्थापना के लिए कृषि विभाग द्वारा 8 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।इस सेंटर का संचालन कर रही जीविका दीदियों से उन्होंने विस्तृत जानकारी ली तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

   इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।


आलोक कुमार

सरयू घाट इस वर्ष प्रतिबंधित घाट है, वहां कोई आमजन नहीं जाए

 ज़िला पदाधिकारी एव एसएसपी द्वारा आज विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए

सरयू घाट इस वर्ष प्रतिबंधित घाट है, वहां कोई आमजन नहीं जाए

 

गया ।श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था का महापर्व छठ पर्व के अवसर पर छठ व्रतियों को अपेक्षित सुविधा प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती द्वारा संयुक्त रूप से गया जिला के महत्वपूर्ण छठ घाटों का निरीक्षण किया गया।

        सर्वप्रथम उन्होंने केंदुई घाट का निरीक्षण किया गया। उपस्थित छठ पूजा समिति के सदस्यों को जिलाधिकारी ने कहा कि केंदुई घाट पर काफी भारी संख्या में लोग उपस्थित होते हैं। उन्होंने छठ पूजा समिति केंदुई को कहा कि श्रमदान करके केंदुई घाट को और अच्छी तरह साफ कराएं। उन्होंने वाहन पड़ाव के लिए उगे हुए झाड़ियों को साफ करने का निर्देश दिया। उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि दूर-दूर से आने वाले छठ व्रती इसी घाट पर भगवान सूर्य का अर्घ्य देते हैं। उपस्थित स्थानीय ने बताया कि इस घाट पर भीड़ अधिक होने के कारण चार-पांच अलग अलग सब घाट (sub ghat) केंदुई घाट में बनाया जाता जिससे भीड़ नियंत्रित रहती है। उन्होंने वरीय उप समाहर्त्ता, जिला नजारत को निर्देश दिया कि केंदुई घाट काफी बड़ा घाट है इसलिए इस घाट पर मार्किंग सिस्टम दुरुस्त होना चाहिए। साथ ही जगह-जगह पर चेंजिंग रूम बनवाना सुनिश्चित करें। जगह जगह सीसीटीवी लगवाए। केंदुइ घाट आने के सभी रास्तों को स्मूथ/ चलंत/ समतल बनवाये। इसके साथ की रौशनी की पूरी व्यवस्था रखे।

         जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि जेसीबी मशीन से केंदुई घाट जाने के रास्ते को स्लोपिंग बनाएं एवं चौड़ीकरण कराएं। डीएम ने खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संवेदक से सुनिश्चित कराये की केंदुई नदी के बीच में बने गड्ढे को भरवाए।

      ऐसी सूचना मिली है कि संध्या अर्घ्य एवं सुबह अर्घ्य देने आने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम का बहुत समस्या होती है, इसे पूरी गंभीरता से ले। आमजन आसानी से घाट पहुच सके, इसके लिए वाहनों का आवागमन सुगम रखे।

      ज़िला पदाधिकारी ने आम जनों से अपील किया है कि जो श्रद्धालु केंदुई घाट पर अर्घ्य देना चाहते हैं तो वह समय से 1 घंटा पहले पहुच जाए यहां काफी अधिक भीड़ होती है। बेवजह रोड पर वाहन का पड़ाव न हो, इसे देखे। मुख्य सड़क को oneway रखे। खिरियावा घाट से बाईपास तक मोटरसाइकिल पुलिस टीम द्वारा भीड़ को रेगुलेट एव ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। घाट आने के रास्ते में जहां भी दलदल या जल जमाव है वहां पर बैरिकेडिंग करवाना सुनिश्चित करें रास्तों पर एवं घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करवाये।

          पोलटेकनिक घाट निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने रास्ता को समतल बनवाने का निर्देश दिए उन्होंने निर्देश दिया कि छोटे आकार का जेसीबी मशीन लगाकर पूरे जंगल झाड़ को साफ करवा पर्याप्त संख्या में ट्यूबलाइट एवं बल्ब के माध्यम से रोशनी का पुख्ता इंतजाम करें घाट का प्रॉपर साफ सफाई करवाये।

       इसके उपरांत सीताकुंड घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गयाजी डैम के निर्माण होने से फल्गु नदी में काफी पानी एकत्रित है इसे देखते हुए उन्होंने कहा कि स्टील ब्रिज से सीता कुंड जाने वाले पैदल पाथवे होते हुए पंचदेव घाट तक पूरी मजबूती से  बेरिकेडिंग   करवाये ताकि एक सीमित पानी के बाद कोई गहरा पानी की ओर नदी में न जा सकें। उन्होंने कहा कि   बेरिकेडिंग   के ऊपर लाल रंग का झंडा का भी लगावे ताकि लोगों को महसूस हो सकेगी बैरी कटिंग के बाद गहरा पानी है। उन्होंने निर्देश दिया कि पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम, चेंजिंग रूम, सीसीटीवी कैमरा सहित अन्य व्यवस्थाएं सभी घाटों पर रखें। उन्होंने नगर आयुक्त गया नगर निगम को निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत जितने भी छठ घाट हैं। सभी छठ घाटों में साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था रखें। इसी प्रकार देवघाट के तरफ भी सभी तैयारियां रखे। एनडीआरएफ एव गोताखोर की टीम नाव सहित लगातार मूवमेंट में रहे, इसे सुनिश्चित करवाये।

         सूर्यकुंड तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने गया नगर निगम को मजबूती से बेरिकेडिंग करने एवं तालाब के चारों ओर जमी काई को हटाने का निर्देश दिया साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सूर्य कुंड के चारों तरफ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराएं। चेंजिंग रूम अस्थाई, पी ए सिस्टम, सीसीटीवी अधिष्ठापन कंट्रोल रूम का निर्माण करने सहित अन्य आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वस्त कराया कि किसी भी हाल में कोई भी छठ व्रती वेरिकेटिंग के बाहर पूजा ना करें, यह ध्यान दें। सूर्यकुंड घाट के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में सूर्य कुंड में लगभग 27 फीट गहरा पानी है। जिला पदाधिकारी ने सूर्य कुंड पानी एवं सूर्य कुंड से निकलने वाले विभिन्न रास्तों के बारे में विस्तार से जानकारी लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि एंट्री एवं एग्जिट रास्ता सेपरेट रखें। उन्होंने प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा शाखा को निर्देश दिया कि नाव सहित एसडीआरएफ की टीम सूर्यकुंड में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित रखें।  सूर्य कुंड घाट में आने वाले सभी रास्तों को चलंत बनाएं यदि कहीं भी रास्ता खराब है तो उसे तुरंत स्मूथ बनाएं। सभी रास्तों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें अभी से ही रूट लाइन तैयार कर ले। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि संध्या अर्घ के समय सबसे ज्यादा भीड़ सूर्य कुंड में ही होता है। इसे देखते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी व्यापक व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिजली के जर्जर तार या लटकी हुई तारों को तुरंत ठीक करावे।

      जिला पदाधिकारी ने आम जनों से अपील किया है कि सूर्य कुंड में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए संध्या अर्घ्य देने वाले छठ व्रती दोपहर 2:00 ही आकर अपना स्थान ग्रहण कर ले। एकाएक शाम में न आवे।

     सूर्यकुंड में क्षमता से अधिक वीर होने पर उसे देवघाट में डाइवर्ट किया जाएगा। सूर्यकुंड उतरने वाले सीढ़ियों के समीप एक जर्जर कमरा को छठ पर्व के पहले तोड़वाने का निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी हताहत नहीं हो सके।

          इसके उपरांत पिता महेश्वर छठ घाट का निरीक्षण किया गया उन्होंने निर्देश दिया कि छठ व्रतियों के जनसैलाब को पिता महेश्वर घाट आने में कोई समस्या ना हो इसे देखा डिवाइडर लगाते हुए आने एवं जाने वाले छठ व्रतियों का रास्ता को सेपरेट रखें।

          केंदुई घाट तथा पिता महेश्वर घाट में बड़ी भीड़ होने की संभावना है। इसे लेकर पी एस सिस्टम, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी तथा वॉच टावर को पूरी अच्छी तरह से पालन करावे।

          निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर तथा नगर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी छठ घाट पर पटाखा फोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है, सभी आयोजक समिति एव प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एव पुलिस पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करवाये।

       निरीक्षण के क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, सहायक समाहर्ता, एसडीओ सदर, टाउन डीएसपी, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी, ज़िला आपदा पदाधिकारी, ज़िला खनन पदाधिकारी, जन सम्पर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बिजली/ पीएचईडी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, बीटीएमसी के सदस्य सहित अन्य पदाधिकारी एव स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ साथ आयोजक समिति के सदस्य मौजूद थे।

आलोक कुमार

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