गुरुवार, 16 फ़रवरी 2023

2023 का निवानो पीस पुरस्कार एकता परिषद जनसंगठन के संस्थापक रह चुके श्री राजगोपाल पी.व्ही. को

 प्रस्तुति समारोह टोक्यो, जापान में गुरुवार, 11 मई, 2023 को होगा। एक पुरस्कार प्रमाण पत्र के अलावा, श्री राजगोपाल पी. वी. को एक पदक और बीस मिलियन येन प्राप्त होंगे.....

भोपाल। बौद्ध संगठन रिशो कोसी काई के पहले अध्यक्ष थे निक्यो निवानो। उनको सम्मान देने लिए निवानों पीस फाउंडेशन में रखा गया है।फाउंडेशन की संपत्ति करीब 4.4 अरब येन है।फाउंडेशन ने अपने प्रथम अध्यक्ष निक्यो निवानो के नाम पर निवानो शांति पुरस्कार शुरू किया है।अबतक 39 लोगों को निवानो शांति पुरस्कार दिया जा चुका है। 2023 का निवानो पीस पुरस्कार एकता परिषद जनसंगठन के संस्थापक रह चुके श्री राजगोपाल पी.व्ही. को दिया जा रहा है।

        बताया गया कि निवानों पीस फाउंडेशन के द्वारा किसी विशेष धर्म या क्षेत्र पर अनुचित जोर देने से बचने के लिए पीस फाउंडेशन हर साल दुनिया भर में मान्यता प्राप्त बौद्धिक और धार्मिक कद के लोगों से नामांकन मांगता है। नामांकन प्रक्रिया में, 125 देशों और कई धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 600 लोगों और संगठनों से उम्मीदवारों का प्रस्ताव करने के लिए कहा जाता है। निवानो शांति पुरस्कार समिति द्वारा जांच की गई, जिसे मई 2003 में निवानो शांति पुरस्कार की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्थापित किया गया था।

दुनिया के विभिन्न हिस्सों से नौ धार्मिक नेताओं में से, जिनमें से सभी शांति और अंतर-धार्मिक सहयोग के लिए आंदोलनों में शामिल हैं।

अबतक निवानो पीस पुरस्कार पाने वाले हैं-

1. आर्चबिशप हेल्डर पी. कैमरा (1983)

2. डॉ. होमर ए. जैक (1984)

3. श्री झाओ पुचु (1985)

4. डॉ. फिलिप ए. पॉटर (1986)

5. विश्व मुस्लिम कांग्रेस (1987)

6. रेव एताई यामादा (1989)

7. मिस्टर नॉर्मन कजिन्स (1990)

8. डॉ हिल्डेगार्ड गॉस-मेयर (1991)

9. डॉ. ए.टी. अरियारत्ने (1992)

10. नेवे शालोम/वहात अल-सलाम (1993)

11. पाउलो एवरिस्टो कार्डिनल आर्न्स (1994)

12. डॉ. एम. अराम (1995)

13. सुश्री मारी के हसेगावा (1996)

14. कोरीमीला समुदाय (1997)

15. वेनमहा घोसानंद (1998)

16. द कम्युनिटी ऑफ़ सेंटश्एगिडियो (1999)

17. डॉ. कांग वोन योंग (2000)

18. रेव.अबुना एलियास चकोर (2001)

19. रेव.सैमुअल रुइज़ गार्सिया (2002)

20. डॉ. प्रिस्किला एलवर्थी (2003)

21. अकोली धार्मिक नेताओं की शांति पहल (2004)

22. डॉ. हंस कुंग (2005)

23. मानव अधिकारों के लिए रब्बी (2006)

24. धर्म गुरु चेंग येन (2007)

25. हिज रॉयल हाईनेस प्रिंस अल हसन बिन तलाल (2008)

26. रेव कैनन गिदोन बगुमा ब्यामुगिशा (2009)

27. सुश्री इला रमेश भट्ट (2010)

28. श्री सुलक शिवराक्ष (2011)

29. सुश्री रोज़ालिना तुयुक वेलास्केज़ (2012)

30. आर.टी. रेव. डॉ. गुन्नार स्टालसेट (2013)

31. सुश्री देना मरियम (2014)

32. पादरी एस्तेर अबिमिकु इबांगा (2015)

33. शांति निर्माण और सुलह केंद्र (2016)

34. बिशप डॉ मुनीब ए युनान (2017)

35. अदयान फाउंडेशन (2018)

36. डॉ. जॉन पॉल लेडेराच (2019)

37. आदरणीय पोमन्युन (2020)

38. आदरणीय शिह चाओ-ह्वेई (2021)

39. फादर माइकल लैपस्ली, एसएसएम (2022) और

40. में श्री राजगोपाल पी.व्ही. हैं,जिनको 11 मई 2023 को जापान के टोक्यो शहर में एक समारोह में दिया जायेगा।

      इस बीच निवानो शांति पुरस्कार समिति की ओर से कहा गया कि 40वीं निवानो शांति की घोषणा करते हुए सम्मानित महसूस हो रहा है। सेवा में उनके असाधारण कार्य के लिए भारत के श्री राजगोपाल पी. वी. को न्याय और शांति का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अपने देश के सबसे गरीब और सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के पक्ष में उनके कार्यों को अंजाम दिया गया। शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों के माध्यम से, और समान मानवीय गरिमा की मान्यता के लिए उनका संघर्ष और जाति या लिंग की परवाह किए बिना, हर पुरुष और महिला के समान अधिकार, महान प्रशंसा को प्रेरित करते हैं। उनका विशेष उच्चतम सम्मान हासिल करने वाली उपलब्धियों में समर्पण पर बातचीत करना और इसे सुविधाजनक बनाना शामिल है। गिरोहों का पुनर्वास, गरीबों की सेवा में युवाओं की शिक्षा, और अच्छी तरह से जानते हैं कि गरीबों की प्राथमिक जरूरतें जल, जमीन और जंगल हैं, पर्यावरण की देखभाल के लिए उनकी प्रतिबद्धता। श्री।

न्याय के लिए राजगोपाल के कार्य को संस्थानों के साथ संवाद के माध्यम से भी आगे बढ़ाया जाता है।भूमि हड़पने की घटना का प्रतिकार करना और उचित भूमि सुधार के माध्यम से प्राप्त करनाभूमि का पुनर्वितरण और भूमि के स्वामित्व का असाइनमेंट। आध्यात्मिकता के साधन और अर्थ श्री राजगोपाल की सभी गतिविधियों में गहराई से निहित हैं। होने के नाते सोच और कार्य में गांधीवादी, वे दृढ़ता से सामाजिक क्रिया की यात्रा में विश्वास करते हैं जो एक ष्आंतरिकष् से शुरू होती है।परिवर्तन ”और बाहरी दुनिया तक फैलता है। यह आध्यात्मिकता श्री राजगोपाल के बहुत से मेल खाती है।

      उल्लेखनीय संगठनात्मक कौशल, जैसा कि छोटे समूहों में की गई कार्रवाई से संक्रमण से पता चलता है और एकता परिषद जैसे बड़े आंदोलनों के निर्माण के लिए स्वयं सहायता संगठन, जिसमें एक सक्रिय है। 250,000 भूमिहीन गरीबों की सदस्यता और राष्ट्रीय और में हजारों प्रतिभागियों को संगठित करने में सक्षम है।हमारे समय की महत्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मार्च।

      श्री राजगोपाल की जीवनी और बायोडाटा इतना समृद्ध है कि इसकी केवल रूपरेखा ही देखी जा सकती है।  एक गांधीवादी परिवार के बच्चे, उनका जन्म 6 जून 1948 को केरल राज्य, दक्षिण भारत में हुआ था। वह केवल अपना पहला उपयोग करता हैसार्वजनिक रूप से नाम जाति की घटना से जुड़े होने से बचने के लिए, जो उनकी दृष्टि का एक स्पष्ट संकेत है मानव समानता। उन्होंने सबसे पहले केरल के एक प्रतिष्ठित संगठन से पारंपरिक कला और संगीत में डिप्लोमा प्राप्त किया।और बाद में शिक्षा की नई तालीम प्रणाली, गांधीवादी पद्धति में कृषि इंजीनियरिंग में डिप्लोमा ‘जीवन के लिए शिक्षा।‘ जैसा कि श्री राजगोपाल ने स्वयं कहा था, “क्या खोजने की कोशिश के संदर्भ में यह एक लंबी यात्रा थी। मैं वास्तव में करना चाहता था।वह क्या करना चाहते थे यह 1970 के दशक की शुरुआत में स्पष्ट हो गया जब वे चंबल चले गए ।

मध्य प्रदेश के जिले। वहां उन्होंने स्थानिक हिंसा, अन्याय और गलत का परिणाम पाया जनसंख्या से पीड़ित थे जिसके परिणामस्वरूप गिरोहों (डकैतों) का विकास हुआ था। साथ में श्री राजगोपाल अन्य वरिष्ठ गांधीवादी नेता, एक शांतिदूत बन गए, आत्मसमर्पण और यहां तक कि पुनर्वास भी प्राप्त किया। इस साहसी पहल ने एक और महान महत्व का मार्ग प्रशस्त किया जो इस दौरान विकसित हुआ।

1980 के दशक सामाजिक परिवर्तन के लिए अहिंसक कार्रवाई की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय युवा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संगठन।

इस 20 साल की अवधि में न्याय और शांति के लिए श्री राजगोपाल की प्रतिबद्धता की परिणति हुई।

एकता परिषद (यूनिटी फोरम) की स्थापना हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए भूमि और आजीविका अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए अहिंसक सक्रियता के मिशन के साथ एक छत्र जन-संगठन के रूप में की गई। एकता को धन्यवाद  ।  परिषद, श्री राजगोपाल की सामाजिक सक्रियता ने एक बड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता प्राप्त की है ।

हजारों लोगों की भागीदारी के साथ सफल भूमि अधिकार मार्च। कुल मिलाकर आंदोलन के साथ अन्य समूहों के सहयोग से, लगभग 500,000 परिवारों के लिए भूमि अधिकार सुरक्षित किए, ‘वन अधिकार अधिनियम‘पर बातचीत की।2006-2007 में, 2007 और 2012 में अत्यधिक भाग लेने वाले मार्च आयोजित किए, और एक नई भूमि सुधार नीति पर सहमति हुई ।

केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकारों द्वारा। आखिरी और दिल्ली से जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक दस देशों के माध्यम से अधिक दूरदर्शी मार्च (स्विट्जरलैंड), पूरे एक साल (अक्टूबर 2019 से अक्टूबर 2020) चलने की योजना है, पूरा नहीं किया जा सका क्योंकि कोविद-19 महामारी का। एकता परिषद के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों, जिनकी संख्या 2,000 से अधिक थी, ने प्रतिक्रिया व्यक्त की  ।  कई भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू देखभाल और स्वास्थ्य हस्तक्षेप प्रदान करके कोविद -19 की चुनौती महामारी से लड़ो।गांधीवादी आध्यात्मिकता और दर्शन में श्री राजगोपाल की जड़ों ने उनके भीतर सेवा करना स्वाभाविक बना दिया। संस्थान जो महात्मा के सिद्धांतों को लागू करके उनकी स्मृति को बनाए रखते हैं। 1972 में वे इसके सचिव थे।

महात्मा गांधी सेवा आश्रम, 2005 में उन्हें गांधी पीस फाउंडेशन का उपाध्यक्ष चुना गया, और आज भी वे अहिंसा के लिए अंतर्राष्ट्रीय गांधीवादी पहल के प्रबंध न्यासी बने हुए हैं। शांति (आईजीआईएनपी)। श्री राजगोपाल की अहिंसक सामाजिक क्रिया ने भी उन्हें संवाद का आदमी बना दिया है।

निवानों पीस फाउंडेशन के द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक शांतिपूर्ण और अहिंसक  तरीकों के माध्यम से श्री राजगोपाल पी.व्ही. ने देश के सबसे गरीब और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए बिना किसी जाति व लैगिंक भेदभाव के समान मानवीय गरिमा और प्रत्येक महिला व पुरूष के समान अधिकारों की मान्यता के लिए कार्य किया है। यह पुरस्कार जल, जंगल और जमीन पर गरीबों के प्राथमिक अधिकार, पर्यावरणीय सुरक्षा, आत्मसमर्पित बागियों के पुनर्वास, युवाओं में शांति व अहिंसा की शिक्षा के लिए दिया गया है। श्री राजगोपाल पी.व्ही को यह पुरस्कार 11 मई 2023 को जापान के टोक्यो शहर में एक समारोह में दिया जायेगा। इसमें एक पुरस्कार प्रमाणपत्र के अलावा श्री राजगोपाल पी.व्ही को एक पदक और बीस मिलियन येन प्राप्त होंगे। भारतीय रूपए में 1,23,28,024.67 मूल्य है।

निवानों शांति पुरस्कार श्री राजगोपाल पी.व्ही को दिये जाने की घोषणा होने पर एकता परिषद के अध्यक्ष श्री रनसिंह परमार, राष्ट्रीय संयोजक रमेश शर्मा, अनीस कुमार, श्रद्वा कश्यप , उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी , वरिष्ठ कार्यकर्ता संतोष सिंह, निर्भय सिंह, प्रांतीय संयोजक डोंगर शर्मा, सर्वाेदय के मनीष राजपूत, एकता महिला मंच की कस्तूरी पटेल, निर्मला कुजूर उत्तरप्रदेश के राकेश दीक्षित, द्विजेन्द्र विश्वात्मा छत्तीसगढ के प्रशांत भाई, अरूण कुमार, उड़ीसा के भरत भूषण मणिपुर के रिशि, तमिलनाडू के बीजू, विनोद टीके, केरल के पवित्रन इत्यादि ने श्री राजगोपाल जी को शुभकामनाएं दी।

एकता परिषद के वरिष्ठ सदस्य वियज गोरैया ने सम्माननीय राजा जी को  जापान की प्रतिष्ठित संस्था निवानो पीस फाउंडेशन के द्वारा निवानो शांति पुरस्कार से नवाजे जाने पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करेंगे !!   कुढ़नी सहित एकता परिषद्, मुजफ्फरपुर के साथियों की ओर से  सादर जय जगत !  


आलोक कुमार



बुधवार, 15 फ़रवरी 2023

कार्यशाला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया

गया. जिले के होटल आर्यावर्त, गया में आई॰सी॰डी॰एस॰, स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया, उक्त कार्यशाला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य एवं आई सी॰डी॰एस॰ में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी सेवाओं का बेहतर लाभ, लाभुकों तक पहुंचाना था. कार्यशाला में जिला पदाधिकारी द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि अपने स्तर से सभी सेवाओं का लाभ, लाभार्थियों को देना सुनिश्चित करें.विशेष रूप से टी॰एच॰आर॰, जननी बाल सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना इत्यादि का लाभ ससमय और सही प्रकार से सभी योग्य लाभार्थी को देना सुनिश्चित करें . 

महिलाओं में एनीमिया को दूर करने एवं बच्चों में पाई जाने वाली विकलांगता जिसका ससमय इलाज से सुधार संभव है, उस पर फोकस कर कार्य करने के लिए   निर्देशित किया गया. साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए विभिन्न कैम्प लगाकर जागरूकता उत्पन्न  करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि जानकारी के अभाव में विभिन्न कारणों से होने वाली जन्मजात विकृतियों से नवजात शिशुओं को बचाया जा सके.              
    जिला पदाधिकारी ने श्रवण श्रुति तथा वंडर एप के तहत आई॰सी॰डी॰एस॰ तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये गये कार्यों पर संतोष व्यक्त किया गया एवं उसमें  और तेजी लाने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि अब तक के 33 हजार बच्चों को श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के तहत स्क्रीनिंग किया गया है.उन्होंने कहा कि मई महीने तक जिले में 01 लाख बच्चों को स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य निर्धारित रखा गया है. जिला पदाधिकारी द्वारा श्रवण श्रुति की तरह से ही अन्य दिव्यांगता तथा जटिल बीमारियों के लिए विशेष कार्य करने पर बल देते हुए यह आह्वान किया गया कि स्वास्थ्य एवं आई॰सी॰डी॰एस  मिलकर बहुत सारे कार्यों को और बेहतर तरीके से कर सकता है एवं गया जिले को एक उदाहरण स्वरूप स्थापित कर  सकते हैं . उन्होंने कहा कि आईसीडीएस तथा स्वास्थ्य विभाग आपस में पूरी तरह से समन्वय करते हुए जिले के सभी प्रखंडों में व्यापक पैमाने पर 5 साल से कम उम्र वाले बच्चों को स्क्रीनिंग कराने में पूरी प्रभावी रूप से कार्य करें.उन्होंने यह भी कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार बताया गया है कि हर 1000 बच्चों में से 5 से 8 बच्चे में लो हियरिंग पाई जाती है. श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट में गया जिला को मॉडल बनाते हुए राज्य के 10 जिलों को शामिल किया गया है जहां उनके बच्चों को भी यह उपचार दिया जा रहा है.
         इसी प्रकार उन्होंने वंडर प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों के बारे में कहा कि गर्भवती महिलाओं को टी एच आर वितरण नियमित तौर पर किया जाए. बच्चा जन्म होने से पहले सभी प्रकार की जांच कराने के लिए एक एसओपी बनाया जाए तथा हर आंगनवाड़ी सेंटर पर जांच की व्यवस्था रखी जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा संबंधित सुपरवाइजर भी यह नियमित तौर पर जांच करते रहे कि उनके क्षेत्र में टी एच आर वितरण नियमित तौर पर हो रहा है या नहीं.उन्होंने कहा कि प्रायः यह देखा गया है कि गर्भवती महिलाओं में लगभग 40 से 50 % वैसी महिलाएं पाई जाती हैं जो एनीमिया से ग्रसित रहती हैं. इन्हीं सभी छोटी-छोटी बीमारियों को देखते हुए वंडर ऐप कार्यक्रम शुरू की गई है ताकि उनकी सभी प्रकार की जांच समय अवधि में हो और उन्हें डिलीवरी के दौरान कोई समस्या ना हो सके.वंडर प्रोजेक्ट से यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि जच्चा और बच्चा दोनों को स्वस्थ रखा जाए.
           जिला पदाधिकारी ने तमाम पदाधिकारियों को कहा कि श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट तथा वंडर प्रोजेक्ट में पूरी मेहनत लगन तथा ईमानदारी से कार्य करें ताकि भविष्य में आपको गर्व होगा कि आपके इस मेहनत से कितने बच्चे को सफलतापूर्वक जीवन दिया है. कार्यशाला को यूनिसेफ के राज्य स्तर से आये हुए प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया यूनिसेफ से आए राघवेन्द्र कुमार एवं डॉ शिवानी धर ने बताया कि कम्युनिटी में पोषक तत्व की कमी होने के बच्चों में पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता है अतः बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए जरूरी है  कि उनके खान-पान एवं पोषण देखभाल का विशेष ध्यान रखा जाए.
       इस अवसर पर सिविल सर्जन, गया द्वारा बताया कि महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा  कई  योजनाएं चलाई जा रही है.डॉ एम ई हक द्वारा एम॰सी॰पी कार्ड (मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड) के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई.कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में आई॰सी॰डी॰एस॰ के तहत 80 प्रतिशत बच्चों का ग्रोथ मॉनिटरिंग पोषण ट्रैकर के माध्यम से कर लिया गया है. साथ ही अन्य गतिविधियों का आयोजन कर लगातार कुपोषण को दूर करने के लिए विभागीय दिशा निर्देश का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है. कार्यशाला का संचालन यूनिसेफ की सुश्री ईशा द्वारा किया गया. इस कार्यशाला   में विभिन्न प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक ,ब्लॉक हेल्थ मेनेजर एवं डेभलपमेन्ट पार्टनर शामिल हुए .


आलोक कुमार

निक्की यादव के पिता सुनील यादव ने कानून से हत्यारे के लिए मौत की सजा की मांग की

 

हमें घटना के बारे में कल सुबह पता चला. मेरी बेटी से साथ अन्याय हुआ है. मैं चाहता हूं कि उसे मौत की सजा मिले. सुनील यादव, निक्की यादव के पिता, झज्जर, हरियाणा.....

                                      आलोक कुमार

नई दिल्ली. सभी लोग जानते हैं कि दिल्ली में श्रद्धा वॉल्कर की हत्या किस तरह से बेरहमी के साथ कर दी गयी थी.श्रद्धा वॉल्कर मर्डर  केस के बाद अब निक्की मर्डर केस सुर्खियों में है. यह धोखे की ऐसी कहानी है, जिसे सुनकर दिल दहल जाएगा. साहिल गहलोत नाम के एक शख्स ने अपनी लिव-इन पार्टनर निक्की यादव की हत्या की और उसकी लाश एक ढाबे के फ्रिज में छिपा दी. यह ढाबा, नजफगढ़ के मित्राऊं गांव में था. प्यार, हवस और धोखे की ये कहानी, सुनकर खुद पुलिस भी हैरान है.  

   दिल्ली में अब एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां 5 साल तक रिलेशन में रहने के बाद साहिल गहलोत नामक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड निक्की यादव का कार में ही मोबाइल के चार्जर से गला घोंट दिया और उसके शव को अपने ढाबे के फ्रिज में छिपा दिया. 

    साहिल गहलोत की उम्र अभी महज 24 साल है लेकिन उसके तेवर बेहद खतरनाक निकले. वह अपने लिव-इन पार्टनर के साथ यह उम्मीद दिलाकर रह रहा था कि दोनों शादी कर लेंगे. ऐसा हुआ नहीं. साहिल ने निक्की की हत्या कर दी और लाश को अपने परिवार के ढाबे में फ्रिज के अंदर रख दिया. उसी दिन उसने एक दूसरी लड़की से शादी रचा ली. प्यार और धोखे की इस कहानी पर दुनिया सन्न है.


पुलिस के मुताबिक उसके परिवार ने एक लड़की से उसकी शादी 9 या 10 फरवरी को तय की थी. साहिल ने निक्की यादव को इस शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था. जब निक्की को अपने पार्टनर की शादी के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गई. उसने साहिल गहलोत के साथ झगड़ा किया. जब मामला बढ़ा तो साहिल ने उसे मौत के घाट उतार दिया.


साहिल और निक्की के प्यार की कहानी साल 2018 में दिल्ली के उत्तम नगर से शुरू हुई. साहिल यहां एसएससी एग्जाम की तैयारी करने पहुंचा था. वहीं, हरियाणा के झज्जर की रहने वाली निक्की यादव डॉक्टर बनना चाहती थी और मेडिकल की तैयारी करने उत्तम नगर पहुंची थी. एक ही रोजाना एक ही जगह कोचिंग जाने की वजह से दोनों में फ्रेंडशिप हो गई और मुलाकातें प्यार में बदल गई. कुछ दिन बाद साहिल को ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज में दाखिला मिल गया. निक्की ने भी उसकी कॉलेज में एडमिशन ले लिया. जिसके बाद दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ती गई और दोनों कई बार पहाड़ों की ट्रिप पर गए. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि साहिल गहलोत फॉर्मेसी में ग्रेजुएशन कर रहा है. उसका एक फैमिली ढाबा मित्राऊं गांव में है. वह निक्की यादव के साथ 2018 से ही रिलेशनशिप में था. दोनों द्वारका में साथ में ही रह रहे थे. निक्की यादव की बहन भी कभी-कभी उसके साथ रहने आती थी.


जब निक्की यादव लापता हुई तो एक स्थानीय शख्स ने पुलिस से कहा कि निक्की को उसने कई दिनों से नहीं देखा है. न ही उसका फोन लग रहा है. उसे शक था कि निक्की के साथ कुछ हुआ है क्योंकि साहिल ने किसी और से शादी कर ली है. 


निक्की का परिवार हरियाणा के झज्जर में रहता है. उन्हें नहीं पता था कि वह साहिल के साथ रिलेशनशिप में थी. डीसीपी सतीश कुमार की अगुवाई में एक टीम बनी और मितराऊं गांव में साहिल गहलोत के घर पुलिस ने दस्तक दी. पूछताछ हुई तो पता चला कि वहां कोई नहीं है. सबका फोन स्विच ऑफ था. परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. कई जगह रेड डाली गई और आखिर कैर गांव से उनकी गिरफ्तारी हुई. 



दिल्ली पुलिस ने जब आरोपी साहिल गहलोत से कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि उसने ही हत्या कर दी है. खुद साहिल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि 9 से 10 फरवरी के बीच उसने निक्की यादव की हत्या कर दी. साहिल का परिवार उस पर शादी का दबाव बना रहा था. उसने निक्की यादव को इस शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था. वह उसके साथ रह रहा था. जब निक्की को उसकी शादी के बारे में किसी और से खबर लगी तब जाकर सारे राज खुले.


जिसके साथ निक्की शादी करने के सपने देख रही थी, वही कातिल बन गया. जब उसे खबर लगी कि साहिल किसी और लड़की से शादी कर रहा है, तभी उसने मिलने का प्रेशर बनाया. दोनों के बीच झगड़ा हुआ और रूम से बाहर कपल निकल गया.


दोनों करीब 11 बजे फ्लैट से निकले और कश्मीरी गेट पहुंच गए. उनके बीच एक घंटे तक लड़ाई हुई. बहस इस हद तक बढ़ गई कि उसने डेटा केबल से गला घोंटकर निक्की को मार डाला. हत्या के बाद साहिल घबरा गया. उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह कहां जाए. सुबह करीब 5 बजे वह अपने ढाबे पर पहुंचा और लाश को फ्रिज के अंदर छिपा दिया. वह घर चला गया और शादी के फंक्शन की तैयारी करने लगा. 


पुलिस से उसने कहा कि वह शादी की तैयारी कर रहा था. ढाबा बंद था और फ्रिज काम नहीं कर रहा था. उसने पुलिस को शव तक पहुंचा भी दिया. लाश पुलिस के कब्जे में है. पोस्टमार्टम के लिए उसे भेज दिया गया है. पुलिस ने एक हुंडई कार जब्त की है, जिसमें रखकर वह लाश लाया था. 


बहन को भनक भी नहीं लगी कि निक्की यादव की हत्या हो चुकी थी. वह सोच रही थी दोनों गोवा गए हैं. पुलिस ने यह भी कहा है कि दोनों ने खुदकुशी का प्लान भी बनाया था. गोवा जाकर दोनों खुदकुशी करने वाले थे. साहिल आखिरी वक्त पर गोवा जाने से इनकार कर दिया. 9 फरवरी को गोवा का टिकट बुक था. 9 फरवरी को साहिल की इंगेजमेंट हुई और यह निक्की यादव की जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुआ. फ्लैट पर मुलाकात के बाद उसकी कार में हत्या कर दी गई. पुलिस केस की छानबीन में जुटी है.

निक्की यादव के पिता सुनील यादव ने कानून से हत्यारे के लिए मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने कहा कि हमें घटना के बारे में कल सुबह पता चला। मेरी बेटी से साथ अन्याय हुआ है। मैं चाहता हूं कि उसे मौत की सजा मिले. वहीं, पुलिस आरोपी को आज कोर्ट में पेश करेगी. माना जा रहा है पुलिस कोर्ट से आरोपी साहिल की रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है. पुलिस इस मामले की पूरी तह में जाना चाहती है. जिसके लिए आरोपी से अभी और पूछताछ किया जाना जरूरी है. 


मंगलवार, 14 फ़रवरी 2023

वेरीफाई करके ट्यूटर के द्वारा राजन क्लेमेंट साह को ब्लू टिक मिला

 *वेरीफाई करके ट्यूटर के द्वारा राजन क्लेमेंट साह को ब्लू टिक मिला 

* नाउ राजन क्लेमेंट साह इज वेरीफाई 


पटना.पटना नगर निगम के वार्ड नम्बर-22 बी के मगध कॉलोनी में रहते हैं बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह.सोशल मीडिया ट्यटर से वर्ष 2017 से जुड़े हैं. गत 6 साल से बीजेपी और अल्पसंख्यक मोर्चा से संबंधित खबर को ट्वीट करते रहे हैं.इसके अलावे सामाजिक सरोकार को भी उठाते हैं.

 बताया गया कि बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने सोशल मीडिया ट्यूटर में 6 साल से काफी मेहनत कर रहे हैं.जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है. उनका अकाउंट को ट्विटर ने वेरीफाई   करके ब्लू टिक कर दिया है.यह दिन राजन क्लेमेंट साह के लिए ऐतिहासिक रहा.वहीं राजन क्लेमेंट साह ट्विटर पर पोस्ट करके ब्लू टिक प्राप्त करने वाले प्रथम बिहारी क्रिश्चियन हो गए हैं.वे 2017 में ट्यूटर में प्रवेश किए.सामाजिक सरोकार को उठाते रहे हैं.1857 Following & 1122 followers हैं.


आलोक कुमार

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023

2014 में गौतम अडाणी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 609वें नंबर पर थे

 आलोक कुमार

   नई दिल्ली. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा मंगलवार को हुई.कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने 45 मिनट तक भाषण दिए.राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक बात बार-बार कहते थे कि वो पुराना राहुल अब मर चुका है. हालांकि, उनकी इस बात भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोग मजाक बनाते थे.

    लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गौतम अडाणी और हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछे. राहुल ने 45 मिनट की स्पीच की शुरुआत भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पूछे गए लोगों के सवालों से की.फिर इन्हीं सवालों का हवाला देते हुए गौतम अडाणी के मुद्दे पर आ गए.

      राहुल ने कहा, "2014 में गौतम अडाणी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 609वें नंबर पर थे. कुछ ही साल में न जाने क्या जादू हो गया, अडाणी इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए." इस पर कांग्रेस सांसदों ने नारा लगाया ‘मोदी है तो मुमकिन है.’

 इस स्पीच के दौरान NDA मेंबर्स ने ऐतराज भी जाहिर किया कि आप प्रधानमंत्री पर बिना आधार के आरोप लगा रहे हैं. आपको इसका सबूत देना चाहिए और अगर नहीं है तो देश से माफी मांगनी चाहिए.हालांकि राहुल की स्पीच इन छोटे-मोटे हंगामों के बीच भी चलती रही और ये अडाणी पर बयानों, सवालों और दावों पर ही फोकस थी.

     लेकिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह से सत्ता पक्ष के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाई और उनके आरोपों से बीजेपी के सदस्य जिस तरह से तिलमिला रहे थे, वो उनके बदले रूप की तस्दीक तो कर ही रही थी.दिलचस्प ये था कि उनके आरोपों की जद में केवल दो ही शख्स थे.एक पीएम नरेंद्र मोदी और दूसरे गौतम अडानी. राहुल के हमलों से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सहमी-सहमी और बैकफुट पर दिखी. उनकी रणनीति छितराई नजर आई.

     जब आप सत्ता पक्ष के सदस्यों की बॉडी लैंग्वेज देखेंगे तो समझ जाएंगे कि राहुल के आरोपों ने उन्हें हिलाकर रख दिया. अपने भाषण के दौरान राहुल ने जो साबित करना चाहते थे उसमें वो बहुत हद तक सफल भी रहे.राहुल ने सदन में तथ्यों के बातें रखी और उसे कोरिलेट कर सीधे-सीधे पीएम मोदी को घेर लिया. खास बात ये भी रही कि अपने भाषण के दौरान राहुल लोगों से कनेक्ट भी कर पा रहे थे.ऐसा पहली बार था कि कांग्रेस के आक्रामक हमले से सत्ता पक्ष का विश्वास डिगा दिख रहा था.

    बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्लास्टिक की बोतलों को ‘रिसाइकिल’ करके बनायी गयी सामग्री से निर्मित सदरी (जैकेट) पहनकर बुधवार को संसद पहुंचे.वह जब सुबह सदन में हल्के नीले रंग की सदरी पहने नजर आए. अधिकारियों ने बताया कि मोदी की सदरी प्लास्टिक की बोतलों का पुनर्चक्रण (रिसाइकिल) करके बनी सामग्री से तैयार की गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने सोमवार को बेंगलुरु में भारत ऊर्जा सप्ताह के दौरान प्रधानमंत्री को यह जैकेट भेंट की थी.उन्होंने इस कार्यक्रम में इंडियन ऑयल की 'अनबॉटल्ड' पहल के तहत विभिन्न पोशाक ‘लॉन्च’ की.बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए बताया कि नरेंद्र मोदी ने जो जैकेट पहना है वह 28 सिंगल यूज प्लास्टिक की बोतलों से बनाया गया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब 88 मिनटों तक देते हुए विपक्ष को आड़े हाथ लिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता नकारात्मकता स्वीकार नहीं कर सकती और उनके ऊपर लगाये गये ‘झूठे आरोपों’ पर कभी भरोसा नहीं करेगी.उन्होंने कहा कि उनके पास 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद का सुरक्षा कवच है जिसे कोई भेद नहीं सकता.बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अडानी ग्रुप के मुद्दे पर मोदी सराकर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे.

    प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर बरसते हुए कहा कि देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है, इनकी समझ से ऊपर की बात है.

     अडानी ग्रुप से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस सहित विपक्ष के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन पर लोगों का भरोसा अखबार की सुर्खियों और टेलीविजन पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है.उन्होंने कहा, ‘हमने देश के लिए पूरा जीवन खपा दिया है, पल-पल खपा दिया है.देश के लोग झूठे आरोपों पर भरोसा नहीं करने वाले हैं.देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है, इनकी समझ से ऊपर की बात है.’ पीएम के इतना कहते ही सदन में ‘मोदी-मोदी’ का नारा गूंज उठा.

    प्रधानमंत्री ने राहुल का नाम लिए बिना कहा कि जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा और गलत आरोप लगा कर ही आगे बढ़ पाएंगे.कांग्रेस का नाम लिये बिना उसके घटते जनाधार पर तंज कसते हुए पीएम ने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत की पंक्तियां पढ़ीं, ‘तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं.’ मोदी ने कहा कि इनकी गालियां और इनके आरोपों को उन कोटि-कोटि भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा, जिनको दशकों तक मुसीबत में जिंदगी जीने के लिए इन्होंने मजबूर किया.

     बता दें कि वर्ष 2019 में शिवसेना सांसद संजय राउत के नए ट्वीट ने पार्टी के रुख़ को फिर से स्पष्ट कर दिया है. दरअसल संजय राउत ने बीजेपी पर हमला करते हुए महाकवि दुष्यंत कुमार की एक कविता पोस्ट की है- तुम्हारे पांव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यक़ीन नहीं..चार साल के बाद पीएम मोदी ने भी विपक्ष पर निशाना साधने के लिए महाकवि दुष्यंत कुमार की एक कविता का सहारा लिया.

  खैर, आगे पीएम मोदी ने कहा कि जो कभी यहां बैठते थे, वह वहां जाने के बाद भी फेल हुए और देश पास होता गया. मैं भी यात्रा लेकर कश्मीर तक गया था. लाल चौक पर तिरंगा लहराने का संकल्प लिया था.तब आतंकियों ने पोस्टर लगाए थे कि देखते हैं कि किसमें हिम्मत है और किसने अपनी मां का दूध पिया है, जो यहां आकर तिरंगा लहराता है.तब मैंने कहा था- आतंकी कान खोलकर सुन लें. 26 जनवरी को ठीक 11 बजे मैं लाल चौक पहुंचूंगा, बिना सुरक्षा, बिना बुलेट प्रूफ जैकेट आऊंगा और फैसला लाल चौक पर होगा कि किसने अपनी मां का दूध पिया है? जब श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराया, तब मीडिया के लोग सवाल करने लगे कि पहले यहां ऐसे नहीं होता था.आज वहां ऐसी शांति है कि वहां चैन से जा सकते हैं. अखबारों में खबर आई थी, जिस पर ध्यान नहीं गया होगा. लोग टीवी में चमकने की कोशिश में लगे थे. उसी समय श्रीनगर के अंदर दशकों बाद थिएटर हाउसफुल हो गए और अलगाववादी दूर-दूर तक नहीं दिख रहे थे.

    पीएम मोदी ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए खपा दिया है। देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है, वह इनकी समझ के दायरे से बाहर ही नहीं, समझ के दायरे से काफी ऊपर है। क्या ये झूठे आरोप लगाने वालों पर मुफ्त राशन प्राप्त करने वाले देश के 80 करोड़ लोग भरोसा करेंगे? एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड के जरिए जब गरीब को राशन मिल जाता है तो वह आपकी झूठी बातों और गलिच्छ आरोपों पर कैसे भरोसा करेगा? जब 11 करोड़ किसानों के खाते में साल में तीन बार सम्मान निधि का पैसा जमा होता हो, वह आप पर भरोसा कैसे करेगा.मुसीबत के समय मोदी उनके काम आया है, आपके आरोपों पर वह कैसे भरोसा करेगा. आपके इन आरोपों को कोटी-कोटी भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा.कुछ लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए जी रहे हैं. मोदी तो करोड़ों देशवासियों के परिवार का सदस्य है.140 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद मेरा सबसे बड़ा कवच है. झूठ और गालियों के शस्त्रों से तुम इस कवच को भेद नहीं सकते.

    इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मंगलवार को लोकसभा में दिए गए भाषण को डिलीट कर दिया गया है. काग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर इसका दावा किया है. रमेश ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी ने अडानी के महामेगा स्कैम में पीएम मोदी के लिंक का जिक्र किया था. आज लोकसभा में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई.ओम शांति! गौरतलब है कि बीजेपी ने राहुल के अडानी पर दिए गए बयानों का काफी विरोध किया था.हालांकि बीजेपी ने इसे बिना सबूत के लगाए गए आरोप बताए थे और उनकी बातों को सदन की कार्यवाही से हटाने की निंदा की है.

    संसद के बजट सत्र में दो नेताओं के ड्रेस की चर्चा खूब हो रही है. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसाइकिल प्लास्टिक से बनी जैकेट पहनी थी, तो कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 56 हजार का मफलर लपेटे संसद में पहुंचे थे. खास बात ये है कि लोगों का ध्यान खड़गे की ड्रेस पर गया ही तब, जब वो गरीबों की कम आय को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे थे. बस फिर क्या था, देखते ही देखते ट्विटर पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा. खासकर बीजेपी नेताओं ने उन्हें निशाना बनाया. 

मोदी वर्सेज खड़गे हो गया मामला

बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने ट्विटर हैंडल पर दो तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें एक तस्वीर में पीएम मोदी प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकल कर बनाए गए खास जैकेट को पहने नजर आ रहे हैं तो दूसरी तस्वीर में खड़गे मफलर लगाए नजर आ रहे हैं, जिसमें मफलर की कीमत 56,332 रुपये बताई गई है.

विमेंस आईपीएल का आक्शन 13 फरवरी को

 


पटना.राजधानी पटना के एक निजी स्कूल की दसवीं क्लास की छात्रा है.उसको क्रिकेट के गुर उसके पिता ने ही सिखाया है.बिहार क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को बिहार की 15 महिला क्रिकेटरों के नाम भी भेजे गए थे. जिनमें से सिर्फ यशिता सिंह के नाम पर मुहर लगी है.

     विमेंस आईपीएल का आक्शन 13 फरवरी को होने जा रहा है.इसके लिए दुनिया भर से 350 महिला क्रिकेटरों का चयन किया गया है.इसमें राजधानी पटना के आशियाना नगर की रहने वाली 16 वर्षीय यशिता सिंह भी शामिल है.वह अपने प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टरों का ध्यान आकर्षित कर यह मुकाम हासिल किया है.

 बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम बना रही हैं. पूरी दुनिया भर में अपने हुनर का डंका बजा रही हैं. राजधानी पटना के आशियाना नगर की रहने वाली 16 वर्षीय यशिता ने क्रिकेट की दुनिया में कुछ ऐसी ही उपलब्धि हासिल की है. उनका चयन पहली बार होने जा रहे वीमेंस आईपीएल के ऑक्शन के लिये हुआ है. दुनिया भर से चुनी गई 350 महिला क्रिकेटरों में से यशिता सिंह ने भी अपने प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टरों का ध्यान आकर्षित कर यह मुकाम हासिल किया है.

          महिला आईपीएल की नीलामी 13 फरवरी को होने वाली है. इस नीलामी में बिहार की 15 महिला क्रिकेटरों के नाम भी भेजे गए थे. जिनमें से सिर्फ यशिता के नाम पर मुहर लगी है.बिहार क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को मिले पत्र के आधार पर यह जानकारी दी. बीसीसीआई की महिला अंडर-19 टी20 चैलेंजर ट्रॉफी में खेलने वाली यशिता की कहानी साल 2016 में रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म दंगल से मिलती-जुलती है. यशिता पटना के एक निजी स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा हैं. यशिता की बचपन से ही क्रिकेट में रुचि थी.

     यशिता के पटना से बीसीसीआई तक के सफर की कहानी जानकर आप दंग रह जाएंगे. यशिता को क्रिकेट सिखाने वाला कोई प्रोफेशनल कोच नहीं बल्कि उनके पिता शैलेंद्र सिंह हैं. शैलेंद्र सिंह ने अपनी बेटी को स्कूल भेजने के साथ-साथ क्रिकेट का अभ्यास कराने पर जोर दिया.यही वजह है कि यशिता ने 50 से ज्यादा बोर्ड मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया.यशिता ने इस साल जुलाई में हुई सीरीज में छह मैच खेले, जिसमें कुल 222 रन बनाए.मैच में नागालैंड के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 138 रन बनाए.इसके बाद यशिता टॉप फाइव में आईं और बीसीसीआई में सेलेक्ट हो गईं.

      बताते है कि यशिता सिंह बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी रखती थीं.खुद यशिता ने खुलासा करते हुए कहा कि मैं और मेरे भाई अपार्टमेंट में लोगों के साथ क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैं टेनिस ज्यादा खेलता था.पापा हमेशा मेरे खेल पर ध्यान देते थे और वह मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करते थे. उन्होंने 2019 में पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए कहा. मैंने भाग लिया और मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा.यशिता ने आगे कहा कि इसके बाद खेलों में मेरी दिलचस्पी और बढ़ गई.मैंने क्रिकेट पर विशेष ध्यान देना शुरू किया.दो साल की मेहनत से चैलेंजर ट्रॉफी में अपनी जगह बनाई.

   उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता शैलेंद्र सिंह को दिया. यशिता के पिता शैलेंद्र सिंह पटना यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं. वह विश्वविद्यालय में क्रिकेट चैंपियन थे.हालांकि उन्हें कभी बोर्ड में खेलने का मौका नहीं मिला. उनका सपना था कि उनके बच्चे वह करें जो मैं नहीं कर सका.वे अपनी बेटी को क्रिकेट में बीसीसीआई में ले गए. उसने जीवन यापन के लिए टाइल्स, मार्बल का कारोबार शुरू किया, लेकिन कोरोना में कारोबार पूरी तरह ठप हो गया. इसके बाद शैलेंद्र सिंह अपने दोस्त की एक एकेडमी में बतौर क्रिकेट कोच काम करने लगे.बच्चों को क्रिकेट पढ़ाना शुरू किया.अभी वह करीब 30 बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देते हैं.

   बता दें कि यह साल क्रिकेट के लिए काफी खास रहने वाला है. 2023 में क्रिकेट के कई बड़े टूर्नामेंट्स होने हैं. इसमें वनडे वर्ल्ड कप 2023 (World Cup 2023) से लेकर पहली बार आयोजित होने वाला महिला आईपीएल (Women's IPL) भी शामिल हैं. बीसीसीआई (BCCI) की तरफ से इस साल पहली बारी महिला आईपीएल का आयोजन होगा.

        महिला आईपीएल की टीमों का एलान हो गया है.पांच टीमों को खरीदने में 4669.99 करोड़ रुपये की बोली लगी है. अहमदाबाद फ्रेंचाइजी सबसे महंगी बिकी है.अदाणी की मालिकाना हक वाली अदाणी स्पोर्ट्स लाइन प्राइवेट लिमिटेड ने अहमदाबाद फ्रेंचाइजी अपने नाम की है. उन्होंने इसे 1289 करोड़ रुपये में खरीदा है.यह महिला आईपीएल की सबसे महंगी टीम बन गई है.इसके बाद इंडियाविन स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड,मुंबई, 912.99 करोड़ में.रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु, 901 करोड़ में. जेएसडब्ल्यू जीएमआर क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली, 810 करोड़ में और कैपरी ग्लोबल होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड,लखनऊ, 757 करोड़ में खरीदा है.

महिला आईपीएल का पहला सीजन 4 से 26 मार्च के बीच खेला जा सकता है.इसके बाद पुरुष खिलाड़ियों का आईपीएल खेला जाएगा.टूर्नामेंट के पहले सीजन के लिए मीडिया राइट्स की बिक्री हो चुकी है.वायाकॉम 18 ने 951 करोड़ रुपये में पांच साल के लिए प्रसारण अधिकार खरीदे थे. अब इस टूर्नामेंट को लेकर ताजा जानकारी यह सामने आ रही है कि चार मार्च को टूर्नामेंट का आगाज हो सकता है और उसी महीने की 26 तारीख को फाइनल मुकाबला खेला जा सकता है.

आलोक कुमार

गांधी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर तृतीय चरण के यात्रा को विराम दिया जायेगा

 




पटना। भारत जोड़ो यात्रा,बिहार वैशाली जिला से चलकर पटना में प्रवेश कर कल दिनांक 10 फरवरी को पूर्वाह्न 9-00 बजे धनकी मोड़ (गांधी सेतु के समीप) पटना से प्रारंभ होगी जो अगमकुंआ पुल, गुलजारबाग चौराहा, नून का चौराहा, पटना साहिब स्टेशन, पूरब दरवाजा मारूफगंज होते हुए पटना साहिब गुरूद्वारा में मत्था टेककर दोपहर का विश्राम होगा। अपराह्न से चौक खाजेकला, पश्चिम दरवाजा, बड़ी पटनदेवी में दर्शन, आलमगंज, त्रिपोलिया, पत्थर की मस्जिद होते हुए दरगाह रोड में चादरपोशी, मुसल्लहपुर हाट, भीखना पहाड़ी, हथुआ मार्केट होते हुए गांधी मैदान गेट नं0-1 में संध्या के समय गांधी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर तृतीय चरण के यात्रा को विराम दिया जायेगा।

इस यात्रा में बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, सांसद, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार सहित विधायक, विधान पार्षद, पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता गण भारी संख्या में भाग लेंगे।


आलोक कुमार

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