सोमवार, 30 अक्टूबर 2023

ग्लोबल प्रोग्राम अन्तर्गत डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप

 

नवादा.बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी, पटना जरूर ही गैर सरकारी संस्था जरूर है,परंतु उसके द्वारा अतीत में सरकार के साथ मिलकर काम करने में महारत हासिल है.उसी को आगे बढ़ाते हुए ग्लोबल प्रोग्राम अन्तर्गत डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप डिजास्टर रिस्क रिडक्शन होटल बुद्धा रिजेनसी,नवादा में आयोजित किया गया. इस वर्कशॉप के मुख्य अतिथि नवादा जिले के उप विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार मिश्रा थे.

   डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप डिजास्टर रिस्क रिडक्शन होटल बुद्धा रिजेनसी,नवादा में आयोजित किया गया.ग्लोबल प्रोग्राम समन्वयक श्री जौन डीकूज ने मुख्य अतिथि श्री दीपक कुमार मिश्रा,उप विकास आयुक्त का और अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया.इस वर्कशॉप का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा के साथ अन्य अतिथियों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया.

   तत्पश्चात श्री जौन डीकूज ग्लोबल प्रोग्राम समन्वयक ने पावर पॉइंट पर किए गए कार्य को विस्तार से बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि पीडीआरए कर गांव के लोगों के साथ मिलकर विकास योजना बनाएं. पीडीआरए के द्वारा निर्मित योजना के मुखिया एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास दिया गया. इससे 2022 - 2023 मे गांव मे तालाब निर्माण,पईन,पनसोख्ता , ड्रेनेज,पीसीसी सड़क निर्माण कराया गया.प्रोग्राम समन्वयक जौन डीकूज ने प्रखंड विकास पदाधिकारी,मुखिया,वार्ड सदस्य  को धन्यवाद दिया कि आप सभी के सहयोग से कौवाकोल प्रखंड के पांच पंचायत के बीस गांव मे अच्छे कार्य किए गए.

      इस अवसर पर उप विकास  आयुक्त श्री दीपक कुमार मिश्रा ने कहा आपदा सिर्फ बाढ़ नहीं है. नवादा जिला मे आगलगी,वज्रपात, लू लगना, तालाब में डूबने ये सभी आपदा है. मुझे खुशी हुई पावर पॉइंट प्रदर्शन से जो जानकारी प्राप्त हुई. मै सिर्फ इतना कहुंगा कि ग्लोबल प्रोग्राम से लोगों को अधिकाधिक फायदा हुआ है.ग्लोबल प्रोग्राम कम अवधि के धान का बीज देकर लोगों को अधिक फायदा कराए और तड़ित चालक द्वारा लोगों को जागरूक किया है.

    इस कार्यशाला मे वरिष्ठ उप समाहर्ता श्री विकास पांडेय, मनोज कुमार  गिरी जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) जीविका, श्री सुशांत कुमार सुमन जिला कृषि पदाधिकारी, श्री प्रशान्त अभिषेक,उप समाहर्ता, श्री अभिषेक कुमार,कारितास, राज्य कार्यक्रम सहयोगी बिहार, श्री प्रशान्त कुमार बिहार फोरम,पटना, प्रोग्राम समन्वयक, श्री अरविन्द कुमार, ग्राम निर्माण मंडल, सचिव,  25 एनजीओ,10 किसान और 5 बीडब्लूडीएस के स्टाफ भाग लिये.


आलोक कुमार


रविवार, 29 अक्टूबर 2023

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का पटना में 5वां राज्य सम्मेलन संपन्न

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जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का पटना में 5वां राज्य सम्मेलन संपन्न

* सम्मेलन में वक्ताओं ने मौजूदा चुनौतियां और जन संगठनों की भूमिका पर गहन चिंतन करते हुए अपने विचार रखे

पटना. जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का पांचवा राज्य सम्मेलन पटना के बिहार वालंटियर हेल्थ एसोसिएशन के सभागार में हुआ. इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र  में प्रसिद्ध समाजसेवी मेधा पाटकर ने इजरायल-हमास युद्ध को तत्काल रोक कर शांति स्थापित करने की अपील की. भारत सदा अहिंसा का पक्षधर रहा है इसलिए भारतीय जनता और भारत की सरकार को युद्ध रोकने के पक्ष में भूमिका लेनी चाहिए.
         वर्तमान विकास के मॉडल को मनुष्य विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा, परिवर्तन के नाम पर हो रहे विकास से अगर मानव जीवन और प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित नहीं हैं तो इस तरह का परिवर्तन हमें अस्वीकार है. खेतिहर, पशुपालन, मछुआरे, वनवासी, जल, जंगल, जमीन के असली मालिक हैं. इनके स्वामित्व और अधिकार को खारिज करने वाली राजनीति और कानून हमें नाकबूल है. अमेरिका और यूरोप में हजारों बाँधों को तोड़ कर नदियों को आजाद किया गया.
       पश्चिमी विकास मॉडल का अंधाधुंध अनुसरण करने वाली भारतीय राज्य व्यवस्था को बांध विरोधी नीति से सबक लेने की जरूरत है. सरकार की अमानवीय विकास मॉडल से भारत के गाँव तो तबाह हुए ही हैं, महानगरों में स्लम बस्तियों की जिंदगी हराम हुई है. मुंबई जैसे महानगर में 60 प्रतिशत आबादी झुग्गी झोपड़ी में रहती है, जहां जीवन की मूलभूत सुविधाएं भी मौजूद नहीं है. पूंजीवादी विकास मॉडल का सबसे शोषणकारी पहलू है कि जहां गरीबों को घर बनाने के लिए सवा लाख रुपया मिलता है, वहीं अंबानी का पांच हजार करोड़ का महल है.
        संघर्ष के मद्देनजर, वर्ष 2022-23 में, जातिवाद, धर्मवाद को खत्म कर सभी मुद्दों को घोषणापत्र में डाल कर यात्राएं निकाली गईं, जिसका भाजपा को छोड़ कर सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया. देश की सीमा से लगे सभी सरकारी जमीन को निजी कंपनियों को हाथ में सौंपने की साजिश चल रही है, जहां होटल, मॉल, पर्यटन स्थल, इत्यादि बनाने की योजना है. इस षड्यंत्र को जन आंदोलन से ही रोका जा सकता है. नर्मदा घाटी आंदोलन ने 38 साल में 50 हजार लोगों का पूर्णवास किया.

आलोक कुमार

शनिवार, 28 अक्टूबर 2023

हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है पुलिस

 गुमला.गुमला जिले के जारी प्रखंड के रिगनी टोली गांव के रहने वाले थे फादर रजत एक्का.उनका जन्म 27.01.1962 में हुआ था. अभी फादर रजत 61 साल 9 महीना और 1 दिन के थे.उनके सात भाई-बहन थे.जब 31 साल के थे,तब उनका पुरोहिताभिषेक 1993 में हुआ था.जब 56 साल के थे,तब 2018 में उनके पुरोहिताई जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह मनाया गया था.2019 में फादर रजत एक्का डीन बनकर  चैनपुर   आए थे.     

    इस बीच चैनपुर मुख्यालय के संत जोन पैरिश के डीन फादर रजत एक्का के बारे में दुखद खबर आ रही है.खबर यह है कि उनका शव पैरिश परिसर में स्थित कुएं से बरामद किया गया है.यह भी खबर है कि गुरुवार की रात 8ः30 बजे फादर रजत एक्का और फादर पवन लकड़ा साथ में खाना खाकर  दोनों अपने-अपने कमरे में सोने चले गए.        
    बताया जाता है कि प्रत्येक दिन सुबह 5ः30 बजे फादर रजत मिस्सा घंटी बजाते थे लेकिन शुक्रवार को मिस्सा की घंटी नहीं बजी तो फादर पवन लकड़ा ने बजाया. उसके बाद फादर रजत सुबह आठ बजे तक नाश्ते के लिए नहीं पहुंचे तो उनकी खोजबीन की गई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला. 
  
      इसी बीच एक महिला को उनका चप्पल, नाइट लाइट कुएं के पास पड़ी दिखी. जब कुएं के पास जाकर देखा गया तो उनकी टोपी कुएं में तैरती दिखी. जिसके बाद शक के आधार पर लोगों ने कुएं में झागर डालकर फादर की तलाशी ली. इस पर उनका शव पानी से बाहर निकला. स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद मौके पर  पुलिस पहुंची.     
  
    वहीं मौके पर पहुंची पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला. पुलिस मामले में जांच कर रही है. इधर पैरिश परिसर के कुएं से फादर के शव मिलने की खबर पूरे  चैनपुर   मुख्यालय में फैल गई है जिसके बाद उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गई है.  

मिली जानकारी के अनुसार जुलाई, 2022 में अल्पसंख्यक विद्यालय में शिक्षक नियुक्ति को लेकर हुटार गांव के ग्रामीणों के साथ रजत एक्का का काफी विवाद हुआ था.मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने फादर को जान से मारने की धमकी दे डाली थी. इसके बाद फादर के भाई ने डुमरी थाना में मामला दर्ज कराया था.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2023

बेडसोर होने का खतरा

 

पीछे की जोड़ की हड्डी टूट गयी

बेतिया.किसी ईसाई व्यक्ति की मौत होने पर कमलनाथ नगर में स्थित बेतिया कब्रिस्तान में ईसाई धर्म रीति के अनुसार दफन किया जाता है.इसी कब्रिस्तान के नुक्कड़ पर आल्फ्रेड जोवाकिम रहते हैं.गिर जाने हड्डी तोड़वा बैठा है.वह घातक बेडसोर से पीड़ित है.

बता दें कि त्वचा पर लंबे समय तक दबाव के कारण त्वचा और उसके नीचे मौजूद ऊतकों को नुकसान हो रहा है.बेडसोर होने का खतरा ज़्यादातर उन लोगों को होता है जो अपनी स्थिति के कारण अपने शरीर को ज़्यादा चला नहीं पाते और लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहते हैं.इसका शिकार बदनसीब आल्फ्रेड जोवाकिम हो गया है.वह किसी मसीहा की तलाश में ऐसी अवस्था से उबार दें.एक पर नजर है.वह परोपकारी संस्था संत विंसेंट डी पौल ही है.

फिलहाल यह बताया जाता है कि राजधानी पटना स्थित मरियम टोला से आकर बेतिया पल्ली में आल्फ्रेड जोवाकिम रहने लगा है.वह यहां ठेला चलाने का धंधा करता है.कम आमदनी होने के कारण आल्फ्रेड की धर्मपत्नी से संबंध विच्छेद है.

कहा जाता है कि वह एक दिन लड़खड़ा कर गिर गया था.धरती पर धड़ाम से गिर जाने के बाद हड्डी तोड़वा बैठा है. पीछे की जोड़ की हड्डी टूट गयी है.गरीबी के दलदल में रहने के कारण चिकित्सा नहीं करवा सक रहा है.एक लोकधर्मी के द्वारा निर्मित संत विंसेंट डी पौल समाज के यहां एरिया काउंसिल स्थापित है.इस एरिया काउंसिल का अध्यक्ष रंजीत केरोबिन है.जो हर संस्था/संगठन में ससम्मान शामिल रहते है.

बता दें कि एक विंसेंटियन होने के नाते एरिया काउंसिल का अध्यक्ष रंजीत केरोबिन होम विजिट करना अनिवार्य है.इसमें हॉस्पिटल और जेल भी शामिल है.संत विंसेंट डी पौल समाज के पटना सेंट्रल काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष सुशील लोबो ने दूरभाष पर बताया कि कमलनाथ नगर में स्थित कब्रिस्तान के नुक्कड़ पर रहने वाले पीड़ित आल्फ्रेड जोवाकिम के घर जाकर आवेदन लिख कर संत विंसेंट डी पौल समाज के उच्चतर अधिकारियों के पास आवेदन भेजना चाहिए.इस बीच एरिया काउंसिल को त्वरित कार्रवाई कर आल्फ्रेड जोवाकिम की जिंदगी बचानी चाहिए.

आल्फ्रेड जोवाकिम का पीछे की जॉइंट बोन की हड्डी टूटी है.लगातार बिस्तर पर लेटे रहने से बेडसोर हो गया है.आसपास के लोग मानवता के नाते पीड़ित की जान बजाने का आग्रह कर रहे है.बारम्बार चर्च के नाम पर चंदा देने वाले बेतिया भक्तगण चंदा करके हड्डी टूटे व बेडसोर से पीड़ित को सामान्य जिंदगी जीने लायक बना पाएंगे?यह तो कल ही पता चल जाएगा. 

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2023

23 वर्षों से श्रीबाबू की जयंती समारोह की तरह मनाते रहे



 सदाकत आश्रम में मना श्रीबाबू का जयंती महासमारोह

पटना। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना जब इसके प्रांगण में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती पहली बार मनाई गयी। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह विगत 23 वर्षों से श्रीबाबू की जयंती समारोह की तरह मनाते रहे हैं।

      इस बार जयंती को महासमारोह की तरह मनाया गया। इसकी खासियत यह रही कि डा0 अखिलेश पहली बार प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से यह जयंती मना रहे थे। वहीं बिहार की पहली कांग्रेसी सरकार के मुखिया रहे डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पहली बार कांग्रेस मुख्यालय के प्रांगण में मनायी गयी। पूरे प्रदेश से आये लगभग बारह हजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा सदाकत आश्रम का परिसर आज अलग दिख रहा था। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इसका उद्घाटन किया एवं सुमिरन जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी समारोह के मुख्य अतिथि थे। पार्टी हाईकमान की ओर से राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर एवं राष्ट्रीय सचिव अजय कपूर इसमें शामिल हुए।

डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि जब वे पहली बार वर्ष 2000 में विधायक चुन कर आये थे तो लालू यादव ने उन्हें श्रीबाबू की जयंती मनाने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि श्रीबाबू आधुनिक बिहार के निर्माता थे जो उद्योग, कृषि, सिंचाई और शिक्षा के क्षेत्र में अपने कृत्य से इतिहास को अभिभूत कर दिया। जब वे मुख्यमंत्री थे तो खुद देवघर के वैद्यनाथ मंदिर में खड़ा होकर दलितों का प्रवेश कराया। इसके अलावा जमींदारी प्रथा का उन्मूलन किया जबकि प्रदेश के ज्यादातर जमींदार उनके स्वजाति थे लेकिन श्रीबाबू को दो पल भी नहीं लगा बंचितों को उनका हक दिलवाने में।

    राजद प्रमुख लालू यादव ने अपने चीर-परिचित अंदाज में केन्द्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा हटाओ देश बचाओ का नारा देते हुए विश्वास जताया कि भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाला है इसलिए वह बौखलाई हुई है। 15-15 लाख का झाँसा देकर सबका एकाउन्ट बैंक में खोलवा दिया उसके बाद पैसा गायब। यह झूठों की सरकार है और इसको भगना ही होगा।

     मुख्य अतिथि के तौर पर भाग ले रहे प्रमोद तिवारी ने भी भाजपा सरकार को ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना करते हुए इसके शासन की बुराइयों पर प्रहार किया। तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर काम कर रही है। और इसके चंगुल से देश को आजाद कराना हमारी प्राथमिकता है। भारत को एक बार फिर आजाद करने की जरूरत है। समारोह में मंच का संचालन विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह ने किया।

       आज के इस महासमारोह में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मंच पर मौजूद था जिनमें प्रमुख हैं-कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर, बिहार के सह प्रभारी अजय कपूर, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता शकील अहमद खान, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा, मंत्री मुरारी गौतम, अफाक आलम, पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, वीणा शाही, विश्व मोहन शर्मा, ब्रजेश पांडेय, विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्र, डा0 अशोक कुमार, निर्मल वर्मा, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज,  नरेन्द्र कुमार, लाल बाबू लाल, मुन्ना तिवारी, अजित शर्मा, अजय कुमार सिंह, आनन्द शंकर, बिजेन्द्र चौधरी, छत्रपति यादव, नीतू सिंह, राजेश कुमार, जादुर रहमान, संतोष मिश्र, विश्वनाथ राम, बंटी चौधरी, नरेन्द्र कुमार, मनोज कुमार सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव, मदन मोहन तिवारी, प्रमोद कुमार सिंह, डॉ. अजय कुमार सिंह, पूनम पासवान। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष व प्रखंड अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।


आलोक कुमार

आलोक कुमार

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2023

बिहार विभूति डा0 श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती 26 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में

 इस बार श्रीबाबू की जयंती होगी ऐतिहासिक  : डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह


पटना। बिहार विभूति डा0 श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती 26 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी जायेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस बार श्रीकृष्ण बाबू की जयंती शानदार ढंग से मनाया जाएगा.

  उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय जनता दल का विधायक सन् 2000 में बना तो सबसे पहले आरजेडी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जी ने डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती मनाने के लिए मुझे प्रेरित किया और तब से हर साल इस  जयंती  को समारोह की तरह मनाता रहा हूँ.

    बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में यह बात कही. मालूम हो कि डा0 श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती इस बार 21 अक्टूबर की जगह 26 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी जायेगी। पहले यह कार्यक्रम मिलर हाई स्कूल ग्राउण्ड में होना था।

    इसके बारे में बताते हुए डा0 सिंह ने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि दशहरा पूजा में कोई व्यवधान उत्पन्न हो इसलिए जयन्ती की तारीख आगे बढ़ाई गयी और इसे पार्टी मुख्यालय में आयोजित करने का फैसला लिया गया। डा0 सिंह ने कहा कि चूंकि श्रीबाबू की जयन्ती का आइडिया लालू जी का था इसलिए इसका उद्घाटन वही करेंगे.

    उन्होंने आगे कहा कि इस बार इसे ऐतिहासिक रूप में मनाने की योजना है जिसके तहत प्रदेश भर में बैनर, पोस्टर और तोरणद्वार आदि युद्ध स्तर पर लगाये जा रहे हैं।

     जयंती समारोह में भाग लेने वाले कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार, राज्यसभा में पार्टी के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव तारिक अनवर प्रमुख हैं। इसके अलावा दशहरा के शुभ अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी बिहार वासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी.

    प्रेसवार्ता के दौरान जो कांग्रेस नेता मौजूद रहे उनमें झारखंड के अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष समशेर आलम, ब्रजेश पाण्डेय, पूनम पासवान, राजेश राठौड़, लाल बाबू लाल, कपिलदेव यादव, विनोद शर्मा, निर्मल वर्मा, चन्द्र प्रकाश सिंह, प्रभात कुमार सिंह, आई0पी0 गुप्ता, संजय यादव, सुमन कुमार मल्लिक, शशिकांत तिवारी, अखिलेश्वर सिंह प्रमुख हैं.


आलोक कुमार

सोमवार, 23 अक्टूबर 2023

स्वतंत्र रूप से बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा

बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी का इतिहास 278 साल पुराना

     बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा

बिशप बनने के बाद पहली बार बक्सर के बिशप जेम्स शेखर बेतिया में


बेतिया. बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी में क्रिश्चियन को बसाने में फादर जोसेफ मेरी को पूर्ण श्रेय जाता है.फादर जोसेफ मेरी के द्वारा बेतिया चर्च की स्थापना की गई.इस चर्च का नाम ‘नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी‘ है.बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी का इतिहास 278 साल पुराना है.वहीं स्वतंत्र रूप से बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा हो गया है.

                 फादर जोसेफ मेरी नामक ईसाई धर्म पुरोहित के बारे में बताया जाता है कि वे रोम से तिब्बत तक का सफर को पैदल ही तय किया था, क्योंकि तिब्बत में ईसाइयों पर काफी जुल्म किया जा रहा था, वहां मिलने के लिए नेपाल के रास्ते फादर जोसेफ मेरी काफी मुश्किलों का सामना करते हुए पहुंचे. 20 अप्रैल 1745 को तिब्बत मिशन बंद करना पड़ा और 1745 में पाटन, नेपाल पहुंचे.राजा ध्रुव सिंह के शासन काल 1715 से 1762 ईस्वी है, इन्हीं के समय में फादर जोसेफ मेरी जिनके द्वारा बेतिया चर्च की स्थापना की गई, 7 दिसंबर 1745 को इनके बेतिया आने का प्रमाण मिलता है.     

बताया गया कि पुराना गिरजाघर खाली जमीन पर स्थित था .सन 1934 के भूकंप में बेतिया की करीब-करीब सभी बड़ी पुरानी इमारतें तबाह हो गई ,जिनमें बेतिया अस्पताल, बेतिया राज इमामबाड़ा, महाराजा लाइब्रेरी, एवं कैथोलिक चर्च भी तबाह हो गया, अभी जो यह चर्च का बड़ा सा रूप देख रहे हैं वास्तव में 1934 के बाद 21 नवंबर 1949 को यह भव्य चर्च आपके सामने दोबारा बना.

यह कैथोलिक चर्च सामने बनाया गया !यहां पर बनाया गया चंद वर्ष पूर्व तक इस चर्च में लोगों को मुफ्त दवाएं दी जाती रही हैं. यह चर्च पूरे चंपारण में होम्योपैथिक के मुफ्त चिकित्सा का केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है.

  सर्वज्ञात है कि प्रारंभ में विदेशी पुरोहितों का दबदबा रहा है.सभी उच्च पदों पर शोभा बढ़ाते थे.इस बीच पटना धर्मप्रांत के बिशप अगस्टीन वाइल्डरमुथ एसजे ने पोप जॉन पॉल द्वितीय के पास अपना इस्तीफा प्रेषित कर दिया.जिसे पोप ने बिशप ऑगस्टीन वाइल्डरमुथ एसजे का इस्तीफा 28 मार्च 1980 को स्वीकार कर लिया.पोप बेनेडिक्ट 15 ने क्रांतिकारी कदम उठाया. 10 सितंबर 1919 को इलाहाबाद धर्मप्रांत से अलग कर पटना धर्मप्रांत बना दिया.

पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 28 मार्च 1980 को ही पटना धर्मप्रांत और मुज़फ़्फ़रपुर धर्मप्रांत बनाने की घोषणा कर दी.उसके पहले भारतीय बिशप के रूप पटना धर्मप्रांत के प्रथम बिशप बेनेडिक्ट जे ओस्ता एसजे को और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के प्रथम बिहारी बिशप के रूप में जौन बापतिस्ट ठाकुर को  6 मार्च 1980 को घोषित कर दिया.पटना धर्मप्रांत के प्रथम बिशप के रूप में बेनेडिक्ट जे ओस्ता ने 21 जून 1980 को विधिवत बिशप के रूप में अभिषेक हुआ.उसी तरह मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के प्रथम बिहारी बिशप के रूप में जौन बापतिस्ट ठाकुर का बिशप अभिषेक 24 जून 1980 को हुआ.

                    मालूम हो कि 16 मार्च 1999 में पटना धर्मप्रांत को एक महाधर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया था.इस महाधर्मप्रांत में बेतिया, भागलपुर, बक्सर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया शामिल है. इस बीच मुज़फ़्फ़रपुर धर्मप्रांत को विभक्त कर बेतिया धर्मप्रांत 27 जून 1998 को सृजित किया गया. बेतिया धर्मप्रांत के लोकल कलीसिया चखनी पल्ली के विक्टर हेनरी ठाकुर को बिशप बनाया गया. बेतिया धर्मप्रांत के बिशप विक्टर हेनरी ठाकुर 27 जून, 1998 से 3 जुलाई, 2013 तक रहे. उसके बाद भागलपुर धर्मप्रांत के विकर जनरल पीटर सेबेस्टियन गोवेस को 22 जुलाई 2017 को बेतिया धर्मप्रांत का बिशप बनाया गया.

                   आज सोमवार को बेतिया धर्मप्रांत का सिल्वर जुबली 9ः30 बजे से समारोही मिस्सा के साथ प्रारंभ हुआ.बेतिया धर्मप्रांत का कैथेड्रल का नाम नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी है समारोही में मिस्सा में विभिन्न धर्मप्रांतों के 6 बिशप शामिल हुए.मेजमान बेतिया धर्मप्रांत के बिशप सेबेस्टियन पीटर गोवेस, मुजफ्फरपुर काजीटेन फांसिस ओस्ता, भागलपुर के बिशप कुरियन वलियाकंदथिल, बक्सर जेम्स शेखर, रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप  विक्टर हेनरी ठाकुर और एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा थे. अभी तक पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप नियुक्त नहीं किये गए है.

                     इस समारोह के मुख्य बात रही कि बेतिया के लोकनायक फादर जोसेफ मेरी व फादर आजिलो के मूर्ति का अनावरण किया गया. समारोह के समापन पर  डेढ़ हजार की संख्या में फादर, सिस्टर एवं लोक धर्मियों का प्रतिभोज का आनंद लिये.


आलोक कुमार


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