शनिवार, 23 सितंबर 2023

युक्त कर्मचारी समन्वय समिति ने 35 मांगों की एक विस्तृत सूची पेश

 पटना नगर निगम कर्मी हड़ताल पर 

पटना.पटना नगर निगम की संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति ने 35 मांगों की एक विस्तृत सूची पेश की है. इनमें अनुबंध कर्मचारियों के लिए नियमित होने तक समान वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी की समय पर जमा राशि, सेवानिवृत्त दिहाड़ी मजदूरों के लिए बीमा लाभ, काम के घंटे, अधिक छुट्टी, बेहतर वर्दी और सुरक्षा उपकरण शामिल हैं.

  मालूम हो कि पटना नगर निगम में 75 वार्ड है.इस पटना नगर निगम को 6 अंचल में विभक्त किया गया है. 6 अंचल में दैनिक वेतन भोगी मजदूरों की संख्या करीब 4500 हैं. वहीं आउटसोर्सिंग पर करीब 1500 मजदूर सफाई का कार्य करते हैं.पटना नगर निगम चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ ने रविवार को आम सभा कर कहा कि जबतक मांगें मानी नहीं जाती है, तबतक हड़ताल जारी रहेगी. संघ के महासचिव नंद किशोर दास ने बताया कि हड़ताल में निगम के स्थायी सफाई कर्मी भी शामिल हैं. 

   इस बीच बिहार में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं. बीते बुधवार को ही 300 से ज्यादा डेंगू के मामले मिले थे. इस बीच एक टेंशन बढ़ाने वाली खबर भी सामने आई है. दरअसल पटना नगर निगम (पीएमसी) में ठेके पर काम करने वाले कांट्रेक्चुअल स्टाफ (ठेके पर काम करने वाले) हड़ताल पर है. गुरुवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल बुलाई. इसका भी पटना नगर निगम पर कोई असर नहीं हुआ. नगर निगम ने स्वच्छता के काम के लिए अपने स्थायी कर्मचारियों पर दबाव डाला. साथ ही स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया. पीएमसी ने हड़ताल के पहले दिन सार्वजनिक कार्यों में बाधा डालने के लिए 25 आउटसोर्स कर्मचारियों को भी हटा दिया.

  पटना नगर निगम में स्वच्छता कार्य के लिए कुल 8000 श्रमिक है. इनमें से लगभग 20 फीसदी श्रमिक अपनी नौकरी के नियमितीकरण और उनके वेतन में वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. यह हड़ताल ऐसे समय में हुई है, जब पीएमसी को डेंगू के खतरे से निपटना है.इसमें नियमित रूप से फॉगिंग के साथ-साथ लार्वासाइड का छिड़काव भी शामिल है. डेंगू के अलावा, त्योहारों का मौसम भी आ रहा है. यहां तक कि केंद्र की एक टीम के सितंबर के अंत में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए शहर का दौरा करने की उम्मीद है.

   नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पाराशर ने कहा कि स्थिति की जटिलता को समझते हुए उन्होंने पटना नगर निगम को 19 क्षेत्रों में विभाजित करते हुए 19 टीमों का गठन किया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि काम सुचारू रूप से चल रहा है. उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक कार्यों में बाधा डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. कचरा इकट्ठा करना हो, सड़कों की सफाई हो या फॉगिंग और लार्विसाइड का छिड़काव हो, सब कुछ किया जा रहा है। यहां तक कि निगरानी भी की जा रही है.‘ उन्होंने कहा कि पीएमसी ने हड़ताल पर बैठे श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ तीन दौर की बातचीत की है. बैठक में ये संकेत दिया गया था कि हड़ताल वापस ले ली जाएगी, लेकिन हड़ताल वापस नहीं ली गई.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 22 सितंबर 2023

पितृपक्ष मेला में कोई हताहत ना हो

 गया। इस वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2023 के अवसर किये गए तैयारी का जायजा लेने ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने सीता कुंड पहुँचे। कार्यपालक अभियंता गया जी डैम में बताया कि पिछले रात से काफी अच्छी वर्षा हुई है, जिसके कारण पानी का बहाव बढ़ा है। वर्तमान समय मे 10 फ़ीट पानी मौजूद है।

      पितृपक्ष मेला में कोई हताहत ना हो, इसे लेकर वरीय उप समाहर्ता आपदा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 25 सितंबर तक पूरी मजबूती के साथ सीता कुंड - पंचदेव घाट- सीता पथ - डैम की ओर एवं शमशान घाट- गजाधर घाट-देवघाट होते हुए डैम के लास्ट बिंदु तक पूरी मजबूती से बैरिकेटिंग करवाये साथ ही बैरिकेटिंग के ऊपर गहरा पानी है, आगे ना जाएं इत्यादि फ्लेक्स बैनर के माध्यम से प्रदर्शित करवाये। मेला अवधि में लगातार एसडीआरएफ एक गोताखोर को नाव सहित प्रतिनियुक्ति रखे। कोई घटना न हो, इसका पूरा ऐतिहात बरते।

         सीता पथ पर किये जा रहे मिथिला पेंटिंग को भी देखा। बताया गया कि भारत का सबसे लंबा यह मिथिला पेंटिंग है। सीता पथ पर कुल 600 मीटर में यह मिथिला पेंटिंग बन रही है। 27 सितंबर तक पेंटिंग का कार्य पूर्ण कर ली जाएगी। माँ सीता के सम्बंध में पूरा पेंटिंग के माध्यम से जिबनी को दिखाने का कार्य किया गया है, माँ सीता कैसे तर्पण करने गया जी के सीता कुंड तक आये इत्यादि सभी चीजें पेंटिंग से दर्शाया गया है।

          ज़िला पदाधिकारी ने बताया कि यह पेंटिंग बनने से घाट की खूबसूरती और बढ़ गयी है। इस पेंटिंग को सालो साल सुरक्षित रखने के लिये पहल किया जाना आवश्यक है। ज़िला पदाधिकारी ने सुझाव दिया कि एलईडी पट्टी वाली लाइट, पूरे पेंटिंग वॉल के नीचे नीचे समानांतर लगाने से रात्रि में भी पेंटिंग काफी खूबसूरत दिखेगी। इसके अलावा और क्या किया जा सके जिससे पेंटिंग सुरक्षित रह सके इसपर प्लान सोचने को कहा।  इसके उपरांत सीता कुंड में लगे विभिन्न नल के टैप को खोल कर देखा, जहां बंद था, उसे तुरंत ठीक करने को कहा। साफ सफाई को और दुरुस्त करने को कहा।

    इसके उपरांत पितृपक्ष मेला के दौरान बनाए जाने वाले विभिन्न पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया। केंदुई पार्किंग स्थल में निरीक्षण के दौरान पहुंच पथ एवं पार्किंग ग्राउंड समतल नहीं रहने पर उन्होंने अपर समाहर्ता तथा जिला परिवहन पदाधिकारी को संयुक्त रूप से टीम बनाकर सभी पार्किंग स्थलों को समतल कराने तथा पार्किंग स्थलों में पर्याप्त टॉयलेट, स्नानघर, वाहन चालकों को बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध रहे, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थोड़ी बहुत वर्षा होने के कारण यदि पार्किंग स्थल में कीचड़ या जलजमाव की स्थिति है तो स्टोन डस्ट डलवा कर समतल करवाये। उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जेसीबी तथा ट्रैक्टर का अलग-अलग टीम बनाकर सभी पार्किंग स्थलों पर व्यवस्था करवाये। इसके उपरांत उन्होंने गया कॉलेज खेल परिसर तथा कोरला हॉस्पिटल पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया।

     केंदुई में असम नागालैंड से आये हुए तीर्थयात्रियों से मिला, उनसे गया जी के बारे में फीडबैक लिया। काफी सकारात्मक एवं सरकार सहित प्रशासन का भी काफी खुशी प्रकट किया। यात्रियों ने बताया कि पितृपक्ष मेला के पहले ही काफी सारी व्यवस्थाएं हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए की जा रही है जो काफी अच्छी पहल है। जिला पदाधिकारी ने भी उन सभी यात्रियों को धन्यवाद दिया और अच्छे से तर्पण किए जाने के भी जानकारी लिया।

    निरीक्षण के क्रम में पंचायती अखाड़ा से तुतवाड़ी भाया चंदेश्वर जनता कॉलेज दुखहरनी मंदिर वाली सड़क, गया बोधगया केंदुई के पास सड़क, चांद चौरा रोड, पिता महेश्वर से कोइरीबारी सड़क, स्टेशन से बैरागी होते हुए रामशिला प्रेतशिला वाली सड़क खराब देखी गयी। ज़िला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरसीडी को निर्देश दिया कि अबिलम्ब उक्त सड़को को ठीक करवाये।

आलोक कुमार


ज़िला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरसीडी को निर्देश

 गया। इस वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2023 के अवसर किये गए तैयारी का जायजा लेने ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने सीता कुंड पहुँचे। उसके पश्चात विभिन्न पार्किंग स्थानों का निरीक्षण किये।

     केंदुई में असम नागालैंड से आये हुए तीर्थयात्रियों से मिला, उनसे गया जी के बारे में फीडबैक लिया। काफी सकारात्मक एवं सरकार सहित प्रशासन का भी काफी खुशी प्रकट किया। यात्रियों ने बताया कि पितृपक्ष मेला के पहले ही काफी सारी व्यवस्थाएं हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए की जा रही है जो काफी अच्छी पहल है। जिला पदाधिकारी ने भी उन सभी यात्रियों को धन्यवाद दिया और अच्छे से तर्पण किए जाने के भी जानकारी लिया।

    निरीक्षण के क्रम में पंचायती अखाड़ा से तुतवाड़ी भाया चंदेश्वर जनता कॉलेज दुखहरनी मंदिर वाली सड़क, गया बोधगया केंदुई के पास सड़क, चांद चौरा रोड, पिता महेश्वर से कोइरीबारी सड़क, स्टेशन से बैरागी होते हुए रामशिला प्रेतशिला वाली सड़क खराब देखी गयी। ज़िला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरसीडी को निर्देश दिया कि अबिलम्ब उक्त सड़को को ठीक करवाये।


आलोक कुमार

गुरुवार, 21 सितंबर 2023

रैम्प का निर्माण कराया गया

 

जिलाधिकारी ने सेमरा के नवनिर्मित रेफरल अस्पताल एवं थाना का किया औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने आज बगहा-02 प्रखंड के सेमरा स्थित नवनिर्मित रेफरल अस्पताल एवं थाना का औचक निरीक्षण किया

सेमरा. पश्चिम चंपारण में है सेमरा.नवनिर्मित रेफरल अस्पताल, सेमरा दो तल पर स्थित है। मरीजों की सुविधा   के लिए  रैम्प का निर्माण कराया गया है। दोनों ही तल पर रिसेप्शन काउंटर बना हुआ है। विभिन्न प्रकार के अलग-अलग रूम निर्मित पाए गए। कमरों की पहचान  के लिए  साईनेजेज लगे हुए पाए गए।

 निरीक्षण के दौरान उपस्थित एमओआईसी द्वारा बताया गया कि बिजली की सुविधा नहीं रहने के कारण, सुचारू रूप से अस्पताल प्रारम्भ नहीं हो पाया है। पृच्छा के क्रम में बताया गया कि जनरेटर भी उपलब्ध नहीं है। मानव संसाधन के संदर्भ में बताया गया कि समीप के संस्थानों से प्रतियुक्ति करके संचालित कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को अविलंब प्रावधानों के आलोक में पहल करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अस्पताल परिसर तथा समूचे अस्पताल की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने  के लिए  निर्देशित किया गया। इस अवसर पर एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह, एएसडीएम, बगहा, श्री सरफराज नवाज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार


सिवागंगाई धर्मप्रांत के नवनियुक्त धर्माध्यक्ष लूर्दू आनन्दम

 सिवागंगाई धर्मप्रांत के नवनियुक्त धर्माध्यक्ष लूर्दू आनन्दम 


तमिलनाडु. सिवागंगाई धर्मप्रांत के नवनियुक्त धर्माध्यक्ष लूर्दू आनन्दम मदुराई महाधर्मप्रांत के पुरोहित हैं और इस समय पवित्र रोजरी पल्ली के पल्ली पुरोहित के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं.नवनियुक्त धर्माध्यक्ष लूर्दू आनन्दम का जन्म 15 अगस्त 1958 को सिवागंगाई धर्मप्रांत के तिरूवरंगम में हुआ था. मदुराई के अरूल अनन्दर कॉलेज से दर्शनशास्त्र की पढ़ाई के बाद, उन्होंने तिरूचिरापल्ली के संत पौल सेमिनरी से ईशशास्त्र की पढ़ाई की. बाद में, जर्मनी के फ्रेईबर्ग स्थित अल्बर्ट लुदविग युनिवर्सिटी से डॉक्ट्रेट की उपाधि हासिल की.नवनियुक्त धर्माध्यक्ष लूर्दू आनन्दम का पुरोहिताभिषेक 6 अप्रैल 1986 को मदुराई महाधर्मप्रांत के लिए हुआ.

सेंट बेनेडिक्ट मठ अरुल नगर, करुंगलाकुडी, चोलापुरम सिवागंगाई .यह मदुरै महाधर्मप्रांत था.उसके बाद मदुरै महाधर्मप्रांत को पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 3 जुलाई 1987 को विभाजित कर सिवागंगाई धर्मप्रांत का निर्माण करने का आदेश दिया.सिवागंगाई  धर्मप्रांत की स्थापना 25 जुलाई 1987 हो गई.सिवागंगाई धर्मप्रांत के प्रथम बिशप एस.एडवर्ड फ्रांसिस डीडी थे.उनके बाद दूसरे बिशप डॉ. जेबामलाई सुसैमानिकम डीडी बने.

प्रेरितिक प्रशासक स्टीफन एंटनी पिल्लई

सिवागंगाई धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक स्टीफन एंटनी पिल्लई का जन्म 25 सितंबर 1945 को हुआ था.उनका पुरोहिताभिषेक 27 जनवरी 1971 को हुआ था.उनका एपिस्कोपल ऑर्डिनेशन 15 मई 2005 को हुआ.

सेंट बेनेडिक्ट मठ अरुल नगर, करुंगलाकुडी, चोलापुरम सिवागंगाई .यह मदुरै महाधर्मप्रांत था.उसके बाद मदुरै महाधर्मप्रांत को पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 3 जुलाई 1987 को विभाजित कर सिवागंगाई  धर्मप्रांत का निर्माण करने का आदेश दिया.सिवागंगाई धर्मप्रांत की स्थापना 25 जुलाई 1987 हो गई.सिवागंगाई धर्मप्रांत के प्रथम बिशप एडवर्ड फ्रांसिस डीडी थे.दूसरे बिशप डॉ. जेबामलाई सुसैमानिकम डीडी बने.उनके बाद सन्त पापा फ्राँसिस ने तमिल नाड स्थित सिवागंगाय धर्मप्रान्त के प्रेरितिक प्रशासक धर्माध्यक्ष डॉ. जेबामलाई सुसैमानिकम डीडी द्वारा प्रस्तुत त्याग पत्र को स्वीकार कर लिया है। 

बिशप एमेरिटस डॉ. जेबामलाई सुसैमानिकम डीडी 

अब सिवागंगाई धर्मप्रांत के बिशप एमेरिटस डॉ. जेबामलाई सुसैमानिकम डीडी के व्यक्तिगत विवरण जान लें. उनका जन्म 25 सितम्बर 1945 को हुआ था.उनका पुरोहिती दीक्षा 27 जनवरी 1971को हुआ था. एपिस्कोपल ऑर्डिनेशन15 मई 2005 को हुआ था.

आलोक कुमार


पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 भोला पासवान शास्त्री की 109 वीं जयन्ती

 पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 भोला पासवान शास्त्री की 109 वीं जयन्ती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री श्री कृपानाथ पाठक ने की। 

सर्वप्रथम स्व0 भोला पासवान शास्त्री के तैल चित्र पर कांग्रेस नेताओं ने माल्यापर्ण किया। इस अवसर पर स्व0 भोला पासवान शास्त्री के प्रति श्रद्धाँजलि अर्पित करते हुए पूर्व मंत्री श्री कृपानाथ पाठक ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री, बिहार के ही नहीं, बल्कि देश के बड़े कद्दावर नेता थे। वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे एवं इन्दिरा गाँधी के कार्यकाल में केन्द्रीय मंत्री भी थे। श्री  पाठक ने कहा कि स्व0 भोला पासवान शास्त्री की इमानदारी.कृतज्ञ परायणता एवं देशभक्ति की मिशाल देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

आज कृतज्ञ देश स्व0 शास्त्री के देश निर्माण में योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करती है। इस अवसर पर विधान परिषद् में कांग्रेस दल के नेता  डा0 मदन मोहन झा ,विधान पार्षद प्रेम चन्द्र मिश्रा, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़,  ब्रजेश प्रसाद मुनन, लाल बाबू लाल, आलोक हर्ष, सुबोध कुमार, डॉ. संजय कुमार यादव, डॉ. बिनोद शर्मा,  रीता सिंह, मोहन शर्मा, अरबिंद लाल रजक,  मृणाल अनामय, नीतू सिंह निषाद, प्रदुमन कुमार यादव, हसीब खान, राहुल पासवान, विश्वनाथ बैठा, सत्येन्द्र पासवान, गोरख नाथ, मिहिर झा, विमलेश तिवारी, यशवंत कुमार चमन, अब्दुल बक्सी, वसीम अहमद, इंद्र मोहन झा, विकाश कुमार, महेश यादव, डॉ. जवाहर लाल चौधरी, रमाशंकर पाण्डेय ने भी स्व0 भोला पासवान शास्त्री के चित्र पर माल्यापर्ण किया।


आलोक कुमार

 

बुधवार, 20 सितंबर 2023

दिक्कत है कि ये लोग तो लागू करेंगे नहीं: मुख्यमंत्री

 

पटना । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत की। महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा इसका क्रेडिट लेने के पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो शुरू से ही महिला आरक्षण के पक्षधर रहे हैं। संसद में मेरा दिया गया भाषण देख लीजिए। संसद और विधानसभा सब जगह महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन दिक्कत है कि ये लोग तो लागू करेंगे नहीं।

      यह तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। हर 10 साल पर जनगणना होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। यह हमेशा समय पर होना चाहिए। हमने कहा कि इसमें जाति आधारित गणना भी होनी चाहिए। महिलाओं को सबसे पहले 50 प्रतिशत का आरक्षण हमने ही दिया। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में और वर्ष 2007 में नगर निकायों में हमने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। हमने बड़ी संख्या में बहाली भी शुरू की। प्रारंभिक शिक्षक नियोजन में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण हमने दिया। बाद में सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत सीट आरक्षित कर दी गई। पुलिस में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया ।

    आज बिहार में पुलिस में जितनी भागीदारी महिलाओं की है उतनी देश में कहीं नहीं है। स्वयं सहायता समूह में बड़ी संख्या में महिलाएं जीविका दीदियों के माध्यम से शामिल हुईं। महिलाओं के लिए बिहार में काफी काम किए गए हैं। हमारी मांग है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलना चाहिए । मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से वर्ष 2012-13 तक हम मुख्य सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में 9:30 बजे आया करते थे, अभी अपने आवासीय कार्यालय से ही कार्य का निष्पादन करते हैं। हमें जानकारी मिली है कि सचिवालय में लोग अपने कार्यालय देर से आ रहे हैं तो हम इसका निरीक्षण करने आए हैं। अब हम सप्ताह में तीन दिन मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय और दो दिन मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित कार्यालय आएंगे और निरीक्षण करेंगे, उसके बाद अपने आवासीय कार्यालय में बैठेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ मौजूद थे।


आलोक कुमार

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