रविवार, 3 सितंबर 2023

मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश

 * जिलाधिकारी ने नाला रोड के निर्माणधीन नाले के कार्य प्रगति का किया स्थल निरीक्षण

* मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश

* वर्तमान सड़क को दो दिनों के अंतर्गत मोटरेबल बनाने का एजेंसी को दिया गया निर्देश


बिहार शरीफ । जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज बिहार शरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नाला रोड में निर्माणाधीन नए नाले के कार्य प्रगति का स्थल निरीक्षण किया।

      कार्यस्थल पर कुछ ही मजदूर पाए गए, जिसे लेकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त किया। उन्होंने कार्य करने वाले संवेदक को कल से कम से कम प्रतिदिन 100 मजदूरों को काम पर लगाकर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। स्मार्ट सिटी परियोजना के पदाधिकारियों को प्रतिदिन मजदूरों की उपस्थिति का रिपोर्ट करने का निर्देश दिया।

    V2 मॉल के पास दोनों तरफ से निर्माणधीन नाले को जोड़ा जाएगा, इसके लिए कुछ दिनों तक उस मार्ग में यातायात अवरुद्ध किया जायेगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यातायात अवरुद्ध करने से पहले मछली मार्केट जाने वाले मार्ग को दो दिनों के अंदर दुरुस्त कर मोटरेबल बनाएं। इस सड़क पर जहाँ तहाँ पाइपलाइन का पानी लीक होने के कारण कीचड़ की समस्या हो गई है, इसे भी अविलम्ब दुरुस्त करने को कहा गया।

     निरीक्षण के क्रम में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, स्मार्ट सिटी परियोजना के पदाधिकारी एवं संवेदक प्रतिनिधि उपस्थित थे।


आलोक कुमार 

का0 राजाराम गरीबों के लिए जीवन भर लड़ते रहे

  पटना। आज बिहार कांग्रेस ने भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता का0 राजाराम के निधन पर शोक व्यक्त की एवं उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, मोहन शर्मा, सुमन कुमार मल्लिक और मृणाल अनामय ने श्रद्धांजलि सभा में शिरकत कर स्व0 कामरेड राजाराम को श्रद्धांजलि दी।

            इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने श्रीनगर से भेजे अपने संदेश में कहा कि का0 राजाराम गरीबों के लिए जीवन भर लड़ते रहे और जब कभी भी गरीबों और किसानों के खिलाफ अन्याय होता था और उस अन्याय के विरूद्ध जहां कहीं भी आन्दोलन की सुगबुगाहट होती थी वहां का0 राजाराम मोर्चा संभाल लिया करते थे। उनकी कमी बिहार के गरीब, मजदूर और किसान को हमेशा खलेगी। गौर तलब है कि 73 वर्षीय का0 राजाराम का 1 सितम्बर,23 की रात्रि में निधन हो गया था। आज उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए माले कार्यालय में रखा गया था, जहां बिहार कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

आलोक कुमार

शनिवार, 2 सितंबर 2023

आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित



पूर्व मुख्यमंत्री स्व० दारोगा प्रसाद राय की जयंती पर मुख्यमंत्री ने उन्हें नमन किया

पटना. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व० दारोगा प्रसाद ने राय की जयंती के अवसर पर नया सचिवालय परिसर के समक्ष स्थित स्व० दारोगा प्रसाद राय जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

      इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री महेश्वर हजारी, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता, अनुसूचित जाति / जनजाति कल्याण मंत्री श्री रत्नेश सादा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, विधायक श्री राजकुमार सिंह, विधान पार्षद श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, विधान पार्षद श्रीमती कुमुद वर्मा, पूर्व मंत्री एवं स्व० दारोगा प्रसाद राय के सुपुत्र श्री चंद्रिका राय एवं उनके परिजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव श्री अरविंद कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने स्व० दारोगा प्रसाद राय जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

      इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती पूजन तथा बिहार गीत का गायन भी किया गया. कार्यक्रम के पश्चात् पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में इंडिया गठबंधन की खूब अच्छी मीटिंग हुई है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी पार्टी के नेताओं ने अच्छे तरीके से अपनी-अपनी बातें रखीं. हम सब एकजुट होकर आगे काम करेंगे. हमलोग आपस में चुनाव लड़ने को लेकर कल ही तय कर चुके हैं. केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ कराने से संबंधित खबरें मिल रही हैं, बहुत अच्छा है.

      पहले भी यह काम एक साथ होता था .ये क्या-क्या कर रहे हैं, ये तो देखना है लेकिन जनगणना का काम अभी तक क्यों नहीं करा रहे हैं? वर्ष 2021 में ही जनगणना का होना चाहिए था फिर क्यों नहीं कराया गया ? इन सब मुद्दे पर कल हम लोग चर्चा कर चुके हैं. वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब इस संबंध में वे संसद में प्रस्ताव लेकर आएंगे तब इस पर विस्तृत चर्चा होगी. उस समय एक–एक चीज पर बात होगी. मेरा पहले से ही यह संदेह रहा कि ये चुनाव समय से पहले करा सकते हैं.अब इन लोगों को विपक्षी दलों की एकजुटता से खतरा महसूस होने लगा है. जो काम केंद्र सरकार को करना चाहिए था वो कर नहीं रही है और क्या-क्या कर रही है वो तो देखना है.

             विपक्षी एकजुटता से केंद्र के लोग अब घबराहट में हैं.मीडिया पर इन लोगों का पहले से नियंत्रण है. कल जब हम लोग एकजुट हुए तो मीडिया के लोग भी काफी प्रसन्न थे. हमलोगों ने पत्रकारों से बातचीत भी की.सबको अच्छा लग रहा था. हमने कहा कि क्या गलत है क्या सही जो उचित है वह पहले लिखा करते थे, अब आजकल आप लोगों पर नियंत्रण है. यह ठीक नहीं है, ऐसा नहीं होना चाहिए.हम चाहते हैं कि आप सही चीज को समझें और लिखें, ये आपका  अधिकार है.

       ‘इंडिया’ गठबंधन में सीट शेयरिंग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई समस्या नहीं है। कल आपस में हमलोगों की पूरी बात हो चुकी है. अब इंटरनली बहुत जल्दी सब कुछ तय करके बताया जाएगा. हम लोग इसी महीने सब कुछ तय कर लेंगे. 2 अक्टूबर को बापू के जन्मदिन के अवसर पर पूरे देश में हम लोग कार्यक्रम करेंगे और एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे. बिहार में शिक्षकों के अवकाश को लेकर उपजे विवाद के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा- कहीं कोई विवाद नहीं है.हम सब लोग बच्चे-बच्चियों को पढ़ाना चाहते हैं तो इसमें बुराई क्या है? विभागीय अधिकारी जो अच्छा समझते हैं वही निर्णय लेते हैं। जो लोग इसपर सवाल खड़ा करते हैं उससे मुझे आश्चर्य होता है, किसी को कोई शंका है तो वे आकर बताएं, हम सबकी बात सुनेंगे । हम सबकी बात सुनते हैं और उनके हित में काम करते हैं। हम चाहते हैं कि बच्चे-बच्चियों की पढ़ाई समय पर हो.


आलोक कुमार


दारोगा बाबू कांग्रेस के सम्मानित नेता

 पटना । प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 दारोगा प्रसाद राय की
101वीं जयंती एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लहटन चौधरी की 20वीं पुण्यतिथि मनाई गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने किया ।

इस अवसर पर डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि दारोगा बाबू कांग्रेस के सम्मानित नेता थे और राज्य सरकार के लम्बे समय तक मंत्री एवं बाद में मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में पिछड़ो दलितों एवं अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कई योजनायें चलाई ।

       डॉ. झा ने कहा कि स्व0 लहटन चौधरी लम्बे समय तक राज्य सरकार में कृषि, राजस्व एवं स्वास्थ विभाग के मंत्री रहे। उन्होंने कहा कि वे जिस जिस विभाग के मंत्री रहे वहाँ उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी। लहटन चौधरी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे तथा सभी दायित्वों को उन्होंने ईमानदारी से निभाया।

       इस अवसर पर श्रद्धाँजलि अर्पित करने वालों में पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, प्रदेश महिला अध्यक्ष डॉ. सर्वत जहाँ फातिमा, नागेन्द्र विकल, अरविन्द लाल रजक, असफर अहमद, सुधा मिश्र, निधि पाण्डेय, डॉ. विनोद शर्मा, सुमन कुमार मल्लिक, सत्येन्द्र पासवान, मिथिलेश शर्मा मधुकर, प्रदुमन यादव, मिर्नाल अनामय, मोहम्मद शाहनवाज़, राहुल पासवान, फ़िरोज़ हसन, मो. अब्दुल बांकी, नीतू सिंह निषाद, संतोष उपाध्याय, मृत्युंजय कुमार सिंह, लाल बाबू केशरी आदि प्रमुख हैं।


आलोक कुमार

पूर्व सांसद को ' सबूत के अभाव में ' बरी करने के ट्रायल कोर्ट

 



* सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलट कर बढाया न्यायपालिका में भरोसा

* सत्ता संरक्षण से शहाबुदीन, पप्पू यादव, राजबल्लभ यादव, अनंत सिंह बने बाहुबली

* जो लोग कानून को रौंद कर राज करते थे, वे ही आज संविधान बचाने की बात कर रहे

* छपरा के दोहरे हत्याकांड ने ताजा की डरावने दौर की याद

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दोहरे हत्याकंड में सुप्रीम कोर्ट से उम्र कैद की सजा पाने वाले पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का संरक्षण प्राप्त था। श्री मोदी ने कहा कि 28साल पहले 1995में प्रभुनाथ सिंह ने छपरा के एक पोलिंग बूथ के पास दो व्यक्तियों को सिर्फ इसलिए गोली मार दी थी कि उन दोनों ने उन्हें वोट नहीं दिया था। उस समय बिहार में बाहुबली लोकतंत्र की नरेटी पकड़े हुए थे। 

      उन्होंने कहा कि उस भयावह हत्याकांड के समय लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे और सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में अभियुक्त प्रभुनाथ सिंह को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने का उल्लेख भी किया है। श्री मोदी ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद को ' सबूत के अभाव में ' बरी करने के ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों को पलटते हुए जो टिप्पणी की है, वह याद दिलाती है कि लालू-राबड़ी राज में सत्ता ने पुलिस, गवाह, सरकारी वकील (पीपी) और अदालत तक को कैसे बेमानी कर दिया गया था। 

     उन्होंने कहा कि दोहरे हत्याकांड का मुकदमा चलने पर मुख्य गवाह और मृतक की माँ लालमुनी देवी को अगवा कर लिया गया था। दूसरे गवाहों को डरा कर प्रभुनाथ सिंह ने अपने पक्ष में कर लिया था और सरकारी वकील अभियुक्त की सहायता कर रहा था। श्री मोदी ने कहा कि इसी मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट में जज के सामने गवाहों पर हमला हुआ, लेकिन जज साहब ने मामला दर्ज करने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के संरक्षण से शहाबुदीन, पप्पू यादव, राजबल्लभ यादव, अनंत सिंह, आनंद मोहन, मुन्ना शुक्ला जैसे कई लोग बाहुबली बने और बिहार की छवि धूमिल हुई। श्री मोदी ने कहा कि जो लोग कानून को रौंद कर चुनाव जीतते और राज करते थे, वे ही आज लोकतंत्र और संविधान बचाने की बात कर रहे हैं।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 1 सितंबर 2023

आजकल मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत सुर्खियों में

 

मुजफ्फरपुर.आजकल मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत सुर्खियों में है.उत्तर प्रदेश में सिरो-मालाबार कैथोलिक गोरखपुर धर्मप्रांत मेंं धाक जमाने के बाद बिहार प्रदेश मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत में प्रवेश कर गया है.मालूम हो कि रोमन कैथोलिकों में 3 उपश्रेणियाँ है.लैटिन कैथोलिक, सिरो-मालाबार कैथोलिक और सिरो- मलंकारा कैथोलिक रीते है.

सिरो-मालाबार चर्च भारत के दो पूर्वी कैथोलिक चर्चों में से एक है, दूसरा सिरो-मलंकारा कैथोलिक चर्च है जो पुथेनकूर के गुट का प्रतिनिधित्व करता है जो 1930 में रोम के होली सी के साथ पूर्ण सहभागिता में लौट आया था.सिरो-मालाबार चर्च दूसरा सबसे बड़ा पूर्वी कैथोलिक चर्च है, जिसके दुनिया भर में चार मिलियन से अधिक सदस्य हैं. इसकी उत्पत्ति 52 ईस्वी में भारत के केरल में सेंट थॉमस के आगमन से मानी जाती है. भारत, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में सिरो-मालाबार अधिवेशन हैं.

कहा जाता है कि सिरो-मालाबार परिवारों का मानना ​​है कि वे उच्च जाति के ब्राह्मण परिवारों के वंशज हैं जिन्हें स्वयं सेंट थॉमस ने परिवर्तित किया था.ईसाई आमतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय से हैं.अब केरल रोमन कैथोलिकों की 3 उपश्रेणियाँ हैं: लैटिन कैथोलिक, सिरो मालाबार कैथोलिक और सिरो मलंकारा कैथोलिक. इनमें से केवल लैटिन कैथोलिकों को अल्पसंख्यक लाभ मिलता है जबकि बाकी ओबीसी श्रेणी के हैं.

मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत में गोरखपुर धर्मप्रांत का प्रवेश हो गया है.इसका मतलब है कि यहां पर दो बिशपों का राज्य स्थापित हो गया है.फिलवक्त गोरखपुर धर्मप्रांत का बिशप का राज्य दरभंगा पल्ली में हो गया है.चर्चा है कि कुछ दिनों के बाद सिवान पल्ली में राज्य स्थापित होगा.

इस बीच गोरखपुर धर्मप्रांत में रहने वालों ने जानकारी दी है.बताया कि बेतिया धर्मप्रांत के बेतियान्वी गोरखपुर में रहते है.गोरखपुर उत्तर प्रदेश में है. यहां पर बेतिया के दर्जनों परिवार रहते हैं. उनमें इग्नासियुस माइकल भी रहते हैं,जो अपने आपको फादर अरुण और श्री पास्कल पीटर (बिशप काजिटन के बड़े भाई), सन्नू सर का करीबी रिश्तेदार कहते है.

उन्होंने कहा कि पटना सिटी में इन्फेंट जीसस स्कूल के डायरेक्टर पास्कल पीटर (सन्नू सर) है. जो कुर्जी क्रिश्चियन कॉलोनी में रहते हैं. वह मेरे समधि हैं.फादर अरुण अब्राहम मेरे अपने मौसेरे भाई हैं.स्व.फादर सुशील साह, मेरे मामा थे.यहां पर बेतिया वाले बहुत ज्यादा है.

आगे इग्नासियुस माइकल कहते है कि एक बड़े भू-भाग में सीएनआई (क्रिश्चियन)रहते हैं.ये है धर्मपुर, पादरी, चारगांव, गोलघर. रोमन कैथोलिकों का 95 घर होगा.कुल मिलाकर यहां दो सौ से अधिक घर है.

उन्होंने कहा कि गोरखपुर धर्मप्रांत है.यहां अधिकतर सीएनआई ईसाई रहते हैं.रोमन कैथोलिक भी आपस में जुड़े हुए हैं.हालांकि बिहार के लोग कम ही जानते हैं कि गोरखपुर धर्मप्रांत सीएसटी (केरल) के अंतर्गत है.इस समय भारत का कैथोलिक चर्च तीन धार्मिक चर्चों से बना है. लैटिन संस्कार (सीसीबीआई) और दो पूर्वी संस्कार - सिरो-मालाबार और सिरो-मलंकारा चर्च - मिलकर सीबीसीआई बनाते हैं, जो भारत में कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च संस्था है.

बता दे कि सिरो-मालाबार की बुनियाद केरल में है.यहां से सिरो-मालाबार का प्रसार गुजरात,मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में धड़ल्ले से हुआ है.इस समय गोरखपुर धर्मप्रांत का प्रसार मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के दरभंगा पल्ली में हो गया है.


आलोक कुमार


हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला

पटना.दीघा विधानसभा अंतर्गत पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश मुखिया जी के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला गया. 

        राजधानी पटना में नीलेश मुखिया हत्याकांड के खिलाफ आज कैंडल मार्च निकाला गया.पत्नी सुचित्रा देवी के साथ सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक कैंडल मार्च में शामिल रहे. इस मार्च में दीघा के बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया भी मौजूद रहे.वार्ड नं.22ए की वार्ड पार्षद सुशीला कुमारी भी मौजूद थी.अधिकांश समर्थकों के हाथों में तख्ती थी, जिस पर लिखा हुआ था. वी-वांट-जस्टिस.पप्पू, धप्पू, और गोरख को गिरफ्तार करो.नीलेश के समर्थकों और पत्नी की मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो.

     नीलेश कैंडल मार्च पार्षद कार्यालय से शुरू होकर टेलीफोन एक्सचेंज होते हुए पॉलीटेक्निक मोड़ से होकर,कुर्जी मोड़, कुर्जी पुल, बालूपर तक जाकर पार्षद कार्यालय पहुंचा.वार्ड नं०  22 बी की वार्ड पार्षद सुचित्रा देवी और तमाम आम जनमानस के साथ कैंडल मार्च में शामिल हुआ.और सरकार से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने का आदेश निर्गत करने को कहा गया. RJD से दोषियों की मिलीभगत होने के कारण दोषियों को संरक्षण देना कतई सही नहीं है.सरकार को जल्द से जल्द नीलेश मुखिया को इंसाफ दिलाना ही पड़ेगा.


पार्षद पति नीलेश मुखिया हत्या मामले को लेकर दीघा 22बी की पार्षद सुचित्रा सिंह और उनके हजारों समर्थकों ने शुक्रवार को प्रशासन और सरकार पर नामजद आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला.इस मौके पर मृतक मुखिया के इंसाफ और न्याय की मांग को लेकर महिलाओं और पुरुषों ने दीघा पार्षद पति के आवास से कुर्जी स्थित कार्यालय तक हाथों में कैंडल और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के तख्ती को हाथो में लेकर समर्थक नजर आए .

     परिजनों ने कहना था कि  यूपी में यदि ऐसा होता तो आरोपियों के घर पर बुलडोजर चल जाता ,दरअसल नामजद आरोपी पप्पू राय, धप्पू राय और गोरख राय नामजद अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. घटना को एक महीना का वक्त बीत गया है,वही पुलिस इस मामले में एक  लाइनर ,एक शूटर को गिरफ्तार कर अपना पीठ थप थपा रही है.

       बता दें बीते 31 जुलाई को पार्षद पति सह बीजेपी नेता नीलेश मुखिया को अपराधियों ने ताबड़तोड़ 7 गालियां मार घायल किया था.1 अगस्त को उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स ले जाया गया था.जिनका पटना सहित दिल्ली के एम्स में लगभग 23 दिनों तक इलाज चला . 23 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली थी.उन्हें हार्ट अटैक भी आया था.24 अगस्त को पंचतत्व में विलीन हो गए.31सितंबर को डुगडुगी बजाकर नामजद पप्पू,धप्पू और गोरख के नाम से अलग इश्तेहार नामजद अभियुक्तों के मकान पर चस्पा किया.तीनों सहोदय भाई है.तीनों स्व.महेंद्र राय के पुत्र हैं.आज 1 सितंबर को कैंडल मार्च निकाला गया.

       पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया है कि कोई भी अपराधी बच नहीं सकेगा. उन्होंने बताया कि इस मामले के नामजद आरोपियों को आत्मसमर्पण करने को लेकर पटना पुलिस ने न्यायालय से कुर्की जब्ती का वारंट लिया है, यदि आरोपी समर्पण नही करते उनके घरों पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.


आलोक कुमार

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