शनिवार, 10 मई 2025

भारतीय सेना के समर्थन में कांग्रेस ने निकाला भव्य तिरंगा यात्रा

 


भारतीय सेना के समर्थन में कांग्रेस ने निकाला भव्य तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना के समर्थन में कांग्रेस का भव्य तिरंगा यात्रा का हुआ आयोजन

पटना . भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और वीरता के समर्थन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति से लेकर कारगिल चैक तक भव्य तिरंगा यात्रा एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में निकाला.

        संध्या में निकले इस यात्रा में भारतीय सेना के समर्थन में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारे लगाए.पाकिस्तान के नापाक हरकतों के खिलाफ भी नेताओं ने नारेबाजी की और सेना के समर्थन में इस यात्रा के आयोजन का महत्व बताया.

         एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा भारतीय सेना के वीर जवानों के देश के प्रति समर्पण और जज्बे के समर्थन में कांग्रेस के द्वारा देश भर में आयोजित समर्थन यात्रा के फलस्वरूप बिहार से प्रदर्शित संदेश था कि जब आप देश के लिए युद्ध जैसे हालात में मजबूती से दुश्मन देश पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं तो हम सब आपके लिए प्रत्येक परिस्थिति में खड़े मिलेंगे. देश में जो स्थिति है, उसमें हम भारतीय सेनाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और सेनाओं के शौर्य, साहस को सलाम करते हैं.इस तिरंगा यात्रा ने आम लोगों में जागरूकता भी लाने का काम किया है और युद्ध के स्थिति में सेना के द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन और रक्तदान को भी हम आम लोगों को प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय सेना के साथ कांग्रेस का एक एकर कार्यकर्ता मजबूती से खड़ा है.हम जवानों के परिवार के साथ हैं और उनके लिए हर परिस्थितियों में अपना साथ देंगे.

    प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि ये वो भारतीय सेना है, जिसने अपने शौर्य और पराक्रम के बल पर पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे. आज एक बार फिर आतंक के पनाहगारों को सबक सिखाने का समय आ चुका है. कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता इस घड़ी में सेना के साथ खड़े हैं. पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंक को बढ़ावा देकर, बार-बार भारत के स्वाभिमान को चुनौती दे रहा है.ऐसे में भारत की सरकार को कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने सर्वदलीय बैठक में पूर्ण समर्थन दिया है और भारतीय सेना के समर्थन में हम यात्रा निकालकर उनके मनोबल को बुलंद करने के लिए तिरंगा यात्रा देश भर में निकाल रहे हैं.

   प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि भारतीय सेना आतंक को खत्म करने के लिए हर मोर्चे पर पाकिस्तान को सबक सिखा रही है. सेना का साफ संदेश है कि भारत के खिलाफ जो कोई भी आंख उठाकर देखेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. कांग्रेस पार्टी सेना के इस फैसले के साथ खड़ी है और उनके प्रत्येक निर्देशों को आम जनता तक पहुंचाने में मददगार की भूमिका में पूरे युद्ध के स्थिति तक बनी रहेगी. बिहार कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता सेना के साथ खड़ा है और किसी भी आपात स्थिति में हम रक्तदान से लेकर कारसेवा तक करने के लिए तैयार हैं.सीमा पर खड़े जवानों के साथ तीनों सेना के जवानों और उनके परिवार के साथ बिहार कांग्रेस हर कदम पर साथ खड़ा है.

     तिरंगा मार्च में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, डा0 शकील अहमद, बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी देवेन्द्र यादव, कौकब कादरी,  मोती लाल शर्मा,  विजेन्द्र  चौधरी , विजय शंकर दूबे, कृपानाथ पाठक, प्रेमचन्द्र मिश्रा, डा0 समीर कुमार सिंह, नरेन्द्र कुमार, वीणा शाही, जितेन्द्र गुप्ता,  जमाल अहमद भल्लू, राजेश राठौड़, आनंद माधव , ब्रजेश पाण्डेय, प्रवीण सिंह कुशवाहा, अजय चौधरी , मंजीत आनन्द साहू,, डा0 संजय यादव, राज कुमार राजन, नागेन्द्र कुमार विकल, प्रमोद कुमार सिंह, मुन्ना शाही, मनोज कुमार सिंह, अनिल कुमार, ज्ञान रंजन,  राजेश सिन्हा, चन्द्रप्रकाश सिंह,  कुमार आशीष, गुंजन पटेल , डा0 अजय कुमार सिंह, विनय वर्मा,ई0सजीव सिंह केसर कुमार सिंह निधि पाण्डेय,  शकीलुर रहमान ,सौरभ सिन्हा, शशि रंजन, राजीव मेहता,शरीफ रंगरेज, सुधा मिश्रा, प्रभात कुमार सिंह,  आजमी बारी, सिद्वार्थ क्षत्रिय, वैद्यनाथ शर्मा, अशोक गगन, शशिकांत तिवारी, राजेन्द्र  चौधरी , संजीव कर्मवीर, मधुरेन्द्र कुमार सिंह विमलेश तिवारी, रौशन कुमार सिंह, उदय शंकर पटेल, सुनील कुमार सिंह, आदित्य पासचान, मो0 शाहनवाज, उमेश कुमार राम, ललन यादव,, राजेश मिश्रा, मिथिलेश शर्मा मधुकर, हीरा सिंह वग्गा,  प्रो0 मधुबाला, गुरूदयाल सिंह, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, अखिलेश्वर सिंह , किशोर कुमार, मंटू शर्मा, वसी अख्तर,मनोज शर्मा,  मृणाल अनामय, राहुल पासवान, सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 9 मई 2025

न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की सिफारिश की

 


पटला. भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा अपनी कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन राशि 1,000 रुपये बढ़ाए.     

          संसद की एक समिति ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की सिफारिश की है.केंद्र सरकार ने 2014 में ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन 250 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह तय की थी.लेकिन ट्रेड यूनियनों और पेंशनर्स के संघों की लंबे समय से मांग रही है कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर कम से कम 7,500 रुपये प्रति माह किया जाए. उनका कहना है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है, इसलिए पेंशन भी बढ़नी चाहिए। लेकिन पिछले 11 साल से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.     

               बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि EPS 95 की कर्मचारी पेंशन योजना तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन को बढ़ाया जाए। अभी यह पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह है। समिति ने पहले भी यह सिफारिश की थी और एक बार फिर इसे दोहराया है। समिति ने कहा कि 2014 के मुकाबले 2024 में महंगाई कई गुना बढ़ गई है और इसके मुताबिक पेंशन में बढ़ोतरी करने की जरूरत है. समिति ने आगे कहा कि वित्तीय असर को ध्यान में रखते हुए भी सरकार को पेंशनरों और उनके परिवार के सदस्यों के व्यापक हित में तत्परता के साथ यह काम करने की जरूरत है.   प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की के मूल वेतन पर 12 प्रतिशत की कटौती खाते के लिए की जाती है. वहीं, कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के  खाते में जमा करती है. एम्प्लॉयर की ओर से जमा किए जाने वाली रकम में से 8.33% हिस्सा ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) में जमा होता है, जबकि बचा हुआ 3.67% हिस्सा पीएफ में जाता है.   

    भगत सिंह कोश्यारी कमेटी ने ईपीएफ से जुड़े कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने की सिफारिश की थी. यह सिफारिश साल 2013 में की गई थी. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस पर अब तक अमल नहीं किया है.  


आलोक कुमार

बुधवार, 7 मई 2025

कांग्रेस में समर्थकों साथ शामिल हुए पूर्व विधायक भाजपा नेता अनिल सिंह

 

भाजपा नेता पूर्व विधायक अनिल सिंह और जदयू के पूर्व महासचिव शंभू पटेल ने समर्थकों के साथ थामा कांग्रेस का हाथ, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने दिलाई सदस्यता


कांग्रेस में समर्थकों साथ शामिल हुए पूर्व विधायक भाजपा नेता अनिल सिंह और जदयू के पूर्व महासचिव शंभू पटेल


पटना .चंडी से दो बार के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अनिल सिंह और जनता दल यूनाइटेड के पूर्व प्रदेश महासचिव व राज्य सलाहकार परिषद के सदस्य, पूर्व विधान सभा प्रत्याशी शंभू पटेल ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के समक्ष अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया.

  प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित बड़े समारोह में पूर्व विधायक अनिल सिंह और जदयू के पूर्व महासचिव शंभू पटेल ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के हाथों अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस की विधिवत सदस्यता ग्रहण की.उनके सदस्यता ग्रहण करने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि अनिल सिंह एक बार कांग्रेस तो एक बार समता पार्टी से विधायक रह चुके हैं.वे पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रामराज सिंह के पुत्र हैं. कई वर्षों से वे बीजेपी से जुड़े रहें हैं. साथ ही शंभू पटेल जनता दल यूनाइटेड में प्रदेश महासचिव के पद पर रहें हैं और जदयू के सलाहकार समिति के सदस्य के साथ विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी भी रहें हैं.दोनों नेताओं के आने से पार्टी का जनाधार बढ़ेगा. हमारे दल की नीतियों और शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए दोनों नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है.

   कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व विधायक अनिल सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार पूंजीपतियों की सरकार है. जिसमें अमीरों का विकास हो रहा है। मध्य वर्ग और गरीब तबके के लोग पिस रहे हैं. गरीबों को रोजगार नहीं मिल रहा है. ऐसे में इस दल में रहना कहीं से भी उचित प्रतीत नहीं हो रहा था.यहां आम लोगों से दूरी है और केवल पूंजीपतियों के इशारे पर ही पार्टी और सरकार संचालित हो रही है.

    सदस्यता ग्रहण के पश्चात शंभू पटेल ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड में रहकर जनसेवा नहीं किया जा सकता है. पार्टी अपने मूल विचारधारा से भटक चुकी है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संघर्षों को सलाम करते हुए कहा कि वंचित और शोषित समाज के प्रति उनके दिल में दर्द को मैंने महसूस किया और उनके आह्वान के बाद मैंने कांग्रेस से जुड़कर वंचित समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का निर्णय लिया.

   अनिल सिंह के साथ सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से विजय कुमार चौधरी, कामेश्वर प्रसाद सिंह, हरिकांत शर्मा, फौजदारी प्रसाद, लालजीत पासवान, राम किशन आजाद, श्रवण महतो, अजित कुमार पासवान प्रमुख हैं.

   वहीं शंभू पटेल के साथ सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से चन्द्रमा पासवान, सुरेन्द्र सिंह, वाला सिंह, सुभाष सिंह, मोहम्मद हनीफ, मुख्तार शाह, बच्चा पासवान प्रमुख हैं. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रजेश प्रसाद मुनन, जमाल अहमद भल्लू, मोतीलाल शर्मा, जीतेन्द्र गुप्ता, राजेश राठौड़, अजय चौधरी, , मंजीत आनंद साहू, रामायण प्रसाद यादव, कुमार आशीष, सौरभ सिन्हा, बैद्यनाथ शर्मा, उदय शंकर पटेल, अरविन्द लाल रजक, नरेश प्रसाद अकेला, किशोर कुमार, राजेंद्र चौधरी,  प्रदुमन यादव सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें.


आलोक कुमार



मंगलवार, 6 मई 2025

माले सांसद राजा राम सिंह ने केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखा पत्र

माले सांसद राजा राम सिंह ने केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखा पत्र

संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में बोलने वाली महिलाओं की ट्रॉलिंग तत्काल बंद हो

पटना. एक भारतीय राजनीतिज्ञ राजा राम सिंह या राजा राम सिंह कुशवाहा हैं,जो औरंगाबाद जिले के ओबरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे.वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) लिबरेशन के सदस्य हैं.

   इस भाकपा-माले सांसद राजा राम सिंह ने केन्द्रीय सूचना मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया किशोर राहतकर को पत्र भेज कर शांति, करुणा और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में बोलने वाली महिलाओं की ऑनलाइन उत्पीड़न व ट्रॉलिंग के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है.

         पहलगाम आतंकी हमले में अपना पति खो चुकी हिमांशी नरवाल और नैनीताल में नफरती उग्र भीड़ के विरुद्ध साहस के साथ खड़ी होने वाली शैला नेगी को जहरीले सोशल मीडिया दुष्प्रचार और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है जो काफी चिंताजनक है.

          अत्यंत वेदनापूर्ण व्यक्तिगत शोक और क्षति के क्षणों में हिमांशी नरवाल ने शांति और सौहार्द बनाये रख कर न्याय की अपील की है. उन्होंने कश्मीरियों

और मुसलमानों के विरुद्ध नफरत व हिंसा न करने की सार्वजनिक रूप से लोगों से अपील की, जिसके लिए वे पूर्ण सुरक्षा व सम्मान की हकदार हैं, परन्तु उन्हें ऑनलाइन उत्पीड़न और नफरत भरी जहरीली ट्रॉलिंग का सामना करना पड़ रहा है.

         शैला नेगी अपने शहर में बहादुरी से साम्प्रदायिक नफरत के खिलाफ खड़ी हुई लेकिन वे भी इसी प्रकार के हमलों का सामना कर रही हैं.

         कामरेड राजा राम सिंह ने कहा है कि यह राष्ट्रव्यापी चिंता का विषय है कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ और न्याय व सौहार्द के पक्ष में खड़े होने वाले नागरिक ऑनलाइन धमकियां और डिजिटल मॉब लिंचिंग का सामना कर रहे हैं. यह पूरी तरह से ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र की विफलता है, साथ ही हमारे संवैधानिक मूल्यों के साथ विश्वासघात है.

           कामरेड राजा राम सिंह ने ऐसे घृणा और उत्पीड़न अभियान चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने और साम्प्रदायिक घृणा और विभाजनकारी उन्माद भड़काने वालों के खिलाफ साहस के साथ सामने आने वाली विवेकशील महिलाओं को पूर्ण समर्थन व सुरक्षा देने की मांग केन्द्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष से की है.



आलोक कुमार


सोमवार, 5 मई 2025

वरिष्ठ कवि और पत्रकार अग्निपुष्प के निधन पर माले ने जताया शोक


 कोलकाता के नीमतला घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ

वरिष्ठ कवि और पत्रकार अग्निपुष्प के निधन पर माले ने जताया शोक

पटना .वरिष्ठ कवि, पत्रकार और वैचारिक प्रतिबद्धता के प्रतीक अग्निपुष्प के निधन पर भाकपा-माले राज्य कमिटी ने गहरा शोक जताया है. शनिवार को कोलकाता में उन्होंने अपने पुत्र अंशुमान के घर अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से अस्वस्थ थे, लेकिन विचारों की लौ उनके भीतर अंतिम क्षण तक जलती रही. माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. राज्य सचिव कुणाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी मौत पर दुख जताया है.

     1950 में दरभंगा के तरौनी गांव में जन्मे अग्निपुष्प जी ने कोलकाता से शिक्षा हासिल कर पहले दरभंगा और फिर पटना को अपना कार्य क्षेत्र बनाया. नक्सलबाड़ी आंदोलन के दौर में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई और भाकपा-माले में एक कार्यकर्ता के रूप में काम करने लगे.

             अग्निपुष्प का साहित्यिक अवदान जितना गहरा था, उतना ही प्रभावशाली था उनकी पत्रकारिकता. उन्होंने शिखा और संवाद जैसी मैथिली पत्रिकाओं के संपादन में गहरी भूमिका निभाई. शिखा, आपातकाल के दौर में अपने सत्ताविरोधी तेवर के लिए जानी गई. समकालीन जनमत का संपादन करते हुए उन्होंने बिहार के अनेक ऊर्जावान पत्रकारों को एक नई दिशा दी. उन्होंने दो राष्ट्रीय अखबारों में वरिष्ठ पदों पर रहते हुए काम किया.

           मैथिली कविता में अग्निपुष्प का स्थान विशिष्ट रहा. वे कम लिखते थे, लेकिन उनकी कविताओं में तीव्रता और वैचारिक ताप स्पष्ट दिखता था. उन्होंने कुछ कहानियाँ भी लिखीं और राजकमल चौधरी की चर्चित कृति मुक्ति प्रसंग का मैथिली अनुवाद किया, जो अत्यधिक सराहा गया.

      बिहार में मुद्रण और संपादन के क्षेत्र में अग्निपुष्प ने नई परंपरा की नींव रखी. कम संसाधनों में सुंदर और विचारपरक पुस्तकों और पत्रिकाओं का प्रकाशन उनका विशिष्ट कौशल था. उन्होंने कई संस्थाओं की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई. उनके सान्निध्य में पले बढ़े कई पत्रकार आज देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं.

कोलकाता के नीमतला घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ. उनकी स्मृति, उनका लेखन, उनकी विचारशीलता - ये सब हमारे बीच जीवित रहेंगे. मैथिली और हिंदी साहित्य, पत्रकारिता और वैचारिक आंदोलन को उनकी उपस्थिति हमेशा महसूस होती रहेगी.

                अग्निपुष्प जी को विनम्र श्रद्धांजलि - एक जीवन जो परिवर्तकामी विचारों की लौ में जलता रहा, आगे भी राह दिखाता रहेगा.

आलोक कुमार

रविवार, 4 मई 2025

विजय पॉल का जन्म बेतिया के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ


 विजय पॉल की सुपुत्री निधि के द्वारा अपने अतिप्रिय दिवंगत पिता विजय पॉल को श्रद्धांजलि

पटना.विजय पॉल सिर्फ एक नाम नहीं, साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि ऊर्जा से भरपूर सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में विकास की एक नई परिभाषा से उन्होंने अपने ईसाई समुदाय तथा अपने समाज में अपना बहुमूल्य योगदान से सभी को चमत्कृत किया. विजय पॉल किसी परिचय का मोहताज नहीं,वे किसी की भी मदद के लिए सदा तत्पर रहते थे.

विजय पॉल का जन्म बेतिया के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ. इनके पिता फ्लोरियन पॉल एक प्रतिष्ठित जज थे और तथा श्रीमती जोहाना फ्लोरियन पॉल जो अपनी बुद्धिमता के लिए जानी जाती थी.वे परिवार के ज्येष्ठ पुत्र थे.वे येसु समाजी फादर आर. पी. साह के भतीजे थे.साथ ही उनकी माता की दो बहने सिस्टर कैरोलीन तथा सिटर मैरियन सेक्रेड हार्ट की धर्म बहने थीं.ये सात भाई-बहनों में ज्येष्ठ थे तथा पौल सेलेस्टियन साह के पहले पौत्र थे.25-26 भाई-बहनों का संयुक्त परिवार जिनमें से सबसे बड़े थे.

विजय पॉल का विवाह बेतिया निवासी श्री मारकुस टीटी की पुत्री ईना मार्क से हुआ था.इनकी दो बेटियों है जिनमें बड़ी बेटी नेहा अपने परिवार के साथ बैंगलोर में रहती हैं तथा दूसरी निधि अपने परिवार के साथ और ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं.

सामाजिक कार्य कलापों में उनका शुरू से झुकाव था, इससे संबंधित एक वाक्य याद आ रहा है, जब ये बांसकोठी में रहने आए,तब उस क्षेत्र में जल की समुचित व्यवस्था नहीं थी.तब उन्होंने संत माइकल विघालय के पॉल मास्टर एक साथ मिलकर इस क्षेत्र में पीएचइडी विभाग से वाटर की व्यवस्था कराई थी, साथ ही साथ लोगों की घरेलू समस्याओं एवं न्यायिक समस्या कर उस क्षेत्र के लोगों को समाधान करने में उनके सराहनीय भूमिका रही है.

ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन, बिहार राज्य के संस्थापक सदस्य थे. कुर्जी पेरिस के पेरिस काउंसिल के माननीय सदस्य थे पटना हाईकोर्ट से में डिप्टी रजिस्ट्रार के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे.

आज इस गिरजाघर में इन्हें अंतिम विदाई देने इनके प्रियजन इनको श्रद्धांजलि देने के एकत्रित हुए हैं.आज इनके जीवन के लिए प्रभु येसु ख्रीस्त को धन्यवाद देते हैं और उनसे कहते है कि उनको अनंत शांति प्रदान कर जन्नत बख्श दे.

आलोक कुमार

शनिवार, 3 मई 2025

नाज़रेथ अस्पताल एससीएन सिस्टरों के द्वारा संचालित है

नाज़रेथ अस्पताल एससीएन सिस्टरों के द्वारा संचालित है

मोकामा. एक ऐतिहासिक जगह है, और यहाँ "माइनर बासिलिका" (Minor Basilica) है, जिसे आवर लेडी ऑफ डिवाइन ग्रेस चर्च के नाम से भी जाना जाता है. यह चर्च उत्तर भारत का दूसरा माइनर बासिलिका है और 200,000 से अधिक भक्तों को आकर्षित करता है.
इसी के बगल में एससीएन सिस्टरों के द्वारा संचालित नाज़रेथ अस्पताल है.इसका 64 से अधिक वर्षों का सुनहरा इतिहास है.13 साल पूर्व एससीएन सिस्टरों ने 2012 में कर्मचारियों की कमी और श्रमिक संघों के साथ समस्याओं के कारणों को लेकर अस्पताल को बंद कर दिया.जिसके कारण अस्पताल कलंकित हो गया.
अस्पताल बंद होने से पचास से अधिक कर्मियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा.सभी कर्मी रोड पर आ गए.उनमें कई कर्मियों की अकाल मौत हो गई.
यहां स्पष्ट है कि अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल को बंद करने का मुख्य कारण श्रमिक संघों के साथ समस्याओं को बताया.कुछ वर्षों के बाद अस्पताल को पुन: खोल दिया गया.
इस संदर्भ में कुंदन कुमार ने 21 दिसंबर, 2023 को सुबह 4:58 बजे लिखा कि अब यहाँ किसी भी इलाज के लिए बहुत ज़्यादा पैसे लिए जाते हैं, बिल्कुल प्राइवेट अस्पताल की तरह.अब यह दान नहीं बल्कि व्यापार बन गया है.
वहीं अंकित कुमार ने 1 मई, 2021 को सुबह 3:55 बजे लिखा कि इस अस्पताल को फिर से खोलने के लिए कुछ प्रयास करें...मोकामा के लोगों को इस प्रतिष्ठित अस्पताल की जरूरत है..
श्रीदेव ने 4 मई, 2021 को दोपहर 12:17 बजे लिखा था कि भारत में यह महामारी का समय है.
मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि कृपया मोकामा में नाज़रेथ अस्पताल को फिर से खोल दें.मेरा पूरा परिवार इस कोविड वायरस से संक्रमित है, लेकिन यहाँ 100 किलोमीटर के आस-पास कोई बड़ा अस्पताल नहीं है जहाँ हम अपना इलाज करा सकें.इस क्षेत्र के लाखों लोगों को इस अस्पताल की ज़रूरत है.कृपया हमारी आवाज़ और दर्द सुनें.
महामारी के समय क्रूर बनकर नहीं खोला गया.

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