बुधवार, 5 जुलाई 2023

कार्रवाई को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया निर्देश


जनता दरबार में जिलाधिकारी ने 24 आवेदकों की समस्याओं को सुना, कार्रवाई को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया निर्देश

नालंदा. दैनिक जनता दरबार में जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज 24 लोगों की समस्याओं को सुना तथा समस्याओं के निदान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.

        नूरसराय के सीताराम प्रसाद द्वारा जेपी सेनानी का पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की गई. जिलाधिकारी ने सामान्य शाखा प्रभारी को  इस संबंध में कार्रवाई का निर्देश दिया.बिहारशरीफ प्रखंड के केवल बीघा निवासी जामो देवी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की गई. जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को जांच कर अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया.

     बिहार शरीफ निवासी मो० नसीरुद्दीन द्वारा बताया गया कि मखदूम तालाब के जीर्णोद्धार एवं पास में नाला के निर्माण के क्रम में निकाली गई मिट्टी रास्ते पर फैल गई है जिसके कारण आवागमन में कठिनाई हो रही है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई कार्य प्रमंडल से दूरभाष पर बात की तथा स्थल निरीक्षण कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा.

       कुछ मामलों की सुनवाई लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत सुनवाई के लिए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया.अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को भेजते हुए समाधान के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.


आलोक कुमार 

सेंट जोसेफ युवाओं को ऐसे पुरुषों और महिलाओं के रूप में विकसित करने में दृढ़ता

बेंगलुरु. सेंट जोसेफ युवाओं को ऐसे पुरुषों और महिलाओं के रूप में विकसित करने में दृढ़ता से विश्वास करता है जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करते हैं.दिवंगत फादर स्टेन स्वामी एसजे के सम्मान में 5 जुलाई को ‘पिंजरे में बंद पक्षी का सपना‘ विषय पर एक विशेष सभा आयोजित किया गया था.

सामाजिक कार्यकर्ता जेसुइट पुरोहित और मानवाधिकार अधिवक्ता फादर स्टेन स्वामी ने अपना जीवन भारत के सुदूरवर्ती हिस्से में रहने वाले आदिवासियों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए समर्पित कर दिया.

   उस दिन के मुख्य अतिथि श्री जॉन देवराज थे, जो एक प्रसिद्ध मूर्तिकार, चित्रकार, वास्तुकार, फिल्म निर्माता, कला निर्देशक, गायक, फोटोग्राफर और महान इंसान थे, जिन्हें सामाजिक कारणों के लिए फादर स्टेन के साथ मिलकर काम करने का सौभाग्य मिला था. शांति और समानता को बढ़ावा देना.अपने संबोधन में, जॉन देवराज ने शांति और सुलह के लिए काम करने के लिए फादर स्टेन के साथ बिताए समय को याद किया; उन्होंने छात्रों को बंदूक के बजाय कलम उठाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने अपनी एक मौलिक रचना गाई फादर स्टेन को श्रद्धांजलि के रूप में ‘स्टेन की यह छोटी सी रोशनी‘.

  प्रिंसिपल, फादर रोहन डी‘अल्मेडिया ने छात्रों को फादर स्टेन द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हुए ईमानदारी, साहस और ईमानदारी के मूल्यों को अपनाकर न्याय और शांति के लिए खड़े होने के लिए प्रोत्साहित किया. स्कूल गायक दल ने ‘दिस लिटिल गाइडिंग लाइट ऑफ स्टेन‘ गीत की मधुर प्रस्तुति दी. आदिवासियों के लिए खड़े रहने वाले एक अनुकरणीय व्यक्ति फादर स्टेन द्वारा अपनाए गए मूल्यों को आत्मसात करने के लिए कक्षाओं में निबंध लेखन, वाद-विवाद, रोल प्ले और एक्सटेम्पोर जैसी कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं. कक्षा 12 बी के छात्र रुशिल ने कहा, ‘हमारी मूल्य प्रणाली महत्वपूर्ण है और हमें पूंजीवादी समाज में व्यक्तियों के बजाय एक समुदाय के रूप में काम करने की जरूरत है.

      12वीं कक्षा का छात्र निर्विकार प्रकृति की प्रचुरता को प्रकृति के साथ साझा करने की आदिवासी संस्कृति के बारे में फादर स्टेन की जीवन यात्रा से प्रेरित था.

       कक्षा 11बी की छात्रा वीक्षा कहती हैं, ‘भारत की संस्कृति भारत की जनजातियों में गहराई से निहित है, जैसा कि हम उनकी परस्पर निर्भरता और प्रकृति के साथ उनके संबंध में देख सकते हैं, यही एक कारण था कि फादर स्टेन आदिवासियों के साथ खड़े थे.

   सभा का समापन छात्रों को अपने अधिकारों के साथ-साथ वंचितों के लिए लड़ने के लिए शिक्षित करने के साथ हुआ.जैसा कि फादर स्टेन का दृढ़ विश्वास था कि कहीं भी अन्याय हर जगह न्याय के लिए खतरा है.

   मालूम हो कि 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी की 3 जुलाई, 2021 को हृदय गति रुकने से मौत हो गई। भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े केस में एक्टिविस्ट फादर स्टेन स्वामी को अरेस्ट किया गया था और जिस दिन उनकी मौत हुई उसी दिन बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी. फादर स्‍टेन स्‍वामी की मौत के बाद उनके परिवार और दोस्तों ने इसे संस्‍थागत हत्या का आरोप लगाया है.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब जेल में बंद अन्य लोगों के स्वास्थ्य और जीवन का डर है.

आलोक कुमार

मंगलवार, 4 जुलाई 2023

पर्याप्त संख्या में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की जाएगी

  राजकीय राजगीर मलमास मेला के अवसर पर साधु-संतों के  आवासन स्थलों पर भी की जाएगी आवश्यक व्यवस्था

जिलाधिकारी ने साधु-संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

पदाधिकारियों ने साधु-संतों के साथ उनके आवासन स्थलों का किया स्थल भ्रमण, आवश्यकताओं का किया गया आकलन


राजगीर  . राजकीय राजगीर मलमास मेला के अवसर पर विभिन्न अखाड़ा/पंथ के  साधु-संतों के विभिन्न आवासन स्थलों पर पर्याप्त साफ-सफाई, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

    रविवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने साधु-संतों के साथ बैठक कर उनकी बात को सुना था. आज पुनः उनके साथ जिलाधिकारी ने बैठक किया तथा उनकी आवश्यकताओं की स्पष्ट जानकारी ली.

     

बैठक के उपरांत नगर आयुक्त श्री तरणजोत सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों के एक दल ने साधु-संतों के साथ उनके निर्धारित आवासन स्थलों का निरीक्षण किया. उनकी आवश्यकताओं को सूचीबद्ध किया गया.स्थल संरचना एवं आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त संख्या में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की जाएगी. साफ-सफाई के लिए भी उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया.

आलोक कुमार

ओ जाने वाले हो सके तो लौट आना..

 

ओ जाने वाले हो सके तो लौट आना..

  और कोमा से निकले बिना प्रभु के प्यारे हो गए सीए प्रशांत प्रकाश  

चुहड़ी.बेतिया धर्मप्रांत में है चुहड़ी पल्ली.इस पल्ली में रहते हैं प्रशांत प्रकाश (30 साल).पटना जेसुइट के चार्टर्ड अकाउंटेंट  (सीए) हैं.गोरखपुर स्थित सिटी हॉस्पिटल में भर्ती थे.आज सिटी हॉस्पिटल में दोपहर 01.55 में अंतिम सांस ली.वे मेनिनजाइटिस रोग से ग्रसित थे.

      मालूम हो कि पटना जेसुइट सोसाइटी (पीजेएस) एक धर्मार्थ संगठन है.जिसका पूरे बिहार और यूपी में शैक्षिक और सामाजिक सेवा संस्थानों का एक बड़ा नेटवर्क है. ज्यादातर दलितों, आदिवासियों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों से जुड़ा हुआ है.

       इसी धर्मार्थ संगठन में प्रशांत प्रकाश आंतरिक लेखा परीक्षक के पद पर 16.05. 2018 से कार्यरत थे.चुहड़ी पल्ली के रहने वाले थे प्रशांत प्रकाश.दो साल पहले प्रिंसी रॉबर्ट से विवाह हुई थी.बहुत ही गर्व से प्रिया कुमारी कहती हैं कि प्रशांत मेरा भाई है. उसका बर्थ डे 30 सितम्बर को है.हमलोग शानदार से प्रशांत भाई का जन्मदिन मनाते थे.इतना कहकर सिसकने लगी .बाबू हमलोगों को छोड़कर चले गए.बाबू 13 दिनों से हॉस्पिटल में कोमा में थे.बेहाल पत्नी ,मां रानी प्रकाश और पिता प्रकाश जेम्स थे.

बाबू के द्वारा चिट्ठी न कोई सन्देश

जाने वो कौन सा देश

जहाँ तुम चले गए

   बताया जाता है कि मेनिनजाइटिस रोग हो जाने से मस्तिष्क में सूजन  हो जाता है.जिसके कारण उनको आईसीयू में भर्ती किया गया था.दवा और दुआ करने के बाद भी पटना जेसुइट के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रशांत प्रकाश को बचाया नहीं जा सका.बताया जाता है कि दो साल पहले प्रशांत प्रकाश का विवाह प्रिंसी के साथ हुआ था.

  गोरखपुर से निधन की खबर आग की तरह बेतिया और चुहड़ी गांव में पसर गयी.चुहड़ी गांव में मातम छा गया है.पड़ोसी आकाश सेंसिल ने कहा कि दाऊद के वंशज येसु मसीह को बराबर याद रखिए. जो मेरे सुसमाचार के अनुसार मृतकों में से जी उठे हैं. इसी विश्वास के साथ हे प्रभु ! आप प्रशांत भैया की आत्मा को शांति प्रदान करें. आमीन.

  बड़ी उम्मीद से सीए प्रशांत प्रकाश को गोरखपुर इलाज करवाने ले गए थे.13 दिनों के बाद नाउम्मीद होकर चुहड़ी लौटे.शाम साढ़े सात बजे प्रशांत प्रकाश का पार्थिव शरीर पहुंचा.चुहड़ी गांव में मातम पूर्ण माहौल.पार्थिव शरीर को देखने के लिए पूरा घर लोगों से भर गया. सभी के आंखो आंसू से भर गए.परिजनों के साथ साथ गांव के लोग भी रोने लगे. करीब 200 की संख्या में लोग पहुंचे थे.


आलोक कुमार

जल संसाधन मंत्री ने जिला से संबंधित कटाव निरोधी कार्यों को लेकर विभागीय एवं जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

  जल संसाधन मंत्री ने जिला से संबंधित कटाव निरोधी कार्यों को लेकर विभागीय एवं जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

सभी संवेदनशील स्थानों पर दो दिनों के अंतर्गत कटाव निरोधी सामग्रियों के भंडारण का स्पष्ट निर्देश


नालंदा. माननीय जल संसाधन मंत्री, बिहार श्री संजय कुमार झा ने आज नालंदा जिला में बाढ़ प्रबंधन को लेकर किये गए कटाव निरोधी कार्यों को लेकर समाहरणालय में विभागीय अपर मुख्य सचिव श्री चैतन्य प्रसाद, प्रभारी सचिव नालंदा श्री अनुपम कुमार ,जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर एवं अन्य विभागीय राज्यस्तरीय एवं जिला स्तरीय अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक किया.

    जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिला में कराए गए कटाव निरोधी कार्यों के बारे में जानकारी दिया। बताया गया कि जिला में 8 स्थलों पर विभिन्न प्रकार के कटाव निरोधी/बाढ़ प्रबंधन से संबंधित कार्य विभागीय स्तर से कराया गया है.

   उन्होंने बताया कि विभिन्न तटबंध/जमींदारी बांधों के निर्माण/सुदृढ़ीकरण से संबंधित 7 प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. माननीय मंत्री ने इन सभी प्रस्तावित योजनाओं को लेकर आवश्यक विभागीय कार्रवाई अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया ताकि बरसात के बाद कार्य प्रारंभ किया जा सके.

   

समीक्षा के क्रम में सभी बाढ़ नियंत्रण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं को सभी चिन्हित क्लस्टर पॉइंट एवं बाढ़/कटाव के दृष्टिकोण से चिन्हित सभी संवेदनशील स्थलों पर विभागीय मानक के अनुरूप आवश्यक कटाव निरोधी सामग्रियों का दो दिनों के अंदर भंडारण सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया. सभी संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी के लिए अविलंब प्रभाव से कर्मियों को प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया.

      बैठक में विभागीय मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं विभिन्न कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षात्मक सामग्री का भंडारण कराने का निर्देश

 जनता की सुरक्षा बेहद जरूरी, आवश्यकतानुसार युद्धस्तर पर  कराएं फ्लड फाइटिंग वर्कः जिलाधिकारी

तटबंधों पर बनाए रखें पैनी नजर, लगातार कराएं पेट्रोलिंग

तटबंधों की सुरक्षा, फ्लड फाइटिंग कार्यों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षात्मक सामग्री का भंडारण कराने का निर्देश

जिलाधिकारी ने बगहा के शास्त्री नगर के विभिन्न तटबंधों का लिया जायजा


बगहा. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा आज बगहा-01 प्रखण्ड अंतर्गत शास्त्रीनगर के विभिन्न तटबंधों का जायजा लिया गया.जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बगहा के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, अंचलाधिकारी आदि तटबंधों पर पैनी नजर बनाकर रखेंगे तथा तटबंधों की सुरक्षा के मद्देनजर लगातार सघन पेट्रोलिंग कराना सुनिश्चित करेंगे.


उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील प्वाइंटों पर विशेष ध्यान देंगे तथा आवश्यकता के अनुसार फ्लड फाइटिंग मटेरियल सुरक्षित रखेंगे ताकि विषम परिस्थिति में तुरंत सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा सके. उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर नदी की तेज धारा द्वारा कटाव किया जा रहा है वहाँ युद्ध स्तर पर फ्लड फाइटिंग वर्क कराना सुनिश्चित किया जाय. उन्होंने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा, फ्लड फाइटिंग वर्क तथा अन्य सुरक्षात्मक कार्यों में लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निश्चित है.

      उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ आपदा से बचाव के लिए लगातार रिव्यू किया जा रहा है तथा अभियंताओं एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा रहा है. सभी संबंधित  अभियंता एवं अधिकारी अलर्ट रहें तथा प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सुरक्षात्मक कार्य कराना सुनिश्चित करेंगे.

    उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा बेहद जरूरी है. संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील स्थलों की निगरानी की जाय. सरकार संभावित द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए सभी कार्य कराए जा रहे हैं.इसका सतत अनुश्रवण एवं निरीक्षण कराना सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी एवं अभियंता तत्परतापूर्वक अपने-अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें.

    इस क्रम में जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं वार्डवासियों से बातचीत कर पूर्व के बाढ़ एवं कटाव तथा संभावित बाढ़ से संबंधित जानकारी की गई। माननीय जनप्रतिनिधियों एवं वार्डवासियों द्वारा संभावित बाढ़ एवं कटाव को लेकर अपने-अपने सुझाव जिलाधिकारी को दिया गया.

      जिलाधिकारी द्वारा वार्डवासियों को आश्वस्त किया गया कि सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ एवं कटाव से बचाव के लिए कारगर कार्रवाई की जा रही है. सरकार एवं जिला प्रशासन एहतियातन सभी प्रकार की व्यवस्थाएं पुख्ता की जा रही है ताकि जानमाल की क्षति नहीं होने पाएं.

          जिलाधिकारी ने माननीय जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर आपके अपेक्षित सहयोग की आवश्यकता है. संवेदनशील स्थलों अथवा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सजग एवं सतर्क रखने की आवश्यकता है. उन्हें हमेशा अलर्ट रखा जाय.संभावित बाढ़ एवं कटाव के कारण जानमाल की क्षति नहीं हो, इसके लिए एहतियातन  सभी कारगर कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है. इस कार्य में माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जनता की सहयोग की अपेक्षा है.

           उन्होंने कहा कि नदियों में बिना अनुज्ञप्ति के बगैर नावों का परिचालन नहीं होने पाएं. नावों का परिचालन क्षमता के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाय. तेज प्रवाह के.मद्देनजर छोटी नावों के परिचालन पर रोक लगा दी जाये, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना नहीं रहे.

                  इस अवसर पर माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म सहनी एवं अन्य स्थानीय माननीय जनप्रतिनिधि सहित पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, एसडीएम, बगहा, श्रीमती अनुपमा सिंह,  जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री विपिन कुमार यादव,  बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल बगहा के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित बगहा-01 सीओ तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

सोमवार, 3 जुलाई 2023

रोम में पोंटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी में कैनन लॉ के प्रोफेसर फादर एलियास फ्रैंक

  बैंगलोर.रोम में पोंटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी में कैनन लॉ के प्रोफेसर फादर एलियास फ्रैंक (61साल) को सोमवार 3 जुलाई 2023 को परम पावन पोप फ्रांसिस ने आसनसोल धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया है.

     नवनियुक्त बिशप फादर एलियास फ्रैंक का जन्म 15 अगस्त 1962 को मैंगलोर धर्मप्रांत के शिशु जीसस पैरिश के बंटवाल में हुआ था. मोदनकैप के पैरिश स्कूल में स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, शिलांग के सेंट एंथोनी कॉलेज से उच्च माध्यमिक की पढ़ाई, 1983 में कोलकाता महाधर्मप्रांत (कलकत्ता) में शामिल हो गए.उनका माइनर सेमिनरी फॉर्मेशन बारासात में सेंट जॉन मैरी वियाननी सेमिनरी में हुआ था, दर्शनशास्त्र बैरकपुर में मॉर्निंग स्टार रीजनल सेमिनरी और रोम में पोंटिफिकल अर्बनियाना यूनिवर्सिटी में धर्मशास्त्र. उन्हें 23 अप्रैल 1993 को हावड़ा के आवर लेडी ऑफ हैप्पी वॉयेज चर्च में पुरोहित नियुक्त किया गया था.

    अपने पुरोहित अभिषेक के बाद, 1993 से 1995 तक, फादर इलियास फ्रैंक बर्दवान के सेक्रेड हार्ट चर्च में एक विकर पुरोहित थे.1995-1996 तक वह क्रिस्टो ज्योति चर्च, बसिंडा के प्रभारी पुरोहित थे, और 1996 से 1999 तक वह फिर से सेक्रेड हार्ट चर्च, बर्दवान में एक विकर पुरोहित थे.आसनसोल धर्मप्रांत के निर्माण के बाद, 2002 से 2003 तक वह लिसिएक्स पैरिश, दुर्गापुर के सेंट थेरेसी के पैरिश प्रशासक थे; और 2005 से 2006 तक वह सेक्रेड हार्ट चर्च, बर्दवान के पैरिश पुरोहित थे. वर्ष 2005-2006 के दौरान फादर एलियास ने कोलकाता के इंटर-डायोसेसन ट्रिब्यूनल में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया. 1999 से 2001 तक उन्होंने रोम में पोंटिफ़िकल अर्बनियाना विश्वविद्यालय में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की, और 2001-2002 में कैनन लॉ में लाइसेंस प्राप्त किया, न्यायशास्त्र में डिप्लोमा और 2003-2004 में कैनन लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की.

     डॉक्टर ऑफ कैनन लॉ ( लैटिन : ज्यूरिस कैनोनिकी डॉक्टर , जेसीडी ) रोमन कैथोलिक चर्च के कैनन कानून के अध्ययन में डॉक्टरेट स्तर की टर्मिनल डिग्री है. यह एंग्लिकन कॉलेजों द्वारा प्रदान की जाने वाली मानद उपाधि भी हो सकती है.इसे संक्षिप्त रूप में ICD या dr.iur.can भी कहा जा सकता है.( आईयूरिस कैनोनिकी डॉक्टर ), आईसीडीआर , डीसीएल , डीसीएनएल , डीडीसी , या डीसीएनएएल ( डॉक्टर ऑफ कैनन लॉ ).दोनों कानूनों (यानी कैनन और सिविल) का एक डॉक्टर एक जेयूडी है (ज्यूरिस यूट्रिस्क डॉक्टर ) या यूजेडी ( यूट्रिस्क ज्यूरिस डॉक्टर ).

      2007 से शुरू होकर अब तक वह उसी विश्वविद्यालय में कैनन लॉ संकाय में "चर्च के पवित्रीकरण कार्यालय" के प्रोफेसर रहे हैं. 2020 से वह एकेडेमाई अल्फोन्सियाना में विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे हैं.उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक पत्रिकाओं में दो पुस्तकें और कई लेख प्रकाशित किए हैं.उन्होंने लूस मिशनेल पत्रिका के संपादक, रोम के विक्टोरेट के फर्स्ट इंस्टेंस ट्रिब्यूनल के बाहरी न्यायाधीश, दिव्य पूजा और संस्कारों के अनुशासन के लिए डिकास्टरी के सलाहकार और डिकास्टरी में फेवरेम फिदेई विवाह मामलों के आयुक्त के रूप में कार्य किया है.आस्था का सिद्धांत.

 
आलोक कुमार

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