नई दिल्ली. राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड कमांडर अशोक राउत है.ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि समिति अपनी मांगों के समर्थन में रामलीला मैदान में रैली करने जा रही है.
ReplyForward |
आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
नई दिल्ली. राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड कमांडर अशोक राउत है.ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि समिति अपनी मांगों के समर्थन में रामलीला मैदान में रैली करने जा रही है.
ReplyForward |
इसी परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी. उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्य सचिव, बिहार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुरूप सभी कार्यों को ससमय निष्पादन हो जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि जांच दल द्वारा 15 जून तक सभी आवेदकों के स्थल जांच का कार्य पूर्ण किया जाए. जांच दल अपने-अपने आवंटित क्षेत्रान्तर्गत सभी आवेदकों का स्थल जांच करते हुए स्थल जांच की पावती रसीद की प्रति आवेदक को प्राप्त करते हुए तथा प्रखंडवार समेकित जांच प्रतिवेदन तथा जांच स्थल की पावती रसीद की कार्यालय प्रति दिनांक-12.06.2022 तक अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. इसके साथ ही स्थल निरीक्षण के दौरान साक्षात्कार की निर्धारित तिथि की सूचना संबंधित आवेदकों को देना सुनिश्चित करेंगे.
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रत्येक दिन संध्या में गठित जांच दल एवं पर्यवेक्षीय पदाधिकारी के साथ कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा दैनिक प्रतिवेदन कार्यकारी विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. समीक्षा के क्रम में सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, श्री बैद्यनाथ प्रसाद द्वारा बताया गया कि निर्देशानुसार साक्षात्कार के लिए अध्यक्ष, जिला स्तरीय चयन समिति, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना-सह-उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तिथि का निर्धारण कर दिया गया है. जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय, समाहरणालय, पश्चिम चंपारण, बेतिया में दिनांक-18.06.2022 को बैरिया, चनपटिया, लौरिया, नौतन, नरकटियागंज के कुल-219 आवेदक भाग लेंगे. इसी तरह दिनांक-19.06.2022 को गौनाहा, रामनगर, सिकटा, मैनाटांड़, बगहा-01, बगहा-02, योगापट्टी प्रखंड के कुल-205 आवेदक भाग लेंगे.दिनांक-20.06.2022 को बेतिया, मझौलिया, भितहां, पिपरासी प्रखंड के कुल-218 आवेदक भाग लेंगे तथा दिनांक-21.06.2022 को सभी प्रखंडों के छूटे हुए आवेदक भाग लेंगे. उन्होंने बताया कि उपर्युक्त तिथि को 10.30 बजे पूर्वाह्न से आयोजित साक्षात्कार कार्यक्रम में आवेदक को आवेदन में संलग्न किए गए सभी प्रमाण पत्रों की मूल प्रति, बैंक पासबुक के साथ स्वयं भाग लिया जाना अनिवार्य है.
उन्होंने बताया कि पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31.03.2022 तक कुल-642 आवेदन प्राप्त हुआ है. उन्होंने बताया कि आवेदकों का स्थल जांच के लिए प्रखंडवार, पंचायतवार जांच दल का गठन कर दिया गया है.स्थल जांच कार्य में अपेक्षित सहयोग करने के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय, बेतिया के प्रमंडलीय प्रभारी, अल्पसंख्यक वित्त निगम, श्री रफी अहमद (मो0 9431002659) की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है.उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के लिए अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में 02 काउंटर की व्यवस्था की गयी है तथा पर्यवेक्षीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है.
आलोक कुमार
* बिहार के आनंद कुमार,कपिल देव प्रसाद और सुभद्रा देवी को पद्मश्री
बता दें कि 2023 में 106 पद्म पुरस्कारों को प्रदान करने की मंजूरी दी गई है. सूची में 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्मश्री शामिल हैं.19 पुरस्कार विजेता महिलाएं हैं. समाजवादी पार्टी संरक्षक और यूपी के पूर्व सीएम दिवंगत मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण (मरणोपरांत) से नवाजा गया है. सुधा मूर्ति, कुमार मंगलम बिड़ला पद्म भूषण के नौ पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं. रतन चंद्राकर को अंडमान के जारवा ट्राइब्स में मिजल्स के लिए बेहतर काम के लिए सम्मान दिया गया है. हीरा बाई लोबी को गुजरात में सिद्धि ट्राइब्स के बीच बच्चों के शिक्षा पर काम करने के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है.
बालकृष्ण दोसी और पश्चिम बंगाल के पूर्व डॉ. दिलीप महलानाबीस को भी पद्म विभूषण (मरणोपरांत) से नवाजा गया है. डॉ. दिलीप महलानाबीस को ओआरएस की खोज के लिए ये सम्मान दिया गया है. इनके अलावा संगीतकार जाकिर हुसैन, एसएम कृष्णा, श्रीनिवास वरधान को भी पद्म विभूषण से नवाजा गया.
बिहार के आनंद कुमार,कपिल देव प्रसाद और सुभद्रा देवी को पद्मश्री.गणितज्ञ आनंद कुमार कोचिंग संस्थान सुपर 30 के सूत्रधार रहे हैं. आनंद कुमार के ऊपर सिनेमा भी बनायी गयी है. गरीब बच्चों को पढ़ा कर आइआइटी तक पहुंचाने वाले आनंद कुमार देश दुनिया के जाने माने नाम हैं. पद्मश्री की घोषणा के बाद आनंद कुमार ने ट्वीट कर कहा कि भारत-सरकार ने मुझे पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की. इसके लिए विशेष आभार. मुझे इस सम्मान के लायक समझा गया. साथ ही साथ उन तमाम लोगों का सहृदय धन्यवाद दिया, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साथ नहीं छोड़ा.राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं के संपादक रह चुके हैं.पटना के यारपुर में रहने के बाद दशकों से जक्कनपुर में रह रहे हैं.50 वर्षीय आनंद कुमार से साक्षात्कार लेने एक अंग्रेज पत्रकार के साथ आलोक कुमार भी गये थे.
बता दें कि आनंद कुमार गणित के मेधावी छात्र थे, लेकिन परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के कारण वह अवसर होने के बाद भी विदेश में पढ़ने नहीं जा सके. इसके बाद उन्होने एक कोचिंग सेंटर 'सुपर 30' खोला और गरीब बच्चों को IIT-JEE की तैयारी करवाने लगे. इस कोचिंग सेंटर में हर साल ऐसे 30 बच्चे जो गरीब घर के हो और पढ़ने में मेधावी हो उनका चयन किया जाता है, देश के कोने-कोने से बच्चे यहां पढ़ने आते हैं.
नालंदा जिला के बिहारशरीफ प्रखंड के बसवन बिगहा के बुनकरों की पहचान देश-दुनिया में है. यहां के बने बाबन बुटी साड़ी, चादर और पर्दे की मांग देश-दुनिया में है. बुनकर कपिलदेव प्रसाद ने इसमें चार चांद लगाया है. उन्हें इस कला के इस वर्ष के पद्मश्री देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की है.बता दें कि कपिलदेव को बुनकरी की विशेष बावन बूटी कला में प्रवीणता प्राप्त है. कपिलदेव 15 वर्ष की उम्र से बुनकरी का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने बावन बूटी कला में 50 वर्षों का अनुभव है. कपिल देव को भारत सरकार, कपड़ा मंत्रालय की ओर से पहले भी राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना जा चुका है. वह बुनकरी का कार्य करते भी हैं और अन्य कामगारों का इसकी बारीकियों और तकनीकियों का प्रशिक्षण भी देते हैं.
देश के सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री की से एक गुमनाम शख्सियत कपिल देव प्रसाद को भी सम्मानित किया गया है.जो कल तक गुमनामी का शिकार थे। आज उनके बारे में पूरी दुनिया जानाना चाहती है. 70 वर्षीय कपिल देव प्रसाद को टेक्सटाइल के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिला है. आपको बता दें कि करीब 6 दशकों से कपिल देव प्रसाद बुनकरी से जुड़े हुए हैं.इस काम की शुरुआत उनके दादा शनिचर तांती ने की थी. इसके बाद उनके पिता हरि तांती ने इस काम को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी उठाई. कपिलदेव प्रसाद का जन्म 1954 में हुआ था, उन्होंने 15 साल की उम्र में ही बुनकरी को अपना रोज़गार बना लिया था. मौजूदा वक्त में कपिल देव प्रसाद के बेटा सूर्यदेव इस काम में उनकी मदद करते हैं.
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के मधुबनी की श्रीमती सुभद्रा देवी जी को कला के क्षेत्र में, नालंदा के श्री कपिल देव प्रसाद जी को कला के क्षेत्र में तथा पटना के श्री आनंद कुमार जी को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.वहीं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी बिहार के नालंदा से बावन बूटी हस्तकला के प्रसिद्ध बुनकर श्री कपिलदेव प्रसाद जी, मधुबनी से पेपर मेश कला में सिद्धहस्त कलाकार सुभद्रा देवी जी एवं पटना से मशहूर शिक्षक आनंद कुमार जी को पद्म श्री सम्मान मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं.बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने पद्म पुरस्कारों से देशभर के चयनित महानुभावों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.बिहार से कला के क्षेत्र में कार्यो में श्रीमती सुभद्रा देवी जी और साहित्य वं शिक्षा के क्षेत्र से श्री आनंद कुमार जी, कला के क्षेत्र से श्री कपिल देव प्रसाद जी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई.
पद्म विभूषण (6)
मुलायम सिंह यादव (मरणोपरांत), बालकृष्ण दोशी (मरणोपरांत), जाकिर हुसैन, एसएम कृष्णा और दिलीप महालनाबिस (मरणोपरांत).
पद्म भूषण (9)
एसएल भैरप्पा, कुमार मंगलम बिड़ला, दीपक धर, वाणी जयराम, स्वामी चिन्ना जीयर, सुमन कल्याणपुर, कपिल कपूर, सुधा मूर्ति और कमलेश डी पटेल.
पद्म श्री (91)
सुकमा आचार्य, जोधैयाबाई बैगा, प्रेमजीत बारिया, उषा बर्ले, मुनीश्वर चंदावर, हेमंत चौहान, भानुभाई चित्रा, हेमोप्रोवा चुटिया, नरेंद्र चंद्र देबबर्मा (मरणोपरांत), सुभद्रा देवी, खादर वल्ली डुडेकुला, हेम चंद्र गोस्वामी, प्रतिकाना गोस्वामी, राधा चरण गुप्ता, मोदादुगु विजय गुप्ता, अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन (जोड़ी), दिलशाद हुसैन, भीखू रामजी इदाते, सी आई इस्साक, रतन सिंह जग्गी, बिक्रम बहादुर जमातिया, रामकुइवांगबे जेने, राकेश राधेश्याम झुनझुनवाला (मरणोपरांत), रतन चंद्र कर, महीपत कवि, एम एम कीरावनी, आरेज़ खंबाटा (मरणोपरांत), परशुराम कोमाजी खुने, गणेश नागप्पा कृष्णराजनगर, मगुनी चरण कुंअर, आनंद कुमार, अरविंद कुमार, डोमर सिंह कुंवर, राइजिंगबोर कुर्कलंग, हीराबाई लोबी, मूलचंद लोढ़ा, रानी मचैया, अजय कुमार मंडावी, प्रभाकर भानुदास मांडे, गजानन जगन्नाथ माने, अंतर्यामी मिश्रा, नादोजा पिंडीपापनहल्ली मुनिवेंकटप्पा, प्रो. (डॉ.) महेंद्र पाल, उमा शंकर पाण्डेय, रमेश परमार और शांति परमार (जोड़ी), नलिनी पार्थसारथी, हनुमंत राव पसुपुलेटी, रमेश पतंगे,कृष्णा पटेल, के कल्याणसुंदरम पिल्लई,वी पी अप्पुकुट्टन पोडुवल, कपिल देव प्रसाद, एस आर डी प्रसाद, शाह रशीद अहमद कादरी, सी वी राजू, बख्शी राम, चेरुवायल के रमन, सुजाता रामदोराई, अब्बारेड्डी नागेश्वर राव, परेशभाई राठवा, बी रामकृष्णा रेड्डी, मंगला कांति राय, के सी रनरेमसंगी, वडिवेल गोपाल और मासी सदइयां (जोड़ी), मनोरंजन साहू, पयतत साहू, ऋत्विक सान्याल, कोटा सच्चिदानंद शास्त्री, शंकुरत्री चंद्र शेखर, के शनाथोइबा शर्मा, नेकराम शर्मा, गुरचरण सिंह, लक्ष्मण सिंह, मोहन सिंह, थौनाओजम चौबा सिंह, प्रकाश चंद्र सूद, निहुनुओ सोरही, डॉ. जनम सिंह सोय, कुशोक थिकसे नवांग चंबा स्टेनज़िन, एस सुब्बारमन, मोआ सुबोंग, पालम कल्याण सुंदरम, रवीना रवि टंडन, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,धनीराम टोटो, तुला राम उप्रेती, गोपालसामी वेलुचामी, ईश्वर चंद वर्मा, कूमी नरीमन वाडिया, कर्म वांग्चु (मरणोपरांत) और गुलाम मुहम्मद जाज.
आलोक कुमार
इंडिया सोशल फोरम 2023 के मंच से संकल्प’
एकता, एकजुटता और प्रगति का जश्न
निरंतर सहयोग की जरूरत को स्वीकार करते हुए, हम सभी सामाजिक आंदोलनों, हाशिए पर पड़ी पहचानों और क्षेत्रों से एकजुट होने, प्रयासों में तालमेल बिठाने और पूरे भारत में क्रॉस-सेक्टोरल एकजुटता बढ़ाने का आह्वान करते हैं. संवैधानिक मूल्यों में निहित एकता और सहयोग की भावना को अपनाते हुए, जो सभी के लिए न्याय, शांति, गरिमा और समानता के साथ जीवन के अधिकार को रेखांकित करते हैं, हम सभी भारतीय नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और आंदोलनों को, काठमांडू, नेपाल में 15 से 19 फरवरी, 2024 तक आयोजित होने वाले आगामी विश्व सामाजिक मंच में सक्रिय भागीदारी के लिए निमंत्रित करते हैं । यह महत्वपूर्ण आयोजन दक्षिण एशियाई और वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देने, भौगोलिक सीमाओं के परे जाने और सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा.
इतिहास की इस घड़ी के महत्व को स्वीकार करते हुए, आईएसएफ ने विश्व सामाजिक मंच की नैतिकता और भावनाओं को मूर्त रूप देते हुए एक असाधारण मंच के रूप में कार्य किया. इसने ऐसे समय में एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया जब विविध समूहों और आंदोलनों को इकट्ठा करना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है. आइए हम इस क्षण का जश्न मनाएं, यहां बनी मित्रताओं को संजोएं और अपने चल रहे प्रयासों में इस एकता, एकजुटता और साझा उद्देश्य को बनाए रखने का संकल्प लें.अटूट संकल्प के साथ, हम सभी के लिए न्याय, समानता और सम्मान की ओर अपनी सामूहिक यात्रा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं.
आलोक कुमार
इंडिया सोशल फोरम में एकता परिषद की जन संसद
पटना.इंडिया सोशल फोरम पटना में एकता परिषद द्वारा आयोजित जन संसद में भूमि अधिकार और आजीविका के मुद्दे पर विशेष तौर पर सभी भूमिहीन परिवारों के लिए 10 डिसमिल आवास भूमि कानून बनाने की बात कही गई और आह्वान किया गया कि गरीबों को संगठित होकर भूमि अधिकार के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत है.
एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी ने जन संसद में एकता परिषद द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे हैं भूमि अधिकार आंदोलन का विस्तार से वर्णन किया और बिहार में पिछले 25 वर्षों से किए जा रहे भूमि अधिकार अभियान के बारे में चर्चा की.उन्होंने कहा कि एकता परिषद के पहल से भारत सरकार ने 10 डिसमिल आवास भूमि के लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी किया था और राज्य सरकारों को इसे लागू करने के लिए पत्र भी लिखा था.लेकिन किसी भी राज्य सरकार ने आज तक इसे लागू नहीं किया है.
इस अवसर पर नेपाल से आए साथी पुरुषोत्तम ने नेपाल में होने वाले वर्ल्ड सोशल फोरम के बारे में बताया और एकता परिषद को आह्वान किया कि वह 15 से 19 फरवरी 2024 में होने वाले विश्व सामाजिक मंच में शामिल हो.उन्होंने नेपाल में चल रहे भूमि अधिकार आंदोलन के बारे में विस्तार से चर्चा की.
जल संसद में दलित अधिकार मंच के अध्यक्ष कपिलेश्वर राम, मुसहर विकास मंच के संयोजक अशर्फी सदा, भारत जोड़ो अभियान के बिहार के संयोजक शाहिद कमल, भूमि विशेषज्ञ डॉ राधेश्याम, मुजफ्फरपुर के जिला अध्यक्ष राम लखनदार प्रसाद, सहरसा के हीरालाल सदा, मधेपुरा के सुनील कुमार, अरवल के गणेश दास,भोजपुरी की जानकी मिथिलेश, बक्सर के रंजीत कुमार, गया के जगत भूषण, जहानाबाद की संगीता कुमारी, नालंदा के सरोज ठाकुर, नवादा के नरेश मिलन, जमुई के हजारी प्रसाद वर्मा, बांका के वीणा हेम्ब्रम, पटना के शिवकुमार ठाकुर ने अपने-अपने जिले में हर महिला को मासिक 3 हजार और आवास भूमि अधिकार के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में चर्चा की. इस अवसर पर परिवर्तन नेटवर्क पटना असलम की संगीता कुमारी ने स्लम विस्थापन का सवाल उठाया. मंजुला डुंगडुंग ने महिला भूमि अधिकार और महिला पहचान की बातों को रखा.
इस अवसर पर एकता परिषद के विभिन्न जिलों से आए हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने रैली की और इंडिया सोशल फोरम में आए देश के विभिन्न हिस्सों के साथियों के साथ अपनी सहभागिता को जोड़ने का काम किया.
आलोक कुमार
पटना की पद्मश्री सुधा वर्गीज को प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार देने की घोषणा हुई है. यह पुरस्कार उन्हें 8 दिसंबर को मुंबई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के हाथों मिलेगा.पद्मश्री सुधा वर्गीज समाज सेवा करने मुसहरी में साइकिल चलाकर जाती थी.तब से साइकिल वाली दीदी कहलाने लगी.सबसे निचले पायदान पर गुजर-बसर कर रही जाति मुसहरों के लिए लगातार काम कर रही हैं.इसके लिए उन्हें पद्म पुरस्कार भी मिल चुका है.अब केरल की रहने वाली सुधा वर्गीज को जमनालाल बजाज पुरस्कार देने की घोषणा हुई है....
बताया जाता है कि गांधीवादी विचारों के उन्नयन, सामुदायिक सेवा, और सामाजिक विकास के लिए दिया जाता है. इसकी स्थापना 1978 में की गयी थी. ग्रामीण विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग, 1978 में स्थापित. महिलाओं और बच्चों के विकास और कल्याण के लिए उत्कृष्ट योगदान, जानकी देवी बजाज की स्मृति में 1980 में स्थापित.
पद्मश्री सुधा वर्गीज को प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार दिये जाने की घोषणा हुई है. आठ दिसम्बर को मुंबई में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश .के हाथों यह पुरस्कार प्रदान किया जायेगा.प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता को एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी, तथा पाँच लाख रूपए का चेक प्रदान किया जाता है.मुसहर समाज के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए अपने जीवन को समपर्ति
जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार प्रदान किये जाने के साथ ही पद्मश्री सुधा वर्गीज का एक बयान सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें सुधा वर्गीज ने शराबबंदी को मुसहर समाज की आजीविका पर कुठाराधात बताया है, उन्होंने कहा कि सरकार को शराबबंदी लागू करने के पहले मुसहर समाज के लिए वैकल्पिक आजीविका उपलब्ध करवाना चाहिए था, क्योंकि सदियों से यह समाज शराब का निर्माण कर ही अपनी आजीविका चलाता रहा है, लेकिन सरकार के एक फैसले से इनकी आजीविका पर संकट खड़ हो गया है.
सुधा वर्गीज ने कहा कि यह एक सच्चाई है कि इस समाज को मुश्किल से दो या तीन माह खेतों में काम मिलता है, बाकी के दिन यह शराब का निर्माण कर अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन शराबबंदी के फैसले से उनकी आजीविका समाप्त हो चुकी है, शराबबंदी को लेकर जितने भी मामले दर्ज किये गये हैं, उनमें आधा से अधिक मामले में इसी समाज से आते हैं, आज यह समाज अपनी खून की कमाई को कोर्ट में बर्बाद कर रहा है, इस हालत में यह जरूरी है कि सरकार इस समाज के लिए वैकल्पिक आजीविका की तलाश करे.
मुसहर समाज और दूसरे वंचित जातियों के बीच उनके काम को लेकर ही उन्हे पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. अब एक बार उन्हे जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गयी है, इसके साथ ही सुधा वर्गीज को 20 लाख रुपये देने की भी घोषणा हुई है, सुधा वर्गीज ने कहा कि इस राशि को वह मुसहर समाज के उत्थान के लिए खर्च करेंगे. सुधा वर्गीज पहले से ही मुसहर समाज के लिए स्कूलों और होस्टल संचालन करती रही हैं. इसमें से दो होस्टल मुसहर समाज की बेटियों के लिए है. जिसका संचालन बोधगया और दानापुर में किया जा रहा है.
आलोक कुमार
* पत्थरकट्टी रिसोर्ट का जल्द होगा उद्घाटन: डीएम
* डीएम ने शिल्प कला केंद्र का किया निरीक्षण
* शिल्प केंद्र में लगी मशीनों को जल्द कराया जायेगा चालू
डीएम ने शिल्प कला केंद्र में शिल्प कलाकारों के साथ बैठक की बैठक में मूर्ति निर्माण और उसमें लगने वाले मटेरियल के बारे में उन्होंने बारीकी से जानकारी ली। साथ ही मूर्तियों की खरीद बिक्री और उनसे होने वाले मुनाफे के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने शिल्पकारों को कैंप लगाकर लोन बांटने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
शिल्पकारों ने डीएम को बताया के जो मूर्तियां हम लोग निर्माण करते हैं उसे दुकानदार बहुत कम दामों में लें जाते है और फिर चार गुना दामों में मूर्तियों को बेचते हैं यदि पर्यटकों का यहां आना-जाना रहेगा तो उन्हें सस्ते दामों में मूर्तियां भी मिलेगी और शिल्पकारों का भी आमदनी बढ़ेगी।
डीएम ने पत्थरकट्टी में बने रिशॉर्ट को घूम-घूम कर देखा और शिल्पकारों से रिसोर्ट में बने कमरों और रिसॉर्ट के बारे में जानकारी ली उन्होंने जानकारी के उपरांत कहा के रिसोर्ट का जल्द ही उद्घाटन कराया जाएगा और सभी दुकानें शिल्पकारों को दी जाएगी साथ ही पर्यटकों को भी सीधा यहां से जोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों ने डीएम से कहा के पत्थरकट्टी विद्यालय का भवन काफी जर्जर हो चुका है जिसके कारण विद्यालय दूसरे जगह शिफ्ट हुआ है इस पर डीएम ने विद्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों को भरोसा दिलाया के बहुत जल्द यहां नया भवन का निर्माण कराया जाएगा। मौके पर नीमचक बथानी एसडीओ गोपाल कुमार, बथानी बीडीओ सदय कुमार, सीओ विजय कुमार, जीविका बीपीएम नृपेंद्र कुमार, सरबहदा ओपी प्रभारी अमित कुमार सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
आलोक कुमार
“ आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे लें – पूरी जानकारी” Narendra Modi द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य ...