मंगलवार, 30 सितंबर 2025

“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है”

 “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है”


पटना. “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” – इस वाक्य का साक्षात रूप है कैथोलिक मेडिकल मिशन सिस्टर्स सोसाइटी. आज से ठीक सौ वर्ष पहले, 30 सितंबर 1925 को वाशिंगटन डी.सी. में डॉ. अन्ना डेंगेल ने जो बीज बोया था, वह आज सेवा, करुणा और समर्पण का विशाल वृक्ष बन चुका है.

    डॉ. डेंगेल का दर्द उस समय से जुड़ा है, जब रावलपिंडी में उन्होंने मुस्लिम महिलाओं और नवजात शिशुओं को स्त्री रोग संबंधी सेवाओं के अभाव में मरते देखा.यह पीड़ा उन्हें विवश कर गई कि स्त्रियों की सेवा, चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक ऐसी सोसाइटी बने, जो जाति, धर्म और लिंग से ऊपर उठकर केवल मानवता के लिए काम करे.

       भारत की धरती से उनका रिश्ता भी बेहद खास रहा.1939 में पटना सिटी की पादरी की हवेली में जब उनका स्वागत “होली फैमिली” कहकर किया गया, तब उन्होंने उसी नाम से माइनर हॉस्पिटल की नींव रख दी. यही अस्पताल आगे चलकर कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के रूप में मानव सेवा का केंद्र बना. दिलचस्प तथ्य यह भी है कि यहां नर्सिंग ट्रेनिंग प्राप्त करने वालों में मदर टेरेसा जैसी महान आत्मा भी शामिल थीं.

     मिशन सिस्टर्स ने केवल अस्पताल ही नहीं खोले, बल्कि “मानवता की मशाल” को फैलाने का अभियान छेड़ा. दिल्ली के ओखला में 1953 का होली फैमिली हॉस्पिटल, रांची के मंदार और कोडरमा के अस्पताल, मुंबई और पूना के मिशन केंद्र—ये सब उनके अथक परिश्रम के प्रतीक हैं. उनकी कार्यशैली का मूल मंत्र रहा – न्याय, शांति और करुणा. 

    हालांकि बीते दशकों में कई संस्थानों का प्रबंधन अन्य संगठनों को सौंपना पड़ा. मंदार का नर्सिंग स्कूल अब कॉन्स्टेंट लिवेन्स स्कूल ऑफ नर्सिंग बन गया है, मुंबई का अस्पताल उर्सुलाइन ऑफ मैरी इमैक्युलेट के पास है, वहीं दिल्ली और झारखंड के अस्पताल भी नए हाथों में चले गए.लेकिन मिशन सिस्टर्स का योगदान किसी इमारत से नहीं, बल्कि उस भावना से मापा जाता है जिन्होंने समाज में बोई.

    आज भी सिस्टर नशा मुक्ति केंद्रों, वैकल्पिक चिकित्सा केंद्रों और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी हुई है. समग्र उपचार मिशन और आयुष्य सेंटर जैसी पहलें उसकी सेवा-पथ की नई दिशाएं खोल रही हैं.

       सौ साल पूरे होने पर हमें याद रखना चाहिए कि यह संस्था केवल ईंट-पत्थर की इमारतों का नाम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता की परंपरा है. डॉ. अन्ना डेंगेल ने जिस आग को सौ साल पहले जलाया था, वह आज भी सिस्टरों के समर्पित जीवन में उजाला फैलाती है.

        आज का दिन सिर्फ एक संस्थान की वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस विचार की पुनः स्मृति है कि – समाज में असली धर्म वही है, जो मानव सेवा से जुड़ा हो.डॉ. अन्ना डेंगेल को नमन, और कैथोलिक मेडिकल मिशन सिस्टर्स सोसाइटी को उनकी शताब्दी पर हार्दिक बधाई!


आलोक कुमार

सोमवार, 29 सितंबर 2025

मुख्यमंत्री ने समस्त बिहार वासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं

 

पटना. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज महासप्तमी पर्व के अवसर पर श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव शिव मंदिर खाजपुरा तथा श्री श्री दुर्गा आश्रम शेखपुरा के पंडाल में जाकर माँ दुर्गा का दर्शन कर पूजा अर्चना की.मुख्यमंत्री जी ने राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की.मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर समस्त बिहार वासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं.

इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने खाजपुरा स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना भी की.इससे पहले माननीय मुख्यमंत्री जी ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर जाकर माँ दुर्गा की पूजा अर्चना की एवं महाआरती कार्यक्रम में शामिल हुये.

  मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में 11,921 करोड़ रुपये की 20,658 योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ एवं उद्घाटन किया.इसके अंतर्गत 7,805 करोड़ रुपये की लागत से जन सुविधा एवं विकास से संबंधित 16,065 योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ तथा 4,116 करोड़ रुपये की लागत की 4,593 योजनाओं का उद्घाटन कार्य शामिल है.

आज के कार्यक्रम के अंतर्गत भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, पशु एवं मत्स्य संसाधन, समाज कल्याण, परिवहन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, खेल, श्रम संसाधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, कला संस्कृति एवं युवा, आपदा प्रबंधन, गृह, कृषि, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य कर विभाग के भवनों के निर्माण से संबंधित 997 करोड़ रुपये लागत की 97 योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ तथा 2467 करोड़ की लागत से 137 योजनाओं का उद्घाटन किया गया.

     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के शिलान्यास, कार्यारंभ एवं उद्घाटन कार्य के लिए सभी संबद्ध विभाग को बधाई देता हूं.इन योजनाओं के शुरू होने से राज्य में विकास कार्यों को नई गति और दिशा मिलेगी। इसका प्रत्यक्ष लाभ लोगों को मिलेगा, जिससे उनका जीवन-स्तर और बेहतर होगा.


आलोक कुमार

रविवार, 28 सितंबर 2025

भारत का लोकतंत्र अपनी विविधता और बहुलता पर गर्व

 

*धर्मांतरण-विरोधी कानून और लोकतंत्र की चुनौती

* धर्म की स्वतंत्रता पर पहरा, लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है

मैंगलोर,(आलोक कुमार).भारत का लोकतंत्र अपनी विविधता और बहुलता पर गर्व करता है. परंतु विडंबना यह है कि जिन मूल्यों पर यह लोकतंत्र खड़ा है, उन्हीं को आज धर्मांतरण-विरोधी कानूनों के नाम पर चोट पहुंचाई जा रही है.वर्तमान में 12 राज्यों में लागू ये कानून सिर्फ़ कानूनी प्रावधान नहीं हैं, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त आस्था, विवेक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हैं.

धर्म की स्वतंत्रता पर पहरा, लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है

ऑल इंडिया काथलिक यूनियन (एआईसीयू) की आम सभा ने इन कानूनों को "भारतीय लोकतंत्र पर घाव" करार दिया है. यह संगठन 106 वर्षों की विरासत के साथ देशभर के काथलिकों की सबसे बड़ी आवाज़ है. मैंगलोर में आयोजित बैठक में स्पष्ट कहा गया कि ये कानून न केवल स्वतंत्रता को सीमित करते हैं बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों — विशेषकर ईसाई, मुस्लिम, दलित और आदिवासी समुदायों — को अपराधी ठहराने का औजार बन गए हैं.

आस्था का चुनाव अदालत का नहीं, अंतरात्मा का विषय है

ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि इन कानूनों का दायरा पिछले दशक में तेज़ी से बढ़ा है। राजस्थान, कर्नाटक, हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात तक, लगभग सभी भाजपा-शासित राज्यों ने इन्हें लागू किया या मजबूत किया है. इन प्रावधानों में "बहलाना", "ज़बरदस्ती" या "कपटपूर्ण तरीका" जिससे अस्पष्ट शब्द शामिल हैं, जो किसी भी धर्मांतरण को अवैध ठहराने का आधार बन सकते हैं.यह स्थिति व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता को मजिस्ट्रेट की अनुमति तक सीमित कर देती है — यह लोकतंत्र का नहीं बल्कि अधिनायकवाद का संकेत है.

पत्रकार और विश्लेषक जॉन दयाल का कहना है

पत्रकार और विश्लेषक जॉन दयाल का कहना है कि इन कानूनों के पीछे "जनसंख्या संतुलन" का डर खड़ा किया गया है.हिंदू राष्ट्रवादी समूहों द्वारा यह नैरेटिव फैलाया जाता है कि अल्पसंख्यक समुदायों की संख्यात्मक वृद्धि से बहुसंख्यक हिंदू पहचान खतरे में पड़ जाएगी. यही सोच भारत की सामाजिक समरसता और धार्मिक स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा आघात है.ख़ास तौर पर चिंताजनक यह है कि दलित, आदिवासी और महिलाओं के धर्मांतरण को लेकर कठोर दंड का प्रावधान है.मानो इन्हें अपनी आस्था चुनने का अधिकार ही नहीं है.यह उन सामाजिक समूहों को नियंत्रण में रखने का प्रयास है, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रखा गया है.

भारत का भविष्य बहुलता में है, संकीर्णता में नहीं

एआईसीयू की सभा का संदेश स्पष्ट है: धार्मिक स्वतंत्रता सिर्फ़ किसी एक समुदाय का मुद्दा नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के अस्तित्व का सवाल है। जब आस्था के चुनाव पर पाबंदी लगाई जाएगी, तब लोकतंत्र का असली चरित्र खो जाएगा.आज ज़रूरत है कि भारत का न्यायपालिका और नागरिक समाज मिलकर इन कानूनों की असंवैधानिकता पर गंभीर बहस करें। लोकतंत्र तभी जीवित रहेगा जब हर नागरिक बिना भय और दबाव के अपने विवेक का पालन कर सके.धर्म और आस्था पर अंकुश लगाना किसी राष्ट्र की शक्ति नहीं, बल्कि उसकी कमजोरी का प्रतीक है। भारत को अपने बहुलतावाद और संवैधानिक मूल्यों पर गर्व होना चाहिए — न कि उन पर संदेह.


आलोक कुमार

शनिवार, 27 सितंबर 2025

डॉ. एस. एन. सुब्बा राव (भाई जी)


 डॉ. एस. एन. सुब्बा राव (भाई जी)

पटना.एक युगद्रष्टा समाजसेवी और युवा प्रेरक भारतीय समाज ने अनेक संत, समाज सुधारक और राष्ट्रसेवक देखे हैं, लेकिन डॉ. एस. एन. सुब्बा राव, जिन्हें देश “भाई जी” के नाम से जानता है, उनमें से सबसे विलक्षण रहे.उनका जीवन सेवा, साहस और समर्पण का जीवंत उदाहरण है. 7 फरवरी 1929 को कर्नाटक के सेलम (बैंगलोर के निकट) में जन्मे भाई जी आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी 96वीं जयंती हमें उनके कार्यों और विचारों को पुनः याद करने का अवसर देती है.

चंबल के डाकुओं को अहिंसा के मार्ग पर

सत्तर का दशक. चंबल घाटी डाकुओं के आतंक से कांप रही थी. खून-खराबा, लूटपाट और भय उस इलाके की पहचान बन चुके थे. ऐसे समय में भाई जी ने गांधीवादी तरीके से संवाद, धैर्य और मानवता का सहारा लिया. उन्होंने डाकुओं को न केवल आत्मसमर्पण के लिए तैयार किया, बल्कि उन्हें खेती-किसानी, कुटीर उद्योग और अहिंसक जीवन का प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा में वापस लाए. चंबल का इतिहास इस तथ्य का साक्षी है कि एक व्यक्ति की करुणा और दृढ़ता समाज की दिशा बदल सकती है.

युवाओं के लिए “भाई जी”

भाई जी का विश्वास था कि राष्ट्र की असली ताकत उसकी युवा पीढ़ी है.उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना की भावना को आगे बढ़ाते हुए “राष्ट्रीय युवा योजना” की स्थापना की. यह योजना युवाओं के लिए केवल कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि जीवन का संदेश थी – “युवा ही राष्ट्र की धड़कन हैं, उन्हें सही दिशा मिले तो देश बदल सकता है.

”उनकी अपील सरल लेकिन गहरी थी –

एक घंटा देश को और एक घंटा देह को ”

युवाओं से अपेक्षा थी कि वे प्रतिदिन अपने देश की सेवा में एक घंटा दें और अपने स्वास्थ्य के लिए भी एक घंटा निकालें। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था.

सद्भावना की रेल यात्रा

भाई जी ने केवल युवाओं को संगठित नहीं किया, बल्कि उन्हें देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनाया.1990 के दशक की सद्भावना रेल यात्रा इसका उदाहरण है. यह तीन चरणों में पूरे देश से होकर गुज़री और जहाँ-जहाँ पहुँची, वहाँ सर्वधर्म प्रार्थना सभाओं और रैलियों के जरिए सामाजिक एकता का संदेश दिया.धर्म, जाति और भाषा के भेदभाव को मिटाकर भाईचारे की भावना जगाने में उनका योगदान अद्वितीय रहा.

राहत और पुनर्वास में सदैव अग्रणी

प्राकृतिक आपदाओं या दंगों से पीड़ित इलाकों में भाई जी और उनके युवा स्वयंसेवक सबसे पहले पहुँचते थे। चाहे बाढ़ हो, चक्रवात, भूकंप या दंगे – वे तुरंत राहत शिविर लगवाते और मानवता की सेवा में जुट जाते। यही कारण था कि वे केवल समाजसेवी नहीं, बल्कि युवा शक्ति के मार्गदर्शक माने गए.

संवाद और संगीत की ताकत

भाई जी की सबसे बड़ी शक्ति का संवाद था. वे देश की लगभग हर प्रमुख भाषा में संवाद कर सकते थे.उनकी मधुर आवाज़ में गाए गए भजन और सामूहिक गीत लोगों को झकझोर देते थे. बच्चे उन्हें “फुग्गावाले दादा जी” कहते थे क्योंकि वे हमेशा जेब में गुब्बारे रखते और मासूम चेहरों पर मुस्कान बिखेर देते. युवाओं के लिए वे “भाई जी” और चंबल के आत्मसमर्पित बागियों के लिए “सुब्बाराम” बन गए.

आज की प्रासंगिकता

आज का युवा बेरोजगारी, नशाखोरी, और आडंबर की दुनिया में उलझा है। ऐसे समय में भाई जी का जीवन हमें याद दिलाता है कि सही दिशा, सेवा भाव और दृढ़ संकल्प से ही युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाई जा सकती है। उन्होंने दिखाया कि जब युवा अपने भीतर की शक्ति को पहचानता है, तो समाज की सबसे बड़ी समस्या भी हल हो सकती हैं.

निष्कर्ष

भाई जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि “सेवा ही सच्ची साधना है.” उनकी 96वीं जयंती पर यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारे, समाज सेवा के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करें और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए काम करें.

* भाई जी ने अपने जीवन से यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प से असंभव संभव है.

* अहिंसा केवल विचार नहीं, बल्कि बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है.

* और युवा शक्ति ही भारत की सबसे बड़ी पूंजी है.

डॉ. एस. एन. सुब्बा राव – एक नाम नहीं, बल्कि सेवा और प्रेरणा की जीवित विरासत हैं.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025

61 योजनाओं का शिलान्यास किया

 दरभंगा. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज दरभंगा में मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान, दरभंगा के परिसर में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 3463.2 करोड़ रुपये लागत की कुल 97 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. इसमें 96.47 करोड़ रुपये की लागत से कुल 36 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं 3366.73 करोड़ रुपये की लागत की 61 योजनाओं का शिलान्यास किया गया.

            इन योजनाओं से जिले में विकास कार्यों को नई गति एवं दिशा मिलेगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार होगा एवं उन्हें इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा. इसके पश्चात् माननीय मुख्यमंत्री जी ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान, दरभंगा के परिसर में ही आयोजित संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित पेंशनधारी लाभुकों, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविका / सहायिका सहित अन्य लाभुकों के साथ संवाद किया.

       इसके पश्चात् माननीय मुख्यमंत्री जी ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया. उन्होंने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान परिसर के प्रशासनिक भवन में पांडुलिपियों का बारीकी से अवलोकन किया. साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान को एन.एच.- 77 से संपर्कता प्रदान करने के  लिए प्रशासनिक पथ का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.


आलोक कुमार

गुरुवार, 25 सितंबर 2025

उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने किया युक्तधारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

 जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बेतिया द्वारा युक्तधारा पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने किया युक्तधारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ


बेतिया. इस समय देश और प्रदेश में युक्तधारा पोर्टल के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है.इस पोर्टल को केंद्र सरकार ने विकसित किया है और इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास के कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना और कृषि विकास में सहायक होता है.पश्चिमी चंपारण के बेतिया मुख्यालय में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बेतिया द्वारा युक्तधारा पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने शुभारंभ किया था.

    मनरेगा योजना अंतर्गत युक्तधारा पोर्टल के विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उप विकास आयुक्त बेतिया, श्री सुमित कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई. महात्मा गांधी मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों में योजनाओं का चयन GIS (जीआईएस) के आधार पर ‘युक्तधारा‘ पोर्टल के माध्यम से किया जाता है.

उप विकास आयुक्त द्वारा बताया गया कि पंचायत स्तर पर मनरेगा योजनाओं का GIS based Planning एवं monitoring युक्तधारा  पोर्टल के माध्यम से किया जाता है,  जो) वित्तीय वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल, 2026) से प्रभावी होगा.जिसके लिए जिला अंतर्गत सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों, तकनीकी कर्मियों एवं पंचायत रोजगार सेवकों को युक्तधारा के उपयोग के लिए   प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे कि कर्मियों द्वारा पंचायत स्तर पर मानक अनुरूप कार्य हो सके.

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक (रा०नि०का०) श्री पुरुषोत्तम त्रिवेदी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, जिला वित्तीय प्रबंधक मनरेगा, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता मनरेगा आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार


Chingari Prime News : पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्य...

Chingari Prime News : पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्य...:  पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी। पटना . पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने एक गंभीर मामले पर कार्...

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बुधवार, 24 सितंबर 2025

"रोड नहीं तो वोट नहीं" आंदोलन को. 8 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ

 "रोड नहीं तो वोट नहीं"—गाँव की चीख़

दरभंगा .आज़ादी के 78 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन देश के कई हिस्सों में अब भी विकास केवल भाषण और घोषणाओं तक सीमित है.दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के सुघराईन पंचायत की स्थिति इसका ज्वलंत उदाहरण है.यहाँ के लोग आज भी बारहमासी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं.

         हर साल बाढ़ और बारिश के दिनों में कच्ची सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं.गांव के रास्ते जलमग्न होकर पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाते हैं.परिणामस्वरूप, बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती-बाड़ी, रोज़मर्रा की ज़रूरतें और सबसे महत्वपूर्ण—मरीजों को अस्पताल तक ले जाना—सब ठप पड़ जाता है. विकास के कारणों और योजनाओं की चमक-दमक इन ग्रामीणों के लिए केवल एक छलावा साबित हुई है.

         इसी पीड़ा ने जन्म दिया "रोड नहीं तो वोट नहीं" आंदोलन को. 8 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ यह आंदोलन अब गाँव की सामूहिक प्रतिज्ञा बन चुका है.पंचायत वासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक आने वाले विधानसभा चुनाव 2025 में वोट का बहिष्कार होगा. हाल ही में 21 सितम्बर 2025 को पूरे पंचायत में मानव-श्रृंखला बनाकर लोगों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया. इसमें पुरुष, महिला, युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल हुए.

       ग्रामीणों का आक्रोश सिर्फ सड़कों की दुर्दशा तक सीमित नहीं है. उनका गुस्सा नेताओं और प्रशासन की उस पुरानी चाल पर भी है जिसमें चुनाव से पूर्व केवल योजना का बोर्ड लगाकर कार्य पूर्ण होने का भ्रम फैलाया जाता है.गोडेपुरा-सुघराईन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है—दस साल पहले इसका बोर्ड लगा था, लेकिन आज तक सड़क धरातल पर नहीं उतरी.

        ग्रामीणों की यह आवाज़ लोकतंत्र की चेतावनी है. यदि मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं कराई जा सकती, तो लोकतंत्र का उत्सव—चुनाव—कैसे सार्थक होगा? सड़क सिर्फ़ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन का आधार है.

सरकार और जनप्रतिनिधियों को यह समझना होगा कि अब जनता केवल वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी. यदि विकास धरातल पर नहीं उतरेगा, तो "रोड नहीं तो वोट नहीं" जैसे आंदोलन लोकतंत्र की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं.

         सवाल यह है कि क्या सरकार और प्रशासन सुघराईन पंचायत की इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा, या फिर यह आंदोलन भी चुनावी कोलाहल में कहीं दबकर रह जाएगा?


आलोक कुमार


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मंगलवार, 23 सितंबर 2025

पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी।

 पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी।


पटना . पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने एक गंभीर मामले पर कार्रवाई करते हुए लौरिया थाने में सनहा दर्ज कराया है। मामला जिलाधिकारी के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी आदेश जारी करने से संबंधित है. लौरिया अंचल अधिकारी ने थानाध्यक्ष को आवेदन देकर बताया कि 21 सितंबर 2025 को एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर (मो. 6203657540) से उनके मोबाइल पर आदेश पत्र भेजा गया। इस आदेश में दाखिल-खारिज वाद को रिजेक्ट करने की बात कही गई थी.

        अंचल अधिकारी ने आवेदन में उल्लेख किया कि संबंधित व्हाट्सएप प्रोफाइल पर पश्चिम चम्पारण जिलाधिकारी का फोटो और नाम अंकित था। इससे यह प्रतीत होता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जिलाधिकारी महोदय की पहचान का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है.जिला पदाधिकारी ने इस मामले को अत्यंत ही गंभीर मानते हुए थाने में सनहा दर्ज करने का निर्देश दिया.उक्त निर्देश के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा लौरिया थाने में सनहा दर्ज करा दी गयी है. पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है.

        जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री धर्मेन्द्र कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर या सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से प्राप्त फर्जी संदेश, आदेश पत्र या संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें.उन्होंने कहा कि प्रशासन से जुड़ा कोई भी आधिकारिक आदेश केवल अधिकृत माध्यम से ही जारी होता है.उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी को इस तरह का संदेश प्राप्त होता है तो तुरंत नज़दीकी थाना या जिला प्रशासन को सूचित करें. जिलाधिकारी ने कहा कि फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


आलोक कुमार


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कैथोलिक समुदाय के लिए नई उम्मीद और धार्मिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत है

 

दुमका.झारखंड का दुमका धर्मप्रांत संथाल परगना के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस धर्मप्रांत का नेतृत्व बिशप जूलियस मरांडी कर रहे हैं और हाल ही में फादर सोनातन किस्कू को सहायक बिशप के रूप में नियुक्त किया गया है.यह नियुक्ति संथाल समाज और कैथोलिक समुदाय के लिए नई उम्मीद और धार्मिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत है.

     दुमका धर्मप्रांत की विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत आने वाले चार विधानसभा क्षेत्र—दुमका, जामा, जामताड़ा और सारठ—राजनीतिक रूप से सक्रिय तो हैं, लेकिन इनमें से किसी भी क्षेत्र से अब तक कोई कैथोलिक प्रतिनिधि निर्वाचित नहीं हुआ. वर्तमान समय में आलोक कुमार सोरेन, बसंत सोरेन, श्रीमती लोइस मरांडी और देवेंद्र कुंवर यहां की राजनीति में जनप्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं. यह तथ्य ध्यान खींचता है कि 4,542,658 की कुल जनसंख्या (2023) में 207,336 कैथोलिक होने के बावजूद उनकी राजनीतिक भागीदारी नगण्य है.संथाल, बंगाली, पहाड़िया, उरांव, मुस्लिम और हिंदू जातीय समूहों से मिलकर बने इस क्षेत्र में भाषाई विविधता भी स्पष्ट है. हिंदी, बंगाली, पहाड़िया और उरांव जैसी भाषाएँ यहां की सामाजिक पहचान को और गहरा बनाती हैं. फिर भी कैथोलिक समुदाय की आवाज़ राजनीतिक मंचों पर लगभग गुम ही है.

     लोकसभा की 14 सीटों वाले झारखंड में दुमका एक अहम संसदीय क्षेत्र है, परंतु यहां से किसी भी कैथोलिक उम्मीदवार ने चुनावी दावेदारी तक नहीं की.वर्तमान सांसद नलिन सोरेन हैं, जिनका राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट है.झारखंड की राजनीति मूलतः क्षेत्रीय दलों और आदिवासी नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूमती रही है.झारखंड मुक्ति मोर्चा, वनांचल कांग्रेस और मार्क्सवादी समन्वय समिति जैसे दल यहां का आधार तय करते हैं. इस समय मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा राज्य की बागडोर संभाले हुए हैं.

     संवैधानिक ढांचे के तहत राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है, लेकिन वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के हाथों में रहती है.इन तमाम परिस्थितियों के बीच सवाल यह है कि क्या झारखंड के कैथोलिक समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलेगा? सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय यह समुदाय राजनीतिक रूप से अब तक उपेक्षित रहा है. भविष्य की राजनीति में अगर इनकी भागीदारी बढ़े, तो यह न केवल समुदाय की पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि राज्य की बहुलतावादी लोकतांत्रिक संरचना को भी मजबूती देगा.दुमका धर्मप्रांत की स्थिति हमें यह सोचने पर विवश करती है कि धर्म और संस्कृति से जुड़े समुदायों की सहभागिता केवल प्रार्थना और आस्था तक सीमित न रहे, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व में भी अपना स्थान सुनिश्चित करे.

आलोक कुमार

सोमवार, 22 सितंबर 2025

सदाकत आश्रम से उठी आवाज़: वोट और हक़ चोरी के खिलाफ बिहार देगा भारत को नई दिशा” – राजेश राम

*सदाकत आश्रम से उठी आवाज़: वोट और हक़ चोरी के खिलाफ बिहार देगा भारत को नई दिशा” – राजेश राम

*कृष्णा अल्लावारू का ऐलान: बिहार बनेगा भारत की राजनीति का केंद्र, पटना की धरती से कांग्रेस देगी आज़ादी की दूसरी लड़ाई का संदेश

पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, सदाकत आश्रम में आज आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश राम ने पूरे प्रदेश और देशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है और यह पर्व अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इसी भावना के साथ संविधान, किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए नई लड़ाई का संकल्प ले रही है.

     राजेश राम ने बताया कि आगामी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की विस्तारित बैठक 24 सितम्बर 2025 को पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित होगी और यह बैठक ऐतिहासिक महत्व की है क्योंकि यह वह धरती है जहां स्वतंत्रता संग्राम के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महात्मा गांधी और पंडित नेहरू जैसे नेताओं ने आंदोलन की रणनीति बनाई थी. उन्होंने कहा कि आज जब लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों पर खतरा है, तो इस धरती से कांग्रेस नई लड़ाई की शुरुआत करेगी और बिहार की जनता की आवाज़ को पूरे देश तक पहुंच जाएगी.

    राजेश राम ने अपने संवाद में बिहार की समस्याओं पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली, किसानों की दुर्दशा और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार ने जनता को त्रस्त कर दिया है.लाखों नौजवान रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं, किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहे, और महिलाओं की सुरक्षा लगातार खतरे में है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश-मोदी सरकार इन गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं, बल्कि सिर्फ़ वोट बैंक की राजनीति पर ध्यान दे रही हैं। कांग्रेस पार्टी इन समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया और सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक से यह सुनिश्चित करेगी कि बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूंजे.

    उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों से और केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में, जनता के हर वर्ग के अधिकारों का हनन किया गया है.किसानों के हक की चोरी हुई, जमीन अडानी को ₹1 में दी गई, बेरोजगारी और पलायन बढ़ा, शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हुई और महिला सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। राजेश राम ने कहा कि यह बैठक इन सभी मुद्दों पर गहन चर्चा और ठोस प्रस्तावों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने का अवसर है.उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पार्टी लगातार सड़कों और सदन में जनता की आवाज़ रही है और युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है.

    प्रदेश प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि पटना में CWC की विस्तारित बैठक का आयोजन सिर्फ़ कांग्रेस की आंतरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बिहार और पूरे देश के मुद्दों पर राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनेगा.उन्होंने बताया कि बैठक में बेरोजगारी, महंगाई, अपराध, पेपर लीक, महिलाओं पर अत्याचार और किसानों की दुर्दशा जैसे गंभीर मुद्दों पर विचार होगा और ठोस प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी-शाह-नीतीश की राजनीति वोट चोरी पर टिकी है और जनता के वास्तविक मुद्दों पर उनका ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर निर्णायक लड़ाई लड़ेगी और बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे भारत में गूंजेगी.

    विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों से लूट, भ्रष्टाचार और अन्याय की राजनीति रही है। उन्होंने बताया कि पलायन, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली ने युवाओं और आम जनता का भविष्य प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को उठाते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा और अब यह संघर्ष और तेज होगा.

          राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि बिहार कांग्रेस लगातार जनता के आंदोलनों और मुद्दों के बीच रही है. उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित “पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा” और छात्रों-युवाओं के आंदोलनों में कांग्रेस की सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं, शिक्षा की बदहाली और युवाओं के रोजगार को लेकर उठाए गए कदमों ने जनता में जागरूकता और विश्वास पैदा किया है.अब बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे भारत में गूंजेगी और विपक्ष की राजनीति के बजाय लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की लड़ाई बनकर उभरेगी.

    राजेश राम ने कहा कि यह बैठक बिहार के लोगों की उम्मीदों और संघर्ष की दिशा तय करेगी और वोट चोरों के खिलाफ निर्णायक संदेश भेजें. उन्होंने सभी वर्गों, चाहे युवा, महिला, किसान या छात्र, के मुद्दों को बैठक में प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया. उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक बिहार और भारत के लिए नए राजनीतिक संदेश और रणनीति तय करेगी, जिसमें जनता के अधिकारों की बहाली, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, और किसानों, नौजवानों और आम जनता के हक की लड़ाई शामिल होगी.

     राजेश राम ने प्रेस वार्ता का समापन करते हुए कहा, “यह नवरात्रि अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है। बिहार की धरती से कांग्रेस यह संकल्प लेती है कि हम वोट चोरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और किसानों, नौजवानों और आम जनता के अधिकारों की बहाली के लिए हर कदम उठाएंगे। बिहार से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी और जनता के हक की लड़ाई को नई दिशा देगी .

    संवाददाता सम्मेलन में बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खां, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दूबे, राजेश राठौड़ उपस्थित थे.


 आलोक कुमार


रविवार, 21 सितंबर 2025

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेट वाईड पैरा स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप

 दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेट वाईड पैरा स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप

पटना. बिहार सरकार दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल तक पहुँचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है. समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा Statewide Para Sports Championship 2025 की रूपरेखा तय कर दी गई है. इस प्रतियोगिता का आयोजन सितम्बर माह में राज्य के विभिन्न जिलों में किया जाएगा.

    दिव्यांगजन को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने तथा उनके खेल कौशल को चिन्हित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में पटना जिला में 22 दिसंबर को दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेट वाईड पैरा स्पोर्ट्स चैंपियनशिप (सामर्थ्य), 2025 के तहत खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है.समाज कल्याण विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में इन खेलों का आयोजन पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कंकड़बाग तथा मोइनुल हक स्टेडियम, राजेंद्र नगर में होगा.

     पटना जिला के इच्छुक दिव्यांग प्रतिभागी 3 खेल विधाओं के अलग-अलग श्रेणियों में भाग ले सकते हैं. जिलाधिकारी, पटना द्वारा पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर प्रतियोगिता का सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही स्वीप कोषांग के पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर मतदाता जागरूकता अभियान भी चलाने का निर्देश दिया गया है.

   उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत स्वीप गतिविधियां चलाई जाएगी. जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 में सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता अपेक्षित है. इसके लिए सम्पूर्ण जिला में बहु-आयामी एवं लक्ष्य-आधारित मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.


आलोक कुमार

शनिवार, 20 सितंबर 2025

वीवीपैट के संबंध में मास्टर प्रशिक्षण के रूप में प्रशिक्षण दिया



 वीवीपैट के संबंध में मास्टर प्रशिक्षण के रूप में प्रशिक्षण दिया 

नालंदा. आज दिनांक 20 सितंबर 2025 को आसन्न बिहार विधानसभा आम निर्वाचन, 2025 के अवसर पर मोहम्मद शफीक, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन सह नोडल पदाधिकारी, प्रशिक्षण कोषांग,  की अध्यक्षता में नगर भवन, बिहार शरीफ, नालंदा में चयनित मास्टर प्रशिक्षकों को चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम ,वीवीपैट के संबंध में मास्टर प्रशिक्षण के रूप में प्रशिक्षण दिया गया.

        आसन्न विधानसभा चुनाव 2025 के आलोक में EVM सह VVPAT के साथ संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया का नए 130 मास्टर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण दिया गया.आज सभी नए मास्टर प्रशिक्षकों को धर्मेंद्र प्रसाद, SLMT, सुनील कुमार, राजीव रंजन सिन्हा, कुमार राजीव रंजन, कुमार गौरव एवं वेंकटेश्वर कुमार, DMLT के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया.

      इस अवसर पर  श्री आनंद विजय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा एवं मो0 शाहनवाज, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा द्वारा नए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षक के रूप में अपने कार्य एवं दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025

प्रत्याशी चयन का बिहार कांग्रेस चुनाव समिति ने सर्वसम्मति से आलाकमान को अधिकृत किया

 प्रत्याशी चयन का बिहार कांग्रेस चुनाव समिति ने सर्वसम्मति से आलाकमान को अधिकृत किया


पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में नवगठित बिहार प्रदेश चुनाव समिति की विस्तृत बैठक में मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर चर्चा की गयी।  सर्वप्रथम प्रत्याशी चयन प्रक्रिया के सभी सदस्यों ने विस्तृत रूप से अपनी-अपनी राय रखी. और सबने अपनी राय में आलाकमान को प्रत्याशी चयन को अधिकृत करने की बात कहीं. तत्पश्चात बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने सबों को प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को अधिकृत करने के लिए हाथ उठाकर समर्थन करने को कहा. उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने दोनों हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया बैठक में 24 सितम्बर को अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की विस्तारित बैठक पर विस्तृत चर्चा हुई.आजादी के बाद बिहार में पहली बार सी.डब्लू सी की बैठक होगी.इस पर सभी लोगों ने अपनी-अपनी राय रखें और सभी लोग इस सी.डब्लू.सी. की विस्तारित बैठक को लेकर काफी उत्साहित दिखे.

     इस बैठक की तैयारी को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई और उस चर्चा को कार्यरूप में लाने की बात कहीं गयी. इसी के साथ 26 सितम्बर को प्रियंका गांधी के होने वाले कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा के बाद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति गठित करने की बात कहीं गयी. चूंकि प्रियंका गांधी की बिहार में पहली जनसभा होगी. चूंकि प्रियंका गांधी राहुल गांधी द्वारा किये गये वोट अधिकार यात्रा में दरभंगा में शामिल हुई और दो दिनों तक उस यात्रा का हिस्सा रहीं. 

     इस बैठक में मुख्य रूप से बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, विधान परिषद दल के नेता डा0 मदन मोहन झा,सी.ई.सी सदस्य सांसद डा0 जावेद, पूर्व अध्यक्ष सांसद डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, डा0 शकील अहमद, रामजतन सिन्हा, प्रभारी सचिव सुशील पासी, शाहनवाज आलम, सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, सांसद मनोज राम, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, राजेश राठौड़, डा0 समीर कुमार सिंह, संजय कुमार तिवारी, विश्वनाथ राम, कपिलदेव प्रसाद यादव, मोती लाल शर्मा, संजीव प्रसाद टोनी,ब्रजेश पाण्डेय, शकीलउज्जमा अंसारी, जमाल अहमद भल्लू,कौकब कादरी, अजित शर्मा, कुमार आशीष, डा0 संजय यादव, सरवत जहां फातिमा,नागेन्द्र कुमार विकल, शिव प्रकाश गरीब दास, सूरज यादव, निर्मलेन्दु वर्मा, कैलाश पाल, साधना रजक, खुशबू कुमारी, विश्वनाथ बैठा, पूनम पासवान, चंदन यादव, शकीलुर रहमान, अनुराग चंदन,कैसर अली खां, प्रभात कुमार सिंह, डा0 कमलदेव नारायण शुक्ला, संतोष कुमार श्रीवास्तव, डा0 रमेश प्रसाद यादव, शशि रंजन, नदीम अख्तर अंसारी, नीतू निषाद, रामशंकर कुमार पान, उदय मांझी, रेखा सोरेन, सुनील कुमार पटेल, मंजू राम, अंशुल अभिजीत उपस्थित थे.

आलोक कुमार


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मोदी सरकार का 'राष्ट्र सेठ' अडानी को यह भेंट बिहार के पर्यावरण, किसानों और अर्थव्यवस्था को तबाह करने का षड्यंत्र है

 


पटना. आज कांग्रेसियों का मार्च सदाकत आश्रम से पूर्वाह्न 11ः15 बजे शुरू हुआ और राजेंद्र बाबू की समाधि, बांस घाट तक पहुंचा। मार्च का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने किया, जिसमें बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, कांग्रेस विधानमंडल दल नेता डॉ. शकील अहमद खान, विधान परिषद कांग्रेस दल नेता डॉ. मदन मोहन झा समेत प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और हजारों समर्थक शामिल हुए. नारों से गूंजते इस मार्च में मोदी-नीतीश सरकार को जमकर कोसा गया, और बिहार की जनता को इस ‘लूट‘ के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया गया.

कांग्रेस स्पष्ट करती है कि हम बिहार में बिजली उत्पादन या विकास के खिलाफ नहीं हैं - बिहार को 2,400 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली की जरूरत है, जो राज्य की बिजली मांग को पूरा कर सकती है, रोजगार पैदा कर सकती है और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकती है. लेकिन इस प्रोजेक्ट को जिस तरह से लागू किया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है.मोदी-नीतीश सरकार अडानी को खुश करने के चक्कर में बिहार के लोगों पर जबरन दबाव डाल रही है, उनकी आवाज दबा रही है, उनके हकों को कुचल रही है और चीजों को ठीक से नहीं संभाल रही. भागलपुर के किसानों की उपजाऊ जमीन छीन ली गई, जहां वे दशकों से आम-लीची की खेती कर परिवार पाल रहे थे. अब 10 लाख पेड़ कटेंगे, जिससे पर्यावरणीय तबाही आएगी- बाढ़ बढ़ेगी, मिट्टी का कटाव होगा, और जलवायु परिवर्तन से पहले से जूझ रहे बिहार में सूखा-बाढ़ की मार और तेज होगी.

बिहार के लोग पहले से ही महंगी बिजली, बाढ़ और गरीबी से जूझ रहे हैं - यहां औसतन एक परिवार बिजली पर 20-30 %आय खर्च करता है, और यह प्लांट बिजली को और महंगा करेगा, जबकि अडानी जैसे कॉर्पोरेट्स मुनाफा कमाएंगे. किसान अपनी जमीन खोकर बेरोजगार हो रहे हैं, और कोई उचित मुआवजा या वैकल्पिक आजीविका नहीं दी जा रही,  भागलपुर में हजारों परिवार अब भुखमरी के कगार पर हैं, जहां पहले फल-फसल से सालाना लाखों की कमाई होती थी. इस सौदे की खबर आने के बाद बिहार के लोगों के साथ और बुरा हुआ ,पीरपैंती के ग्रामीणों को विरोध करने पर घरों में नजरबंद किया गया, खासकर पीएम मोदी की यात्रा के दौरान  किसानों को धमकियां दी गईं, और पुलिस से झड़पें हुईं जहां प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया बिना किसी आरोप के कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि जमीन धमकी देकर ली गई, और विरोध करने वालों पर फर्जी केस थोपे गए. इसी तरह के अन्य अडानी प्रोजेक्ट्स में ग्रामीणों पर सैकड़ों मुकदमे लाद दिए गए, जो बिहार में भी दोहराया जा रहा है.बिहार की अर्थव्यवस्था पहले से कृषि पर निर्भर है, जहां 80 % लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, और यह सौदा उन्हें और पीछे धकेल रहा है दृ बाढ़ प्रभावित इलाकों में जमीन छिनने से परिवार बिखर रहे हैं.

मोदी और नीतीश की जोड़ी बिहार के 'विकास' के नाम पर लूट रही है. मोदी का 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान जुमला है – 10 लाख पेड़ 'अडानी के नाम' कट रहे हैं. नीतीश ने 2015 में मोदी पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया था, लेकिन अब खुद वही कर रहे हैं। बिहार में बाढ़ से हर साल लाखों किसान प्रभावित होते हैं, लेकिन राहत के नाम पर सिर्फ खोखले वादे मिलते हैं। 2021 के फार्मर प्रोटेस्ट में नीतीश चुप रहे, जबकि देशभर में किसान सड़कों पर थे. बिहार में कृषि के लिए अलग मंत्रिमंडल तक खत्म कर दिया गया. मोदी की रैलियों में 22,000 करोड़ के कृषि पैकेज की बात होती है, लेकिन हकीकत में अडानी जैसे 'मित्रों' को सस्ती जमीन दी जा रही है. इस सौदे के बाद पीरपैंती में विरोध करने वाले किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, और कई को फर्जी केस में फंसाया गया। यह बिहार के 80% लोगों के साथ धोखा है, जो कृषि पर निर्भर हैं और गरीबी रेखा से नीचे हैं.

              मार्च के दौरान राजेश राम ने कहा, "कांग्रेस सत्ता में आई तो यह सौदा रद्द होगा, किसानों को उनकी जमीन का हक और MSP मिलेगा."  उन्होंने कहा, "कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं, लेकिन अडानी को खुश करने के लिए बिहार के किसानों की जमीन छीनना और उनकी आवाज दबाना गलत है." डॉ. शकील अहमद खान ने तंज कसा, "मोदी जी किसानों से मिलने से डरते हैं, क्योंकि बिहार की जनता अब उनकी 'मित्र-मंडली' की लूट समझ गई है." डॉ. मदन मोहन झा ने जोड़ा, "यह प्लांट बिहार के संसाधनों से बनेगा, लेकिन बिजली महंगी – नीतीश-मोदी की जोड़ी बिहार को बेच रही है." मार्च के अंत में बांस घाट पर सभा हुई, जहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया. यह मार्च बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोदी-नीतीश पर करारा प्रहार है.कांग्रेस कहती है – बिहार लुटेगा नहीं, लड़ेगा.

इस अवसर पर कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, अ0 भा0 कांग्रेस कमिटी के सचिव शाहनवाज आलम, सुश्री पूनम पासवान, चंदन यादव, विजय शंकर दूबे, डा0 समीर कुमार सिंह, विजेन्द्र  चौधरी  , विश्वनाथ राम, राजेश राठौड़, आनन्द माधव, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, मोती लाल शर्मा, ब्रजेश पाण्डेय,जमाल अहमद भल्लू, अजय  चौधरी  , सुनीता देवी, विनोद सिंह, ज्ञान रंजन, सौरभ सिन्हा, मंजीत आनन्द साहू, रूपम यादव, कुमार आशीष, शरवत जहां फातमा, शिव प्रकाश गरीब दास, सूरज यादव, जय प्रकाश  चौधरी  , सुधा मिश्रा, वैद्यनाथ शर्मा, रौशन कुमार सिंह, कैलाश पाल, अंशुल अभिजीत, शशि रंजन, राजीव मेहता, रौशन कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, यशवन्त कुमार चमन, तारक  चौधरी  , मो0शाहनवाज,मो0 कामरान, अनुराग चंदन, अरविन्द लाल रजक, ममता निषाद, केसर कुमार सिंह, अमित सिकन्दर, अमरजीत कुमार, आशुतोष त्रिपा*"बिहार की ज़मीन–मिट्टी–10 लाख पेड़ 1 रुपये में अडानी को चढ़ावा, मोदी-नीतीश की 'भक्ति' का प्रसाद; जनता की आवाज़ बना कांग्रेस का विशाल मार्च"*

बिहार की भाजपा-जदयू सरकार ने भागलपुर के पीरपैंती में 1,050 एकड़ उपजाऊ जमीन – जिसमें आम, लीची और सागवान के करीब 10 लाख पेड़ लगे हैं – को मात्र 1 रुपया प्रति वर्ष की हास्यास्पद दर से अडानी पावर लिमिटेड को 33 साल के लिए सौंप दिया है. यह 2,400 मेगावाट का कोल-बेस्ड थर्मल पावर प्लांट है, जिसकी लागत करीब 21,400 करोड़ रुपये है, लेकिन बिहार के गरीब किसानों और आम लोगों को इससे मिलने वाली बिजली 6.075 रुपये प्रति यूनिट की महंगी दर पर बेची जाएगी – जबकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में ऐसी बिजली 3-4 रुपये प्रति यूनिट उपलब्ध है। क्या यह 'विकास' है या बिहार की जनता पर 'डबल लूट' का खेल? मोदी सरकार का 'राष्ट्र सेठ' अडानी को यह भेंट बिहार के पर्यावरण, किसानों और अर्थव्यवस्था को तबाह करने का षड्यंत्र है.


आलोक कुमार

बुधवार, 17 सितंबर 2025

समाज के अंतिम पायदान के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए


  बेतिया .मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत 16,04,929 निबंधित निर्माण श्रमिकों के खाते में वार्षिक वस्त्र सहायता योजना अंतर्गत उत्क्रमित सहायता राशि ₹5000 प्रति निर्माण श्रमिक की दर से कुल ₹802 करोड़ 46 लाख 45 हजार रुपये का अंतरण किया.

इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने ‘मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना’ के वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया.

        मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है. बिहार आज विभिन्न क्षेत्रों में तरक्की के नए आयाम छू रहा है, जिसमें हमारे श्रमिक भाई-बहनों का अतुलनीय योगदान है.उनके कल्याण और विकास के लिए सरकार सतत प्रयासरत है.उन्होंने श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि अभियान चलाकर छूटे हुए सभी श्रमिक भाई-बहनों का निबंधन कर उन्हें इस योजना से जोड़ा जाए और इसका लाभ दिया जाए.


आलोक कुमार

मंगलवार, 16 सितंबर 2025

जिले में 32 लाख दवा खिलाने का रखा गया है लक्ष्य

 



डीएम ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर  राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत की

* जिले में 32 लाख दवा खिलाने का रखा गया है लक्ष्य

* खाली पेट दवा नहीं खिलाएं,हल्का साइड इफेक्ट हो तो घबराने की आवश्यकता नहीं - डीएम

* छूटे हुए बच्चों के लिए 19 सितंबर को चलेगा मॉप-अप दिवस

मोतिहारी. मोतिहारी शहर के गाँधी चौक स्थित हीरालाल साह मध्य विधालय स्कुल से जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर "राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस" की शुरुआत की. इस अवसर पर डीसीएम नंदन झा ने कहा कि जिले में 32 लाख दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है.उन्होंने बताया की सभी को खाली पेट दवाए नहीं खिलाएं,हल्का साइड इफेक्ट हो तो घबराने की आवश्यकता नहीं है वहीं,छूटे हुए बच्चों के लिए 19 सितंबर को चलेगा मॉप-अप दिवस मनाया जाएगा.

          मौके पर डीएम ने कहा कि जिले के सरकारी, प्राइवेट स्कूल एवं आँगनबाड़ी केन्द्रो में बच्चों को पेट के कृमि से बचाव के लिए एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाई जाती है ताकि बच्चे कृमि रोगों से सुरक्षित हो सके.जिले के डीआईओ डॉ एस सी शर्मा ने बताया की 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को अलग अलग डोज के अनुसार दवा का सेवन आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के देख रेख में कराया जाता है.किसी-किसी बच्चे में  दवा खाने से हल्का- फुल्का साइड इफेक्ट होता है इससे घबराएं नहीं. जिला एवं प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम की व्यवस्था की गयी है. हल्का साइड इफेक्ट का मतलब है कि आपके शरीर का कीड़ा समाप्त हो रहा है.उन्होंने सभी अभिभावकों से सभी बच्चों को कृमि की दवा खिलवाने की अपील की. दवा खिलाने से पहले इस बात का ध्यान रखना है कि बच्चा पूर्णतः स्वस्थ हो एवं खाली पेट न हो.

            मौके पर सिविल सर्जन डॉ रविभूषण श्रीवास्तव,सदर पीएचसी प्रभारी डॉ दिलीप कु शाही,  महामारी पदाधिकारी डॉ राहुल राज, डीसीएम नंदन झा, अभिजीत आनंद,यूनिसेफ़, डब्लूएचओ, पिरामल, यूनिसेफ़, सिफार,सी 3,  डिस्टिक लिड, वार्ड पार्षद राधना कुमारी, प्रधानाध्यापिका पूनम कुमारी, शिक्षक गण व अन्य लोग उपस्थित थे.


आलोक कुमार

सोमवार, 15 सितंबर 2025

पोप लियो ने जैसे ही जन्मदिन का केक काटा

 पोप लियो ने जैसे ही जन्मदिन का केक काटा 


वाटिकन . संत पॉल महागिरजाघर की संध्या—जहाँ शहीदों की स्मृतियों अभी-अभी श्रद्धा की लौ में झिलमिला रही थीं—अचानक उल्लास और प्रार्थना की गूंज से भर उठी. पोप लियो ने जैसे ही जन्मदिन का केक काटा और उपस्थितों ने "हैप्पी बर्थडे" का गीत छेड़ा, वहाँ एक अनोखा संगम जन्मा—श्रद्धा और सरल मानवीय आनंद का.कार्डिनलों की गोष्ठी और विश्वासियों की उपस्थिति में पोप ने उस क्षण को साधारण उत्सव से कहीं आगे बढ़ा दिया. जब उन्होंने कहा—“मेरी इच्छा नहीं, प्रभु, केवल आपकी इच्छा पूरी हो”—तो लगा मानो जन्मदिन की मोमबत्तियाँ केवल उनकी उम्र का नहीं, बल्कि उनकी आस्था का भी प्रतीक बनकर जल रही हों.क्रूस विजय पर्व की पृष्ठभूमि में यह जश्न और भी गहरा हो उठा. यहाँ जन्मदिन केवल उम्र का पड़ाव नहीं था, यह उस पुकार की याद थी जो जीवन को ईश्वर की योजना के हाथों सौंपने से शुरू होती है.जब संत पापा महागिरजाघर से बाहर निकले और भीड़ का अभिवादन किया, तो वह क्षण एक दीपशिखा-सा था—आस्था की ज्वाला और मानवीय उल्लास का संगम। वास्तव में, यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक शम्मा था—जो अंधेरे में रोशनी और थके मन को सांत्वना देती है.

आलोक कुमार


रविवार, 14 सितंबर 2025

भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विकेट के शतक से मात्र 1 कदम दूर

 भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विकेट के शतक से मात्र 1 कदम दूर


नई दिल्ली. भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रचने के बेहद करीब हैं. वह अब तक 99 विकेट ले चुके हैं और जैसे ही अगला विकेट लेंगे, भारत के पहले गेंदबाज बन जाएंगे जिन्होंने टी20 में 100 विकेट पूरे किए .अर्शदीप सिंह ने अभी तक खेले 63 मैचों में 18.30 के औसत और 8.29 की इकॉनमी के साथ सर्वाधिक 99 विकेट चटकाए हैं.वह विकेट के शतक से मात्र 1 कदम दूर है.     
      एशिया कप टूर्नामेंट में भारत का मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है.भारत अपना पहला मैच यूएई से और दूसरा मैच चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेला गया.इस मैच में अर्शदीप अपना शतक पूरा कर सकते थे अगर बाएं हाथ का  गेंदबाज एक विकेट लेता है तो वह टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट हथिया लेता.इन दोनों मैचों में अभी तक 63 मैचों में 99 विकेट ले चुके अर्शदीप सिंह को टीम 11 में चयन नहीं किया गया.विकेट का शतक पूरा करने में विलम्ब होने से अर्शदीप सिंह के फैंस नाराज होने लगे हैं.ऐसा समझा जा कहा है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ तैंतीस का नहीं छत्तीस का रिश्ता बन गया है.       
        कुछ लोग समझ रहे है कि विकेट का शतक पूरा करने में हो रही देरी के कारण अर्शदीप सिंह के प्रशंसक निराश नहीं हुए हैं, बल्कि उनके इतिहास रचने के बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनने वाले हैं. भले ही उन्हें एशिया कप के पहले और दूसरे मैच में खेलने का मौका नहीं मिला हो.       
      अब भारत का तीसरा मैच 19 सितंबर को ओमान से है.अब तीसरा मैच ओमान के खिलाफ होने वाले मैच में उनके पास यह मील का पत्थर पूरा करने का एक और मौका है, जो उनके फैंस के लिए खुशी की बात होगी. प्रशंसक अर्शदीप सिंह के शतक पूरा करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी. प्रशंसक अर्शदीप को टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनते देखना चाहते हैं.        
     प्रशंसक अर्शदीप को एक मैच विनर खिलाड़ी के रूप में देखते हैं जो डेथ ओवरों में भारत के लिए ट्रंप कार्ड साबित होते हैं. देरी होने से निरोत्साहित हो रहे है.अर्शदीप सिंह अभी तक 63 मैचों में 99 विकेट ले चुके हैं.एशिया कप 2025 के शुरुआती मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन अभी भी उनके पास एक विकेट लेते ही 100 विकेट का आंकड़ा पूरा करने का मौका है.

आलोक कुमार


शनिवार, 13 सितंबर 2025

बिहार की नई चुनावी जमीन

रेवड़ी बनाम परिवार लाभ कार्ड : बिहार की नई चुनावी जमीन

 

बेतिया . दिल्ली में जब अरविंद केजरीवाल ने जनता को राहत देने वाले पैकेजों की घोषणा की थी, तो विपक्ष ने उन्हें “रेवड़ी बांटने” का नाम दिया था. उस दौर में हर मंच से यह सवाल उठाया गया कि जनता को मुफ्त योजनाओं के जरिए “लुभाना” लोकतंत्र के लिए कितना सही है. लेकिन विडंबना देखिए, वही “रेवड़ी राजनीति” अब बिहार की गलियों और चौपालों में खुलकर खेले जाने लगी है.
इस बार केंद्र में हैं प्रशांत किशोर और उनकी जन सुराज पार्टी। उन्होंने अपने अभियान में “परिवार लाभ कार्ड” का पत्ता खोला है.इस कार्ड के तहत पाँच बड़े वादे किए गए हैं—शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग.अनुमान लगाया जा रहा है कि एक परिवार को सालाना लगभग 20 हज़ार रुपये का लाभ मिल सकता है.
बेतिया से लेकर गाँव-कस्बों तक पार्टी के संस्थापक सदस्य गोडेन अंतुनी ठाकुर स्वयं इस कार्ड का पंजीकरण करा रहे हैं. जमीनी राजनीति से जुड़े ठाकुर के पास ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है और लोग भारी संख्या में फॉर्म भरवा रहे हैं.
यानी, बिहार की राजनीति में अब “पैकेज” शब्द ने नया चेहरा पा लिया है। फर्क इतना है कि दिल्ली में पैकेज को “रेवड़ी” कहकर हंसी उड़ाई जाती थी, और बिहार में वही पैकेज “परिवार लाभ कार्ड” बनकर आकर्षण का केंद्र बन गया है. दिलचस्प यह भी है कि उस समय “रेवड़ी संस्कृति” पर शोर मचाने वाले बयानवीर अब चुप्पी साधे बैठे हैं—जैसे बापू के तीन बंदर.
दरअसल, यह सवाल अब भी अनुत्तरित है कि क्या जनता के लिए बनाए गए ऐसे पैकेज सिर्फ चुनावी हथकंडा हैं या फिर यह एक सामाजिक सुरक्षा कवच का प्रयास है? बिहार की जनता के सामने चुनावी रेवड़ियां और असली नीतियों का फर्क समझने की चुनौती है.
जन सुराज पार्टी के “परिवार लाभ कार्ड” अभियान से जुड़े बिंदुओं को चुनावी वादों की तरह विस्तार से इस प्रकार लिखा जा सकता है—
जन सुराज पार्टी के परिवार लाभ कार्ड के पांच मुख्य वादे
1. हर परिवार को सालाना आर्थिक सहयोग – एक निश्चित राशि (लगभग ₹20,000 तक) परिवार को सीधे लाभ पहुँचाने का दावा.
2. शिक्षा सहायता – परिवार के बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष आर्थिक पैकेज या छात्रवृत्ति की व्यवस्था.
3. स्वास्थ्य सुविधा – परिवार कार्ड धारकों को मुफ्त इलाज या स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ने का वादा.
4. महिला सशक्तिकरण – परिवार की महिला मुखिया के खाते में प्रतिमाह सहायता राशि भेजने का प्रस्ताव.
5. कृषि/रोजगार लाभ – छोटे किसानों व बेरोजगार युवाओं को रोजगार या कृषि सहायता पैकेज उपलब्ध कराने का आश्वासन.
पार्टी के संस्थापक सदस्य गोडेन अंतुनी ठाकुर ने कहा कि परिवार लाभ कार्ड मेरे पास आ गया है.मेरे पास पर्याप्त कार्ड उपलब्ध है जो भी माता-पिता,भाई-बहन, विकलांग व बुजुर्ग 60 साल से ऊपर है वह आकर मेरे निवास स्थान क्रिश्चियन क्वार्टर चर्च रोड बेतिया वार्ड न.7 चर्च के पूर्व वाली गली में कल से परिवार लाभ काड P.L.C कार्ड बनाया जाएगा.कार्ड बनवाने के लिए जो भी माता -बहन आएगे वह अपना आधार कार्ड और मोबाइल ले कर आएंगे.
     परिवार मे एक ही आदमी का परिवार लाभ कार्ड बनाया जाएगा,ज्यादा जानकारी लेने के लिए आप मेरे मोबाइल नंबर 7909019652, पर सम्पर्क कर सकते है.सदस्यता शुल्क ₹10 लगेगा .जो आप अपने साथ लेकर आवे धन्यवाद.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

यूएई के खिलाफ मैच में मौका ही नहीं दिये


 नई दिल्ली . भारतीय गेंदबाज अर्शदीप सिंह है. वह एक मैच विजेता खिलाड़ी हैं. वह 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे करने वाले पहले भारतीय बनने के कगार पर है.मुख्य कोच गौतम गंभीर और भारतीय कप्तान ने अर्शदीप सिंह को विकेट के शतक बनाने में व्यवधान डाल दिये.उन्होंने यूएई के खिलाफ मैच में मौका ही नहीं दिये.

       सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम ने यूएई के खिलाफ अपने पहले एशिया कप मुकाबले में इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को बेंच पर बैठा दिया.जी हां, यह रिकॉर्ड है टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट लेने का.अर्शदीप सिंह ने अभी तक खेले 63 मैचों में 18.30 के औसत और 8.29 की इकॉनमी के साथ सर्वाधिक 99 विकेट चटकाए हैं.वह विकेट के शतक से मात्र 1 कदम दूर है.उसे यूएई के खिलाफ खेलना था और एक विकेट चटकाना था.मगर उसे ऐस करने से रोक दिया गया .अब अर्शदीप सिंह को 14 सितंबर तक इंतजार करना पड़ेगा.वह मौका मिलते ही चीर प्रतिद्ंदी पाकिस्तान के एक विकेट चटकाते ही वह टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे. गौतम गंभीर के रहते अर्शदीप का खेलना नामुमकिन, 1 साल में खेला एक सीरीज, दिग्गज गेंदबाज ने हेड कोच की सोच पर उठाए सवाल

    अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, अर्शदीप का बाहर होना आश्चर्यजनक है, लेकिन यह कोई नई बात नहीं है. गौतम गंभीर के कोचिंग शुरू करने के बाद से ऐसा होता आ रहा है. अर्शदीप पूरी चैंपियंस ट्रॉफी भी नहीं खेले थे यह एक तरह से एक विषय बनता जा रहा है शायद दुबई की परिस्थितियों को देखते हुए, वे स्पिनरों को तरजीह दे रहे हैं. जब गंभीर ने केकेआर के लिए खिताब जीता था, तब भी वह स्पिन पर पूरी तरह से निर्भर थे. 2025 में अब तक अर्शदीप ने भारत के लिए सिर्फ एक सीरीज खेली है इम्पैक्ट शॉर्ट्स सबसे बड़ी खबरों तक पहुंचने का आपका शॉर्टकट गूगल ही है. जीत का जायका थोड़ा कड़वा लगे तो समझ जाना चाहिए कि कुछ ठीक नहीं हुआ. टी-20 इतिहास में अर्शदीप सिंह से ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाला कोई और गेंदबाज नहीं है. 13..23 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 99 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेटों के साथ, अर्शदीप 63 मैचों में ही अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. वह एक मैच विजेता खिलाड़ी हैं और बुधवार को, वह 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे करने वाले पहले भारतीय बनने के कगार पर थे लेकिन एक चैंकाने वाला घटनाक्रम तब हुआ जब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम ने यूएई के खिलाफ अपने पहले एशिया कप मुकाबले में इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को बेंच पर बैठा दिया. अर्शदीप को ना खिलाए जाने पर आर अश्विन ने कोच गौतम गंभीर को जमकर लताड़ा.

पूर्व स्पिनर रविचंद्रन लेकिन हर्षित राणा और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों को उन पर तरजीह दी गई. दिलचस्प बात यह है कि अर्शदीप भारत के पांच टेस्ट मैचों के लंबे इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे, लेकिन उन्हें वहां भी जगह नहीं मिल सकी .भारत ने अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया, जो शुरुआती टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अर्शदीप को मौका नहीं मिला.

   मौजूदा भारतीय स्क्वॉड में हार्दिक पांड्या एक और ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके नाम 90 से अधिक विकेट दर्ज हैं. पांड्या ने अभी तक इस फॉर्मेट में 94 विकेट चटकाए हैं. वह अपने शतक से 6 कदम दूर हैं.उम्मीद है पांड्या भी इसी टूर्नामेंट में 100 विकेट पूरे कर लेंगे।भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाजों की लिस्ट में युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी भी हैं. बुमराह ने इस फॉर्मेट में 89 विकेट चटकाए हैं.वहीं चहल और भुवी अब भारतीय टी20 सेटअप का हिस्सा नहीं हैं.


आलोक कुमार

गुरुवार, 11 सितंबर 2025

विनोबा भावे की जयंती और आज का यथार्थ

 विनोबा भावे की जयंती और आज का यथार्थ


पटना. आज 11 सितंबर है.भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा भावे की 130वीं जयंती.कभी जिनके नाम पर पूरा देश सामाजिक क्रांति का सपना देखता था, आज उन्हीं की जयंती सरकारी उदासीनता और संस्थागत अभाव के बीच लगभग औपचारिकता भर रह गई है.

    कल तक गैर-सरकारी संस्थाएं विनोबा जी की जयंती को जन उत्सव का रूप देती थीं. पर आज, विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) की कठोर शर्तों और धनाभाव के चलते वे संस्थाएँ पंगु होकर रह गई हैं. 2014 के बाद केंद्र सरकार ने इस कानून को सख्ती से लागू किया, जिससे NGOs की गतिविधियां लगभग ठप हो गई. विदेशी अनुदान पर पाबंदियों ने सामाजिक सरोकार के क्षेत्र को सिकोड़कर रख दिया.

     बावजूद इसके, बिहार स्टेट गांधी स्मारक निधि ने पटना में विनोबा जयंती का आयोजन कर परंपरा को जीवित रखने का प्रयास किया.प्रभाकर कुमार की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में माखन लाल दास, डॉ. मोख्तारूल हक़, अरुण प्रसाद, शिबबालक प्रसाद, उमेश मंडल सहित अनेक खादी-ग्रामोद्योग व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

    सभा में खादी उद्योग और भूदान किसानों की समस्याओं पर गहन विमर्श हुआ. वक्ताओं ने सरकार से लंबित रिबेट राशि का तत्काल भुगतान, खादी पुनरुद्धार योजना के अक्षरशः: पालन और ऋण माफी की मांग की.साथ ही भूदान यज्ञ समिति के पुनर्गठन पर बल दिया ताकि भूदान किसानों की उपेक्षा दूर हो सके.

     यह जयंती केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक दायित्व की याद दिलाती है.सवाल यह है—क्या हम विनोबा भावे की विरासत को महज औपचारिक आयोजनों तक सीमित कर देंगे, या फिर सामाजिक न्याय और ग्राम-आधारित आत्मनिर्भरता के उनके स्वप्न को पुनर्जीवित करने का साहस दिखाएं?


आलोक कुमार

बुधवार, 10 सितंबर 2025

भारत की महिला हॉकी टीम ने कोरिया को 4-2 से हरा दिया

 महिला एशिया कप हॉकी में भारत की जीत कोरिया पर


चीन.भारत की महिला हॉकी टीम ने कोरिया को 4-2 से हरा दिया. इस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच संगीता कुमारी को चुना गया, जिन्होंने भारत के लिए एक स्कोर हासिल किया. संगीता के अलावा वैष्णवी फाल्के, लालरेम्सियामी और रुतुजा पिसल ने भी 1-1 गोल किया. भारतीय टीम इस एशिया कप में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ रही है.

     महिला एशिया कप 2025 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को अपने पहले सुपर-4 मैच में रिपब्लिक ऑफ कोरिया को 4-2 से हराकर जीत की शुरुआत की.पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के हांगझोऊ में गोंगशु कैनाल स्पोर्ट्स पार्क हॉकी फील्ड में खेले गए मुकाबले में भारत की ओर से वैष्णवी विट्ठल फाल्के (दूसरे मिनट में), संगीता कुमारी (33वें मिनट में) लालरेम्सियामी (40वें, मिनट) और रुतुजा दादासो पिसाल (59वें मिनट में) ने गोल किए.दक्षिण कोरिया के लिए युजिन किम (33वें और 53वें मिनट में) ने दो गोल किए.

    मौसम की खराबी के कारण देर से शुरू हुए मुकाबले में एक बार फिर टीम इंडिया ने अपना परचम लहराया.शुरुआती बढ़त को बरकरार रखते हुए जीत हासिल की.पहले क्वार्टर से ही वर्ल्ड रैंकिंग में 10वें स्थान पर काबिज भारतीय महिला हॉकी टीम ने प्रतिद्वंदी टीम पर अपना दबदबा कायम किया.भारत ने इस क्वार्टर में पांच पेनल्टी कॉर्नर अपने नाम किए.दूसरे मिनट में वैष्णवी विट्ठल फाल्के ने पीसी को गोल में तब्दील किया, लेकिन इसके बाद भारत एक भी मौके को भुनाने में सफल नहीं हो सका.क्वार्टर खत्म होने से पहले दक्षिण कोरिया ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे भारतीय गोलकीपर ने नाकाम कर दिया.

   दूसरा क्वार्टर गोल रहित रहा. दोनों टीमों ने आक्रामक प्रदर्शन किया और बढ़त बनाने के मौके भी हासिल किए, लेकिन भारत और दक्षिण कोरिया की टीम गोल करने में कामयाब नहीं हो सकीं.पहले हाफ की समाप्ति तक भारत ने 1-0 की बढ़त को बनाए रखा.

   तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अटैक करना जारी रखा और अपने डिफेंस को भी मजबूत बनाए रखने की पूरी कोशिश की. इस बीच 33वें मिनट में संगीता कुमार के फील्ड गोल के साथ भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया.लेकिन दक्षिण कोरिया ने एक मिनट बाद ही पलटवार किया.युजिन किम ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम का खाता खोला. भारत ने आक्रामक खेल के साथ एक और बढ़त बनाने का मौका बनाया. भारत के लिए लालरेमसियामी ने 40वें मिनट में फील्ड गोलकर स्कोर 3-1 कर दिया. इस गोल के साथ भारत ने मैच पर अपनी पकड़ को मजबूत कर लिया.

    चैथे और आखिरी क्वार्टर में भारत ने गेंद पर अपनी पकड़ बनाए रखी और गोल करने के लिए अटैक जारी रखा. वहीं, दक्षिण कोरिया ने दूसरे गोल के साथ मैच में वापसी की. युजिन ने 53वें मिनट में पीसी को गोल में बदला और 3-2 के स्कोर के साथ अंतर को कम किया.यह इस मैच में युजिन का दूसरा गोल था.इसके बाद भारत ने दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए.भारतीय टीम पहली पीसी को भुनाने में नाकाम रही, लेकिन क्वार्टर के खत्म होने से पहले दूसरी पीसी को रुतुजा दादासो पिसाल ने गोल में तब्दील कर भारत की जीत पक्की कर दी.


आलोक कुमार

मंगलवार, 9 सितंबर 2025

पोप लियो 14वें के सामने सबसे बड़ी चुनौती

दुनिया के सबसे छोटे देश वेटिकन के सामने बजट की बड़ी समस्या

वाटिकन . दुनिया के सबसे छोटे देश वेटिकन के सामने बजट की बड़ी समस्या है. वेटिकन अपने निवासियों पर टैक्स नहीं लगाता है या बांड जारी नहीं करता है. रोमन कैथोलिक चर्च की केंद्रीय सरकार मुख्य रूप से दान से चलती है, जिसमें लगातार गिरावट हो रही है.इसके अलावा वेटिकन संग्रहालयों के लिए टिकट बिक्री, निवेश से होने वाली आय और रियल एस्टेट से कुछ आमदनी हो जाती है.

     रोमन कैथोलिक चर्च और वेटिकन सिटी की केंद्रीय प्रशासनिक संस्था 'होली सी' के मुताबिक 2021 में उसकी आमदनी 87.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर थी. हालांकि खर्च इससे ज्यादा था.

पोप लियो 14वें के सामने सबसे बड़ी चुनौती वेटिकन को घाटे से बाहर निकालने की है.कोई भी वेटिकन को पैसे दान कर सकता है, लेकिन नियमित स्रोत दो मुख्य रूपों में आते हैं. कैनन कानून के अनुसार दुनिया भर के बिशपों को वार्षिक शुल्क का भुगतान करना पड़ता है. वेटिकन के आंकड़ों के अनुसार सालाना एकत्र किए गए 2.2 करोड़ डॉलर में एक तिहाई से अधिक का योगदान अमेरिकी बिशपों ने दिया.

    वार्षिक दान का दूसरा मुख्य स्रोत आम कैथोलिकों के लिए अधिक जाना-पहचाना है- 'पीटर्स पेंस'. यह एक विशेष संग्रह है, जो आमतौर पर जून के आखिरी रविवार को लिया जाता है.अमेरिका से इस मद में औसतन 2.7 करोड़ डॉलर मिले, जो वैश्विक संग्रह के आधे से अधिक है.हालांकि इसमें लगातार गिरावट हो रही है. घट रही किराए से आय वेटिकन के अपने संस्थान भी लगातार अपना अंशदान कम कर रहे हैं.

      कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका के बिजनेस स्कूल में चर्च प्रबंधन कार्यक्रम के निदेशक रॉबर्ट गहल ने कहा कि लियो को अमेरिका के बाहर से दान जुटाना होगा, जो कोई छोटा काम नहीं है. उन्होंने कहा कि यूरोप में व्यक्तिगत रूप से परोपकार की परंपरा (और कर लाभ) बहुत कम है. वेटिकन के पास इटली में 4,249 संपत्तियां हैं. इसके अलावा लंदन, पेरिस, जिनेवा और स्विट्जरलैंड में 1,200 से अधिक संपत्तियां हैं. इनका लगभग पांचवां हिस्सा ही उचित बाजार मूल्य पर किराए पर दिया जाता है.लगभग 70 प्रतिशत से कोई आय नहीं होती है, क्योंकि उनमें वेटिकन या अन्य चर्च कार्यालय हैं. बाकी 10 प्रतिशत को वेटिकन कर्मचारियों को कम किराए पर दिया जाता है.

   बेचनी पड़ सकती हैं प्रॉपर्टीज वर्ष 2023 में, इन संपत्तियों से केवल 3.99 करोड़ डॉलर का लाभ हुआ. अमेरिका स्थित पापल फाउंडेशन के अध्यक्ष वार्ड फिट्जगेराल्ड ने कहा कि वेटिकन को भी कुछ संपत्तियां बेचने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिनका रख-रखाव करना बहुत महंगा है। चुनौती इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में चर्च जाने वाले कैथोलिकों की संख्या घट रही है और कभी भरे रहने वाले चर्च खाली हो गए हैं.


आलोक कुमार)

सोमवार, 8 सितंबर 2025

धन्य कुँवारी मरियम के जन्मोत्सव

 


माता मरियम का जन्मोत्सव: विश्वास, भक्ति और आनंद का पर्व मरियम का जन्म: मुक्ति की शुरुआत

बेतिया.आज 8 सितंबर है—वह दिन जब कैथोलिक कलीसिया धन्य कुँवारी मरियम के जन्मोत्सव को पूरे आदर और श्रद्धा के साथ मनाती है. यह दिन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास और आस्था का जीवंत प्रतीक है. इसे “Nativity of Mary” अथवा मरियम का अवतरण दिवस भी कहा जाता है.यह अवसर हमें यह याद दिलाता है कि मुक्ति की योजना में माता मरियम की भूमिका कितनी अद्वितीय और अपरिहार्य है.

बेतिया: आस्था का आध्यात्मिक केंद्र

पश्चिमी चंपारण का मुख्यालय बेतिया ईसाई समाज का एक सशक्त गढ़ माना जाता है.यहां स्थित नैटिविटी ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मेरी चर्च इस पर्व का केंद्र है. दूर-दराज़, यहाँ तक कि विदेशों में बस चुके विश्वासी भी इस चर्च से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं.इस दिन पल्ली दिवस के रूप में विशेष समारोह आयोजित होता है.

बच्चों का प्रथम परमप्रसाद 

मासूमियत और विश्वास का संगम इस पर्व की विशेषता है बच्चों का प्रथम परम प्रसाद ग्रहण करना.छोटे-छोटे बच्चे सफेद वस्त्र धारण कर altar तक आते हैं. बिशप या पुरोहित उन्हें ख्रीस्त का शरीर और रक्त अर्पित करते हैं. बच्चे पूरे विश्वास के साथ ‘आमेन’ कहकर प्रभु येसु को अपने जीवन में स्वीकार करते हैं. इस पवित्र क्षण में गीत मंडली गाती है—“येसु मेरे दिल में आया”—और पूरा वातावरण भक्ति और आनंद से गूंज उठता है.

श्रद्धा और परंपरा का उत्सव

यह पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहता.कई समुदाय अपने घरों और चर्चों को सजाते हैं.परंपरा के अनुसार ब्लूबेरी वाले व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जो मरियम के नीले वस्त्र का प्रतीक हैं. यह प्रतीक हमें यह याद दिलाता है कि मरियम विनम्रता, पवित्रता और मातृत्व की छाया में सबको अपने आंचल में समेट लेती हैं.

विश्वासियों की भावनाएं: प्रार्थना और आशीर्वाद

स्वाति श्वेता की आवाज़ इस अवसर की गहराई को छूती है—“हम माता मरियम का जन्मदिन श्रद्धापूर्वक मनाते हैं. इस दिन हमारे परिवार के छोटे बच्चे पवित्र यूखरिस्ट के द्वारा प्रभु येसु को अपने जीवन में स्वीकार करते हैं.यह दिन हमारे लिए सुनहरा स्मरण है, क्योंकि बचपन में हमने भी इसी दिन प्रभु को स्वीकार किया था. मैं प्रार्थना करती हूँ कि माता मरियम अपनी साड़ियों की छाया में हमें पीढ़ी-दर-पीढ़ी आशीष देती रहें.”एलेक्स लाजरस की कामना भी दिलों में गूंजती है—“यह दिन प्रेम, शांति और आनंद से भरा हो, जैसे माता मरियम ने अपने पुत्र येसु के द्वारा दुनिया में लाया.

”निष्कर्ष: मरियम—हमारी माता, हमारी संरक्षिका                                                                                        मरियम का जन्मोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक निमंत्रण है—विश्वास में जीने का, शांति और प्रेम को साझा करने का, और उस मातृत्वमयी करुणा को अपनाने का, जो मरियम के माध्यम से संपूर्ण मानवता तक पहुँचती है.आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि मरियम केवल ईश्वर की माता नहीं, बल्कि हमारी भी माता हैं—जो हमारी प्रार्थनाओं को येसु तक पहुँचाती हैं और हमें हमेशा अपनी छत्रछाया में सुरक्षित रखती हैं.

आलोक कुमार



रविवार, 7 सितंबर 2025

धन्य कार्लो एक्यूटिस को संत घोषित

 

नई दिल्ली.ईश्वर की अद्भुत लीला है जब 15 वर्षीय भाई ने संत घोषणा में पढ़ा पहला पाठ. वेटिकन सिटी का सेंट पीटर स्क्वायर हमेशा से ईसाई धर्म की आस्था और आध्यात्मिकता का ध्रुव रहा है.वही चौक, जो सदियों से संत घोषणाओं, पापाओं के आशीर्वाद और विश्व-भर से आए श्रद्धालुओं की प्रार्थनाओं का साक्षी है, 2025 की इस ऐतिहासिक घड़ी में एक और भावुक अध्याय का हिस्सा बना.

     धन्य कार्लो एक्यूटिस को संत घोषित करने की इस विशेष रस्म में जब उनके छोटे भाई मिशेल एक्यूटिस ने सुसमाचार का पहला पाठ पढ़ा, तो मानो पूरा माहौल ईश्वरीय करुणा से भर उठा. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि समय, जीवन और मृत्यु को जोड़ने वाली ईश्वर की गहनतम योजना का प्रत्यक्ष दर्शन था.

एक भाई, जिससे कभी मुलाकात नहीं हुई

कार्लो एक्यूटिस का जन्म 1991 में हुआ और उन्होंने 2006 में मात्र 15 वर्ष की आयु में सांसारिक जीवन त्याग दिया.मृत्यु के मात्र चार वर्ष बाद, 2010 में उनके छोटे भाई-बहन मिशेल और फ्रांसेस्का का जन्म हुआ.विडंबना यह रही कि मिशेल ने अपने बड़े भाई को कभी देखा तक नहीं, लेकिन नियति ने उसे ऐसा अवसर दिया, जिससे वह अपने भाई की संत घोषणा का सहभागी बना.

 आज जब मिशेल स्वयं 15 वर्ष का है—

उसकी आयु में जिस उम्र में उसका भाई स्वर्ग चला गया था—तो यह पल और भी रहस्यमय और मार्मिक हो गया.एक भाई जिसने अपने बड़े भाई को कभी जाना नहीं, वही भाई आज पूरे विश्व के सामने खड़ा होकर उसके नाम से जुड़े सुसमाचार का पाठ पढ़ रहा था.यह दृश्य श्रद्धालुओं की आँखें नम कर गया.

संतत्व की गवाही और ईश्वर का तोहफ़ा

संत घोषित किया जाना केवल किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आध्यात्मिकता की पहचान नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है.कार्लो एक्यूटिस, जिसने इंटरनेट और आधुनिक तकनीक को सुसमाचार प्रचार का साधन बनाया, आज डिजिटल युग के युवाओं के लिए आदर्श बन चुका है.

    परंतु सबसे गहरा संदेश इस समारोह में मिशेल की उपस्थिति ने दिया—संत कार्लो का जीवन केवल अतीत की स्मृति नहीं है, बल्कि वर्तमान और भविष्य में भी जीवित है.यह मानो ईश्वर का तोहफ़ा था, जिसने परिवार को दो पीढ़ियों के बीच एक अद्भुत सेतु में बदल दिया.

भावनाओं से भरा एक क्षण

जब मिशेल ने गहन भाव से पहला पाठ पढ़ा, तो वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के हृदय में यह बात गूँज उठी कि संतत्व की राह केवल ईश्वर की कृपा से ही प्रशस्त होती है.एक 15 वर्षीय किशोर के मुख से निकले वे शब्द उस भाई की पवित्र स्मृति को साकार कर रहे थे, जिसने 15 की ही उम्र में अपने जीवन को ईश्वर को समर्पित कर दिया.

यह दृश्य केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक गवाही था—कि संतों का जीवन समय और मृत्यु से परे होता है.कार्लो एक्यूटिस आज संत बन गए, पर उनकी आत्मा, उनकी गवाही और उनका प्रेम उसी क्षण में सजीव हो उठा जब उनका छोटा भाई, उसी उम्र में खड़ा होकर, सुसमाचार पढ़ रहा था.

यह क्षण निश्चय ही ईश्वरीय योजना का दिव्य चमत्कार था—जो आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता है कि ईश्वर का प्रेम और संतों की गवाही कभी समाप्त नहीं होती, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी और भी गहरी होती जाती है.


आलोक कुमार

शनिवार, 6 सितंबर 2025

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन का चुनावी संदेश

 सीपीआई (एमएल) लिबरेशन का चुनावी संदेश


नई दिल्ली .बिहार से अखिल भारतीय राजनीति तकसीपीआई (एमएल) लिबरेशन महासचिव कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य ने शनिवार, 6 सितंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित पार्टी संसदीय कार्यालय, 25 मीनाबाग में लोकतांत्रिक वाम बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं से बिहार चुनाव की दिशा पर संवाद किया.

      इस विचार-विमर्श में कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरे—एसआईआर विरोधी आंदोलन की रिपोर्ट और उससे जुड़े जनप्रतिरोध का साझा आकलन.आगामी चुनाव में प्रमुख मुद्दों का परखना.बिहार चुनाव के दीर्घकालिक और अखिल भारतीय महत्व पर विमर्श.इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे, सामाजिक–राजनीतिक ध्रुवीकरण और रणनीतिक सहयोग पर सलाह-मशविरा.दीपंकर भट्टाचार्य ने साफ संकेत दिया कि इंडिया गठबंधन में सीटों का बंटवारा एनडीए की तुलना में कहीं अधिक सहज और सहयोगपूर्ण तरीके से संभव होगा. 

     माले इस बार पिछली 19 सीटों के मुकाबले लगभग 30 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.राजनीतिक विश्लेषण यह कह रहा है कि इस बार फ्लोटिंग वोटरों की संख्या भले कम हो, लेकिन निर्णायक होगी. अधिकांश बड़े सामाजिक समुदायों का झुकाव स्थिर दिख रहा है, किंतु सबसे कठिन और निर्णायक जंग अति पिछड़ा उप-समुदायों के वोटों पर केंद्रित रहने वाली है.

                 सीपीआई (एमएल) की ऐतिहासिक और सामाजिक जड़ें दलितों व अति पिछड़े तबकों में गहराई से जुड़ी रही हैं। लिहाजा, अगर गठबंधन में माले की सीटों में वृद्धि होती है तो यह न केवल पार्टी के लिए बल्कि इंडिया गठबंधन के व्यापक प्रदर्शन के लिए भी शुभ संकेत होगा।क्या आप चाहेंगे कि मैं इसे थोड़ा और धारदार शीर्षकों और उपशीर्षकों के साथ संपादकीय कॉलम जैसा बना दूँ?


आलोक कुमार)

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025

डा0 राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण

 पटना .आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पूर्व राष्ट्रपति डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 137वीं जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई .कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस  कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम   ने की.

इस अवसर पर डा0 राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए प्रदेश कांग्रेस  कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम   ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन केवल एक विद्वान ही नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाले ,महापुरुष थे.उन्होंने अपने जीवन को शिक्षा, दर्शन और मानवता के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया. भारत में शिक्षक दिवस मनाना, उनके योगदान और आदर्शों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है.

       श्री राम ने कहा कि आज की पीढ़ी को डॉ. राधाकृष्णन के विचारों से प्रेरणा लेकर ज्ञान, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति के पथ पर चलना चाहिए। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम न होकर, समाज को संस्कारित और राष्ट्र को सश
क्त बनाने का आधार होना चाहिए – यही डॉ. राधाकृष्णन का संदेश था.

     इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और समान अवसर उपलब्ध कराने के अपने वादे पर हमेशा प्रतिबद्ध है.भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही शिक्षक का समाज में बड़ा स्थान रहा है. शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं तथा उनका सम्मान हमेशा होना चाहिए.इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, पूर्व विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्रा,इजहारूल हुसैन, राजेश राठौड़,  ब्रजेश प्रसाद मुनन, जमाल अहमद भल्लू, कपिलदेव प्रसाद यादव, अजय  चौधरी  , डा0 अम्बुज किशोर झा, नागेन्द्र कुमार विकल, ज्ञान रंजन, राजीव मेहता, सुनीता देवी, शकीलुर रहमान शशि रंजन सत्येन्द्र कुमार सिंह, वैद्यनाथ शर्मा, संतोष श्रीवास्तव, शशिकांत तिवारी अश्विनी कुमार, अरविन्द लाल रजक, सुधा मिश्रा,प्रदुम्न यादव,मृणाल अनामय, चन्द्र भूषण, रवि गोल्डन, अखिलेश्वर सिंह , सुनील कुमार सिंह, संजय कुमार श्रीवास्तव, साधना रजक, यशवन्त कुमार चमन, रंजीत यादव, राजेन्द्र  चौधरी  , प्रमोद राय, निखिल कुमार,गुरूजीत सिंह, एवं अन्य कांग्रेसजनों ने भी डा0 राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यापर्ण किया.


आलोक कुमार

   

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