रविवार, 1 मई 2022

पूर्व विधायक सुरेश मिश्र का निधन

 

पटना.सुगौली के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश मिश्र के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.सुरेश मिश्र ने आज सुबह अपने आवास पर अंतिम सांस ली. वे 74 वर्ष के थे. सन् 1985 में वे कांग्रेस के टिकट पर सुगौली विधान सभा सीट से निर्वाचित हुए थे. वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र,पुत्री सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं.

 शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि सुरेश मिश्र के निधन हो जाने से चम्पारण में कांग्रेस ने एक प्रमुख योद्धा को खो दिया है. वे बहुत ही सहनशील एवं मिलनसार व्यक्ति थे. वे प्रदेश कांग्रेस के महासचिव एवं अनुशासन समिति के अध्यक्ष पद पर रहकर पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. उनके निधन से पार्टी की अपूरणीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को इस दारुण दुख को सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.

बिहार कांग्रेस के प्रभारी श्री भक्त चरण दास, सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा0 शकील अहमद, चंदन वागची, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डा0 समीर कुमार सिंह, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, डा0 अशोक कुमार, विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्रा, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, ब्रजेश पाण्डेय, डा0 हरखू झा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष, गुंजन पटेल, शैलेन्द्र शुक्ला ने भी सुरेश मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

आलोक कुमार



शनिवार, 30 अप्रैल 2022

बलात धर्मांतरण के रूप में व्याख्यायित नहीं किया जा सकता है:महाधर्माध्यक्ष

 

बेंगलुरू.कर्नाटक के ईसाई स्कूलों पर आरोप लगाया गया है कि बेंगलुरु के एक स्कूल ने माता-पिता से अंडरटेकिंग ली थी कि वे अपने बच्चों के क्लास में  बाइबल ले जाने पर आपत्ति नहीं करेंगे.हिंदू जनजागृति समिति ने बेंगलुरु के क्लेरेंस हाई स्कूल के प्रशासन पर छात्रों के लिए बाइबलले जाना अनिवार्य करने का यह आरोप लगाया था.समिति के राज्य प्रवक्ता गौड़ा ने आरोप लगाया कि स्कूल ने गैर-ईसाई छात्रों को अनिवार्य रूप से बाइबलले जाने और पढ़ने के लिए कहा है जो संविधान के अनुच्छेद 25 और 30 का उल्लंघन है.यह संविधान का अपमान है.

बता दें कि ग्रेड 11 के एडमिशन फॉर्म में माता-पिता से डिक्लेरेशन मांगा गया है कि "आप पुष्टि करते हैं कि आपका बच्चा अपने स्वयं के नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए मॉर्निंग असेंबली स्क्रिप्चर क्लास और क्लबों सहित सभी कक्षाओं में भाग लेगा और इस दौरान बाइबल और अन्य भजन पुस्तक को ले जाने पर आपत्ति नहीं करेगा.इसी को आधार बनाकर जनजाग्रति नामक दक्षिण पंथी हिन्दू संगठन ने क्लारेन्स स्कूल पर धर्मान्तरण का आरोप लगाया था.

इस बीच कर्नाटक राज्य सरकार ने स्कूल के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान लिया और 26 अप्रैल को प्रबंधन को नोटिस देकर आरोपों पर जवाब मांगा.राज्य सरकार ने पूर्वी बेंगलुरू के रिचर्ड्स टाउन में क्लेरेंस हाई स्कूल को बाइबल के शिक्षण को अनिवार्य करने के अपने निर्णय की व्याख्या करने के लिए एक नोटिस जारी किया है.प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के बच्चों के अभिभावकों की शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स को ध्यान में रखते हुए जवाब मांगा गया है .यद्यपि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को प्रशासनिक छूट मिल सकती है, लेकिन उन्हें धार्मिक पुस्तकें पढ़ाने की अनुमति नहीं है. “स्कूलों में धार्मिक पुस्तकों को पढ़ाने या प्रचार करने के लिए पाठ्यक्रम में कोई विशेष प्रावधान नहीं होगा. इन सबका जिक्र था.अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करते समय इन सभी का उल्लेख किया गया था, ”नागेश ने कहा.जबकि यह स्कूल की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है. 

कर्नाटक राज्य सरकार के द्वारा स्कूल के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान लेकर 26 अप्रैल को प्रबंधन को नोटिस दिया गया.सरकार के द्वारा प्रेषित आरोपों के जवाब में 26 अप्रैल को ही महाधर्माध्यक्ष पीटर मचादो ने एक वकतव्य जारी कर स्पष्ट किया कि “स्कूल 100 साल से अधिक पुराना है और इस स्कूल के खिलाफ कभी भी धर्मांतरण की कोई शिकायत नहीं आई है. स्कूल इस तथ्य को उचित ठहराता है कि बाइबल के उदाहरणों के आधार पर नैतिक शिक्षा को बलात धार्मिक शिक्षा नहीं माना जा सकता है. अन्य धार्मिक संप्रदायों द्वारा संचालित संस्थाएं भी अपने धर्मग्रन्थों के आधार पर धार्मिक शिक्षा देती हैं. केवल ख्रीस्तीय संस्थानों को ही निशाना बनाना बेहद अनुचित है. उन्होंने कहा कि लोगों की भलाई के लिये जो कुछ भी किया जाता है उसे बलात धर्मांतरण के रूप में चिह्नित किया जाता है, जो कि बड़े दुख का विषय है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी प्रथा पहले थी और पिछले साल से किसी भी बच्चे को स्कूल में बाइबल लाने या जबरदस्ती पढ़ने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा,  एक ईसाई अल्पसंख्यक स्कूल होने के नाते, स्कूल के घंटों के बाहर ख्रीस्तीय छात्रों के लिए बाइबल धर्मग्रन्थ या धर्मशिक्षा कक्षाएं संचालित करना प्रबंधन के अधिकारों के अन्तर्गत आता है.

महाधर्माध्यक्ष मचादो ने सरकार के दोहरे मापदण्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिन्दू शिक्षण संस्थानों में भगवत गीता तथा अन्य हिन्दू धर्मग्रन्थों को पाठ्यक्रम में रखा जाता है जिसपर सरकार को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है तो उसे अल्पसंख्यक स्कूलों में दी जानेवाली बाइबिल पर आधारित शिक्षा पर भी आपत्ति नहीं होनी चाहिये.

महाधर्माध्यक्ष ने कहा, “हमने सुना है कि सरकार की अगले साल से, भगवद गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों से मूल्यों पर पाठ शुरू करने की योजना है.यदि बच्चों से भगवद गीता या अन्य धार्मिक पुस्तकों को खरीदने का अनुरोध किया जाता है, तो क्या इसे उन्हें प्रभावित करने या इन विशेष धर्मों में परिवर्तित होने के लिए प्रेरित करने के रूप में माना जा सकता है? हरगिज नहीं!

उन्होंने कहा, नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक स्कूलों में धर्मग्रंथों का उपयोग छात्रों को उनके धर्म के प्रति जबरदस्ती आकर्षित करने के रूप में नहीं माना जा सकता है. माता-पिता की स्कूल चुनने की स्वतंत्रता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना कि समाज में नैतिक शुद्धता और अच्छे व्यवहार की कुछ अवधारणाओं को व्यक्त करने के लिए प्रबंधन का विशेषाधिकार. इसे बलात धर्मांतरण के रूप में व्याख्यायित नहीं किया जा सकता है.

ख्रीस्तीय स्कूल में धर्मान्तरण आरोप का धर्माध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष पीटर मचादो ने खण्डन किया है.कर्नाटक में बैंगलोर के कैथोलिक महाधर्माध्यक्ष पीटर मचादो ने क्लारेन्स कैथोलिक हाई स्कूल पर लगाये गये बलात धर्मान्तरण के आरोपों से इनकार किया है. आगे कहा कि ये आरोप झूठे और भ्रामक हैं.

बता दें कि हाल ही में, कर्नाटक सरकार ने स्कूलों में भगवद गीता को पेश करने की योजना की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि भगवद गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय चर्चा के बाद लिया जाएगा.इससे पहले गुजरात सरकार ने 17 मार्च को कक्षा 6-12 के लिए स्कूल पाठ्यक्रम में श्रीमद् भगवद गीता को शामिल करने का निर्णय लिया था.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022

रामनगर नगर परिषद अंतर्गत कुल-27 वार्ड को शामिल किया गया


 बेतिया.राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के आलोक में पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत नवगठित नगर निकायों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्ड) का गठन करते हुए दिनांक-28.04.2022 को प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है. नगर निगम, बेतिया अंतर्गत कुल-46 वार्ड एवं रामनगर नगर परिषद अंतर्गत कुल-27 वार्ड को शामिल किया गया है.

प्रारूप प्रकाशन के उपरांत दिनांक-28.04.2022 से 11.05.2022 तक आपत्तियां प्राप्त की जाएगी. दिनांक-30.04.2022 से 20.05.2022 तक प्रारूप प्रकाशन के दौरान प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन किया जायेगा. दिनांक-21.05.2022 से 27.05.2022 तक वार्डो की सूची तैयार कर उस पर प्रमंडलीय आयुक्त महोदय से अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा. अंतिम रूप से गठित वार्डों का जिला गजट में प्रकाशन दिनांक-30.05.2022 को होगा.साथ ही राज्य सरकार (नगर विकास एवं आवास विभाग) एवं राज्य निर्वाचन आयोग को जिला गजट में प्रकाशित वार्डों की सूची एवं मानचित्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि दिनांक-02.06.2022 निर्धारित है.


आलोक कुमार                                  

गुरुवार, 28 अप्रैल 2022

मुजफ्फरपुर जिले के जिलाधिकारी महोदय को 14 सूत्री मांग पेश किये:प्रदीप प्रियदर्शी

 

पटना.गैर दलीय गांधीवादी जन संगठन है एकता परिषद.यह जनसरोकार के मुद्दे पर कुढ़नी प्रखंड सहित मुजफ्फरपुर जिले में सतत क्रियाशील है.विशेषतौर पर आवासीय भूमिहीनता एवं युवा बेरोजगारी के सवाल को सरकार एवं प्रशासन के सम्मुख लगातार उठाते रहे हैं. आज फिर इस ध्यानाकर्षण धरना के माध्यम से उन सवालों पर आपका ध्यान आकृष्ट कराने की कोशिश कर रहे हैं.

मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित ध्यानाकर्षण धरना देकर राजधानी पटना में आने के बाद एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा कि हम लोगों ने मुजफ्फरपुर जिले के जिलाधिकारी महोदय को 14 सूत्री मांग पेश किये हैं. राज्य सरकार इस दिशा में पहल शुरू करें.18 वर्ष से अधिक उम्र के हर व्यक्ति को  चतुर्दिक भरण-पोषण पाने का मूल अधिकार दिया जाए.कुढ़नी सहित पूरे जिला में जन-गणना व बीपीएल सर्वेक्षण जैसा अभियान चलाकर आवासीय भूमिहीनों की संख्या सुनिश्चित की जाएं.सर्वेक्षणकर्ता समूह गांव-टोला के हर दरवाजे तक पहुंचे. कुढ़नी अंचल कार्यालय में एकता परिषद के माध्यम से जमा की गई आवासीय भूमिहीनों की सूची का अधिकारिक सत्यापन कर उस पर यथाशीघ्र उचित पहल प्रारंभ की जाएं. आवासीय भूमिहीनता संबंधी कार्य निष्पादन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर विशेष टास्क-फोर्स का गठन हो. संलग्न किये गए एक पुराने मांग पत्र के चिन्हित बिंदुओं को भी आपके विशेष पहल का इंतजार है. नल-जल योजना अभी तक कुछ गांव में शुरू नहीं हुई है.जहां पहुच गई है वहां पाइप बिछाने एवं नल लगाने में गड़बड़ी हुई है, पानी सप्लाई की भी समस्या है.फोरलेन के किनारे खड़े हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हर स्तर पर 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों की बहाली हो. गांव और शहर में कुटीर उद्योग आधारित उत्पादन के लिए सरकारी अभियान चले. हर गांव में आवासीय भूमिहीनों का सर्वे तुरंत प्रारंभ हो,जिससे हर जाति के परिवारों को शामिल किया जाए. इसके लिए तिथि रोटेशन तथा कर्मचारी की घोषणा सत्याग्रहियों के सम्मुख किया जाए. फोरलेन के बगल में जमीन खरीदने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठान,किसानों के खेत में जाने के लिए कम से कम 10 फीट जमीन रास्ते के लिए छोड़े. पुराने नक्शा में आज फोर लेन से किसानों के खेते जाने के लिए सड़क का उल्लेख है.उदाहरण स्वरूप सकरी गांव स्थित स्वर्ण इंडिया प्रतिष्ठान के बगल में सड़क थी,पुराने नक्से की संड़कों को पुनः जीवित किया जाएं.गंडक नहर को अगर उपयोगी नहीं बनाया जाताहै तो जमीन किसान को वापस किया जाएं या फिर भूमिहीनों के बीच वितरित किया जाए. बरसात में गांव की सड़के जल जमाव का शिकार हो जाती हे.सड़क किनारे पूर्व में बनाये गए नाले अव्यवहारिक योजना के कारण बेकार पड़े है.गांव की सड़को को जल जमाव से मुक्त करने के लिए शीघ्र व्यवहारिक प्रयास की जाएं.


बुलडोजर का कहर बगहा के 145 लोगों पर

 

बगहा.बिहार के बगहा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण खाली कराने के लिए प्रशासन का बुलडोजर चला- करीब 140 घरों को ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. जल संसाधन विभाग के बनाए गए भवन में लंबे समय से लोग रह रहे थे. यह सभी लोग अवैध रूप से विभाग के भवन पर कब्जा किए हुए थे. शहर में जल संसाधन विभाग से यह पुलिस जिला के कार्यालय बनाने के लिए यह जमीन आवंटित किया गया है.

बुलडोजर-बुलडोजर खेल‘ यूपी से बिहार पहुंच गया.इस बुलडोजर का कहर बगहा के 145 लोगों पर पड़ा.गंडक कॉलोनी, बगहा अवस्थित प्रस्तावित स्थल पर पुलिस लाईन का निर्माण कराया जाना है. पुलिस लाईन निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल पर लोगों के द्वारा अतिक्रमण करते हुए कच्चा-पक्का घर बना लिया गया था. जिससे पुलिस लाईन निर्माण की कार्रवाई करने में परेशानी हो रही थी.जिला प्रशासन एवं अनुमंडल प्रशासन के संयुक्त प्रयास से उक्त प्रस्तावित स्थल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है.विस्थापन के पहले पुनर्वास करने की व्यवस्था नहीं की गयी.
 

अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, श्री दीपक मिश्रा द्वारा बताया गया कि गंडक कॉलोनी अवस्थित प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई विगत तीन माह पहले प्रारंभ की गयी थी.तीन माह पूर्व अतिक्रमणकारियों से मौखिक रूप से जगह खाली करने के लिए अनुरोध किया गया. इसके बाद एक माह पहले भी सभी अतिक्रमणकारियों से 07 दिनों के अंदर जगह खाली करने का अनुरोध किया गया.
यहां बता दें कि स्थानीय प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों को 27 अप्रैल तक अंतिम समय दिया था. उसके बाद 28 अप्रैल को अंचल व पुलिस प्रशासन की ओर भूमि को जबरन खाली कराने आदेश जारी कर दिया है. बुधवार को पठखौली ओपी की पुलिस ने सभी को चेतावनी दी कि सरकारी भूमि को खाली नहीं किया गया तो गुरुवार की सुबह प्रशासन का बुलडोजर चलेगा.


उन्होंने बताया कि पुलिस लाईन निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए प्रशासन को आंशिक रूप से बल प्रयोग करना पड़ा. कुछ लोगों ने स्वयं अतिक्रमण को हटा लिया है. अतिक्रमण एवं मलबा वगैरह को हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीन को कार्य पर लगाया गया था.

ज्ञातव्य हो कि जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा गत दिनों उक्त स्थल का निरीक्षण किया गया था तथा एसडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया था ताकि जल्द से जल्द अतिक्रमण को हटाते हुए पुलिस लाईन   निर्माण के लिए कार्रवाई प्रारंभ की जा सके.

आलोक कुमार

बुधवार, 27 अप्रैल 2022

साम्प्रदायिक एकता लाने का प्रयास

 आलोक कुमार 

बेतिया. पश्चिम चम्पारण जिले में 280 साल पुराना रोमन कैथोलिकों का चर्च बेतिया में है.चर्च की छत्रछाया में बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स है.उत्तर बिहार में ईसाइयों का गढ़ बेतिया ही रहा है.धार्मिक प्रवृति क्षेत्र रहने के कारण एक बिशप व एक आर्च बिशप बन पाये.यहां के कई दर्शन युवा फादर और सिस्टर्स बने हैं.उसी तरह समान्य लोगों में शिक्षा, चिकित्सा ,सामाजिक आदि क्षेत्र में विशिष्ट स्थान स्थापित कर चुके है.

उसी सुनहला इतिहास को आगे बढ़ाने में शिक्षावृद् प्रतीक एडविन शर्मा लग गये हैं.शिक्षा क्षेत्र में शोहरत हासिल करने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के नेतृत्व में विश्वास कर बीजेपी में शामिल हो गये हैं.चूंकि भारतीय ईसाई होने के नाते शिक्षावृद्ध प्रतीक एडविन शर्मा को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य बना दिये गए.इसके बाद पीछे मुड़कर देखे नहीं.उन्होंने हमेशा कॉमी एकता पर बल दिया है.

भाजपा बेतिया अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री एलेक्स लाजरस ने कहा कि बेतिया में सामूहिक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया. इसमें हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई समाज के लोग शामिल हुए. रमजान के पाक महीने में इफ्तार का आयोजन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पश्चिम चंपारण के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रतीक एडविन शर्मा के कमलनाथ नगर स्थित आवास में किया.27 अप्रैल 2022 को 

यहां सभी धर्म के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए. अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता सह आयोजक प्रतीक एडविन ने कहा कि हमारा देश एकता और भाईचारा का देश है, जहां सभी धर्म एवं सम्प्रदाय के लोग एक – दूसरे के सुख- दुख में शामिल होते हैं और इस सामूहिक इफ्तार के माध्यम से इसी संदेश को जन – जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है.

उन्होंने कहा कि यह बेतिया चर्च के 280 स्वर्णिम काल का हिस्सा है.बेतिया शहर में पहली बार ईसाई समुदाय के द्वारा दावत-ए-इफ्तार आयोजित किया गया.सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल कायम करते हुए मुस्लिम समाज,हिंदू समाज और ईसाई समुदाय उपस्थित हैं. 

भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा की तरफ से रमजान के महीने में इफ्तार आयोजित किया गया.जिसमें  सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री डॉक्टर संजय जायसवाल जी एवं चनपटिया के विधायक उमाकांत सिंह जी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कोतैबा कैसर जी एवं जिला के सभी गणमान्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थिति रहे.

मौके पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री एलेक्स लाजरस, मैनुद्दीन, सलमा खातून, शाहरुख, डॉक्टर सद्दाम, आलमगीर, रियाज अंसारी, हसनैन,वकार, सैयद सितारे, अली मोहम्मद, दिलनवाज, शाहनवाज, मोहम्मद जावेद, अर्शी, विजय विक्टर, अक्षय सिंह, विवेक, ओम प्रकाश आदि उपस्थित थे.

इसके अलावे इफ्तार में बेतिया के कई जाने-माने लोग एवं अल्पसंख्यक एवं बहुसंख्यक समुदाय के सैकड़ों भाई-बहन शामिल हुए.वहीं डॉ संजय जायसवाल ने अल्पसंख्यक समुदाय के भाइयों और बहनों को ईद की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं.


नागरिकों के महत्व से संबंधित विषय पर निरीक्षण किए गए


मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी के द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अंतर्गत राज्य के सभी अंचल कार्यालयों का दिनांक 27 अप्रैल 2022 को एक साथ एक दिवसीय निरीक्षण किया जाना है.इसी परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार वरीय पदाधिकारियों द्वारा जिले भर के सभी अंचलों में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अंतर्गत भूमि संबंधी विषयों एवं मामलों के निरीक्षण तथा जांच के लिए नागरिकों के महत्व से संबंधित  विषय पर निरीक्षण किए गए.

इसी क्रम में आज जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल


अशोक द्वारा अंचल कार्यालय, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी का निरीक्षण किया गया.निरीक्षण के क्रम में उन्होंने ऑनलाइन भूमि दाखिल -खारिज, ऑनलाइन भूमि जमाबंदी का परिमार्जन, सरकारी भूमि/ सार्वजनिक तथा जल निकायो से अतिक्रमण हटाना, भूमि दखल -कब्जा प्रमाण पत्र/जाति/आवासीय/आय प्रमाण पत्र /क्रीमीलेयर /आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना, लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत पारित आदेशों का अनुपालन की स्थिति, ऑपरेशन भूमि दखल देहानी, गृह स्थल/वास भूमि बंदोबस्ती, भू मापी के अंतर्गत आवेदनों का निष्पादन.आदि का अंचल कार्यालय में  जांच किए.


आरटीपीएस काउंटर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन, कार्यालय में साफ-सफाई तथा कार्यालय के कागजातों को ठीक ढंग से संधारित करने के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.जिलाधिकारी महोदय ने अंचल के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति सचेत रहकर कार्य के ससमय निष्पादित करना सुनिश्चित करें.उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि अंचल स्तर पर लंबित सभी मामले का निष्पादन शीघ्र सुनिश्चित करें, कार्य को तत्परता से करें ,लाभुकों से संपर्क स्थापित कर कार्य में पारदर्शिता लाएं , लाभुकों को अनावश्यक रूप से परेशान ना करें.

इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी, सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार

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