सोमवार, 13 अक्टूबर 2025

आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर प्रवर्तन एजेंसियों की बैठक सम्पन्न

 बेतिया.आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर प्रवर्तन एजेंसियों की बैठक सम्पन्न. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए कई अहम निर्देश. बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2025 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए आज समाहरणालय सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री धर्मेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सभी प्रवर्तन एजेंसियों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई.

     बैठक का उद्देश्य आदर्श आचार संहिता (MCC) के प्रभावी पालन तथा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करना था.बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एफएसटी (Flying Squad Team) एवं एसएसटी (Static Surveillance Team) आपसी समन्वय के साथ सक्रियता से कार्य करें.गश्ती दलों की संख्या तथा गश्ती बढ़ाई जाए तथा जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाए, साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मानक प्रक्रिया प्रचालन (SOP) के अनुरूप नकद, शराब, मादक पदार्थ, फर्जी मुद्रा, ड्रग्स एवं फ्रीबी आदि पर पूर्ण नियंत्रण रखा जाए. वैध नकद के परिवहन के दौरान आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए.

    बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि आयकर विभाग, उत्पाद विभाग, पुलिस, सीमा शुल्क, नारकोटिक्स ब्यूरो, डीआरआई तथा अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि किसी भी शिकायत या सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संपर्क बनाए रखने की बात कही गई. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि व्यय अनुश्रवण से संबंधित सभी व्यवस्थाएं—जैसे उड़नदस्ता, स्थैतिक निगरानी दल, वीडियो सर्विलांस टीम एवं अकाउंट टीम—भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सुचारू रूप से कार्य करें।उन्होंने सभी एजेंसियों को Compendium of Instructions on Election Expenditure Monitoring (Dec 2024) में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि सी-विजिल एप पर नागरिकों द्वारा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाए, ताकि आम जन की सहभागिता से आदर्श आचार संहिता का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके.

          बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पश्चिम चम्पारण जिले की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि पड़ोसी जिलों, राज्यों तथा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से नकद, शराब या मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके.इसके लिए सीमावर्ती जिलों एवं राज्यों के साथ संयुक्त अभियान चलाने, ज्वाइंट कंट्रोल रूम तथा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) स्थापित करने के निर्देश दिए गए.साथ ही स्थैतिक निगरानी दलों के चेक पोस्टों पर वाहनों की गहन तलाशी एवं संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. भवनों और परिसरों की भी सघन जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि न हो.जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सभी एजेंसियां ESMS (Expenditure Sensitive Monitoring System) का प्रभावी उपयोग करें तथा जब्ती से संबंधित सभी प्रतिवेदन समय पर एवं स्पष्टता के साथ अपलोड करें.जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने लोगों से कहा है कि 50 हजार से ज्यादा की राशि आपके साथ है तो उसकी जांच होगी.

      बैठक में व्यय प्रेक्षक,श्री अनिल कुमार एवं श्री विनय कुमार कांथेटी सहित विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी, पुलिस प्रशासन, उत्पाद विभाग, सीमा शुल्क, आयकर विभाग सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

रविवार, 12 अक्टूबर 2025

बिहार में उभरते क्रिकेटरों में वैभव सूर्यवंशी के अलावे अनेक प्लेयर हैं

 बिहार में उभरते क्रिकेटरों में वैभव सूर्यवंशी के अलावे अनेक प्लेयर हैं

           बिहार क्रिकेट: लगातार गिरावट की कहानी


पटना .बिहार क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए ये खबर बेहद निराशाजनक है कि रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में टीम एलीट ग्रुप से बाहर होकर फिर से प्लेट ग्रुप में लौट गई है. कभी उम्मीदों की नई सुबह के साथ रणजी में वापसी करने वाली यह टीम अब लगातार गिरावट का शिकार बनती जा रही है. 2018 में बिहार को रणजी में दोबारा मान्यता मिली थी. प्लेट ग्रुप में शानदार प्रदर्शन कर एलीट ग्रुप तक का सफर तय करने वाली टीम से क्रिकेट प्रेमियों को बड़ी उम्मीदें थीं.

      लेकिन इन सात वर्षों में बिहार क्रिकेट की तस्वीर में सुधार के बजाय गिरावट ही दिखी है. रणजी 2025-26 के पूरे सीजन में भी बिहार किसी तरह एलीट ग्रुप में टिकी रही थी, मगर इस बार केरल के खिलाफ शर्मनाक हार ने उस संभावना को भी खत्म कर दिया. चार दिन के मैच में कुछ ही घंटों में दो बार ऑल आउट होना न केवल तकनीकी कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि मानसिक तैयारी और टीम संयोजन की कमी को भी दिखाता है. सात में से पाँच मैच पारी से हराया इस बात का प्रमाण है कि बिहार की रणजी टीम में न बल्लेबाजी का भरोसा है और न गेंदबाजी की निरंतरता.रणजी ट्रॉफी के नए सीजन में बिहार फिर से प्लेट ग्रुप में खेलेगी. जहां उसका सामना अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम जैसी टीमों से होगा.दये मुकाबले बिहार के लिए आत्ममंथन का मौका होंगे.सिर्फ हार-जीत नहीं, बल्कि यह समय है यह समझने का कि क्या बिहार क्रिकेट संरचना में सुधार की जरूरत है, क्या प्रतिभाओं को सही अवसर मिल रहे हैं, और क्या राज्य क्रिकेट संघ में पारदर्शिता व योजना की कमी इस पतन की वजह बन रही है. अब जबकि बिहार 15 अक्टूबर से अपने नए सफर की शुरुआत मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ करेगा, उम्मीद यही की जानी चाहिए कि यह गिरावट का नहीं, बल्कि पुनरुत्थान का आरंभ बने. बिहार क्रिकेट को अब आत्मसम्मान बचाने से आगे बढ़कर एक नई पहचान गढ़नी होगी..

     ऑस्ट्रेलिया  दौरा से वैभव सूर्यवंशी बिहार आ गये हैं.इस समय उनके हाथ से एक बड़ा मौका हाथ से निकल रहा है. वैभव को इस रणजी ट्रॉफी में बिहार टीम की तरफ से खेलने का मौका मिल सकता था, लेकिन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (ठब्।) में सीनियर सिलेक्शन पैनल में तीन स्लॉट खाली हैं. इन पदों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने किसी की नियुक्ति नहीं की है. इन पदों पर जब तक ठब्ब्प् नियुक्ति नहीं करती है, तब बिहार की रणजी ट्रॉफी टीम चयन करने के लिए सेलेक्टर्स नहीं मिलेंगे और सेलेक्शन कमेटी में जब तक लोग ही नहीं होंगे, तब तक वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल नहीं किया जा सकता है.

  वैभव सूर्यवंशी पिछले एक साल से बेहकर फॉर्म में नजर आ रहे हैं. बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी का अगला सीजन 15 अक्टूबर के बाद से शुरू हो रहा है. बीसीए की सेलेक्शन कमेटी में तब तक भर्ती नहीं होती है तो वैभव सूर्यवंशी को इस बार रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका नहीं मिलेगा. वैभव ने अंडर-19 डेब्यू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में 62 गेंदों में 104 रन बनाए थे. इसी के साथ वे भारत के लिए टेस्ट में सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. 14 साल की उम्र में ही वैभव ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू किया और आईपीएल में भी वे 35 गेंदों में सेंचुरी ठोकर सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए.

आलोक कुमार

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच मैच खेला गया

गुवाहाटी.भारत और श्रीलंका के द्वारा संयुक्त रूप से महिला वनडे विश्व कप का मेजबानी किया जा रहा है.अब तक 12 मैच खेले जा चुके है.अभी तक चार शतक बनाया गया है.विश्व कप 2025 के पहले वनडे मुकाबले में मेजबान भारत ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल कर ली है. टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम के लिए यह मैच काफी अहम था, खासकर इसलिए क्योंकि पहली पारी में टीम एक समय बेहद मुश्किल में थी, जब 124 के स्कोर पर छह विकेट गिर चुके थे. लेकिन इस कठिन परिस्थिति से अमनजोत कौर, स्नेह राणा, और दीप्ति शर्मा ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए टीम को न सिर्फ मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि गेंदबाजी में भी जीत की नींव रखी.

    महिला वर्ल्ड कप 2025 का दूसरा मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच मैच खेला गया.महिला विश्व कप का दूसरा मुकाबला दर्शकों के लिए यादगार बन गया. महिला विश्व कप का दूसरा मुकाबला दर्शकों के लिए यादगार बन गया. 1 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए इस मैच में बल्लेबाजी का अद्भुत नजारा देखने को मिला. दोनों टीमों की कप्तान और प्रमुख खिलाड़ी शतकों की चमक बिखेरती दिखीं.

     ऑस्ट्रेलिया की एश्ले गार्डनर ने मात्र 83 गेंदों में 115 रन ठोककर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.यह पारी न सिर्फ मैच का टर्निंग पॉइंट बनी, बल्कि महिला विश्व कप इतिहास में छठे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने वाली खिलाड़ी द्वारा खेली गई सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी बन गई.गार्डनर की यह विस्फोटक बल्लेबाजी दर्शाती है कि महिला क्रिकेट अब गति और दमखम दोनों में नए मानक स्थापित कर रहा है.

     दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन ने भी हार नहीं मानी और 112 रन की शानदार पारी खेली.लेकिन उनके अकेले प्रयास से टीम को जीत नहीं मिल सकी.

   मैच का नतीजा भले ही ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में 89 रन की जीत के रूप में दर्ज हुआ हो, लेकिन इस मुकाबले ने यह साबित किया कि महिला क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा अब उच्चतम स्तर पर है.

एक ही दिन में दो शतक — यह इस विश्व कप के स्तर और रोमांच का प्रतीक है.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025

साई सुदर्शन भी नए स्टार बनने जा रहे हैं

 जन्मदिन की अग्रिम बधाई


दिल्ली.भारद्वाज साईं सुदर्शन का जन्म 15 अक्टूबर 2001 को हुआ है.वह एक होनहार भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं, जो तमिलनाडु और इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटन्स के लिए खेलते हैं.उन्होंने दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अपना एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (वनडे) पदार्पण किया.

   इसके दो साल के बाद भारद्वाज साईं सुदर्शन ने 20 जून 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट मैच में डेब्यू किया.यह तारीख खास है क्योंकि इसी दिन राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने भी टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था.

     आपको बता दें कि 20 जून की तारीख को ही साल 1996 में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने एक साथ अपना टेस्ट डेब्यू किया था.ये मैच भी इंग्लैंड के खिलाफ ही खेला गया था.इसके बाद साल 2011 में 20 जून को ही विराट कोहली ने अपना डेब्यू किया था. खास बात ये है कि 20 जून को डेब्यू करने वाले ये तीनों ही खिलाड़ी 100 से ज्यादा टेस्ट खेलने में कामयाब रहे हैं. साथ ही तीनों ने अपने अपने वक्त में भारतीय टीम की कप्तानी भी की है.

     अब देखना है कि साई सुदर्शन किस्मत के कितने धनी आदमी हो सकते हैं. वे पहली बार भारतीय टीम में शामिल ​हुए और पहले ही मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका भी मिल गया. भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज के पहले मैच में जब कप्तान शुभमन गिल टॉस के लिए आए तो उन्होंने ऐलान कर दिया कि साई सुदर्शन इस मैच में डेब्यू कर रहे हैं.

    साई सुदर्शन भी नए स्टार बनने जा रहे हैं.ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। साई सुदर्शन अब तक 29 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर उसमें 1957 रन बना चुके हैं। उनका औसत 39.93 का है। साई सुदर्शन ने इस दौरान 7 शतक और 5 अर्धशतक लगाने काम किया है। अब यही आंकड़े उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में भी दोहराने होंगे.

   जहां तक टेस्ट मैच की बात है.साई सुदर्शन ने अब तक चार टेस्ट मैचों की 7 पारियों में 21 की औसत से 147 रन बनाए हैं. उनके बल्ले से एकमात्र अर्धशतक इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में आया था.वहां उन्होंने पहली पारी में 60 रन बनाए थे। अब वह वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भी बड़ी पारी खेलना चाहेंगे, जिससे कि टेस्ट टीम में उनकी जगह बनी रहे.

वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद मैच में वह 19 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हो गए थे। इस बीच दूसरे टेस्ट मैच  के बारे में डोएशे ने कहा कि मुझे यकीन है कि सुदर्शन को हमारा पूरा सपोर्ट मिला हुआ है और वह इस बात को जानता है। कप्तान और कोचिंग स्टाफ भी उसे पूरा सपोर्ट करते हैं और हमें लगता है कि वह बहुत जल्द अपना वादा पूरा करेगा.

      दिल्ली में खेले जा रहे वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में सुदर्शन पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन करने के दबाव में 87 रन बनाकर पवेलियन चले गए.अब साई सुदर्शन ने पांच टेस्ट मैचों की 8 पारियों में 234 रन बनाए हैं. उनके बल्ले से दो अर्धशतक बना है.एक इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में आया था.वहां उन्होंने पहली पारी में 60 रन बनाए थे.दूसरी वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में आया.यहां पहली पारी में 87 रन बनाए हैं.


आलोक कुमार


गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

पूर्व आईएएस दिनेश कुमार राय का नया अध्याय

 जनसेवा से जनसमर्पण तक है पूर्व आईएएस दिनेश कुमार राय का नया अध्याय

पश्चिम चंपारण.आईएएस दिनेश कुमार राय का नाम बिहार प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य और ईमानदार छवि के लिए जाना जाता है.लगभग नौ वर्षों तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निजी सचिव के रूप में कार्य करने के बाद, उन्होंने दो वर्षों तक पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में अपनी पहचान बनाई.कुर्मी समुदाय से आने वाले राय ने हर पद पर अपनी जनसेवा और कर्मठता की मिसाल पेश की.

     पश्चिम चंपारण के डीएम रहते हुए उन्होंने ‘हर घर नल का जल’ योजना को युद्धस्तर पर लागू किया, जिससे ग्रामीण इलाक़ों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुँची. प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने जनता से सीधा संवाद बनाए रखा और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा.

    15 जुलाई से उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर एक नया सफ़र शुरू किया है. अब पूर्व आईएएस दिनेश कुमार राय जनता के दरबार में “आपका बेटा, आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत करगहर विधानसभा-209 के गाँव-गाँव में पहुँच रहे हैं.हरि नारायणपुर, खरसान, कल्याणपुर और मोमिनपुर जैसे गांवों में लोगों का अपार स्नेह और समर्थन देखकर वे भावुक हो उठे.

       दिनेश कुमार राय कहते हैं कि “जब मैं नौकरी में था तो बंधनों से घिरा हुआ था, पर अब स्वतंत्र होकर अपनी जनता की सेवा कर रहा हूँ.माता-पिता से मिली जनसेवा की सीख और आप सबका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है.आपने मुझे बेटा कहा, अपना समझा — यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.”

       उन्होंने कहा कि “मैं हृदय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और करगहर की जागरूक जनता का आभार प्रकट करता हूँ. आपको विश्वास मेरी ताकत है, और आपका आशीर्वाद मेरा संबल.मैं वचन देता हूँ — आपके सुख-दुःख और विकास की हर राह पर सदैव आपके साथ खड़ा रहूँगा.”

    पूर्व डीएम दिनेश कुमार राय अब जनसेवा के एक नए अध्याय में हैं — जहाँ वे किसी पद की शक्ति से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से प्रेरित होकर “रंक बनकर राजा की जनता” की सेवा में जुटे हैं.

आलोक कुमार

https://www.youtube.com/channel/UCVFPBvF87FPfMsmd6LBbULA 

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में गजब का जज्बा दिखाया

भारत की अंडर-19 टीम का ऑस्ट्रेलिया में परचम


पटना. भारतीय अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे को ऐतिहासिक अंदाज़ में खत्म किया है. दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज में 0-2 की जीत दर्ज कर युवा टीम ने यह साबित कर दिया कि भारत की नई पीढ़ी भी उतनी ही सशक्त है जितनी सीनियर टीम।दूसरे यूथ टेस्ट में गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला। पहले ही दिन 17 विकेट गिरने से मुकाबले का रुख तय हो गया.ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 135 रनों पर सिमट गई, जिसके जवाब में भारत ने 171 रन बनाकर 36 रनों की अहम बढ़त हासिल की.

    यह बढ़त बाद में निर्णायक साबित हुई.भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में गजब का जज्बा दिखाया.दीपेश ने 28 और खिलेन पटेल ने 26 रन बनाकर टीम को मजबूती दी. गेंदबाजी में भारतीय अटैक ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को फिर से नतमस्तक किया और दूसरी पारी में उन्हें महज 116 रनों पर समेट दिया. 81 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने तीन विकेट खोकर जीत हासिल कर ली. यह जीत सिर्फ मैच की नहीं, बल्कि पूरी सीरीज के आत्मविश्वास की कहानी है.

     भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज को भी 3-0 से अपने नाम किया था. यानी दौरे का अंत 5-0 की क्लीन स्वीप के साथ हुआ — एक ऐसा प्रदर्शन जो बताता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है.

     दूसरा यूथ टेस्ट एक लो-स्कोरिंग थ्रिलर साबित हुआ. ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में सिर्फ 145 रन ही बना सकी, जिसके जवाब में भारत ने 160 रन बनाकर 15 रनों की बढ़त हासिल की. दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिर लड़खड़ा गए और पूरी टीम 116 रन पर ढेर हो गई. भारत को जीत के लिए सिर्फ 102 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 12 ओवर में हासिल कर लिया. इस मैच में दोनों टीमों के बीच कुल मिलाकर सिर्फ 506 रन बने जो भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच अब तक का सबसे कम मैच एग्रीगेट है.

   निष्कर्ष: भारत की अंडर-19 टीम ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि क्रिकेट की मूल भावना — संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास — का परिचय भी दिया. यह श्रृंखला भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक देती है.


आलोक कुमार

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