बुधवार, 15 नवंबर 2023

आचार्य विनोबा जी को उनकी 41 जयंती पर श्रद्धांजलि

'जय जगत' का नारा देने वाले भारत रत्न आचार्य विनोबा है

आज भी नारा जयघोष करने वाले कहते है 'जय जगत' का नारा है सारा संसार हमारा है

आचार्य विनोबा जी को उनकी 41 जयंती पर श्रद्धांजलि

         जन्म 11 सितंबर 1895- निधन 15 नवंबर 1982)

आज आचार्य विनायक नरहरि भावे उर्फ विनोबा भावे की पुण्यतिथि है.उनका जन्म बंबई के दक्षिण में गागोडे गांव में 11 सितंबर 1895 एक उच्च कोटि के चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था.

भावे भूदान यज्ञ ("भूमि-उपहार आंदोलन") के संस्थापक थे.एक उच्च जाति के ब्राह्मण परिवार में जन्मे, उन्होंने 1916 में अहमदाबाद के पास साबरमती में गांधी के आश्रम (तपस्वी समुदाय) में शामिल होने के लिए अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी.गांधी की शिक्षाओं ने भावे को भारतीय ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित तपस्या पूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया.  भूदान आंदोलन 1950 में भूमि व्यवस्था सुधार के उद्देश्य से शुरू किया गया एक आंदोलन था। इसे रक्तहीन आन्दोलन के नाम से भी जाना गया। संपूर्ण उत्तर: भूदान आंदोलन का उद्देश्य बड़ी मात्रा में भूमि रखने वाले अमीर लोगों को अपनी भूमि का कुछ हिस्सा स्वेच्छा से भूमिहीन लोगों को देने के लिए राजी करना था।    विनोबा भावे सर्वोदय आंदोलन एवं भूदान आंदोलन के प्रणेता के रूप में परिचित विनोबा भावे ने सर्वोदय समाज के स्थापना की.भूदान आन्दोलन संत विनोबा भावे द्वारा सन् 1951 में आरम्भ किया गया था. यह स्वैच्छिक भूमि सुधार आंदोलन था.विनोबा की कोशिश थी कि भूमि का पुनर्वितरण सिर्फ सरकारी कानूनों के जरिए नहीं हो, बल्कि एक आंदोलन के माध्यम से इसकी सफल कोशिश की जाए.    जमीन जुटाने के लिए विनोबा ने जमींदारों से बात की और उससे प्रभावित होकर रामचंद्र रेड्डी ने अपनी सौ एकड़ जमीन दान दे दी. इसी घटना से प्रेरित होकर उनके मन में भूदान आंदोलन शुरू किया जो महाराष्ट्र में विशेष तौर पर सफल रहा. उन्होंने 13 लाख गरीब किसानों के लिए 44 लाख एकड़ जमीन हासिल की.

विनोबा भावे  एक भारतीय राष्ट्रवादी और समाज-सुधार नेता थे.भावे का सबसे उल्लेखनीय योगदान भूदान (भूमि उपहार) आंदोलन का निर्माण था.      आंदोलन का मुख्य उद्देश्य इसके नाम, "भूदान" या भूमि का उपहार में निहित है। इसका उद्देश्य भूस्वामियों को अपनी भूमि का एक छोटा सा हिस्सा स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रेरित करके भूमिहीन किसानों के बीच भूमि वितरित करना था, जिससे अमीर और गरीब के बीच की खाई कम हो सके.      15 नवंबर 1982 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी. वे 87 साल 2 महीना 4 दिन के थे.उनके अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने मास्को यात्रा तक स्थगित कर दी थी. विनोबा को 1958 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से नवाजा गया था. उनकी मृत्यु के अगले साल ही उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

आलोक कुमार

 

सदाकत आश्रम में मनाई गई पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष स्व. सीताराम केसरी की जयंती

 


सदाकत आश्रम में मनाई गई पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष स्व. सीताराम केसरी की जयंती


पटना।बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. सीताराम केसरी की 104वीं जयंती पर उनके तैल चित्र पर कांग्रेसजनों ने पुष्पांजलि अर्पित की।जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता नेता बिहार विधान परिषद कांग्रेस दल डॉ मदन मोहन झा ने की।


इस अवसर पर डॉ मदन मोहन झा ने स्व. सीताराम केशरी के व्यक्तिव और कृतित्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केशरी जी बिहार की धरती से राष्ट्रीय राजनीति में सबसे बड़े दल के अध्यक्ष तक का सफर तय किया। वे बिहार कांग्रेस के भी अध्यक्ष रहे। वे केन्द्रीय मंत्री के साथ-साथ कांग्रेस के विभिन्न पदों को भी सुशोभित किया। कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों में उनके प्रति विशेष सम्मान था। स्व. केसरी ने जीवनपर्यंत कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत किया और गांधीवादी जीवन शैली के पक्षधर रहे।


स्व. सीताराम केसरी की 104वीं जयंती कार्यक्रम में डॉ मदन मोहन झा के अलावे ब्रजेश पाण्डेय, लाल बाबू लाल, ब्रजेश प्रसाद मुनन, निर्मल वर्मा, सरवत जहाँ फातिमा, उमेश कुमार राम, डॉ. विनोद शर्मा, अखिलेश्वर सिंह, निधि पाण्डेय, मिथिलेश शर्मा मधुकर, विमलेश तिवारी, विश्वनाथ बैठा, मृगेंद्र कुमार सिंह, राजेश मिश्रा, सुदय शर्मा, चितरंजन कुमार, मनीष कुमार सिन्हा, अब्दुल बकी सज्जन सहित अन्य प्रमुख नेतागण उपस्थित रहें।



आलोक कुमार

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

 छठ घाटों सहित आने-जाने वाले मार्गों की करिए समुचित साफ-सफाई : जिलाधिकारी

घाटों एवं आने-जाने वाले रास्ते में पर्याप्त रोशनी, खतरनाक घाटों की बैरिकेडिंग, घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, मेडिकल टीम आदि की व्यवस्था करें सुनिश्चित

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

छठ महापर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर की जा रही तैयारियों की आज जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा समीक्षा की गयी

  बेतिया। पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि पूर्व के पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने में सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व 17 नवंबर को नहाय खाय से प्रारंभ होकर 18 नवंबर को खरना, 19 नवंबर को भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य (संध्या कालीन) एवं 20 नवंबर को द्वितीय अर्घ्य (प्रातःकालीन) के साथ सम्पन्न होगा।

        महापर्व छठ को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कृतसंकल्पित है। छठव्रतियों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखना है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ अपने-अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निवर्हन तत्परतापूर्वक करेंगे।

        उन्होंने कहा कि छठ पूजा के अवसर पर विभिन्न घाटों पर व्रतियों के साथ बच्चों, महिलाओं, युवकों एवं वृद्धों की भारी भीड़ एकत्र होती है, एवं भगदड़ होने की संभावना रहती है। नदी, तालाबों में कोई डूबे नहीं, इस के लिए एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।

        छठ घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर एहतियातन सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखनी हैै। छठ घाटों सहित आने-जाने वाले मार्गों की समुचित साफ-सफाई, पर्याप्त रौशनी, खतरनाक घाटों की बैरिकेडिंग, घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, मेडिकल टीम आदि की व्यवस्थाएं रहनी चाहिए। बड़े घाटों पर सीसीटीवी का अधिष्ठापन आवश्यक है।

      जिलाधिकारी ने कहा कि अर्घ्य के समय बच्चे नदी, तालाबों आदि के पास नहीं जाए, इस पर विशेष ध्यान देना होगा। इस के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार मैसेज प्रसारित किया जाय। नावों के परिचालन पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। छठ घाटों पर पटाखों की बिक्री एवं संचालन को नियंत्रित किया जाना है।

     उन्होंने कहा कि सभी संबंधित प्रत्येक छठ घाटों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। बांस आदि के माध्यम से घाटों की गहराई का आकलन कर लेंगे। खतरनाक घाटों पर फ्लेक्स, बैनर का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि दुर्घटना की संभावना नहीं रहे। खतरनाक घाटों की समुचित घेराबंदी की जाए तथा वहाँ पर स्पष्ट सूचक बोर्ड एवं झंडे पर्याप्त संख्या में लगाया जाय।

      उन्होंने निर्देश दिया कि छठ महापर्व को लेकर छठ घाटों पर किये जा रहे कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण सभी एसडीएम करेंगे। नगर आयुक्त, नगर निगम, बेतिया सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

      उन्होंने कहा कि महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर छट घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ ही अस्थायी शौचालय का निर्माण भी कराया जाय। एसडीआरएफ की टीम पूरी तरह मुस्तैद रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित गति से कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

     पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी ने कहा कि छठ महापर्व को लेकर सभी थानाध्यक्ष अलर्ट रहेंगे। नदियों में नाव का परिचालन नहीं हो, इसे सुनिश्चित करेंगे। असामाजिक तत्वों पर नजर बनाकर रखेंगे और उनके विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करेंगे।

      जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों अपील की गयी है कि जिलेवासी महापर्व छठ को  कि शांतिपूर्ण, आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। जिला प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्था की जा रही है। छठव्रतियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए पूजा आयोजन समितियों से समन्वय स्थापित कर छठ घाट, आने-जाने वाले मार्गों की समुचित साफ-सफाई, पर्याप्त रौशनी आदि की व्यवस्था की जा रही है।

      इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, एसडीएम, नरकटियागंज, श्री सूर्य प्रकाश कुमार सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी आदि उपस्थित रहे तथा सभी एसडीपीओ, थानाध्यक्ष आदि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।


आलोक कुमार

सोमवार, 13 नवंबर 2023

छठव्रती महिलाओं के लिए ड्रेस चेंजिंग रूम निर्माण कराने का निर्देश

 जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा छठ घाटों का किया गया निरीक्षण

छठव्रती महिलाओं के लिए ड्रेस चेंजिंग रूम निर्माण कराने का निर्देश

खतरनाक घाटों की घेराबंदी सहित आगे जाना मना है, का फ्लेक्स, बैनर लगाने का निर्देश

बेहतर तरीके से क्राउड मैनेजमेंट की व्यवस्था करने का निर्देश

बेतिया। एम्बुलेंस, मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड, बिजली तारों की निगरानी, गार्ड वायर, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, नाव, नाविक, गोताखोर आदि व्यवस्था सुदृढ़ करने का  निर्देश।

जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय एवं पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी द्वारा आज सागर पोखरा, उतरवारी पोखरा, संत घाट, दुर्गाबाग छठ घाटों का निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

             निरीक्षण के दौरान छठ पूजा आयोजन समिति के सदस्यों, माननीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से छठ घाट से संबंधित फीडबैक जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा लिया गया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के क्रम में कहा कि छठ पर्व के अवसर पर काफी संख्या में छठव्रती महिला-पुरूष विभिन्न नदी घाटों एवं तालाब घाटों पर एकत्रित होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य देंगे। इस दौरान अर्घ्य देने के समय भीड़भाड़ वाले घाट पर भगदड़ नहीं मचे, कोई भी श्रद्धालु पानी में डूबे नहीं इसका खास ख्याल रखना है। इसके साथ ही सभी छठ घाटों पर सभी व्यवस्थाएं पुख्ता रखनी है ताकि छठव्रतियों को परेशानी नहीं हो।

           जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी घाटों पर साफ-सफाई, बैरिकेडिंग के साथ ही साथ पूरे छठ घाट परिसरों में आयोजकों से समन्वय स्थापित कर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय। साथ ही महिला छठ व्रतियों की सुविधा के मद्देजनर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाय ताकि श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

     उन्होंने कहा कि जहां गहराई ज्यादा हो वहां पर मजबूत बैरिकेडिंग कराना सुनिश्चित करें ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हो। ज्यादा गहराई वाले घाटों पर इसके आगे जाना खतरनाक है की तख्ती लगवाना भी आवश्यक है ताकि सभी श्रद्धालुओं को स्पष्ट रूप से दिखाई दें।

      कार्यपालक अभियंता, विधुत को निर्देश  दिया गया कि घाटों पर बिजली व्यवस्था की अच्छे तरीक़े से निगरानी आवश्यक है। इस के लिए समुचित कदम उठाए। साथ ही घाटों के आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर तरीके से गार्ड वायर की व्यवस्था करें। नगर आयुक्त, नगर निगम, बेतिया को घाटों की तरफ जाने वाली सड़कों, पहुंच पथों की लेबलिंग कराने, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, चूना/ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव आदि व्यवस्था करने को कहा गया है।

उन्होंने निर्देश दिया कि छठ पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाय। पार्किग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। छठव्रती महिलाओं एवं पुरूषों को पूजा में व्यवधान नहीं हो, इसे हेतु कारगर कार्रवाई की जाय। घाटों पर सभी आवश्यक संसाधन की व्यवस्था की जाय।

जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों के साथ डॉक्टर ससमय उपस्थित रहेंगे तथा एंबुलेंस को अपडेट रखेंगे। इसके साथ ही महत्वपूर्ण छठ घाटों पर चिकित्सा दल/एंबुलेंस/आवश्यक दवा/पैरामेडिकल स्टाफ आदि की प्रतिनियुक्ति करने के लिए निर्देश दिया गया है।

               पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी ने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण तथा सुरक्षा की दृष्टिकोण से सभी घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी। उन्होंने कहा कि उतरवारी पोखरा छठ घाट पर विद्युत तार पंडाल से काफी नजदीक है। छठ व्रतियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से पंडाल की हाइट कम किया जाए ताकि दुर्घटना की संभावना नहीं रहे।  

              ज्ञातव्य हो कि छठ महापर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण सहित छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर की जा रही तैयारियों का जिला प्रशासन द्वारा लगातार समीक्षा एवं जायजा लिया जा रहा है। जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण के निर्देश के आलोक में सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के छठ घाटों का लगातार निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ करा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

                  इस अवसर पर अपर समाहर्त्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, नगर आयुक्त, नगर निगम, बेतिया, श्री शम्भू कुमार, एएसडीएम, बेतिया, श्री अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आलोक कुमार


प्रेरितिक राजदूत लेओपोल्दो जिरेल्ली के हाथों सिनॉडल गिरजाघर एवं 150वीं जयंती स्मारक का उद्घाटन


प्रेरितिक राजदूत लेओपोल्दो जिरेल्ली के हाथों सिनॉडल गिरजाघर एवं 150वीं जयंती स्मारक का उद्घाटन

छोटानागपुर जिसमें आज पश्चिम बंगाल, बिहार (जिसमें वर्तमान झारखंड शामिल था) और उड़ीसा के क्षेत्र आते हैं, उसके पूर्वजों ने पहली बार चाईबासा के खूंटपानी में बपतिस्मा संस्कार ग्रहण कर, काथलिक धर्म स्वीकार किया था.....

चाईबासा . छोटानागपुर कैथोलिक मिशन की स्थापना का श्रेय जेसुइट मिशनरी फादर अगुस्तुस स्टॉकमैन को जाता है, जिन्होंने सन् 1869 ई. में चाईबासा की भूमि में अपना पाँव रखा था. उसके बाद 8 नवम्बर 1873 को कलकत्ता के धर्माध्यक्ष वालतेरूस स्टेन्स एस. जे. ने खूंटपानी में 28 लोगों को पहला बपतिस्मा संस्कार दिया, जो छोटानागपुर के पहले कैथोलिक बने. जिस स्थान पर प्रथम ख्रीस्तीयों ने बपतिस्मा ग्रहण किया, वहाँ आज एक तीर्थस्थल स्थापित है, जिसमें एक ग्रोटो, स्कूल, हॉस्टेल, कानूनी सहायता केंद्र, अर्ध पैरिश भी बन चुके हैं.

           छोटानागपुर की कैथोलिक कलीसिया 8 नवम्बर 2023 को अपने इतिहास की उस महान घटना की याद की, जब उसके विश्वासियों ने 150 साल पहले, पहली बार बपतिस्मा ग्रहण किया था.छोटानागपुर में प्रथम बपतिस्मा की 150वीं जयंती समारोह का अनुष्ठान वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष लेओपोल्दो जिरेली अर्पित किये. इसी अवसर पर वे सिनॉडल कलीसिया एवं 150वीं जयंती स्मारक का उद्घाटन भी किया गया.पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा भी मौजूद थे

   छोटानागपुर में आज 7 धर्मप्रांत हैं। कोल्हान क्षेत्र की कलीसिया में कुल 16 पल्लियाँ, 5 जूनियर कॉलेज, 12 उच्च विद्यालय, 13 माध्यमिक विद्यालय, 5 समाज सेवा केंद्र, 9 अस्पताल एवं स्वास्थ्य देखभाल केंद्र और 18 धर्मसंघ हैं।काथलिकों की कुल संख्या 8,61,761 है जो झारखंड की कुल आबादी का 3.86 प्रतिशत है।

आलोक कुमार



संविधान के अनुच्छेद 341 (1) के तहत जारी आदेशों के अनुसार आरक्षण उपलब्ध

संविधान के अनुच्छेद 341 (1) के तहत जारी आदेशों के अनुसार आरक्षण उपलब्ध 

पटना.भारत में ईसाई धर्म मानने वालों को अनुसूचित जाति का आरक्षण प्राप्त नहीं है क्यों ?इस संदर्भ में यह कहा गया कि हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म का पालन करने वाले दलितों के लिए आरक्षण उपलब्ध है, लेकिन भारतीय आरक्षण नीति के तहत दलित ईसाइयों और मुसलमानों को जाति के रूप में संरक्षित नहीं किया गया है.इस्लाम और ईसाइयों में जाति भेद नहीं है इसलिए इन धर्मों के दलितों के साथ भेदभाव नहीं होगा और वे सामाजिक और आर्थिक दर्जे में दूसरे मुस्लिमों और ईसाइयों के बराबर होंगे.

          संविधान के अनुच्छेद 341 (1) के तहत जारी आदेशों के अनुसार, केवल हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति ही अनुसूचित जाति के सदस्य माने जाते हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि बौद्ध जाति रहित है और इस धर्म को अपनाने वालों को अनुसूचित जाति का लाभ नहीं दिया जा सकता।18 अक्तू॰ 2018

        आंध्र प्रदेश के मंत्री मेरुगु नागार्जुन ने कहा कि केवल धर्म परिवर्तन से ईसाई धर्म में परिवर्तित होने वाले अनुसूचित जाति (एससी) की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बदलाव नहीं होता है , उन्होंने केंद्र से उन्हें एससी श्रेणी के तहत सुरक्षा और आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन करने का आग्रह किया.

        इस संबंध में विधान सभा में हाल ही में अपनाए गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए, राज्य के समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि धर्मांतरित लोगों में अस्पृश्यता, भेदभाव और अपमान सहित उनकी विकलांगता बरकरार रहती है-

      “हिंदू धर्म की अनुसूचित जातियों और ईसाई धर्म में परिवर्तित होने वाले अनुसूचित जाति के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियाँ एक समान हैं क्योंकि वे गाँवों के बाहरी इलाके में एक ही क्षितिज में रहते हैं, समान परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हैं३ इनमें से कोई भी चीज़ नहीं बदलती है व्यक्ति दूसरे धर्म में परिवर्तित हो रहा है, ”नागार्जुन ने  केंद्र सरकार को लिखे एक पत्र में कहा, जिसकी एक प्रति मीडिया के साथ साझा की गई थी.

       उन्होंने केंद्र को राज्य सरकार द्वारा प्राप्त कई अभ्यावेदनों से अवगत कराया कि कैसे एससी धर्मांतरितों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही उन्होंने कहा कि वे सिख धर्म और बौद्ध धर्म अपनाने वालों के समान बेहतर व्यवहार के पात्र हैं.

     मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि दक्षिणी राज्य ने हिंदू एससी के लिए उपलब्ध कुछ गैर-वैधानिक रियायतें उन एससी के लिए भी बढ़ा दी थीं, जिन्होंने 1977 में ईसाई धर्म अपना लिया था, जिसमें एपी अनुसूचित जाति सहकारी वित्त निगम लिमिटेड द्वारा स्वीकृत आर्थिक सहायता योजनाएं भी शामिल थीं.

   उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने का एक मजबूत वैध आधार है ताकि वे संविधान (अनुसूचित जाति) क्रम में सूचीबद्ध अन्य अनुसूचित जातियों के लिए उपलब्ध लाभों का आनंद ले सकें.

     भारत सरकार से अनुरोध है कि वह भारत में अनुसूचित जाति समुदाय के उन सदस्यों को एससी का दर्जा देने के लिए भारत के संविधान में संशोधन करने पर विचार करें, जिन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है, ताकि वे अन्य सभी अनुसूचित जातियों के समान अधिकारों, सुरक्षा और लाभों का आनंद ले सकें.


आलोक कुमार



 

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर साफ-सफाई की करें समुचित व्यवस्था : जिलाधिकारी

 
लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर साफ-सफाई की करें समुचित व्यवस्था : जिलाधिकारी


सड़क, सार्वजनिक स्थल सहित छठ घाटों की अच्छे तरीके से कराएं सफाई

छठ घाटों तक जाने वाला मार्ग अगर क्षतिग्रस्त है तो, कराएं मोटरेबल

बेतिया । जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों को छठ महापर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गयी है। उन्होंने जिलेवासियों से कहा है कि शांतिपूर्ण, आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ हर्षोल्लास पर्व को मनाएं।
     जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने कहा कि छठ महापर्व को लेकर जिले के सभी एसडीएम, नगर आयुक्त, नगर निगम, बेतिया सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
     उन्होंने कहा कि लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखना है। छट घाटों की प्रॉपर सफाई अतिआवश्यक है। साथ ही घाटों तक जाने वाले मार्ग अगर क्षतिग्रस्त हैं, तो उसे मोटरेबल भी कराना सुनिश्चित करेंगे। इस कार्य में लापरवाही नहीं बरतनी है। उन्होंने कहा कि महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर छठ घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ ही अस्थायी शौचालय का निर्माण भी कराया जाय।
       उन्होंने कहा कि सभी संबंधित प्रत्येक छठ घाटों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। बांस आदि के माध्यम से घाटों की गहराई का आकलन कर लेंगे। खतरनाक घाटों पर फ्लैक्स, बैनर का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि दुर्घटना की संभावना नहीं रहे। खतरनाक घाटों की समुचित घेराबंदी कि जाए तथा वहाँ पर स्पष्ट सूचक बोर्ड एवं झन्डे पर्याप्त संख्या में लगाया जाय।
        जिलाधिकारी ने कहा कि छठ पूजा के अवसर पर विभिन्न घाटों पर व्रतियों के साथ बच्चों, महिलाओं, युवकों एवं वृद्धों की भाड़ी भीड़ एकत्र होती है, एवं भगदड़ होने की संभावना रहती है। इस के लिए एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। खतरनाक घाटों के निकटस्थ पर्याप्त संख्या में पूजा के तालाबों का निर्माण हो ताकि छठव्रती महिलाओं-पुरुषों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
          उन्होंने कहा कि पूजा घाटों पर उद्घोषणा प्रणाली कि समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। बिजली के तारों एवं अन्य उपकरणों के उपयोग सुरक्षा के मानकों को अनुसार कराना सुनिश्चित किया जाय। समुचित रोशनी एवं पार्किंग की समुचित एवं सुचारु व्यवस्था होनी चाहिए। पर्याप्त संख्या में एनडीआरएफ/एसडीआरएफ से प्रशिक्षित सामुदायिक स्वयंसेवकों/गोताखोरों की घाटों पर तैनाती सुनिश्चित की जाय।
         जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी एसडीएम उपरोक्त कार्यों का लगातार अनुश्रवण, समीक्षा एवं निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों को दीपावली एवं छठ महापर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गयी है। उन्होंने जिलेवासियों से कहा है कि शांतिपूर्ण, आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ हर्षोल्लास पर्व को मनाएं।
       इस अवसर पर अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, श्री अनिल राय सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी एसडीएम आदि उपस्थित रहे।

आलोक कुमार

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